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                <title>Greater Noida - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Greater Noida RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्रेटर नोएडा Greater Noida में गौर यमुना सिटी Gaur Yamuna City पर गंभीर आरोप ₹100 करोड़ की वसूली का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा:</strong> यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र की चर्चित टाउनशिप <strong>Gaur Yamuna City</strong> एक बार फिर विवादों में घिर गई है। प्रोजेक्ट के डेवलपर <strong>Gaursons Realtech Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि उन्होंने निर्माण पेनल्टी और मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर आवंटियों (Allottees) से लगभग <strong>₹100 करोड़ तक की अनियमित वसूली</strong> की है।</p>
<p style="text-align:justify;">आवंटियों के एक समूह ने इस मामले को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं और दावा किया है कि बिल्डर द्वारा लगाए गए शुल्क न तो बुकिंग एग्रीमेंट (BBA) की शर्तों के अनुरूप हैं और न ही लीज डीड में उनका स्पष्ट उल्लेख है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/whatsapp-image-2026-02-21-at-11.39.32.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-02-21 at 11.39.32" width="1200" height="800" /></p>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>क्या हैं आवंटियों</strong></h2>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171128/serious-allegations-against-gor-yamuna-city-in-greater-noida"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-21-at-11.39.32.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा:</strong> यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र की चर्चित टाउनशिप <strong>Gaur Yamuna City</strong> एक बार फिर विवादों में घिर गई है। प्रोजेक्ट के डेवलपर <strong>Gaursons Realtech Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि उन्होंने निर्माण पेनल्टी और मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर आवंटियों (Allottees) से लगभग <strong>₹100 करोड़ तक की अनियमित वसूली</strong> की है।</p>
<p style="text-align:justify;">आवंटियों के एक समूह ने इस मामले को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं और दावा किया है कि बिल्डर द्वारा लगाए गए शुल्क न तो बुकिंग एग्रीमेंट (BBA) की शर्तों के अनुरूप हैं और न ही लीज डीड में उनका स्पष्ट उल्लेख है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/whatsapp-image-2026-02-21-at-11.39.32.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-02-21 at 11.39.32" width="1280" height="800"></img></p>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>क्या हैं आवंटियों के आरोप?</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">आवंटियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि कई प्लॉट और मकान खरीदारों पर “निर्माण पेनल्टी” के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। उनका आरोप है कि:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>
<p>निर्माण में कथित देरी का हवाला देकर भारी पेनल्टी लगाई गई</p>
</li>
<li>
<p>पेनल्टी की गणना का आधार स्पष्ट नहीं बताया गया</p>
</li>
<li>
<p>रजिस्ट्री, NOC और अन्य अनुमतियों के लिए भुगतान का दबाव बनाया गया</p>
</li>
<li>
<p>मेंटेनेंस शुल्क की दरें पारदर्शी तरीके से साझा नहीं की गईं</p>
</li>
<li>
<p>भुगतान न करने पर फाइल या अनुमतियाँ रोके जाने की शिकायतें सामने आईं</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">कुछ आवंटियों का कहना है कि जब तक अतिरिक्त राशि जमा नहीं की जाती, तब तक जरूरी दस्तावेज जारी नहीं किए जाते। इससे कई लोगों की रजिस्ट्री और निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>₹100 करोड़ तक वसूली का दावा</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">आवंटियों के समूह का दावा है कि अलग-अलग मदों में लगाई गई पेनल्टी और मेंटेनेंस चार्जेज़ को जोड़कर कुल वसूली की राशि <strong>₹100 करोड़ के आसपास</strong> पहुंच सकती है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन आवंटी सामूहिक रूप से इसकी जांच की मांग कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/whatsapp-image-2026-02-21-at-10.37.33.jpeg" alt="ग्रेटर नोएडा में गॉर यमुना सिटी पर गंभीर आरोप" width="1013" height="633"></img></p>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>नियामक संस्थाओं से शिकायत</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">आवंटियों ने इस मामले की शिकायत <strong>Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA)</strong> और <strong>Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority (UP RERA)</strong> से की है।<br />शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>
<p>पेनल्टी और मेंटेनेंस शुल्क का ऑडिट कराया जाए</p>
</li>
<li>
<p>एग्रीमेंट के अनुसार ही शुल्क वसूला जाए</p>
</li>
<li>
<p>अवैध वसूली की स्थिति में रिफंड कराया जाए</p>
</li>
<li>
<p>बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाए</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>एग्रीमेंट पर सवाल</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवंटियों का कहना है कि:</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/whatsapp-image-2026-02-23-at-08.37.56-(1).jpeg" alt="ग्रेटर नोएडा में गॉर यमुना सिटी पर गंभीर आरोप" width="958" height="599"></img></p>
<blockquote>
<p>“निर्माण में देरी या अतिरिक्त निर्माण के नाम पर जो पेनल्टी लगाई गई है, उसका स्पष्ट प्रावधान एग्रीमेंट में नहीं है। जब तक राशि जमा नहीं की जाती, तब तक जरूरी सेवाएं नहीं दी जातीं।”</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">कई खरीदारों का यह भी दावा है कि मेंटेनेंस चार्जेज़ की गणना का फार्मूला और उपयोग का विवरण साझा नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>बिल्डर का पक्ष नहीं आया सामने</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">समाचार लिखे जाने तक <strong>Gaursons</strong> की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यदि मामला नियामक संस्थाओं तक औपचारिक रूप से पहुंचता है, तो बिल्डर को जवाब देना पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/whatsapp-image-2026-02-21-at-11.39.30.jpeg" alt="ग्रेटर नोएडा में गॉर यमुना सिटी पर गंभीर आरोप" width="995" height="622"></img></p>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>क्या कहता है कानून?</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>RERA अधिनियम</p>
</li>
<li>
<p>उपभोक्ता संरक्षण कानून</p>
</li>
<li>
<p>और लीज एग्रीमेंट की शर्तों</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है।</p>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<h2 style="text-align:justify;"><strong>सामूहिक कार्रवाई की तैयारी</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय स्तर पर आवंटी एकजुट होकर सामूहिक कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। कई खरीदारों ने संयुक्त शिकायत दर्ज कराने और कानूनी नोटिस भेजने की बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब निगाहें प्रशासनिक जांच और नियामक संस्थाओं की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच होती है तो यह मामला यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सबसे बड़े रियल एस्टेट विवादों में से एक बन सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 22:57:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा में जापान–सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव, यमुना एक्सप्रेस-वे पर बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा।</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक और डिजिटल निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में हाइपरस्केल डेटा सेंटर के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित कर दी है, वहीं जापान सिटी और सिंगापुर सिटी विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">YEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन करीब <strong>400 करोड़ रुपये के निवेश</strong> से अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगा। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जाएगी और इसकी कुल क्षमता लगभग <strong>7000 सर्वर</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170351/japan-singapore-citys-proposal-to-build-hyperscale-data-center-on-yamuna"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/noida.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा।</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक और डिजिटल निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में हाइपरस्केल डेटा सेंटर के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित कर दी है, वहीं जापान सिटी और सिंगापुर सिटी विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">YEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन करीब <strong>400 करोड़ रुपये के निवेश</strong> से अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगा। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जाएगी और इसकी कुल क्षमता लगभग <strong>7000 सर्वर रैक</strong> की होगी। भूमि हस्तांतरण के बाद <strong>18 माह के भीतर व्यावसायिक संचालन</strong> शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह डेटा सेंटर क्लाउड सेवाओं, डेटा स्टोरेज और एआई आधारित तकनीकों को बढ़ावा देगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>500-500 एकड़ में बसेंगी जापान और सिंगापुर सिटी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्राधिकरण ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण योजना तैयार कर ली है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>सेक्टर-5ए</strong> में जापान सिटी के लिए लगभग <strong>500 एकड़</strong> भूमि प्रस्तावित है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>सेक्टर-7</strong> में सिंगापुर सिटी के लिए लगभग <strong>500 एकड़</strong> क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इन दोनों क्षेत्रों को एकीकृत औद्योगिक सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। विकास कार्य <strong>ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड</strong> पर किए जाने का प्रस्ताव है। महायोजना के अनुसार इन सेक्टरों में न्यूनतम 70 प्रतिशत क्षेत्र औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित है, जबकि आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग सीमित अनुपात में होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सिम्प्लास्ट ग्रुप करेगा ₹70 करोड़ का निवेश</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में इटली की वैश्विक कंपनी <strong>सिम्प्लास्ट ग्रुप</strong> ने YEIDA क्षेत्र में <strong>₹70 करोड़</strong> के निवेश से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत प्लास्टिक और रोटेशनल मोल्डिंग उत्पादों की विनिर्माण इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी को तीन एकड़ भूमि आवंटन के लिए एलओआई जारी किया गया है। इस परियोजना में <strong>50 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI)</strong> शामिल होगा।</p>
<blockquote class="format1">प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और डिजिटल अवसंरचना को नई गति मिलेगी।</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिज़नेस रिलीज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 18:24:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय मंच पर फजीहत! तीन गलतियों के चलते Expo से बाहर हुई गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University)</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University एक बार फिर विवादों में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Expo से यूनिवर्सिटी को बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि “झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए ऐसे मंच पर जगह नहीं हो सकती।”</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह Expo भारत की ओर से AI सेक्टर में अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच था। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद इसे भारत की छवि के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170323/embarrassment-on-international-stage-galgotias-university-out-of-expo-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/galgotiya-university.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University एक बार फिर विवादों में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Expo से यूनिवर्सिटी को बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि “झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए ऐसे मंच पर जगह नहीं हो सकती।”</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह Expo भारत की ओर से AI सेक्टर में अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच था। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद इसे भारत की छवि के लिए भी नुकसानदायक माना गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने AI और मशीन लर्निंग से जुड़े अपने प्रोजेक्ट्स और उपलब्धियों को लेकर Expo में कुछ ऐसे दावे किए थे, जिनकी जांच में पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और यूनिवर्सिटी की भागीदारी रद्द कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारियों का कहना है कि AI जैसे संवेदनशील और तकनीकी क्षेत्र में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई जानकारी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख प्रभावित होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सरकार ने गिनाए तीन बड़े ब्लंडर्स</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार की प्राथमिक जांच में तीन बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं:</p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>1. उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना</strong><br />यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसने अपने AI प्रोजेक्ट्स और रिसर्च को लेकर ऐसे दावे किए जो आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. गलत डेटा और भ्रामक प्रस्तुति</strong><br />Expo में दिखाए जाने वाले कुछ मॉडल और आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठे। जांच में पाया गया कि कुछ जानकारी सत्यापित नहीं थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. अंतरराष्ट्रीय मंच पर गलत प्रतिनिधित्व</strong><br />अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने खुद को कुछ प्रोजेक्ट्स का प्रमुख डेवलपर बताया, जबकि उनमें अन्य संस्थानों की भी भूमिका थी।</p>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्यों अहम था यह Expo?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह AI Expo भारत के लिए खास माना जा रहा था क्योंकि देश AI टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और रिसर्च के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में किसी भी संस्थान द्वारा गलत जानकारी देने को गंभीरता से लिया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मामले पर अभी तक यूनिवर्सिटी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी अपने पक्ष में दस्तावेज तैयार कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आगे क्या?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यूनिवर्सिटी के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, AI Expo के आयोजकों ने साफ किया है कि भविष्य में केवल सत्यापित और प्रमाणित संस्थानों को ही भागीदारी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेजी से बढ़ रहे AI सेक्टर में संस्थानों के दावों की जांच कितनी जरूरी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख मजबूत बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170323/embarrassment-on-international-stage-galgotias-university-out-of-expo-due</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 13:13:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्रेटर नोएडा (दनकौर): भंडारे में आए 3 वर्षीय मासूम की तालाब में डूबकर मौत, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आने वाले दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर के पास बने तालाब में गिरकर 3 वर्षीय मासूम देवांश की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, दलेलगढ़ गांव निवासी अनिल की बेटी अंजलि हाल ही में अपने मायके आई थीं। रविवार को गांव के मंदिर में भंडारे का आयोजन हो रहा था, जिसमें परिवार के सदस्य बच्चों के साथ शामिल हुए थे। इसी दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169800/3-year-old-innocent-child-who-came-to-greater-noida"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/talab-me-doobne-se-bachche-ki-maut-noida.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आने वाले दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर के पास बने तालाब में गिरकर 3 वर्षीय मासूम देवांश की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, दलेलगढ़ गांव निवासी अनिल की बेटी अंजलि हाल ही में अपने मायके आई थीं। रविवार को गांव के मंदिर में भंडारे का आयोजन हो रहा था, जिसमें परिवार के सदस्य बच्चों के साथ शामिल हुए थे। इसी दौरान खेलते समय देवांश का पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">काफी देर तक जब बच्चा दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। ग्रामीणों को तालाब के पास बच्चे के जाने की आशंका हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को तालाब से बाहर निकाला।</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब के चारों ओर न तो बाउंड्री है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। यह तालाब वर्षों पुराना है, जिसकी न तो नियमित सफाई होती है और न ही प्रशासन द्वारा देखरेख की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते घेराबंदी की गई होती, तो यह हादसा टल सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। दनकौर थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल मामले को हादसा माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि परिजन या ग्रामीण कोई लिखित शिकायत देते हैं, तो मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है और तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग उठने लगी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:40:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेवर एयरपोर्ट के नाम पर एक और ठगी! जमीन के फर्जी पेपर दिखाकर ठगों ने ऐंठ लिए 88 लाख; 2 अरेस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह और सोनू को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर हैं.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169288/another-fraud-in-the-name-of-jewar-airport-swindlers-made"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/jewar.jpg" alt=""></a><br /><p><br />राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह और सोनू को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर हैं.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह और सोनू को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर हैं.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक दंपति को भविष्य में करोड़पति बनने का झांसा देकर ठगों ने 88 लाख रुपये की ठगी की है. जालसाजों ने इस दंपति को जमीन का फर्जी बैनामा देकर यह रुपये लिए, लेकिन ना तो जमीन दी और ना ही पैसे लौटाए. बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित दंपति ने पुलिस में शिकायत दी. इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है.</p>
<p>पुलिस के मुताबिक दिल्ली के लाजपत नगर निवासी सुनील कुमार जैन ने शिकायत दी है. इसमें बताया है कि कुछ लोगों ने जेवर के मोहबलीपुर क्षेत्र में 0.9680 हेक्टेयर जमीन दिखाई थी. बताया था कि यह जमीन गांव के रतन सिंह के नाम पर तर्ज है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद इस जमीन के भाव आसमान छूने वाले हैं. आरोपियों ने उन्हें इन्वेस्ट करने पर भविष्य में करोडों रूपए का फायदा होने का झांसा दिया. इसी लालच में आकर उन्होंने आरोपियों के साथ सौदा कर लिया था.</p>
<h3><strong>ऐसे जीता भरोसा</strong></h3>
<p>जालसाजों ने उन्हें 17 जनवरी को जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाए. इसके बाद सरकारी पोर्टल पर भी जमीन के दस्तावेज दिखाकर उन्हें भरोसे में लिया. फिर जमीन का सौदा होने के बाद बैंकिंग के माध्यम से 88 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए. बाद में उन्हें पता चला की जमीन और उसके दस्तावेज सब फर्जी हैं, तब उन्हें इस ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने जेवर थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी.</p>
<h4><strong>9 फरवरी को दर्ज हुआ मुकदमा</strong></h4>
<p>जेवर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि वादी की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. जांच में पाया गया कि जेवर क्षेत्र के महोबली गांव के रहने वाले रतन सिंह ने अपने एक अन्य साथी सोनू के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है. जांच में इन आरोपियों के साथ कुछ और लोगों के भी नाम सामने आए हैं. पुलिस इन्हें तलाश कर रही है. सोनू के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के मामले थाना जेवर में दर्ज हैं.</p>
<h3><strong>रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर</strong></h3>
<p>जमीन से जुड़ी ठगी के मामले लगातार सामने आने के बाद अब पुलिस रजिस्ट्री विभाग से कर्मचारियों की भी जांच कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन की खरीद फरोख्त करते समय कर्मचारियों ने जमीन की पड़ताल में लापरवाही बरती. पुलिस के यह पता करने की कोशिश कर रही है कि किन लोगों की मिलीभगत से रजिस्ट्री ऑफिस में यह बैनामा हो गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 23:18:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rapid Rail: गुरुग्राम से नोएडा का सफर 38 मिनट में होगा पूरा, जल्द दौड़ेगी रैपिड रेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Rapid Rail: गुरुग्राम और नोएडा के बीच रोज़ाना आवाजाही करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (</span><span class="cf2">NCRTC) </span><span class="cf0">गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक एक नई रैपिड रेल लाइन शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर महज 38 मिनट में पूरा हो सकेगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली में प्रवेश के बिना होगा सीधा कनेक्शन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस रैपिड रेल कॉरिडोर की सबसे खास बात यह होगी कि यात्रियों को गुरुग्राम से नोएडा जाने के लिए दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे न केवल समय</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164321/the-journey-from-gurugram-to-noida-will-be-completed-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/rapid-rail.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Rapid Rail: गुरुग्राम और नोएडा के बीच रोज़ाना आवाजाही करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (</span><span class="cf2">NCRTC) </span><span class="cf0">गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक एक नई रैपिड रेल लाइन शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर महज 38 मिनट में पूरा हो सकेगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली में प्रवेश के बिना होगा सीधा कनेक्शन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस रैपिड रेल कॉरिडोर की सबसे खास बात यह होगी कि यात्रियों को गुरुग्राम से नोएडा जाने के लिए दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">IFFCO </span><span class="cf0">चौक से सूरजपुर तक चलेगी रैपिड रेल</span></strong></p>
<p><span class="cf0">प्रस्तावित रैपिड रेल लाइन की शुरुआत गुरुग्राम के </span><span class="cf2">IFFCO </span><span class="cf0">चौक से होगी और यह ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक जाएगी। यह कॉरिडोर एनसीआर के कई अहम रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को आपस में जोड़ेगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">DPR </span><span class="cf0">हरियाणा सरकार को सौंपी गई</span></strong></p>
<p><span class="cf2">NCRTC </span><span class="cf0">ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (</span><span class="cf2">DPR) </span><span class="cf0">तैयार कर हरियाणा सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कॉरिडोर से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और एनसीआर की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">IGI </span><span class="cf0">और जेवर एयरपोर्ट होंगे सीधे कनेक्ट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस परियोजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह दिल्ली के </span><span class="cf2">IGI </span><span class="cf0">एयरपोर्ट को सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जोड़ देगी। इससे एयरपोर्ट बदलने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।</span></p>
<p><span class="cf0">खासकर अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्रियों, बिजनेस ट्रैवलर्स और पर्यटकों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">15 </span><span class="cf0">हजार करोड़ रुपये हो सकती है परियोजना की लागत</span></strong></p>
<p><span class="cf0">मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस रैपिड रेल प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये हो सकती है। प्रस्तावित रूट पर कुल छह स्टेशन बनाए जाने की योजना है।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/164321/the-journey-from-gurugram-to-noida-will-be-completed-in</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 10:21:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>

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