<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/43912/chief-justice-%28cji%29-surya-kant" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/43912/rss</link>
                <description>मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जज: सीजेआई सूर्यकांत ने दिलाई शपथ, पहली बार न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हुई।</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दयाशंकर त्रिपाठी</strong></span>  </p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आज पांच नए जजों को शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई। अब कोर्ट में स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद खाली रह गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए जजों में वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180559/five-new-judges-in-the-supreme-court-were-sworn-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260603-wa0202.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दयाशंकर त्रिपाठी</strong></span> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आज पांच नए जजों को शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई। अब कोर्ट में स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद खाली रह गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए जजों में वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई को इन नामों की सिफारिश की थी, जिसे सरकार ने महज चार दिनों में हरी झंडी दे दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले महीने सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी। इसमें मुख्य न्यायाधीश का पद भी शामिल है। संख्या बढ़ने और पहले से खाली पदों को मिलाकर कुल छह पद खाली थे। पांच नई नियुक्तियों के बाद अब केवल एक पद रिक्त है। हालांकि, जून के महीने में दो जज रिटायर होने वाले हैं। जस्टिस पंकज मिथल 16 जून को और जस्टिस जे के माहेश्वरी 28 जून को रिटायर होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण है। वे जस्टिस इंदु मल्होत्रा (2018) के बाद देश की दूसरी ऐसी महिला वकील हैं, जिन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है। 59 वर्षीय मोहना ने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से पढ़ाई पूरी की थी। साल 2015 में उन्हें वरिष्ठ वकील का दर्जा मिला था। अब सुप्रीम कोर्ट में दो महिला जज हो गई हैं- जस्टिस मोहना और जस्टिस बी वी नागरत्ना। जस्टिस नागरत्ना साल 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए भारत की मुख्य न्यायाधीश भी बनेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180559/five-new-judges-in-the-supreme-court-were-sworn-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180559/five-new-judges-in-the-supreme-court-were-sworn-in</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:22:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260603-wa0202.jpg"                         length="190304"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरावली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाने के निर्देश दिए, अवैध खनन पर राज्य सरकार को सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>ब्यूरो प्रयागराज<span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरावली पर्वतमाला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को अरावली में किसी भी अवैध खनन गतिविधि पर रोक सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बुधवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीजेआई ने कहा कि कोर्ट और कड़ी निगरानी पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">हम एक कमेटी बनाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अपने-अपने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166965/aravalli-case-supreme-court-directs-to-form-a-committee-strict"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/supream-court5.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>ब्यूरो प्रयागराज<span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरावली पर्वतमाला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को अरावली में किसी भी अवैध खनन गतिविधि पर रोक सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बुधवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीजेआई ने कहा कि कोर्ट और कड़ी निगरानी पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">हम एक कमेटी बनाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अपने-अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट होंगे। यह कमेटी अरावली को लेकर रिपोर्ट देगी। कमेटी कोर्ट के निर्देश और गाइडेंस में काम करेगी।"</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान के किसानों की ओर से पेश वकील राजू रामचंद्रन ने कोर्ट को बताया कि जस्टिस ओका बेंच के 2024 के आदेशों के बावजूद खनन पट्टे दिए जा रहे हैं और पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने इस पर रोक की मांग की। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने चिंता जताई और कहा कि अवैध खनन को रोकना होगा। यह एक अपराध है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अधिकारियों से कहा कि आपको अपनी मशीनरी को काम में लाना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अवैध खनन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि कोई गैरकानूनी खनन न हो। कोर्ट ने सभी पक्षकारों से पर्यावरणविदों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैज्ञानिकों और माइनिंग एक्सपर्ट्स के नामों को लेकर सुझाव मांगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अरावली पहाड़ियों की परिभाषा को लेकर जारी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर एक बार महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मुद्दा मात्र तकनीकी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के पर्यावरण भविष्य से जुड़ा हुआ है. अदालत ने साफ निर्देश दिया कि अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि ऐसे खनन के परिणाम “अपूर्णीय और दूरगामी” होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें बाद में सुधारना संभव नहीं होता.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने यह भी दोहराया कि अरावली की वैज्ञानिक और स्पष्ट परिभाषा तय करने के लिए एक हाई</span>‑<span lang="hi" xml:lang="hi">पावर्ड कमेटी बनाई जाएगी. इस समिति में पर्यावरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वानिकी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भू</span>‑<span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे. अदालत ने सभी पक्षों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एमिकस क्यूरी भी शामिल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">से समिति के संभावित सदस्यों के नाम और सुझाव चार हफ्ते में पेश करने को कहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट ने अपने उस पुराने फैसले पर लगी रोक को भी बढ़ा दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली मानने की सिफारिश थी. पर्यावरण मंत्रालय की समिति की इस सिफारिश को अदालत ने पहले ही पुनर्विचार योग्य बताते हुए स्थगित कर दिया था. अदालत का मानना है कि यह मुद्दा संवेदनशील है और इसे जल्दबाजी में तय नहीं किया जा सकता. इसलिए नई विशेषज्ञ समिति तथ्यात्मक और वैज्ञानिक आधार पर नई परिभाषा की सिफारिश देगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान एक वकील ने राजस्थान के कई क्षेत्रों में लगातार चल रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाया. इस पर न्यायालय ने राजस्थान सरकार के वकील को तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि अरावली जैसा पर्यावरणीय क्षेत्र किसी भी प्रकार की लापरवाही का भार नहीं उठा सकता. अदालत ने साथ ही कहा कि अवैध खनन भविष्य की पीढ़ियों के पर्यावरण अधिकारों को सीधे प्रभावित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए न्यायालय इस पूरे मामले में सभी पहलुओं की गहराई से जांच करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले साल दिसंबर में पारित अंतरिम आदेश अगले आदेश तक लागू रहेगा. साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हस्तक्षेपकर्ताओं (</span>Intervenors) <span lang="hi" xml:lang="hi">को निर्देश दिया गया है कि वे एमिकस क्यूरी से संपर्क कर अपनी टिप्पणियां और रिपोर्ट सौंपें. एमिकस क्यूरी को इन सभी सुझावों को अपनी व्यापक रिपोर्ट में शामिल करने का निर्देश दिया गया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समिति गठन और आगे की प्रक्रिया पर अदालत फैसला ले सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166965/aravalli-case-supreme-court-directs-to-form-a-committee-strict</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166965/aravalli-case-supreme-court-directs-to-form-a-committee-strict</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 21:03:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/supream-court5.jpg"                         length="134259"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        