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                <title>Swantantra prabhat  news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Swantantra prabhat  news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज-</strong> छिवकी रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर दुबराजपुर गांव के पास शुक्रवार आधी रात एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद उनकी क्षत-विक्षत लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के पास से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान बलराम पटेल (60) पुत्र अंगद पटेल निवासी त्रिवेणी नगर के रूप में हुई है। मौके पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज-</strong> छिवकी रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर दुबराजपुर गांव के पास शुक्रवार आधी रात एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद उनकी क्षत-विक्षत लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के पास से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान बलराम पटेल (60) पुत्र अंगद पटेल निवासी त्रिवेणी नगर के रूप में हुई है। मौके पर पहुंचे उनके पुत्र रामकिशन पटेल ने मृतक के पहने हुए कपड़ों से अपने पिता की पहचान की।रामकिशन पटेल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे उनके पिता खाना खाने के बाद घर से टहलने के लिए निकले थे। इसके बाद देर रात उनके ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172792/middle-aged-man-dies-after-being-hit-by-train</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 23:09:56 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पकिस्तान में सेना पर अंकुश लगाने की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;line-height:normal;background:rgb(246,246,246);text-align:justify;" align="right"><strong><span style="font-size:12pt;font-family:Mangal, serif;color:#2d2d2d;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></span></strong></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पाकिस्तान की सियासत के सात दशकों का इतिहास यदि एक वाक्य में पिरोना हो</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तो वह </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लोकतंत्र और वर्दी के बीच का कभी न खत्म होने वाला द्वंद्व</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">है। </span>14 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">अगस्त </span>1947 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">को वजूद में आने के बाद से ही इस मुल्क ने एक ऐसी विडंबना को जिया है जहाँ संविधान की किताब तो नागरिक शासन की बात करती है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन सत्ता की असली चाबी रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर्स में महफूज रहती है। पाकिस्तान में सेना पर अंकुश लगाने की कोशिशें केवल राजनीतिक सुधारों का हिस्सा नहीं रही हैं</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि ये अस्तित्व की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171684/efforts-to-curb-the-army-in-pakistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/hindi-divas47.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;line-height:normal;background:rgb(246,246,246);text-align:justify;" align="right"><strong><span style="font-size:12pt;font-family:Mangal, serif;color:#2d2d2d;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पाकिस्तान की सियासत के सात दशकों का इतिहास यदि एक वाक्य में पिरोना हो</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तो वह </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लोकतंत्र और वर्दी के बीच का कभी न खत्म होने वाला द्वंद्व</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">है। </span>14 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">अगस्त </span>1947 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">को वजूद में आने के बाद से ही इस मुल्क ने एक ऐसी विडंबना को जिया है जहाँ संविधान की किताब तो नागरिक शासन की बात करती है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन सत्ता की असली चाबी रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर्स में महफूज रहती है। पाकिस्तान में सेना पर अंकुश लगाने की कोशिशें केवल राजनीतिक सुधारों का हिस्सा नहीं रही हैं</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि ये अस्तित्व की वो लड़ाइयां रही हैं जिनमें कई प्रधानमंत्रियों ने अपनी कुर्सी गवाई</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जेल की सजा काटी और कुछ ने तो अपनी जान से भी हाथ धोया। इस संघर्ष की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साल </span>2006 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">का </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लोकतंत्र का चार्टर</span>'<span>  </span><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जिसे नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो ने लंदन की निर्वासित गलियों में तैयार किया था। यह दस्तावेज केवल एक समझौता नहीं था</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि पाकिस्तानी सेना के उस </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">हाइब्रिड मॉडल</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">के खिलाफ एक सीधा युद्धघोष था</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जिसने देश को विकास के बजाय बारूद और कर्ज के ढेर पर ला खड़ा किया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पाकिस्तान में सेना का वर्चस्व अचानक पैदा नहीं हुआ। </span>1958 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में अयूब खान</span>, 1977 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में जिया-उल-हक और </span>1999 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में परवेज मुशर्रफ द्वारा किए गए सैन्य तख्तापलट ने मुल्क की राजनीतिक जड़ों को इतना खोखला कर दिया कि वहां की अवाम और सियासतदानों के मन में यह बात बैठ गई कि </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तख्त</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">का रास्ता सेना की मंजूरी से होकर ही गुजरता है। सेना ने खुद को न केवल सरहदों का रखवाला</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">वैचारिक सीमाओं</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">का रक्षक और राष्ट्रीय सुरक्षा का एकमात्र ठेकेदार घोषित कर दिया। इसी पृष्ठभूमि में जब </span>2006 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में चार्टर ऑफ डेमोक्रेसी पर हस्ताक्षर हुए</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तो उम्मीद की एक किरण जगी थी। इस चार्टर में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सेना को राजनीति से पूरी तरह बेदखल किया जाएगा</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">खुफिया एजेंसियां (</span>ISI <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">और </span>MI) <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">केवल प्रधानमंत्री के प्रति जवाबदेह होंगी</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">और किसी भी सैन्य अधिकारी को संवैधानिक पद पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार था जब दो कट्टर प्रतिद्वंद्वी दल</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पीपीपी और पीएमएल-एन</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">अपनी आपसी रंजिश भुलाकर एक साझा दुश्मन यानी </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">सैन्य प्रतिष्ठान</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">के खिलाफ एकजुट हुए थे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान में सेना पर लगाम कसने की हर कोशिश को खुद सेना ने बहुत ही शातिर तरीके से नाकाम किया। </span>2007 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में बेनजीर भुट्टो की शहादत और उसके बाद </span>2008 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">के चुनावों के बाद बनी लोकतांत्रिक सरकार ने जब भी सेना के अधिकारों को चुनौती देने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">उसे </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">मेमोगेट स्कैंडल</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">या </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">डॉन लीक्स</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जैसे विवादों में उलझा दिया गया। सेना ने अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए एक नया तरीका ईजाद किया जिसे </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">हाइब्रिड शासन</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">कहा जाता है। इसमें सीधे तौर पर मार्शल लॉ नहीं लगाया जाता</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि एक ऐसी राजनीतिक कठपुतली को सत्ता में बिठाया जाता है जो सेना के हितों की रक्षा कर सके। इमरान खान का </span>2018 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में सत्ता में आना इसी प्रयोग का हिस्सा माना गया था</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन विडंबना देखिए कि जिस इमरान खान को सेना ने </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">प्रोजेक्ट</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">के तौर पर लॉन्च किया था</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">वही </span>2022 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">में सत्ता से बेदखल होने के बाद सेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए। आज </span>2026 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">के दौर में भी पाकिस्तान उसी दोराहे पर खड़ा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">सेना पर अंकुश लगाने की राह में सबसे बड़ी बाधा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर सेना का कब्जा है। </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">मिलिट्री इंक</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">के नाम से मशहूर यह व्यवस्था बैंकिंग</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">खाद</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">सीमेंट</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">अनाज और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में सेना का एकाधिकार सुनिश्चित करती है। जब किसी संस्था के पास देश की अर्थव्यवस्था का इतना बड़ा हिस्सा और अत्याधुनिक हथियार दोनों हों</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तो निहत्थे राजनेता उसके सामने बौने नजर आते हैं। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पाकिस्तान की न्यायपालिका ने भी अक्सर सेना के कदमों को </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जरूरत का सिद्धांत</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बताकर जायज ठहराया है। जब तक जजों की नियुक्तियों और उनके फैसलों पर सेना का परोक्ष दबाव रहेगा</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तब तक लोकतांत्रिक अंकुश की बात केवल एक किताबी कल्पना बनी रहेगी। वर्तमान में आसिम मुनीर के कार्यकाल में सेना की शक्ति और भी केंद्रित हो गई है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जहाँ विशेष सैन्य अदालतों के माध्यम से नागरिकों और राजनेताओं को नियंत्रित किया जा रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">फरवरी </span>2026 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">की हालिया राजनीतिक हलचल</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">जिसमें शहबाज शरीफ सरकार ने इमरान खान की पार्टी (</span>PTI) <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">को फिर से </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लोकतंत्र के चार्टर</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पर साइन करने का न्यौता दिया है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">इस दिशा में एक हताश लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास दिखती है। यह प्रस्ताव इस अहसास से उपजा है कि जब तक राजनीतिक दल आपस में लड़ते रहेंगे</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">सेना </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">फूट डालो और राज करो</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">की नीति से अपना उल्लू सीधा करती रहेगी। यदि इमरान खान और वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन सेना के खिलाफ एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमत हो जाते हैं</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तो यह पाकिस्तान की सेना के लिए दशकों बाद सबसे बड़ी चुनौती होगी। लेकिन यहाँ भी संदेह के बादल गहरे हैं</span>; <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">क्या इमरान खान वास्तव में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं या वे केवल सेना के साथ अपनी व्यक्तिगत </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">डील</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">की तलाश में हैं</span>? <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पाकिस्तान की राजनीति में </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">डील</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">ढीली</span>' (<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">रियायत) दो ऐसे शब्द हैं जिन्होंने वहां के लोकतंत्र को कभी परिपक्व नहीं होने दिया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">भारत और शेष विश्व के लिए पाकिस्तान में सेना पर अंकुश लगाने की कोशिशें बेहद संवेदनशील मामला हैं। एक ऐसी सेना जिसके हाथ में परमाणु हथियारों का बटन हो और जिसका राजनीतिक अस्तित्व भारत-विरोध पर टिका हो</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">वह कभी भी शांति की समर्थक नहीं हो सकती। यदि वहां की नागरिक सरकारें वास्तव में सेना को बैरकों तक सीमित करने में सफल होती हैं</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तो इससे न केवल कश्मीर मुद्दे पर बातचीत का एक ठोस धरातल तैयार होगा</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में स्थिरता आएगी। लेकिन यह रास्ता कांटों भरा है। सेना ने दशकों से यह नैरेटिव गढ़ा है कि बिना उनके पाकिस्तान का वजूद खत्म हो जाएगा। इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए पाकिस्तान के राजनेताओं को न केवल एकजुट होना होगा</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बल्कि उन्हें सुशासन के माध्यम से जनता का विश्वास भी जीतना होगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">अंततः</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">पाकिस्तान में सेना पर अंकुश लगाने की कोशिशें तब तक सफल नहीं हो सकतीं जब तक कि वहां का मध्यम वर्ग और युवा पीढ़ी इस बदलाव के लिए सड़कों पर खड़ी न हो। </span>9 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">मई </span>2023 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">की घटनाओं ने दिखाया था कि जनता के एक हिस्से में सेना के खिलाफ गुस्सा तो है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन बिना संगठित नेतृत्व और संस्थागत सुधारों के</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">यह गुस्सा केवल अराजकता पैदा करता है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">बदलाव नहीं। </span>2006 <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">का चार्टर आज भी एक मार्गदर्शक दस्तावेज की तरह मौजूद है</span>, <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन इसकी सार्थकता तभी है जब इसे सत्ता हथियाने का हथियार बनाने के बजाय देश के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प बनाया जाए। पाकिस्तान को आज एक ऐसे </span>'<span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">सत्य और सुलह आयोग</span>' <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">की जरूरत है जो सेना के राजनीतिक दखल के घावों को भरे और एक ऐसा नया सामाजिक अनुबंध</span> <span lang="hi" style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';" xml:lang="hi">तैयार करे जहाँ बंदूक की ताकत वोट की ताकत के सामने नतमस्तक हो।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 18:07:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवक की हत्या में महिला सहित तीन लोग गिरफ़्तार, बकरी घर में घुसने के विवाद में हुई थी वारदात, लाठी बरामद </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<div><strong>सीतापुर- </strong>जनपद सीतापुर जिले के रामकोट थाना क्षेत्र में बकरी के विवाद से शुरू हुई कहासुनी अब हत्या में बदल गई। पुलिस ने फरार चल रहे तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। मृतक के परिजनों ने आरोपी पकड़ने के लिए सड़क जाम कर हंगामा किया था।</div>
<div>  </div>
<div>आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लाठी भी बरामद की गई और तीनों को जेल भेज दिया गया जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को ग्राम रहीमपुर मढ़िया में बकरी के दूसरे पक्ष के घर चले जाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई।</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171618/district-administration-should-take-concrete-steps-to-prevent-road-accidents"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260226-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<div><strong>सीतापुर- </strong>जनपद सीतापुर जिले के रामकोट थाना क्षेत्र में बकरी के विवाद से शुरू हुई कहासुनी अब हत्या में बदल गई। पुलिस ने फरार चल रहे तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। मृतक के परिजनों ने आरोपी पकड़ने के लिए सड़क जाम कर हंगामा किया था।</div>
<div> </div>
<div>आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लाठी भी बरामद की गई और तीनों को जेल भेज दिया गया जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को ग्राम रहीमपुर मढ़िया में बकरी के दूसरे पक्ष के घर चले जाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। यह झगड़ा मारपीट में बदल गया। इस दौरान प्रथम पक्ष के जगन्नाथ के पुत्र शत्रोहन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल सीतापुर में भर्ती कराया गया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें इलाज के लिए केजीएमयू रेफर कर दिया इलाज के दौरान 22 फरवरी 2026 को शत्रोहन की मृत्यु हो गई।</div>
<div> </div>
<div>प्रभारी निरीक्षक पीयूष सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त सौमेन्द्र पुत्र परमेश्वर, सतीश पुत्र परमेश्वर और अभियुक्ता संतोषी पत्नी सतीश, सभी निवासी ग्राम रहीमपुर मढ़िया हैं पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक अदद लाठी बरामद की गई है। लाठी मिलने के बाद मुकदमे में धारा 105 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों को चालान कर जेल भेज दिया गया है!!</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 23:55:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रहीमाबाद थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक संपन्न: होली और ईद पर आपसी भाईचारे और शांति की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ-</strong> आगामी प्रमुख त्योहारों होली और ईद-उल-फितर के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को लखनऊ के रहीमाबाद थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण 'पीस कमेटी' (शांति समिति) की बैठक आयोजित की गई। रहीमाबाद थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) अरुण कुमार त्रिगुणायक की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं, ग्राम प्रधानों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगुणायक ने कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170875/peace-committee-meeting-concluded-in-rahimabad-police-station-premises-appeal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260222-wa0072-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ-</strong> आगामी प्रमुख त्योहारों होली और ईद-उल-फितर के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को लखनऊ के रहीमाबाद थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण 'पीस कमेटी' (शांति समिति) की बैठक आयोजित की गई। रहीमाबाद थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) अरुण कुमार त्रिगुणायक की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं, ग्राम प्रधानों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगुणायक ने कहा कि भारत की संस्कृति साझा विरासत की है, जहाँ होली और ईद जैसे त्योहार आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे के संदेश देते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन पर्वों को अपनी परंपराओं के अनुसार हर्षोल्लास के साथ मनाएं, लेकिन इस दौरान दूसरों की भावनाओं का भी पूरा सम्मान करें। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है; किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर, अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी ने भी क्षेत्र की शांति व्यवस्था को भंग करने या कानून हाथ में लेने की कोशिश की, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा करते हुए पुलिस प्रशासन ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर लिया गया है, जहाँ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, क्षेत्र में नियमित गश्त (पैट्रोलिंग) बढ़ाई जाएगी ताकि आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। बैठक में मौजूद हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने पुलिस का समर्थन करते हुए आश्वासन दिया कि मलिहाबाद और रहीमाबाद का क्षेत्र हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है और इस बार भी सभी नागरिक मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाएंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 19:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छः  माह से बन्द चला आ रहा रास्ते का कब्जा तहसीलदार ने पुलिस बल के सहयोग से हटवा दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> नवाबगंज तहसील के गांव बिजासन में पत्रकार विश्व देव राठौर के खेत पर जाने वाले रास्ते पर गांव के जयचंद महेश आदि ने जबरन रास्ता बंद कर दिया था यह मामला 24 सितंबर 2025 से लेकर अब तक  इस कब्जा को 25 अक्टूबर 2025 को नायब तहसीलदार दिवाकर सिंह ने बलपूर्वक बनी दीवार को हटवा दिया था इसके बाद दबंगों ने पुन कब्जा कर लिया जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर 17 नवंबर को नायब तहसीलदार शोभित सिंह चौधरी ने उसको पुनः हटवाया था परंतु दबंगों ने पुनः कब्जा जमा रखा था ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके कारण पत्रकार राठौर का खेत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170639/the-encroachment-on-the-road-which-was-closed-for-six"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1.-----------------------------pic.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> नवाबगंज तहसील के गांव बिजासन में पत्रकार विश्व देव राठौर के खेत पर जाने वाले रास्ते पर गांव के जयचंद महेश आदि ने जबरन रास्ता बंद कर दिया था यह मामला 24 सितंबर 2025 से लेकर अब तक  इस कब्जा को 25 अक्टूबर 2025 को नायब तहसीलदार दिवाकर सिंह ने बलपूर्वक बनी दीवार को हटवा दिया था इसके बाद दबंगों ने पुन कब्जा कर लिया जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर 17 नवंबर को नायब तहसीलदार शोभित सिंह चौधरी ने उसको पुनः हटवाया था परंतु दबंगों ने पुनः कब्जा जमा रखा था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके कारण पत्रकार राठौर का खेत में कोई भी फसल नहीं बोई जा सकी इस कब्जे को लेकर आज तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने गांव पहुंच कर तीन राजस्व निरीक्षक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने बलपूर्वक परमेश्वरी दयाल कि रास्ते में बनी दीवार को हटवा दिया साथ ही जयचंद महेश चंद आदि के द्वारा बंद किए गए रास्ते को भी उन्होंने खुलवा दिया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और चेतावनी दी यदि इस रास्ते को पुनः बंद करने की कोशिश की तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी यह कार्य करने के लिए उन्हें गांव बिजासन में 1 घंटे से अधिक समय तक खड़े होकर रास्ता खाली करवाना पड़ा उनके साथ उप निरीक्षक देशराज सिंह तोमर महिला उप निरीक्षक मीनाक्षी एवं अन्य पुलिस फोर्स मौजूद था उन्होंने उन्होंने छह माह से बंद पड़ी रास्ता को आज खुलवाया गया है जिसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे उसे पर आज विराम लग गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 18:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के संयुक्त तत्वावधान में एसबीआई कोर्ट एरिया बैंक के हाल में मेगा क्रेडिट कैम्प (ऋण वितरण शिविर) का आयोजन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिला प्रशासन एवं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के संयुक्त तत्वावधान में एसबीआई कोर्ट एरिया बैंक के हाल में मेगा क्रेडिट कैम्प (ऋण वितरण शिविर) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रजज्वलन कर किया गया। ऋण वितरण शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से युवा उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध कराना है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि हर्रैया सरोज मिश्र, कप्तानगंज के गुलाब चन्द्र सोनकर, सदर के मो. सलीम, रूधौली के कुलदीप मौर्या ने पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत पत्र तथा डेमो चेक प्रदान किया। लीड</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170511/mega-credit-camp-loan-distribution-camp-was-organized-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260220-wa0259.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिला प्रशासन एवं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के संयुक्त तत्वावधान में एसबीआई कोर्ट एरिया बैंक के हाल में मेगा क्रेडिट कैम्प (ऋण वितरण शिविर) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रजज्वलन कर किया गया। ऋण वितरण शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से युवा उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध कराना है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि हर्रैया सरोज मिश्र, कप्तानगंज के गुलाब चन्द्र सोनकर, सदर के मो. सलीम, रूधौली के कुलदीप मौर्या ने पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत पत्र तथा डेमो चेक प्रदान किया। लीड बैंक प्रबंधक आर.एन. मौर्या ने बताया कि शासन की मंशानुरूप जनपद में मेगा क्रेडिट कैम्प का आयोजन किया गया है। बैंको के प्रभारी अधिकारी अपनी-अपनी शाखा के पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत पत्र एवं डेमो चेक जारी किए है, जिसका वितरण मा. जनप्रतिनिधिगणों की उपस्थिति में उनके कर कमलों से वितरित कराया जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विधायक हर्रैया के प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार युवा उद्यमियों तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति के लिए संवेदनशील है। उनको स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु निरन्तर अभियान चलाया जा रहा है। मेरी शुभकामना है कि ऋण स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वाले प्रत्येक उद्यमी अपना स्वरोजगार स्थापित कर अपनी प्रगति करें तथा अपना भविष्य उज्जवल बनायें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कप्तानगंज प्रतिनिधि गुलाब चन्द्र सोनकर ने कहा कि लाभार्थीगण स्वरोजगार से अपना व अपने परिवार के साथ ही विकास कर देश की अर्थ व्यवस्था में अपना बेहतर योगदान दे सकते है। सरकार योजनाओं को संचालित कर लोगों का रोजगार की स्थापना में सहयोग कर रही है। सदर प्रतिनिधि ने भी अपना विचार व्यक्त किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपायुक्त उद्योग हरेन्द्र प्रताप ने बताया कि मेगा ऋण कैम्प में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजनान्तर्गत बैंको द्वारा 150 ऋण आवेदनो पर स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही की गयी। यूपीनेडा विभाग द्वारा संचालित पी0एम0 सूर्यघर योजनान्तर्गत 15 आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही की गयी है एवं 537 आवेदन पत्र ऋण स्वीकति एवं वितरण हेतु बैंक स्तर पर विचाराधीन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का संचालन भूमि संरक्षण अधिकारी डा. राजमंगल चौधरी ने किया। इस अवसर पर आनन्द चौधरी, निधि, पूॅजा यादव, सुरेन्द्र चौहान, शोभा यादव, मु. तौफिक, दयाराम, दिलीप यादव, रामअनुज, संजय कुमार सहित अन्य पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र/डेमो चेक वितरित किया गया। कार्यक्रम में आरसेटी के निदेशक मृत्युंज मिश्र सहित विभिन्न बैंको के प्रभारी अधिकारी व लाभार्थीगण उपस्थित रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:25:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व विधायक रामजियावन ने थामा सपा का दामन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के पूर्व विधायक रामजियावन ने कांग्रेस छोड़ दिया। वे 42 वर्षों से कांग्रेस पार्टी मे सक्रिय रहे। 1985 मे महादेवा सुरक्षित सीट विधायक चुने गयें। इसके बाद कभी पीछे मुडकर नही देखा। कांग्रेस पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में रामजियावन का नाम पहली पंक्ति मे आता है। उनका कहना है कि उन्हे दोबारा टिकट नही दिया गया वरना महादेवा सीट से कई बार चुनाव जीतकर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला होता। आरोप है कि कई लोग पार्टी नेतृत्व से मिलकर उनका टिकट कटवाते रहे। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रामजियावन ने महाशिवरात्रि के दिन नसीमुद्दीन सिद्धीकी के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170355/former-mla-ramjiavan-joins-sp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260219-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के पूर्व विधायक रामजियावन ने कांग्रेस छोड़ दिया। वे 42 वर्षों से कांग्रेस पार्टी मे सक्रिय रहे। 1985 मे महादेवा सुरक्षित सीट विधायक चुने गयें। इसके बाद कभी पीछे मुडकर नही देखा। कांग्रेस पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में रामजियावन का नाम पहली पंक्ति मे आता है। उनका कहना है कि उन्हे दोबारा टिकट नही दिया गया वरना महादेवा सीट से कई बार चुनाव जीतकर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला होता। आरोप है कि कई लोग पार्टी नेतृत्व से मिलकर उनका टिकट कटवाते रहे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रामजियावन ने महाशिवरात्रि के दिन नसीमुद्दीन सिद्धीकी के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। पूर्व विधायक का कहना है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने संगठन की हवा निकाल दी है। कान के कच्चे नेताओं ने बार बार निष्ठावान कार्यकर्ताओं को हाशिये पर किया। जब तक पार्टी मे जमीन से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ताओं की कद्र नही होगी पार्टी किसी कीमत पर पुरानी स्थिति में लौटेगी। रामजियावन ने बताया कि नसीमुद्ीन की अगुवाई मे हजारों लोगों ने सपा ज्वाइन किया है। आपको बता दें कई और नेताओं के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 18:29:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AI समिट: मोदी सरकार की पिटवाई भद्द! भारत में बना बताकर दिखाया चीनी रोबोट, विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>ग्रेटर नोएडा में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान एक रोबोटिक डॉग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से प्रदर्शित किए गए इस रोबोट को भारत में विकसित एआई तकनीक के रूप में पेश किया गया था। दावा किया गया कि यह यूनिवर्सिटी की ‘इन-हाउस’ डेवलप्ड टेक्नोलॉजी है।हालांकि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस दावे पर सवाल उठने लगे और मामला तूल पकड़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समिट के दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें यूनिवर्सिटी की एक प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत करते हुए रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170302/ai-summit-beats-up-modi-government-shows-chinese-robot-as"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/टिया-यूनिवर्सिटी-पर-एक्शन.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>ग्रेटर नोएडा में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान एक रोबोटिक डॉग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से प्रदर्शित किए गए इस रोबोट को भारत में विकसित एआई तकनीक के रूप में पेश किया गया था। दावा किया गया कि यह यूनिवर्सिटी की ‘इन-हाउस’ डेवलप्ड टेक्नोलॉजी है।हालांकि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस दावे पर सवाल उठने लगे और मामला तूल पकड़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समिट के दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें यूनिवर्सिटी की एक प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत करते हुए रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा रही थीं। वीडियो में रोबोट को “ओरियन” नाम दिया गया और कहा गया कि इसे यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने तैयार किया है।वीडियो वायरल होते ही कई टेक विशेषज्ञों और यूजर्स ने दावा किया कि यह रोबोट भारत में विकसित नहीं है, बल्कि चीन की कंपनी का मॉडल है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘China Pulse’ नाम के अकाउंट ने रोबोट की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि यह वही मॉडल है जिसे पहले चीन की एक रोबोटिक्स कंपनी प्रदर्शित कर चुकी है।बाद में सामने आया कि यह मॉडल चीनी कंपनी Unitree Robotics का ‘Go2’ रोबोटिक डॉग है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे विदेश से खरीदा गया था, न कि भारत में विकसित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दावा किया गया है कि यह ‘Go2’ मॉडल बाजार में लगभग 2 से 3 लाख रुपये की कीमत में उपलब्ध है।यह एआई-पावर्ड रोबोटिक डॉग 4D LiDAR तकनीक से लैस है। इस तकनीक की मदद से यह सीढ़ियां चढ़ सकता है और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी संतुलन बनाकर चल सकता है। यही फीचर समिट में भी प्रदर्शित किए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से सफाई दी गई कि उन्होंने इसे विकसित करने का दावा नहीं किया था। उनका कहना है कि यह रोबोट छात्रों के सीखने और रिसर्च के लिए एक टूल के रूप में लाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि वायरल वीडियो में इसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा तैयार बताया गया था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।मामले के सामने आने के बाद सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि यूनिवर्सिटी को एआई समिट एक्सपो स्थल तत्काल खाली करने के लिए कहा गया है। हालांकि इस पर आधिकारिक विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद की जड़ ‘देसी AI’ के दावे और विदेशी मॉडल के बीच अंतर को लेकर है। एक तरफ समिट में इसे भारत में विकसित तकनीक बताया गया। वहीं, दूसरी ओर सोशल मीडिया और टेक विशेषज्ञों ने इसे चीनी कंपनी का उत्पाद बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 22:59:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी राहुल को जेल भेजना चाहती थी, कर्नाटक HC ने मानहानि केस को ही वैध नहीं माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>कर्नाटक बीजेपी ने जिस मानहानि के केस में राहुल गांधी को जेल भेजने की फिराक में थी, वो दरअसल क़ानूनी रूप से वैध ही नहीं था। कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को बीजेपी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के केस को खारिज कर दिया। इस तरह कोर्ट ने मानहानि केस में राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। यह केस 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की तरफ़ से छपे विज्ञापनों को लेकर था। इन विज्ञापनों में तब की बीजेपी सरकार को '40% सरकार' कहा गया था और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस एस. सुनील</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170293/bjp-wanted-to-send-rahul-to-jail-karnataka-hc-did"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/बीजेपी-राहुल-को-जेल-भेजना-चाहती-थी,-कर्नाटक-hc-ने-मानहानि-केस-को-ही-वैध-नहीं-माना.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>कर्नाटक बीजेपी ने जिस मानहानि के केस में राहुल गांधी को जेल भेजने की फिराक में थी, वो दरअसल क़ानूनी रूप से वैध ही नहीं था। कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को बीजेपी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के केस को खारिज कर दिया। इस तरह कोर्ट ने मानहानि केस में राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। यह केस 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की तरफ़ से छपे विज्ञापनों को लेकर था। इन विज्ञापनों में तब की बीजेपी सरकार को '40% सरकार' कहा गया था और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस एस. सुनील दत्त यादव ने यह फ़ैसला राहुल गांधी द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। इस याचिका में उन्होंने मानहानि केस की क़ानूनी वैधता पर सवाल उठाया था। बीजेपी की स्टेट यूनिट ने जून 2023 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में कंप्लेंट दर्ज कराई थी। कोर्ट ने फ़ैसले में कहा कि राहुल गांधी के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखना लीगल एब्यूज माना जाएगा। कोर्ट ने केस को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि यह राजनीतिक आलोचना थी, जो लोकतंत्र में सामान्य है। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना अपराध नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">2023 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। कांग्रेस ने 5 मई 2023 को राज्य के सभी बड़े अख़बारों में पूरे पेज का विज्ञापन छपवाया। इस विज्ञापन का टाइटल था 'करप्शन रेट कार्ड'। इसमें दावा किया गया कि 2019-2023 की बीजेपी की सरकार ने ठेकेदारों से 40% कमीशन लिया और राज्य की जनता से 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा लूटे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विज्ञापन को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार और तब विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने जारी किया था। राहुल गांधी ने इसे अपने एक्स अकाउंट पर भी शेयर किया था। बीजेपी को यह बात बुरी लगी। उन्होंने जून 2023 में बेंगलुरु की मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 22:41:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल श्रम समाप्ति के लिए  बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें - डी.एम.</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>कानपुर नगर के सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद कानपुर नगर को 2026 तक बाल श्रम मुक्त कराने हेतु जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वालेंटरी एक्शन द्वारा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बाल श्रम की समाप्ति के लिए आवश्यक है कि सभी बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर ठहराव सुनिश्चित किया जाये साथ ही अन्य विभागों के जो अधिसूचित निरीक्षक हैं उनके स्तर से भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170192/to-end-child-labour-ensure-children-are-admitted-to-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001662287.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>कानपुर नगर के सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद कानपुर नगर को 2026 तक बाल श्रम मुक्त कराने हेतु जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वालेंटरी एक्शन द्वारा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बाल श्रम की समाप्ति के लिए आवश्यक है कि सभी बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर ठहराव सुनिश्चित किया जाये साथ ही अन्य विभागों के जो अधिसूचित निरीक्षक हैं उनके स्तर से भी बाल श्रम निरीक्षण व पुनर्वासन की कार्यवाही की जाये साथ ही सभी खण्ड विकास अधिकारियों, तहसीलदारों सहित अधिकारियों द्वारा भी बाल श्रमिक के नियोजन के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाये। जिलाधिकारी द्वारा बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठकें कराये जाने के भी निर्देश दिये गये।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला के आरम्भ में सहायक श्रमायुक्त राम लखन पटेल द्वारा सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। इस अवसर पर बाल श्रम जनजागरण रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रम विभाग के राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली द्वारा कार्यशाला का विस्तृत विवरण साझा किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त तथा चयनित आकांक्षी जनपदों को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अली द्वारा विशेष रूप से कानपुर नगर को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय, संयुक्त कार्यवाही एवं एक मंच पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही समस्त ईंट-भट्टों, में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण कराए जाने का अनुरोध भी किया गया। आगामी एक वर्ष में जनपद कानपुर नगर को बाल श्रम उन्मूलन हेतु क्या रणनीति अपनायी जानी है इसकी एक रणनीति भी कार्यशाला में तैयार की गयी। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 18:15:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के सीपाछड़ा में पारिवारिक जमीन विवाद में झूठे बदनाम करने के आरोपों को गाँववासियों और 4 नंबर वार्ड सदस्य ने किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> श्रीभूमि- </strong>श्रीभूमि जिले के सीपाछड़ा में पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर लगाए गए आरोपों को गाँववासियों और 4 नंबर वार्ड सदस्य ने सिरे से खारिज कर दिया है। श्रीभूमि जिला के अंतर्गत दुल्लभछड़ा खंड विकास क्षेत्र की दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत के सीपाछड़ा गाँव के 4 नंबर वार्ड के ग्रामीणों और वार्ड सदस्य ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसी गाँव के निवासी रंजू तेली ने मीडिया के समक्ष शिकायत की थी कि पारिवारिक जमीन विवाद में दीप नारायण ग्वाला, मिलन तेली और टिंकू माला की संलिप्तता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170151/villagers-and-ward-number-4-member-rejected-the-allegations-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001318653.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> श्रीभूमि- </strong>श्रीभूमि जिले के सीपाछड़ा में पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर लगाए गए आरोपों को गाँववासियों और 4 नंबर वार्ड सदस्य ने सिरे से खारिज कर दिया है। श्रीभूमि जिला के अंतर्गत दुल्लभछड़ा खंड विकास क्षेत्र की दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत के सीपाछड़ा गाँव के 4 नंबर वार्ड के ग्रामीणों और वार्ड सदस्य ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसी गाँव के निवासी रंजू तेली ने मीडिया के समक्ष शिकायत की थी कि पारिवारिक जमीन विवाद में दीप नारायण ग्वाला, मिलन तेली और टिंकू माला की संलिप्तता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि ग्रामीणों और संबंधित वार्ड सदस्य का कहना है कि यह मामला पूर्णतः पारिवारिक है और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद तथा उद्देश्यपूर्ण हैं। उनका यह भी दावा है कि अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। गाँववासियों के अनुसार, राम शंकर तेली ने विवादित जमीन पर किसी प्रकार का कब्ज़ा नहीं किया है। जलजमाव की समस्या के कारण वे कई वर्ष पूर्व ऊपरी टीले पर रहने लगे थे, जिसे उनकी पैतृक संपत्ति बताया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में रंजू तेली उक्त जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में 17 फरवरी (मंगलवार) को 4 नंबर वार्ड के कम्युनिटी हॉल में आयोजित बैठक के निर्णय की प्रति थाना में जमा कराई जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित वरिष्ठ ग्रामीणों ने बताया कि पूर्वजों के बीच भूमि बंटवारे के अनुसार राम शंकर तेली के पिता और रंजू तेली के पिता को अलग-अलग हिस्से प्राप्त हुए थे। जिस जमीन को लेकर वर्तमान में विवाद उत्पन्न हुआ है, वह राम शंकर तेली का पैतृक हिस्सा ही है। उनका यह भी कहना है कि इस भूमि पर उनका परिवार कई वर्षों से अधिकारपूर्वक काबिज है। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य टिंकू माला ने मीडिया को बताया कि जमीन विवाद के मामले में उन्हें, दीप नारायण गोयाला और मिलन तेली को जानबूझकर झूठे मामले में फँसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला पूर्णतः पारिवारिक है और इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सदैव गाँव के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। झूठे आरोपों के विरोध में उन्होंने मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कीमती सुपारी के पेड़ को काटना पूर्णतः अनुचित कार्य है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।बैठक में यह भी बताया गया कि रंजू तेली का विवाह ईचाबिले में हुआ था और पति की मृत्यु के बाद वे मायके में आकर रहने लगीं। ग्रामीणों के एक वर्ग का आरोप है कि इसके बाद ही जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ।राम शंकर तेली ने कहा कि उन्होंने कोई पेड़ नहीं काटा और उनके खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह निराधार है। उनका आरोप है कि उन्हें कई झूठे मामलों में फँसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कानूनी समाधान की मांग की है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मामले के न्यायसंगत समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 23:56:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पशुपालन विभाग ने खुरपका-मुंहपका टीकाकरण शिविर किया आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया।</strong> राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विकास खंड बैतालपुर के ग्राम हड़ही नदोलवा व बड़हरा में सोमवार को पशुपालन विभाग ने खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण शिविर आयोजित किया। पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकांत तिवारी के नेतृत्व में टीम ने 200 पशुओं को नि:शुल्क टीका लगाया। विभाग के अनुसार यह टीका वर्ष में दो बार लगाया जाता है और एक डोज के बाद पशु को छह माह तक बीमारी से सुरक्षा मिलती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एफएमडी विषाणु जनित रोग है, जिसका प्रभावी बचाव टीकाकरण से ही संभव है।रोस्टर के मुताबिक अब तक करीब 7 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। शेष</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169991/animal-husbandry-department-organized-foot-and-mouth-vaccination-camp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260216-wa0060.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया।</strong> राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विकास खंड बैतालपुर के ग्राम हड़ही नदोलवा व बड़हरा में सोमवार को पशुपालन विभाग ने खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण शिविर आयोजित किया। पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकांत तिवारी के नेतृत्व में टीम ने 200 पशुओं को नि:शुल्क टीका लगाया। विभाग के अनुसार यह टीका वर्ष में दो बार लगाया जाता है और एक डोज के बाद पशु को छह माह तक बीमारी से सुरक्षा मिलती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एफएमडी विषाणु जनित रोग है, जिसका प्रभावी बचाव टीकाकरण से ही संभव है।रोस्टर के मुताबिक अब तक करीब 7 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। शेष गांवों में 10 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। टीकाकरण कार्य में सुभाष चंद्र, महेंद्र यादव, राजकुमार यादव, पंकज मणि, अभिषेक मणि, दुष्यंत तिवारी, रजनीश यादव, धर्मेंद्र यादव व सुनील कुमार सहयोग कर रहे हैं।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169991/animal-husbandry-department-organized-foot-and-mouth-vaccination-camp</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 19:38:16 +0530</pubDate>
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