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                <title>When will moon rise in UP - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>Chand Kab Niklega: यूपी में चांद किस समय निकलेगा? जानें अपने शहर के अनुसार समय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>UP Me Chand Kab Niklega: संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन के संकटों से रक्षा के लिए रखा जाने वाला सकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) का व्रत आज पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर माताएं निर्जल या फलाहार व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा करती हैं और अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत जितना कठिन होता है, उसका फल उतना ही शीघ्र और प्रभावशाली प्राप्त होता है।</p>
<p>सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। यह व्रत हर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165349/chand-kab-niklega-what-time-will-the-moon-rise-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/chand-kab-niklega.jpg" alt=""></a><br /><p>UP Me Chand Kab Niklega: संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन के संकटों से रक्षा के लिए रखा जाने वाला सकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) का व्रत आज पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर माताएं निर्जल या फलाहार व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा करती हैं और अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत जितना कठिन होता है, उसका फल उतना ही शीघ्र और प्रभावशाली प्राप्त होता है।</p>
<p>सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है, लेकिन माघ माह की सकट चौथ को विशेष महत्व दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन भगवान गणेश ने अपने भक्तों को संकटों से मुक्ति का वरदान दिया था। इसलिए इसे संकट निवारण का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से की गई पूजा से संतान से जुड़े कष्ट, मानसिक परेशानियां और पारिवारिक बाधाएं दूर होती हैं।</p>
<p>इस व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। दिनभर उपवास रखने के बाद व्रती महिलाएं रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करती हैं। बिना चांद देखे व्रत खोलना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में महिलाएं चंद्रोदय के समय पर नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p>पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, आज उत्तर प्रदेश में चंद्रमा रात करीब 8:50 से 9:05 बजे के बीच दिखाई देगा। भौगोलिक स्थिति के कारण अलग-अलग जिलों में चंद्र दर्शन के समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है, लेकिन ज्यादातर शहरों में रात 9 बजे के आसपास चांद निकलने की संभावना है। चंद्र दर्शन के साथ ही सकट चौथ का व्रत पूर्ण माना जाएगा और इसके बाद व्रती महिलाएं व्रत का पारण करेंगी।</p>
<h3><strong>यूपी के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय</strong></h3>
<p>लखनऊ में चांद रात 8:56 बजे, कानपुर में 8:54 बजे, वाराणसी में 9:01 बजे और प्रयागराज में 8:59 बजे दिखाई देगा।<br />आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में चंद्र दर्शन का समय 8:51 बजे के आसपास रहेगा।<br />मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गौतम बुद्ध नगर और अलीगढ़ में चांद 8:52 से 8:53 बजे के बीच निकलने की संभावना है।<br />पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर और सोनभद्र जैसे जिलों में चांद 9 बजे के बाद दिखाई देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 19:45:58 +0530</pubDate>
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