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                <title>bhrasatachar - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>विभागीय जांच और उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद आखिर क्यों नही दर्ज हो रहा मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> प्रधानाचार्य एस एन इंटर कॉलेज इंदईपुर ने 27 अप्रैल 2024 को थाना अध्यक्ष आलापुर को तहरीर देकर विद्यालय के अभिभावक अध्यापक संघ के खाते से 186000 रुपए के गबन करने के प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया था।प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न होने और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई जिसके बाद प्रकरण में थानाध्यक्ष का वर्जन चाहा गया। जिसपर एक शिकायत के लिखित उत्तर में थाना अध्यक्ष आलापुर ने बताया कि उनको ज्ञात हुआ कि वर्ष 2012 की ऑडिट अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है ऑडिट द्वारा किसी प्रकार के धन के गबन के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141296/why-is-the-case-not-being-registered-after-departmental-investigation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm2.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> प्रधानाचार्य एस एन इंटर कॉलेज इंदईपुर ने 27 अप्रैल 2024 को थाना अध्यक्ष आलापुर को तहरीर देकर विद्यालय के अभिभावक अध्यापक संघ के खाते से 186000 रुपए के गबन करने के प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया था।प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न होने और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई जिसके बाद प्रकरण में थानाध्यक्ष का वर्जन चाहा गया। जिसपर एक शिकायत के लिखित उत्तर में थाना अध्यक्ष आलापुर ने बताया कि उनको ज्ञात हुआ कि वर्ष 2012 की ऑडिट अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है ऑडिट द्वारा किसी प्रकार के धन के गबन के बारे में बात नहीं की गई है सरकार द्वारा जो धन स्कूल के डेस्क आदि खरीदने के लिए दिया गया था उस धन से स्कूल का सामान क्रय किया गया है ऐसी स्थिति में प्रार्थना पत्र पर किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है यदि 2012 की सरकारी धन का गबन किया गया है तो 12 वर्ष हो चुका है स्कूल प्रबंधक द्वारा आज तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई स्कूल के प्रधानाचार्य एवं तत्कालीन प्रधानाचार्य में आपसी मतभेद होने के कारण प्रार्थना पत्र दिया गया है।</div>
<div> </div>
<div>थाना अध्यक्ष को यह ब्रह्म ज्ञान कहां से आया यह तो वही जाने।परंतु उनका सारा कथन असत्य एवं निराधार है। उनकी पहली बात ही गलत है कि सरकार ने डेस्क आदि खरीदने के लिए धन दिया था जबकि वह धनराशि अभिभावक शिक्षक संघ की थी सरकार ने नही दी थी। दूसरी बात भी गलत है कि आडिट हुआ था। आज तक विद्यालय की तरफ से कभी आडिटर की तैनाती ही नही हुई। जबकि नियमावली में स्पष्ट निर्देश है कि एक स्वतंत्र ऑडिटर की नियुक्ति की जाएगी जो अभिभावक शिक्षक संघ के आय व्यय का आडिट करेगा। रिपोर्टर ने अपने स्तर से पड़ताल करते हुए वर्तमान प्रधानाचार्य एवं पूर्व प्रधानाचार्य मुख्य आरोपी मेवालाल का बयान लिया उससे यह पता चला कि मेवालाल वर्ष 2012 से 2022 तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य थे।</div>
<div> </div>
<div>अक्तूबर 2012 में मेवालाल ने छात्रों के लिए बेंच डेस्क क्रय के नाम पर 186000 रुपए का चेक तत्कालीन प्रबंधक मसूद अहमद के रिश्तेदार अब्दुस्समद के नाम से जारी करके निकाल लिया। जब भी शिकायत होती मेवालाल कोई अभिलेख नही देते।उच्च अधिकारी जब भी कोई आदेश करते प्रबंधक भी कोई कार्यवाही नहीं करते। अक्तूबर 2015 में 2 नंबर आरोपी अब्दुस्समद के बड़े भाई प्रबंधक बन गए। उन्होंने भी अपने भाई को बचाने के लिए कभी कोई कार्यवाही नहीं। 2022 में प्रबंध समिति भंग हुई और 26 अप्रैल 2022 को नए प्रधानाचार्य ने पदभार ग्रहण किया तब जाकर जांच में प्रगति आई। फिर भी मेवालाल ने नए प्रधानाचार्य को चार्ज देने से इनकार कर दिया।जिला विद्यालय निरीक्षक ने मेवालाल का वेतन रोक दिया तब  जाकर 16 सितंबर 2022 को चार्ज दिया। जांच समिति ने मेवा लाल को जितनी बार समिति के सामने उपस्थिति होने का निर्देश दिया मेवलाल उपस्थित न होकर समिति के सामने अपनी शर्ते रखता था और अपने हर पत्र में धमकी भी देता कि मैं दलित हूं कोई कार्यवाही की गई तो मैं एससीएसटी आयोग जाऊंगा और मुकदमा दर्ज कराऊंगा।</div>
<div> </div>
<div>समिति ने शासकीय धन के कुल 4 प्रकरण में मेवालाल के विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति दे दी। जिसमें  बेंच डेस्क क्रय के अतिरिक्त, लॉक डाउन पूर्ण ताला बंदी में खेल का सामान खरीदने, बिना बोर्ड परीक्षा के ही कक्षा में लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरा खरीदने और रिपेरिंग कराने तथा विद्यालय की कृषि भूमि से प्राप्त राशि को खाते में जमा न करके हड़प लेने की जिसके संबंध में मेवालाल का कथन है कि प्रबंधक ने कहा था खाते में मत डालिए ऐसे ही खर्चा कर दीजिए। पूरे मामले में मेवालाल का कहना है की प्रधानाचार्य ने 10 अक्टूबर 2023 को जिला विद्यालय निरीक्षक को लिखित में दिया था कि प्रबंधकीय विद्यालय है एफ आई आर कराने का अधिकार प्रबंधक का है उसके आधार पर प्रधानाचार्य की तहरीर निष्प्रभावी हो गई।</div>
<div> </div>
<div>परंतु मेवालाल ने यह बात छुपा लिया कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्य का यह तर्क अस्वीकार करके उनको कठोर चेतावनी देते हुए प्रशासनिक कार्यवाही करने का पुनः निर्देश दिया था। मेवालाल का कथन है कि उनके या किसी शिक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का अधिकार प्रबंधक को है। मेवालाल यह तर्क इसलिए से रहे है क्योंकि वह जानते हैं कि आरोपी नंबर 2 अब्दुस्समद प्रबंधक का छोटा भाई है और प्रबंधक उसपर मुकदमा दर्ज ही नही होने देंगे। वैसे भी प्रबंधक ने एक पुराने गबन के प्रकरण में मेवालाल के विरुद्ध कार्यवाही का प्रयास किया था जिसके बाद इसने प्रबंधक के विरुद्ध एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कराकर उनको अपने पाले में कर लिया।</div>
<div> </div>
<div>विद्यालय में लोगों ने नाम।न चलने की शर्त पर बताया कि मेवालाल गबन करता है और अगर कोई शिकायत दे तो उसके विरुद्ध एससीएसटी का मुकदमा दर्ज करवा देता है। इसने थाना आलापुर और बसखारी में अनेकों एससीएसटी के मुकदमे दर्ज करवाए है उसी से बचा है। सूत्रों से पता चला है कि इस प्रकरण में थाना अध्यक्ष महोदय राजनीतिक दबाओ के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किए क्योंकि मेवालाल का संबंध बीएसपी से है जो एक पूर्व बीएसपी नेता और वर्तमान विधायक के करीबी हैं और अब्दुस्समद समाजवादी पार्टी के सदस्य है जिनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रही हैं। दोनो आरोपी अपने राजनीतिक प्रभाव का प्रयोग कर थाना अध्यक्ष पर दबाव बनाने में कामयाब रहे।</div>
<div> </div>
<div>जिससे विभागीय जांच और उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद प्रधानाचार्य द्वारा दी गई त्तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया। योगी जी कहते हैं कि हमारी सरकार में आरोपी जेल के अंदर होंगे पोलिस बिना किसी दबाव के अपना फर्ज निभायेगी।यहां तो लाखों रुपए के गबन के आरोपी अपनी नेतागिरी की पहुंच दिखाकर थानेदार को एफआईआर तक दर्ज नहीं करने देते जेल के अंदर क्या जाएंगे। ऐसी लाचार व्यवस्था के कारण ही किसी प्रकार के अपराध पर कोई अंकुश नहीं लग रहा है। सरकार सिर्फ सुशासन के ढोल पीट रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 16:59:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास पर भ्र्ष्टाचार का काला साया</title>
                                    <description><![CDATA[देश के प्रधानमंत्री मोदी ,सूबे के मुखिया योगी के उत्तम प्रदेश और भ्र्ष्टाचार मुक्त भारत के दावे पर हावी भ्र्ष्टाचार का जिन्न  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141080/due-to-poor-quality-construction-without-payment-for-work-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/hindi-divas19.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रदेश के विकास के सरकारों के दावे कि ग्राम पंचायतों में लगातार विकास कार्य हो रहा और पारदर्शी तरीके से विकास कार्यों की समीक्षा के चलते भृष्टाचार मुक्त भारत का सपना साकार हो रहा लेकिन यब दावे अब सिर्फ किताबो में ही अच्छे लगते है बाकी तस्वीरों में सच देख कर यही लगता कि उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश नही भृष्टाचार का अड्डा है जंहा हर कार्य मे विभागीय कमीशन खोरी के चलते गुणवत्ता प्रभावित होना स्वभाविक है । वही ग्राम पंचायत तमाम ऐसे विकास कार्य जो हुआ ही नही  फर्जी बिलों के माध्यम से राशि आहारित कर व्यापक भ्रष्टाचार किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>जिसमे विभाग के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी आंख बंद करके बैठे हुए हैं। वही पंचायत में बिना कार्य कराए ही तथाकथित विक्रेताओं( वेंडरों) के बिल लगवा कर पंचायत खातों से भुगतान कर शासकीय राशि की बंदरबांट चल रही है।एक ही वेंडर नाली सड़क निर्माण सामग्री से लेकर लेखन सामग्री किराना,मिठाई आदि सभी प्रकार के विक्रय सामग्रियों का एक ही बिल जारी कर रहा है और सरपंच/सचिव के हस्ताक्षर से आंख मूंदकर भुगतान भी किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>संबंधित अधिकारियों द्वारा ना तो इन भुगतानो को संज्ञान में लेकर जांच करवाई जा रही है और नही पंचायत जांच अधिकारी द्वारा विकास के नाम पर घटिया सामग्रियों से हो रहे गुणवत्ताहीन कार्यों की समीक्षा की जा रहीऔर ना ही निर्माण कार्यों की जांच। यहां यही कहना पड़ रहा जंहा सौ में निन्यानवे बेईमान लेकिन मेरा भारत देश तब भी महान की कहावत सटीक बैठती है ।</div>
<div> </div>
<div>वही ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिव द्वारा धड़ल्ले से गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। और आधिकारिक तौर पर  आंख मूंदकर निर्माण कार्यों की सी.सी. जारी की जा रही है।पंचायतों में दलाल वेंडरों द्वारा निर्माण सामग्री का दुगना बिल लगाते हुए पंचायत खाते से राशि आहरित करवाई जा रही है। आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन?</div>
<div> </div>
<div>ग्राम पंचायतों में  ग्रामीणों की मानें तो जिम्मेदारों द्वारा निर्माण कार्य के नाम पर लीपापोती कर शासकीय राशि का गबन मात्र एक उद्देश्य बन चुका है फिर वह चाहे पीसीसी सड़क नाली निर्माण सुदूर सड़क पेयजल व्यवस्था य भवन निर्माण य अन्य निर्माण कार्य हो या कार्यालय व्यय के नाम पर ही क्यों ना हो।</div>
<div> </div>
<div>वही सूत्रों की माने तो  ऐसे कार्य की बात कई ग्राम पंचायतों में  देखी जा रही है जंहा गुणवत्ता विहीन निर्माण सामग्री के सहारे गुणवत्ता विहीन निर्माण के साथ ऐसे तमाम कार्य जो धरातल पर हुआ ही नही और उसका विभागीय पेमेंट फर्जी बिलो के सहारे हो जाता है जो कि बड़ा जांच का विषय है जिसको लेकर अगर विभागीय अधिकारियों के द्वारा हुए कार्यो का भौतिक सत्यापन निष्पक्ष रूप से किसी अन्य जांच एजेंसी से करवाया जाय तो सारा दूध पानी अलग हो जाएगा।लेकिन सवाल तो यही है कि जब चोर चोर हो मौसेरे भाई तो घण्टा आखिर बांधेगा कौन।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 16:25:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सचिव राम जस वर्मा ही बने ग्राम पंचायत बरहपुर के भ्रष्टाचार के खेवन हार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>बस्तीl</strong> बस्ती जिले के हर्रैया विकासखण्ड हर्रैया में तैनात सचिव राम जस वर्मा ग्राम पंचायत बरहपुर के भ्रष्टाचार के खेवन हार बने हुए हैं । ग्राम पंचायत बरहपुर में तालाब खुदाई / सफाई के नाम पर सरकारी धन को लूटने में सचिव राम जस वर्मा अहम भूमिका निभा रहे हैं । सचिव राम जस वर्मा द्वारा मनरेगा एक्ट की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है । विकास के नाम पर ग्राम पंचायत बरहपुर में बड़ा खेल किया जा रहा है ।</div>
<div>  </div>
<div>सूत्रों के मुताबिक ग्राम पंचायत बरहपुर में दो साइडों पर तालाब खुदाई / सफाई कार्य का आनलाइन मस्टर रोल</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141064/secretary-ram-jas-verma-became-the-champion-of-corruption-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240509-wa0213-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बस्तीl</strong> बस्ती जिले के हर्रैया विकासखण्ड हर्रैया में तैनात सचिव राम जस वर्मा ग्राम पंचायत बरहपुर के भ्रष्टाचार के खेवन हार बने हुए हैं । ग्राम पंचायत बरहपुर में तालाब खुदाई / सफाई के नाम पर सरकारी धन को लूटने में सचिव राम जस वर्मा अहम भूमिका निभा रहे हैं । सचिव राम जस वर्मा द्वारा मनरेगा एक्ट की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है । विकास के नाम पर ग्राम पंचायत बरहपुर में बड़ा खेल किया जा रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>सूत्रों के मुताबिक ग्राम पंचायत बरहपुर में दो साइडों पर तालाब खुदाई / सफाई कार्य का आनलाइन मस्टर रोल जारी है । दोनों साइडों पर आनलाइन मस्टर रोल पर 170 मनरेगा मजदूर कार्य कर रहे हैं । 170 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लग रही है । तालाब खुदाई / सफाई कार्य में धरातल पर वर्तमान समय में एक भी मनरेगा मजदूर कार्य नही कर रहे हैं । एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर / सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी । सोशल मीडिया पर / सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी दोनों साइडों पर तालाब खुदाई / सफाई कार्य मात्र कागज तक ही सीमित है धरातल पर कोई मनरेगा मजदूर कार्य नही कर रहे हैं ।</div>
<div> </div>
<div>सचिव राम जस वर्मा ऐसे सचिव है जो किसी का भी फोन नही उठाते हैं चाहे किसी ग्राम पंचायत का कोई सदस्य हो या अन्य व्यक्ति हो । सचिव राम जस वर्मा के फोन न उठने के सत्यता की जांच किसी भी समय किसी अधिकारी / कर्मचारी / अन्य व्यक्ति द्वारा किसी कार्य दिवस में किया जा सकता है । जे ई ( तकनीकी सहायक ) रघुनाथ पटेल भी भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे हुए हैं । एक सप्ताह पहले खबर प्रकाशित होने के पहले मीडिया टीम को बताया था कि मैं दोनों तालाब खुदाई / सफाई कार्य साइड पर जाकर देख कर बताता हूं कि दोनों साइडों पर मनरेगा मजदूर कार्य कर रहे हैं कि नही ।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी जे ई ( तकनीकी सहायक ) रघुनाथ पटेल ने मीडिया टीम को कोई जानकारी नही दिया है । इस सम्बंध में खण्ड विकास अधिकारी सुशील कुमार पाण्डेय ने मीडिया टीम को बताया कि उक्त प्रकरण में तत्काल जांच करवाकर कार्रवाई करता हूं ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 15:55:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत बेल्हौरा में आवास घोटाला जिम्मेदार साधे मौन</title>
                                    <description><![CDATA[विकलांग कोटे से आए पांच आवासों में सुविधा शुल्क लेकर पहले से आवास पाए लाभार्थियों को आवास दिए जाने के दर्जनों ग्रामीणों ने लगाया आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141023/those-responsible-for-housing-scam-in-gram-panchayat-belhaura-remain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/03....,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी</strong> विकासखंड नकहा की बहु चर्चित ग्राम पंचायत बिल्हौरा में भ्रष्टाचार सर चढ़कर बोल रहा है ।मामला चाहे वह मनरेगा का हो या फिर अन्य निधियां का हो यहां कदम कदम पर भ्रष्टाचार की दास्तान बयां होती दिखाई पड़ रही है ।इसलिए सबसे पहले हम आपको भ्रष्टाचार की बानगी दिखाने ग्राम पंचायत बिल्हौरा ले चल रहे हैं जहां पर पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की मिली भगत से पहले से आवास पे लोगों को ही प्रति आवास तय सुधा सुविधा शुल्क लेकर आवास से नवाजे जाने के आरोप दर्जनों ग्रामीणों ने लगाए हैं।</div>
<div> </div>
<div>बताते चलें और ब यदि हम बात करें तो ग्राम पंचायत बिल्हौरा के आवास लाभार्थी की सरिता देवी को आवास दिया गया जब कि इनके  परिवार में पहलेआवास मिलने की बात ग्रामीणों द्वारा बताई गई है। लोगों का आरोप है कि उक्त आवास सुविधा शुल्क लेकर दिया गया है यह पहला आवास है ऐसे चार और आवास हैं जो पहले से आवास पे हुए लोगों को ही दिए गए हैं। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर पैसा लेकर आवास दिए जाने का मामला जन चर्चा का विषय बना है</div>
<div> </div>
<div>। लोगों की जुबानी सत्य माने तो ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा में व्यापक स्तर पर फर्जी अपने लोगों की हाजिरी लगाकर भ्रष्टाचार करने के भी आरोप लगाए। लोगों ने बताया ग्राम प्रधान द्वारा कार्य जेसीबी मशीन से कराए जाते हैं और अपने लोगों के नाम फर्जी चढ़ाकर भुगतान निकाला जाता है ।उक्त प्रधान द्वारा प्रति आवास अवैध वसूली का खेल करके मनमाने तरीके से आवासों के नाम पर खेल किया गया है यदि उक्त मामले की कराई जाए निष्पक्ष जांच तो इस खेल का होगा खुलासा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141023/those-responsible-for-housing-scam-in-gram-panchayat-belhaura-remain</link>
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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 16:02:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिवक्ता हुए एकजुट, एसडीएम पर तानाशाही व भ्रष्टाचार का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महमूदाबाद-</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सीतापुर नगर के तहसील परिसर की चर्चाएं अब बाजार में भी तेज होने लगी है, महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक बैठक में एसडीएम शिखा शुक्ला पर भ्रष्टाचार व तानाशाही रवैये जैसे आरोपों को लगाया गया है और इसकी एक प्रेस विज्ञप्ति भी मीडिया कर्मियों को दी गई। एसोसिएशन द्वारा एक बैठक तहसील के बार सभागार में आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उपजिलाधिकारी (प्रशासनिक) शिखा शुक्ला द्वारा न्यायालय में भ्रष्टाचार करते हुए तानाशाही रवैया अपनाते हुए वादों के विधि विरुद्ध निर्णय पारित किए जाते हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार इन्हीं वजहों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140877/advocates-united-and-accused-sdm-of-dictatorship-and-corruption"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/hindi-divas24.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महमूदाबाद-</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीतापुर नगर के तहसील परिसर की चर्चाएं अब बाजार में भी तेज होने लगी है, महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक बैठक में एसडीएम शिखा शुक्ला पर भ्रष्टाचार व तानाशाही रवैये जैसे आरोपों को लगाया गया है और इसकी एक प्रेस विज्ञप्ति भी मीडिया कर्मियों को दी गई। एसोसिएशन द्वारा एक बैठक तहसील के बार सभागार में आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उपजिलाधिकारी (प्रशासनिक) शिखा शुक्ला द्वारा न्यायालय में भ्रष्टाचार करते हुए तानाशाही रवैया अपनाते हुए वादों के विधि विरुद्ध निर्णय पारित किए जाते हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार इन्हीं वजहों से क्षुब्ध होकर लायर्स एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी व सदस्यों द्वारा न्यायालय के कार्यों का अनिश्चितकाल तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष अखिलेश कुमार वर्मा तथा महासचिव रविंद्र कुमार वर्मा द्वारा की गई। एसडीएम शिखा शुक्ला ने बताया कि मुझ पर जो आरोप लगे हैं वो निराधार हैं। ऐसे मैं इस मामले में कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहती। </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140877/advocates-united-and-accused-sdm-of-dictatorship-and-corruption</link>
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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 15:48:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> एन जी टी के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले खनन माफियाओं पर जिले के जिम्मेदार मेहरबान</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रयागराज ब्यूरो।</strong></div>
<div>कौशाम्बी जिले के खनन माफिया के इन दिनों सितारे बुलंदी पर है जिसके कारण शासन द्वारा बनाए गय नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।हो भी क्यो नही क्यो की कौशांबी जिले के रखवाले ने भ्रस्ताचार की आंखो में पट्टी जो बांध रखी है।ऐसा लगता है की इन खनन माफियाओं ने छोटे से लेकर बड़े सभी के आंखो में भ्रष्टाचार की पट्टी बांध रखी है।</div>
<div>  </div>
<div>कौशांबी जिले के मुखिया को चायल सर्किल के दो थाना क्षेत्रों के घाटों को कौन सी ऐसी ताकत है जो कार्यवाही न करने पर मजबूर कर रही है।सराय अकिल थाना क्षेत्र का मल्हीपुर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140852/the-responsible-persons-of-the-district-are-kind-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm1.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रयागराज ब्यूरो।</strong></div>
<div>कौशाम्बी जिले के खनन माफिया के इन दिनों सितारे बुलंदी पर है जिसके कारण शासन द्वारा बनाए गय नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।हो भी क्यो नही क्यो की कौशांबी जिले के रखवाले ने भ्रस्ताचार की आंखो में पट्टी जो बांध रखी है।ऐसा लगता है की इन खनन माफियाओं ने छोटे से लेकर बड़े सभी के आंखो में भ्रष्टाचार की पट्टी बांध रखी है।</div>
<div> </div>
<div>कौशांबी जिले के मुखिया को चायल सर्किल के दो थाना क्षेत्रों के घाटों को कौन सी ऐसी ताकत है जो कार्यवाही न करने पर मजबूर कर रही है।सराय अकिल थाना क्षेत्र का मल्हीपुर घाट रास्ता न होने के कारण बंद था जिसके कारण बालू निकासी नहीं हो रही थी लेकिन रास्ता बनते ही खनन माफिया की नजर इन घाटों पर पड़ी।आज की तारीख में ऐसा खनन माफिया आया है जो जिम्मेदारों के सह पर दिन रात अवैध खनन कराकर यमुना की भुगौलिक स्तिथि को बिगाड़ में तुला है और ओवरलोड परिवहन करा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>यही हाल पिपरी थाना क्षेत्र के घाट का है जहा पट्टा कही और का और खनन कही और हो रहा है। अवैध खनन के मामले में भेल्लोर घाट भी अपने आप में पीछे नहीं है। कौशांबी जिले की जनता यह जानना चाहती है की आखिर इन सबको बढ़ावा देने वाले को और जनता का पैसा डकारने वाले को यह हक किसने दिया।क्या इन भ्रष्टाचारियों को रोकने वाला कोई नहीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 May 2024 17:42:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के लिए सिंचाई विभाग का दफ्तर में प्रवेश वर्जित है।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><br />
<div>  </div>
<div>  </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div>
<div><strong>कोरांव/प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  जमुनापार के दक्षिणांचल स्थित तहसील कोरांव में सिंचाई विभाग ब्लाक कोरांव के ठीक सामने स्थित है। जहां पर पाच जेई,एस डी ओ तथा पथरौल,अमीन व बाबूओं के रहने के लिए हाल ही में लाखों की लागत खर्च कर आवासों का सुन्दरी करण कराया गया। किन्तु दुर्भाग्य यह है कि यहां पर दो बाबूओं व तीन चतुर्थ कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। कभी-कभी यदा-कदा अफसर तहसील दिवस में आकर हाजिरी लगाकर कोरम पूरा करते हुए महीने भर घर बैठकर सरकारी वेतन का लाभ उठा रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>और जेई , जिलेदार तो नहीं कभी आवास पर रात्रि</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140046/farmers-are-prohibited-from-entering-the-office-of-the-irrigation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/img-20240402-wa0208.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><br />
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div>
<div><strong>कोरांव/प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> जमुनापार के दक्षिणांचल स्थित तहसील कोरांव में सिंचाई विभाग ब्लाक कोरांव के ठीक सामने स्थित है। जहां पर पाच जेई,एस डी ओ तथा पथरौल,अमीन व बाबूओं के रहने के लिए हाल ही में लाखों की लागत खर्च कर आवासों का सुन्दरी करण कराया गया। किन्तु दुर्भाग्य यह है कि यहां पर दो बाबूओं व तीन चतुर्थ कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। कभी-कभी यदा-कदा अफसर तहसील दिवस में आकर हाजिरी लगाकर कोरम पूरा करते हुए महीने भर घर बैठकर सरकारी वेतन का लाभ उठा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>और जेई , जिलेदार तो नहीं कभी आवास पर रात्रि विश्राम करना मुनासिब नहीं समझते। जबकि वर्तमान सरकार का स्पष्ट आदेश है कि अफसर अपने क्षेत्र में ही रात्रि विश्राम करें। लेकिन सिंचाई विभाग पर मुख्यमंत्री का आदेश लागू नहीं होता।हद तो तब हो गई जब ए अफसर व जेई फोन नहीं उठाया करते, इतना ही नहीं कभी कोई अधिकारी औचक निरीक्षण न कर ले इसके लिए भी अफसरो ने काट निकाल लिया है और सिंचाई विभाग के मेन गेट पर हमेशा ताला जड़वा देते हैं,</div>
<div> </div>
<div>जिससे इनकी काली करतूतों का किसी को पता न चले। जबकि सभी विभागों के गेट दस से पांच के बीच खुले रहते हैं, किन्तु इस विभाग का कुछ अलग ही दस्तूर है जिसकी सेवा के लिए नियुक्त हैं,उन्हीं के लिए दरवाजे बंद करवा रखें है। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया किन्तु फोन नहीं उठाये जाने की प्रथा का ईमानदारी पूर्वक पालन करते हुए फोन बजने दिया गया।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140046/farmers-are-prohibited-from-entering-the-office-of-the-irrigation</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Apr 2024 21:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गम्भीर हालत में प्रयागराज ले जाते वक्त मरीज की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>यमुनापार प्रयागराज।</strong>    </div>
<div>  कोरांव नगर पंचायत कोरांव में सुकृत अस्पताल के सर्जन के रूप में सेवा देने वाले डॉ आर के कुशवाहा को बदनाम करने के पीछे एक रैकेट परी तरह सक्रिय हो गया क्योंकि सर्जन की वजह से उनकी दुकान बंद पड़ गयी थीं। घटना दिनांक 11 तारीख की कि दिव॔गत श्री राजेश्वरी शुक्ला  निवासी ग्राम डाडिया, गजाधरपुर के रहने वाले थें। परिवार के कई लोगों का इलाज हम लोगों के यहां कर चुके थें। जाहिर सी बात है कि वह एवं उनके परिवार वाले इलाज से संतुष्ट रहते थें।</div>
<div>  </div>
<div>  तबियत खराब होने पर परिजन 11 मार्च,</div>
<div>यहां</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139738/patient-dies-while-being-taken-to-prayagraj-in-critical-condition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/0.00437.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>यमुनापार प्रयागराज।</strong>  </div>
<div> कोरांव नगर पंचायत कोरांव में सुकृत अस्पताल के सर्जन के रूप में सेवा देने वाले डॉ आर के कुशवाहा को बदनाम करने के पीछे एक रैकेट परी तरह सक्रिय हो गया क्योंकि सर्जन की वजह से उनकी दुकान बंद पड़ गयी थीं। घटना दिनांक 11 तारीख की कि दिव॔गत श्री राजेश्वरी शुक्ला  निवासी ग्राम डाडिया, गजाधरपुर के रहने वाले थें। परिवार के कई लोगों का इलाज हम लोगों के यहां कर चुके थें। जाहिर सी बात है कि वह एवं उनके परिवार वाले इलाज से संतुष्ट रहते थें।</div>
<div> </div>
<div> तबियत खराब होने पर परिजन 11 मार्च, 2024 को 4 बजे के आस-पास सुकृत अस्पताल में दिखाने आए थें.</div>
<div>यहां आने के पूर्व वह एक-दो जगह दिखा चुके थे एवं तकलीफ बढ़ने पर हम लोगों के यहां आए थें। इमरजेंसी पर्चा बनवाकर हम लोगों को दिखाया। अर्थात परिजन इस बात से वाकिफ थें कि मरीज की स्थिति गंभीर है।</div>
<div>दिवंगत राजेश्वरी जी ने दवाओं का सेवन काफी दिनों से बंद कर दिया था।</div>
<div> </div>
<div>इस वजह से उनका ब्लड प्रेशर खतरनाक रूप बढा हुआ था। हालत बेहद गंभीर थी। सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। सीने में दर्द भी था। तत्काल प्राथमिक एवं इमरजेन्सी उपचार कर उन्हें शहर के लिए रेफर कर दिया गया था।दवा देने के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर चेक किया गया। ब्लड प्रेशर में पहले से सुधार था। पेट के दर्द, जलन सीने के दर्द हर तकलीफ में फायदा हुआ।</div>
<div> </div>
<div>हजारों ऐसे ऑपरेशन हम लोगों ने कोरांव में किए हैं जिसके लिए पहले लोगों को प्रयागराज अथवा महंगी अस्पतालों में जाना पड़ता था  14 वर्षों में हजारों लोगों का जीवन हम लोगों ने बचाया है। कोरोना काल में सारे खतरे लेकर हम लोगों ने मरीजों की भरपूर सेवा की है। कुछ फर्जी अस्पताल वाले जो कि खुद डिग्री धारक नहीं हैं एवं जिनका सुकृत अस्पताल की वजह से आर्थिक नुकसान हो रहा है, वो लोग भी दुष्प्रचार में लगे है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139738/patient-dies-while-being-taken-to-prayagraj-in-critical-condition</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 21:39:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूमाफिया मस्त तहसील प्रशासन पस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>हरदोई।</strong> लखनऊ रोड पर स्थित बेहटाचाँद  ब्लाक टडियावाँ थाना कोतवाली शहर हरदोई के अन्तर्गत स्थित फलमंडी/ सब्जी मंडी के निकट  भूमाफियाओं ने गाटा संख्या 303/6 जो कि तालाब में दर्ज है तहसील प्रशासन की मिलीभगत से भूमाफियाओं उक्त तालाब गाटा संख्या 303/6 की भूमि को मिट्टी डाल कर पाटना शुरू कर दिया।</div>
<div>  </div>
<div>भूमाफियाओ के हौसले इतने बुलंद है कि लखनऊ हरदोई मेन रोड पर स्थित तालाब को पाटने का कार्य कर रहे जबकि आलाधिकारियों का आना जाना लगातार रहता है तहसील प्रशासन आँख बन्द करके तालाब को मिट्टी डाल कर पटवाने में लगा है जबकि उपरोक्त गाटा संख्या</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139702/tehsil-administration-defeated-by-land-mafia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/img-20240320-wa0058.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>हरदोई।</strong> लखनऊ रोड पर स्थित बेहटाचाँद  ब्लाक टडियावाँ थाना कोतवाली शहर हरदोई के अन्तर्गत स्थित फलमंडी/ सब्जी मंडी के निकट  भूमाफियाओं ने गाटा संख्या 303/6 जो कि तालाब में दर्ज है तहसील प्रशासन की मिलीभगत से भूमाफियाओं उक्त तालाब गाटा संख्या 303/6 की भूमि को मिट्टी डाल कर पाटना शुरू कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>भूमाफियाओ के हौसले इतने बुलंद है कि लखनऊ हरदोई मेन रोड पर स्थित तालाब को पाटने का कार्य कर रहे जबकि आलाधिकारियों का आना जाना लगातार रहता है तहसील प्रशासन आँख बन्द करके तालाब को मिट्टी डाल कर पटवाने में लगा है जबकि उपरोक्त गाटा संख्या 303/6 तालाब की  भूमि एक रिट याचिका माननीय हाईकोर्ट में लंबित है अब देखना यह है कि आलाधिकारी व तहसील प्रशासन उपरोक्त गाटा संख्या 303/6की तालाब की भूमि को भूमाफिया के चुंगल से बचा पायेगा कि नहीं<strong>।</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139702/tehsil-administration-defeated-by-land-mafia</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 16:23:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मदनापुर कोटेदार की भ्रष्टाचारी का वीडियो वायरल होने के बाद भी नहीं हुई कड़ी कार्यवाही संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली भी संदिग्ध नजर आ रही।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>निघासन खीरी। </strong>मदनापुर कोटेदार के शातिर दिमाग के आगे बेबस हो रहे संबंधित अधिकारी सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर त्वरित कार्रवाई करने का अधिकारियों को दिया था निर्देश लेकिन सभी निर्देश केवल दिखावे के लिए साबित हो रहे। मदनापुर कोटेदार ने खुलेआम गरीबों का हक मारकर बने मालामाल।</div>
<div>  </div>
<div>कार्ड धारकों की अनगिनत शिकायतो के बाद हाल ही में समस्त कोटेदारों को नई मसीन व नया तराजू वितरण किया गया था जिसमे कोटेदार कार्ड धारकों को कम राशन न दे पाए। लेकिन मदनापुर कोटेदार के शातिर दिमाग के आगे सरकार के इस निर्णय को भी फेल करके रख दिया मसीन</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139673/even-after-the-video-of-corrupt-madnapur-kotdar-went-viral"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/0.00435.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>निघासन खीरी। </strong>मदनापुर कोटेदार के शातिर दिमाग के आगे बेबस हो रहे संबंधित अधिकारी सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर त्वरित कार्रवाई करने का अधिकारियों को दिया था निर्देश लेकिन सभी निर्देश केवल दिखावे के लिए साबित हो रहे। मदनापुर कोटेदार ने खुलेआम गरीबों का हक मारकर बने मालामाल।</div>
<div> </div>
<div>कार्ड धारकों की अनगिनत शिकायतो के बाद हाल ही में समस्त कोटेदारों को नई मसीन व नया तराजू वितरण किया गया था जिसमे कोटेदार कार्ड धारकों को कम राशन न दे पाए। लेकिन मदनापुर कोटेदार के शातिर दिमाग के आगे सरकार के इस निर्णय को भी फेल करके रख दिया मसीन व तराजू की फारमेल्टी पूरी करके दुसरे तराजू से कम करके वितरण किया जा रहा सरकारी राशन आखिर कैसे कोटेदार से लेकर संबंधित अधिकारी कर्मचारी गरीब के मुंह के निवाले को कर रहे हजम।</div>
<div> </div>
<div>जबकि वायरल वीडियो में साफ साफ मदनापुर कोटेदार का कारनामा नजर आ रहा है इससे ज्यादा आखिर साक्ष्य क्या हो सकता है। अगर हकीकत में संबंधित अधिकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी ईमानदारी के साथ निभाते हैं तो ऐसे भ्रष्ट कोटेदार का नाम सस्पेंड कर किसी अच्छे व्यक्ति के नाम सरकारी कोटा दर्ज कर गरीबों को दिलाए पूरा हक। अब देखना यह होगा की संबंधित अधिकारी दिखावे वाली कार्यवाही करते हैं या फिर शासन के नियमो वाली होगी कार्यवाही। अगली खबर जरा हटके। क्रमशः</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139673/even-after-the-video-of-corrupt-madnapur-kotdar-went-viral</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 17:25:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डग्गामार बसों के संचालन से आक्रोशित अनुबंधित बस यूनियन के नेताओं ने एसपी से की मुलाकात </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> शहर के विभिन्न चौराहों से सवारियां बैठा रही डग्गामार बसों को लेकर रोडवेज की अनुबंधित बसों के मालिक मंगलवार को एआरटीओ और कोतवाली पुलिस के खिलाफ लामबंद हो गए।इस दौरान बस मालिकों ने पुलिस अधीक्षक खीरी गणेश प्रसाद शाहा से मिलकर शहर के विभिन्न चौराहों से सवारियां बैठा रही डग्गामार बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।आपको बता दें कि जनपद खीरी में पुलिस और एआरटीओ द्वारा मिल रहे संरक्षण से जनपद खीरी में अवैध बसों का संचालन लगातार जारी है</div>
<div>  </div>
<div>इसको बंद कराने के लिए अनुबंधित बस यूनियन के नेताओं ने लगातार</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139669/leaders-of-the-contracted-bus-union-angry-with-the-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/0.00434.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> शहर के विभिन्न चौराहों से सवारियां बैठा रही डग्गामार बसों को लेकर रोडवेज की अनुबंधित बसों के मालिक मंगलवार को एआरटीओ और कोतवाली पुलिस के खिलाफ लामबंद हो गए।इस दौरान बस मालिकों ने पुलिस अधीक्षक खीरी गणेश प्रसाद शाहा से मिलकर शहर के विभिन्न चौराहों से सवारियां बैठा रही डग्गामार बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।आपको बता दें कि जनपद खीरी में पुलिस और एआरटीओ द्वारा मिल रहे संरक्षण से जनपद खीरी में अवैध बसों का संचालन लगातार जारी है</div>
<div> </div>
<div>इसको बंद कराने के लिए अनुबंधित बस यूनियन के नेताओं ने लगातार शासन प्रशासन से मांग की और समय समय पर हड़ताल के साथ ज्ञापन सौंपा लेकिन अवैध बसों के संचालन पर रोक नहीं लगी और बढ़ती ही गई जिससे अनुबंधित बस यूनियन के नेताओं को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।जिले से लखनऊ और बरेली ही नहीं बल्कि दिल्ली,पंजाब आदि राज्यों के लिए डग्गामार बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों के चालक संकटा देवी चौकी के निकट, रेलवे स्टेशन के सामने, एलआरपी एवं राजापुर चौकी के सामने से सवारियां बैठाते हैं।</div>
<div> </div>
<div>इससे एक ओर जहां परिवहन निगम को राजस्व की क्षति हो रही है तो वहीं अनुबंधित बसों की कमाई कम होने से बस मालिक के देयकों से निगम कटौती करवा रहा है। जिससे बस मालिकों में आक्रोश है। ऐसे में बस मालिक समय समय पर डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते रहे हैं मगर न तो जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही एआरटीओ प्रवर्तन।जब कभी चक्का जाम हुआ तो अधिकारियों ने बस मालिकों को कार्रवाई का आश्वासन देकर सिर्फ गुमराह करने का काम किया।</div>
<div> </div>
<div>इस सम्बन्ध में अनुबंधित बस यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा का कहना है कि लगातार अवैध रूप से चल रही बसों को बंद कराने की मांग की गई लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिससे अनुबंधित बस मालिकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब इस मामले में एआरटीओ खीरी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि समय समय पर औचक निरीक्षण चेकिंग अभियान चलाया जाता है और अवैध बसों पर कार्रवाई की जाती है।अनुबंधित बस यूनियन के नेताओं से मिलकर शीघ्र समस्या का समाधान किया जाएगा।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139669/leaders-of-the-contracted-bus-union-angry-with-the-operation</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 17:15:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले में पहली बार शासनादेश को ताख पर रखकर सचिवों का किया गया स्थानांतरण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></div>
<div><strong>बस्तीl</strong> बस्ती जिले में पहली बार गोपनीय तरीके से किये गये ग्राम विकास अधिकारी / ग्राम पंचायत अधिकारी के स्थानांतरण को लेकर पूरे प्रदेश में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही है । सरकारी  शासनादेश के अनुसार कोई अधिकारी / कर्मचारी किसी कार्यालय / एक स्थान पर लगातार 03 साल तक डियूटी कर सकता है और 03 वर्ष से अधिक का समय होने पर स्थानांतरण नीति के आधार पर अन्य किसी स्थान पर स्थानांतरण कर दिया जाता है लेकिन अबकी बार शासनादेश को ताख पर रखकर सचिवों का स्थानांतरण किया गया है अर्थात् शासनादेश का सीधे विपरीत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139610/for-the-first-time-in-the-district-secretaries-were-transferred"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/img-20240319-wa0201.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></div>
<div><strong>बस्तीl</strong> बस्ती जिले में पहली बार गोपनीय तरीके से किये गये ग्राम विकास अधिकारी / ग्राम पंचायत अधिकारी के स्थानांतरण को लेकर पूरे प्रदेश में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही है । सरकारी  शासनादेश के अनुसार कोई अधिकारी / कर्मचारी किसी कार्यालय / एक स्थान पर लगातार 03 साल तक डियूटी कर सकता है और 03 वर्ष से अधिक का समय होने पर स्थानांतरण नीति के आधार पर अन्य किसी स्थान पर स्थानांतरण कर दिया जाता है लेकिन अबकी बार शासनादेश को ताख पर रखकर सचिवों का स्थानांतरण किया गया है अर्थात् शासनादेश का सीधे विपरीत सचिवों का स्थानांतरण किया गया है।</div>
<div> </div>
<div>जिन सचिवों का 01 वर्ष से विकासखण्ड पर तैनाती है उन सचिवों का मनचाहा स्थानांतरण सुविधा शुल्क लेकर मनचाहा विकासखण्डों पर तैनाती किया गया है। जिन सचिवों का 05 वर्ष से एक ही विकासखण्ड पर तैनाती है उन सचिवों का स्थानांतरण रोकने के नाम पर मनचाहा सुविधा शुल्क वसूला गया है । स्थानांतरण नीति का अनुपालन न हो पाना शासन व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> सूत्रों से पता चल रहा है कि सचिवों के स्थानांतरण में बहुत बड़े पैमाने पर लेन - देन करके मनचाहा स्थानांतरण किया गया है और सचिवों को सख्त निर्देश दिया गया है कि कहीं भी स्थानांतरण सम्बंधी कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए नही तो स्थानांतरण की गोपनीयता भंग हो जायेगी। गोपनीयता भंग करने वाले सचिव के खिलाफ कार्रवाई होगी इसीलिए स्थानांतरित सचिवों ने दिन भर में ज्वाइनिंग कर लिया और शान्ति पूर्वक अपने डियूटी पर लग गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>10 दिन बीतने के बाद भी मीडिया तक सचिवों के स्थानांतरण की सूची नही पहुंच पाई है। मीडिया से सचिवों के स्थानांतरण सूची को दूर रखना ही सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का संकेतक है। यदि अधिकरियों द्वारा मनमानी तरीके से स्थानांतरण में खेल किया जायेगा तो ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार घटने के शिवाय भ्रष्टाचार में वृद्धि होगी और प्रदेश सरकार की छवि धूमिल होगी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139610/for-the-first-time-in-the-district-secretaries-were-transferred</link>
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                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 17:43:08 +0530</pubDate>
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