<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/4291/madhya-pradesh" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>madhya pradesh - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/4291/rss</link>
                <description>madhya pradesh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मैम, मुझे आपके बाल बहुत पसंद हैं.. और सब कुछ बदल गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ फैसले दिमाग में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्यता की भीगी तहों में जन्म लेते हैं। वे तर्क से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनदेखे दर्द की प्रतिध्वनि से आकार लेते हैं और फिर एक जीवन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असंख्य संवेदनाओं का अर्थ बदल देते हैं। ऐसा ही एक क्षण मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त (कमिश्नर) सविता प्रधान के जीवन में आया। सोशल मीडिया पर अंतिम चरण से जूझ रही एक बच्ची की सहज पंक्ति—“मैम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझे आपके बाल बहुत पसंद हैं”—इन सात शब्दों ने वर्षों से बंद स्मृतियों के द्वार खोल दिए।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184617/maam-i-love-your-hair-and-everything-changed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1.-prof.-rkjain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ फैसले दिमाग में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्यता की भीगी तहों में जन्म लेते हैं। वे तर्क से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनदेखे दर्द की प्रतिध्वनि से आकार लेते हैं और फिर एक जीवन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असंख्य संवेदनाओं का अर्थ बदल देते हैं। ऐसा ही एक क्षण मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त (कमिश्नर) सविता प्रधान के जीवन में आया। सोशल मीडिया पर अंतिम चरण से जूझ रही एक बच्ची की सहज पंक्ति—“मैम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझे आपके बाल बहुत पसंद हैं”—इन सात शब्दों ने वर्षों से बंद स्मृतियों के द्वार खोल दिए। उनकी माँ तीन बार कैंसर से लड़ी थीं। कीमोथेरेपी के बाद सिर का सूनापन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आईने में अपरिचित चेहरा और भीतर चुपचाप दरकता आत्मसम्मान—यह सब उनके लिए सुनी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जी हुई सच्चाइयाँ थीं। इसलिए वह वाक्य प्रशंसा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ा की मौन पुकार था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने पहले उनके अंतर्मन को भिगो दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान वह नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे वह अपने पास रखता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे वह बिना हिचक किसी और के लिए छोड़ देता है। दो दिन बाद जब सविता प्रधान के लंबे बाल ज़मीन पर गिरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब केवल केश नहीं कटे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाहरी सौंदर्य का अदृश्य मुकुट भी उतर गया। उन्हीं बालों से बनी विग उस बच्ची तक पहुँची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके लिए आईना अब तक बीमारी का दूसरा नाम था। सविता प्रधान ने सार्वजनिक रूप से लिखा कि असली सुंदरता बालों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आभूषणों या बाहरी आडंबर में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास में बसती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बिना झिझक इसी रूप में कार्यालय जाएँगी। उस दिन उनका साफ माथा केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं रहा</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह पूरे शहर के सामने मौन संदेश बन गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने बता दिया कि स्वेच्छा से किया गया त्याग उपदेश नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा बन जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की सबसे अनमोल पूँजी सुख नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह पीड़ा है जो मनुष्य को दूसरों के आँसू पढ़ना सिखा देती है। सविता प्रधान की यात्रा सहज नहीं थी। बाल विवाह की अँधेरी गलियों से निकलकर उन्होंने घरेलू हिंसा की यातनाएँ झेली थीं। जीवन ने उन्हें बार-बार गिराया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर हर बार वे अधिक दृढ़ होकर उठीं। मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा तक पहुँचना केवल प्रतियोगी परीक्षा में सफलता नहीं था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह टूटे आत्मविश्वास के पुनर्जन्म का इतिहास था। शायद इसी कारण वे समझ सकीं कि रोशनी का अर्थ केवल स्वयं प्रकाशित होना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि किसी और के अँधेरे में अपनी लौ पहुँचा देना भी है। तभी एक बच्ची की पीड़ा उन्हें अपनी पीड़ा से अलग नहीं लगी</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वही साझा दर्द करुणा बनकर उनके निर्णय में उतर आया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समाज की सबसे बड़ी विडंबना यह नहीं कि लोग बुराई पर विश्वास कर लेते हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि उन्हें अच्छाई पर भरोसा नहीं होता। सविता प्रधान का बदला हुआ रूप सामने आते ही सवाल उठने लगे—क्या परिवार में कोई शोक हुआ है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या कोई निजी संकट है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या इसके पीछे कोई छिपा कारण है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने सहजता से कहा कि सब कुछ कुशल-मंगल है और यह कदम पूरी तरह उनकी अपनी इच्छा का है। उनका उत्तर केवल अफवाहों का खंडन नहीं था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने उस सोच को भी बेनकाब कर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हर सद्भावना में स्वार्थ तलाशती है। उन्होंने शब्दों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने आचरण से सिद्ध किया कि करुणा को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर दिन दफ्तरों के दरवाज़े खुलते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बहुत कम दिनों में किसी दिल का दरवाज़ा खुलता है। जिस दिन ऐसा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था कागज़ों से निकलकर इंसानियत की भाषा बोलने लगती है। सविता प्रधान का बदला चेहरा भी हर सुबह मौन संदेश बनकर कार्यालय पहुँचा होगा। उन्होंने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अपने कर्मों से बता दिया कि अधिकारी केवल नियमों और फाइलों के लिए नहीं होते</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वे उन अनदेखे आँसुओं के लिए भी होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो किसी सरकारी दस्तावेज़ में दर्ज नहीं होते। एक छोटी बच्ची की मासूम इच्छा ने प्रशासन और समाज के बीच खड़ी कठोर दीवार में संवेदना की ऐसी दरार बना दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ से दया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपनापन और विश्वास की रोशनी भीतर उतर आई। उसी क्षण पद का वैभव पीछे छूट गया और मनुष्यता सबसे आगे खड़ी दिखाई दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की सबसे बड़ी विरासत संपत्ति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदना होती है। जो मनुष्य अपने दर्द को दूसरों के आँसू पोंछने की शक्ति बना लेता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय उसके लिए अलग इतिहास लिखता है। सविता प्रधान की माँ का तीन बार कैंसर से संघर्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयं उनका कठिन जीवन और फिर एक अनजान बच्ची के लिए अपने बाल समर्पित कर देना—ये तीनों घटनाएँ अलग-अलग नहीं हैं। ये एक ही जीवन-दर्शन के सूत्र हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बताते हैं कि पीड़ा यदि मनुष्य को कठोर न बनाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वही उसे असाधारण बना देती है। चरित्र वही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो परिस्थितियों के थपेड़ों से नहीं बदलता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बाल कट जाने पर भी कम नहीं होता और पद छूट जाने पर भी समाप्त नहीं होता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्यता का सबसे उजला क्षण वह होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब कोई अपना सबसे प्रिय किसी अनजान की उम्मीद के नाम कर देता है। सविता प्रधान का निर्णय भी ऐसा ही क्षण है। यह केवल एक बच्ची के चेहरे पर मुस्कान लौटाने की घटना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे तंत्र के सामने रखा आईना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें व्यवस्था अपना मानवीय चेहरा देख सकती है। नियम आवश्यक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन संवेदना उससे भी अधिक। कागज़ निर्णय लिख सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी टूटे मन में जीने का साहस नहीं। सविता प्रधान ने सिद्ध कर दिया कि सत्ता का सर्वोच्च रूप आदेश देना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयं का एक अंश किसी और के जीवन को समर्पित करना है। अब जब वह बच्ची आईने के सामने खड़ी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके सिर पर केवल विग नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी अजनबी के विश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ममता और आत्मबल का स्पर्श भी होगा। शायद वही स्पर्श उसे जीवन भर यह भरोसा देगा कि दुनिया आज भी सुंदर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि कुछ लोग अपने हिस्से की चमक बाँटकर दूसरों के जीवन में उजाला लिखना जानते हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184617/maam-i-love-your-hair-and-everything-changed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184617/maam-i-love-your-hair-and-everything-changed</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:05:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1.-prof.-rkjain.jpg"                         length="55370"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटी पेपर लीक विधेयक को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद में मंजूर मिल गयी। विपक्ष का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं होगा तब तक आप कितने भी कठिन कानून बना लें उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस विधेयक के मुताबिक अगर पेपर लीक मामले में कोई पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ 50 लाख तक का जुर्माना और 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। नीट पेपर लीक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184373/anti-paper-leak-bill-approved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/rajeev.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद में मंजूर मिल गयी। विपक्ष का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं होगा तब तक आप कितने भी कठिन कानून बना लें उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस विधेयक के मुताबिक अगर पेपर लीक मामले में कोई पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ 50 लाख तक का जुर्माना और 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। नीट पेपर लीक मामले पर सीजेपी के आंदोलन के बाद केन्द्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भर्ती परीक्षाएं और प्रवेश परीक्षाएं पेपर लीक की वजह से रद्द करनी पड़ीं। इससे न केवल अभ्यर्थियों का समय और धन बर्बाद हुआ, बल्कि सरकारी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एंटी पेपर लीक विधेयक लाया, जिसे संसद की मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप दिया गया। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। यह कानून संगठित परीक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान करता है। पेपर लीक क्यों बना राष्ट्रीय चिंता का विषय?</p>
<p style="text-align:justify;"><br />भारत में हर वर्ष करोड़ों युवा सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए विभिन्न परीक्षाएं देते हैं। कई परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन ईमानदार अभ्यर्थियों को हुआ, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की थी। पेपर लीक केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास पर हमला है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और योग्य उम्मीदवारों के अवसर प्रभावित होते हैं। इस कानून में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं- सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने, खरीदने, बेचने या प्रसारित करने को गंभीर अपराध माना गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />संगठित गिरोहों और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर लंबी अवधि की कारावास और भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की गई है।इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रश्नपत्र लीक करने वालों पर भी समान रूप से कार्रवाई होगी। जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की गहन जांच के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। युवाओं को क्या मिलेगा लाभ? यदि कानून का प्रभावी ढंग से पालन किया गया तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।<br />परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी। योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा। भर्ती प्रक्रियाओं में देरी कम हो सकती है। परीक्षा माफियाओं के नेटवर्क पर अंकुश लगेगा। युवाओं का सरकारी संस्थाओं पर विश्वास मजबूत होगा। क्या केवल कानून बनाना पर्याप्त है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कठोर कानून बना देने से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। इसके साथ-साथ कई अन्य सुधार भी आवश्यक हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने और सुरक्षित रखने की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए।</p>
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><br />डिजिटल सुरक्षा को मजबूत किया जाए। परीक्षा केंद्रों की निगरानी तकनीकी माध्यमों से हो। परीक्षा कर्मचारियों का उचित सत्यापन किया जाए।<br />समयबद्ध जांच और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए। यदि कानून का क्रियान्वयन कमजोर रहा, तो कठोर दंड का भी अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्यों की भूमिका अधिकांश भर्ती परीक्षाएं राज्य सरकारें आयोजित करती हैं। इसलिए राज्यों को भी अपनी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाना होगा। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से ही इस कानून का पूरा लाभ मिल सकेगा। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि कानून का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। जांच निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। इसके अलावा, साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।<br />एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद से मंजूरी मिलना देश की परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह संदेश देता है कि सरकार परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। हालांकि, किसी भी कानून की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। यदि सरकार, परीक्षा एजेंसियां, जांच संस्थाएं और राज्य प्रशासन मिलकर इस कानून को ईमानदारी से लागू करें, तो लाखों युवाओं का विश्वास बहाल हो सकता है और प्रतियोगी परीक्षाएं वास्तव में निष्पक्ष एवं पारदर्शी बन सकती हैं। अंततः किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्ष चयन प्रणाली होती है, और उसे सुरक्षित रखना सरकार तथा समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184373/anti-paper-leak-bill-approved</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184373/anti-paper-leak-bill-approved</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:12:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/rajeev.jpg"                         length="77904"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के कथित मॉड्यूल का किया भंडाफोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद।</span></strong></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (</span>ATS) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जैश-ए-मोहम्मद</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। एजेंसी ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई के दौरान आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग संगठन के स्लीपर सेल के रूप में कार्य कर रहे थे और राज्य में आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने के प्रयास में जुटे थे।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे मामले का खुलासा एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान हुआ। बताया गया</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182672/gujarat-ats-busts-alleged-module-of-jaish-e-mohammed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/image002.jpg" alt=""></a><br /><p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद।</span></strong></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (</span>ATS) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जैश-ए-मोहम्मद</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। एजेंसी ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई के दौरान आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग संगठन के स्लीपर सेल के रूप में कार्य कर रहे थे और राज्य में आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने के प्रयास में जुटे थे।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे मामले का खुलासा एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान हुआ। बताया गया कि डिप्टी एसपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्ष उपाध्याय</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को जैश-ए-मोहम्मद के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद तकनीकी और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके आधार पर गुजरात के बनासकांठा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवसारी और पाटन जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के देवास में संयुक्त छापेमारी की गई।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी का दावा है कि संदिग्धों ने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong>'</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद</span>'</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से एक स्थानीय मॉड्यूल तैयार किया था। आरोप है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से नए लोगों से संपर्क स्थापित किया जाता था और संगठन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस मॉड्यूल को लगभग तीन लाख रुपये की फंडिंग भी प्राप्त हुई थी।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक पुरानी कार खरीदकर उसका स्वामित्व अपने नाम स्थानांतरित नहीं कराया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि उनकी गतिविधियों पर किसी प्रकार का संदेह न हो। एजेंसी का कहना है कि इस वाहन का उपयोग कथित तौर पर विभिन्न गतिविधियों के संचालन में किया जाता था।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस का आरोप है कि कुछ स्थानीय मदरसों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong>'</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दावत</span>'</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से अभियान चलाकर नए लोगों तक पहुंचने और उन्हें संगठन की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही होगा।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को सिद्धपुर स्थित</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जामिया अबुल हसन मदरसा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा एक अन्य संदिग्ध को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जामिया रहमानिया मदरसा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमद अब्दुल्लाह गाजीवाला</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जकारिया दुर्रा</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मोहम्मद आमिर घाघा और मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सहित कुल आठ लोग शामिल हैं।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाशी के दौरान </span>254 <span lang="hi" xml:lang="hi">पृष्ठों का कथित प्रचार सामग्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान में प्रकाशित कुछ पुस्तकें तथा आतंकी संगठन के सरगना</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मसूद अजहर</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को संबोधित बताए जा रहे कुछ पत्र भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी ने कहा है कि पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित संपर्कों और वित्तीय स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182672/gujarat-ats-busts-alleged-module-of-jaish-e-mohammed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182672/gujarat-ats-busts-alleged-module-of-jaish-e-mohammed</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 22:01:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/image002.jpg"                         length="131612"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुठ्ठीगंज पुलिस ने चोरी के मोबाइल के साथ आरोपी को दबोचा।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुठ्ठीगंज थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में एक और धारा बढ़ाते हुए आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, थाना मुठ्ठीगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 55/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज चोरी के मामले की विवेचना की जा रही थी। इसी दौरान रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की घटना में शामिल युवक बारादरी घाट से शनि मंदिर की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182249/muthiganj-police-caught-the-accused-with-stolen-mobile"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0103.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुठ्ठीगंज थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में एक और धारा बढ़ाते हुए आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, थाना मुठ्ठीगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 55/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज चोरी के मामले की विवेचना की जा रही थी। इसी दौरान रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की घटना में शामिल युवक बारादरी घाट से शनि मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर मौजूद है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. इरफान (21 वर्ष) पुत्र मो. मुस्ताक, निवासी वार्ड संख्या-4, थाना गढ़, जिला रीवा (मध्य प्रदेश) तथा वर्तमान पता तंबाकू वाली गली, थाना कीडगंज, प्रयागराज के रूप में हुई है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182249/muthiganj-police-caught-the-accused-with-stolen-mobile</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182249/muthiganj-police-caught-the-accused-with-stolen-mobile</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:45:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260628-wa0103.jpg"                         length="100140"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉ. प्रीति अदाणी का स्वाभिमान विज़न मध्य प्रदेश पहुंचा, 1,500 महिलाओं को मिलेगा सहयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">डी एस त्रिपाठी की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बदरवास, मध्य प्रदेश (एमपी) में अब स्थायी आय की तलाश कर रही महिलाओं को कमाई और आत्मनिर्भर बनने की नई राह मिलेगी। इसी दिशा में, अदाणी समूह की सामाजिक सेवा और विकास इकाई, अदाणी फाउंडेशन ने शिवपुरी जिले के बदरवास में अदाणी विकास केंद्र शुरू किया है, जिससे महिलाओं के लिए घर के पास ही व्यवस्थित रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अदाणी फाउंडेशन के स्वाभिमान कार्यक्रम का अखिल भारत में 10 लाख महिलाओं को सतत आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य है। इसका फोकस महिलाओं को असंगठित और अनियमित काम से निकालकर बाजार से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177396/dr-preeti-adanis-swabhiman-vision-reaches-madhya-pradesh-1500-women"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260426-wa00451.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">डी एस त्रिपाठी की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बदरवास, मध्य प्रदेश (एमपी) में अब स्थायी आय की तलाश कर रही महिलाओं को कमाई और आत्मनिर्भर बनने की नई राह मिलेगी। इसी दिशा में, अदाणी समूह की सामाजिक सेवा और विकास इकाई, अदाणी फाउंडेशन ने शिवपुरी जिले के बदरवास में अदाणी विकास केंद्र शुरू किया है, जिससे महिलाओं के लिए घर के पास ही व्यवस्थित रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अदाणी फाउंडेशन के स्वाभिमान कार्यक्रम का अखिल भारत में 10 लाख महिलाओं को सतत आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य है। इसका फोकस महिलाओं को असंगठित और अनियमित काम से निकालकर बाजार से जुड़े स्थायी आय के अवसरों तक पहुँचाने पर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">करीब 48,000 वर्ग फुट में फैला यह केंद्र अपनी पूरी क्षमता पर 600 आधुनिक सिलाई मशीनों के साथ काम करेगा और इसे ट्रेनिंग और प्रोडक्शन दोनों के लिए तैयार किया गया है। यहाँ महिलाओं को व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएँगे और नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। जैसे-जैसे यह केंद्र अपना विस्तार करेगा, लगभग 1,500 महिलाओं को स्थायी आय मिलने की उम्मीद है, जिससे वे अपने परिवारों को अधिक आत्मविश्वास के साथ सहयोग कर सकेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस केंद्र का उद्घाटन संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) के केंद्रीय मंत्री और गुना लोकसभा क्षेत्र से सांसद  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया। इस कार्यक्रम में आसपास के गाँवों की 5,000 से ज्यादा महिलाओं ने हिस्सा लिया, जो स्थानीय भागीदारी और आजीविका के अवसरों की मजबूत माँग को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर श्री सिंधिया ने कहा, “बदरवास में जो हम देख रहे हैं, वह सपनों को साकार होते देखने की ताकत है। मैं अदाणी ग्रुप के चेयरमैन  गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन को बधाई देता हूँ कि उन्होंने ऐसा मंच बनाया है, जहाँ कौशल वैश्विक बाजारों तक पहुँच सकता है। मेरी प्यारी दीदियों की आखों में उनका संकल्प स्पष्ट दिखाई देता है। उनकी उम्मीदें और सपने अब सार्थक आजीविका के जरिए साकार हो रहे हैं। यह केंद्र सशक्तिकरण का एक सच्चा इंजन है और मुझे पूरा भरोसा है कि अगले पाँच वर्षों में बदरवास के उत्पाद देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बनाएँगे।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अदाणी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अभिषेक लख्ताकिया ने कहा, “हमारी चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी के इस विश्वास से प्रेरित होकर कि महिलाओं का सशक्तिकरण सम्मानजनक आय से शुरू होता है, स्वाभिमान कार्यक्रम कौशल को स्थायी आय में बदलने पर काम करता है। महिलाओं को वास्तविक काम और बाजार से जोड़कर हम उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और परिवार व समाज में मजबूत भूमिका निभाने के लिए सक्षम बना रहे हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बदरवास में इस पहल से परिवारों की आय बढ़ने, अनौपचारिक काम पर निर्भरता घटने और पलायन की जरूरत कम होने की उम्मीद है, साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी। इन्फ्रास्ट्रक्चर, कौशल और बाजार तक पहुँच में निवेश करके अदाणी फाउंडेशन यह सुनिश्चित कर रहा है कि महिलाएँ नियमित आय कमा सकें और अपने तथा अपने परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य बना सकें। अदाणी फाउंडेशन इस वर्ष 11 अगस्त को अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाएगा, जो भारत के कोने-कोने में समावेशी विकास के प्रति तीन दशकों की लगातार प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अदाणी फाउंडेशन के बारे में जानकारी सन् 1996 से अदाणी फाउंडेशन, अदाणी ग्रुप की सामाजिक कल्याण और विकास इकाई के रूप में, अखिल भारत में स्थायी परिणामों के लिए रणनीतिक सामाजिक निवेश करता आ रहा है और लगातार सक्रिय व प्रतिबद्ध रहा है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, स्थायी आजीविका, जलवायु कार्रवाई और सामुदायिक विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वंचित समुदायों के जीवन को सशक्त और समृद्ध बना रहा है। फाउंडेशन की रणनीतियाँ राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों के साथ जुड़ी हुई हैं। वर्तमान में अदाणी फाउंडेशन 22 राज्यों के 7,247 गाँवों और शहरी वार्ड्स में काम कर रहा है और 1.33 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177396/dr-preeti-adanis-swabhiman-vision-reaches-madhya-pradesh-1500-women</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177396/dr-preeti-adanis-swabhiman-vision-reaches-madhya-pradesh-1500-women</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:38:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260426-wa00451.jpg"                         length="137333"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री ने कटनी  दौरा: में दिया 243 करोड़ के कार्यों की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[<h4 style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेश ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बरही /कटनी: । मप्र। प्रदेश के मुख्य मंत्री  डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बरही प्रवास के दौरान क्षेत्र को 243 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और आवास योजनाओं के लिए पुनः सर्वे कराने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173312/chief-minister-gave-the-gift-of-works-worth-rs-243"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001653929.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेश ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बरही /कटनी: । मप्र। प्रदेश के मुख्य मंत्री  डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बरही प्रवास के दौरान क्षेत्र को 243 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और आवास योजनाओं के लिए पुनः सर्वे कराने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया, जिसकी भरपाई अब वर्तमान सरकार तेजी से कर रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने लाखों किसानों की जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी पात्र परिवार आवास की सुविधा से वंचित नहीं रहेगा, इसके लिए नए सिरे से सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उन्होंने मेडिकल कॉलेज की स्थापना को अपनी प्राथमिकता बताया। साथ ही, करीब 1000 करोड़ रुपये की कुल विकास योजनाओं का खाका खींचते हुए उन्होंने किसानों के लिए 'कृषि महोत्सव' आयोजित करने की बात कही।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>सिंचाई परियोजना से बदलेगी 11 हजार किसानों की किस्मत।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बरही सूक्ष्म उद्ववहन सिंचाई परियोजना (लागत ₹566.92 करोड़) को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सीएम ने संजय पाठक की तारीफ़ करते हुए , कहा आज जो विशाल भीड़ यहां  जुटी है और इस क्षेत्र के लिए जितने काम की घोषणाएं हुई है वह सिर्फ पाठक जी के मेहनत और प्रयास  से ही संभव हो रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1001653927.jpg" alt="कटनी  जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और आवास योजनाओं के लिए पुनः सर्वे कराने का ऐलान किया।" width="1200" height="800"></img></div><div style="text-align:justify;">मुख्य मंत्री ने इस परियोजना से बरही और विजयराघवगढ़ तहसील के 27 गांवों की 20,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। जिससे: करीब 11,000 किसानों को सीधे तौर पर खेती के लिए पानी उपलब्ध होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जनसैलाब के बीच भव्य आभार रैली।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बड़ा तालाब से विजयनाथ धाम मंदिर तक निकली एक किलोमीटर लंबी आभार रैली में मुख्यमंत्री का अभूतपूर्व स्वागत हुआ। रथ पर मुख्यमंत्री के साथ खजुराहो सांसद और विजय गढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक  सवार थे। : चौक बाजार और कमानिया गेट जैसे मार्गों पर व्यापारियों, अधिवक्ता संघ, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने 14 स्थानों पर स्टॉल लगाकर पुष्प वर्षा की गई। यह स्वागत विधायक संजय पाठक के नेतृत्व में किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>आधुनिक खेती को प्रोत्साहन</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य किसानों को पारंपरिक खेती से निकालकर आधुनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाना है। प्रस्तावित 243 करोड़ रुपये के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्य स्थानीय बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173312/chief-minister-gave-the-gift-of-works-worth-rs-243</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173312/chief-minister-gave-the-gift-of-works-worth-rs-243</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:26:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1001653929.jpg"                         length="152387"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक रहा बरही का 'कृषि महोत्सव।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कटनी/बरही: ।</strong> विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही में आयोजित विशाल 'कृषि महोत्सव' को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए विधायक संजय पाठक ने इसे अभूतपूर्व सफलता करार दिया है। विधायक पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस दौरे से क्षेत्र को ₹1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है, जिससे आने वाले समय में समूचे अंचल की तस्वीर बदल जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जनसैलाब और विकास की सौगात।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दो लाख से अधिक की उपस्थिति: </div><div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के मुताबिक,</div><div style="text-align:justify;">सिंचाई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173300/barhis-agricultural-festival-was-historic"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0227.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कटनी/बरही: ।</strong> विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही में आयोजित विशाल 'कृषि महोत्सव' को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए विधायक संजय पाठक ने इसे अभूतपूर्व सफलता करार दिया है। विधायक पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस दौरे से क्षेत्र को ₹1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है, जिससे आने वाले समय में समूचे अंचल की तस्वीर बदल जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जनसैलाब और विकास की सौगात।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दो लाख से अधिक की उपस्थिति: </div><div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के मुताबिक, लगभग 2 लाख लोगों ने इस महोत्सव में शिरकत की, जो क्षेत्र के प्रति जनता के भरोसे और उत्साह को दर्शाता है।</div><div style="text-align:justify;">सिंचाई योजना का उपहार: मुख्यमंत्री ने बरही-विजयपुर उद्वहन सिंचाई योजना सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा और शिलान्यास किया। विधायक पाठक ने बताया कि इन योजनाओं से किसानों की हजारों एकड़ भूमि सिंचित होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong> ऐतिहासिक स्वागत:।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> बरही के इतिहास में यह पहला मौका था जब इतनी बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एक साथ जुटे। मुख्यमंत्री ने भी क्षेत्र की जनता के स्नेह को देखते हुए विकास की गति को और तेज करने का भरोसा दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>श्री पाठक विधायक ने कहा कि</strong></div><div style="text-align:justify;">"बरही की पावन धरा पर आज जो जनसमूह उमड़ा, उसने यह साबित कर दिया कि जनता को प्रदेश सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर पूरा विश्वास है। मुख्यमंत्री जी ने ₹1000 करोड़ की जो सौगातें दी हैं, वे केवल आंकड़े नहीं बल्कि लाखों परिवारों की खुशहाली का आधार हैं। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173300/barhis-agricultural-festival-was-historic</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173300/barhis-agricultural-festival-was-historic</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:06:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260314-wa0227.jpg"                         length="133574"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेल एवं युवक कल्याण विभाग मध्यप्रदेश द्वारा 29 वां युवा उत्सव, की प्रतियोगिता ज़िला स्तर पर 7 नवंबर 2025 को । </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>दिनेश चौधरी शहडोल</strong>  <br /><br />13 नवंबर 2020 को  होगा संभाग स्तर प्रतियोगिता,शुभम पैलेस होटल में प्रातः 10:00 बजे कार्यक्रम आयोजित होगा । जिसमें उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी एवं शहडोल जिले के युवा कलाकार सम्मिलित होंगे। युवा उत्सव में इस वर्ष सात विधाए रखी गई है ।</div>
<div>  </div>
<div>जिनमें विज्ञान मेला ,कहानी लेखन, कविता लेखन ,पेंटिंग, सामूहिक लोकगीत ,सामूहिक लोक नृत्य एवं भाषण की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।</div>
<div>जिसमें 15 वर्ष से 29 वर्ष के युवा कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं।</div>
<div>  </div>
<div>  युवा कलाकारों को अपना पंजीयन साक्षमता प्रमाण पत्र खेल और युवा कल्याण विभाग के कार्यालय, महात्मा गांधी स्टेडियम शहडोल में प्रतियोगिता</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158859/29th-youth-festival-competition-by-sports-and-youth-welfare-department"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/खेल-एवं-युवक-कल्याण-विभाग-मध्यप्रदेश-द्वारा-29-वां-युवा-उत्सव.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>दिनेश चौधरी शहडोल</strong> <br /><br />13 नवंबर 2020 को  होगा संभाग स्तर प्रतियोगिता,शुभम पैलेस होटल में प्रातः 10:00 बजे कार्यक्रम आयोजित होगा । जिसमें उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी एवं शहडोल जिले के युवा कलाकार सम्मिलित होंगे। युवा उत्सव में इस वर्ष सात विधाए रखी गई है ।</div>
<div> </div>
<div>जिनमें विज्ञान मेला ,कहानी लेखन, कविता लेखन ,पेंटिंग, सामूहिक लोकगीत ,सामूहिक लोक नृत्य एवं भाषण की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।</div>
<div>जिसमें 15 वर्ष से 29 वर्ष के युवा कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div> युवा कलाकारों को अपना पंजीयन साक्षमता प्रमाण पत्र खेल और युवा कल्याण विभाग के कार्यालय, महात्मा गांधी स्टेडियम शहडोल में प्रतियोगिता दिनांक के दो दिवस पहले जमा करना अनिवार्य होगा।</div>
<div> </div>
<div> किसी कारणवश अगर वह अपना पंजीयन समय पर नहीं कर पाए तो प्रतियोगिता स्थान पर अपना पंजीयन कर सकते हैं।</div>
<div> युवा उत्सव संबंधी अधिक जानकारी के लिए कार्यालय खेल और युवा कल्याण विभाग महात्मा गांधी स्टेडियम शहडोल में संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div> एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सोहागपुर अजय कुमार सोंधिया खेल और युवा कल्याण विभाग शहडोल से  9981861582 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158859/29th-youth-festival-competition-by-sports-and-youth-welfare-department</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/158859/29th-youth-festival-competition-by-sports-and-youth-welfare-department</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 18:41:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE-29-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5.jpg"                         length="230940"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Madhya Pradesh Breaking किसानों के हित में बड़ा फैसला : 16 जिलों में बचे हुए किसानों का धान पंजीयन अब 6 नवंबर तक होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रीवा। मध्य प्रदेश।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया है। मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158694/uttar-pradesh-breaking-big-decision-in-the-interest-of-farmers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251101-wa0211.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रीवा। मध्य प्रदेश।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया है। मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से यह सुझाव प्राप्त हुए थे कि तकनीकी कारणों, समयाभाव या मौसम की बाधाओं के चलते कुछ किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं। कलेक्टरों द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने कृषक पंजीयन की अवधि में विस्तार का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी से वंचित न रह जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पंजीयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी :</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक पंजीयन केन्द्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं कृषि विभाग के नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही बचे हुए किसानों का पंजीयन किया जाएगा। केन्द्रवार केवल उन शेष कृषकों का ही पंजीयन होगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में उल्लेखित हैं। किसान पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 नवंबर तक शेष रहे किसानों का पंजीयन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए, यह हमारा दायित्व है। इसीलिए पंजीयन अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है ताकि किसान को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमेशा किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा है। धान उपार्जन पंजीयन अवधि बढ़ाए जाने का यह निर्णय इसी दृष्टि का विस्तार है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य का कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित न रहे। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब वे 6 नवंबर तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करा सकते है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158694/uttar-pradesh-breaking-big-decision-in-the-interest-of-farmers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/158694/uttar-pradesh-breaking-big-decision-in-the-interest-of-farmers</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 21:11:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/img-20251101-wa0211.jpg"                         length="22618"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जांच रिपोर्ट में खुलासा, 'कफ सिरप' से हुई मासूमों की मौत, राजस्थान,मध्य प्रदेश में बिक्री पर बैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong> प्रयागराज। </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से 12 बच्चों की मौत ने देश भर में चिंता बढ़ा दी है. इस घटना के बाद राजस्थान सरकार ने जयपुर की केसन्स फार्मा की 19 दवाओं पर रोक लगा दी है. सरकार ने बच्चों के लिए डेक्स्ट्रोमेथोर्फन वाले कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर एडवाइजरी जारी की है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान सरकार ने केसन्स फार्मा जयपुर की सभी 19 दवाओं के वितरण पर रोक लगा दी है. कफ सिरप से बच्चों की संदिग्ध मौतों और घटिया दवाओं के सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. राज्य के ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156564/investigation-report-revealed-in-the-investigation-report-banned-innocent-innocent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/download-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong> प्रयागराज। </strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से 12 बच्चों की मौत ने देश भर में चिंता बढ़ा दी है. इस घटना के बाद राजस्थान सरकार ने जयपुर की केसन्स फार्मा की 19 दवाओं पर रोक लगा दी है. सरकार ने बच्चों के लिए डेक्स्ट्रोमेथोर्फन वाले कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर एडवाइजरी जारी की है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान सरकार ने केसन्स फार्मा जयपुर की सभी 19 दवाओं के वितरण पर रोक लगा दी है. कफ सिरप से बच्चों की संदिग्ध मौतों और घटिया दवाओं के सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. राज्य के ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">छिंदवाड़ा जिले में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोल्ड्रिफ सिरप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के सेवन से हुई बच्चों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने इस सिरप की बिक्री पर पूरे मध्यप्रदेश में तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स पर भी बैन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित एक फैक्ट्री में तैयार किया जाता है। घटना सामने आने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी थी। आज सुबह आई रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके आधार पर प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए प्रतिबंध लागू किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोल्ड्रिफ सिरप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है।  सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">छिंदवाड़ा के परासिया ब्लॉक के 9 बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सरिप की वजह से हो गई। इसके अलावा कई बच्चों का इलाज चल रहा है। यह कफ सिरप तिमलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से सैंपल लिए गए थे।  जिसके सैंपल की जांच  में खुलासा हुआ है कि सिरप में नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉन का इस्तेमाल हुआ है। इसमें आशंका व्यक्त की गई कि वह डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। यह दोनों ही किडनी को नुकसान पहुचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस रिपोर्ट के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर तुरंत लोग लगा दी। इसके थोक और रिटेल दुकानों से स्टॉक फ्रीज करने के आदेश दिए गए। कंपनी को स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी किया गया औरमैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसिल करने केल ए शो-कॉज नोटिस भेजा गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156564/investigation-report-revealed-in-the-investigation-report-banned-innocent-innocent</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/156564/investigation-report-revealed-in-the-investigation-report-banned-innocent-innocent</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 19:41:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/download-%284%29.jpg"                         length="9567"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईजीएनटीयू में पीएचडी प्रवेश घोटाले पर हाईकोर्ट गंभीर, अगली सुनवाई में मंगाई गई संदिग्ध प्रवेशार्थियों की सूची</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>दिनेश चौधरी की रिपोर्ट शहडोल </strong></div>
<div>  </div>
<div>
<div>अनूपपुर । इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (म.प्र.) में पीएच.डी. शोध प्रवेश परीक्षा (आरईटी) 2024-25 को लेकर गंभीर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में रिट पिटीशन लगाई गई है, याचिकाकर्ता रवि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका पर 1 अगस्त को सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने अदालत से समय की मांग करते हुए बताया कि उन चयनित संदिग्ध अभ्यर्थियों के नाम और पते मांगे हैं जिन्हें प्रतिवादी बनाया जाना जरूरी है, यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन करने पर आमादा है।</div>
<div>  </div>
</div>
<div>उच्च न्यायालय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153742/list-of-suspected-entry-of-suspected-entry-on-phd-admission"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250806-wa0555.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>दिनेश चौधरी की रिपोर्ट शहडोल </strong></div>
<div> </div>
<div>
<div>अनूपपुर । इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (म.प्र.) में पीएच.डी. शोध प्रवेश परीक्षा (आरईटी) 2024-25 को लेकर गंभीर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में रिट पिटीशन लगाई गई है, याचिकाकर्ता रवि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका पर 1 अगस्त को सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने अदालत से समय की मांग करते हुए बताया कि उन चयनित संदिग्ध अभ्यर्थियों के नाम और पते मांगे हैं जिन्हें प्रतिवादी बनाया जाना जरूरी है, यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन करने पर आमादा है।</div>
<div> </div>
</div>
<div>उच्च न्यायालय ने मामले की आगामी सुनवाई अगस्त के अंतिम सप्ताह में रखी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि न्यायालय भी इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>सीबीआई जांच की मांग, छात्रों ने लगाए दर्जनों ठोस आरोप</strong></div>
<div>याचिकाकर्ता रवि त्रिपाठी, जो कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं आरईटी 2024-25 के परीक्षार्थी हैं, ने केंद्र सरकार को भेजे प्रार्थना पत्र में प्रवेश प्रक्रिया में सुनियोजित गड़बड़ियों और संगठित शैक्षणिक भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है और इसके समर्थन में आरटीआई के जवाब, विश्वविद्यालय की वेबसाइट के स्क्रीनशॉट्स, अधिसूचनाएं एवं अन्य कई दस्तावेज संलग्न किए हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>दागियों को ही जरुरी प्रभारों का प्रसाद क्यों?</strong></div>
<div>पूर्व में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के मामले में वर्तमान आरईटी समन्वयक प्रो. भूमि नाथ त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लग चुके थें, प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत भी की गई थी, इसके बाद इस वर्ष भी इन्हें ही आरईटी की जिम्मेदारी कैसे दे दी गई? यह भी जांच का विषय है, हालांकि जांच के विषय तो इन्हें आईजीएनटीयू मे दिए गए नियुक्ति (पुलिस वेरिफिकेशन आदि) एवं पदोन्नति, या प्रभार वितरण संबंधी दस्तावेज भी हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>प्रो. गौरी शंकर और तरुण ठाकुर भी जांच के राडार मे</strong></div>
<div>उक्त आरईटी परीक्षा से संबंधित  200 से अधिक शिकायतें ईमेल आदि से आई हैं, जिसमे से दो दर्जन से अधिक शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय में भी दी गई हैं, </div>
<div>इसके बाद प्रो. गौरी शंकर महापात्रा और प्रो. तरुण ठाकुर जैसे संदिग्धों को पीएमओ में की गई शिकायत का नोडल अधिकारी नियुक्त कर के मनगढ़ंत रिपोर्ट लिखी जा रही है। इन दोनों के संबंध में चर्चा है कि इन दोनों प्रोफेसर ने अपने कई खासमखासों को पीएचडी में बैक डोर से इंट्री दिलाए हैं! ऐसे में कैसे होगी निष्पक्ष जांच?</div>
<div> </div>
<div><strong>यह आरोप लगे हैं</strong></div>
<div>1. प्रश्न पत्र लीक करने और निजी ईमेल का दुरुपयोग:</div>
<div>आरईटी समन्वयक ने प्रश्नपत्र निजी ईमेल से मंगवाए, जिससे प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका बढ़ती है।</div>
<div> </div>
<div><strong>2. परिणामों में अपारदर्शिता:</strong></div>
<div>मुख्य परिसर में जारी परिणामों में नाम नहीं दिए गए जबकि मणिपुर परिसर के लिए जारी परिणाम में छात्रों के नाम स्पष्ट हैं। विश्वविद्यालय मुख्य परिसर के परिणाम में नाम इसलिए नहीं दिए गए कि उसमे दर्जनों नॉन टीचिंग स्टाफ, कई प्रोफेसर्स की पत्नियां, परिजन, रिस्तेदार आदि हैं। कुछ उम्मीदवारों को कम अंक होने के बावजूद इंटरव्यू में बुलाकर बैकडोर से इंट्री दी गई!</div>
<div> </div>
<div><strong>3. चयन प्रक्रिया में भिन्न मानक:</strong></div>
<div>कंप्यूटर साइंस जैसे विभागों में परिणाम वेबसाइट पर प्रकाशित न कर गुप्त रूप से निजी ईमेल से प्रवेश की सूचना दी गई। जिसमें एक गेट क्वालिफाई डीआरडीओ के डिप्टी डायरेक्टर रैंक के अधिकारी जो कि इंटरव्यू में भी टाॅप किया था उसका नाम फाइनल लिस्ट से हटा कर उसकी जगह विश्वविद्यालय परिसर में किराना दुकान संचालक का नाम लिखा गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>4. फर्जी डिग्रियां और ओएमआर छेड़छाड़:</strong></div>
<div>50 से अधिक नॉन-टीचिंग स्टाफ एवं फैकल्टी परिजनों को संदिग्ध डिग्रियों के आधार पर प्रवेश दि1या गया। कई तो ऐसे हैं जो ओपन बोर्ड से जैसे-तैसे पीजी किएं या डिग्री काॅलेमे भी लटकते हुए पोस्ट ग्रेजुएशन किएं और आईजीएनटीयू की आरईटी में बाकायदा टाॅप हो गएं आखिर कैसे? ओएमआर शीट घरों में भरने जैसी शिकायतें भी सामने आईं।</div>
<div> </div>
<div><strong>5. रिचेकिंग के नाम पर धोखाधड़ी:</strong></div>
<div>छात्रों से शुल्क तो लिया गया लेकिन न रिचेकिंग की गई, न ही रिपोर्ट दी गई। आरटीआई आवेदन के बाद गोपनीयता का हवाला देकर उत्तर देने से मना कर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>6. योग्य उम्मीदवारों का बहिष्कार</strong></div>
<div>कई यूजीसी-नेट और गेट क्वालिफाई योग्य छात्रों को बाहर कर अपात्रों को चयनित किया गया। स्कोर वैधता का बहाना बनाकर अयोग्य घोषित किया गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>7. चयन सूची में हेराफेरी:</strong></div>
<div>डीआरडीओ जैसे संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी को बाहर कर अयोग्य व्यक्तियों को प्रवेश दिया गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>8. फर्जी अधिसूचनाएं और वेबसाइट पर लापरवाही:</strong></div>
<div>बिना हस्ताक्षर की अधिसूचनाएं और नियमों में मनमाना बदलाव वेबसाइट पर अपलोड किए गए।</div>
<div> </div>
<div><strong>9. प्रशासनिक गुटबाजी:</strong></div>
<div>प्रो. तरुण ठाकुर, प्रो.भूमिनाथ त्रिपाठी द्वारा लॉबी द्वारा प्रवेश प्रक्रिया पर एकाधिकार चलाया गया; छात्रसंघ की अनुपस्थिति में यह और भी बढ़ गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>10. फंड में घोटाले की आशंका:</strong></div>
<div>अम्बेडकर चेयर और पर्चेज कमेटी द्वारा करोड़ों के फंड में गड़बड़ी, फर्जी उपस्थिति और ऑडिट में अनियमितताएं दर्ज की गईं।</div>
<div> </div>
<div><strong>11. छात्रों का उत्पीड़न:</strong></div>
<div>कथित आरईटी फर्जीवाड़े की केन्द्रीय समिति से निष्पक्ष जांच की मांग करने‌ वाले, छात्रों के खिलाफ फर्जी आंतरिक जांच और पुलिसिया  एफआईआर द्वारा प्रताड़ित किए जाने की कूट रचना करते हुए, कुत्सित प्रयास किया गया। हालांकि छात्रों से उक्त फर्जी शिकायतों की आशंका जताते हुए पहले ही पुलिस महानिदेशक मप्र. को एक विस्तृत पत्र भेज दिया था, जिससे आरईटी फर्जीवाड़ा के बचाव में विश्वविद्यालय से फर्जी शिकायत करवाने वालों पर उनका यह दाव भी उल्टा पड़ गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>बिना टेंडर किए ही करा ली परीक्षा</strong></div>
<div>आरोप है कि न तो जी.एफ.आर. 2017 के अंतर्गत किसी प्रकार का टेंडर जारी किया गया और न ही ई.ओ.आई. आमंत्रित की गई, जिससे परीक्षा आयोजन में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रश्नपत्र निजी ईमेल से एकत्र किए गए और बिना सील या यूनिक कोड वाले प्रश्नपत्र वितरित किए गए, जिससे गोपनीयता भंग हुई। ओएमआर शीट में हेराफेरी की आशंका भी जताई गई है। परिणामों में अपारदर्शिता स्पष्ट है—मुख्य परिसर में नाम छिपाए गए जबकि मणिपुर परिसर में नाम सार्वजनिक हैं। कुछ विषयों के परिणाम निजी तौर पर भेजे गए और चयन की प्रक्रिया संदिग्ध रही। एक ही परीक्षा के परिणाम तीन अलग-अलग तरीकों से कैसे जारी की जा सकती है?</div>
<div> </div>
<div><strong>देशव्यापी शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</strong></div>
<div>पीड़ित छात्रों ने अपने पत्रों में यह भी उल्लेख किया है कि यह मामला केवल आईजीएनटीयू तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्रीय विश्वविद्यालयों की पारदर्शिता और शैक्षणिक ईमानदारी पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष सीबीआई जांच शीघ्र शुरू नहीं होती है, तो अन्य पीड़ित छात्र आंदोलन को मजबूर होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/153742/list-of-suspected-entry-of-suspected-entry-on-phd-admission</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/153742/list-of-suspected-entry-of-suspected-entry-on-phd-admission</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 21:46:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img-20250806-wa0555.jpg"                         length="444265"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहडोल जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र के चंदोला गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">शहडोल जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र के चंदोला गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे में दो साल की मासूम बच्ची की नहर में डूबने से मौत हो गई। बच्ची का नाम प्रियांशी था और वह पप्पू कोल की बेटी थी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्ची के माता-पिता पास के खेत में धान रोपाई का काम कर रहे थे। घर पर प्रियांशी अपने बुजुर्ग दादा-दादी के साथ थी। इसी दौरान वह खेलते-खेलते घर के पास स्थित नहर की ओर चली गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153563/a-heartbreaking-on-tuesday-in-chandola-village-of-devalund-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/thavaltha-thana-kashhatara-ka-ghatana_2af914ffb006a0e2bf2475574052d8f8.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शहडोल जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र के चंदोला गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे में दो साल की मासूम बच्ची की नहर में डूबने से मौत हो गई। बच्ची का नाम प्रियांशी था और वह पप्पू कोल की बेटी थी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्ची के माता-पिता पास के खेत में धान रोपाई का काम कर रहे थे। घर पर प्रियांशी अपने बुजुर्ग दादा-दादी के साथ थी। इसी दौरान वह खेलते-खेलते घर के पास स्थित नहर की ओर चली गई और नहर में गिरकर बह गई।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब एक किलोमीटर दूर नहर में नहा रहे कुछ लोगों की नजर जब बहती हुई बच्ची पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत उसे बाहर निकाला। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद लोगों ने बच्ची की पहचान करने की कोशिश की और जानकारी गांव में फैलाई, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/153563/a-heartbreaking-on-tuesday-in-chandola-village-of-devalund-police</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/153563/a-heartbreaking-on-tuesday-in-chandola-village-of-devalund-police</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 20:32:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/thavaltha-thana-kashhatara-ka-ghatana_2af914ffb006a0e2bf2475574052d8f8.jpeg"                         length="16546"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Madhya Pradesh Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        