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                <title>government jobs - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>government jobs RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जनपद अमेठी के लिए चयनित 48 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) को मिला नियुक्ति पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत  लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में  मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  ने कृषि विभाग एवं उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से कृषि विभाग में नवचयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) तथा मंडी परिषद में श्रेणी-3, वर्ग-2 के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186153/48-technical-assistants-group-c-selected-for-amethi-district-received-appointment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1--(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत  लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में  मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  ने कृषि विभाग एवं उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से कृषि विभाग में नवचयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) तथा मंडी परिषद में श्रेणी-3, वर्ग-2 के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  मुख्यमंत्री  ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं भ्रष्टाचारमुक्त भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नवचयनित अभ्यर्थी अपनी कर्मठता, ईमानदारी, निष्ठा एवं सेवाभाव के साथ कार्य करते हुए प्रदेश की कृषि व्यवस्था एवं मंडी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। जनपद अमेठी के लिए यह अवसर विशेष महत्व का रहा, जहां जनपद के लिए चयनित कुल 48 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए गए। नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में उत्साह एवं प्रसन्नता का माहौल देखने को मिला। अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर जनपद अमेठी से उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कृषि विभाग एवं मंडी परिषद में उनकी नियुक्ति किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 19:38:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भदोही के युवा बेरोजगार एक दिवसीय वृहद रोजगार मेले का उठाएं लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जिला सेवायोजन अधिकारी श्री अजीत कुमार ने बताया कि निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा मा० श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर के निर्देशानुसार जनपद के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक दिवसीय वृहद रोजगार मेला एवं श्रमिक पंजीकरण/हितलाभ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।<br /><br />उन्होंने बताया कि रोजगार मेला 19 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से चित्रांश पैलेस, निकट चीनी मिल गेट, औराई, भदोही में आयोजित किया जाएगा। रोजगार मेले में देश एवं प्रदेश स्तर की लगभग 50 कंपनियों के प्रतिभाग करने की संभावना है। विभिन्न</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185400/unemployed-youth-of-bhadohi-should-take-advantage-of-one-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260817-wa0041.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जिला सेवायोजन अधिकारी श्री अजीत कुमार ने बताया कि निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा मा० श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर के निर्देशानुसार जनपद के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक दिवसीय वृहद रोजगार मेला एवं श्रमिक पंजीकरण/हितलाभ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।<br /><br />उन्होंने बताया कि रोजगार मेला 19 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से चित्रांश पैलेस, निकट चीनी मिल गेट, औराई, भदोही में आयोजित किया जाएगा। रोजगार मेले में देश एवं प्रदेश स्तर की लगभग 50 कंपनियों के प्रतिभाग करने की संभावना है। विभिन्न कंपनियों द्वारा युवाओं को उनकी शैक्षिक योग्यता एवं पात्रता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।<br /><br />रोजगार संगम पोर्टल पर करें पंजीकरण<br /><br />जिला सेवायोजन अधिकारी ने जनपद के अधिक से अधिक बेरोजगार अभ्यर्थियों से अपील की है कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने के लिए रोजगार संगम पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के उपरांत अभ्यर्थी रोजगार मेले में प्रतिभाग कर सकेंगे।<br /><br />समस्त शैक्षिक प्रमाण-पत्र साथ लाएं<br /><br />रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थी अपने समस्त शैक्षिक योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्र/अभिलेख साथ लेकर आएं, ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।<br /><br />रोजगार मेला पूर्णतया निःशुल्क<br /><br />जिला सेवायोजन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह रोजगार मेला पूर्णतया निःशुल्क है। अभ्यर्थियों को प्रतिभाग करने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना है। उन्होंने जनपद के अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से रोजगार मेले में प्रतिभाग । </div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 18:52:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटी पेपर लीक विधेयक को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद में मंजूर मिल गयी। विपक्ष का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं होगा तब तक आप कितने भी कठिन कानून बना लें उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस विधेयक के मुताबिक अगर पेपर लीक मामले में कोई पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ 50 लाख तक का जुर्माना और 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। नीट पेपर लीक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184373/anti-paper-leak-bill-approved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/rajeev.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद में मंजूर मिल गयी। विपक्ष का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं होगा तब तक आप कितने भी कठिन कानून बना लें उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस विधेयक के मुताबिक अगर पेपर लीक मामले में कोई पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ 50 लाख तक का जुर्माना और 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। नीट पेपर लीक मामले पर सीजेपी के आंदोलन के बाद केन्द्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भर्ती परीक्षाएं और प्रवेश परीक्षाएं पेपर लीक की वजह से रद्द करनी पड़ीं। इससे न केवल अभ्यर्थियों का समय और धन बर्बाद हुआ, बल्कि सरकारी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एंटी पेपर लीक विधेयक लाया, जिसे संसद की मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप दिया गया। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। यह कानून संगठित परीक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान करता है। पेपर लीक क्यों बना राष्ट्रीय चिंता का विषय?</p>
<p style="text-align:justify;"><br />भारत में हर वर्ष करोड़ों युवा सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए विभिन्न परीक्षाएं देते हैं। कई परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन ईमानदार अभ्यर्थियों को हुआ, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की थी। पेपर लीक केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास पर हमला है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और योग्य उम्मीदवारों के अवसर प्रभावित होते हैं। इस कानून में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं- सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने, खरीदने, बेचने या प्रसारित करने को गंभीर अपराध माना गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />संगठित गिरोहों और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर लंबी अवधि की कारावास और भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की गई है।इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रश्नपत्र लीक करने वालों पर भी समान रूप से कार्रवाई होगी। जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की गहन जांच के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। युवाओं को क्या मिलेगा लाभ? यदि कानून का प्रभावी ढंग से पालन किया गया तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।<br />परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी। योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा। भर्ती प्रक्रियाओं में देरी कम हो सकती है। परीक्षा माफियाओं के नेटवर्क पर अंकुश लगेगा। युवाओं का सरकारी संस्थाओं पर विश्वास मजबूत होगा। क्या केवल कानून बनाना पर्याप्त है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कठोर कानून बना देने से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। इसके साथ-साथ कई अन्य सुधार भी आवश्यक हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने और सुरक्षित रखने की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए।</p>
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><br />डिजिटल सुरक्षा को मजबूत किया जाए। परीक्षा केंद्रों की निगरानी तकनीकी माध्यमों से हो। परीक्षा कर्मचारियों का उचित सत्यापन किया जाए।<br />समयबद्ध जांच और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए। यदि कानून का क्रियान्वयन कमजोर रहा, तो कठोर दंड का भी अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्यों की भूमिका अधिकांश भर्ती परीक्षाएं राज्य सरकारें आयोजित करती हैं। इसलिए राज्यों को भी अपनी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाना होगा। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से ही इस कानून का पूरा लाभ मिल सकेगा। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि कानून का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। जांच निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। इसके अलावा, साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।<br />एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद से मंजूरी मिलना देश की परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह संदेश देता है कि सरकार परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। हालांकि, किसी भी कानून की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। यदि सरकार, परीक्षा एजेंसियां, जांच संस्थाएं और राज्य प्रशासन मिलकर इस कानून को ईमानदारी से लागू करें, तो लाखों युवाओं का विश्वास बहाल हो सकता है और प्रतियोगी परीक्षाएं वास्तव में निष्पक्ष एवं पारदर्शी बन सकती हैं। अंततः किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्ष चयन प्रणाली होती है, और उसे सुरक्षित रखना सरकार तथा समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:12:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में भीम आर्मी की प्रेस वार्ता: यूपी की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा शनिवार को राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं तथा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम का सख्ती से पालन कराया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182794/bhim-armys-press-conference-in-lucknow-raises-questions-on-law"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/583703.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा शनिवार को राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं तथा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम का सख्ती से पालन कराया जाए और पीड़ितों को समय पर न्याय एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। विनय रतन सिंह ने युवाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में लंबित सरकारी भर्तियों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रतियोगी छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक भवनों का नियमित सुरक्षा एवं फायर ऑडिट कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत कर प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। प्रेस वार्ता में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ाने तथा संविधान की मूल भावना—समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व—के अनुरूप शासन व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनकी मांगें किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, बहुजन समाज और आम नागरिकों के हित में उठाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार से जनहित के इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> उच्च न्यायालय का बड़ा आदेश: पुलिस एसआई भर्ती में विवादित ऊंचाई मापी जाएगी, वीडियोग्राफी अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>सचिन बाजपेई </strong><br /><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर सिविल पुलिस भर्ती 2025 में ऊंचाई मापने को लेकर उठे विवाद में याचिकाकर्ता   शुभम शर्मा को महत्वपूर्ण राहत देते हुए उनकी ऊंचाई दोबारा मापने का आदेश दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता शुभम शर्मा की ऊंचाई 6 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइंस में विशेषज्ञों की पैनल द्वारा दोबारा मापी जाए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की जाएगी और रिपोर्ट अदालत में 16 जुलाई 2026 को पेश की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182684/big-order-of-high-court-controversial-height-measurement-in-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/high-court-lucknow.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>सचिन बाजपेई </strong><br /><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर सिविल पुलिस भर्ती 2025 में ऊंचाई मापने को लेकर उठे विवाद में याचिकाकर्ता   शुभम शर्मा को महत्वपूर्ण राहत देते हुए उनकी ऊंचाई दोबारा मापने का आदेश दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता शुभम शर्मा की ऊंचाई 6 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइंस में विशेषज्ञों की पैनल द्वारा दोबारा मापी जाए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की जाएगी और रिपोर्ट अदालत में 16 जुलाई 2026 को पेश की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में शुभम शर्मा ने आरोप लगाया था कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण में उनकी ऊंचाई गलत तरीके से 167.0 सेमी और 167.1 सेमी मापी गई, जबकि आगरा जिला अस्पताल के मेडिकल अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र में उनकी ऊंचाई 168.2 सेमी बताई गई है। याचिकाकर्ता ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन दोबारा मापने पर भी वही ऊंचाई दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने याचिकाकर्ता के आगरा जिला अस्पताल के प्रमाण-पत्र को गंभीरता से लिया और मामले में हस्तक्षेप किया। राज्य की ओर से अतिरिक्त मुख्य स्थायी वकील ने तर्क दिया कि ऊंचाई मापने की उचित प्रक्रिया है और आपत्ति पर दोबारा माप लिया गया था, इसलिए अदालती हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता सुभाष चन्द्र यादव  ने याची की तरफ से पूरा मामला कोर्ट को बताया जिसपर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर विचार योग्य पाया और ऊंचाई मापने की नई प्रक्रिया शुरू करने का आदेश पारित किया। अधिवक्ता सुभाष चन्द्र यादव के पक्ष में यह आदेश  भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रेरणा दायक बन सकता है l </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह आदेश उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो भर्ती परीक्षा में ऊंचाई मापने को लेकर विवाद में फंस जाते हैं। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:46:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, CET पास युवाओं को मिलेंगे 9000 रुपये प्रतिमाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए एक अहम राहत भरी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास करने के बाद भी यदि उम्मीदवार को एक साल के भीतर सरकारी नौकरी नहीं मिलती है, तो सरकार उसे दो साल तक 9,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देगी।</p><p><strong>बेरोजगार CET पास उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ</strong></p><p>यह योजना उन युवाओं के लिए लागू होगी, जो CET परीक्षा पास कर लेते हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया के बावजूद समय पर नौकरी हासिल नहीं कर पाते। सरकार का उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165406/haryana-haryana-governments-big-announcement-cet-pass-youth-will-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-cet.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए एक अहम राहत भरी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास करने के बाद भी यदि उम्मीदवार को एक साल के भीतर सरकारी नौकरी नहीं मिलती है, तो सरकार उसे दो साल तक 9,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देगी।</p><p><strong>बेरोजगार CET पास उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ</strong></p><p>यह योजना उन युवाओं के लिए लागू होगी, जो CET परीक्षा पास कर लेते हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया के बावजूद समय पर नौकरी हासिल नहीं कर पाते। सरकार का उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि वे आगे की तैयारी कर सकें और बेरोजगारी के दबाव से राहत पा सकें।</p><p><strong>ग्रुप C और D भर्तियों के लिए होती है CET परीक्षा</strong></p><p>हरियाणा में ग्रुप C और ग्रुप D की सरकारी नौकरियों की भर्ती के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा CET परीक्षा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया का पहला और अनिवार्य चरण है।</p><p>मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा गया, “अगर CET पास उम्मीदवार को नौकरी नहीं मिलती है, तो सरकार उसे 2 साल तक 9,000 रुपये प्रति माह देगी।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:08:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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