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                <title>मखौड़ा धाम - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>मखौड़ा धाम RSS Feed</description>
                
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                <title>मनोरमा की सफाई के लिएप्रशासन व समाजसेवियों की संयुक्त बैठक सम्पन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे द्वारा मनोरमा नदी की सफाई को लेकर चल रहे जनजागरण अभियान के क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी के निर्देश पर डीसी मनरेगा संजय शर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी व भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय “सुदामा” तथा उनके सहयोगियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में डीसी मनरेगा ने श्री पाण्डेय को बताया कि आपके द्वारा भेजे गए पत्र के क्रम में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के प्रयासों से एक सप्ताह पूर्व दो दिनों के लिए आयी केन्द्रीय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173049/joint-meeting-of-administration-and-social-workers-held-for-cleaning"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे द्वारा मनोरमा नदी की सफाई को लेकर चल रहे जनजागरण अभियान के क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी के निर्देश पर डीसी मनरेगा संजय शर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी व भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय “सुदामा” तथा उनके सहयोगियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में डीसी मनरेगा ने श्री पाण्डेय को बताया कि आपके द्वारा भेजे गए पत्र के क्रम में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के प्रयासों से एक सप्ताह पूर्व दो दिनों के लिए आयी केन्द्रीय जल आयोग/गंगा समिति की टीम द्वारा मनोरमा नदी का सर्वेक्षण कराया गया है। आयोग द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के अनुसार नदी की दीर्घकालिक समस्या के समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय “सुदामा” ने स्पष्ट रूप से कहा कि  मनोरमा नदी केवल जलधारा नहीं बल्कि जनपद की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके संरक्षण और स्वच्छता के लिए समाज और प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।यह बैठक केवल केंद्र सरकार या गंगा समिति की कार्यवाही जानने के लिए नहीं है, बल्कि 5 फरवरी को दिए गए मांगपत्र के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले ठोस कदमों पर चर्चा के लिए है। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई सुनिश्चित करना, प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना और अतिक्रमण हटाना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में रोटरी क्लब के पूर्व जिलाध्यक्ष मयंक श्रीवास्तव ने आगामी रामनवमी मेले को देखते हुए मेला प्रशासन की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। वहीं भाजपा नेता जगतबली सिंह ने नदी में मलवे के कारण हुई दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। जिला पंचायत सदस्य विनोद चौधरी और डॉ. प्रेम त्रिपाठी ने नदी किनारों पर बढ़ते अतिक्रमण पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">करीब दो घंटे चली गहन चर्चा के दौरान श्री पाण्डेय ने कहा कि यदि बैठक में ठोस निर्णय नहीं निकलता तो प्रशासन को अगली बैठक बुलाकर स्पष्ट कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नदी की सीमा से अतिक्रमण हटाना, गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई करना, पौराणिक स्थलों के पास घाटों की सफाई कराना तथा मूर्ति विसर्जन को नदी की मुख्य धारा से अलग सुरक्षित स्थान पर सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि चैत्र रामनवमी से पूर्व मखौड़ा धाम, शिवाला घाट, तपसीधाम, झुंगीनाथ, पंडूल घाट सहित नदी तट पर स्थित लगभग एक दर्जन प्रमुख घाटों और करीब 10–12 किलोमीटर नदी क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही मूर्ति विसर्जन के लिए नदी किनारे सुरक्षित स्थान तैयार किया जाएगा। नदी में मल-मूत्र, कूड़ा-कचरा या अपशिष्ट डालने वालों तथा मांस-मछली की दुकानों की निगरानी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, घाघरा नदी को मनोरमा से जोड़ने तथा पूरी नदी की व्यापक सफाई के लिए जिलाधिकारी के निर्देश व गंगा समिति के प्रस्ताव के अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ-साथ महेंद्र प्रताप सिंह, राहुल शर्मा, रामधीरज चौधरी,गिरजा शंकर द्विवेदी, देवशरण शुक्ल, विशाल मिश्र सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता व क्षेत्रीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 22:25:55 +0530</pubDate>
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                <title>मनोरमा नदी व मखौड़ा धाम की दुर्दशा पर जनआक्रोश, जनहित में संघर्ष जारी रहेगा – चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केहर्रैया से सटकर बह रही पवित्र पावन नदी मनोरमा का आप संकट बरकरार है जबकि हर विकास खंड के ग्राम पंचायत द्वारा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपए बहा दिए गए लेकिन नदी की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है जबकि जनप्रतिनिधि द्वारा संघर्ष करने के बावजूद भी नदी का संकट बनी हुई है ग्राम पंचायत की जांच करके नदी में कितना कार्य किए हैं इसका लेखा-जोखा सरकार को या जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को मांगना चाहिए ऐसे में तो करोड़ों रुपए नदी की सफाई में बह गए लेकिन नदी का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166424/public-anger-over-the-plight-of-manorama-river-and-makhauda"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260116-wa02351.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केहर्रैया से सटकर बह रही पवित्र पावन नदी मनोरमा का आप संकट बरकरार है जबकि हर विकास खंड के ग्राम पंचायत द्वारा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपए बहा दिए गए लेकिन नदी की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है जबकि जनप्रतिनिधि द्वारा संघर्ष करने के बावजूद भी नदी का संकट बनी हुई है ग्राम पंचायत की जांच करके नदी में कितना कार्य किए हैं इसका लेखा-जोखा सरकार को या जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को मांगना चाहिए ऐसे में तो करोड़ों रुपए नदी की सफाई में बह गए लेकिन नदी का संकट बरकरार हुए निर्मल स्वच्छ स्वच्छ जल को अविरल बनाने के लिए काफी पैसा डूब गया लेकिन नदी की स्थिति बरकरार है जबकि नगर पंचायत हर्रैया नदी में करोड़ों रुपया बढ़ा दिया गया लेकिन नदी की दुर्दशा आज भी बरकरार है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काशी, अयोध्या और तीर्थों के कायाकल्प की चर्चा के बीच हर्रैया क्षेत्र की पौराणिक धरोहर मखौड़ा धाम और उससे जुड़ी पतित-पावनी मनोरमा नदी आज भी बदहाली का शिकार है। यह वही मनोरमा नदी है, जिसके तट पर अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ किया था और जिसके प्रभाव से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का बालक रूप में प्राकट्य हुआ। इतनी महान पौराणिक व सांस्कृतिक विरासत के बावजूद मनोरमा नदी आज कचरा, गंदगी, अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ भाजपा नेता व समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने बताया कि मनोरमा नदी की सफाई और संरक्षण के लिए उन्होंने वर्ष 2015 से लगातार पत्राचार, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। प्रयासों के क्रम में वर्ष 2018 में मखौड़ा धाम स्थित यज्ञ स्थल पर एक सप्ताह का आमरण अनशन भी किया गया। उस समय तत्कालीन उपजिलाधिकारी श्री शिवप्रकाश शुक्ल द्वारा आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा संज्ञान लिये जाने के उपरान्त तत्कालीन जिलाधिकारी श्री राजशेखर एवं श्रीमती प्रियंका निरंजन द्वारा सफाई अभियान का शुभारम्भ भी किया गया, किंतु यह अभियान केवल शुरुआत तक सीमित रह गया और स्थायी समाधान नहीं हो सका पाण्डेय ने बताया कि मनोरमा नदी में कचरा निस्तारण पर रोक, अतिक्रमण हटाने और नदी को अविरल-निर्मल बनाये रखने के लिए उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज में जनहित याचिका भी दाखिल की। दुर्भाग्यवश, पर्याप्त प्रमाण न माने जाने के आधार पर याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने इसे “लोकतंत्र की सबसे बड़ी अदालत – जनता” के समक्ष रखने का निर्णय लिया और जनजागरण अभियान शुरू किया, जिससे लगातार लोग जुड़ते जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह सुझाव देते हैं कि समस्या उठाने के बजाय स्वयं सफाई अभियान चलाया जाए। हम इससे इनकार नहीं करते, किंतु सवाल यह है कि यदि नदी, नाले, चौराहे और घाट सब कुछ जनता ही साफ करेगी तो सफाईकर्मी, मनरेगा कर्मी, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्या केवल औपचारिकता और दिखावा रह गई है? यदि जनता को ही सब करना है तो समय-समय पर मनोरमा सफाई के नाम पर हुए सरकारी और राजनीतिक दिखावे का औचित्य क्या था?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाण्डेय ने प्रश्न उठाया कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा नदियों की सफाई हेतु हजारों करोड़ रुपये निर्गत किये गये, जिनमें पौराणिक महत्व वाली नदियों को प्राथमिकता दी गई। फिर मनोरमा नदी तक उस योजना का लाभ क्यों नहीं पहुँचा? क्या जिले के स्तर पर इच्छाशक्ति और पारदर्शी योजना बनाकर इस पवित्र नदी की दशा नहीं सुधारी जा सकती?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या सरकार के विरोध का नहीं, बल्कि पौराणिक धरोहर, आस्था और पर्यावरण संरक्षण का है। यदि जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधि ठान लें तो स्थानीय संसाधनों, मनरेगा, नगर पंचायत व अन्य विभागों के समन्वय से स्थायी सफाई और संरक्षण संभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में श्री पाण्डेय ने कहा कि वे और उनके साथी मनोरमा एवं रामरेखा नदी की सफाई हेतु जनजागरूकता अभियान को और तेज करेंगे। जनता से अपील है कि न तो स्वयं नदियों में कूड़ा डालें और न किसी को डालने दें, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय कराने के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।</div>
<div style="text-align:justify;">मनोरमा की अविरल-निर्मल धारा ही मखौड़ा धाम और क्षेत्र के सम्मान की सच्ची पहचान है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 18:43:37 +0530</pubDate>
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