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                <title>प्रधानमंत्री मोदी - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>प्रधानमंत्री मोदी RSS Feed</description>
                
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                <title>स्लोवाकिया से फ्रांस तक भारत की कूटनीतिक शक्ति का विस्तार और वैश्विक मंच पर बढ़ता प्रभाव</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा भारत की सक्रिय और बहुआयामी विदेश नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह यात्रा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके माध्यम से भारत ने यूरोप के साथ अपने राजनीतिक आर्थिक तकनीकी और सामरिक संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास किया है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत जिस प्रकार विश्व राजनीति के केंद्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है वह इस दौरे से स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।</div>
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<div>स्लोवाकिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट कर स्वागत किया गया। यह वहां</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181204/indias-diplomatic-power-expanding-from-slovakia-to-france-and-growing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/42.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा भारत की सक्रिय और बहुआयामी विदेश नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह यात्रा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके माध्यम से भारत ने यूरोप के साथ अपने राजनीतिक आर्थिक तकनीकी और सामरिक संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास किया है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत जिस प्रकार विश्व राजनीति के केंद्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है वह इस दौरे से स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।</div>
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<div>स्लोवाकिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट कर स्वागत किया गया। यह वहां सम्मान आतिथ्य और मित्रता का प्रतीक माना जाता है। राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ उनकी मुलाकात ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान की। प्रधानमंत्री मोदी ने फिको को भारत आने का निमंत्रण दिया और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और स्लोवाकिया के बीच आर्थिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं तथा दोनों देश नई संभावनाओं की तलाश में हैं।</div>
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<div>स्लोवाकिया मध्य यूरोप का एक महत्वपूर्ण देश है जिसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से औद्योगिक उत्पादन पर आधारित है। विशेष रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उसकी पहचान पूरे यूरोप में है। वोक्सवैगन किआ जगुआर लैंड रोवर और वोल्वो जैसी कंपनियों की उत्पादन इकाइयां वहां स्थित हैं। भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापारिक संबंधों में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत से मोबाइल फोन वस्त्र ऑटोमोबाइल पुर्जे और अन्य तकनीकी उत्पादों का निर्यात किया जाता है जबकि भारत स्लोवाकिया से मशीनरी वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का आयात करता है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच लगभग सत्रह हजार करोड़ रुपये का व्यापार इस बढ़ते आर्थिक सहयोग का प्रमाण है।</div>
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<div>स्लोवाकिया में नौ हजार से अधिक भारतीयों की उपस्थिति भी दोनों देशों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। सूचना प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में भारतीय पेशेवर वहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। श्रमशक्ति की कमी से जूझ रहे स्लोवाकिया के लिए भारतीय कुशल मानव संसाधन एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभर रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी संबंध मजबूत हो रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>फ्रांस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई वार्ता ने भारत फ्रांस संबंधों को और अधिक व्यापक बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में रक्षा व्यापार प्रौद्योगिकी शिक्षा अंतरिक्ष और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों के बीच तेरह प्रमुख समझौते हुए जो आने वाले वर्षों में रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।</div>
<div> </div>
<div>भारत और फ्रांस के संबंध लंबे समय से विश्वास और सहयोग पर आधारित रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने अक्सर भारत का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन से लेकर न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप में भारत के प्रवेश तक फ्रांस लगातार भारत के पक्ष में खड़ा रहा है। यही कारण है कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं।</div>
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<div>रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग विशेष महत्व रखता है। राफेल लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों जैसे महत्वपूर्ण रक्षा समझौते इस साझेदारी की मजबूती को दर्शाते हैं। अब दोनों देशों ने सैन्य उपकरणों के सह डिजाइन सह विकास और सह उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इससे भारत की आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन नीति को भी मजबूती मिलेगी।</div>
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<div>तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी भारत और फ्रांस के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। नीस में आयोजित भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के स्टार्टअप उद्यमियों निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है बल्कि साझा दृष्टिकोण और साझा भविष्य पर आधारित है। उन्होंने भारत को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप केंद्रों में से एक बताते हुए कहा कि भारतीय युवा नवाचार के माध्यम से वैश्विक समस्याओं के समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।</div>
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<div>राष्ट्रपति मैक्रों ने भी भारत की नवाचार क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में खुले और सहयोगात्मक मॉडल का समर्थन किया तथा भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। यह बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भारत केवल एक बाजार नहीं बल्कि तकनीकी विकास का वैश्विक भागीदार बनने जा रहा है।</div>
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<div>दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्वांटम कंप्यूटिंग जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। एआई गवर्नेंस के लिए संयुक्त कार्य समूह का गठन और डिजिटल विज्ञान केंद्र की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे भारत और फ्रांस वैश्विक तकनीकी परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।</div>
<div>शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नए अवसर खुल रहे हैं। फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने का निमंत्रण दिया गया है जबकि भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए फ्रांस में नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच ज्ञान और कौशल का आदान प्रदान बढ़ेगा।</div>
<div> </div>
<div>प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। रूस यूक्रेन युद्ध मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी नई चुनौतियां विश्व व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में भारत एक जिम्मेदार और संतुलित वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। भारत की विदेश नीति का उद्देश्य संवाद सहयोग और विकास को बढ़ावा देना है और यही संदेश इस यात्रा के माध्यम से भी सामने आया है।</div>
<div> </div>
<div>फ्रांस में आयोजित होने वाली जी सेवन शिखर बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी भी विशेष महत्व रखती है। यद्यपि भारत जी सेवन का सदस्य नहीं है फिर भी वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। जी सेवन देशों के साथ भारत का संवाद यह दर्शाता है कि विश्व समुदाय आज भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक सुरक्षा आर्थिक सहयोग ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भारत की राय को गंभीरता से सुना जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा इस बात का प्रमाण है कि भारत आज केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाने वाला राष्ट्र बन चुका है। यूरोप के साथ मजबूत होते संबंध भारत को नई आर्थिक तकनीकी और सामरिक संभावनाएं प्रदान कर रहे हैं। वहीं भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण निर्णयों में उसकी भूमिका और अधिक प्रभावशाली होगी। यह दौरा भारत की उसी उभरती वैश्विक पहचान का सशक्त प्रतीक है।</div>
<div>        <strong>   *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>अनुपम अद्वितीय विलक्षण नेतृत्व क्षमता के धनी हैं नरेंद्र मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तपस्थली से तप कर निकले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत की राजनीति में सबसे कुशल अपराजेय नेतृत्वकर्ता हैं वह अपने विरोधियों यहां तक की अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के प्रतिस्पर्धियों की तमाम चालों की काट कर अपनी नेतृत्व क्षमता के बूते पर अपरिमित दक्षता भी रखते हैं इस मामले में उनका कोई सानी नहीं है यह हम नही रिकार्ड बयान कर रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तमाम आलोचनाओं और विरोधियों के जबरदस्त साजिशी प्रहार के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसी शख्सियत बन कर उभरे है जो धरातल पर अपनी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के बूते पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173939/narendra-modi-is-blessed-with-unique-leadership-abilities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/pm-narendra-modi-2.jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तपस्थली से तप कर निकले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत की राजनीति में सबसे कुशल अपराजेय नेतृत्वकर्ता हैं वह अपने विरोधियों यहां तक की अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के प्रतिस्पर्धियों की तमाम चालों की काट कर अपनी नेतृत्व क्षमता के बूते पर अपरिमित दक्षता भी रखते हैं इस मामले में उनका कोई सानी नहीं है यह हम नही रिकार्ड बयान कर रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तमाम आलोचनाओं और विरोधियों के जबरदस्त साजिशी प्रहार के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसी शख्सियत बन कर उभरे है जो धरातल पर अपनी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के बूते पर अपना अलग अनूठा व्यक्तित्व रखते हैं उन्होंने किसी भी राजनीतिक नेता के सरकार के लम्बे समय तक नेतृत्व करने के रिकार्ड को तोड़ दिया है। भारत की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए पीएम नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग को पीछे छोड़ दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक उनका सफर लगातार जीत, मजबूत नेतृत्व और राजनीतिक स्थिरता की मिसाल बनकर उभरा है। भारतीय राजनीति में बीता रविवार 22 मार्च विशेष दिन बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  एक ऐसा रिकॉर्ड तोड़ा जो दशकों से किसी और के नाम था. सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने लगातार 8,930 दिनों तक किसी सरकार का नेतृत्व किया था. यह भारत में किसी भी सरकार के मुखिया का अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल था. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 7 अक्तूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह लंबे समय तक इस पद पर बने रहे और अपने कार्यकाल में कभी चुनाव नहीं हारे। साल 2014 में प्रधानमंत्री पद के लिए नाम सामने आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर प्रधानमंत्री पद संभाला। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। खास बात यह है कि अपने पूरे राजनीतिक करियर में उन्होंने अब तक कोई बड़ा चुनाव नहीं हारा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर. 2001 से 2014 तक करीब 13 साल तक वो गुजरात की सत्ता संभालते रहे. इस दौरान गुजरात के विकास मॉडल की चर्चा पूरे देश में होती थी। 2014 में जब वो पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने. तब से इस रिपोर्ट को लिखने तक लगातार. इन दोनों कार्यकालों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 8,931 दिन बनता है.सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग अब पद पर 8930 दिनों के साथ दूसरे स्थान पर है. चामलिंग ने सिक्किम की लगातार 24 साल और 165 दिनों तक सेवा की. इससे वे ना सिर्फ भारत में बल्कि विश्व स्तर पर सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक बन गए. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी कड़ी में तीसरा स्थान ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पास है. उन्होंने 2000 से 2024 तक राज्य पर शासन किया. उन्होंने लगभग 24 साल और 99 दिनों का कार्यकाल पूरा किया. पटनायक के लंबे शासन की पहचान राजनीतिक स्थिरता और लगातार चुनावी जीत रही है. इसने उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक टिके रहने वाले नेताओं में से एक बनाए रखा.आपको बता दें इस रैंकिंग को जो बात खास रूप से दिलचस्प बनाती है वह यह है कि इसमें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों के रूप में बिताए गए समय को जोड़ा गया है. जिन नेताओं ने सिर्फ प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दीं जैसे कि जवाहरलाल नेहरू, वे इस खास गणना के तहत शीर्ष तीन में शामिल नहीं हैं. भले ही उनका कार्यकाल लंबा रहा हो.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी बता दें कि वरिष्ठ नेता ज्योति बसु ने 23 सालों से ज्यादा समय तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया है. वे इस लिस्ट से बाहर हैं. लेकिन उनका कार्यकाल भारतीय इतिहास में किसी एक पद पर सबसे लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले कार्यकालों में से एक हैप्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड अकेला नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी के नाम और भी कई उपलब्धियां हैं. गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री किसी और मुख्यमंत्री ने गुजरात में इतना लंबा कार्यकाल नहीं किया.</div>
<div style="text-align:justify;">आपको पता है कि किसी भी प्रधानमंत्री की तुलना में मोदी सबसे ज्यादा अनुभव लेकर दिल्ली पहुंचे थे. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 1950 में हुआ. वो पहले प्रधानमंत्री हैं जो आजाद भारत में पैदा हुए. तीन बार लगातार जीत - 2014, 2019 और 2024 तीनों लोकसभा चुनावों में जनता ने उन्हें चुना.2019 में भाजपा ने 303 सीटें जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत की। 2024 में 240 सीटों के साथ एनडीए गठबंधन ने सत्ता बरकरार रखी। जवाहरलाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री मोदी लगातार तीन कार्यकाल के लिए नियुक्त होने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री हैं। लगातार भारत का प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का दिवंगत इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड मोदी ने तोड़ उन्होंने पिछले साल इंदिरा गांधी (4,077 दिन) को लगातार प्रधानमंत्री रहने के मामले में पीछे छोड़ दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सितंबर 2025 में अपने तीसरे कार्यालय के दौरान वे लगातार सबसे लंबे समय तक पीएम रहने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बन गए। साथ ही वे पहले गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए हैं।इसी सिलसिले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है. उन्होंने लिखा, "नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन देश और देशवासियों की सेवा को समर्पित रहा है. गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक यह यात्रा सेवा, ईमानदारी और देश को सबसे पहले रखने की यात्रा है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक रिपोर्ट के के मुताबिक पीएम मोदी ने अपने सफर को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम शुरू किया, तब राज्य कई बड़ी मुश्किलों से गुजर रहा था। गुजरात भूकंप, चक्रवात, सूखा और राजनीतिक अस्थिरता जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों ने उन्हें और मजबूत बनाया और उन्होंने राज्य को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने अपनी मां की एक सीख का भी जिक्र किया, गरीबों के लिए काम करना और कभी रिश्वत न लेना, जैसी सीख को उन्होंने अपने जीवन का मार्गदर्शन बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीएम मोदी के अनुसार, उनके कार्यकाल में गुजरात ने कृषि, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी तरक्की की और एक मजबूत राज्य के रूप में उभरा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जब उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया, तब देश में भरोसे का संकट था, लेकिन जनता ने उन्हें मजबूत समर्थन दिया।पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक मजबूत देश बनकर उभरा है। पीएम मोदी ने महिलाओं (नारी शक्ति), युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और लंबे सार्वजनिक जीवन की जमकर सराहना की है। अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी की दशकों की सेवा ने भारत में एक नया दौर शुरू किया है। उन्होंने गरीबों को अधिकार दिलाने, विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और दुनिया में भारत की छवि मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए पीएम मोदी ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है और पिछले 24 साल से अधिक समय से बिना छुट्टी लिए देश की सेवा कर रहे हैं। अमित शाह ने बताया कि पीएम मोदी को जनता का अपार प्यार और समर्थन मिला है। वास्तव में नरेन्द्र मोदी एक बिरले व्यक्तित्व है यह बात उनके विरोधी भी दबी जुबान से स्वीकार करते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:13:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सेवा का सूर्योदय, इतिहास का सूर्यास्त नहीं: मोदी ने रचा 'अमर महाकाव्य'</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब सेवा केवल कर्तव्य नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बन जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब हर कदम इतिहास की सुनहरी धारा में अंकित हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह अद्वितीय और प्रेरक शिखर छू लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले केवल कल्पनाओं और स्वप्नों में ही संभव प्रतीत होता था। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी दूरदर्शी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्षपूर्ण और प्रेरक यात्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज वे भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदरणीय और जनप्रिय सरकार प्रमुख बन चुके हैं। पूर्व सिक्किम मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के </span>8,930 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173935/sunrise-of-service-not-sunset-of-history-modi-created-an"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/modi-meditating.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब सेवा केवल कर्तव्य नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बन जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब हर कदम इतिहास की सुनहरी धारा में अंकित हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह अद्वितीय और प्रेरक शिखर छू लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले केवल कल्पनाओं और स्वप्नों में ही संभव प्रतीत होता था। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी दूरदर्शी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्षपूर्ण और प्रेरक यात्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज वे भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदरणीय और जनप्रिय सरकार प्रमुख बन चुके हैं। पूर्व सिक्किम मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के </span>8,930 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह जीवंत और अभूतपूर्व संदेश दिया कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास कितना अडिग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपराजेय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविचलनीय और प्रगाढ़ हो सकता है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों की अनवरत निष्ठा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अथक परिश्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निस्वार्थ समर्पण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हृदयस्पर्शी जनसंपर्क और हर नागरिक के कल्याण की अपार प्रतिबद्धता का अनमोल प्रतीक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लेकर आज तक मोदी जी की हर सुबह नई चुनौतियों और नए संकल्पों से शुरू हुई। </span>2001 <span lang="hi" xml:lang="hi">में जब उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब गुजरात आपदा और अराजकता के बीच जूझ रहा था। मात्र </span>13 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षों में उन्होंने उसे विकास का प्रतीक बना दिया – ‘वाइब्रेंट गुजरात’ से लेकर द्वीपों के कोनों तक बुनियादी ढाँचा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार और समृद्धि का ऐसा जाल बुन दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आज हर नागरिक के जीवन को छूता है। हर घर में बिजली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क और स्वच्छता जैसी छोटी-छोटी बातें उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाकर ‘सबका साथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सबका विकास’ का मंत्र साकार किया। </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों में उन्होंने कभी व्यक्तिगत आराम नहीं लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी परिवार की चिंता नहीं की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिर्फ राष्ट्र और जनता की भलाई की। यही कारण है कि आज हर गाँव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर शहर में उनका नाम ‘विकास पुरुष’ के रूप में गूँजता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">26 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>2014 <span lang="hi" xml:lang="hi">को जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब देश एक नए युग की दहलीज पर खड़ा था। </span>2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">में लगातार जनता ने उन्हें चुनकर यह स्पष्ट कर दिया कि नेतृत्व में निरंतरता और दृढ़ता कितनी महत्वपूर्ण है। इन </span>4,319 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों के प्रधानमंत्रित्व में उन्होंने सिर्फ नीतियाँ नहीं बनाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों जीवन संवार दिए। उज्ज्वला योजना से लेकर आयुष्मान भारत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जन धन योजना से लेकर डिजिटल इंडिया – हर योजना के पीछे छुपी है किसी गरीब परिवार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी किसान या किसी महिला की एक छोटी-सी उम्मीद और कहानी। </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों की इस सेवा में उन्होंने कभी राजनीतिक विरोध को बहाना नहीं बनाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हर चुनौती को अवसर में बदलकर दिखाया। यही उनका अद्वितीय और प्रेरक अंदाज है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज जब हम </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों की गिनती करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हर दिन अपने आप में एक प्रेरक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साहसिक और उत्थानकारी कहानी बन जाता है। कभी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी वैश्विक महामारी में टीकाकरण का अद्भुत चमत्कार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी आर्थिक संकट के समय आत्मनिर्भर भारत के आदर्श का नारा – हर घटना में नेतृत्व की दृढ़ता और दूरदर्शिता झलकती है। मोदी जी ने यह स्पष्ट कर दिया कि चुना हुआ नेता केवल सत्ता का प्रतीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि निस्वार्थ सेवा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनता के प्रति जिम्मेदारी और देशभक्ति का प्रतीक भी हो सकता है। उन्होंने पद की गरिमा कभी नहीं खोई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सत्ता के लालच में कभी नहीं डूबे। उनकी हर यात्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर भाषण और हर निर्णय पूर्णतया जनता के हित और राष्ट्र के कल्याण के लिए रहा। छोटी-छोटी बातें – ‘मैं हूँ ना’ का भरोसा</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मन की बात’ में आम आदमी से सहज और सीधे संवाद – इन्हीं ने उन्हें हर नागरिक का अपना और पूरे देश का प्रेरक नेता बना दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस रिकॉर्ड के पीछे छिपा है अडिग संकल्प</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपराजेय इच्छाशक्ति और निस्वार्थ सेवा की प्रेरक भावना। </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन मतलब </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">रातें जागना</span>, 8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">सुबहें नई उम्मीद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नई चुनौतियाँ और नए संकल्प लेकर उठना। उन्होंने कभी छुट्टी नहीं ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी थकान को स्वीकार नहीं किया। गुजरात से दिल्ली तक की इस अद्वितीय और प्रेरक यात्रा में उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि लोकतंत्र में अगर इरादा मजबूत हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कोई भी रिकॉर्ड असंभव नहीं है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जी-</span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">की अध्यक्षता कर चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और वैश्विक पटल पर ‘विश्वगुरु’ बनने की ओर अग्रसर है – यह सब </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों की अथक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निस्वार्थ और प्रेरक सेवा का परिणाम है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यह रिकॉर्ड केवल आंकड़ों का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भावनाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वास और जनता के प्रति सच्चे समर्पण का प्रतीक है। हर माँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसान और युवा आज महसूस करता है कि उनके लिए कोई है जो कभी नहीं रुकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उनके सुख-दुःख में हर पल खड़ा रहता है। मोदी जी ने सत्ता को सेवा में बदल दिया। उन्होंने दिखाया कि चुना हुआ नेता केवल पद का अधिकारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जनता के लिए अडिग सहारा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्गदर्शक और प्रेरणा बन सकता है। </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन की इस यात्रा में उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ नहीं लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल राष्ट्र और जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही वजह है कि आज पूरा देश उन्हें श्रद्धा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मान और गर्व के साथ सलाम करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल पर हमें गर्व होना चाहिए। </span>8,931 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन का ‘मोदी युग’ केवल एक नेता की कहानी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि </span>140 <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके विश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी मेहनत और उनके सपनों की प्रेरक कहानी है। यह स्पष्ट करता है कि जब जनता का भरोसा अडिग और गहरा हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कोई भी रिकॉर्ड असंभव नहीं। आगे भी यही निष्ठा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यही समर्पण और यही दूरदर्शिता भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। नरेंद्र मोदी ने इतिहास रच दिया है – अब आने वाली पीढ़ियाँ इस ‘मोदी युग’ को पढ़ेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझेंगी और सीखेंगी कि सच्ची सेवा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निस्वार्थ समर्पण और जनहित कभी थकते या रुकते नहीं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:01:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>स्टार्टअप इंडिया के दस वर्ष </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत आज जिस दौर से गुजर रहा है, वह केवल आर्थिक विस्तार का नहीं बल्कि सोच, साहस और सपनों के विस्तार का दौर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया संदेश, “युवा जोखिम उठाएं और आगे बढ़ें, अब यही है विकास की मुख्यधारा” इसी बदली हुई राष्ट्रीय चेतना को व्यक्त करता है। स्टार्टअप इंडिया मिशन के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अपने भविष्य को सुरक्षित नौकरियों या पारंपरिक ढर्रों में नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और जोखिम उठाने की संस्कृति में देख रहा है। यह मिशन बीते एक दशक में युवाओं की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166414/ten-years-of-startup-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/images-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत आज जिस दौर से गुजर रहा है, वह केवल आर्थिक विस्तार का नहीं बल्कि सोच, साहस और सपनों के विस्तार का दौर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया संदेश, “युवा जोखिम उठाएं और आगे बढ़ें, अब यही है विकास की मुख्यधारा” इसी बदली हुई राष्ट्रीय चेतना को व्यक्त करता है। स्टार्टअप इंडिया मिशन के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अपने भविष्य को सुरक्षित नौकरियों या पारंपरिक ढर्रों में नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और जोखिम उठाने की संस्कृति में देख रहा है। यह मिशन बीते एक दशक में युवाओं की मानसिकता, देश की अर्थव्यवस्था और भारत की वैश्विक छवि तीनों को गहराई से प्रभावित करने वाला साबित हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत 2016 में एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ हुई थी।भारत में ऐसा इकोसिस्टम बनाना, जहां नए विचारों को सम्मान मिले, असफलता को अपराध नहीं बल्कि अनुभव माना जाए और युवा अपने दम पर समाधान गढ़ने के लिए प्रोत्साहित हों। दस वर्ष पहले देश में स्टार्टअप्स की संख्या बेहद सीमित थी और उद्यमिता को जोखिम भरा, अस्थिर और केवल चुनिंदा लोगों का क्षेत्र माना जाता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। स्टार्टअप्स की संख्या दो लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। यह परिवर्तन केवल नीतियों का परिणाम नहीं है, बल्कि उस विश्वास का नतीजा है, जो सरकार ने युवाओं पर दिखाया और युवाओं ने स्वयं पर किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि पहले भारतीय समाज में जोखिम लेने को हतोत्साहित किया जाता था। सुरक्षित नौकरी, तय वेतन और स्थिर जीवन को ही सफलता की कसौटी माना जाता था। स्टार्टअप इंडिया ने इस सोच को चुनौती दी। आज युवा यह मानने लगे हैं कि असफल होना अंत नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यही मानसिक बदलाव इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। स्वयं प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि जोखिम उठाना उनकी व्यक्तिगत कार्यशैली का हिस्सा रहा है। उन्होंने ऐसे निर्णय लिए, जिनसे सरकारें वर्षों तक राजनीतिक नुकसान के डर से बचती रहीं, लेकिन राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी। यह संदेश युवाओं को यह सिखाता है कि बड़ा परिवर्तन बिना साहस के संभव नहीं होता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">युवाओं के लिए स्टार्टअप इंडिया केवल एक योजना नहीं, बल्कि अवसरों का द्वार है। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यदि इस युवा शक्ति को सही दिशा नहीं मिली, तो वह बोझ बन सकती है। स्टार्टअप इंडिया इस शक्ति को उत्पादक बनाने का माध्यम बना है। यह युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की प्रेरणा देता है। आर्थिक दृष्टि से स्टार्टअप्स ने लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा किए हैं। बौद्धिक स्तर पर उन्होंने युवाओं में समस्या समाधान, तकनीकी दक्षता और वैश्विक सोच विकसित की है। सामाजिक स्तर पर यह आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मिशन की एक उल्लेखनीय उपलब्धि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी है। आज मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की फंडिंग के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बन चुका है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि उद्यमिता अब केवल पुरुषों तक सीमित क्षेत्र नहीं रहा। महिलाओं की भागीदारी से न केवल लैंगिक समानता को बल मिला है, बल्कि नवाचार में विविधता भी आई है, जो किसी भी मजबूत इकोसिस्टम के लिए आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वैश्विक स्तर पर भारतीय स्टार्टअप्स को अब गंभीरता से देखा जा रहा है। एक समय था जब भारत को केवल सस्ता श्रम और बड़ा बाजार माना जाता था, लेकिन आज भारत नवाचार और तकनीकी समाधान का केंद्र बनता जा रहा है। फिनटेक, हेल्थटेक, एडटेक, एग्रीटेक, क्लीन एनर्जी और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़े हैं। विदेशी निवेशक भारत को दीर्घकालिक संभावनाओं वाले देश के रूप में देख रहे हैं। यूपीआई, आधार और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने भारत को कम लागत में उच्च प्रभाव वाले नवाचारों का उदाहरण बना दिया है। यही कारण है कि कई विदेशी स्टार्टअप्स भारत में अपने रिसर्च सेंटर खोल रहे हैं और भारतीय स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पर दिया गया जोर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक जरूरत है। भविष्य की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और शासन तीनों में एआई की भूमिका निर्णायक होगी। यदि यह तकनीक विदेशी सर्वरों और विदेशी कंपनियों के नियंत्रण में रही, तो डेटा सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता पर खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए उन्होंने भारतीय युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय सर्वरों पर स्वदेशी एआई विकसित करें। फरवरी 2026 में प्रस्तावित एआई इम्पैक्ट समिट इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भारत को वैश्विक एआई नेतृत्व की ओर ले जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं से संवाद उन्हें केवल प्रेरित नहीं करता, बल्कि उनके भीतर छिपी क्षमता पर विश्वास भी जगाता है। जब वे कहते हैं कि डिग्रियों से ज्यादा आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा मायने रखती है, तो यह उन लाखों युवाओं के लिए संबल बनता है, जो पारंपरिक रास्तों से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं। सरकारी मंचों पर स्टार्टअप्स को सम्मान मिलना, उन्हें राष्ट्रीय विकास का भागीदार मानना और उनके विचारों को सुना जाना यह सब युवाओं का हौसला बुलंद करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आने वाला दशक स्टार्टअप इंडिया के लिए और भी महत्वपूर्ण होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक, स्पेस टेक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भारत के पास नेतृत्व करने का अवसर है। ग्रामीण और कृषि आधारित स्टार्टअप्स से समावेशी विकास को गति मिलेगी और भारत वैश्विक मूल्य श्रृंखला में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा। इसके लिए आवश्यक है कि नीतिगत स्थिरता बनी रहे, पूंजी तक पहुंच आसान हो और शिक्षा प्रणाली नवाचार को बढ़ावा दे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः, स्टार्टअप इंडिया के दस वर्ष यह साबित करते हैं कि यदि युवाओं को विश्वास, अवसर और स्वतंत्रता दी जाए, तो वे असाधारण परिणाम दे सकते हैं। जोखिम, नवाचार और आत्मनिर्भरता आज भारत की विकास यात्रा की मुख्यधारा बन चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश केवल प्रेरणादायी वक्तव्य नहीं, बल्कि नए भारत का घोषणापत्र है।एक ऐसा भारत, जहां युवा केवल भविष्य की आशा नहीं, बल्कि वर्तमान की शक्ति हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 18:21:56 +0530</pubDate>
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