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                <title>Chand Kab Niklega: मध्य प्रदेश में इस समय होंगे चांद के दर्शन, जानें सही टाइमिंग </title>
                                    <description><![CDATA[<p>MP me chand kab niklega: माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का व्रत रखा जाता है, जिसे संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार के मंगल के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन माताएं निर्जल या फलाहार व्रत रखकर भगवान गणेश की विशेष पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी को समर्पित यह व्रत परिवार को संकटों से बचाता है और घर में खुशहाली बनाए रखता है।</p>
<p>सकट चौथ के व्रत में दिनभर उपवास रखने के बाद शाम के समय गणेश जी की पूजा की जाती है। उन्हें भोग अर्पित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165358/chand-kab-niklega-moon-will-be-seen-in-madhya-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/mp-chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>MP me chand kab niklega: माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का व्रत रखा जाता है, जिसे संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार के मंगल के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन माताएं निर्जल या फलाहार व्रत रखकर भगवान गणेश की विशेष पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी को समर्पित यह व्रत परिवार को संकटों से बचाता है और घर में खुशहाली बनाए रखता है।</p>
<p>सकट चौथ के व्रत में दिनभर उपवास रखने के बाद शाम के समय गणेश जी की पूजा की जाती है। उन्हें भोग अर्पित कर व्रत कथा पढ़ी जाती है। परंपरा के अनुसार इस दिन देवरानी-जेठानी की कथा और भगवान गणेश की कथा तारों की छांव में पढ़ी जाती है। इसके बाद चंद्रमा के उदय पर उन्हें अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। इस व्रत में तिलकुट का विशेष महत्व है और इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है। यही कारण है कि इसे तिलवा चौथ, तिलकुटा चौथ, माघी चौथ और वक्रतुंड चतुर्थी भी कहा जाता है।</p>
<p>पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर 7 जनवरी की सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। चूंकि चंद्रोदय 6 जनवरी को ही चतुर्थी तिथि में हो रहा है, इसलिए सकट चौथ का व्रत आज ही रखा जा रहा है। आज पूरे दिन प्रीति योग प्रभावी रहेगा, जबकि रात 8:21 बजे के बाद आयुष्मान योग का आरंभ होगा, जिससे व्रत का महत्व और बढ़ जाता है।</p>
<p>इस दिन गणेश पूजा के बाद तिल और गुड़ से बने तिलकुट का भोग लगाया जाता है। परंपरा के अनुसार तिलकुट का प्रतीकात्मक बकरा बनाकर एक रुपये के सिक्के से संतान से कटवाया जाता है। चौथ माता को साड़ी, कपड़े और सुहाग का सामान अर्पित कर पूजा के बाद यह सामान सास या ननद को देकर आशीर्वाद लिया जाता है। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।</p>
<p>चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए जल, रोली, कलावा, दीपक और मिठाई का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले चंद्रमा को अर्घ्य देकर तिलक लगाया जाता है, फिर मिठाई और तिल के लड्डू अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद परिक्रमा कर चंद्रमा की आरती की जाती है और अंत में संतान को भी तिलक लगाया जाता है।</p>
<h3><strong>मध्य प्रदेश में आज चांद निकलने का समय</strong></h3>
<ul>
<li>
<p>भोपाल – रात 9:20 बजे</p>
</li>
<li>
<p>उज्जैन – रात 9:19 बजे</p>
</li>
<li>
<p>इंदौर – रात 9:19 बजे</p>
</li>
<li>
<p>जबलपुर – रात 9:07 बजे</p>
</li>
<li>
<p>ग्वालियर – रात 9:07 बजे</p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 20:42:46 +0530</pubDate>
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