<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/43388/prime-minister-internship-scheme" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/43388/rss</link>
                <description>प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विकसित युवा से विकसित भारत' का संकल्प, लखनऊ में चौथे राष्ट्रीय चिंतन शिविर का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)" विषयक चौथा एवं अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही देशभर में आयोजित क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री <strong>रक्षा निखिल खडसे</strong> ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)" विषयक चौथा एवं अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही देशभर में आयोजित क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री <strong>रक्षा निखिल खडसे</strong> ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में युवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें देश के विकास में सहभागी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि <strong>MY Bharat</strong>, <strong>Experiential Learning Programme (ELP)</strong>, <strong>Prime Minister Internship Scheme (PMIS)</strong> तथा <strong>Fit India</strong> जैसी योजनाओं पर प्रस्तुत विचार अधिकारियों की प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की गहरी समझ को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव <strong>शिव रतन</strong> ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों की MY Bharat के साथ बढ़ती साझेदारी इस मंच की उपयोगिता और प्रभाव को प्रमाणित करती है। उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक राज्य की चुनौतियां अलग हैं और उनके समाधान भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg" alt="केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने युवा अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने का किया आह्वान, उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का सम्मान" width="1512" height="1006"></img></p>
<p style="text-align:justify;">MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी <strong>डॉ. प्रियंका शुक्ला</strong> ने अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि MY Bharat युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण और व्यापक स्तर पर उनके विस्तार पर भी जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) और फिट इंडिया पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा विभिन्न कार्य समूहों ने नशा मुक्त भारत अभियान, फिट इंडिया, जेंडर सेंसिटाइजेशन, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम, सामुदायिक जनसहभागिता तथा MY Bharat एवं MY Bharat NSS के संस्थागत सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर अपनी कार्ययोजनाएं और अनुशंसाएं प्रस्तुत कीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिवसीय चिंतन शिविर में इस बात पर सहमति बनी कि MY Bharat को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के सशक्त मंच के रूप में और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पहुंच, संस्थागत समन्वय, तकनीक आधारित कार्यक्रम क्रियान्वयन, स्थानीय भागीदारी तथा अधिकारियों की क्षमता वृद्धि पर विशेष बल दिया गया। साथ ही राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और मंत्रालय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सतत संवाद को भी आवश्यक बताया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह में <strong>उत्तर प्रदेश</strong> को MY Bharat पंजीकरण की सर्वाधिक संख्या के आधार पर <strong>सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य</strong> के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं <strong>दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव</strong> को अपनी युवा आबादी के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। मंत्रालय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर से प्राप्त सुझाव भविष्य में कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगे और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 19:42:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg"                         length="186207"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना भी फेल?</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज<span lang="hi" xml:lang="hi">। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी सरकार की एक और योजना फ्लॉप साबित होती दिख रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का खूब ढोल पीटा गया। युवाओं को शीर्ष </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi">  कंपनियों में इंटर्नशिप दी जानी थी और सरकार की ओर से इसके लिए फंड मुहैया कराना जाना था। लेकिन सरकारी फंड का सिर्फ़ </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi">  फीसदी ही ख़र्च हुआ। पाँच साल में एक करोड़ की इंटर्नशिप देने की इस योजना का हाल ऐसा है कि कुछ हज़ार युवा ही अब तक इंटर्नशिप पूरी कर पाए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का हाल भी</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166372/prime-minister-internship-scheme-also-failed-only-4-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज<span lang="hi" xml:lang="hi">। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी सरकार की एक और योजना फ्लॉप साबित होती दिख रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का खूब ढोल पीटा गया। युवाओं को शीर्ष </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> कंपनियों में इंटर्नशिप दी जानी थी और सरकार की ओर से इसके लिए फंड मुहैया कराना जाना था। लेकिन सरकारी फंड का सिर्फ़ </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीसदी ही ख़र्च हुआ। पाँच साल में एक करोड़ की इंटर्नशिप देने की इस योजना का हाल ऐसा है कि कुछ हज़ार युवा ही अब तक इंटर्नशिप पूरी कर पाए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का हाल भी ऐसा ही होने की ख़बर आई थी। सीएजी ने तो इसमें बहुत बड़े घपले का इशारा किया है और कहा है कि योजना का पूरा मक़सद ही भटक गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने के मक़सद से शुरू की गई प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर अब सवाल उठ रहे हैं। सरकारी खर्च के आंकड़े इस बात को साफ-साफ दिखा रहे हैं कि योजना जमीन पर ठीक से नहीं चल पा रही है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट में कंट्रोलर जनरल ऑफ़ एकाउंट्स यानी सीजीए के आँकड़ों के हवाले से कहा गया है कि वित्त वर्ष </span>2025-26<span lang="hi" xml:lang="hi"> के पहले आठ महीनों यानी अप्रैल से नवंबर में कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय को </span>11500<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट मिला था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मंत्रालय ने सिर्फ़ </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये के आसपास ही खर्च किए। यानी कुल बजट का महज </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत ही इस्तेमाल हुआ।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें सबसे बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए रखा गया था। कुल बजट में से करीब </span>10800<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये यानी </span>94<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत सिर्फ इसी योजना के लिए थे। लेकिन योजना की खराब स्थिति की वजह से इतना बड़ा फंड इस्तेमाल ही नहीं हो पाया। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह पहली बार नहीं हुआ है। पिछले साल यानी वित्तीय वर्ष </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में भी ऐसा ही हुआ था। शुरू में मंत्रालय को </span>2667<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का बजट दिया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बाद में इसे घटाकर सिर्फ </span>1078<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ कर दिया गया क्योंकि बहुत सारा पैसा खर्च नहीं हुआ।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसदीय समिति को मंत्रालय ने खुद बताया था कि इंटर्नशिप योजना में कम इस्तेमाल की वजह से पैसा वापस करना पड़ा। पिछले वित्त वर्ष में कुल ख़र्च सिर्फ </span>680<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये के आसपास रहा। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आँकड़े बताते हैं कि युवाओं की तरफ़ से भी योजना में ज़्यादा दिलचस्पी नहीं दिख रही। संसद में </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिसंबर </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखित जवाब में बताया था कि योजना के पहले दौर के पायलट प्रोजेक्ट में </span>1.27<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख इंटर्नशिप के मौक़ों को लेकर </span>6.21<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख आवेदन आए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कंपनियों ने </span>82000<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा ऑफर दिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सिर्फ </span>28000<span lang="hi" xml:lang="hi"> ही युवाओं ने स्वीकार किए। यानी स्वीकृति दर महज </span>34<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत रही। </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक सिर्फ </span>2066<span lang="hi" xml:lang="hi"> इंटर्न्स ने अपनी इंटर्नशिप पूरी की थी।दूसरे दौर में भी हालत लगभग वैसी ही रही। </span>1.18<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख मौकों पर </span>83,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा ऑफर गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन स्वीकृति सिर्फ </span>24600<span lang="hi" xml:lang="hi"> के आसपास रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी दर </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत से भी कम।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की तरफ़ से इसका कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अधिकारी मानते हैं कि इंटर्न्स को मिलने वाली बहुत कम आर्थिक मदद इसका बड़ा कारण हो सकता है। योजना के तहत इंटर्न को </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने के लिए हर महीने सिर्फ </span>5000 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये मिलते हैं। साथ में एक बार में </span>6000 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये का ग्रांट और बीमा कवर भी दिया जाता है। कई युवा इसे कम मानकर शायद बेहतर विकल्प तलाश रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166372/prime-minister-internship-scheme-also-failed-only-4-of-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166372/prime-minister-internship-scheme-also-failed-only-4-of-the</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 21:08:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/images-%283%29.jpg"                         length="70983"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        