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                <title>urban development - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>urban development RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नगर निगम पार्षदों के धरने में विधायक अमिताभ बाजपेई हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>दिनांक 01.08.2026 को नगर निगम जोन 1 कार्यालय में जनता की समस्याओं एवं विकास कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी के विरोध में पक्ष-विपक्ष के सभी पार्षदों द्वारा आयोजित धरने में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई भी ने भी शामिल होकर अपना समर्थन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की बात भी अधिकारी नहीं सुनते, विकास कार्यों की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं और आम नागरिकों को अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाना आवश्यक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184453/mla-amitabh-bajpai-joins-the-strike-of-municipal-councilors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002156606.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>दिनांक 01.08.2026 को नगर निगम जोन 1 कार्यालय में जनता की समस्याओं एवं विकास कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी के विरोध में पक्ष-विपक्ष के सभी पार्षदों द्वारा आयोजित धरने में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई भी ने भी शामिल होकर अपना समर्थन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की बात भी अधिकारी नहीं सुनते, विकास कार्यों की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं और आम नागरिकों को अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाना आवश्यक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को समयबद्ध तरीके से मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि जनता के सम्मान, उनके अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:52:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनी स्टेशन रोड पर बीच सड़क बना गड्ढा: बैरिकेडिंग से बढ़ी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी के चक रघुनाथ व्यस्त स्टेशन रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क के बीच बना गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन फटने के कारण सड़क पर लगातार पानी बहता रहता है, जिससे सड़क धंसकर गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई। लोगों का कहना है कि सूचना मिलने पर जल निगम की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू किया, लेकिन कार्य अधूरा छोड़कर कर्मचारी चले गए। गड्ढे की समुचित मरम्मत नहीं की गई, जिससे समस्या पहले की तरह बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में सड़क</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183786/pothole-formed-in-the-middle-of-the-road-on-naini"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260719-wa0092.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी के चक रघुनाथ व्यस्त स्टेशन रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क के बीच बना गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन फटने के कारण सड़क पर लगातार पानी बहता रहता है, जिससे सड़क धंसकर गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई। लोगों का कहना है कि सूचना मिलने पर जल निगम की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू किया, लेकिन कार्य अधूरा छोड़कर कर्मचारी चले गए। गड्ढे की समुचित मरम्मत नहीं की गई, जिससे समस्या पहले की तरह बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में सड़क के बीचों-बीच बैरिकेडिंग लगा दी गई है, जिसके कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।स्थानीय नागरिकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि न तो क्षेत्रीय पार्षद इस समस्या पर ध्यान दे रहे हैं और न ही जल निगम के अधिकारी स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठा रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 21:31:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम विस्तार के बाद भी शिक्षक कॉलोनी विकास से वंचित,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इसके</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183377/teachers-colony-deprived-of-development-even-after-expansion-of-municipal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसके बावजूद आज तक न तो सड़क अथवा खड़ंजा का निर्माण कराया गया है और न ही जल निकासी के लिए नाली बनाई गई है।क्षेत्रवासियों के अनुसार राजकुमार श्रीवास्तव के घर से लेकर लोटन कुशवाहा के घर तक सड़क और नाली का पूर्ण अभाव है। बारिश के दौरान पानी जमा होने से पूरे मोहल्ले में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि शिक्षक कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर सड़क एवं नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो बारिश के मौसम में लोग सड़क पर नहीं, बल्कि पानी से भरे नालों जैसे रास्तों से गुजरने को विवश होंगे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:18:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब नहीं होंगे कोचिंग संस्थान सील: LDA का बड़ा आश्वासन, बंद संस्थानों को भी खोला जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में कोचिंग संस्थानों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई के बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब बिना उचित कारण किसी भी कोचिंग संस्थान को सील नहीं किया जाएगा। साथ ही पहले से सील किए गए संस्थानों को भी चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है।</p><div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष राघव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183313/now-coaching-institutes-will-not-be-sealed-ldas-big-assurance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001096888.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में कोचिंग संस्थानों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई के बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब बिना उचित कारण किसी भी कोचिंग संस्थान को सील नहीं किया जाएगा। साथ ही पहले से सील किए गए संस्थानों को भी चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है।</p><div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष राघव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर कोचिंग संचालकों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एलडीए उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में अपर सचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत वार्ता की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अपर सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि यदि किसी आवासीय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त नहीं होती है, तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पर्याप्त कारण किसी भी संस्थान को सील नहीं किया जाएगा और जो संस्थान पहले से सील किए गए हैं, उन्हें भी नियमानुसार खोला जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एलडीए प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया कि मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों को पर्याप्त समय दिया जाएगा तथा कोचिंग संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष राघव ने कहा कि संघ प्रदेश के सभी कोचिंग संचालकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी किसी भी संचालक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा।</div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 20:03:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पार्षद ललित किशोर तिवारी, बारिश में भी संभाल रहे सफाई व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी जीत के बाद से ही क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। वह प्रतिदिन वार्ड का भ्रमण कर लोगों से सीधे संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रयास कर रहे हैं। सुबह से ही उनके कार्यालय पर क्षेत्रवासियों का आना-जाना लगा रहता है, जहां वे सड़क, पेयजल, जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद तिवारी इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183202/councilor-lalit-kishore-tiwari-is-handling-cleanliness-even-in-rain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260710_200453.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी जीत के बाद से ही क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। वह प्रतिदिन वार्ड का भ्रमण कर लोगों से सीधे संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रयास कर रहे हैं। सुबह से ही उनके कार्यालय पर क्षेत्रवासियों का आना-जाना लगा रहता है, जहां वे सड़क, पेयजल, जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद तिवारी इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करवा रहे हैं। हमारे प्रतिनिधि से बातचीत में ललित किशोर तिवारी ने कहा कि उनका लक्ष्य फैजुल्लागंज वार्ड को लखनऊ के 110 वार्डों में सबसे स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित वार्ड बनाना है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरना उनकी पहली जिम्मेदारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद तिवारी ने कहा कि मौसम चाहे कैसा भी हो, वे लगातार क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याओं का जायजा लेते हैं और साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हैं। बारिश के दौरान जलभराव और जल निकासी की समस्याओं को दूर कराने के लिए भी वे लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि वार्ड की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य करते रहेंगे, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 22:15:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की चहकती ज़िंदगी पर पड़ रहा विकास का काला साया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब किसी शहर से बच्चों की खिलखिलाहट गुम होने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझ लेना चाहिए कि वहां विकास ने दिशा खो दी है। किसी समाज की असली समृद्धि उसकी ऊँची इमारतों में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के हिस्से आए खुले आसमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाली और सुरक्षित खेल-स्थलों में दिखाई देती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्भाग्य से शहर जितनी तेजी से फैल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक पार्क और खेल के मैदान उतनी ही तेजी से सिमट रहे हैं। जहां कभी नंगे पांव दौड़ता बचपन सपने संजोता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां आज सूखी जमीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टूटे झूले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंग लगी फिसलपट्टियां और कंक्रीट का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183099/the-dark-shadow-of-development-is-falling-on-the-vibrant"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(1)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब किसी शहर से बच्चों की खिलखिलाहट गुम होने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझ लेना चाहिए कि वहां विकास ने दिशा खो दी है। किसी समाज की असली समृद्धि उसकी ऊँची इमारतों में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के हिस्से आए खुले आसमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाली और सुरक्षित खेल-स्थलों में दिखाई देती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्भाग्य से शहर जितनी तेजी से फैल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक पार्क और खेल के मैदान उतनी ही तेजी से सिमट रहे हैं। जहां कभी नंगे पांव दौड़ता बचपन सपने संजोता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां आज सूखी जमीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टूटे झूले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंग लगी फिसलपट्टियां और कंक्रीट का फैलता साम्राज्य खड़ा है। यह केवल सौंदर्य का ह्रास नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों पर मौन प्रहार है। यदि बचपन से खेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति और खुलापन छीन लिया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसकी कीमत केवल बच्चे नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा समाज चुकाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कंक्रीट की हर नई दीवार हरियाली की कीमत पर खड़ी होती है। बीते दो दशकों में अनियोजित शहरीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक उदासीनता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भ्रष्टाचार और नागरिक चुप्पी ने सार्वजनिक पार्कों को उपेक्षित कर दिया। कई महानगरों में प्रति बच्चे उपलब्ध खेल क्षेत्र आधे से भी कम रह गया है। नतीजा—बचपन स्क्रीन में कैद है। शारीरिक गतिविधियां घटने से मोटापा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक तनाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अकेलापन और व्यवहारगत समस्याएं बढ़ रही हैं। प्रकृति से कटता बचपन तकनीक में दक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर शरीर से दुर्बल और मन से असंतुलित होता जा रहा है। यह समाज के भविष्य की गंभीर चेतावनी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बचपन की पहली पाठशाला किसी इमारत में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खुले आकाश के नीचे बसती है। पार्क केवल खेल का मैदान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला हैं। यहीं बच्चे मित्रता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सहयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हार-जीत का संतुलन और प्रकृति से रिश्ता सीखते हैं। मिट्टी की सोंधी गंध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेड़ों की छांव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पक्षियों का कलरव और साथियों का साथ वे संस्कार देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कोई स्क्रीन या बंद कमरा नहीं दे सकता। पार्क खत्म होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बचपन का यह अध्याय अधूरा रह जाता है। सबसे अधिक मार सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके पास निजी क्लब या महंगे प्ले जोन का विकल्प नहीं होता। उनके बच्चे गलियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छतों और व्यस्त सड़कों पर खेलने को विवश हैं। खेल का अधिकार भी अब आर्थिक असमानता की भेंट चढ़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे भयावह स्थिति तब होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब बच्चों के लिए बनी जगहें ही असुरक्षित हो जाएं। जो पार्क बचे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। रखरखाव का बजट आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर उसका बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार या अधूरे कार्यों में सिमट जाता है। टूटे झूले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंग लगी फिसलपट्टियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गंदे पानी के गड्ढे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूखी घास और कचरा अब सामान्य दृश्य हैं। अनेक स्थानों पर अतिक्रमण ने पार्कों की जमीन निगल ली है। कहीं राजनीतिक आयोजन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहीं अस्थायी निर्माण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो रात होते ही कई पार्क असामाजिक तत्वों और शराबियों के अड्डे बन जाते हैं। नतीजा यह है कि जहां बच्चों को सबसे सुरक्षित होना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं जाने से परिवार कतराने लगे हैं। किसी संवेदनशील समाज के लिए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर उजड़ा पार्क योजनाओं नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईमानदार इच्छाशक्ति की मांग करता है। यह संकट असाध्य नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि सरकारें इसे सौंदर्यीकरण नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य का प्रश्न मानें। प्रत्येक शहर में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>"<span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क पुनर्जागरण मिशन"</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत पुराने पार्कों का वैज्ञानिक पुनर्विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित खेल उपकरण और नियमित रखरखाव की जवाबदेही तय हो। हर नए आवासीय प्रकल्प में </span>18 <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत क्षेत्र हरित पार्क और खेल क्षेत्र के लिए कानूनी रूप से आरक्षित हो। डिजिटल निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक ऑडिट और वित्तीय पारदर्शिता से सुनिश्चित किया जाए कि पार्कों का बजट कागजों पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धरातल पर दिखे। विकास की हर योजना में बच्चों का खेल क्षेत्र अंतिम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहला अधिकार होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारें अकेले बचपन नहीं बचा सकतीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">समाज को भी आगे आना होगा। किसी मोहल्ले का पार्क तभी जीवित रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब लोग उसे अपना मानें। स्थानीय निवासी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवी संस्थाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिक और युवा मिलकर पार्कों को गोद लें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वृक्षारोपण और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएं। शिक्षा व्यवस्था भी सहभागी बने। विद्यालयों में प्रत्येक सप्ताह</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>"<span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क डे"</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां बच्चे खेल के साथ प्रकृति को समझें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण सीखें और खुली हवा में सामूहिक गतिविधियों का अनुभव करें। अभिभावकों को भी समझना होगा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल कोचिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंक और डिजिटल उपकरणों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि खुले मैदान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिट्टी की सोंधी खुशबू और प्रकृति के सान्निध्य से भी होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कानून तभी सार्थक होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब वे कागज से उतरकर जनजीवन की रक्षा करें। सार्वजनिक पार्कों को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">शून्य सहनशीलता क्षेत्र</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">घोषित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अतिक्रमण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावसायिक उपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक आयोजन और असामाजिक गतिविधियों की कोई जगह न हो। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कठोर दंड और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। नगर निकायों का निरीक्षण औपचारिकता न रहे</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रत्येक पार्क की स्थिति सार्वजनिक पोर्टल पर हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि नागरिक भी निगरानी कर सकें। प्रशासन की दृढ़ता और समाज की सजगता से ही पार्कों की गरिमा लौटेगी। अन्यथा विकास की चकाचौंध में बचपन का उजाला खोता रहेगा और हम आंकड़ों में प्रगति तलाशते रह जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब बच्चों से खुला आकाश छिनने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझ लीजिए समाज का भविष्य सिमट रहा है। जिसने खुले मैदान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेड़ों की छांव और प्रकृति की गोद में जीवन नहीं सीखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे स्वस्थ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशील समाज की अपेक्षा कैसे की जा सकती है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क विलासिता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर बच्चे का मौलिक अधिकार हैं। यदि आज हम उसके हिस्से का आकाश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाली और खेल छीन रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कल उससे रचनात्मकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशीलता और सामाजिक संतुलन की अपेक्षा का नैतिक अधिकार भी खो देंगे। इसलिए सार्वजनिक पार्कों की रक्षा केवल पर्यावरण नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। जहां पार्कों में बचपन की हंसी गूंजती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं सशक्त भविष्य जन्म लेता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>45.70 करोड़ का बजट पास, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी बोर्ड बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर।</strong> नगर पालिका परिषद की वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट बोर्ड बैठक गुरुवार को विकास योजनाओं से अधिक भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जवाबदेही के सवालों के कारण सुर्खियों में रही। करीब 45.70 करोड़ रुपये का बजट तो सर्वसम्मति से पारित हो गया, लेकिन बैठक के दौरान सभासदों ने पालिका प्रशासन पर एक के बाद एक गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। सरकारी संपत्तियों पर कब्जे, संदिग्ध टेंडर, सूचना छिपाने और मनमानी कार्यशैली जैसे मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ।</div>
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<div style="text-align:justify;">चेयरमैन हाजरा बेगम और अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने नगर विकास,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183042/budget-of-rs-4570-crore-passed-but-board-meeting-surrounded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260709-wa0033-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर।</strong> नगर पालिका परिषद की वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट बोर्ड बैठक गुरुवार को विकास योजनाओं से अधिक भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जवाबदेही के सवालों के कारण सुर्खियों में रही। करीब 45.70 करोड़ रुपये का बजट तो सर्वसम्मति से पारित हो गया, लेकिन बैठक के दौरान सभासदों ने पालिका प्रशासन पर एक के बाद एक गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। सरकारी संपत्तियों पर कब्जे, संदिग्ध टेंडर, सूचना छिपाने और मनमानी कार्यशैली जैसे मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ।</div>
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<div style="text-align:justify;">चेयरमैन हाजरा बेगम और अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने नगर विकास, सड़क, नाला निर्माण, सफाई, वेतन और पेंशन को प्राथमिकता देने की बात कही। अधिकारियों के दावों के बीच ही सभासदों ने व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए। सभासद दिलीप कुमार सक्सेना (अक्कू) ने आरोप लगाया कि नगर पालिका की करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्तियों से जुड़े मुकदमों में पालिका का अधिवक्ता ही नगर हितों के विपरीत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद सुशील कुमार सिंह ने वर्ष 2024 से लंबित सूचना न दिए जाने को पारदर्शिता पर सवाल बताते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी है जिसे दो वर्ष बाद भी छिपाया जा रहा है। उन्होंने 16 लाख रुपये के नाला सफाई टेंडर पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जब मलबा हटाने का काम पालिका कर्मचारियों से कराया गया तो ठेकेदार को लाखों रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया। उन्होंने सरकारी कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की मांग उठाई। मामला उस समय और गरमा गया जब चेयरमैन आवास पर कार्यरत बताए जा रहे 15 संविदा कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया। आरोप है कि स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल की गई, जिस पर सभासदों और पालिका प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में कई सभासदों ने नगर पालिका की जमीनों पर अवैध कब्जे न हटाने, जनप्रतिनिधियों की लगातार उपेक्षा, फोन तक न उठाने, बदहाल सड़कें, जलभराव और चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन को घेरा। उनका कहना था कि नगर की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में विकास दिखाने में व्यस्त हैं।लगातार बढ़ते विरोध और आरोपों के बीच अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने सभी शिकायतों की जांच कराने और दोष पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद हंगामे के बीच ही 45.70 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया गया।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 22:32:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बभनान मंडी के मुख्य द्वार पर जलभराव व गंदगी, व्यवस्था पर उठे सवाल मच्छरों का प्रकोप </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान के वार्ड संख्या 3 पटेल नगर स्थित बभनान–गौर मार्ग पर बनी नवीन सब्जी मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या सामने आई है। मंडी जैसे व्यस्त स्थल के गेट पर बदहाल स्थिति से राहगीरों, ग्राहकों और व्यापारियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडी के मुख्य गेट के ठीक सामने सड़क पर लंबे समय से पानी भरा हुआ है, जिससे वहां कीचड़युक्त हालात बन गए हैं। लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182567/questions-raised-on-waterlogging-and-dirt-system-at-the-main"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान के वार्ड संख्या 3 पटेल नगर स्थित बभनान–गौर मार्ग पर बनी नवीन सब्जी मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या सामने आई है। मंडी जैसे व्यस्त स्थल के गेट पर बदहाल स्थिति से राहगीरों, ग्राहकों और व्यापारियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडी के मुख्य गेट के ठीक सामने सड़क पर लंबे समय से पानी भरा हुआ है, जिससे वहां कीचड़युक्त हालात बन गए हैं। लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा हो गया है, जहां फिसलने की आशंका बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सड़क किनारे कूड़े का ढेर और जलभराव की स्थिति नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गंदगी के कारण आसपास दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही मंडी में आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडी में दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने बताया कि गंदगी और जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में अधिशासी अधिकारी (ईओ) कीर्ति सिंह ने बताया कि नाला खुदाई का कार्य कराया जा रहा है और वर्तमान में मिट्टी व पत्थर निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जा रहा है और शीघ्र ही सड़क को समतल कराकर जलभराव की समस्या दूर कर दी जाएगी। कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिन्हें जल्द ठीक कर लिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि मंडी परिसर में स्वच्छता और सुचारु आवागमन सुनिश्चित हो सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरांव में नपं अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मिलकर सौंपा विकास का मांगपत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रूद्रपुर, देवरिया।</strong> नगर पंचायत रुद्रपुर की अध्यक्ष सुधा निगम व उनके प्रतिनिधि वरिष्ठ भाजपा नेता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर छट्ठेलाल निगम ने नगर पंचायत के विकास हेतु विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बरांव में मुलाकात की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने योगी जी को गणेश प्रतिमा और नगर की प्रतीकात्मक चाभी भेंट की। मुख्यमंत्री बरांव चौराहे पर 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में आये थे। उन्होंने बथुआ रिवर फ्रंट के सुंदरीकरण हेतुजल शुद्धिकरण प्लांट लगाने, गोर्रा नदी के भुसउल पर लगे फाटक को खोलने, नगर पंचायत की सीमा के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्गो के चौड़ीकरण एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182553/in-baraon-npp-president-met-the-chief-minister-and-handed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000718712.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रूद्रपुर, देवरिया।</strong> नगर पंचायत रुद्रपुर की अध्यक्ष सुधा निगम व उनके प्रतिनिधि वरिष्ठ भाजपा नेता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर छट्ठेलाल निगम ने नगर पंचायत के विकास हेतु विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बरांव में मुलाकात की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने योगी जी को गणेश प्रतिमा और नगर की प्रतीकात्मक चाभी भेंट की। मुख्यमंत्री बरांव चौराहे पर 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में आये थे। उन्होंने बथुआ रिवर फ्रंट के सुंदरीकरण हेतुजल शुद्धिकरण प्लांट लगाने, गोर्रा नदी के भुसउल पर लगे फाटक को खोलने, नगर पंचायत की सीमा के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्गो के चौड़ीकरण एवं डिवाइडर लगाने, दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के सुंदरीकरण तथा कॉरिडोर बनाने व नगर पंचायत के आसपास स्थित राजस्व गांव को शामिल कर सीमा विस्तार करने व नगर पालिका का दर्जा दिलाने की पुरजोर मांग रखी। मांग पत्र में बताया गया कि भुसावल के पास फाटक लगाकर गोरा नदी के जल को रोक दिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे बथुआ व मझने नदी में जल प्रवाह कम है यदि उसे खोल दिया जाए तो दोनों नदियों में जल प्रवाह होगा और नदियां भी स्वच्छ बनी रहेगी। अध्यक्ष ने बताया कि नगर का नल का पानी बथुआ नदी में गिरता है जिससे नदी प्रदूषित हो जाती है और छठ के अवसर पर महिलाओं को दिक्कत होती है। वहां जल शुद्धिकरण प्लांट लगाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त नदी में डैम बनाकर बोटिंग की व्यवस्था भी हो सकती है जो पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182553/in-baraon-npp-president-met-the-chief-minister-and-handed</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:48:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुगम यातायात की मांग को लेकर व्यापार मंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div>  </div>
<div>शहर में बढ़ती यातायात समस्याओं और जाम से आमजन को हो रही परेशानी को लेकर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी के समक्ष दो महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। जिला व्यापार बंधु की बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष अभिषेक सक्सेना ने पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए नए यमुना पुल स्थित बंधवा क्रॉसिंग को पुनः खोलने तथा सिविल लाइंस के अस्थायी बस अड्डे पर यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की।</div>
<div>  </div>
<div>ज्ञापन में बताया गया कि नए यमुना पुल पर स्थित बंधवा क्रॉसिंग महाकुंभ के दौरान बंद कर दी गई थी, जिसे अब तक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182497/the-trade-board-submitted-a-memorandum-to-the-dm-regarding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260701-wa0085.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div> </div>
<div>शहर में बढ़ती यातायात समस्याओं और जाम से आमजन को हो रही परेशानी को लेकर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी के समक्ष दो महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। जिला व्यापार बंधु की बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष अभिषेक सक्सेना ने पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए नए यमुना पुल स्थित बंधवा क्रॉसिंग को पुनः खोलने तथा सिविल लाइंस के अस्थायी बस अड्डे पर यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की।</div>
<div> </div>
<div>ज्ञापन में बताया गया कि नए यमुना पुल पर स्थित बंधवा क्रॉसिंग महाकुंभ के दौरान बंद कर दी गई थी, जिसे अब तक नहीं खोला गया है। इसके कारण नैनी क्षेत्र से कीडगंज और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर लगाकर बांगड़ चौराहा और बैरहना चौराहा होकर गुजरना पड़ता है। इससे इन चौराहों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है और लोगों का समय तथा ईंधन दोनों व्यर्थ होता है। व्यापार मंडल ने जनहित में इस क्रॉसिंग को जल्द खोलने की मांग की।</div>
<div> </div>
<div>दूसरी मांग में संगठन ने कहा कि सिविल लाइंस बस अड्डे को अस्थायी रूप से सीएमपी कॉलेज के सामने संचालित किया जा रहा है, जहां बस चालक मनमाने ढंग से सड़क पर बसें खड़ी कर देते हैं। इससे मार्ग पर अक्सर जाम लग जाता है। यह सड़क जिला अस्पताल जाने का प्रमुख मार्ग होने के कारण मरीजों, एंबुलेंस और तीमारदारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। व्यापार मंडल ने बसों के सुव्यवस्थित संचालन एवं पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।</div>
<div> </div>
<div>जिलाध्यक्ष अभिषेक सक्सेना ने कहा कि इन दोनों समस्याओं का समाधान होने से शहर की यातायात व्यवस्था में काफी सुधार आएगा और आम नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182497/the-trade-board-submitted-a-memorandum-to-the-dm-regarding</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:59:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर पंचायत महराजगंज में सीसी रोड एवं इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्यों का हुआ शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>केंद्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब नगर पंचायत महराजगंज में धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नगर क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास से नगर की तस्वीर बदलती नजर आ रही है।         इसी क्रम में शुक्रवार को नगर पंचायत के चार अलग-अलग वार्डों में सीसी रोड एवं इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में नगरवासियों की सहभागिता देखने को मिली।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">            आपको बता दें कि, नगर अध्यक्ष सरला साहू के प्रतिनिधि प्रभात साहू</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         </div>
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<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">       </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181697/cc-road-and-interlocking-road-construction-works-started-in-nagar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260620-wa0313.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>केंद्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब नगर पंचायत महराजगंज में धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नगर क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास से नगर की तस्वीर बदलती नजर आ रही है।         इसी क्रम में शुक्रवार को नगर पंचायत के चार अलग-अलग वार्डों में सीसी रोड एवं इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में नगरवासियों की सहभागिता देखने को मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      आपको बता दें कि, नगर अध्यक्ष सरला साहू के प्रतिनिधि प्रभात साहू ने सभासदों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में विभिन्न विकास परियोजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया। सबसे पहले आजाद नगर वार्ड में सभासद राजकुमारी के विशेष अनुरोध पर दो सीसी रोड निर्माण कार्यों का उद्घाटन फावड़ा चलाकर किया गया। इसके बाद घेरा वार्ड में सभासद जमुना पासवान के आग्रह पर एक अन्य सीसी रोड निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         वहीं आनंद नगर वार्ड में लगातार तीन कार्यकाल से जनता का विश्वास प्राप्त कर रहे सभासद विनीत वैश्य के विशेष अनुरोध पर रायबरेली मुख्य मार्ग की एक ओर इंटरलॉकिंग पटरी निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रभात साहू ने कहा कि नगर की सम्मानित जनता का उनके परिवार को लगातार चार बार आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, जिसके लिए वह सदैव कृतज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता नगर के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है, ताकि कोई भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         उन्होंने कहा कि, नगर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाना उनका संकल्प है। इसी उद्देश्य से पूरे नगर क्षेत्र में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग सड़कें, स्ट्रीट लाइट, सोलर लाइट, वाटर फ्रीजर, पक्की एवं ढकी हुई नालियों, नाला निर्माण तथा धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        प्रभात साहू ने कहा कि, नगर के समग्र विकास के लिए सभी सभासदों, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों का सहयोग आवश्यक है। विकास कार्यों में जनसहभागिता से ही नगर को नई पहचान दिलाई जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">       इस अवसर पर सभासद जमुना पासवान, दिनेश त्यागी (सभासद प्रतिनिधि), राजकुमारी, मुस्ताक, रामकुमार, धनंजय वर्मा, नूरुल हसन, विनीत कुमार वैद्य, नामित सभासद अनुपमा पाण्डेय, सूर्य प्रकाश वर्मा, विजय धीमान सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:52:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिक्रमण और जाम से कराहते शहर: फुटपाथ गायब, सड़कें सिकुड़ीं, वक्त बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुम्बई</span>,</strong>  <span lang="hi" xml:lang="hi">बेंगलुरु व कोलकाता की तरह अब उत्तर प्रदेश के लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आगरा और इलाहाबाद जैसे शहर जाम से जूझ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथों पर दुकानदारों व स्ट्रीट वैंडर ने कब्जा कर लिया है आखिर अब पैदल चलने वाले लोग कहां चलें और वाहनों को चलाने वाले कहां वाहन चलायें। नतीजा सड़कों पर जाम आधा घंटे का रास्ता दो घंटे में पूरा हो रहा है और हमारे शहरों के नगर निगम व यातायात विभाग कुछ भी कर पाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। देश के नगर निगमों ने इंदौर नगर निगम से कुछ भी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181534/cities-groaning-due-to-encroachment-and-traffic-jams-footpaths-disappearing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुम्बई</span>,</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">बेंगलुरु व कोलकाता की तरह अब उत्तर प्रदेश के लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आगरा और इलाहाबाद जैसे शहर जाम से जूझ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथों पर दुकानदारों व स्ट्रीट वैंडर ने कब्जा कर लिया है आखिर अब पैदल चलने वाले लोग कहां चलें और वाहनों को चलाने वाले कहां वाहन चलायें। नतीजा सड़कों पर जाम आधा घंटे का रास्ता दो घंटे में पूरा हो रहा है और हमारे शहरों के नगर निगम व यातायात विभाग कुछ भी कर पाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। देश के नगर निगमों ने इंदौर नगर निगम से कुछ भी नहीं सीख पाया। सुबह </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे  लखनऊ का आलमबाग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर का टाटमील चौराहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आगरा की एमजी रोड और इलाहाबाद का चौक व सिविल लाइंस हर जगह एक ही तस्वीर - सड़कें गाड़ियों से पैक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथ पर ठेले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुकानों का सामान बाहर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोग सड़क पर चलने को मजबूर। भारत के शहर तेजी से बढ़ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सड़कें उतनी ही रहीं। नतीजा: अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम ने शहरों की सांस रोक दी है। अतिक्रमण: फुटपाथ पर कब्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क पर हक। व्यावसायिक अतिक्रमण- दुकानदार शटर से </span>5-10<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट बाहर सामान रख देते हैं। कपड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सब्जी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैकेनिक का सामान सब सड़क पर। आवासीय अतिक्रमण- कॉलोनियों में लोग घर के आगे पार्किंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाउंड्री वॉल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीढ़ियां निकाल लेते हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अस्थायी कब्जा-  ठेले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेहड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टेंट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक आयोजन। एक बार लग गया तो हटाना मुश्किल। जगह की कमी- जमीन महंगी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोग सार्वजनिक जगह को निजी समझ लेते हैं। राजनीतिक संरक्षण- चुनाव के समय हटाने की हिम्मत कोई नहीं करता। वोट बैंक बन जाते हैं। प्रशासन की निष्क्रियता तोड़फोड़ होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन में वही स्थिति। जुर्माना वसूलने का सिस्टम कमजोर है। जाम: सिर्फ देरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक नुकसान- कितना बुरा है हाल</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति आयोग के मुताबिक बेंगलुरु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली में लोग औसतन सालाना </span>100-120<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे जाम में फंसते हैं। यानी </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन सिर्फ गाड़ी में बैठे-बैठे। आर्थिक: ईंधन बर्बादी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिलीवरी में देरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोडक्टिविटी गिरना। दिल्ली में हर साल </span>60,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रु का नुकसान सिर्फ ट्रैफिक जाम से होता है। स्वास्थ्य-  गाड़ी में बैठे-बैठे </span>PM 2.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>CO <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस में जाता है। एम्स की स्टडी कहती है कि ट्रैफिक पुलिस और ऑटो ड्राइवरों में फेफड़े की बीमारी </span>40%<span lang="hi" xml:lang="hi"> ज्यादा है। मानसिक तनाव- रोज </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटा जाम में फंसने वाले लोगों में एंग्जाइटी और रोड रेज के केस </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> गुना ज्यादा हैं। अतिक्रमण और जाम एक-दूसरे को फीड करते हैं। सड़क </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट पर दुकानों का सामान</span>, 10<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट पर पार्किंग। बच गई </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट। </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट पर </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> लेन की जगह </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लेन बनती है। एक गाड़ी खराब हुई नहीं कि पूरी सड़क ब्लॉक। लोग फुटपाथ पर नहीं चल सकते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सड़क पर चलते हैं। इससे ट्रैफिक स्लो होता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>10%<span lang="hi" xml:lang="hi"> सड़क पर कब्जा होने से ट्रैफिक की स्पीड </span>40%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक गिर जाती है। कुछ शहरों ने क्या किया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर का सिस्टम - बात जब स्मार्ट सिटी की होती है तो सबसे पहले इंदौर का नाम आता है क्योंकि इंदौर नगर निगम ने कई ऐसे प्रावधान किए हैं जिनसे अन्य नगर निगमों को सीख लेनी चाहिए। इंदौर नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत </span>80%<span lang="hi" xml:lang="hi"> फुटपाथ खाली कराए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रीट वेंडर को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया। अब शहर स्वच्छता में नंबर </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> है और ट्रैफिक फ्लो बेहतर है। भुवनेश्वर </span>ITMS <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम लगाया। कैमरे और </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">से जाम का रियल टाइम एनालिस होता है। सिग्नल खुद एडजस्ट होते हैं। अहमदाबाद </span>BRTS <span lang="hi" xml:lang="hi">और फुटपाथ डेमार्केशन ने पैदल यात्रियों को जगह दी। अतिक्रमण पर जुर्माना सख्त किया। वेंडिंग जोन बनाओ-  हर </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> मीटर पर स्ट्रीट वेंडर के लिए जगह तय करो। दिल्ली में ये कानून </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> में बना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लागू नहीं हुआ। रियल टाइम एक्शन-  शिकायत पर </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे में कार्रवाई। </span>Noida <span lang="hi" xml:lang="hi">का "हटाओ ऐप" इसका उदाहरण है। पार्किंग पॉलिसी-  रेजिडेंशियल एरिया में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग को महंगा करो। ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग को सस्ता करो। मास ट्रांजिट- मेट्रो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइकिल लेन बढ़ाओ। जब लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करेंगे तो गाड़ी कम होगी। मास्टर प्लान में बदलाव-  नई कॉलोनियों में </span>30%<span lang="hi" xml:lang="hi"> जगह सड़क और फुटपाथ के लिए रिजर्व हो। जवाबदेही तय करो-  अतिक्रमण हटाने का टार्गेट म्यूनिसिपल कमिश्नर के दायरे में हो। हर </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने में ऑडिट हो। नागरिक क्या कर सकते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फोटो खींचो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिपोर्ट करो- </span>MCD, BMC, BBMP <span lang="hi" xml:lang="hi">के पास ऐप हैं। </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> शिकायत पर एक्शन होता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय दुकानदारों से बात करो- </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दुकानदार मिलकर तय करें कि सामान अंदर रखेंगे। एकता काम करती है। पैदल चलो-  </span>1-2 km <span lang="hi" xml:lang="hi">के काम के लिए गाड़ी मत निकालो। साइकिल और मेट्रो यूज करो। शहर सिर्फ सीमेंट और कंक्रीट नहीं होते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो लोगों के चलने-फिरने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस लेने की जगह हैं। जब फुटपाथ गायब हो जाएं और सड़कें पार्किंग बन जाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो शहर रहता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट रह जाता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अतिक्रमण हटाना सिर्फ बुलडोजर का काम नहीं है। ये पॉलिसी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पॉलिटिक्स और पब्लिक के तीनों के बदलने से होगा। वरना अगले </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल में हमारे शहर सिर्फ गूगल मैप पर लाल रंग के दिखेंगे - जाम का रंग।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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