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                <title>पर्यटन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>पर्यटन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन : आत्मनिर्भर युवा, विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला </title>
                                    <description><![CDATA[ युवा शक्ति का कौशल से स्वावलंबन की ओर बढ़ता कदम ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184560/uttar-pradesh-skill-development-mission-under-the-leadership-of-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong> -आदर अदीब पावेल बन्धु</strong><br /><strong>           (जिला सूचना अधिकारी)</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">युवा केवल किसी राष्ट्र की जनसंख्या का एक वर्ग नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की सबसे अमूल्य पूंजी होते हैं। जब उनके हाथों में कौशल, मन में आत्मविश्वास और सामने अवसरों का विस्तृत आकाश होता है, तब विकास का नया इतिहास रचा जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इसी विचार को आधार बनाकर कौशल विकास को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन लाखों युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ऐसा सशक्त सेतु बन चुका है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक आजीविका और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए कौशल विकास केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को अधिक प्रभावी, आधुनिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया गया है। आज मिशन लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ते हुए प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का गठन उत्तर प्रदेश कौशल विकास नीति-2013 के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधीन किया गया। मिशन का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मिशन के अंतर्गत राज्य स्किल डेवलपमेंट फंड (SSDF), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रोजेक्ट प्रवीण जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से विद्यालयों के विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक दक्षता भी विकसित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। मिशन की स्थापना से अब तक 18 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जबकि 7 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को सीधे रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने में सफल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। अब तक 1,194 बृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 4,52,976 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इनमें 8 जनपदों में आयोजित 8 वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 75,575 युवाओं को रोजगार मिला। इसके अतिरिक्त विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर प्रदेश के 75 जनपदों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 10,283 युवाओं का सेवायोजन किया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार ने कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया है। प्रशिक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए 'कौशल दर्पण', 'कौशल दिशा', 'कौशल साथी' तथा 'कौशल दोस्त' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, प्रशिक्षण, निगरानी, मूल्यांकन तथा रोजगार संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षणार्थियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निरंतर सुधार किया है। नई तकनीकों, डिजिटल स्किल, ग्रीन एनर्जी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 82 नए प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर (PTPs) को मिशन से संबद्ध किया गया है। इससे युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्य सरकार ने उद्योग और कौशल विकास के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया है। प्रदेश की 53 बड़ी औद्योगिक कंपनियों के साथ मिशन के समझौते किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह पहल 'स्किल टू एम्प्लॉयमेंट' मॉडल को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए मिशन ने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी साझेदारी की है। उच्च तकनीकी प्रशिक्षण हेतु IIT कानपुर, MNNIT प्रयागराज, IIT BHU, NIESBUD तथा भारतेन्दु नाट्य अकादमी जैसे संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है। वहीं सॉफ्ट स्किल, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास के लिए 7 संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। इससे युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास और उद्यमिता का प्रशिक्षण भी प्राप्त हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के माध्यम से 1,182 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार निराश्रित महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीकों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर विशेष बल दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, आतिथ्य, परिधान निर्माण और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवा भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> नवभारत के निर्माण की नई दिशा </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता-2026 के लिए प्रदेश से 1,09,249 युवाओं का पंजीकरण हुआ, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि बताती है कि प्रदेश के युवाओं में तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता निरंतर बढ़ रही है। आगामी वर्षों के लिए भी प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2026-27 में 4 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1 जुलाई 2026 तक 2 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 1M1B जैसी संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न तकनीकी एवं फ्यूचरिस्टिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। अंत्योदय परिवारों, दिव्यांगजनों तथा वंचित वर्गों के युवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। निजी आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी भी लगातार बढ़ाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने यह सिद्ध कर दिया है कि कौशल ही आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। लाखों युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर मिशन ने प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की है। आधुनिक तकनीक, उद्योगों के साथ साझेदारी, डिजिटल नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण की बदौलत उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी कौशल विकास राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह मिशन लाखों युवाओं के सपनों को नई दिशा, नई गति और नई पहचान प्रदान कर रहा है। कौशल से समृद्ध युवा, आत्मनिर्भर परिवार, सशक्त समाज और विकसित प्रदेश—इन्हीं चार स्तंभों पर विकसित उत्तर प्रदेश का भव्य भविष्य निर्मित हो रहा है। यह यात्रा केवल रोजगार प्राप्त करने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि की यात्रा है।</p>
<p style="text-align:justify;">          <br />          </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 22:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र का जोगिया संगम—जहाँ प्रकृति की गोद में मिलती है ,सुरक्षा और आधुनिक संचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">  विंध्य पर्वतमालाओं के बीच बसा सोनभद्र जिला अपनी प्राकृतिक संपदा के लिए विख्यात है। इसी कड़ी में कोटा ग्राम पंचायत स्थित जोगिया बाबा पिकनिक स्पॉट एक ऐसे अनछुए रत्न के रूप में उभर रहा है, जो पर्यटन के आधुनिक मानकों—सुंदरता, सुरक्षा और संचार—पर खरा उतरता है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने अब सुरम्य पहाड़ियों और पवित्र नदियों के इस संगम को सरकारी पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिलाने की मुहिम तेज कर दी है। जोगिया बाबा स्थल पर भारत की अति प्राचीन सोन नदी और प्रदूषण मुक्त कनहर नदी</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/img_20251229_233017.jpg" alt="IMG_20251229_233017" width="1080" height="756" /></p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164788/jogiya-sangam-of-sonbhadra-%E2%80%93-where-security-and-modern-communication"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/img_20251229_233309.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> विंध्य पर्वतमालाओं के बीच बसा सोनभद्र जिला अपनी प्राकृतिक संपदा के लिए विख्यात है। इसी कड़ी में कोटा ग्राम पंचायत स्थित जोगिया बाबा पिकनिक स्पॉट एक ऐसे अनछुए रत्न के रूप में उभर रहा है, जो पर्यटन के आधुनिक मानकों—सुंदरता, सुरक्षा और संचार—पर खरा उतरता है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने अब सुरम्य पहाड़ियों और पवित्र नदियों के इस संगम को सरकारी पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिलाने की मुहिम तेज कर दी है। जोगिया बाबा स्थल पर भारत की अति प्राचीन सोन नदी और प्रदूषण मुक्त कनहर नदी का मिलन होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/img_20251229_233017.jpg" alt="IMG_20251229_233017" width="1080" height="756"></img></p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोग इसे 'संगम' के रूप में पूजते हैं। सोन नदी का गौरवशाली उल्लेख रामचरितमानस में भी मिलता है। यहाँ स्थित जोगिया बाबा का मंदिर आदिकाल से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। कनहर नदी की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वच्छ पानी है, क्योंकि इसके तट पर कोई औद्योगिक शहर नहीं बसा है। नदी की गहराई घुटनों तक ही होने के कारण यहाँ तैराकी न जानने वाले लोग और बच्चे भी निडर होकर जल-क्रीड़ा का आनंद लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अक्सर देखा जाता है कि प्राकृतिक पिकनिक स्थल मोबाइल नेटवर्क से कटे होते हैं, जिससे आपात स्थिति में मदद मिलना कठिन होता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अबाड़ी जैसे पिकनिक स्थलों की तुलना में जोगिया बाबा स्थल पर सभी प्रमुख टेलीकॉम टावर उपलब्ध हैं, जिससे पर्यटक अपने अनुभवों को तुरंत सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं और अपनों से जुड़े रहते हैं। मान्यता और स्थानीय एकता का ही परिणाम है कि यहाँ आज तक लूटपाट या छेड़खानी जैसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। ग्रामीण एकजुट होकर पर्यटकों की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण कार्यकर्ता निर्भय चौधरी और पूर्व प्रधान अवधेश कुमार राय ने इस स्थल के विकास के लिए हुंकार भरी है। जोगिया पिकनिक स्पॉट पर सामान्य दिनों में भी सैकड़ों पर्यटक पहुँच रहे हैं। यदि शासन इसे आधिकारिक दर्जा दे, तो यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार भी खोलेगा। निर्भय चौधरी, पर्यावरण कार्यकर्ता जिलाधिकारी से मांग की गई है कि वे कोटा ग्राम सभा का दौरा कर इस स्थल की क्षमता का आकलन करें। पूर्व प्रधान अवधेश कुमार राय ने ग्राम पंचायत के माध्यम से सड़क और अन्य सुविधाओं के विस्तार में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन स्थल घोषित होने से यहाँ स्थानीय बाजार विकसित होगा, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सोनभद्र, जिसे देश के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने भारत का स्विट्जरलैंड कहा था, वास्तव में ऐसे ही स्थलों से अपनी पहचान बनाता है। जोगिया बाबा पिकनिक स्पॉट में वह सामर्थ्य है कि यह उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी जगह बना सके। अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह इस प्राकृतिक धरोहर को कब संवारता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 23:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
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