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                <title>Chand Kab Niklega: दिल्ली-NCR में कितने बजे निकलेगा चांद? यहां जानें फटाफट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Delhi-NCR Men Chand Kab Niklega: संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और पति व परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर आज महिलाओं ने सकट चौथ का व्रत रखा है। यह व्रत माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व माना जाता है।</p><p>सकट चौथ को तिलकुटा चौथ, संकष्टी चौथ और माघ कृष्ण चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से संतान से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।</p><p><strong>तीन शुभ</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165362/chand-kab-niklega-know-here-immediately-what-time-the-moon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/bihar-chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>Delhi-NCR Men Chand Kab Niklega: संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और पति व परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर आज महिलाओं ने सकट चौथ का व्रत रखा है। यह व्रत माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व माना जाता है।</p><p>सकट चौथ को तिलकुटा चौथ, संकष्टी चौथ और माघ कृष्ण चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से संतान से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।</p><p><strong>तीन शुभ योग बढ़ा रहे व्रत का महत्व</strong></p><p>इस वर्ष सकट चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग जैसे तीन शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों के कारण आज का व्रत विशेष फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों में किया गया व्रत और पूजा शीघ्र फल प्रदान करती है।</p><p><strong>दिल्ली-एनसीआर में चांद निकलने का समय</strong></p><p>नई दिल्ली: रात 8:55 बजे के आसपास</p><p>नोएडा: रात 8:55 से 9:00 बजे के बीच</p><p>गुरुग्राम: रात 8:50 से 8:55 बजे के बीच</p><p>फरीदाबाद: रात 8:50 से 9:00 बजे के बीच</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 21:03:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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                <title>Chand Kab Dikhega: बिहार में कब दिखेगा चांद? शहरवाइज यहां जानें फटाफट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Bihar Me Chand Kab Dikhega: माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाने वाला सकट चौथ का व्रत आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष सकट चौथ पर प्रीति योग का निर्माण हो रहा है, जिसके कारण इस व्रत को विशेष रूप से सर्वमंगलकारी माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करने से संतान, पति और परिवार के जीवन से जुड़े संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।</p>
<p>सकट चौथ को तिलकुटी चौथ और वक्रतुण्ड चतुर्थी के नाम से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165351/chand-kab-niklega-when-will-the-moon-be-seen-city"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/bihar-chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>Bihar Me Chand Kab Dikhega: माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाने वाला सकट चौथ का व्रत आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष सकट चौथ पर प्रीति योग का निर्माण हो रहा है, जिसके कारण इस व्रत को विशेष रूप से सर्वमंगलकारी माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करने से संतान, पति और परिवार के जीवन से जुड़े संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।</p>
<p>सकट चौथ को तिलकुटी चौथ और वक्रतुण्ड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जल या फलाहार व्रत रखती हैं। शाम के समय चंद्र दर्शन होने पर दूध का अर्घ्य देकर चंद्रमा की विधिवत पूजा की जाती है। साथ ही भगवान गणेश को भी नैवेद्य अर्पित किया जाता है। पूजा में तिल, ईख, गंजी, अमरूद, गुड़ और घी से बने भोग का विशेष महत्व बताया गया है। माताएं इस व्रत को संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और पति की सुख-समृद्धि के लिए करती हैं।</p>
<p>सकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। बिना चांद देखे व्रत का पारण नहीं किया जाता। इसी कारण आज बिहार में व्रती महिलाएं और परिवारजन चंद्रोदय के समय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, बिहार में चंद्रमा का उदय पूर्वी जिलों में पहले और पश्चिमी जिलों में कुछ मिनट बाद होगा।</p>
<h3><strong>बिहार में सकट चौथ पर चांद निकलने का समय</strong></h3>
<p>किशनगंज में चांद रात 8:14 बजे, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में 8:15 बजे, भागलपुर में 8:18 बजे दिखाई देगा।<br />मधुबनी और सहरसा में 8:19 बजे, खगड़िया में 8:20 बजे, दरभंगा में 8:21 बजे और बेगूसराय व समस्तीपुर में 8:22 बजे चंद्र दर्शन होगा।</p>
<p>मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में 8:24 बजे, हाजीपुर और बेतिया में 8:25 बजे चांद निकलेगा।</p>
<p>राजधानी पटना, छपरा, गोपालगंज और नवादा में चंद्रमा 8:26 बजे, गया और सीवान में 8:27 बजे दिखाई देगा।<br />आरा में 8:28 बजे, बक्सर में 8:30 बजे, औरंगाबाद में 8:31 बजे और भभुआ (कैमूर) में 8:33 बजे चंद्र दर्शन होने की संभावना है।</p>
<p>चंद्र दर्शन के साथ ही सकट चौथ का व्रत पूर्ण माना जाएगा और व्रती महिलाएं पूजा-अर्चना कर व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही घर-परिवार में सुख, शांति और संतान के मंगल की कामना की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 20:01:16 +0530</pubDate>
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