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                <title>दिल्ली हाईकोर्ट - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>दिल्ली हाईकोर्ट RSS Feed</description>
                
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                <title>दिल्ली हाईकोर्ट में हड़कंप: चीफ जस्टिस की कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के दौरान चला अश्लील वीडियो; जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को उस समय अजीबोगरीब और शर्मनाक स्थिति पैदा हो गई, जब मुख्य न्यायाधीश की अदालत में एक मामले की वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए सुनवाई की तैयारी चल रही थी। जैसे ही जज अपनी कुर्सी पर बैठे, अचानक वीसी सिस्टम पर अश्लील वीडियो प्ले होने लगा। इस अप्रत्याशित घटना से कोर्टरूम में मौजूद जज, वकील और कर्मचारी सन्न रह गए।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब हाईकोर्ट अपनी नियमित कार्यवाही शुरू करने वाली थी। बताया जा रहा है कि अश्लील वीडियो एक बार नहीं बल्कि दो बार चला। इस स्थिति को देखते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177752/panic-in-delhi-high-court-obscene-video-played-during-virtual"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(4).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को उस समय अजीबोगरीब और शर्मनाक स्थिति पैदा हो गई, जब मुख्य न्यायाधीश की अदालत में एक मामले की वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए सुनवाई की तैयारी चल रही थी। जैसे ही जज अपनी कुर्सी पर बैठे, अचानक वीसी सिस्टम पर अश्लील वीडियो प्ले होने लगा। इस अप्रत्याशित घटना से कोर्टरूम में मौजूद जज, वकील और कर्मचारी सन्न रह गए।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब हाईकोर्ट अपनी नियमित कार्यवाही शुरू करने वाली थी। बताया जा रहा है कि अश्लील वीडियो एक बार नहीं बल्कि दो बार चला। इस स्थिति को देखते हुए तुरंत एहतियातन वीसी सिस्टम को बंद कर दिया गया और तकनीकी टीम को बुलाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह वीडियो श्रीधर सार्नोबत और शितजीत सिंह नामक व्यक्तियों के लॉग-इन आईडी से जुड़ा पाया गया है।हालांकि, इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है कि क्या यह किसी की जानबूझकर की गई शरारत थी या सिस्टम की सुरक्षा में कोई सेंध लगाई गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालतों में हाइब्रिड और वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था पारदर्शी न्याय के लिए की गई है, लेकिन इस घटना ने इसके मॉनिटरिंग सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है। घटना के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर वीसी सिस्टम को ठप कर दिया गया ताकि आगे ऐसी स्थिति न बने और हाई कोर्ट की आईटी व तकनीकी टीम को इस मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल, इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है और यह स्पष्ट किया गया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 23:18:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कस्टोडियल डेथ केस में कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका, 10 साल की सजा निलंबित करने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में बीजेपी के निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई 10 साल की सजा को निलंबित करने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">राहत देने के लिए कोई आधार नहीं है। सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका खारिज की जाती है।"न्यायाधीश ने कहा कि सेंगर ने हालांकि लंबा समय जेल में बिताया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन देरी के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यह आंशिक रूप</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166757/big-blow-to-kuldeep-sengar-in-custodial-death-case-plea"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में बीजेपी के निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई 10 साल की सजा को निलंबित करने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">राहत देने के लिए कोई आधार नहीं है। सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका खारिज की जाती है।"न्यायाधीश ने कहा कि सेंगर ने हालांकि लंबा समय जेल में बिताया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन देरी के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यह आंशिक रूप से इसलिए हुआ क्योंकि उसने अपनी सजा के खिलाफ कई अपील दायर की थीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मामले की सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तारीख तय करते हुए अदालत ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">अगर अपील पर तेजी से सुनवाई होती है तो मकसद पूरा हो जाएगा।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निचली अदालत ने 13 मार्च</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2020 को सेंगर को पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 10 साल की सजा सुनाई थी।अदालत ने कहा था कि एक परिवार के ‘‘इकलौते कमाने वाले’’ की मौत के लिए कोई नरमी नहीं दिखाई जा सकती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में संलिप्तता के लिए सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर और पांच अन्य को भी 10 साल की सजा सुनाई थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बलात्कार पीड़िता के पिता को सेंगर के इशारे पर शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और नौ अप्रैल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2018 को पुलिस की बर्बरता के कारण हिरासत में उनकी मौत हो गई थी। सेंगर ने 2017 में नाबालिग लड़की का अपहरण किया था और उसके साथ बलात्कार किया था।।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 22:09:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पक्षियों के मौलिक अधिकार पर विभिन्न विभागों का निशाना उनके मौलिक अधिकार पर डाल रहे डाका </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>, आधुनिकीकरण और शहरीकरण की अंधी दौड़ में इंसान जिस तेजी से पेड़ों की कटाई कर रहे हैं जिससे कारण पंक्षी विलुप्त हो रहे हैं, क्योंकि इससे उनके घर आवास नष्ट होते हैं। भोजन और प्रजनन के स्रोत कम होते हैं जिससे उसकी संख्या घट जाती है और कई प्रजातियां खतरे में पड़ जाती है,जैसा कि गौरैया जैसी चिड़िया के साथ हो रहा है,हाल ही में छत्तीसगढ़ में एक पेड़ काटने सौकडों पक्षियों की मौत का मामला भी सामने आया था, पेड़ पौधे पक्षियों के घोंसले बनाने और रहने की जगह होते हैं, कटाई से उनका घर छिन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166565/robbers-are-targeting-the-fundamental-rights-of-birds-by-various"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260118-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>, आधुनिकीकरण और शहरीकरण की अंधी दौड़ में इंसान जिस तेजी से पेड़ों की कटाई कर रहे हैं जिससे कारण पंक्षी विलुप्त हो रहे हैं, क्योंकि इससे उनके घर आवास नष्ट होते हैं। भोजन और प्रजनन के स्रोत कम होते हैं जिससे उसकी संख्या घट जाती है और कई प्रजातियां खतरे में पड़ जाती है,जैसा कि गौरैया जैसी चिड़िया के साथ हो रहा है,हाल ही में छत्तीसगढ़ में एक पेड़ काटने सौकडों पक्षियों की मौत का मामला भी सामने आया था, पेड़ पौधे पक्षियों के घोंसले बनाने और रहने की जगह होते हैं, कटाई से उनका घर छिन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई पंक्षी पेड़ों के फल,बीज या उन पर रहने वाले कीड़े खाते है, पेड़ों के बिना उनका भोजन खत्म हो जाता है।बढता प्रदूषण उसके स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालता है। कुछ लोग अभी भी पंक्षियों का अवैध शिकार करते हैं या उन्हें पिंजरो में बेचते हैं , जिससे उनके प्राकृतिक अधिकार का हनन होता है। जबकि दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला है कि पंक्षियों को भी सम्मान के साथ जीने का मौलिक अधिकार है और और उनके व्यापार या पिंजरों में कैद करना उनके अधिकारों का उलंघन है, पंक्षियों को दाना डालना कोई आधिकारिक घटना नहीं है, लेकिन यह एक अच्छा काम है जो पंक्षियों की मदद करता है।अगर आप निमित्त रुप से पंक्षियों को दाना डालते हैं, तो यह उनके लिए एक अच्छा भोजन स्रोंत बन सकता है, खासकर सर्दियों में जब भोजन की कमी होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेड़ पौधे कटाई, प्रदूषण और इंसानी दखल अंदाजी के कारण उनके आवास छिन रहे हैं । वहीं दिल्ली नगर निगम MCD कबूतरों को दाना डालने वाले जगहों पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। इस फैसले से दाना बेचने वाले काफी नाराज़ हैं उनका कहना है कि उनके पेशे बंद हो गया है, और घर चलाना मुश्किल हो रहा है,जानकारों का मानना है कि कबूतरों को दाना खिलाने से घर में सुख शांति बनी रहती है, क्योंकि कबूतर शांति का प्रतीक माने जाते हैं। उन्हें भोजन देने से वैवाहिक जीवन में सुखी रहता है और दांपत्य जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। शास्त्रौं में पक्षियों को दाना और पानी अर्पित करना पुण्य कार्य माना गया है। सिर्फ उन्हें बचाने के लिए सख्त कानूनों और जागरुकता की जरूरत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बादल हुसैन</strong> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 19:52:48 +0530</pubDate>
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