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                <title>adalat - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>फरार आरोपी को सह-आरोपी के बरी होने के आधार पर अग्रिम जमानत नहीं: सुप्रीम कोर्ट</title>
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                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>Supreme Court of India</strong> ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि कोई फरार आरोपी केवल इस आधार पर अग्रिम जमानत का हकदार नहीं हो सकता कि उसके सह-आरोपी ट्रायल में बरी हो चुके हैं। अदालत ने कहा कि जो व्यक्ति जानबूझकर कानून से बचता है और ट्रायल से दूर रहता है, उसे इस तरह की राहत देना न्याय व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फैसला <strong>Justice J. B. Pardiwala</strong> और <strong>Justice Vijay Bishnoi</strong> की पीठ ने मध्य प्रदेश से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया। मामला उस आदेश से जुड़ा था, जिसमें हाईकोर्ट</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169901/no-anticipatory-bail-to-absconding-accused-on-the-basis-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/supream-court1.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>Supreme Court of India</strong> ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि कोई फरार आरोपी केवल इस आधार पर अग्रिम जमानत का हकदार नहीं हो सकता कि उसके सह-आरोपी ट्रायल में बरी हो चुके हैं। अदालत ने कहा कि जो व्यक्ति जानबूझकर कानून से बचता है और ट्रायल से दूर रहता है, उसे इस तरह की राहत देना न्याय व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फैसला <strong>Justice J. B. Pardiwala</strong> और <strong>Justice Vijay Bishnoi</strong> की पीठ ने मध्य प्रदेश से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया। मामला उस आदेश से जुड़ा था, जिसमें हाईकोर्ट ने एक फरार आरोपी को केवल सह-आरोपियों के बरी होने के आधार पर अग्रिम जमानत दे दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उसका कहना था कि आरोपी लंबे समय से फरार है और उसने न्यायिक प्रक्रिया से बचने की कोशिश की है। ऐसे व्यक्ति को सह-आरोपियों के बरी होने के आधार पर बराबरी (पैरिटी) का लाभ नहीं दिया जा सकता। शिकायतकर्ता ने यह भी दलील दी कि सह-आरोपियों की रिहाई उनके खिलाफ पेश किए गए विशेष साक्ष्यों के अभाव में हुई थी, जिसका फरार आरोपी से कोई सीधा संबंध नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी शिकायतकर्ता के पक्ष का समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाया कि राज्य ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील क्यों नहीं की। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फरार आरोपी को अग्रिम जमानत देना एक गलत मिसाल बनाता है। इससे यह संदेश जाता है कि जो आरोपी ट्रायल में शामिल होकर कानून का सम्मान करते हैं, वे गलती कर रहे हैं, जबकि फरार रहने वालों को फायदा मिल रहा है। यह स्थिति लोगों को कानून से बचने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने केवल इस आधार पर जमानत दी कि अभियोजन पक्ष ठोस सबूत पेश नहीं कर सका और सह-आरोपी बरी हो चुके थे। जबकि यह तथ्य नजरअंदाज कर दिया गया कि आरोपी लगभग छह साल से फरार था और उसने न्यायिक प्रक्रिया का मजाक उड़ाया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आमतौर पर कोई भगोड़ा आरोपी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं होता। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में, जब रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो जाए कि आरोपी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता, तब अदालत अपने विवेकाधिकार का प्रयोग कर सकती है। लेकिन मौजूदा मामला ऐसी श्रेणी में नहीं आता।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने यह भी माना कि आरोपी न केवल जांच से बचता रहा, बल्कि उसने एक घायल गवाह को धमकी भी दी थी। इससे उसकी मंशा और आचरण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह 13 फरवरी 2026 से चार सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फैसला <strong>Balmukund Singh Gautam बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य</strong> मामले में सुनाया गया है, जिसे न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण नजीर के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 21:48:09 +0530</pubDate>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनकर  अल्पसंख्यक कांग्रेस ने खुशी मनाई।</title>
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                        <![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong><br />
<div>  </div>
<div>  आज से एक साल पहले उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनाब शाहनवाज आलम के निर्देश पर पूरे प्रदेश में बिल्किस बानो को न्याय दिलाने के लिए एक मुहिम चलाई जिसमे प्रेस कांफ्रेंस, हस्ताक्षर अभियान, मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन और धरना प्रदर्शन किया था। इस मौके पर अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी इलाहाबाद के शहर अध्यक्ष अरशद अली ने एक बैठक बुलाई जिसमे पूर्व प्रदेश महासचिव फुजैल हाशमी ने कहा आज  न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है</div>
<div>  </div>
<div>        उससे बिल्किस बानो के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। और न्यालय के प्रति लोगो की आस्था</div>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138048/minority-congress-celebrated-after-hearing-the-supreme-courts-decision"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240108-wa0284.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong><br />
<div> </div>
<div> आज से एक साल पहले उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनाब शाहनवाज आलम के निर्देश पर पूरे प्रदेश में बिल्किस बानो को न्याय दिलाने के लिए एक मुहिम चलाई जिसमे प्रेस कांफ्रेंस, हस्ताक्षर अभियान, मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन और धरना प्रदर्शन किया था। इस मौके पर अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी इलाहाबाद के शहर अध्यक्ष अरशद अली ने एक बैठक बुलाई जिसमे पूर्व प्रदेश महासचिव फुजैल हाशमी ने कहा आज  न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है</div>
<div> </div>
<div>    उससे बिल्किस बानो के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। और न्यालय के प्रति लोगो की आस्था और मजबूत हुई है इस मौके पर शहर अध्यक्ष अरशद अली न्यालय के फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की है। इस मौके पर पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मो हसीन, महफूज़ अहमद, खुसमुदा फारूकी नाज़ खान शाहीन परवीन फरीदा बेगम अमरीन बेगम, तबरेज अहमद, शकील अहमद,जाहिद नेता, मुख्तार अहमद, गुलाम वारिस, तालिब अहमद, मो ताहा, मो तालिब, अहमद लाईक आदि मौजूद रहे।</div>
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                <pubDate>Mon, 08 Jan 2024 19:28:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दो अभियुक्त को 7 वर्ष का कठोर कारावास व 20 हज़ार अर्थदण्ड से किया दण्डित</title>
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                        <![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>बाराबंकी। </strong></p>
<p>                पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह द्वारा जघन्य अपराधों में समुचित पैरवी करते हुये शीघ्र सजा दिलाये जाने के आदेश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी के पर्यवेक्षण में मॉनीटरिंग सेल में नियुक्त अधि0/ कर्म0गण /पैरोकार द्वारा जघन्य अपराधों के अभियोगों की समुचित पैरवी मा0 न्यायालय में करते हुए साक्ष्य हेतु महत्वपूर्ण गवाहों को माननीय न्याया0 में समय से प्रस्तुत कराकर गवाही करवायी गयी, </p>
<p>जिससे माननीय न्यायालय द्वारा थाना बड्डूपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 130/17 धारा 363/366 भादवि बनाम मुन्नी लाल पुत्र टहलू नि0 हरिहरपुर थानगांव जनपद सीतापुर उपरोक्त धाराओं में मा0 न्या0 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय सं0-02</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129467/two-accused-were-punished-with-rigorous-imprisonment-of-7-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/1128.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>बाराबंकी। </strong></p>
<p>        पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह द्वारा जघन्य अपराधों में समुचित पैरवी करते हुये शीघ्र सजा दिलाये जाने के आदेश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी के पर्यवेक्षण में मॉनीटरिंग सेल में नियुक्त अधि0/ कर्म0गण /पैरोकार द्वारा जघन्य अपराधों के अभियोगों की समुचित पैरवी मा0 न्यायालय में करते हुए साक्ष्य हेतु महत्वपूर्ण गवाहों को माननीय न्याया0 में समय से प्रस्तुत कराकर गवाही करवायी गयी, </p>
<p>जिससे माननीय न्यायालय द्वारा थाना बड्डूपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 130/17 धारा 363/366 भादवि बनाम मुन्नी लाल पुत्र टहलू नि0 हरिहरपुर थानगांव जनपद सीतापुर उपरोक्त धाराओं में मा0 न्या0 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय सं0-02 बाराबंकी ने अभियुक्त को 7 वर्ष का कठोर कारावास व 20,000 रू0 अर्थदण्ड से दण्डित किया। </p>
<p>कार्यवाही से जनता में न्याय के प्रति विश्वास बढा तथा पुलिस पैरवी के इस प्रयास की जनता द्वारा भूरि भूरि प्रशंसा की गयी।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 15:34:49 +0530</pubDate>
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