<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/42268/how-many-times-will-the-moon-come-out-in%3F" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>mein chand kitne baje niklega - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/42268/rss</link>
                <description>mein chand kitne baje niklega RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Chand Kab Niklega: पंजाब में चांद किस समय निकलेगा? जानें अपने शहर के अनुसार समय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Punjab Mein Chand Kab Niklega: आज 6 जनवरी 2026, मंगलवार को सकट चौथ का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। यह व्रत हर मां और हर स्त्री के लिए बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसे संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की कामना से जोड़ा जाता है। सुबह से लेकर रात तक महिलाएं उपवास रखती हैं और पूजा-अर्चना के साथ चंद्र दर्शन का इंतजार करती हैं।</p><p>सकट चौथ में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि चांद को अर्घ्य दिए बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। जैसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165364/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/punjab-m-chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>Punjab Mein Chand Kab Niklega: आज 6 जनवरी 2026, मंगलवार को सकट चौथ का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। यह व्रत हर मां और हर स्त्री के लिए बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसे संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की कामना से जोड़ा जाता है। सुबह से लेकर रात तक महिलाएं उपवास रखती हैं और पूजा-अर्चना के साथ चंद्र दर्शन का इंतजार करती हैं।</p><p>सकट चौथ में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि चांद को अर्घ्य दिए बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। जैसे ही रात के अंधेरे में चंद्रमा की पहली झलक दिखाई देती है, पूरे दिन की तपस्या पूर्ण मानी जाती है। इसी कारण सभी व्रती महिलाओं के लिए चांद निकलने का सही समय जानना बेहद जरूरी होता है।</p><p><strong>पंजाब में आज चांद कब निकलेगा</strong><br />आज सकट चौथ के अवसर पर पंजाब के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय थोड़ा-बहुत अलग हो सकता है। अमृतसर में चांद करीब रात 9:06 बजे दिखाई देने की संभावना है। लुधियाना में चंद्रमा लगभग 8:57 बजे के आसपास निकल सकता है। पटियाला में चंद्रोदय का समय करीब 9:05 बजे अनुमानित है।</p><p>चंडीगढ़ और मोहाली में आज चांद रात करीब 9:05 से 9:07 बजे के बीच दिखाई देने की उम्मीद है। वहीं जालंधर, बठिंडा और फिरोजपुर में भी चंद्रमा लगभग 9:06 बजे के आसपास निकल सकता है। मौसम और भौगोलिक स्थिति के कारण समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।</p><p><strong>व्रत खोलने की सरल विधि</strong><br />रात में चंद्रमा के दर्शन होते ही सबसे पहले उसे जल या दूध से अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद छलनी से चांद का दर्शन किया जाता है और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पारंपरिक विधि से आरती और कथा के बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। यह पल हर मां के लिए आस्था, प्रेम और भावनाओं से भरा होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165364/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165364/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 21:21:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/punjab-m-chand-kab-niklega.jpg"                         length="102275"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chand Kab Niklega: राजस्थान में आज चांद कब निकलेगा? जानें जयपुर से जैसलमेर तक चंद्रोदय का समय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Rajasthan Me Chand Kab Niklega: आज सकट चौथ का पावन व्रत मनाया जा रहा है, जिसे तिलकुट चौथ और माघ चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महिलाएं यह व्रत अपनी संतान की रक्षा, लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।</p>
<p>सकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। करवाचौथ की तरह ही इस व्रत का पारण भी चांद को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है। इसी कारण राजस्थान भर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165354/chand-kab-niklega-when-will-the-moon-rise-in-rajasthan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/rajasthan-chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>Rajasthan Me Chand Kab Niklega: आज सकट चौथ का पावन व्रत मनाया जा रहा है, जिसे तिलकुट चौथ और माघ चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महिलाएं यह व्रत अपनी संतान की रक्षा, लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।</p>
<p>सकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। करवाचौथ की तरह ही इस व्रत का पारण भी चांद को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है। इसी कारण राजस्थान भर में व्रती महिलाएं आज शाम चंद्रमा के उदय का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।</p>
<h3><strong>राजस्थान में आज चांद निकलने का समय</strong></h3>
<p>राजस्थान के अलग-अलग शहरों में चंद्रमा के उदय का समय थोड़ा अलग रहेगा। जयपुर में चांद रात 8:55 बजे, उदयपुर में 8:45 बजे, जोधपुर में 8:57 बजे और अलवर में 8:58 बजे दिखाई देने की संभावना है।</p>
<p>वहीं, बीकानेर में चांद 9:12 बजे, सीकर में 9:04 बजे, सालासर में 9:14 बजे और जैसलमेर में सबसे देर से करीब 9:36 बजे चंद्र दर्शन होने की उम्मीद है।</p>
<h3><strong>चंद्र दर्शन के बाद क्या किया जाता है?</strong></h3>
<p>सकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन के बाद सबसे पहले चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य के लिए जल, दूध या जल में तिल मिलाकर चंद्रदेव को अर्पित किया जाता है और संतान की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।</p>
<p>इसके बाद भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। उन्हें तिल-गुड़ से बने लड्डू या अन्य पकवानों का भोग लगाया जाता है। व्रत कथा सुनी या पढ़ी जाती है और अंत में प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165354/chand-kab-niklega-when-will-the-moon-rise-in-rajasthan</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165354/chand-kab-niklega-when-will-the-moon-rise-in-rajasthan</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 20:13:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/rajasthan-chand-kab-niklega.jpg"                         length="102565"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chand Kab Niklega: यूपी में चांद किस समय निकलेगा? जानें अपने शहर के अनुसार समय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>UP Me Chand Kab Niklega: संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन के संकटों से रक्षा के लिए रखा जाने वाला सकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) का व्रत आज पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर माताएं निर्जल या फलाहार व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा करती हैं और अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत जितना कठिन होता है, उसका फल उतना ही शीघ्र और प्रभावशाली प्राप्त होता है।</p>
<p>सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। यह व्रत हर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165349/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>UP Me Chand Kab Niklega: संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन के संकटों से रक्षा के लिए रखा जाने वाला सकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) का व्रत आज पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर माताएं निर्जल या फलाहार व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा करती हैं और अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत जितना कठिन होता है, उसका फल उतना ही शीघ्र और प्रभावशाली प्राप्त होता है।</p>
<p>सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है, लेकिन माघ माह की सकट चौथ को विशेष महत्व दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन भगवान गणेश ने अपने भक्तों को संकटों से मुक्ति का वरदान दिया था। इसलिए इसे संकट निवारण का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से की गई पूजा से संतान से जुड़े कष्ट, मानसिक परेशानियां और पारिवारिक बाधाएं दूर होती हैं।</p>
<p>इस व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। दिनभर उपवास रखने के बाद व्रती महिलाएं रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करती हैं। बिना चांद देखे व्रत खोलना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में महिलाएं चंद्रोदय के समय पर नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p>पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, आज उत्तर प्रदेश में चंद्रमा रात करीब 8:50 से 9:05 बजे के बीच दिखाई देगा। भौगोलिक स्थिति के कारण अलग-अलग जिलों में चंद्र दर्शन के समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है, लेकिन ज्यादातर शहरों में रात 9 बजे के आसपास चांद निकलने की संभावना है। चंद्र दर्शन के साथ ही सकट चौथ का व्रत पूर्ण माना जाएगा और इसके बाद व्रती महिलाएं व्रत का पारण करेंगी।</p>
<h3><strong>यूपी के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय</strong></h3>
<p>लखनऊ में चांद रात 8:56 बजे, कानपुर में 8:54 बजे, वाराणसी में 9:01 बजे और प्रयागराज में 8:59 बजे दिखाई देगा।<br />आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में चंद्र दर्शन का समय 8:51 बजे के आसपास रहेगा।<br />मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गौतम बुद्ध नगर और अलीगढ़ में चांद 8:52 से 8:53 बजे के बीच निकलने की संभावना है।<br />पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर और सोनभद्र जैसे जिलों में चांद 9 बजे के बाद दिखाई देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165349/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165349/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 19:45:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/chand-kab-niklega.jpg"                         length="104075"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        