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                <title>reserve bank of india - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>नोट नकली निकले, लेकिन सवाल असली है</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नोट पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर असली हो सकती है, कागज भी असली जैसा दिखाई दे सकता है और उस पर लिखी कीमत भी वही हो सकती है, लेकिन अगर वह नोट नकली है तो उसका कोई मूल्य नहीं। यही बात केवल मुद्रा पर लागू नहीं होती, बल्कि समाज और व्यवस्था पर भी लागू होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सहारनपुर के एक बैंक करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली ₹500 के नोट मिलने की खबर ने इसी सवाल को फिर सामने खड़ा किया है। समाचार के अनुसार जांच में लगभग 17 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट सामने आए और 340</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/187153/the-notes-turned-out-to-be-fake-but-the-question"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-09/img_20260901_202054.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नोट पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर असली हो सकती है, कागज भी असली जैसा दिखाई दे सकता है और उस पर लिखी कीमत भी वही हो सकती है, लेकिन अगर वह नोट नकली है तो उसका कोई मूल्य नहीं। यही बात केवल मुद्रा पर लागू नहीं होती, बल्कि समाज और व्यवस्था पर भी लागू होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सहारनपुर के एक बैंक करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली ₹500 के नोट मिलने की खबर ने इसी सवाल को फिर सामने खड़ा किया है। समाचार के अनुसार जांच में लगभग 17 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट सामने आए और 340 बंडलों में रखे नोटों की जांच की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नई करेंसी की तस्वीर की प्रतिलिपि बनाकर नकली नोट तैयार किए गए और उन्हें असली नोटों के साथ मिलाया गया। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह केवल नकली नोटों का मामला नहीं है। यह उस विश्वास पर चोट है जिसके आधार पर पूरी अर्थव्यवस्था चलती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हम बाजार में कोई वस्तु खरीदते हैं तो दुकानदार से यह उम्मीद करते हैं कि उसके बदले दिया गया नोट असली होगा। दुकानदार बैंक में पैसा जमा करता है तो उसे भरोसा होता है कि बैंक उस धन को स्वीकार करेगा। बैंक से पैसा निकलता है तो नागरिक उसे बिना संदेह अपनी जेब में रखता है। यही भरोसा मुद्रा को कागज के टुकड़े से आर्थिक शक्ति में बदलता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन जब नकली नोट बैंकिंग व्यवस्था के भीतर तक पहुंचने लगें तो सवाल केवल यह नहीं रह जाता कि नकली नोट छापने वाले कौन हैं? सवाल यह भी है कि नकलीपन की पहचान करने वाली हमारी व्यवस्था कहां चूक रही है?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को नकली नोटों की पहचान, उन्हें अलग करने और दोबारा चलन में आने से रोकने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए हैं। ₹100 और उससे ऊपर के नोटों को पुनः चलन में डालने से पहले मशीन से जांचने के निर्देश भी हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिर यदि इतने बड़े पैमाने पर नकली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचते हैं तो यह केवल अपराधियों की चालाकी नहीं, प्रणाली की परीक्षा भी है। </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हमें यह समझना होगा कि नकली नोट केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाते। वे आम आदमी के विश्वास को नुकसान पहुंचाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल्पना कीजिए उस छोटे दुकानदार की, जिसके पास दिनभर की बिक्री के बाद एक ₹500 का नकली नोट निकल आए। उसके लिए वह पांच सौ रुपये केवल एक कागज नहीं, बल्कि उसकी दिनभर की मेहनत का हिस्सा हैं। कोई मजदूर अपनी मजदूरी लेकर घर पहुंचे और पता चले कि उसमें से कुछ नोट नकली हैं तो उसके लिए यह आर्थिक चोट से कहीं अधिक बड़ी बात है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नकली मुद्रा का सबसे बड़ा शिकार अक्सर वह व्यक्ति बनता है जिसके पास उसे पहचानने के साधन सबसे कम होते हैं। यही कारण है कि इस समस्या का समाधान केवल पुलिस की कार्रवाई या कुछ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि नकली नोट छापने वाले हाथों तक पहुंचना जरूरी है, लेकिन उससे भी जरूरी है उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना जो उसे बाजार में पहुंचाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और अगर बैंकिंग व्यवस्था के किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो वहां भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। बैंक का करेंसी चेस्ट देश की मुद्रा का सुरक्षित भंडार माना जाता है। वहां नकली नोटों की बड़ी मात्रा पहुंचना सामान्य घटना मानकर छोड़ देना भविष्य के लिए खतरनाक संकेत होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज तकनीक अपराधियों के हाथ में भी है। पहले नकली नोट की पहचान शायद कागज, छपाई और रंग से की जा सकती थी। अब डिजिटल तकनीक और प्रिंटिंग के साधनों ने नकलीपन को अधिक परिष्कृत बना दिया है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी गति से आगे बढ़ना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन तकनीक से भी बड़ा हथियार है,सजग नागरिक।RBI स्वयं लोगों को नोटों की सुरक्षा विशेषताओं को देखकर, छूकर और तिरछा करके पहचानने की जानकारी देता है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हमें अपने दुकानदारों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को यह जानकारी देनी होगी कि नोट केवल देखकर स्वीकार न करें। बैंक कर्मचारियों और बड़े नकद लेन-देन करने वालों को नियमित प्रशिक्षण मिलना चाहिए और संदेहास्पद मुद्रा के मामले में तत्काल निर्धारित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि नकली नोटों की समस्या केवल नोट की असलियत की समस्या नहीं है। यह हमारे समय के उस बड़े संकट का प्रतीक है जिसमें नकली और असली के बीच अंतर करना लगातार कठिन होता जा रहा है। </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नकली नोट बाजार में चल सकता है, नकली दवा शरीर में जा सकती है, नकली सामान घर में पहुंच सकता है, नकली खबर समाज में फैल सकती है और नकली विश्वास रिश्तों को भी खोखला कर सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसलिए सवाल केवल यह नहीं कि नकली नोट कहां छपे? सवाल यह भी है, हमारी व्यवस्था में नकलीपन इतनी दूर तक पहुंच कैसे गया?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुद्रा की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है व्यवस्था के विश्वास की सुरक्षा। क्योंकि रुपये की कीमत उसके कागज में नहीं, उस विश्वास में है कि यह कागज सचमुच ₹500 का मूल्य रखता है। और जिस दिन नागरिक को अपनी जेब में रखे नोट से भी भरोसा उठने लगे, उस दिन चोट केवल मुद्रा पर नहीं पड़ेगी, अर्थव्यवस्था की नींव में छिपे विश्वास पर पड़ेगी। </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नोट नकली थे, लेकिन सवाल बिल्कुल असली है, क्या हमारी व्यवस्था नकलीपन से एक कदम आगे चल रही है?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:right;line-height:25%;" align="right"><span>वीर</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ेंद्र हीरालाल पथरिया </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 20:11:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
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                <title>सुरक्षित और टिकाऊ मुद्रा की नई पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर विस्तार के नए चरण में प्रवेश कर रही है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते प्रचलन के बावजूद नकद मुद्रा आज भी करोड़ों भारतीयों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। देश के छोटे व्यापार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण अर्थव्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक परिवहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि बाजार और असंगठित क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आज भी नकद लेनदेन पर निर्भर है। ऐसे में मुद्रा की गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और टिकाऊपन केवल तकनीकी विषय नहीं रह जाते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आर्थिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से सीधे जुड़े होते हैं। इसी संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पॉलीमर अर्थात प्लास्टिक आधारित</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184230/new-initiative-for-safe-and-sustainable-currency"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/plastic-note-news-1780852776668.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर विस्तार के नए चरण में प्रवेश कर रही है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते प्रचलन के बावजूद नकद मुद्रा आज भी करोड़ों भारतीयों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। देश के छोटे व्यापार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण अर्थव्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक परिवहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि बाजार और असंगठित क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आज भी नकद लेनदेन पर निर्भर है। ऐसे में मुद्रा की गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और टिकाऊपन केवल तकनीकी विषय नहीं रह जाते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आर्थिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से सीधे जुड़े होते हैं। इसी संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पॉलीमर अर्थात प्लास्टिक आधारित नोटों की दिशा में उठाया गया कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार ने आरबीआई के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए दस रुपये और बीस रुपये के पॉलीमर नोटों के बड़े पैमाने पर फील्ड ट्रायल की अनुमति दी है। पहले चरण में दोनों मूल्यवर्ग के एक एक अरब नोटों का परीक्षण किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोटों में भी इस तकनीक का विस्तार किया जा सकता है। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि कागजी नोटों को तत्काल हटाने की कोई योजना नहीं है और यह केवल परीक्षण आधारित पहल है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पॉलीमर नोट सामान्य कागज से नहीं बल्कि विशेष प्रकार के सिंथेटिक पॉलीमर पदार्थ से बनाए जाते हैं। यह सामग्री नमी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धूल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गंदगी और बार बार मोड़े जाने जैसी परिस्थितियों को बेहतर ढंग से सहन कर सकती है। यही कारण है कि इनकी आयु पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक होती है। सामान्यतः कम मूल्यवर्ग के नोट सबसे अधिक हाथों से गुजरते हैं और कुछ ही महीनों में फटने या खराब होने लगते हैं। इसके कारण रिजर्व बैंक को हर वर्ष बड़ी संख्या में पुराने नोट वापस लेकर नए नोट छापने पड़ते हैं। यदि पॉलीमर नोट अपेक्षा के अनुसार लंबे समय तक चलते हैं तो नोटों की छपाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवहन और नष्ट करने की लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में नकली नोटों की चुनौती लंबे समय से चिंता का विषय रही है। समय समय पर सुरक्षा एजेंसियों ने नकली भारतीय मुद्रा के नेटवर्क का खुलासा किया है। नकली नोट केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि उनका उपयोग अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध में भी किया जाता है। पॉलीमर नोटों में पारदर्शी विंडो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत होलोग्राम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रंग बदलने वाली स्याही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूक्ष्म प्रिंटिंग और अन्य आधुनिक सुरक्षा विशेषताएं जोड़ी जा सकती हैं। इन विशेषताओं की नकल करना पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में कहीं अधिक कठिन माना जाता है। इसलिए पॉलीमर नोट नकली मुद्रा पर प्रभावी नियंत्रण का माध्यम बन सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ है। पहली नजर में प्लास्टिक शब्द सुनकर पर्यावरण संबंधी चिंताएं स्वाभाविक लग सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पॉलीमर नोट सामान्य प्लास्टिक नहीं होते। इनका निर्माण विशेष तकनीक से किया जाता है और उपयोग के बाद इन्हें पुनर्चक्रित भी किया जा सकता है। चूंकि इनकी आयु अधिक होती है इसलिए समान अवधि में कम संख्या में नोट छापने पड़ते हैं। इससे कागज की खपत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा की आवश्यकता और परिवहन संबंधी खर्च में भी कमी आती है। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी माना है कि लंबे समय में पॉलीमर नोट पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दुनिया के अनेक देशों ने पहले ही पॉलीमर मुद्रा को अपनाकर इसके लाभ प्राप्त किए हैं। ऑस्ट्रेलिया इस तकनीक को अपनाने वाला पहला देश था। इसके बाद कनाडा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यूजीलैंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिंगापुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोमानिया और अनेक अन्य देशों ने भी अपनी मुद्रा में पॉलीमर तकनीक का उपयोग किया। इन देशों के अनुभव बताते हैं कि पॉलीमर नोट अधिक समय तक सुरक्षित रहते हैं और नकली नोटों की घटनाओं में कमी लाने में सहायक होते हैं। भारत जैसे विशाल देश के लिए इन अनुभवों का अध्ययन अत्यंत उपयोगी हो सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में पॉलीमर नोटों का विचार नया नहीं है। वर्ष </span>2013<span lang="hi" xml:lang="hi"> और उसके बाद भी सीमित स्तर पर कुछ शहरों में इनका परीक्षण किया गया था। उस समय विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब बदलती आर्थिक आवश्यकताओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर तकनीक और बढ़ती मुद्रा मांग को देखते हुए इसे नए रूप में पुनर्जीवित किया गया है। इस बार परीक्षण का दायरा पहले की तुलना में कहीं बड़ा रखा गया है ताकि अलग अलग जलवायु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भौगोलिक परिस्थितियों और उपयोग के स्तर पर नोटों के प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन किया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत जैसे देश में मौसम की विविधता एक बड़ी चुनौती है। कहीं अत्यधिक गर्मी पड़ती है तो कहीं लगातार वर्षा होती है। कई क्षेत्रों में धूल और नमी का स्तर भी अधिक रहता है। ऐसे वातावरण में कागजी नोट अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो जाते हैं। फील्ड ट्रायल का उद्देश्य यही समझना है कि पॉलीमर नोट वास्तविक परिस्थितियों में कितने प्रभावी सिद्ध होते हैं। यदि वे इन परिस्थितियों में भी अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं तो उनका व्यापक उपयोग आर्थिक दृष्टि से लाभदायक हो सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इस योजना के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। पॉलीमर नोटों के निर्माण की प्रारंभिक लागत कागजी नोटों की तुलना में अधिक होती है। इसके अलावा एटीएम मशीनों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नकदी गिनने वाली मशीनों और बैंकिंग प्रणाली के कुछ उपकरणों में आवश्यक तकनीकी परिवर्तन भी करने पड़ सकते हैं। जनता को नए नोटों की विशेषताओं की जानकारी देना और उन्हें नकली नोटों से अलग पहचानने का प्रशिक्षण देना भी आवश्यक होगा। इसलिए यह परिवर्तन केवल तकनीकी नहीं बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली तेजी से विकसित हुई है। यूपीआई ने लेनदेन की दुनिया बदल दी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी नकदी की उपयोगिता समाप्त नहीं हुई है। छोटे दुकानदारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमित इंटरनेट वाले इलाकों और अनेक सामाजिक परिस्थितियों में नकद भुगतान आज भी सबसे सुविधाजनक माध्यम है। इसलिए डिजिटल अर्थव्यवस्था और नकद मुद्रा दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। पॉलीमर नोटों की पहल इसी संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें आधुनिक तकनीक अपनाते हुए नकद मुद्रा को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरबीआई का यह निर्णय केवल नए प्रकार के नोट जारी करने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भविष्य की मुद्रा व्यवस्था की दिशा भी तय करता है। यदि परीक्षण सफल रहता है तो भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाया है। इससे जनता का विश्वास मजबूत होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नकली नोटों की चुनौती कम होगी और मुद्रा प्रबंधन की लागत में भी दीर्घकालिक बचत संभव होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी उल्लेखनीय है कि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल कागजी नोटों को समाप्त करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। परीक्षण पूरा होने के बाद उसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि अपेक्षित सफलता मिलती है तभी आगे की रणनीति तय होगी। यह सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि भारत की विशाल आबादी और विविध परिस्थितियों में किसी भी बड़े परिवर्तन को चरणबद्ध तरीके से लागू करना ही व्यावहारिक होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक सुधारों की सफलता केवल नई नीतियां बनाने से नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से निर्धारित होती है। पॉलीमर नोटों का प्रयोग भी इसी कसौटी पर परखा जाएगा। यदि यह पहल सफल होती है तो भारत की मुद्रा व्यवस्था अधिक आधुनिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित और टिकाऊ बन सकती है। इससे नकली नोटों पर नियंत्रण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी खर्च में कमी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनता को बेहतर गुणवत्ता वाले नोट और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक दक्ष बनाने जैसे अनेक लाभ प्राप्त हो सकते हैं। आने वाले वर्षों में यह पहल भारतीय मुद्रा इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक सिद्ध हो सकती है और यह दिखाएगी कि तकनीकी नवाचार किस प्रकार आम नागरिक के दैनिक जीवन को भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 21:39:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आरबीआई के लक्ष्य से ऊपर पहुंची खुदरा महंगाई आम आदमी का बजट बिगड़ा खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">देश में महंगाई ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जून महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले 17 महीनों में यह पहला अवसर है जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई के 4 प्रतिशत के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर पहुंची है। इससे पहले मई में खुदरा महंगाई 3.95 प्रतिशत दर्ज की गई थी। महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हुई वृद्धि का परिणाम मानी जा रही है। इसके साथ ही परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरत का लगभग हर सामान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183358/retail-inflation-reached-above-rbis-target-common-mans-budget-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas9.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">देश में महंगाई ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जून महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले 17 महीनों में यह पहला अवसर है जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई के 4 प्रतिशत के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर पहुंची है। इससे पहले मई में खुदरा महंगाई 3.95 प्रतिशत दर्ज की गई थी। महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हुई वृद्धि का परिणाम मानी जा रही है। इसके साथ ही परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरत का लगभग हर सामान महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर दिखाई देने लगा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जून महीने में खाद्य महंगाई बढ़कर 5.32 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.45 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.09 प्रतिशत दर्ज की गई। यह स्पष्ट संकेत है कि गांव और शहर दोनों ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। फल, सब्जियां, दालें, खाद्य तेल, दूध तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी ने रसोई का खर्च काफी बढ़ा दिया है। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए घर का बजट संभालना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हुई वृद्धि भी रही है। ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने का असर केवल परिवहन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव हर उस वस्तु पर पड़ता है जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है। किराना, फल-सब्जियां, दवाइयां, कपड़े, निर्माण सामग्री और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी परिवहन खर्च बढ़ने के कारण ऊपर चली जाती हैं। जून महीने में माल ढुलाई से जुड़ी सेवाओं की महंगाई दर बढ़कर लगभग 7.70 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो यह बताती है कि परिवहन लागत अब महंगाई का बड़ा कारण बन चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारत जैसे आयात पर निर्भर देश पर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में वैश्विक परिस्थितियां बिगड़ने पर घरेलू बाजार में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हो जाते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर अब सीधे आम नागरिक की जेब पर महसूस किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महंगाई बढ़ने का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के लिए नया आधार वर्ष और नई उपभोक्ता टोकरी लागू होने के बाद यह महंगाई का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। नई उपभोक्ता टोकरी में लोगों की वर्तमान जीवनशैली और खर्च के पैटर्न को अधिक वास्तविक रूप से शामिल किया गया है। इससे महंगाई का आकलन पहले की तुलना में अधिक सटीक माना जा रहा है। हालांकि इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि लोगों के दैनिक खर्च में वास्तविक बढ़ोतरी पहले के अनुमान से अधिक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महंगाई का सबसे अधिक असर निश्चित आय वाले परिवारों पर पड़ता है। जिन लोगों की आय सीमित है या जिनकी आय में नियमित वृद्धि नहीं होती, उनके लिए बढ़ती कीमतों के बीच खर्चों का संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वेतनभोगी कर्मचारी, छोटे व्यापारी, किसान, मजदूर और पेंशनभोगी सभी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं। आवश्यक वस्तुओं पर अधिक खर्च होने के कारण लोग अन्य जरूरतों पर खर्च कम करने को मजबूर हो रहे हैं। इससे उपभोक्ता मांग पर भी असर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था की गति को प्रभावित करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रिजर्व बैंक का प्रमुख उद्देश्य महंगाई को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक विकास को संतुलित बनाए रखना है। आरबीआई ने खुदरा महंगाई के लिए 4 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया है और 2 से 6 प्रतिशत के दायरे को स्वीकार्य सीमा माना गया है। हालांकि जून में महंगाई लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई है, लेकिन यह अभी भी आरबीआई की निर्धारित ऊपरी सीमा 6 प्रतिशत से नीचे है। इसके बावजूद लगातार बढ़ती महंगाई केंद्रीय बैंक के लिए चिंता का विषय बन सकती है। यदि आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव बना रहता है तो ब्याज दरों को लेकर आरबीआई को अधिक सतर्क रुख अपनाना पड़ सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण नहीं पाया गया और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं तो आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है। दूसरी ओर यदि मानसून सामान्य रहता है, कृषि उत्पादन अच्छा होता है और सरकार समय रहते आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाने के कदम उठाती है तो खाद्य महंगाई में कुछ राहत मिल सकती है। अच्छी फसल से सब्जियों, अनाज और दालों की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती है। एक ओर उसे महंगाई पर नियंत्रण रखना है तो दूसरी ओर आर्थिक विकास की गति भी बनाए रखनी है। इसके लिए खाद्य आपूर्ति को मजबूत करना, जमाखोरी पर सख्ती, परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखना और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा। यदि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत रहती है तो कीमतों पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर्थिक जानकारों का मानना है कि महंगाई केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम नागरिक के जीवन स्तर से है। जब खाद्य पदार्थ, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी होती हैं तो परिवारों की बचत कम होने लगती है। उपभोक्ता खर्च घटता है और इसका प्रभाव पूरे आर्थिक तंत्र पर दिखाई देता है। इसलिए महंगाई पर नियंत्रण केवल सरकार या आरबीआई की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उत्पादन, आपूर्ति और बाजार व्यवस्था के बेहतर समन्वय से ही संभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जून महीने के महंगाई के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था फिलहाल नई चुनौती का सामना कर रही है। पिछले 17 महीनों में पहली बार आरबीआई का लक्ष्य टूटना यह बताता है कि कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। यदि आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ऐसे समय में सरकार, रिजर्व बैंक और संबंधित एजेंसियों को समन्वित प्रयास करते हुए महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के उपाय करने होंगे, ताकि आम नागरिक को राहत मिल सके और अर्थव्यवस्था संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ती रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">    <strong>  <em>कांतिलाल मांडोत</em></strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 19:57:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जल्दी शुरू हो सकते हैं प्लास्टिक के नोट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संवाददाता सचिन बाजपेई </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली,</strong> रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही प्लास्टिक (पॉलीमर) के नोट जारी करने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। कागजी नोटों की बढ़ती मांग, मुद्रण लागत में तेज वृद्धि और जल्द खराब होने वाली करेंसी को ध्यान में रखते हुए आरबीआई एक दशक पुरानी योजना को पुनर्जीवित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही 10 और 20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।</div>
<div>  </div>
<div><strong>आरबीआई की योजना और पृष्ठभूमि</strong></div>
<div>आरबीआई के पिछले दो बोर्ड मीटिंग्स (पटना और मुंबई) में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180346/plastic-notes-may-be-introduced-soon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/plastic-notes.webp" alt=""></a><br /><p><strong>संवाददाता सचिन बाजपेई </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली,</strong> रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही प्लास्टिक (पॉलीमर) के नोट जारी करने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। कागजी नोटों की बढ़ती मांग, मुद्रण लागत में तेज वृद्धि और जल्द खराब होने वाली करेंसी को ध्यान में रखते हुए आरबीआई एक दशक पुरानी योजना को पुनर्जीवित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही 10 और 20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>आरबीआई की योजना और पृष्ठभूमि</strong></div>
<div>आरबीआई के पिछले दो बोर्ड मीटिंग्स (पटना और मुंबई) में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई है। प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरबीआई एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा करने वाला है, जिसमें पॉलीमर नोटों को आम जनता के बीच परीक्षण के लिए जारी किया जाएगा। यह योजना 2012 में शुरू की गई थी, जब पांच शहरों में 10 के पॉलीमर नोटों का पायलट चलाया गया था। लेकिन उस समय एटीएम मशीनें इन मोटे नोटों को हैंडल नहीं कर पाती थीं, जिसके कारण योजना रोक दी गई। अब तकनीकी प्रगति के साथ यह समस्या हल हो चुकी है।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्यों ला रहा है आरबीआई प्लास्टिक नोट?</strong></div>
<div>-बढ़ती करेंसी डिमांड: डिजिटल पेमेंट्स के बावजूद भौतिक करेंसी की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में करेंसी इन सर्कुलेशन 42.86 ट्रिलियन के करीब पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 11.5% अधिक है।</div>
<div>-मुद्रण लागत का बोझ:वित्त वर्ष 2024-25 में नोट छापने पर 6,373 करोड़ खर्च हुए। कागजी नोट जल्दी गंदे और फट जाते हैं, जिससे हर साल अरबों नोट वापस लिए जाते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>टिकाऊपन: </strong>पॉलीमर नोट कागजी नोटों की तुलना में 3-4 गुना अधिक टिकाऊ होते हैं। ये पानी, गंदगी और फटने से ज्यादा सुरक्षित रहते हैं।</div>
<div><strong>जालसाजी रोकथाम:</strong> पॉलीमर नोटों में बेहतर सिक्योरिटी फीचर्स लगाए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों को बनाना और मुश्किल हो जाएगा।</div>
<div>पॉलीमर नोट क्या हैं?</div>
<div>पॉलीमर नोट प्लास्टिक जैव-आधारित पॉलीप्रोपाइलीन या समान सामग्री से बने होते हैं। दुनिया भर में 60 से ज्यादा देश (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन आदि) पहले से इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। ये नोट लंबे समय तक चलते हैं, जिससे लंबे समय में सरकार और आरबीआई को लागत बचत होती है।</div>
<div> </div>
<div><strong>चरणबद्ध रणनीति</strong></div>
<div>आरबीआई तुरंत सभी नोटों को प्लास्टिक में बदलने की योजना नहीं बना रहा है। पहले चरण में छोटे मूल्यवर्ग (₹10 और ₹20) के नोटों का पायलट लॉन्च होगा। पायलट की सफलता के बाद ही बड़े नोटों पर विचार किया जाएगा। एटीएम और मुद्रण प्रक्रिया को भी अपडेट किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>विशेषज्ञों की राय</strong></div>
<div>विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, शुरुआती चरण में जनता को नई नोटों की आदत डालने और सप्लाई चेन में बदलाव की चुनौतियां भी होंगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में यह पहल करेंसी मैनेजमेंट को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अभी देखना बाकी है कि पायलट प्रोजेक्ट कब शुरू होता है और आम लोगों की प्रतिक्रिया क्या होती है। अगर सब ठीक रहा तो आने वाले समय में आपके बटुए में प्लास्टिक के नोट भी दिख सकते हैं।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:38:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bank Holidays: साल 2026 में इतने दिन बैंक रहेंगे बंद, देखें पूरी लिस्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Bank Holidays: नए साल 2026 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों की आधिकारिक अवकाश सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार देशभर में राष्ट्रीय, धार्मिक और क्षेत्रीय पर्वों के चलते 100 से अधिक दिन बैंक बंद रहेंगे। हालांकि, इन अवकाशों के दौरान डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।</p>
<p>आरबीआई की छुट्टियां केंद्र और राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय की गई हैं। रिपब्लिक डे, होली, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, गुड फ्राइडे, दशहरा, दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे बड़े पर्वों पर अधिकतर राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा कुछ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165041/bank-holidays-banks-will-remain-closed-for-so-many-days"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/bank-holidays-(6).jpg" alt=""></a><br /><p>Bank Holidays: नए साल 2026 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों की आधिकारिक अवकाश सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार देशभर में राष्ट्रीय, धार्मिक और क्षेत्रीय पर्वों के चलते 100 से अधिक दिन बैंक बंद रहेंगे। हालांकि, इन अवकाशों के दौरान डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।</p>
<p>आरबीआई की छुट्टियां केंद्र और राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय की गई हैं। रिपब्लिक डे, होली, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, गुड फ्राइडे, दशहरा, दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे बड़े पर्वों पर अधिकतर राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा कुछ शहरों में क्षेत्रीय त्योहारों के कारण अलग-अलग तिथियों पर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।</p>
<p><strong><span class="cf0">जनवरी 2026 की प्रमुख छुट्टियां</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">जनवरी: ऐजॉल, चेन्नई, गंगटोक, इम्फाल, इतानगर, कोहिमा, कोलकाता और शिलांग में न्यू ईयर/गान-ंगाई पर बैंक बंद।</span></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">जनवरी: आइजॉल, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में न्यू ईयर/मनम जयंती पर बंद।</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">जनवरी: लखनऊ में हजरत अली का जन्मदिन पर बैंक बंद रहेंगे।</span></p>
<p><span class="cf1">12 </span><span class="cf0">जनवरी: कोलकाता में स्वामी विवेकानंद जयंती।</span></p>
<p><span class="cf1">14 </span><span class="cf0">जनवरी: अहमदाबाद, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इतानगर में मकर संक्रांति/माघ बिहू।</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">जनवरी: बेंगलुरु, चेन्नई, गंगटोक, हैदराबाद, विजयवाड़ा में उत्तरायण/पोंगल।</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">जनवरी: चेन्नई में तिरुवल्लुवर दिवस।</span></p>
<p><span class="cf1">17 </span><span class="cf0">जनवरी: चेन्नई में उजावर तिरुनल।</span></p>
<p><span class="cf1">23 </span><span class="cf0">जनवरी: अगरतला, भुवनेश्वर, कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती/सरस्वती पूजा।</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">जनवरी: गणतंत्र दिवस पर पूरे देश में सभी प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, दिल्ली, मुंबई आदि में बैंक बंद।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">फरवरी 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">18 </span><span class="cf0">फरवरी - लोसार</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">फरवरी - छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">फरवरी - मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश का राज्य दिवस</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मार्च 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">मार्च - होलिका दहन</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">मार्च - होली (दूसरा दिन)/डोल जात्रा/धुलेंडी/होलिका दहन</span></p>
<p><span class="cf1">4 </span><span class="cf0">मार्च - होली/होली दूसरा दिन - धुलेत्ती/याओसंग दूसरा दिन</span></p>
<p><span class="cf1">13 </span><span class="cf0">मार्च - चापचर कुट</span></p>
<p><span class="cf1">17 </span><span class="cf0">मार्च - शब-ए-कद्र</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">मार्च - गुड़ी पड़वा/उगादी/तेलुगु नववर्ष/सजिबू नोंगमापंबा (चेरावब)/प्रथम नवरात्रि</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">मार्च - ईद-उल-फित्र (रमजान)/जुमात-उल-विदा</span></p>
<p><span class="cf1">21 </span><span class="cf0">मार्च - रमजान-ईद (ईद-उल-फित्र) (शावल-1)/खुतब-ए-रमजान/सरहुल</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">मार्च - श्री राम नवमी</span></p>
<p><span class="cf1">27 </span><span class="cf0">मार्च - श्री राम नवमी (चैते दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">31 मार्च - महावीर जन्मकल्याणक/महावीर जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">अप्रैल 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">अप्रैल - बैंकों को सालाना खाते बंद करने के लिए</span></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">अप्रैल - मॉन्डे थर्सडे</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">अप्रैल - गुड फ्राइडे</span></p>
<p><span class="cf1">14 </span><span class="cf0">अप्रैल - डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती/महा विश्वा संक्रांति/बिजू/बुइसु उत्सव/तमिल नववर्ष/बोहाग बिहू/चेरावबा/बैसाखी</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">अप्रैल - बंगाली नववर्ष (नबबार्ष)/बोहाग बिहू/विशु/हिमाचल दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">अप्रैल - बोहाग बिहू</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">अप्रैल - बसव जयंती/अक्षय तृतीया</span></p>
<p><span class="cf1">21 </span><span class="cf0">अप्रैल - गारिया पूजा</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मई 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">मई - महाराष्ट्र दिन/बुद्ध पूर्णिमा/मई दिवस (मजदूर दिवस)/पंडित रघुनाथ मुर्मू जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">9 </span><span class="cf0">मई - रवींद्रनाथ टैगोर जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">मई - सिक्किम राज्य दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">मई - काजी नजरुल इस्लाम जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">27 </span><span class="cf0">मई - ईद-उल-अधा (बकरीद)/ईद-उल-जुहा</span></p>
<p><span class="cf1">28 </span><span class="cf0">मई - बकरीद (ईद-उज-जुहा)</span></p>
<p><strong><span class="cf0">जून 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">जून - वाईएमए दिवस/राजा संक्रांति</span></p>
<p><span class="cf1">25 </span><span class="cf0">जून - मोहर्रम</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">जून - मुहर्रम (यौम-ए-शहादत)/मोहर्रम का अंतिम दिन/आशूरा</span></p>
<p><span class="cf1">29 </span><span class="cf0">जून - संत गुरु कबीर जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">30 </span><span class="cf0">जून - रेम्ना नी</span></p>
<p><span class="cf0">जुलाई 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></p>
<p><span class="cf1">22 </span><span class="cf0">जुलाई अगरतला क्षेत्र के बैंक खारची पूजा के लिए बंद रहेंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">अगस्त 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">4 </span><span class="cf0">अगस्त - केर पूजा</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">अगस्त - स्वतंत्रता दिवस/पारसी नववर्ष (शाहेन्शाही)</span></p>
<p><span class="cf0">19 अगस्त - महाराजा बिर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सितंबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">4 </span><span class="cf0">सितंबर - जन्माष्टमी (श्रावण वद-8)/कृष्ण जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">12 </span><span class="cf0">सितंबर - श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभव तिथि</span></p>
<p><span class="cf1">14 </span><span class="cf0">सितंबर - गणेश चतुर्थी/गणेश पूजा/वरसिद्धि विनायक व्रत/विनायक चतुर्थी/हरतालिका</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">सितंबर - संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन)</span></p>
<p><span class="cf0">21 सितंबर - श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव/श्री नारायण गुरु समाधि</span></p>
<p><span class="cf1">22 </span><span class="cf0">सितंबर - कर्मा पूजा</span></p>
<p><span class="cf1">23 </span><span class="cf0">सितंबर - महाराजा हरि सिंह जी जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">25 </span><span class="cf0">सितंबर - इंद्रजात्रा</span></p>
<p><strong><span class="cf0">अक्टूबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">अक्टूबर - महात्मा गांधी जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">10 </span><span class="cf0">अक्टूबर - महालय अमावस्या</span></p>
<p><span class="cf1">17 </span><span class="cf0">अक्टूबर - म</span><span class="cf1">aha </span><span class="cf0">सप्तमी</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">अक्टूबर - दशहरा</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">अक्टूबर - विजय दशमी</span></p>
<p><span class="cf1">21 </span><span class="cf0">अक्टूबर - विजय दशमी/दुर्गा पूजा (दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">22 अक्टूबर - दुर्गा पूजा (दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">23 अक्टूबर - दुर्गा पूजा (दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">26 अक्टूबर - लक्ष्मी पूजा/प्रवेश दिवस/महर्षि वाल्मीकि जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">29 </span><span class="cf0">अक्टूबर - करवा चौथ</span></p>
<p><span class="cf1">31 </span><span class="cf0">अक्टूबर - सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">नवंबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">9 </span><span class="cf0">नवंबर - दीवाली/लक्ष्मी पूजा (दीपावली)/गोवर्धन पूजा</span></p>
<p><span class="cf1">10 </span><span class="cf0">नवंबर - दीवाली (बली प्रतिपदा)/दीपावली/लक्ष्मी पूजा/विक्रम संवत् नववर्ष</span></p>
<p><span class="cf1">11 </span><span class="cf0">नवंबर - लक्ष्मी पूजा (दीपावली)/निंगोल चाकौबा/भाई दूज/चित्रगुप्त जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">13 </span><span class="cf0">नवंबर - वांगाला उत्सव</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">नवंबर - छठ पूजा/सूर्य षष्ठी दला छठ (प्रथम अर्घ्य)</span></p>
<p><span class="cf0">23 नवंबर - सेन्ग कुट स्ने म</span></p>
<p><span class="cf1">24 </span><span class="cf0">नवंबर - गुरु नानक जयंती/कार्तिक पूर्णिमा/रहस पूर्णिमा</span></p>
<p><span class="cf1">27 </span><span class="cf0">नवंबर - कनकदास जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिसंबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">दिसंबर - आदिवासी विश्वास दिवस/राज्य स्थापना दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">दिसंबर - सेंट फ्रांसिस जेवियर का पर्व</span></p>
<p><span class="cf1">9, 10, 11 </span><span class="cf0">दिसंबर - लोसूंग/नामसूंग</span></p>
<p><span class="cf1">12 </span><span class="cf0">दिसंबर - पा टोगन नेन्गमिन्जा सांगमा की पुण्यतिथि</span></p>
<p><span class="cf1">18 </span><span class="cf0">दिसंबर - यू सोसो थाम की पुण्यतिथि</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">दिसंबर - गोवा मुक्ति दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">24, 25, 26 </span><span class="cf0">दिसंबर - क्रिसमस ईव, क्रिसमस</span></p>
<p><span class="cf1">30 </span><span class="cf0">दिसंबर - यू किआंग नांगबाह की पुण्यतिथि</span></p>
<p><span class="cf1">31 </span><span class="cf0">दिसंबर - न्यू ईयर ईव</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165041/bank-holidays-banks-will-remain-closed-for-so-many-days</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 10:53:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bank Holidays: साल 2026 में इतने दिन बैंक रहेंगे बंद, देखें पूरी लिस्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Bank Holidays: नए साल 2026 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों की आधिकारिक अवकाश सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार देशभर में राष्ट्रीय, धार्मिक और क्षेत्रीय पर्वों के चलते 100 से अधिक दिन बैंक बंद रहेंगे। हालांकि, इन अवकाशों के दौरान डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।</p>
<p>आरबीआई की छुट्टियां केंद्र और राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय की गई हैं। रिपब्लिक डे, होली, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, गुड फ्राइडे, दशहरा, दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे बड़े पर्वों पर अधिकतर राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा कुछ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164284/bank-holidays-banks-will-remain-closed-for-so-many-days"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/train-canceled-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>Bank Holidays: नए साल 2026 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों की आधिकारिक अवकाश सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार देशभर में राष्ट्रीय, धार्मिक और क्षेत्रीय पर्वों के चलते 100 से अधिक दिन बैंक बंद रहेंगे। हालांकि, इन अवकाशों के दौरान डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।</p>
<p>आरबीआई की छुट्टियां केंद्र और राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय की गई हैं। रिपब्लिक डे, होली, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, गुड फ्राइडे, दशहरा, दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे बड़े पर्वों पर अधिकतर राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा कुछ शहरों में क्षेत्रीय त्योहारों के कारण अलग-अलग तिथियों पर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।</p>
<p><strong><span class="cf0">जनवरी 2026 की प्रमुख छुट्टियां</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">जनवरी: ऐजॉल, चेन्नई, गंगटोक, इम्फाल, इतानगर, कोहिमा, कोलकाता और शिलांग में न्यू ईयर/गान-ंगाई पर बैंक बंद।</span></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">जनवरी: आइजॉल, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में न्यू ईयर/मनम जयंती पर बंद।</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">जनवरी: लखनऊ में हजरत अली का जन्मदिन पर बैंक बंद रहेंगे।</span></p>
<p><span class="cf1">12 </span><span class="cf0">जनवरी: कोलकाता में स्वामी विवेकानंद जयंती।</span></p>
<p><span class="cf1">14 </span><span class="cf0">जनवरी: अहमदाबाद, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इतानगर में मकर संक्रांति/माघ बिहू।</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">जनवरी: बेंगलुरु, चेन्नई, गंगटोक, हैदराबाद, विजयवाड़ा में उत्तरायण/पोंगल।</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">जनवरी: चेन्नई में तिरुवल्लुवर दिवस।</span></p>
<p><span class="cf1">17 </span><span class="cf0">जनवरी: चेन्नई में उजावर तिरुनल।</span></p>
<p><span class="cf1">23 </span><span class="cf0">जनवरी: अगरतला, भुवनेश्वर, कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती/सरस्वती पूजा।</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">जनवरी: गणतंत्र दिवस पर पूरे देश में सभी प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, दिल्ली, मुंबई आदि में बैंक बंद।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">फरवरी 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">18 </span><span class="cf0">फरवरी - लोसार</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">फरवरी - छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">फरवरी - मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश का राज्य दिवस</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मार्च 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">मार्च - होलिका दहन</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">मार्च - होली (दूसरा दिन)/डोल जात्रा/धुलेंडी/होलिका दहन</span></p>
<p><span class="cf1">4 </span><span class="cf0">मार्च - होली/होली दूसरा दिन - धुलेत्ती/याओसंग दूसरा दिन</span></p>
<p><span class="cf1">13 </span><span class="cf0">मार्च - चापचर कुट</span></p>
<p><span class="cf1">17 </span><span class="cf0">मार्च - शब-ए-कद्र</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">मार्च - गुड़ी पड़वा/उगादी/तेलुगु नववर्ष/सजिबू नोंगमापंबा (चेरावब)/प्रथम नवरात्रि</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">मार्च - ईद-उल-फित्र (रमजान)/जुमात-उल-विदा</span></p>
<p><span class="cf1">21 </span><span class="cf0">मार्च - रमजान-ईद (ईद-उल-फित्र) (शावल-1)/खुतब-ए-रमजान/सरहुल</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">मार्च - श्री राम नवमी</span></p>
<p><span class="cf1">27 </span><span class="cf0">मार्च - श्री राम नवमी (चैते दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">31 मार्च - महावीर जन्मकल्याणक/महावीर जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">अप्रैल 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">अप्रैल - बैंकों को सालाना खाते बंद करने के लिए</span></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">अप्रैल - मॉन्डे थर्सडे</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">अप्रैल - गुड फ्राइडे</span></p>
<p><span class="cf1">14 </span><span class="cf0">अप्रैल - डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती/महा विश्वा संक्रांति/बिजू/बुइसु उत्सव/तमिल नववर्ष/बोहाग बिहू/चेरावबा/बैसाखी</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">अप्रैल - बंगाली नववर्ष (नबबार्ष)/बोहाग बिहू/विशु/हिमाचल दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">अप्रैल - बोहाग बिहू</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">अप्रैल - बसव जयंती/अक्षय तृतीया</span></p>
<p><span class="cf1">21 </span><span class="cf0">अप्रैल - गारिया पूजा</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मई 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">मई - महाराष्ट्र दिन/बुद्ध पूर्णिमा/मई दिवस (मजदूर दिवस)/पंडित रघुनाथ मुर्मू जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">9 </span><span class="cf0">मई - रवींद्रनाथ टैगोर जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">मई - सिक्किम राज्य दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">मई - काजी नजरुल इस्लाम जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">27 </span><span class="cf0">मई - ईद-उल-अधा (बकरीद)/ईद-उल-जुहा</span></p>
<p><span class="cf1">28 </span><span class="cf0">मई - बकरीद (ईद-उज-जुहा)</span></p>
<p><strong><span class="cf0">जून 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">जून - वाईएमए दिवस/राजा संक्रांति</span></p>
<p><span class="cf1">25 </span><span class="cf0">जून - मोहर्रम</span></p>
<p><span class="cf1">26 </span><span class="cf0">जून - मुहर्रम (यौम-ए-शहादत)/मोहर्रम का अंतिम दिन/आशूरा</span></p>
<p><span class="cf1">29 </span><span class="cf0">जून - संत गुरु कबीर जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">30 </span><span class="cf0">जून - रेम्ना नी</span></p>
<p><span class="cf0">जुलाई 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></p>
<p><span class="cf1">22 </span><span class="cf0">जुलाई अगरतला क्षेत्र के बैंक खारची पूजा के लिए बंद रहेंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">अगस्त 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">4 </span><span class="cf0">अगस्त - केर पूजा</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">अगस्त - स्वतंत्रता दिवस/पारसी नववर्ष (शाहेन्शाही)</span></p>
<p><span class="cf0">19 अगस्त - महाराजा बिर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सितंबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">4 </span><span class="cf0">सितंबर - जन्माष्टमी (श्रावण वद-8)/कृष्ण जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">12 </span><span class="cf0">सितंबर - श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभव तिथि</span></p>
<p><span class="cf1">14 </span><span class="cf0">सितंबर - गणेश चतुर्थी/गणेश पूजा/वरसिद्धि विनायक व्रत/विनायक चतुर्थी/हरतालिका</span></p>
<p><span class="cf1">15 </span><span class="cf0">सितंबर - संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन)</span></p>
<p><span class="cf0">21 सितंबर - श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव/श्री नारायण गुरु समाधि</span></p>
<p><span class="cf1">22 </span><span class="cf0">सितंबर - कर्मा पूजा</span></p>
<p><span class="cf1">23 </span><span class="cf0">सितंबर - महाराजा हरि सिंह जी जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">25 </span><span class="cf0">सितंबर - इंद्रजात्रा</span></p>
<p><strong><span class="cf0">अक्टूबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">2 </span><span class="cf0">अक्टूबर - महात्मा गांधी जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">10 </span><span class="cf0">अक्टूबर - महालय अमावस्या</span></p>
<p><span class="cf1">17 </span><span class="cf0">अक्टूबर - म</span><span class="cf1">aha </span><span class="cf0">सप्तमी</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">अक्टूबर - दशहरा</span></p>
<p><span class="cf1">20 </span><span class="cf0">अक्टूबर - विजय दशमी</span></p>
<p><span class="cf1">21 </span><span class="cf0">अक्टूबर - विजय दशमी/दुर्गा पूजा (दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">22 अक्टूबर - दुर्गा पूजा (दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">23 अक्टूबर - दुर्गा पूजा (दसैं)</span></p>
<p><span class="cf0">26 अक्टूबर - लक्ष्मी पूजा/प्रवेश दिवस/महर्षि वाल्मीकि जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">29 </span><span class="cf0">अक्टूबर - करवा चौथ</span></p>
<p><span class="cf1">31 </span><span class="cf0">अक्टूबर - सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">नवंबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">9 </span><span class="cf0">नवंबर - दीवाली/लक्ष्मी पूजा (दीपावली)/गोवर्धन पूजा</span></p>
<p><span class="cf1">10 </span><span class="cf0">नवंबर - दीवाली (बली प्रतिपदा)/दीपावली/लक्ष्मी पूजा/विक्रम संवत् नववर्ष</span></p>
<p><span class="cf1">11 </span><span class="cf0">नवंबर - लक्ष्मी पूजा (दीपावली)/निंगोल चाकौबा/भाई दूज/चित्रगुप्त जयंती</span></p>
<p><span class="cf1">13 </span><span class="cf0">नवंबर - वांगाला उत्सव</span></p>
<p><span class="cf1">16 </span><span class="cf0">नवंबर - छठ पूजा/सूर्य षष्ठी दला छठ (प्रथम अर्घ्य)</span></p>
<p><span class="cf0">23 नवंबर - सेन्ग कुट स्ने म</span></p>
<p><span class="cf1">24 </span><span class="cf0">नवंबर - गुरु नानक जयंती/कार्तिक पूर्णिमा/रहस पूर्णिमा</span></p>
<p><span class="cf1">27 </span><span class="cf0">नवंबर - कनकदास जयंती</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिसंबर 2026 हॉलीडे लिस्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf1">1 </span><span class="cf0">दिसंबर - आदिवासी विश्वास दिवस/राज्य स्थापना दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">3 </span><span class="cf0">दिसंबर - सेंट फ्रांसिस जेवियर का पर्व</span></p>
<p><span class="cf1">9, 10, 11 </span><span class="cf0">दिसंबर - लोसूंग/नामसूंग</span></p>
<p><span class="cf1">12 </span><span class="cf0">दिसंबर - पा टोगन नेन्गमिन्जा सांगमा की पुण्यतिथि</span></p>
<p><span class="cf1">18 </span><span class="cf0">दिसंबर - यू सोसो थाम की पुण्यतिथि</span></p>
<p><span class="cf1">19 </span><span class="cf0">दिसंबर - गोवा मुक्ति दिवस</span></p>
<p><span class="cf1">24, 25, 26 </span><span class="cf0">दिसंबर - क्रिसमस ईव, क्रिसमस</span></p>
<p><span class="cf1">30 </span><span class="cf0">दिसंबर - यू किआंग नांगबाह की पुण्यतिथि</span></p>
<p><span class="cf1">31 </span><span class="cf0">दिसंबर - न्यू ईयर ईव</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/164284/bank-holidays-banks-will-remain-closed-for-so-many-days</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 13:27:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI Update: 2000 रुपये के नोट को लेकर आई बड़ी अपडेट, आरबीआई ने दी ये जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>RBI Update: </strong>2000 रुपये के नोट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। साल 2023 में सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2000 रुपये के गुलाबी नोटों की पूरी वापसी अब तक नहीं हो सकी है। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, तीन साल से ज्यादा समय बीतने के बाद हालांकि, ज्यादातर नोट केंद्रीय बैंक के पास वापस आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू के ये बड़े नोट लोगों के पास मौजूद हैं। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>नोटों की वापसी</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, 19 मई 2023 को RBI ने 2000 रुपये के करेंसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158718/rbi-update-big-update-regarding-rs-2000-note-rbi-gave"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/latest-news---2025-11-02t105022.383.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>RBI Update: </strong>2000 रुपये के नोट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। साल 2023 में सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2000 रुपये के गुलाबी नोटों की पूरी वापसी अब तक नहीं हो सकी है। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, तीन साल से ज्यादा समय बीतने के बाद हालांकि, ज्यादातर नोट केंद्रीय बैंक के पास वापस आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू के ये बड़े नोट लोगों के पास मौजूद हैं। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>नोटों की वापसी</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, 19 मई 2023 को RBI ने 2000 रुपये के करेंसी नोट को सर्कुलेशन से बाहर करने का ऐलान किया था। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोषणा के 3.5 साल के बाद लोग अभी भी 5,817 करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट दबाए बैठे हैं यानी ये अी भी बाजार में बने हुए हैं, जिनकी वापसी का केंद्रीय बैंक को इंतजार है। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ये आंकड़ा इन्हें बंद किए जाने से पहले मौजूद कुल नोटों का 98.37% है, जबकि 1.63% अभी भी बचे हैं। ये आंकड़ा 31 अक्टूबर 2025 तक का है। यहां बता दें कि  RBI ने साथ किया था कि सर्कुलेशन से बाहर किए जा रहे ये बड़े गुलाबी नोट पूरी वापसी से पहले तक लीगल टेंडर बने रहेंगे। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>पॉलिसी के तहत बंद</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने जब 2000 रुपये के गुलाबी नोटों को बंद किया था, तो उस समय सर्कुलेशन में कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मू्य के नोट मौजूद थे, जो अब घटकर सिर्फ 5,817 करोड़ रुपये रह गए हैं। RBI द्वारा साल 2016 के नवंबर महीने में इन बड़े करेंसी नोट को पेश किया गया था, जब देश में नोटबंदी का ऐलान हुआ था। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इसके तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया था। नोटबंदी का असर कम होने और अन्य अन्य मूल्यवर्ग के नोटों के मार्केट में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बाद केंद्रीय बैंक ने 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत इन्हें सर्कुलेशन से बाहर करने का ऐलान किया था। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>करा सकते हैं नोट</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, मई 2023 में Rs 2000 Notes सर्कुलेशन के बाहर किए जाने के ऐलान के साथ ही RBI ने 7 अक्टूबर 2023 तक लोगों को सभी बैंकों की ब्रांच में इन्हें बदलवाने की सुविधा उपलब्ध कराई थीं, लेकिन जैसे-जैसे सर्कुलेशन में इन लोटों की संख्या में कमी आई, केंद्रीय बैंक ने बैंकों के बजाय RBI के 19 कार्यालयों तक वापसी प्रक्रिया को सीमित कर दिया। जहां अभी भी इन नोटों को चेंज कराया जा सकता है। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>वापसी की सुविधा</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इनमें रिजर्व बैंक अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम कार्यालय शामिल हैं। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इसके अलावा लोग अपने नजदीकी किसी भी डाकघर के जरिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से भी ये नोट अपने बैंक खातों में जमा कराने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के किसी भी जारीकर्ता कार्यालय को भेज सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 10:50:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>23 मई 2023 से 20000 रुपये की लिमिट तक 2000 रुपये का नोट बदला जा सकेगा.</title>
                                    <description><![CDATA[2000 Rupees Notes: 30 सितंबर 2023 तक बैंकों में 2000 रुपये के नोट बदले जा सकेगे. बैंकों को स्पेशल विंडो इसके लिए शुरुआती होगी.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129415/from-may-23-2023-rs-2000-notes-can-be-exchanged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/2000-note.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>2000 Currency Notes: </strong>2000 रुपये के करेंसी नोट को सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है. आरबीआई ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट्स सर्कुलेशन से वापस लेने का फैसला किया है. 2000 रुपये सर्कुलेशन में भले ही बंद हो लेकिन 2000 रुपये के नोट कानूनी रूप से वैध बना रहेगा. आरबीआई ने कहा है कि 30 सितंबर 2023 तक बैंकों में 2000 रुपये के नोट बदले जा सकेगे. साथ ही बैंकों और आरबीआई के 19 रिजनल ऑफिस में 2000 रुपये के नोट को दूसरे डिनॉमिनेशन वाले करेंसी के साथ एक्सचेंज किया जा सकेगा. </p>
<p><br /> अब सवाल उठता है कि आरबीआई के इस फैसले के बाद जिनकी पास 2000 रुपये के करेंसी नोट पहले से मौजूद हैं उनके पास क्या विकल्प है. </p>
<p>1. जिनके पास भी 2000 रुपये के बैंक नोट हैं वे बैंक खाते में इन नोटों को डिपॉजिट कर सकते हैं या फिर दूसरे नोटों के जरिए इसे बैंक शाखा में जाकर बदल सकते हैं. </p>
<p>2. बैंकों में 2000 रुपये के नोट बदलने को लेकर कोई बंदिशें नहीं होगी. बैंकों इस बारे में अलग से नियम जारी करेंगे. </p>
<p>3. 23 मई 2023 से 20000 रुपये की लिमिट तक 2000 रुपये का नोट बदला जा सकेगा.   </p>
<p>4. जिनके पास भी 2000 रुपये के बैंक नोट हैं वे 30 सितंबर 2023 तक 2000 रुपये को नोट बदल सकते हैं. आरबीआई ने अलग से इस बारे में बैंकों को गाइडलाइंस जारी कर दिया है. </p>
<p>5. 23 मई 2023 से आरबीआई के 19 रिजनल ऑफिसेज  में 20000 रुपये की लिमिट तक 2000 रुपये के बदले जा सकेंगे. </p>
<p>6. आरबीआई ने बैंकों को 2000 रुपये के नोट तत्काल रूप से नहीं जारी करने को कहा है. </p>
<p>7. आरबीआई ने आम लोगों अपील की है कि वे 30 सितंबर 2023 तक समय निकाल 2000 रुपये के नोट को एक्सचेंज कर लें या फिर उसे बैंक में डिपॉजिट कर लें. </p>
<p><strong>सर्कुलेशन में 10.8 फीसदी 2000 रुपये को नोट हैं मौजूद </strong></p>
<p>आरबीआई ने ये जानकारी दी है कि 89 फीसदी 2000 रुपये के करेंसी नोट्स मार्च 2017 के पहले जारी किए गए थे. जिसका लाइफ-स्पैन 4 से 5 सालों का होता है. 31 मार्च 2018 को कुल  6.73 लाख करोड़ रुपये के 2000 रुपये को नोट सर्कुलेशन में थे जो 31 मार्च 2023 को घटकर केवल 3.62 लाख करोड़ रुपये के वैल्यू का रह गया है. जो पीक वैल्यू का केवल 37.3 फीसदी है और सर्रुलेशन में मौजूद कुल 2000 रुपये के नोट का केवल 10.8 फीसदी है. आरबीआई का कहना है कि दूसरे डिनॉमिनेशन वाले बैंक नोट्स करेंसी जरुरतों को पूरा करने का लिए काफी है</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/129415/from-may-23-2023-rs-2000-notes-can-be-exchanged</link>
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                <pubDate>Fri, 19 May 2023 20:29:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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