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                <title>hariyana - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>hariyana RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी ने की आत्महत्या, चंडीगढ़ आवास में गोली मारकर दी जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">Haryana News: हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास में आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में स्थित अपनी सरकारी कोठी में खुद को गोली मारकर जान दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने यह कदम अपने निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) की सर्विस पिस्तौल से गोली चलाकर उठाया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि “यह आत्महत्या का मामला है। अभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156738/haryana-senior-ips-officer-of-haryana-shot-suicide-in-chandigarh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/news--(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana News: हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास में आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में स्थित अपनी सरकारी कोठी में खुद को गोली मारकर जान दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने यह कदम अपने निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) की सर्विस पिस्तौल से गोली चलाकर उठाया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि “यह आत्महत्या का मामला है। अभी जांच प्रारंभिक अवस्था में है, इसलिए आत्महत्या के कारणों को लेकर कुछ भी स्पष्ट कहना जल्दबाज़ी होगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">वाई पूरन कुमार हरियाणा कैडर के 2001 बैच के IPS अधिकारी थे। हाल ही में, 29 सितंबर को ही उनकी नियुक्ति रोहतक जिले के सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के तौर पर हुई थी। बताया जा रहा है कि वह 7 अक्टूबर तक अवकाश पर थे, हालांकि हरियाणा पुलिस की ओर से इस छुट्टी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दोनों बदमाशों को पैर में लगी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 के पास प्रतापगढ़ गांव के लिंक रोड पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई, जिसमें STF करनाल और अंबाला टीम की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों की टांगों में गोली लगी।</p>
<p>टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया और कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में भर्ती कराया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान राजीव (19) और राहुल (19) के रूप में हुई, जो कैथल के पीडल गांव के निवासी हैं। यह मुठभेड़ रात करीब 8 बजे हुई।</p>
<p>पुलिस के अनुसार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155411/haryana-shot-in-the-encounter-between-police-and-crooks-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/upp.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 के पास प्रतापगढ़ गांव के लिंक रोड पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई, जिसमें STF करनाल और अंबाला टीम की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों की टांगों में गोली लगी।</p>
<p>टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया और कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में भर्ती कराया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान राजीव (19) और राहुल (19) के रूप में हुई, जो कैथल के पीडल गांव के निवासी हैं। यह मुठभेड़ रात करीब 8 बजे हुई।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को दोनों बदमाशों ने दिनदहाड़े नए बस स्टैंड के पास चैतन्य आईलेट्स सेंटर पर चार राउंड फायरिंग की थी, जिसमें सेंटर का फ्रंट शीशा चकनाचूर हो गया था। उस समय सेंटर में करीब 150 बच्चे पढ़ रहे थे, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद आरोपी बिना नंबर की बाइक पर फरार हो गए थे।</p>
<p>STF के DSP अमन कुमार ने बताया कि करनाल और अंबाला की टीमें आईलेट्स सेंटर पर हुई फायरिंग के बाद बदमाशों की तलाश कर रही थीं। इस दौरान सूचना मिली कि दोनों आरोपी नेशनल हाईवे-44 के पास प्रतापगढ़ गांव के लिंक रोड पर बैठे हुए हैं।</p>
<p>जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी फायरिंग करते हुए पैदल भागने लगे, लेकिन जब टीम ने सरेंडर करने की चेतावनी दी, तो उन्होंने दोबारा फायरिंग की। इसके बाद टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश जख्मी हो गए और उनकी टांगों में गोली लगी। फिलहाल दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 16:33:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंसानी दखल से परेशान प्रकृति का रौद्र रूप! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">इस बार का मानसून का सीजन उत्तर भारत में गंभीर प्राकृतिक आपदा बनकर कहर बरपा रहा है । आमतौर पर सूखा रहने वाले राजस्थान में भी रेतीले मैदान जलमग्न है उधर पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली समेत उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश भूस्खलन से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।  पंजाब के पठानकोट, फिरोजपुर समेत 12 जिले एक हफ्ते से बाढ़ की चपेट में हैं।राज्य में 1,312 गांवों के 2.56 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 29 लोगों की मौत हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  हरियाणा में भी बारिश का कहर जारी है भिवानी, हिसार,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूपी</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154354/the-form-of-nature-troubled-by-human-interference"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/download.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;">इस बार का मानसून का सीजन उत्तर भारत में गंभीर प्राकृतिक आपदा बनकर कहर बरपा रहा है । आमतौर पर सूखा रहने वाले राजस्थान में भी रेतीले मैदान जलमग्न है उधर पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली समेत उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश भूस्खलन से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।  पंजाब के पठानकोट, फिरोजपुर समेत 12 जिले एक हफ्ते से बाढ़ की चपेट में हैं।राज्य में 1,312 गांवों के 2.56 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 29 लोगों की मौत हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> हरियाणा में भी बारिश का कहर जारी है भिवानी, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में कुछ स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। गुरुग्राम के दफ्तरों में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी किए गए हैं। उधर, दिल्ली में यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद मंगलवार को ट्रांस-यमुना क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पानी घुस गया। यमुना बाजार, मयूर विहार और आसपास के इलाकों की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अपना जरूरी सामान लेकर राहत शिविरों में जाने की अपील की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूपी पंजाब राजस्थान हरियाणा से लेकर हिमाचल जम्मू-कश्मीर  उत्तराखंड में अतिवृष्टि से नदिया उफान पर है तो पहाड़ ढह रहे हैं बादल फटने भूस्खलन की घटनाओं में सैकड़ों जान जा चुकी है। आपको पता हो कि लगातार कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जम्मू क्षेत्र में तबाही मचा दी है। बीते मंगलवार को वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन में 39 लोगों की मौत हो गई है, ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि कई लोगों के बारे में अभी तक लापता होने की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक लगातार और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ और पहाड़ की ढलान से पत्थर, शिलाखंड और चट्टानें एकदम से नीचे गिरने लगीं। इससे बेखबर लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई। मंदिर तक जाने के दो मार्ग हैं, जिसमें हिमकोटि पैदल मार्ग पर सुबह से यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जबकि पुराने मार्ग पर दोपहर डेढ़ बजे तक यात्रा जारी थी। अब भारी बारिश के अंदेशे के बीच यात्रा अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला किया गया है। हालांकि यही समझ पहले दिखाई गई होती तो शायद 39 लोग अकाल मौत न मरते। जब लगातार तेज बारिश हो रही थी तो यात्रा जारी रखने की लापरवाही क्यों बरती गई। पहाड़ी इलाकों में बारिश का कहर लगातार बरप रहा है, फिर भी सरकार इस तरफ से सचेत क्यों नहीं हो रही, यह समझ से परे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के मचैल माता मंदिर के रास्ते में पड़ने वाले आखिरी गांव चशोती में बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें कम से कम 65 लोगों की मौत हो गई और भीषण तबाही का मंजर सामने आया। मरने वालों में ज्यादातर तीर्थयात्री थे। इस प्राकृतिक आपदा में 100 से अधिक लोग घायल हो गए तथा 32 लोग अब भी लापता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के अलावा हिमाचल प्रदेश और पंजाब भी बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पिछले महीने ही बाढ़ से काफी तबाही हुई थी। अब एक बार फिर हालात गंभीर हैं। भारी बारिश के कारण प्रदेश के 8 जिलों में सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी कर दी हई है। वहीं व्यास नदी का जलस्तर अचानक इतना बढ़ गया कि नदी चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर बहने लगी। मनाली के बाहंग में कुछ दुकानें, घर और शेरे-ए-पंजाब होटल नदी में बह गए। फिलहाल नदियों का जलस्तर बढ़ने से मंडी, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू में रेड अलर्ट जारी किया गया है, चंबा में मणिमहेश यात्रा रोक दी गई है। लेकिन इससे पहले मणिमहेश यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते पंजाब के चार श्रद्धालुओं की मौत भी हो गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं मूसलाधार बारिश के बीच लाहौल-स्पीति, शिंकुला दर्रा, बारालाचा, खरदूंगला और रोहतांग जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। शिंकुला दरें में अब तक करीब आठ इंच बर्फ गिर चुकी है। इस बर्फबारी को देखते हुए इलाके में शीतलहर का असर बढ़ गया है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अगस्त में अब तक सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर ऐसा बरपा है कि 20 जून से 1 सितंबर तक 326 लोग इसकी बलि चढ़ गए. वहीं, 41 लोग अभी भी लापता हैं और 385 लोग इस बरसात में अब तक घायल हुए हैं. प्रदेश में बादल फटने, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से 4196 घरों की अपनी चपेट में लिया. इसमें 861 कच्चे और पक्के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं. जबकि 3335 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा प्रदेशभर में अब तक 3813 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं और 471 दुकानों/फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में इस साल अगस्त की बारिश ने 76 साल का रिकॉर्ड तोड़ा दिया। बीते महीने सामान्य से 68% ज्यादा (256.8 mm) बारिश हुई। यह 1949 के बाद से सबसे ज्यादा है। शिमला में पिछले 24 घंटे में लैंडस्लाइड और मकान गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को हिमाचल के 6 जिलों में बहुत तेज बारिश का रेड अलर्ट है। 8 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को उत्तराखंड में केदारनाथ मार्ग पर लैंडस्लाइड से दो लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हो गए। भारी बारिश के कारण चार धाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित कर दी गई है।  हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण पंजाब की नदियां उफान पर हैं। पंजाब के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण गुरदासपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय के 400 छात्र और 40 स्टाफ स्कूल परिसर में ही फंस गए। बाढ़ का पानी निचली मंजिल की कक्षाओं में भर गया। आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे के कारण प्रशासनिक अधिकारी आवभगत की तैयारियों में फंसे रहे और बच्चे स्कूल में परेशान होते रहे। इस पर अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की। अब तीन दिन तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर से पंजाब तक या उससे पहले महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, असम इन तमाम राज्यों में बाढ़, बारिश, भूस्खलन आदि की जितनी भी घटनाएं अभी हो रही हैं, या अतीत में हुई हैं, उनमें फौरी राहत के उपाय के अलावा और कोई गंभीर कदम नहीं उठाया जा रहा है, ताकि भविष्य में सुरक्षा का इंतजाम हो। इसे अब प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि मानव निर्मित आपदा की तरह मानकर दोषियों की शिनाख्त करने की जरूरत है, तभी ठोस समाधान निकल पाएगा या असल मायनों में बचाव कार्य हो पाएगा। हर बार बाढ़ या भू स्खलन के बाद लोगों को प्रभावित स्थानों से निकालने को अगर हमने बचाव कार्य माना तो फिर यह भी मान लेना चाहिए कि हम ऐसी आपदाओं को निमंत्रण दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">याद रहे कि बाढ़ हो या वारिश इनकी चपेट में मंत्री, अधिकारी या सरकार में फैसले लेने वाले लोग नहीं आते हैं, उनके तो आरामगाहों में बारिश से बचने के लिए खूब जगह है और वो ऐसे मौसम का लुत्फ उठाते हैं। सरकारों को इस बात का दर्द नहीं है कि बारिश में कैसे बसी-बसायी जिंदगियां बह जाती हैं। असली दिक्कत तो आम जनता को होती है। जिनकी अकाल मौत होती है, उनके पीछे पूरा परिवार प्रभावित होता है। मौत से बचे तो विस्थापन का दंश सहना पड़ता है। अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों में शरणार्थियों की तरह रहना पड़ता है। जतन से संजोई गृहस्थी उजड़ जाती है, तो कितनी तकलीफ होती है, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में लगी हुई सरकारें प्रकृति के इशारे को समझती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगातार  बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं बता रही हैं कि पहाड़ों को काटकर या नदी के प्राकृतिक रास्ते को नियंत्रित कर वहां व्यावसायिक गतिविधियां करना मौत को दावत देने के समान है। प्रकृति खुलकर संकेत दे रही है कि इंसान संभल जाए और जंगलों का, खदानों का अंधाधुंध दोहन बंद करे। इस संकेत को गंभीर चेतावनी बतौर समझना चाहिए वरना इस क्षति की कोई भरपाई नहीं है।</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 15:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव में अतिक्रमण हटाने व सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें पंचायतें : एसडीएम अनिल कुमार यादव </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>महेंद्रगढ़, विनीत पंसारी ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम अनिल कुमार यादव ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में महेंद्रगढ़ खंड के सरपंचों व ग्राम सचिवों की बैठक लेकर सफाई व्यवस्था व विकास कार्यों बारे आवश्यक दिशा निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />  एसडीएम अनिल कुमार ने कहा कि बरसात के मौसम से पहले सभी गांवों में नालों की सफाई करवाई जाए ताकि बरसाती पानी की निकासी में किसी प्रकार की बाधा ना हो। इसके अलावा गांव में सफाई कर्मियों या मनरेगा के माध्यम से समय-समय पर सफाई करवाई जाए ताकि गांव में सफाई व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने कहा कि गांव की गलियों में ग्रामीणों द्वारा</p>
<p style="text-align:justify;"><br />एसडीएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152466/pay-special-attention-to-the-removal-of-encroachment-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/bba75b10-7cac-4eae-9886-02e6ee28de50.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>महेंद्रगढ़, विनीत पंसारी ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम अनिल कुमार यादव ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में महेंद्रगढ़ खंड के सरपंचों व ग्राम सचिवों की बैठक लेकर सफाई व्यवस्था व विकास कार्यों बारे आवश्यक दिशा निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> एसडीएम अनिल कुमार ने कहा कि बरसात के मौसम से पहले सभी गांवों में नालों की सफाई करवाई जाए ताकि बरसाती पानी की निकासी में किसी प्रकार की बाधा ना हो। इसके अलावा गांव में सफाई कर्मियों या मनरेगा के माध्यम से समय-समय पर सफाई करवाई जाए ताकि गांव में सफाई व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने कहा कि गांव की गलियों में ग्रामीणों द्वारा नालियों व गलियों में किए गए अवैध निर्माण को तोड़कर रास्तों को चौड़ा करवाने का काम करें ताकि ग्रामीणों को खुले रास्ते मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />एसडीएम ने कहा कि सरपंच व ग्राम सचिव एकजुट होकर ग्रामीणों को सफाई व्यवस्था के प्रति जागरूक करें ताकि गांव का प्रत्येक नागरिक सफाई व्यवस्था से जुड़े। उन्होंने कहा कि गांव की खाली पड़ी पंचायती भूमि पर अधिक से अधिक पेड़ लगाकर सरकार के एक पेड़ मां के नाम अभियान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। ताकि हमारे आने वाली पीढियां को गांव में एक अच्छा वातावरण मिल सके। बैठक में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न गांवों से आए सरपंच हुए ग्राम सचिव उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 18:54:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंह में राम, बगल में छुरियां आखिर क्यों ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मेरे तमाम पाठक मश्विरा देते हैं कि मुझे अब भाजपा और मोदी जी को बख्श देना चाहिए ,क्योंकि ये दोनों मुझे बीमार कर सकते है।  ऐसे मित्रों को मैं अक्सर कहता हूँ कि  भाजपा और मोदी जी ने मेरी भैंस नहीं खोली,इसलिए उनसे मेरी कोई अदावत नहीं है ।  मैं इन दोनों के खिलाफ नहीं बल्कि सत्ता प्रतिष्ठान को केंद्र में रखकर लिखता हूँ ।</p>
<p style="text-align:justify;">  कल यहां कोई और होगा ,आज यहां भाजपा और मोदी जी हैं। आज भी मैं भाजपा और मोदी जी को मश्विरा देने जा रहा हूँ कि  -देश सेवा करना है तो अब ' मुंह</p>
<p style="text-align:justify;">मैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150473/why-did-the-knives-be-next-to-ram-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/namaz_in_open_1635915412_1743123503502.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मेरे तमाम पाठक मश्विरा देते हैं कि मुझे अब भाजपा और मोदी जी को बख्श देना चाहिए ,क्योंकि ये दोनों मुझे बीमार कर सकते है।  ऐसे मित्रों को मैं अक्सर कहता हूँ कि  भाजपा और मोदी जी ने मेरी भैंस नहीं खोली,इसलिए उनसे मेरी कोई अदावत नहीं है ।  मैं इन दोनों के खिलाफ नहीं बल्कि सत्ता प्रतिष्ठान को केंद्र में रखकर लिखता हूँ ।</p>
<p style="text-align:justify;"> कल यहां कोई और होगा ,आज यहां भाजपा और मोदी जी हैं। आज भी मैं भाजपा और मोदी जी को मश्विरा देने जा रहा हूँ कि  -देश सेवा करना है तो अब ' मुंह में राम और बगल में छुरियां रखना बंद कर देना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मैं न मुसलमान हूँ और न रोजा रखता हूँ ,लेकिन मैं भाजपा के इस ऐलान से खुश हुआ था कि  आने वाली ईद को मुल्क के 32  लाख मुसलमानों को ,गरीब मुसलमानों को सौगात-ऐ- मोदी बांटी जाएगी ,लेकिन मेरी ख़ुशी केवल एक दिन टिकी और उस समय काफूर हो गयी जब भाजपा शासित अनेक  राज्य सरकारों ने मुसलमानों की खुशियां  छीनने वाले फैसले कर डाले। अब या तो राज्य सरकारें माननीय मोदीजी को नीचा दिखाना चाहतीं हैं या फिर मोदी जी के इशारे पर ही मुसलमानों को दुखी करने वाले फैसले कर रहीं हैं।  </p>
<p style="text-align:justify;">खबर हरियाणा से आयी है कि  हरियाणा सरकार ने मुसलमानों को ईद पर मिलने वाली सरकारी छुट्टी रद्द कर दी है। तर्क ये है कि   ईद की छुट्टी को गजेटेड हॉलीडे के बजाय रेस्ट्रिक्टेड हॉलीडे  किया गया है।  सरकारी अधिसूचना के मुताबिक  सप्ताहांत  होने के चलते शनिवार और रविवार (29 और 30 मार्च) को छुट्टी होगी. इसी बीच 31 मार्च (सोमवार) को फाइनेंशियल ईयर का कलोजिंग डे है. इसलिए सरकारी की ओर से यह फैसला लिया गया है ।</p>
<p style="text-align:justify;"> भारतीय रिजर्ब बैंक ये कदम उठती है तो समझ आता है ,उसने ये कदम उठाया भी है। भारतीय रिजर्व बैंक  ने अपने सभी बैंक को 31 मार्च को काम करने और सभी सरकारी लेन-देन पूरा करने के निर्देश दिए हैं. यानी ईद की छुट्टी सस्पेंड कर दी गई है और सभी बैंकिंग सुविधाएं जारी रहेंगी लेकिन हरियाणा को छोड़ किसी और सूबे ने ये अक्लमंदी नहीं दिखाई।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी कितने उदार हैं लेकिन उनकी पार्टी की सरकारें उतनी ही कठोर हो रही है।  मोदी जी के चिर प्रतिद्वंदी माने जाने वाले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार और नौकरशाही हरियाणा से भी आगे निकल गयी। मेरठ में पुलिस प्रशासन ने ईद की नमाज को लेकर सख्त आदेश जारी करते हुए सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस आदेश पर अब प्रदेश में सियासत हो रही है। एनडीए की सहयोगी और केंद्र सरकार में मंत्री जयंत चौधरी ने मेरठ पुलिस के इस फैसले का विरोध किया है और उसकी तुलना ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग से की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर ये पोस्ट किया है। संभल में पीस कमेटी की बैठक बुलाकर सबको नसीहत दी गई है कि कोई मस्जिद के अलावा कहीं नमाज़ पढ़ता हुआ दिखाई दिया, तो सख्त एक्शन होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी एक कदम आगे 27  साल बाद दिल्ली में आयी भाजपा की सरकार नवरात्रि पर दिल्ली  में मांस की दुकानें बंद करने पर आमादा है। दिल्ली में मीट और मछली की बिक्री को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। दिल्ली में गैरकानूनी रूप से मीट, मछली बेचने पर रोक लगाई गई है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्रवेश वर्मा ने कहा कि राजधानी में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कि वह गैरकानूनी मीट, मछली बेचने वाली यूनिट को खत्म करें। मंत्री प्रवेश वर्मा ने साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति गैर-कानूनी रूप से मीट और मछली नहीं बेचना चाहिए।अब इस फैसले से कौन खुश होगा और कौन नहीं ये सब बताने की जरूरत नहीं है। यानि इस बार भले ही मोदी जी की तरफ से गरीब मुसलमानों को सौगात बांटने का ऐलान किया गया हो किन्तु भाजपा शासित सरकारों ने तमाम तरह की पाबंदियां लगाकर ईद का मजा तो पहले से ही किरकिरा कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुल्क में सड़क पर कांवड़ यात्राएं वर्षों से निकल रहीं है।  धार्मिक जुलूस निकाले  जाते है ।  हर धर्म के लोग जुलूस निकलते हैं लेकिन परेशानी अलविदा की नमाज से है। अलविदा की नमाज से क़ानून और व्यवस्था की स्थिति खराब होती है। अरे मिया !  सड़क पर नमाज कोई पूरे दिन  तो नहीं होती ! कुछ देर के लिए उसी तरह ट्रेफिक को मोड़ा जा सकता है जिस तरह मंत्रियों की सभाओं के लिए मोड़ा जाता है ,लेकिन ये कसरत कौन करे? क्यों करे ? मुसलमान इस मुल्क के नागरिक थोड़े ही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> सारी पाबंदियां उन्हीं के लिए हैं। बहुसंख्यक महाराष्ट्र के अहिल्यनगर में ख्वाजा चिश्ती की दरगाह पर बवाल काट सकते हैं,वहां भगवा फहरा सकते हैं।  शायद यही  गजबा -ऐ-हिन्द का जबाब भगवा -ऐ- हिन्द है और वो भी सरकार की तरफ से। गनीमत है कि  ईद के चाँद पर हमारी भाजपा सरकार का नियंत्रण नहीं है अन्यथा ये भी मुमकिन था की चाँद को या तो निकलने ही नहीं दिया जाता या फिर उन मोहल्लों में चादरें तान दी जातीं हैं जहाँ चाँद देखना एक रिवायत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 11:57:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा के युवक को ऑस्ट्रेलिया में 40 साल कैद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया की एक कोर्ट ने हरियाणा के एक नेता बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा सुनाई है. धनखड़ पर पांच कोरियन महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस शख्स पर पांच कोरियाई महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम देने का' आरोप है. अब इस शख्स को 30 साल की सजा बगैर किसी पैरोल के भुगतनी होगी.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">धनखड़ महिलाओं को धोखा देने के लिए फर्जी नौकरी विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था, उन्हें अपने सिडनी घर के आसपास के स्थानों पर बुलाता था, जहां वह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149690/haryana-youth-imprisoned-for-40-years-in-australia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/6.jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया की एक कोर्ट ने हरियाणा के एक नेता बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा सुनाई है. धनखड़ पर पांच कोरियन महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस शख्स पर पांच कोरियाई महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम देने का' आरोप है. अब इस शख्स को 30 साल की सजा बगैर किसी पैरोल के भुगतनी होगी.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धनखड़ महिलाओं को धोखा देने के लिए फर्जी नौकरी विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था, उन्हें अपने सिडनी घर के आसपास के स्थानों पर बुलाता था, जहां वह उन्हें नशीला पदार्थ खिलाता था और उनके साथ मारपीट करता था. समाचार एजेंसी ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार आईटी सेक्टर में काम कर चुके बालेश महिला को नशा देने के बाद उनका यौन उत्पीड़न करता था.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शुक्रवार को धनखड़ को सजा सुनाते हुए, जिला न्यायालय के न्यायाधीश माइकल किंग ने उसके कामों को 'पूर्व-नियोजित, अच्छे तरीके से सोच-समझकर और चालाकी से किया गया बताया। न्यायाधीश ने कहा कि धनखड़ ने अपनी संतुष्टि के लिए पीड़ितों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. रिपोर्ट में जज का हवाला देते हुए कहा गया, 'यह पांच महिलाओं के खिलाप सोचा-समझा गया घृणित अपराध था.' सभी पीड़ितों की उम्र 21 और 27 के बीच बताई जा रही है.  धनखड़ ने एक ऐसी एक्सेल स्प्रेडशीट बनाई थी, जिसमें उसने अपने फर्जी नौकरी विज्ञापनों के आवेदकों को उनकी शक्ल और बुद्धि के आधार पर रेटिंग दी थी.।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसमें प्रत्येक पीड़ित के साथ उसकी बातचीत का विवरण भी था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी और उनकी कमजोरी का आकलन भी शामिल था. 2018 में अपनी गिरफ्तारी से पहले तक, धनखड़ भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में काफी लोकप्रिय था. रिपोर्ट के अनुसार, उसने भारतीय जनता पार्टी के एक सैटेलाइट समूह की स्थापना की और हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता के रूप में काम किया. उसने एबीसी, ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको, टोयोटा और सिडनी ट्रेन्स जैसे संगठनों के साथ डेटा विज़ुअलाइज़ेशन कंसल्टेंट के रूप में काम किया था. धनखड़ 2006 में एक छात्र के रूप में ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> न्यायाधीश ने कहा कि दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करने वाले एक सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति के रूप में उसकी बाहरी छवि 'उसके गंभीर रूप से दोषपूर्ण और शिकारी चरित्र के साथ पूरी तरह से असंगत थी', अदालत में सामने आई. अक्टूबर 2018 में उसके पांचवें अपराध के बाद, पुलिस ने सिडनी के केंद्रीय व्यापार जिले में उसके यूनिट पर छापा मारा, जहां उसे डेट-रेप ड्रग्स और एक वीडियो रिकॉर्डर मिला, जिसे घड़ी रेडियो के रूप में छिपाया गया था. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2023 में एक जूरी ने उसे 39 अपराधों का दोषी पाया, जिसमें यौन उत्पीड़न के 13 मामले शामिल थे.।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धनखड़ ने महिलाओं को नशीला पदार्थ देने या गैर-सहमति वाले यौन संबंध बनाने से इनकार किया. एक लेखक को बताया कि 'मैं सहमति की व्याख्या कैसे करता हूं, और कानून सहमति को कैसे देखता है, इसमें अंतर है.' उसकी गैर-पैरोल अवधि अप्रैल 2053 में खत्म होगी. उसकी पूरी 40 साल की सजा तब समाप्त होगी जब वह 83 वर्ष का हो जाएगा.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 21:09:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कबाड़ी का काम करते-करते अचानक उतारा पत्नी को पार्षद के चुनाव मैदान में आजाद उम्मीदवार से लड़ रहे चुनाव </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>वार्ड 17 के लोगों का कहना है खिला के रहेगा कमल</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>करनाल से पत्रकार तिलक राज बंसल की रिपोर्ट </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा-करनाल</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलक राज बंसल </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  हरियाणा नगर निगम चुनाव 2025 में करनाल के वार्ड 17 से एक करता है कबाड़ी का काम और दूसरा करता है बिजली का दोनों ने अपनी अपनी पत्नियों को उतरा मैदान में पवन पाल ने स्वतंत्र प्रभात मीडिया से बातचीत करते समय बताया कि उसने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह अपनी पत्नी को एक प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी पवन पाल ने बताया कि उसकी कबाड़ी की दुकान</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149122/while-working-as-a-junk-suddenly-the-wife-was-contesting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/screenshot_20250228-120932.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>वार्ड 17 के लोगों का कहना है खिला के रहेगा कमल</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>करनाल से पत्रकार तिलक राज बंसल की रिपोर्ट </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा-करनाल</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलक राज बंसल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> हरियाणा नगर निगम चुनाव 2025 में करनाल के वार्ड 17 से एक करता है कबाड़ी का काम और दूसरा करता है बिजली का दोनों ने अपनी अपनी पत्नियों को उतरा मैदान में पवन पाल ने स्वतंत्र प्रभात मीडिया से बातचीत करते समय बताया कि उसने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह अपनी पत्नी को एक प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी पवन पाल ने बताया कि उसकी कबाड़ी की दुकान है और वह पुराना टीन टपर आदि खरीदने बेचने का काम करता है लेकिन अचानक ही वार्ड नंबर 17 को बी सी बी कैटेगरी में वार्ड बंदी की गई ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें सैनी समाज, यादव, लोदी, गुज्जर कैटिगरी के लोग ही चुनाव में खड़े हो सकते हैं क्योंकि मेरी पत्नी इसी कैटिगरी से तालुक रखती है इसलिए मुझे मेरे समाज के सभी व्यक्तियों ने मुझे चुनाव मैदान में खड़ा कर दिया पवन पाल ने बताया कि उसके पास चुनाव लड़ने के लिए ज्यादा पैसे भी नहीं है फिर भी वह हिम्मत करके घर-घर जाकर वोटो की अपील कर रहे हैं जिस वार्ड के सभी लोगों का अच्छा सहयोग उन्हें मिल रहा है l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पवन पाल की पत्नी नीलिमा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह आजाद उम्मीदवार से चुनाव लड़ रही है उन्हें छतरी का निशान मिला है वार्ड सभी महिलाओं का उन्हें भरपूर सहयोग मिल रहा है वार्ड की सैकड़ों महिलाएं एकत्रित हो कर घर-घर जाकर वोट की अपील करती है आज वार्ड से एक ही आवाज आ रही है कि इस बार केवल छाती के निशान पर ही मोहर लगेगी 2 तारीख को वोटिंग होगी तथा उनके वोटिंग बूथ पर ही सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250215-wa0147~2.jpg" alt="बिजली का काम करते करते अचानक ही कांग्रेस ने दे दी टिकट अपनी पत्नी को उतारा प्रत्याशी के रूप में मैदान में" width="552" height="331"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/screenshot_20250228-120932.jpg" alt="बिजली का काम करते करते अचानक ही कांग्रेस ने दे दी टिकट अपनी पत्नी को उतारा प्रत्याशी के रूप में मैदान में" width="552" height="331"></img></div>
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<div style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर बिजली का काम करने वाले काका सैनी ने हमें बताया कि उसने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ेगा काका सैनी ने बताया कि अचानक की उसके पास करनाल के कांग्रेस नेताओं का फोन आया और उसे टिकट ऑफर की गई जिसके बाद मुझे खुशी के मारे होश उड़ गए उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह भारत की सबसे पहली और सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की टिकट पर उसकी पत्नी सुरेखा चुनाव लड़ेगी ।</div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड नंबर 17 के कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी सुरेखा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हार जीत तो ऊपर वाले के हाथ में है लेकिन फिर भी वार्ड से अच्छा भरपूर सहयोग मिल रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर पूर्व पार्षद गजे सिंह सैनी की बेटी कविता भी मैदान में उतरी है जोकि आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं जिनका चुनाव निशान सिलाई मशीन है वही गौर करने वाली बात यह है कि गजे सिंह सैनी ने 2019 में भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था और बहुत मार्जन के साथ हार भी गए थे लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी ने टिकट का दावेदार बदल दिया राजेश सैनी एडवोकेट की पत्नी ममता देवी को टिकट देकर पार्षद प्रत्याक्षी के रूप में मैदान में उतारा गौरतलब यह है कि क्या 2019 में बीजेपी के कैंडिडेट चुनाव हार गए थे ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p><iframe style="border:none;" src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=476&amp;href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fswatantraprabhatmedia%2Fvideos%2F643128135031230%2F&amp;show_text=false&amp;width=267&amp;t=0" width="267" height="476" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या इस बार जीत पाएंगे वही जब सभी कैंडीडेट्स के दावे बुलंद नजर आए तो मीडिया का कैमरा वार्ड 17 में लोगों से रिपोर्ट जानने के लिए निकला तो लोगों ने कहा कि वार्ड 17 में इस बार कमल के फूल को ही खिला कर रहेंगे भारतीय जनता पार्टी ने करनाल शहर में विकास में बहुत से अच्छे कार्य किए है लोगों ने कहा कि आज उन्हें कोई भी डॉक्यूमेंट बनवाने के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते बल्कि घर बैठे सभी कार्य हो जाते हैं ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 15:11:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>नहीं , मै नहीं देख सकता तुझे रोते हुए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जिस आदमी को आपने बुक्का फाड़कर हँसते हुए संसद से सड़कों तक,देश से दुनिया भर में देखा हो उसे रोता हुआ देखना पड़े तो दिल काँप जाता है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल नतीजों को देखकर मुझे आशंका है कि कल तक हंसने वाले हमारे तमाम सुर्खरू चेहरे लटक न जाएँ,रो न पड़ें ।  मुझसे ये मंजर देखा नहीं जाएगा। हकीकत ये है कि  मै मतदान के बाद किये जाने वाले एक्जिट पोल पर यकीन नहीं करता ।  यकीन तो राजनीतिक   दल और नेता भी नहीं करते लेकिन कभी-कभी ये पोल चौंका देते हैं ।  पिछले साल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145404/no-i-cant-see-you-crying"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/modi-41571662842242.jpg" alt=""></a><br /><p>जिस आदमी को आपने बुक्का फाड़कर हँसते हुए संसद से सड़कों तक,देश से दुनिया भर में देखा हो उसे रोता हुआ देखना पड़े तो दिल काँप जाता है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल नतीजों को देखकर मुझे आशंका है कि कल तक हंसने वाले हमारे तमाम सुर्खरू चेहरे लटक न जाएँ,रो न पड़ें ।  मुझसे ये मंजर देखा नहीं जाएगा। हकीकत ये है कि  मै मतदान के बाद किये जाने वाले एक्जिट पोल पर यकीन नहीं करता ।  यकीन तो राजनीतिक   दल और नेता भी नहीं करते लेकिन कभी-कभी ये पोल चौंका देते हैं ।  पिछले साल लगभग इन्हीं दिनों हुए राजस्थान, मध्य्प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में तमाम एक्जिट पोल औंधे मुंह गिरे थे और तीनों राज्यों में हमारी अपनी  भाजपा की सरकारें बन गयीं थीं। सर्वे करने वालों ने मतदाताओं के मन में तो झाँकने की कोशिश की थी किन्तु मशीनरी के मन में झाँकने में नाकाम रहे थे।</p>
<p>हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में एक चुनावों से पहले भाजपा का घोषित-अघोषित राज रहा है ।  हरियाणा में पहले खटटर साहब थे ,चुनावों से पहले सैनी आ गये ।  जम्मू-कश्मीर में पहले सत्यपाल मलिक राज्यपाल हुआ करते थे, बाद में मनोज सिन्हा साहब बना दिए गया ।  सत्यपाल को सत्य बोलने की सजा मिली और मनोह सिन्हा को यूपी छोड़ने का ईनाम । लेकिन दोनों ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा के लिए उसी तरह फील्डिंग की जैसे कि  हरियाणा में चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्रियों ने की ,अब अचानक दोनों जगह पासा पलटता नजर आ रहा है। ये किसी टोटके की वजह से हुआ या जनता इन सब हुक्मरानों से आजिज आ गयी ,ये कहना मुश्किल है।</p>
<p>आप मानें या न मानें  लेकिन मुझे लगता है कि  अभी चुनाव नतीजे आने तक भाजपा हार नहीं मानेगी ।  उसे हार मानना भी नहीं  चाहिये ।  उसने पहले तीनं राज्यों में हार कहाँ मानी थी ,जो अब मान ले ! आपको याद है न आम चुनावों के बाद भले ही भाजपा 400  पार नहीं कर पायी थी । उसने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। भाजपा को लंगड़ा जनादेश मिला तो उसने आनन-फानन में जेडीयू और टीडीपी की बैशाखियाँ लगाना स्वीकार कर लिया था ।  मुझे आशंका है कि  भाजपा हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी अंत तक अपने लिए बैशखियाँ तलाश करेगी। अब ये बात अलग है कि  बैशखियाँ मिलना ही बंद हो जाएँ।</p>
<p>पहले जम्मू-कश्मीर की ही बात कर लेते हैं,क्योंकि यहां दस साल बाद चुनाव हुए हैं और तब हुए हैं जब इस इलाके को राज्य का दर्जा हासिल नहीं है ।  केंद्र की सरकार ने पांच साल पहले जम्मू-कश्मीर की जनता को सबक सीखने के लिए आतंकवाद  रोकने के नाम पर न सिर्फ राज्य का दर्जा छीना था ,न सिर्फ संविधान   के अनुच्छेद 370  के तहत मिले खास दर्जे को छीना था बल्कि उसके तीन टुकड़े भी कर दिए थे और जाफरान के खेतों पर राज्यपाल के रूप में अपने पहरेदार  बैठा दिए  थे।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन पहली बार नहीं लगा । पहले भी यहां 9  बार राष्ट्रपति   शासन रह चुका है ।  सबसे ज्यादा राष्ट्रपति शासन तो कांग्रेस के जमाने में लगाया गया,लेकिन कांग्रेस ने कभी कश्मीरियों से उनका राज्य का दर्जा नहीं छीना ।  जम्मू-कश्मीर के महाराजा डॉ कर्ण सिंह से लेकर मनोज सिन्हा साहब तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल   रहे ,लेकिन जैसा हाल अबकी बार है वैसा  पहले कभी नहीं हुआ।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर में भाजपा अलावा   कांग्रेस, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस, पीडीपी समेत अन्‍य छोटे-छोटे दलों ने लोकतंत्र की बहाली के इस अभियान में  हिस्‍सा लिया था।  एक्जिट पोल  के नतीजों के अनुसार, केंद्र प्रशास‍ित प्रदेश में बीजेपी को 27 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।  इसके अलावा कांग्रेस-नेशनल कॉन्‍फ्रेंस गठबंधन को 41 सीटें मिल सकती हैं।  सबसे ज्‍यादा नुकसान महबूबा मुफ्ती की पीपुल्‍स डेमोक्रेटिक पार्टी को होने के आसार जताए गए हैं।  पिछले चुनाव में पीडीपी को दोहरे अंकों में सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी को महज सात सीटें मिलने के आसार हैं।  </p>
<p>पीडीपी से ज्‍यादा ताकतवर निर्दलीय हो सकते हैं. उनके खाते में 15 सीटें जाने की संभावना है।  यहां 5  विधायकों के मनोनयन का अधिकार केंद्र ने पहले ही राज्यपाल   को दे   दिया है। अपने लम्बे ,लचर अनुभव के आधार पर मै एक ही बात कह सकता हूँ कि  जम्मू-कश्मीर में चाहे जिस गठबंधन की सरकार बने लेकिन मुख्यमंत्री फिलहाल डॉ फारुख अब्दुल्ला साहब ही होंगे ।  वे सत्ता में आने का अमरीका के राष्ट्र्पति जो वायडन का कीर्तिमान भांग करेंगे। डॉ फारुख साहब ८५ के हैं और फिट हैं। वे जितने हिन्दुओं में लोकप्रिय है उतने ही मुसलमानों में। वे जितने सहज कांग्रेस के साथ हो सकते हैं उतने ही भाजपा के साथ भी। वे हालत के मुताबिक ढलने में सिद्धहस्त हैं ,इसलिए मै उन्हें अभी से मुबारकबाद देकर फारिग होना चाहता हूँ। टूटे हुए सूबे की जनता डॉ फारुख के बेटे  उम्र अब्दुल्ला को शायद बर्दाश्त नहीं करेगी।</p>
<p>अब आइये हरियाणा की बात करें। हरियाणा में असली महाभारत हुई है। ।  यहां के एक्जिट पोल में सब एकराय हैं चाहे वे सर्वेयर गोदी मीडिया के हों या दूसरे।  सबका कहना है कि  हरियाणा में कांग्रेस की जो हवा चली थी वो पहले आंधी बनी और बाद में सुनामी में तब्दील हो गयी। अब मुमकिन है की 8  अक्टूबर  को हरियाणा में भाजपा का सूपड़ा साफ़ हो जाये। इंडिया टुडे-सी वोटर के सर्वे के मुताबिक, हरियाणा में कांग्रेस को 50 से 58 सीटें मिलने का अनुमान है। बीजेपी को 20 से 28 सीटें मिल सकती हैं।</p>
<p>दोनों विधानसभाओं के नतीजे आने के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी ।  इससे पहले मतगणना में भाजपा सरकार की मशीनरी कितना,क्या खेल कर पायेगी कहना कठिन है क्योंकि अंतर् बहुत ज्यादा माना जा रहा है ,लेकिन ' जानी न जाये निसाचर माया । भाजपा कब कहाँ आपरेशन लोट्स चला दे ,कब ,कहां नवनिर्वाचित छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों को अपनी अदृश्य चुंबक से अपनी और खींच ले ,कोई जानता है क्या ? वैसे इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे जहाँ देश में लड्डुयों के बजाय जलेबियों का भविष्य उज्ज्वल करेंगे ,वहीं भाजपा के लिए हर जगह वैशखियों की जरूरत को बढ़ने वाले होंगे । जब तक नतीजे आएंगे तब तक आइये मिलकर गाते हैं-' इबतदाये इश्क में हम सारी रात जागे,अल्ला जाने क्या होगा आगे ? आपको यदि ये गाना पसंद न हो तो आप- देख सकता हूँ मै कुछ भी होते हुए। नहीं मै ,नहीं देख सकता तुझे रोते हुए' भी गा सकते हैं।<br /><strong>राकेश अचल </strong></p>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 16:38:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>क्यों पड़ी भाजपा व जननायक जनता पार्टी के गठबंधन में दरारें , कौन रहेगा फायदे में  ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा के लिए मंगलवार का दिन बदलाव की बड़ी बयार लेकर आया। सूबे में सरकार की तस्वीर बदल गई है तो साथ ही बदला है गठबंधनों का गणित भी। मनोहर लाल खट्टर की जगह सरकार की कमान अब नायब सिंह सैनी के हाथों में है। भारतीय जनता पार्टी  और दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी  का चार साल पुराना गठबंधन चुनावी साल में आकर टूट गया है। भाजपा -जजपा  गठबंधन टूटने की खबर ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ दिनों से एक के बाद साथ छोड़कर जा चुके पुराने और नए सहयोगियों की एनडीए में एंट्री</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139297/why-there-are-cracks-in-the-alliance-of-bjp-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/ashok-bhatia-swatantra-patrakar.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा के लिए मंगलवार का दिन बदलाव की बड़ी बयार लेकर आया। सूबे में सरकार की तस्वीर बदल गई है तो साथ ही बदला है गठबंधनों का गणित भी। मनोहर लाल खट्टर की जगह सरकार की कमान अब नायब सिंह सैनी के हाथों में है। भारतीय जनता पार्टी  और दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी  का चार साल पुराना गठबंधन चुनावी साल में आकर टूट गया है। भाजपा -जजपा  गठबंधन टूटने की खबर ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ दिनों से एक के बाद साथ छोड़कर जा चुके पुराने और नए सहयोगियों की एनडीए में एंट्री की खबरें आ रही थीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बताया जाता है कि जननायक जनता पार्टी  के साथ उसके गठबंधन में दरारें पिछले साल</span> 10 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा सीटों के लिए संघर्ष के बीच दिखाई देने लगी थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि भाजपा उन सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला के नेतृत्व वाली जजपा  भी इसी तरह का दावा कर रही थी। यह किसी से छिपा नहीं था कि यह आपसी सुविधा का गठबंधन था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साझा विचारधारा का नहीं। जजपा  का जन्म </span>2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">के विधानसभा चुनावों से पहले इंडियन नेशनल लोक दल  में ऊर्ध्वाधर विभाजन के परिणामस्वरूप हुआ था। उसने </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">विधानसभा सीटें जीतकर खुद को किंगमेकर की भूमिका में पाया। जिस सदन में भाजपा के पास </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के पास </span>31, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्दलीय सात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इनेलो और हरियाणा लोकहित पार्टी के पास एक-एक सीट थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां जजपा  की स्थिति निर्णायक थी।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस कवायद में सबसे ज्यादा नुकसान जजपा  को हुआ है। नई नवेली पार्टी ने खुद को इनेलो के असली उत्तराधिकारी के रूप में पेश किया था और </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों के साथ भरपूर लाभ उठाया था। लेकिन अब खुद को सत्ता और निर्वाचन क्षेत्र दोनों के बिना महसूस कर रही है। गठबंधन का खत्म होना इनेलो के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कभी हरियाणा में शासन करने वाली एक मजबूत क्षेत्रीय पार्टी थी। विडंबना यह है कि </span>2000 <span lang="hi" xml:lang="hi">के विधानसभा चुनावों में </span>47 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों के साथ जीत हासिल करने के बाद इनेलो ने </span>1999 <span lang="hi" xml:lang="hi">में भाजपा के साथ गठबंधन किया था। भाजपा का संदेश स्पष्ट और स्पष्ट है: कोई भी मुख्यमंत्री हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जीतने की क्षमता ही मायने रखती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की तरफ से यह बदलाव सिर्फ दिखावटी नहीं है। </span>55 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षीय कुरूक्षेत्र के सांसद नायब सैनी के रूप में हरियाणा को ओबीसी समुदाय से मुख्यमंत्री मिलता है। </span>2011 <span lang="hi" xml:lang="hi">की जनगणना के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग राज्य की आबादी का </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत से अधिक है। जाट केवल </span>20-25 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत हैं। भाजपा ने </span>2014 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनावों के दौरान भी इस गणित को ध्यान में रखा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब अतीत से हटकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने करनाल से पहली बार विधायक और पंजाबी खत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खट्टर को उस राज्य में स्थापित किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे लोकप्रिय रूप से जाटलैंड कहा जाता था। कांग्रेस भी ओबीसी के प्रतिनिधित्व की कमी पर प्रकाश डाल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी अगुवाई पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी कर रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में कांग्रेस द्वारा ओबीसी उदय भान को राज्य पार्टी प्रमुख के रूप में नियुक्त करने के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा ने भी नायब सैनी का अनुसरण किया। अब उन्हें शीर्ष पद पर पदोन्नत कर दिया गया। यह बड़ा विभाजन हिसार से भाजपा सांसद और राज्य के प्रसिद्ध किसान नेता सर छोटू राम के परपोते बृजेंद्र सिंह के जजपा  पर मतभेदों के बाद कांग्रेस में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ने के कुछ दिनों बाद हुआ है। गुटबाजी से घिरी कांग्रेस को अब और मेहनत करनी होगी क्योंकि भाजपा  उसके नए रूप का फायदा उठा रही है।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सत्ताधारी गठबंधन में टूट विपक्ष के लिए झटका कैसे है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे समझने के लिए हरियाणा के सामाजिक समीकरणों के साथ ही सियासी मिजाज की भी चर्चा करनी होगी। हरियाणा में करीब </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी जाट आबादी है। हरियाणा की सत्ता के शीर्ष पर लंबे समय तक जाट चेहरे काबिज रहे हैं। चौटाला परिवार की इंडियन नेशनल लोक दल हो या भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहारे कांग्रेस पार्टी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों ही दलों की राजनीति का आधार जाट ही रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  ने </span>2014 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव में जीत के बाद जब गैर जाट मनोहर लाल खट्टर को सरकार की कमान सौंपी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब इसे लेकर भी खूब हो-हल्ला भी हुआ। </span>2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव में भाजपा  बहुमत के आंकड़े से छह सीट पीछे रह गई तो इसके पीछे भी गैर जाट सीएम और जाट आरक्षण को लेकर जाट वोटर्स की नाराजगी एक वजह बताई गई। </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव से पहले भी जाट नाराज बताए जा रहे हैं। किसान आंदोलन के समय पंजाब के बाद हरियाणा दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा था। किसान कुछ दिन पहले भी एमएसपी से संबंधित कानून की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए थे। कांग्रेस को माहौल अपने मुफीद लग रहा था लेकिन अब तस्वीर बदल गई है।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  ने दुष्यंत चौटाला की पार्टी से गठबंधन तोड़ कर यह संदेश दे दिया है कि वह हरियाणा में गैर जाट राजनीति की उसी लाइन पर आगे बढ़ेगी जो उसने</span> 2014 <span lang="hi" xml:lang="hi">में खींची थी। पिछले कुछ समय से हरियाणा कांग्रेस जाट पॉलिटिक्स की पिच पर खुद को मजबूत करने में जुटी थी। चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे और हिसार से भाजपा  सांसद बृजेंद्र चौधरी के कांग्रेस में जाने को भी इन सबसे जोड़कर ही देखा जा रहा था। आईएनएलडी की जाट वोट बैंक पर पकड़ भी दुष्यंत के अलग पार्टी बना लेने के बाद कमजोर पड़ी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  के साथ गठबंधन में रहते हुए जजपा  को कहीं ना कहीं यह डर भी सता रहा था कि जाट वोट उससे छिटक न जाए। जजपा  के नेता दुष्यंत के सामने भी यह चिंता जता रहे थे कि भाजपा  के साथ होने से पार्टी को जाट समाज की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। चर्चा तो यह भी है कि गठबंधन तोड़ना कहीं दोनों दलों की सोची-समझी रणनीति तो नहीं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप डबास इस तरह के कयासों को खारिज करते हुए कहते हैं कि अगर ऐसा होता तो जजपा  में टूट की नौबत नहीं आती। भाजपा </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जजपा  के कई विधायकों के संपर्क में होने का दावा कर रही है। दुष्यंत ने दिल्ली में विधायक दल की बैठक बुलाई थी और जजपा  के कई विधायक चंडीगढ़ में थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आईएनएलडी की पकड़ कमजोर होने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जजपा  के भाजपा  के साथ होने से कांग्रेस को जाट समाज से एकमुश्त समर्थन की उम्मीद थी। अब गठबंधन टूटने के बाद जजपा  की रणनीति भी जाट वोटर्स के सामने खुद को एक विकल्प के रूप में पेश करने की होगी। जजपा  अगर अपनी रणनीति में सफल रहती है और जाट वोट बैंक में सेंध लगा पाती है तो जाहिर है नुकसान कांग्रेस को को ही होगा। एंटी वोट बंटने का सीधा लाभ सत्ताधारी भाजपा  को मिल सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गौरतलब है कि दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सीटें आपस में बांट लीं लेकिन पंजाब में दोनों अलग अलग लड़ रहे हैं। क्योंकि नहीं चाहते कि किसी तीसरे को एंट्री पंजाब की सियासत में मिले। क्या कुछ ऐसा ही फॉर्मूला हरियाणा का बना है </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां कहा जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला की पार्टी से दूरी बनाना और अपनी ही पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री को बदलना। इसमें एक तीर से दो निशाने साधे गए हैं। एक निशाना सत्ता विरोधी हवा को कंट्रोल करना और दूसरा निशाना दुष्यंत चौटाला को अकेले मैदान में छोड़कर कांग्रेस के जाट वोट का हिस्सा अकेले पाने से रोकना।</span></p>
<p class="MsoNormal">2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">के लोकसभा चुनाव में एससी वोट का </span>58 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी हिस्सा भाजपा  के खाते में गया था जबकि कांग्रेस </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी वोट हासिल कर सकी थी। वहीं मुस्लिम वोट का भाजपा  </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">को प्रतिशत हिस्सा मिला जबकि कांग्रेस </span>76 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी वोट मिले। वहीं जाट वोट का </span>39 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी हिस्सा भाजपा  के हिस्से में आया जबकि कांग्रेस </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी वोट हासिल कर सकी थी। वहीं भाजपा  के खाते में ओबीसी का</span> 70 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी वोट आया था जबकि कांग्रेस केवल </span>18 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत ही हासिल कर सकी थी। वहीं सामान्य वर्ग से भाजपा  को </span>69 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी मिले थे जबकि और कांग्रेस </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी वोट ही हासिल कर सकी।यानी मुस्लिम छोड़ इकलौता जाट वोट ही हरियाणा का ऐसा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें भाजपा  चालीस फीसदी से नीचे का हिस्सा पाती है। तो क्या इसी से जुड़ी कोई रणनीति अपनी ही गठबंधन सरकार को हिला डुलाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम बदल कर भाजपा  ने बनाया है </span>? </p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" xml:lang="hi">कहने को कहा तो ये जाता है कि दुष्यंत चौटाला दो से तीन सीट लोकसभा की मांग रहे थे। भाजपा  ने नहीं दिया। खुद उन्हें सरकार से हटा सकते नहीं थे। लिहाजा पूरी कैबिनेट ने जाकर इस्तीफा दे दिया और सरकार बदल गई। लेकिन इसमें खेल है। खेल है जाट वोट का। हरियाणा में </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी जाट वोट है जो भाजपा  और दुष्यंत चौटाला के एक साथ लड़ने पर कांग्रेस के पास ज्यादा जाता। लेकिन अब दुष्यंत चौटाला भी अलग से मैदान में होंगे तो जाट वोट के लिए जजपा </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंडियन नेशनल लोकदल  और कांग्रेस के बीच बंटवारा होगा। जानकार कहते हैं फायदे की यही राजनीतिक रणनीति भाजपा  ने अपनाई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  ने हरियाणा में ओबीसी वर्ग से आने वाले नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाकर एक और पिछड़े वर्ग के नेताओं को मुख्यमंत्री  लिस्ट में शामिल कर दिया है। देश के चुनाव में जब कांग्रेस जाति गणना की मांग के साथ पिछड़ों को आरक्षण देने का वादा करती है। तब भाजपा  जरूर इस बात को याद कराएगी कि कांग्रेस ने देश में कितने ओबीसी मुख्यमंत्री  बनाए और भाजपा  ने कितने </span>? </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं होते। कई बार वे कहानी भी कहते हैं। भारत जैसे सामाजिक विविधता वाले देश में चुनावी आंकड़ों से राजनीति विज्ञान के कई नई क्षेत्र खुलते हैं। निशांत रंजन द्वारा आजादी के बाद के मुख्यमंत्रियों की सामाजिक पृष्ठभूमि के संबंध में जुटाए गए आंकड़ों से पता चलता है कि भाजपा  ने अब तक जितने मुख्यमंत्री बनाए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनमें से </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi">.</span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी ओबीसी हैं। जबकि कांग्रेस द्वारा बनाए गए मुख्यमंत्रियों में सिर्फ </span>17<span lang="hi" xml:lang="hi">.</span>3 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी ओबीसी हैं। अन्य दलों के लिए ये आंकड़ा </span>28 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीसदी है।</span><br /> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जननायक जनता पार्टी </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के कम से कम पांच विधायक पार्टी छोड़ने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के मूड में हैं। दुष्यंत ने नई आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मद्देनजर नई दिल्‍ली में पार्टी की बैठक बुलाई है। जननायक जनता पार्टी </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के सभी </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और सीनियर नेताओं को इसमें शामिल होना था। भादरा से विधायक नैना चौटाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उकलाना से विधायक अनूप धानक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नरवाना से विधायक रामनिवास और शाहबाद से</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विधायक रामकरण ही मंगलवार को दिल्ली पहुंचे हैं। बाकी पांच विधायकों का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अता-पता नहीं। हरियाणा में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव भी होने हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में दुष्यंत के लिए आगे की डगर कठिन हो चली है।बताया तो यह भी जाता है कि </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा के नारनौंद से विधायक राम कुमार गौतम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुहला विधायक ईश्वर सिंह और जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा के जजपा  छोड़ने की चर्चा है। द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि दुष्यंत के करीबियों में शुमार रहे देवेंद्र सिंह बबली भी पाला बदली सकते हैं। बबली पिछले कुछ दिनों से दुष्यंत के खिलाफ बयान दे रहे थे। पिछले साल बबली को हरियाणा कैबिनेट में जगह मिली थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><a></a><a></a><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अशोक भाटिया</span></strong><strong>,</strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार </span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">लेखक, </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Mar 2024 15:15:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>48 दिन से हड़ताल पर बैठी आशा वर्कर्स ने आज सामूहिक रूप से गिरफ्तारी दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>  </p>
<p><strong>शिवचरण/पटौदी। </strong></p>
<p>गुरुग्राम आज हुए प्रदर्शन को सीटू प्रदेश उपाध्यक्ष सतवीर सिंह, राज्य महासचिव जय भगवान,  आशा वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष रानी, सचिव मीरा प्रमुख रूप से संबोधित किया।  संगठन नेताओं ने कहा की बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार के मुखिया के पास हरियाणा की 20000 आशा वर्कर्स के लिए बातचीत का समय नहीं। 48 दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार या स्वास्थ्य विभाग द्वारा हड़ताली वर्कर्स की मांगो का समाधान नहीं कर रही है। हम सरकार को आगाह करते हैं की हमारी मांगो का निपटारा सम्मानजनक तरीके से हो। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर रही है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135123/asha-workers-who-were-on-strike-for-48-days-were"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/वर्कर्स-ने-हड़ताल-जारी-रखने-और-8-अक्तूबर-को-करनाल-में-विशाल-ललकार-रैली-की-जाएगी.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p> </p>
<p><strong>शिवचरण/पटौदी। </strong></p>
<p>गुरुग्राम आज हुए प्रदर्शन को सीटू प्रदेश उपाध्यक्ष सतवीर सिंह, राज्य महासचिव जय भगवान,  आशा वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष रानी, सचिव मीरा प्रमुख रूप से संबोधित किया।  संगठन नेताओं ने कहा की बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार के मुखिया के पास हरियाणा की 20000 आशा वर्कर्स के लिए बातचीत का समय नहीं। 48 दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार या स्वास्थ्य विभाग द्वारा हड़ताली वर्कर्स की मांगो का समाधान नहीं कर रही है। हम सरकार को आगाह करते हैं की हमारी मांगो का निपटारा सम्मानजनक तरीके से हो। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर रही है। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की अन्य स्टाफ की बेहद कमी है, ढांचागत सुविधाएं नहीं है। हमारे आंदोलन की यह भी मांग है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत हो। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार 7-8 प्रोत्साहन राशियों को ज्यादा वेतन बता  रही है।  लेकिन वह यह नहीं बता रही आशा वर्कर से 70-80 हजार रुपए लेने वाले पक्के कर्मचारी की तरह से काम ले रही है। न ही सरकार यह बताने का कष्ट करती है कि 2018 के बाद से हमने आशा वर्कर पर बेतहाशा काम बढ़ा दिए हैं। 2018 के बाद आशा के वेतन में हमने कोई बढ़ोतरी नहीं की है उलटे कटौतियां की हैं। ऑनलाइन कामों के लिए आशा वर्कर्स को एक नए पैसे का भी भुगतान नहीं हो रहा। उल्टे उनकी प्रोत्साहन राशियों में कटौती की गई है। राज्य की भाजपा सरकार आशा वर्कर्स के प्रति दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। महिलाओं पर जिस प्रकार से सरकार ने 27 और 28 को दमन का जो तरीका अपनाया वह बेहद निंदनीय था।  उन्होंने कहा की हड़ताल और आंदोलन जब तक जारी रहेगा । पुलिस ने 21 बसों में आंदोलनकारियों को गिरफतार किया और देवीलाल स्टेडियम में हिरासत में रखा गया। जिन्हे श्याम को बरी कर दिया गया।</p>
<p>प्रदर्शन को आशा वर्कर्स यूनियन की नेता पुष्पा, पूनम,पिंकी, कुसुम, सुदेश, हेमलता, सुनीता, सर्व कर्मचारी संघ नेता जोगेंद्र करोंथा, सीपीआईएम नेता विनोद भारद्वाज, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन जिला प्रधान मूर्ति देवी, बबीता, ज्ञान विज्ञान समिति के नेता ईश्वर नास्तिक ने भी संबोधित किया। संगठन नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार हठधर्मिता अपनाए है। उन्होंने कहा कि राज्य की 20000 आशा वर्कर्स अब जनता के बीच जा रही हैं।  हम 4 लाख घरों तक पहुंचेंगे। ब्लॉक स्तर पर पंचायतें की जा रही हैं। इसमें आमजन व जनप्रतिनिधियों को बुलाया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार हमारा मानदेय बढ़ाए, न्यूनतम वेतन 26000 रूपये करे, हमे स्वास्थ्य विभाग का स्थाई कर्मचारी घोषित करे। उन्होंने कहा कि सैंकड़ो की संख्या में जेल भरो कार्यक्रम में आशा वर्कर्स ने एक हिस्सा लिया है। हड़ताल जारी  रहेगी 29 सितम्बर को यूनियन को बातचीत के लिए बुलाया गया है। जब तक मांगो का निपटारा नहीं होगा हड़ताल जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 21:53:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कुशीनगर : बजरंदल ने इस्लामिक जेहादियों के विरुद्ध किया विरोध प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>कुशीनगर,स्वतंत्र प्रभात। </strong></span>मेवात में धार्मिक ब्राजमंडल यात्रा पर निकले हिंदुओं पर सुनियोजित साजिश के तहत इस्लामिक जेहादी आतंकवादियों द्वारा हिंदुओ पर किया गया हमला अगजनी तोडफोड लुटपाट और लोगों को जिंदा जलाये जाने के विरोध में बुधवार को पडरौना नगर के मुख्य सड़क पर बैनरतले विश्व हिंदू परिषद के बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार जोरदार तरीके से पडरौना शहर में प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मेवात में बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित "धार्मिक ब्रजमंडल यात्रा" मेवात के नूंह में हिन्दुओं के आस्था व श्रद्धा के केन्द्र पाण्डव कालीन प्राचीन "नल्लहडं शिव मन्दिर की धार्मिक यात्रा" पर इस्लामिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133148/kushinagar-bajrandal-protests-against-islamic-jihadis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/img_20230803_093537.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>कुशीनगर,स्वतंत्र प्रभात। </strong></span>मेवात में धार्मिक ब्राजमंडल यात्रा पर निकले हिंदुओं पर सुनियोजित साजिश के तहत इस्लामिक जेहादी आतंकवादियों द्वारा हिंदुओ पर किया गया हमला अगजनी तोडफोड लुटपाट और लोगों को जिंदा जलाये जाने के विरोध में बुधवार को पडरौना नगर के मुख्य सड़क पर बैनरतले विश्व हिंदू परिषद के बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार जोरदार तरीके से पडरौना शहर में प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मेवात में बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित "धार्मिक ब्रजमंडल यात्रा" मेवात के नूंह में हिन्दुओं के आस्था व श्रद्धा के केन्द्र पाण्डव कालीन प्राचीन "नल्लहडं शिव मन्दिर की धार्मिक यात्रा" पर इस्लामिक जेहादियों ने तीर्थयात्रियों पर भारी पथराव, हिंसा, आगजनी और पहाडियों से सीधी गोलियां चलाई गईं हैं, जिसमें सेंकड़ों गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त और आगजनी की भेंट चढी हैं। इस हमले में दो पुलिस के होमगार्ड की मृत्यु हुई है एवं हिन्दू तीर्थयात्री एवं बजरंग दल कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिसके विरोध में 2 अगस्त बुधवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा जिला स्तर पर इस्लामिक जेहाद, आतंकवाद के विरुद्ध पडरौना में विश्व हिन्दू परिषद के बजरंगदल नें व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जिसमें सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और हिन्दू जनमानस के लोग शामिल रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">विरोध प्रदर्शन रैली कोतवाली पडरौना के सामने से शुरू होकर तिलकचौक, होते हुए पूरे शहर का भ्रमण करते हुए सुभाष चौक होकर पुनः कोतवाली पडरौना के सामने आकर इस विरोध प्रदर्शन रैली समाप्त हुआ। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मुकेश त्रिपाठी नें की और नेतृत्व जिला संयोजक बजरंग दल नितेश कुशवाहा एवं जिला सह संयोजक बजरंग दल अक्षय साहनी के द्वारा किया गया, जिसमें जिला मंत्री सनत कुमार पांडे , जिला सह मंत्री माणिक चतुर्वेदी , जिला सह मंत्री संजय शाही , जिला संपर्क प्रमुख बृहस्पति मिश्रा , जिला कोषाध्यक्ष अमर , पडरौना प्रखंड अध्यक्ष बालदिव शर्मा , बिशनपुरा प्रखंड अध्यक्ष शंभू सिंह बिसेन , दुदही प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ,मुकेश दुबे ,दिनेश गुप्ता , सत्यम मिश्रा ,संतोष आदि सैकड़ों की संख्या में शामिल लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Aug 2023 09:44:49 +0530</pubDate>
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                <title>यमुना का जलस्तर बढ़ने की आंशका को लेकर प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  टूण्डला ब्यूरो स्वतंत्र प्रभात </strong></p><p><strong>टूण्डला-  </strong></p><p>हथिनी कुंड से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ने को लेकर प्रशासन पुरी तरह से मुस्तैद है। इसके लिए एसडीएम टूण्डला ने पांच बाढ़ नियंत्रण चैकियां बनाई है। जिसमें लेखपालों की टीम गठित कर तैनात किया गया है। जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन गांव पानी की चपेट में आ सकते हैं।</p><p>टूण्डला क्षेत्र के यमुना का जलस्तर बढ़ने की आंशका को लेकर एसडीएम सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ नियंत्रण चैकियां रसूलाबाद, नगला सिंघी, भीकनपुर बझेरा, ग्वारई में स्थापित की गई है। जिसमें लेखपालों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132298/administration-alert-regarding-the-possibility-of-increasing-the-water-level"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/खबर-.7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> टूण्डला ब्यूरो स्वतंत्र प्रभात </strong></p><p><strong>टूण्डला-  </strong></p><p>हथिनी कुंड से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ने को लेकर प्रशासन पुरी तरह से मुस्तैद है। इसके लिए एसडीएम टूण्डला ने पांच बाढ़ नियंत्रण चैकियां बनाई है। जिसमें लेखपालों की टीम गठित कर तैनात किया गया है। जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन गांव पानी की चपेट में आ सकते हैं।</p><p>टूण्डला क्षेत्र के यमुना का जलस्तर बढ़ने की आंशका को लेकर एसडीएम सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ नियंत्रण चैकियां रसूलाबाद, नगला सिंघी, भीकनपुर बझेरा, ग्वारई में स्थापित की गई है। जिसमें लेखपालों की टीम गठित कर तैनात की गई है। जिन्हें नाविकों की सूची भी देदी गई है। क्षेत्र के सम्बन्धित ग्राम प्रधानों को भी बाढ़ की आशंका को लेकर अलर्ट किया गया है। वहीं क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों को भी अलर्ट कर दिया गया है कि यदि यमुना का जलस्तर बढ़ता दिखाई दे तो प्रशासन को सूचना दें।</p><p>वहीं यमुना की तलहटी व किनारे से दूर रहे। यमुना नदी में पानी का बढ़ना शुरू हो गया है। यदि पानी इसी भांति बढ़ता रहा तो अनवारा, जटपुरा, छारई, रसूलाबाद घाट, बजहेरा, रामगढ़, नगला काले, ग्वारई, कुतुकपुर साहब , पीपरिया, गढ़े घाट, ठार टेका, नगला राजपथ, न्यामदपुर आदि गांवों को अपनी चपेट में ले लेगा।</p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 23:12:14 +0530</pubDate>
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