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                <title>aaj ki bai khabar - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>aaj ki bai khabar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बुरी तरह मारने से अमरजीत सिंह उर्फ पप्पू की हुई मौत ।लड़की ने लगाया आरोप।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p>दूसरे नंबर की उनकी पुत्री पार्वती नेआरोप लगाया है की उसके पिता की हुई है मौत </p>
<p>बताया कि कल ही हमारे पिताजी गया धाम से लौटे थे और भंडारा करवाने का भी चर्चा कर रहे थे, वहीं पार्वती ने रानीगंज के निवासी पर मारने पीटने का लगाया आरोप !</p>
<p>दबे जुबान से लोगों में चर्चाएं हैं कि जमीन के लेनदेन को लेकर पगुवार के निवासी अमरजीत उर्फ पप्पू, को मारा गया है। वहीं मृतक की शरीर को देखकर यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि बहुत ही बेरहमी से उनको मारा पीटा गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135658/amarjeet-singh-alias-pappu-died-due-to-brutal-beating-girl"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/img-20231007-wa0123.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p>दूसरे नंबर की उनकी पुत्री पार्वती नेआरोप लगाया है की उसके पिता की हुई है मौत </p>
<p>बताया कि कल ही हमारे पिताजी गया धाम से लौटे थे और भंडारा करवाने का भी चर्चा कर रहे थे, वहीं पार्वती ने रानीगंज के निवासी पर मारने पीटने का लगाया आरोप !</p>
<p>दबे जुबान से लोगों में चर्चाएं हैं कि जमीन के लेनदेन को लेकर पगुवार के निवासी अमरजीत उर्फ पप्पू, को मारा गया है। वहीं मृतक की शरीर को देखकर यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि बहुत ही बेरहमी से उनको मारा पीटा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Oct 2023 21:47:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़, धर्म और जाति पर अटकी  उ.प्र.की राजनीति : को कैसे मिलेगा छुटकारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>                                                              ---- जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></p>
<p>राजनैतिक द्रष्टि से उ.प्र. देश का सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश है जनसंख्या में अव्वल होने के कारण यहां सबसे अधिक 80 लोकसभा सीट आती हैं। जिससे केन्द्र में सरकार बनाने के लिए उ.प्र को अत्यधिक मजबूत करना राजनैतिक दलों की मजबूरी बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं लेकिन उन्होंने राजनीतिक द्रष्टि से उ.प्र.के वाराणसी लोकसभा क्षेत्र को अपनी कर्मस्थली के रुप में चुना जो दल उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मजबूत होत है केन्द्र में उसी दल की सरकार बन पाती है। लेकिन उ.प्र. की सबसे बड़ी कमजोरी यह है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135164/how-will-uttar-pradeshs-politics-get-rid-of-the-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/img_20230824_092623.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>                               ---- जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></p>
<p>राजनैतिक द्रष्टि से उ.प्र. देश का सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश है जनसंख्या में अव्वल होने के कारण यहां सबसे अधिक 80 लोकसभा सीट आती हैं। जिससे केन्द्र में सरकार बनाने के लिए उ.प्र को अत्यधिक मजबूत करना राजनैतिक दलों की मजबूरी बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं लेकिन उन्होंने राजनीतिक द्रष्टि से उ.प्र.के वाराणसी लोकसभा क्षेत्र को अपनी कर्मस्थली के रुप में चुना जो दल उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मजबूत होत है केन्द्र में उसी दल की सरकार बन पाती है। लेकिन उ.प्र. की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि यहां राजनीति अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़ धर्म और जाति से जोड़ कर देखी जाती है चुनाव जीतने के लिए धर्म और जाति के समीकरण बनाए जाते हैं। </p>
<p>जहां अन्य राज्यों में चुनाव काम के आधार पर तय किए जाते हैं वहीं उत्तर प्रदेश पर धर्म और जाति हावी हो जाती है। वर्तमान समय में यह एक कमजोर कड़ी है कि जहां दुनियाभर में तरक्की का डंका बज रहा वहां उ.प्र. की जनता अपना जनप्रतिनिधि धर्म और जाति देखकर चुनती है। यही कारण है कि कि अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में अत्यधिक जातीय राजनीतिक दल तैयार हो गए हैं जो अपनी अपनी जातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके मुखिया वोट के बदले मंत्री पद की डिमांड रखते हैं। इस बार के चुनाव में भाजपा सनातन को हथियार के रुप में प्रयोग कर रही है। भारतीय जनता पार्टी अपने हर मंच से सनातन का मुद्दा उठा रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा के पास मुद्दों का अकाल है इसलिए वह सनातन धर्म का सहारा ले रही है। लेकिन विपक्ष भी दूध का धुला नहीं है। मुस्लिम धर्म और अन्य जातियों के मतदाताओं को साधने के लिए वो हिंदुत्व और सनातन धर्म पर आरोप लगा रही है। कुल मिलाकर यहां अगर जिस दल को अपनी जीत सुनिश्चित करनी है तो उसके लिए उसे धर्म और जाति का समीकरण साधना आवश्यक है। </p>
<p>                             प्रदेश की राजनीति में अब कुछ एक सीटों को छोड़कर कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। लेकिन एक समय ऐसा भी था कि कांग्रेस को सवर्ण वोटों के अलावा मुस्लिम और दलित जातियों का वोट भी मिलता था और काफी संख्या में पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस के साथ दिखाई देता था। मुलायम सिंह यादव, चौधरी चरण सिंह की अगुवाई वाले लोक दल का उत्तर प्रदेश में प्रतिनिधित्व करते थे। लेकिन जब कांग्रेस से अलग होकर विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कांग्रेस विरोधी दलों को एक करके जनता दल का गठन किया। और देश में मंडल आयोग की शिफारिशों को लागू किया तभी से उत्तर प्रदेश में धर्म और जाति के नाम पर तमाम पार्टियों की नींव पड़ गई। </p>
<p>विश्वनाथ प्रताप सिंह ने पिछड़ी जाति का कार्ड खेलकर जाति की राजनीति को जन्म दे दिया था। कांग्रेस कमजोर पड़ने लगी थी। तो उस समय के बाद सवर्णों को भारतीय जनता पार्टी मुफीद लगने लगी। और यहां विश्वनाथ प्रताप सिंह के बाद मुलायम सिंह यादव ने यादवों के साथ अन्य पिछड़े वर्ग को साधकर मुस्लिम मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। और यादव मुस्लिम को वोट बैंक बनाकर कई वर्ष उत्तर प्रदेश की सत्ता सम्हाली। बहुजन समाज पार्टी उस समय डा. भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलकर प्रदेश में दलित वोट को एक कर रही थी लेकिन केवल दलित वोट से उसका भला होना नहीं था। तो बसपा ने भी अन्य जातियों और मुस्लिम वर्ग को साधना शुरू कर दिया।</p>
<p> उसके बाद कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति मुलायम सिंह यादव और मायावती के इर्दगिर्द घूमती रही। बीच में भारतीय जनता पार्टी ने राम जन्मभूमि के मुद्दे को उठाकर धार्मिक कार्ड खेला और वह उसमें सफल नजर आए। उसके बाद से भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुत्व और रामजन्म भूमि जैसे धार्मिक मुद्दों को कभी नहीं छोड़ा और एक के बाद एक धार्मिक मुद्दे उठाती रही और सफलता की सीढ़ी पर चढ़ती चली गई। धर्म और जातियां बंटती चली गईं और राजनैतिक दल अपनी रोटियां सेकते रहे। धर्म और जाति के बंटने का सिलसिला यहीं पर नहीं थमा।</p>
<p><br />                      उ.प्र. की बड़ी राजनीतिक पार्टियों में कई नेता ऐसे थे जो जातीय समीकरण साधते थे अगर उन क्षेत्रों में जहां इनकी जाति के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है वहां इनके बिना जीत पाना असंभव था। तो बसपा, सपा भाजपा और कांग्रेस जैसे दल इन नेताओं को अहमियत देते थे और उसका फायदा ये बड़ा पद लेकर संतुष्ट होते थे कई बार तो इन नेताओं की मांग इतनी ज्यादा बढ़ जाती थी कि इन बड़ी पार्टियों को मानन मुश्किल हो जाता था लेकिन उनके वर्ग का वोट पाने के लिए उन्हें साधना भी जरूरी होता था। मांग मान ली जाती थी तो ठीक है नहीं तो ये नेता तुरंत सपा से बसपा में बसपा से भाजपा में शामिल होने में जरा भी देर नहीं लगाते थे क्योंकि इनकी जाति का वोट बैंक इनके इशारों पर चलता था।</p>
<p> इस तरह की राजनीति काफी समय तक चलती रही ये नेता चुनाव से पहले या चुनाव के बाद उन दलों में शामिल हो जाते थे जिनकी सरकार बनने के आसार नज़र आते थे। और अच्छा मंत्री पद पा लेते थे लेकिन जब इन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर, या पार्टी विरोधी कार्य करना शुरू कर दिया तो बड़े राजनैतिक दलों ने इनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया। फिर क्या था औम प्रकाश राजभर, संजय निषाद, केशव मौर्या, जैसे तमाम नेताओं ने अपने -अपने दलों का गठन कर लिया। और पूर्वांचल में अति पिछड़े अति दलितों का वोट इन जैसे नेताओं के हाथों में आ गया। और इन्होंने रणनीति के साथ खेल खेलना शुरु कर दिया। ये कभी सपा तो कभी भाजपा में शामिल होने का खेल खेलने लगे। वो भी बड़ी क़ीमत के साथ। इस तरह उत्तर प्रदेश की पूरी राजनीति जातिवादी व्यवस्था में सिमट कर रह गई।</p>
<p>                         भाजपा और सपा जैसे बड़े दलों में इनके लिए दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं अभी हाल ही में पिछले विधानसभा चुनाव से पूर्व ओम प्रकाश राजभर, केशव देव मौर्य, दारा सिंह चौहान, स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे नेता भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। समाजवादी पार्टी ने भी इनका जोरदार स्वागत किया और टिकट वितरण में भी बहुत तवज्जो दी गई। भाजपा से सपा में आए इन नेताओं को पूरी तरह से विश्वास था कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ सपा की सीटें तो बढ़ी लेकिन भारतीय जनता पार्टी फिर से प्रचंड बहुमत में आ गई। और ये नेता जो भाजपा से सपा में शामिल हुए थे तिलमिला कर रह गए।</p>
<p> फिर क्या था कुछ दिन तो सपा के साथ कट गये लेकिन उनका मंत्री बनने का सपना अधूरा रह गया। ओम प्रकाश राजभर ने फिर से मुख्यमंत्री दफ्तर के चक्कर लगाने शुरू कर दिये। आखिरकार ओम प्रकाश राजभर और केशव देव मौर्य तो आसानी से एनडीए में शामिल हो गए क्योंकि उनके अपने दल थे लेकिन दारा सिंह चौहान को समाजवादी पार्टी से और विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होना पड़ा। दारा सिंह चौहान के इस्तीफे से मऊ जनपद की घोसी विधानसभा सीट खाली हो गई, जहां फिर से चुनाव कराना पड़ा। </p>
<p>भाजपा ने यहां से दारा चौहान को चुनाव में फिर से उतार दिया वहीं समाजवादी पार्टी ने सुधाकर सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया। दारा चौहान अति पिछड़ी जाति से आते हैं और उनकी जाति का वोट घोसी में काफी अच्छी संख्या में हैं और राजभर वोट भी काफी है। लेकिन घोसी के मतदाताओं को उनका दलबदल पसंद नहीं आया और सपा के सुधाकर सिंह रिकार्ड मतों से चुनाव जीत गए। दारा चौहान के चुनाव हार जाने से पूर्वांचल में ओम प्रकाश राजभर , संजय निषाद और केशव देव मौर्य की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी।</p>
<p> लेकिन चुनाव के हारने से इन सब की प्रतिष्ठा पर प्रश्न चिन्ह लग गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी कारण अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने ओम प्रकाश राजभर को मंत्री पद से सुशोभित नहीं किया। अब उनको मंत्रिमंडल में कब शामिल किया जाएगा ये देखना होगा। लेकिन यह निश्चित है कि वह मंत्री अवश्य बनेंगे क्यों कि पूर्वांचल की तमाम सीटों पर इन नेताओं का अच्छा असर है। और भारतीय जनता पार्टी 24 के चुनाव को लेकर कोई रिश्क नहीं लेना चाहती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचारधारा</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Sep 2023 20:48:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लीजिये हाजिर हैं नए चुनावी मुद्दे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अधजल गगरी  छलक ही जाती है। भाजपा के सर पर रखी सत्ता की गगरी छलक गयी है,उसमें से आगामी चुनावों के लिए जो मुद्दे छलक कर जमीन पर गिरे हैं उन्हें देखकर आपको निराशा होगी ।  भाजपा के खिलाफ चुनाव मैदान में अपनी चतुरंग सेना लेकर उतरने को आतुर आईएनडीआई ऐ की गगरी के छलकने का इन्तजार है। प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के बीना में खुद अपनी पार्टी के नए चुनावी मुद्दों  की बीन बजाई ।  उन्होंने जी-20  की सफलता और सनातन धर्म पर मंडराते कथित खतरों को लेकर जन-संसद में हाजिर होने के संकेत  दे दिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134753/here-are-the-new-election-issues"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/rajneeti.jpg" alt=""></a><br /><p>अधजल गगरी  छलक ही जाती है। भाजपा के सर पर रखी सत्ता की गगरी छलक गयी है,उसमें से आगामी चुनावों के लिए जो मुद्दे छलक कर जमीन पर गिरे हैं उन्हें देखकर आपको निराशा होगी ।  भाजपा के खिलाफ चुनाव मैदान में अपनी चतुरंग सेना लेकर उतरने को आतुर आईएनडीआई ऐ की गगरी के छलकने का इन्तजार है। प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के बीना में खुद अपनी पार्टी के नए चुनावी मुद्दों  की बीन बजाई ।  उन्होंने जी-20  की सफलता और सनातन धर्म पर मंडराते कथित खतरों को लेकर जन-संसद में हाजिर होने के संकेत  दे दिए हैं। दुनिया मोदी जी को मदारी,जादूगर समझे बैठी थी लेकिन वे सनातन सपेरे निकले।</p>
<p>पूरे एक दशक देश की बागडोर सम्हालने वाली भाजपा के पास जनता के सामने परोसने के लिए उपलब्धियों के नाम पर जब कुछ नहीं बचा तब ऐसे मुद्दों के जरिये जंग जीतने की कोशिश की जा रही है जो दरअसल मुद्द्दे हैं ही नहीं।  जो असली मुद्दे थे उन्हें  या तो ताक पर रख दिया गया ,या फिर उनके ऊपर धूल डाल दी गयी ,क्योंकि न तो जी-20  की कथित कामयाबी कोई मुद्दा है और न सनातन पर कोई खतरा है। असली बात है आईएनडीआईए की मौजूदगी  ,जो भाजपा को भयभीत किये हुए है।किसी राज्य के एक अदने से मंत्री के सनातन विरोधी बयान को पूरे विपक्ष के माथे पर ठीकरा बनाकर फोड़ने की भाजपा की मजबूरी देखकर हँसी आती है। पता नहीं कैसे भाजपा जी-20  की एक बैठक से जनता का माथा ऊंचा और सीना चौड़ा करना चाहती है ?</p>
<p>देश में जैसे-जैसे पांच विधानसभाओं के साथ ही आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं,वैसे-वैसे भाजपा की धड़कने तेज हो रहीं है।  हांथों के तोते उड़ते दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि भाजपा ने अपना पूरा समय सत्ता पर काबिज रहने के लिए बिसातें बिछाने में खर्च कर दिया। बीते एक दशक में भाजपा ने अपनी चाल,चरित्र और चेहरे में बदलाव की जो भी कोशिशें की वे ' उलटे बांस बरेली 'जैसी साबित हुई।  भाजपा पर्याप्त बहुमत के बावजूद ऐसा कुछ हासिल नहीं कर पायी कि जिस बिना पर देश की जनता उसे बिना रोये-गिड़गिड़ाए हंसी-ख़ुशी अपना समर्थन दे दे। ये सभी सत्तारूढ़ दलों के साथ होता है ,उनमें  चाहे श्री नरेंद्र मोदी जैसा चमत्कारी नेता हो या न हो। कांग्रेस की एक दशक पुरानी सत्ता भी 2014  में ऐसी ही आत्ममुग्धताओं और लापरवाही की वजह से गयी थी।</p>
<p>भाजपा की एक दशक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में खुद भाजपा को समाप्त करना शामिल है ।  कांग्रेस में चाहे इंदिरा गाँधी की सरकार हो चाहे राजीव गांधी की सरकार कम से कम एक ही कद के तमाम नेता हुआ करते थे,जो एक-दूसरे को टोक सकते थे,रोक सकते थे,आँखें दिखा सकते थे।  माननीय अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में भी कमोवेश ऐसी ही स्थितियां थीं लेकिन आज की सरकार में नरेंद्र मोदी के कन्धों तक पहुँचने वाला कोई नेता बचा ही नहीं है। वे अपने ' कटआउट 'आकार के सामने किसी भी दूसरे नेता की मौजूदगी बर्दाश्त कर ही नहीं पाए । यहां तक की मोदी जी के हनुमान गृहमंत्री श्री अमित शाह की परछाईं भी जी-20  के दौरान किसी को नजर नहीं आयी। एक विदेश मंत्री जयशंकर और वित्त मंत्री सीता माता को अवश्य मोदी जी की कुर्सी के पीछे तालियां बजाते हुए जरूर देश और दुनिया ने देखा। मोदी जी को अपने दल के ही नहीं विपक्ष के भी कद-काठी के नेता पसंद  और बर्दाश्त नहीं है। इसीलिए विदेशी मेहमानों के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित भोज में मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेताओं को आमंत्रित नहीं किया गया।</p>
<p>बात मुद्दों की की जाये तो तमिलनाडु के एक युवा मंत्री के सनातन विरोधी बयान को पूरे विपक्ष का बयान बताने में लगी सकल भाजपा दरअसल धर्म ध्वजाधारक राजनीतिक दल बनी रहना चाहती है ।  भाजपा शायद नहीं जानती कि उदयनिधि उस खेत की मूली भी नहीं हैं जिस खेत से दो दशकों तक अंग्रेजी सत्ता की फसल होती रही। उदयनिधि उस खेत की खरपतवार भी नहीं है जिस खेत से देश में चार-पांच सौ साल तक मुगलों ने सत्ता की अरहर उगाई। इन दोनों के रहते जब देश का सनातन धर्म खतरे में नहीं पड़ा तो एक अदने से उदयनिधि के बयान से हमारे सनातन धर्म को क्या खतरा हो सकता है ? सनातन धर्म कोई छुईमुई  नहीं जो किसी के एक बयान से मुरझा जाये। उदयनिधि को तो हमारे देश की बाबा मंडली ही फूंक में उड़ा सकती है ,उसके लिए भाजपा क्यों हलकान है ? फिर भाजपा को सनातन धर्म  की रक्षा का ठेका किसने दिया है ? सनातनी खुद ये काम बाखूबी कर सकते हैं। लेकिन मजबूरी का नाम भाजपा होता है ।  भाजपा मंदिर-मस्जिद और धर्म से बाहर आकर खेल ही नहीं सकती।</p>
<p>मुझे भाजपा बहुत अच्छी पार्टी लगती है क्योंकि उसके पास एक सुगठित संगठन  है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसी एक मात्र संस्था है। विपक्ष के पास ऐसा कुछ नहीं है ।  विपक्ष की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी कांग्रेस अपना संगठन और मात्र संस्थाओं को कब का होम कर चुकी है। फिर भी भाजपा में घबड़ाहट है ,उसे जनता के असनतोष की आहट साफ़ सुनाई दे रही है ।  आप कभी मध्यप्रदेश आकर देखिये ,वहां विधानसभा चुनाव से पहले संघ खुद रूप बदलकर भाजपा को बचने के लिए चुनाव मैदान में है ।  संघ ने अपने ही कुछ प्रचारकों को कथित बागी बनाकर एक राजनीतिक दल का गठन करा दिया है जो भाजपा विरोधी वोटों को विपक्ष के पास जाने से रोकने की कवायद करेगा। मध्यप्रदेश में भाजपा की दो इंजन वाली सरकार है लेकिन उसे भी चुनाव मैदान में उतरते ही भावनात्मक खेल खेलना पड़ रहा है ।  भाजपा राखियां बंधवाकर महिलाओं को प्रति माह एक हजार रूपये की खैरात बांटने पर विवश है।</p>
<p>भाजपा के लिए मध्यप्रदेश ही जंग का पहला मोर्चा है ।  पिछले कुछ वर्षों में भाजपा अनेक मोर्चों पर मुंह की खाती आ रही है ।  माननीय मोदी जी की बाहुबली और अद्भुद सरकार की तमाम ऐतिहासिक उपलब्धियों के बावजू न पंजाब ने उन्हें टिकने दिया न हिमाचल ने ।  बंगाल के बाद कर्नाटक ने भी माननीय मोदी जी को खारिज कर दिया ।  राजस्थान,छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश पहले ही 2018  में मोदी जी को खारिज कर चुके थे ।  भाजपा ने जैसे-तैसे विभीषणों के सहारे भाजपा में सत्ता हासिल कर ली लेकिन तीन साल बाद भी प्रदेश में भाजपा की सत्ता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसीलिए माननीय मोदी जी ने मध्यप्रदेश के बीना शहर में अपना पिटारा सबसे पहले खोला और उसमें से कथित रूप से खतरे में पड़ा सनातन धर्म और हजारों करोड़ के खर्चे से समपन्न जी 20  की बैठक की कामयाबी का गुब्बारा निकला। हालाँकि पिटारों से सरी-सर्प ही निकलते हैं  लेकिन मै मोदी जी के मुद्दों को सरी-सर्प नहीं   कह सकता। ऐसा कहना गलत होगा,क्योंकि मुद्दे तो मुद्दे होते हैं ,फिर चाहे वे सरी-सर्प हों या न हों।</p>
<p>भाजपा से पहले देश में कांग्रेस के पास भी कई बार मुद्दों का अभाव होता रहा लेकिन कांग्रेस के पांच दशक के राज में न धर्म संकट में आया और न किसी बैठक को कामयाबी के तौर पर चुनावों में इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने 1971  में पाकिस्तान के टुकड़े जरूर किये ,धर्म के नहीं और उसका फायदा भी कांग्रेस को मिला ।  भाजपा ने भी कांग्रेस से प्रेरणा लेकर 2019  में सर्जिकल स्ट्राइक की और उसका लाभ भी उठाया ,लेकिन अब सारे कारतूस चलाये जा चुके हैं। भाजपा सरकार पिछले एक दशक में न पाकिस्तान का कुछ बिगाड़ पायी और न चीन का। भाजपा के भारत के अपने तमाम  पड़ौसियों से रिश्ते प्रगाढ़ होने के बजाय और बिगड़ गए। यहां तक की जी -20  समूह के सदस्य चीन से भी अब भारत की अदावत है जबकि चीन से ही भाजपा का भारत सबसे ज्यादा आयात करता है। ये वो ही चीन है जो आज भी लद्दाख में भारत की सैकड़ों किमी लम्बी जमीन पर काबिज है । लेकिन ये कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। मुद्दा तो सनातन धर्म को खतरे में डालने वाला उदयनिधि जैसे पिद्दी नेता का बयान है। खुद महाबली प्रधानमंत्री को अपनी प्रत्यंचा पर उदयनिधि के बयान की काट का बाण चढ़ाना पड़ा है।</p>
<p>देश आगे बढ़ रहा है या पीछे जा रहा है इसे लेकर अब भ्रम की स्थिति है ।  देश में 80  करोड़ लोगों को दो वक्त का भोजन न मिलना मुद्दा है या जी-20  को वो बैठक जिसकी कामयाबी या विफलता से भारत के आम आदमी का कोई लेना-देना नहीं है ।  ऐसी बैठकें हजारों करोड़ रूपये खर्च करने के बजाय एक पांच सितारा होटल में आसानी से हो सकतीं थी ।  हुईं भी है।  भारत से पहले इंडोनेशिया में भी हुई ।  वहां की सरकार ने तो बैठक की कामयाबी को वोटों में बदलने की कोई कोशिश नहीं की। उससे पहले जिन देशों में जी-20  की बैठकें हुईं वहां न सोने-चांदी के बर्तनों  की जरूरत पड़ी और न किसी शहर को बेचिराग करने की जरूरत महसूस की गयी।वहां के किसी प्रधानमंत्री ने अपनी जनता से नहीं पूछा कि -माथा ऊंचा हुआ या नहीं ? सीना चौड़ा हुआ या नहीं ?</p>
<p>सत्तारूढ़ भाजपा के पिटारे में सरी-सर्पों के अलावा   क्या और बाकी है वो भी गणेश चतुर्थी के दिन होने वाले संसद के विशेष अधिवेशन में सामने आ जाएगा। अभी तो जो सामने आया है उसे देखकर लगता है कि संसद के विशेष सत्र की कोई जरूरत थी ही नही।  जिन विधेयकों को पारित करने के लिए संसद का बिना प्रश्नकाल वाला सत्र बुलाया गया है उन सभी को संसद के पिछले सत्र में ही ध्वनिमत से पारित कराया जा सकता था। ये सत्र सिर्फ तमाशे के लिए बुलाया गया लगता है । इस सत्र में हंगामे होंगे,चीखें सुनाई देंगी । अट्टहास  किये जायेंगे। उपलब्धियों   के ढोल बजाए जायेंगे   और इस सत्र के समापन  के साथ ही देश में चुनावी बिगुल बजेगा,रण</p>
<p><strong> राकेश अचल    </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Sep 2023 10:32:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बूथ  जीतकर मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का लिया गया संकल्प-राज्य मंत्री वीरेंद्र तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  लालगंज रायबरेली।</strong></p>
<p>भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में रायबरेली लोकसभा को जीतने के लिए बूथ स्तर पर रणनीति बना रही है, इसके लिए हम सभी को योजनाबद्ध तरीके से बूथ प्रबन्धन का कार्य करना होगा। रायबरेली को "कांग्रेस मुक्त" करने के लिए कार्यकर्ताओं को बूथ जीतने का संकल्प लेना होगा। बिना बूथ की मजबूती से हम "कांग्रेस मुक्त रायबरेली" नहीं कर सकते है। </p>
<p>अगर बूथ जीतते हैं तो चुनाव भी जीतेंगे और अगर चुनाव जीतेंगे तो निश्चित रूप से मोदी जी की नेतृत्व में पुनः तीसरी बार केंद्र में भाजपा सरकार होगी। उक्त बातें आज रायबरेली लोकसभा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133924/resolved-to-make-modi-the-prime-minister-for-the-third"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/बूथ-जीतकर-मोदी-को-तीसरी-बार-प्रधानमंत्री-बनाने-का-लिया-गया.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> लालगंज रायबरेली।</strong></p>
<p>भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में रायबरेली लोकसभा को जीतने के लिए बूथ स्तर पर रणनीति बना रही है, इसके लिए हम सभी को योजनाबद्ध तरीके से बूथ प्रबन्धन का कार्य करना होगा। रायबरेली को "कांग्रेस मुक्त" करने के लिए कार्यकर्ताओं को बूथ जीतने का संकल्प लेना होगा। बिना बूथ की मजबूती से हम "कांग्रेस मुक्त रायबरेली" नहीं कर सकते है। </p>
<p>अगर बूथ जीतते हैं तो चुनाव भी जीतेंगे और अगर चुनाव जीतेंगे तो निश्चित रूप से मोदी जी की नेतृत्व में पुनः तीसरी बार केंद्र में भाजपा सरकार होगी। उक्त बातें आज रायबरेली लोकसभा के प्रभारी वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने बछरावां विधानसभा की महराजगंज ब्लाक सभागार में तथा सदर विधानसभा की भाजपा जिला कार्यालय "अटल भवन" में जिला अध्यक्ष  रामदेव पाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में कही।</p>
<p>    जिला अध्यक्ष रामदेव पाल ने कहा कि युवा और नए मतदाताओं को वोटर  बनाने का काम करना है। इसके लिए संगठन द्वारा बूथ स्तर पर मतदाता बनाने के लिए " वोटर चेतना" अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p> इस अवसर पर लोकसभा संयोजक आर०बी० सिंह, लोकसभा विस्तारक कामतानाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, पूर्व विधायक राजाराम त्यागी, बछरावां विधानसभा प्रभारी अनुभव कक्कड़, सदर विधानसभा प्रभारी शरद सिंह, बछरावां विधानसभा संयोजक जन्मेजय सिंह, सदर विधानसभा संयोजक कौशल श्रीवास्तव, महिला लाभार्थी प्रमुख  किरन सिंह, जिला मंत्री विवेक शुक्ला, मीडिया प्रभारी विजय बाजपेई सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 21:14:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कान्हा गौशाला महराजगंज की स्थित दयनीय, कई गोवंश बीमार चारों ओर फैला गंदगी का अंबार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></p>
<p>  शासन और प्रशासन गोवंश पशुओं की सुरक्षा व सरंक्षण के लगातार दंभ भर रहा है। लेकिन राज्य सरकार के मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह के अपने गृह जनपद में नगर पंचायत महराजगंज से संचालित कान्हा गोशाला की हालत बद से बदतर दिखाई दे रही है। बेजुबान भूख व बारिश के चलते बीमार होकर काल के गाल में समामें की ओर अग्रसर हैं। जिम्मेदार काफी दावा तो ठोक रहे हैं, किंतु कान्हा पशु आश्रय महराजगंज कभी झांकने तक नहीं आते।</p>
<p>            आपको बता दें कि, आदर्श नगर पंचायत के नाम से जानी जाने वाली नगर पंचायत महराजगंज में दावे</p>
<p>    <br />     </p>
<p>     </p>
<p>चारे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132028/pathetic-many-sick-cows-located-in-kanha-gaushala-maharajganj-heaps"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/कान्हा-गौशाला-महराजगंज-की-स्थित-दयनीय,-कई-गोवंश-बीमार-चारों-ओर-फैला-गंदगी-का-अंबार.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></p>
<p> शासन और प्रशासन गोवंश पशुओं की सुरक्षा व सरंक्षण के लगातार दंभ भर रहा है। लेकिन राज्य सरकार के मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह के अपने गृह जनपद में नगर पंचायत महराजगंज से संचालित कान्हा गोशाला की हालत बद से बदतर दिखाई दे रही है। बेजुबान भूख व बारिश के चलते बीमार होकर काल के गाल में समामें की ओर अग्रसर हैं। जिम्मेदार काफी दावा तो ठोक रहे हैं, किंतु कान्हा पशु आश्रय महराजगंज कभी झांकने तक नहीं आते।</p>
<p>      आपको बता दें कि, आदर्श नगर पंचायत के नाम से जानी जाने वाली नगर पंचायत महराजगंज में दावे तो बड़े-बड़े ठोके जा रहे हैं, किंतु यहां संचालित कान्हा पशु आश्रय की हालत बद से बदतर देखने को मिली। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पत्रकारों ने जब गौशाला का निरीक्षण किया तो वहां कई गाये बीमार दशा में देखी गई। वहीं एक दूसरी गाय बजबजाते कीचड़ में बंधी मिली।</p>
<p>    नगर पंचायत के कर्मचारी ने बताया कि, गायों की संख्या 88, बछिया 21, सांड/बैल 53 वहीं बछड़ा 38 हैं। नगर पंचायत महराजगंज से संचालित कान्हा पशु आश्रय केंद्र में 200 गोवंशी पशु अभिलेखों में दर्ज हैं। <br />     इनकी देखभाल के लिए सुबह-शाम व रात्रि की अलग-अलग ड्यूटी में नौ कर्मचारियों की तैनाती की गई है। साथ ही नियमित इलाज के लिए चिकित्सक की भी ड्यूटी लगाए गई है, लेकिन कान्हा पशु आश्रय केंद्र में शासन के आदेशों-निर्देशों को दरकिनार किया जा रहा है। </p>
<p>     मौके की स्थिति देखकर यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि, यहां के जिम्मेदारों को इन बेसहारा गोवंशी के संरक्षण व सुरक्षा की कोई चिता नहीं है। बेजुबानों की सुरक्षा व भरण-पोषण को लेकर जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं। एक सप्ताह से हो रही बारिश में आधे से अधिक गोवंश के लिए बचाव के इंतजाम न होने के चलते बारिश से भीगना व भूख से लगातार बेजुबान बीमार हो रहे हैं। </p>
<p>चारे के नाम पर सिर्फ सूखा पुआल कटा हुआ दिया जा रहा है। इतना ही नहीं समय से इनका इलाज न होने के चलते बेजुबान बीमार होते जा रहे हैं। ऐसे ही शनिवार को बीमार कई गाये अंदर बंधी मिली। एक दूसरी कीचड़ में बंधी देखी गई।<br />      हालांकि ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों ने केवल एक गोवंश के बीमार होने की बात स्वीकार की। उसने यह भी बताया कि, यहां पर गोवंशी पशु की देखरेख के लिए नियुक्त चिकित्सक आते हैं।</p>
<p>     इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी अपर्णा मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, जानकारी के बाद उन्होंने गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया, जो भी खामियां मौके पर मिली, उसको सुधारने हेतु कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। आगे से गोवंश की देखरेख में किसी भी प्रकार की हीला हवाली देखी गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jul 2023 22:36:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेढ़ महीने में तैयार हुई सड़क, पहली बारिश में ही बह गई करोड़ों की सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong><br /><strong>प्रयागराज ।</strong></p>
<p>गंगा नदी पर बने शास्त्री पुल की दक्षिणी लेन की सड़क पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर बड़े- बड़े गड्ढे हो गए हैं। बता दें कि शनिवार सुबह ही पुल की इस लेन पर हादसे में स्कूटी सवार दो छात्रों ने अपनी जान गंवा दी। शास्त्री पुल की डाउन लेन की 2100 मीटर की इस सड़क को तकरीबन आठ माह पहले अक्तूबर 2022 में करोड़ों की लागत से बनाया गया था। हालत यह है कि करोड़ों की लागत से बनाई गई सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाई। पिछले दो दिनों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131812/the-road-built-in-one-and-a-half-month-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/डेढ़-महीने-में-तैयार-हुई-सड़क,-पहली-बारिश-में-ही-बह-गई-करोड़ों-की-सड़क.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong><br /><strong>प्रयागराज ।</strong></p>
<p>गंगा नदी पर बने शास्त्री पुल की दक्षिणी लेन की सड़क पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर बड़े- बड़े गड्ढे हो गए हैं। बता दें कि शनिवार सुबह ही पुल की इस लेन पर हादसे में स्कूटी सवार दो छात्रों ने अपनी जान गंवा दी। शास्त्री पुल की डाउन लेन की 2100 मीटर की इस सड़क को तकरीबन आठ माह पहले अक्तूबर 2022 में करोड़ों की लागत से बनाया गया था। हालत यह है कि करोड़ों की लागत से बनाई गई सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाई। पिछले दो दिनों की बारिश में डाउन लेन की सड़क पर एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।</p>
<p>लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क बनाने से पहले उसकी छिलाई के लिए मिलिंग मशीन के बजाय जेसीबी लगाई गई थी। जगह-जगह पैचिंग को हैमर मशीन से निकालकर भरा गया था। सड़क की छिलाई के बाद प्योर मशीन, वाइब्रेट और कंपप्रेशर मशीन लगाकर डामर बिछाया गया था। अफसरों ने सड़क को एस्ट्रो टर्फ के मानक के मुताबिक बनाने का दावा किया था। इसके बावजूद पहली बारिश के बाद ही सड़क जवाब दे गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 21:11:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) लुकरगंज मे व्यापक  स्तर पर अनियमताएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वंतत्र प्रभात।</strong><br /><strong>प्रयागराज ।</strong></p>
<p>  भूमाफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गयी लुकरगंज की चर्चित भूमि पर बने प्रधानमंत्री आवास योजना मे व्यापक स्तर  पर अनियमताएं है, अधिकारियों ने नियम को ताक पर रख कर मनमानी किया है और  अपने चाहेतो को पात्र घोषित करा कर लाभ पहुंचाया है । इसकी शिकायत मिलने पर देश की मानी जानी संस्था सी पी सी आई ने माननीय उच्च न्यायलय मे एक जनहित याचिका दाखिल किया है जिसकी संख्या- पी आई एल  1403 सन 2023 है ।</p>
<p>        उक्त् सम्बंध विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के आर टी आई अधिकारी अतुल रस्तोगी</p>
<p>और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131635/irregularities-on-a-large-scale-in-pradhan-mantri-awas-yojana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/संस्था-ने-माननीय-उच्च-न्यायलय-मे-दाखिल-की-जनहित-याचिका।.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वंतत्र प्रभात।</strong><br /><strong>प्रयागराज ।</strong></p>
<p> भूमाफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गयी लुकरगंज की चर्चित भूमि पर बने प्रधानमंत्री आवास योजना मे व्यापक स्तर  पर अनियमताएं है, अधिकारियों ने नियम को ताक पर रख कर मनमानी किया है और  अपने चाहेतो को पात्र घोषित करा कर लाभ पहुंचाया है । इसकी शिकायत मिलने पर देश की मानी जानी संस्था सी पी सी आई ने माननीय उच्च न्यायलय मे एक जनहित याचिका दाखिल किया है जिसकी संख्या- पी आई एल  1403 सन 2023 है ।</p>
<p>    उक्त् सम्बंध विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के आर टी आई अधिकारी अतुल रस्तोगी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6030 लोगो ने आवेदन किया था जिसमें जाँच के दौरान डूडा और  लेखपाल द्वारा मनमानी तरीके से लगभग 4800 लोगो को घर बैठे अपात्र घोषित कर दिया था । फार्म पर आवेदको के मोबाइल नम्बर अंकित होने के बावजूद किसी प्रकार की सूचना आवेदको को नहीं दिया गया </p>
<p>और  अपने चहेते आवेदको को पात्र  बना दिया । प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा दिनांक 03/06/2023 से 05/06/2023 तक अपात्र आवेदको से आपत्ति मांगी  गयी जिसमे लगभग 469 ने आपत्ति दर्ज कराई गयी और  प्राधिकरण द्वारा पुनः नियमों को तक पर रख कर अनियमताएं बरतते हुए 460 आवेदको को दो दिन मे ही पात्र घोषित कर दिया और  आनन फानन मे 08 जून को लाटरी निकाले जाने सूचना प्रकाशित करा कर 09 जून को निकाल  दिया गया जो जाँच का विषय है । </p>
<p>      आर टी आई अधिकारी अतुल ने जानकारी देते हुए बताया कि  प्रधानमंत्री आवास योजना लुकरगंज मे   प्राधिकरण को आवेदको से लगभग 31 करोड़ 114 लाख  रुपये प्राप्त हुए । हास्यपद बात  यह है कि  76 पत्रों के आलावा बकी सभी अपात्रों की रकम बिना किसी लाभ के एक वर्ष बाद  प्राधिकरण वापस करेगा जो जनहित मे गरीब जनता के साथ अन्यायपूर्ण है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2023 21:21:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रंजिशन झोंका फायर मुकदमा दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>डलमऊ रायबरेली</strong><br />          <br />रायबरेली में प्रदर्शनी देखने के दौरान हुए विवाद को लेकर गुरुवार को अवैध असलहे से जानलेवा हमला करने के आरोप में डलमऊ पुलिस ने 8 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बरारा निवासी अखिलेश कुमार का आरोप है कि बीते 20 जून को वह अपने घर के सदस्यों के साथ रायबरेली प्रदर्शनी देखने गया हुआ था</p>
<p>तभी वहीं पर उसके साथ परिवार के सदस्यों के साथ  कुछ लोगों ने विवाद किया था तथा वापस में आकर रास्ते में भी गाली गलौज की गई घर पहुंच कर जब अखिलेश ने यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131239/ranjishan-jhonka-fire-case-filed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/1128.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डलमऊ रायबरेली</strong><br />     <br />रायबरेली में प्रदर्शनी देखने के दौरान हुए विवाद को लेकर गुरुवार को अवैध असलहे से जानलेवा हमला करने के आरोप में डलमऊ पुलिस ने 8 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बरारा निवासी अखिलेश कुमार का आरोप है कि बीते 20 जून को वह अपने घर के सदस्यों के साथ रायबरेली प्रदर्शनी देखने गया हुआ था</p>
<p>तभी वहीं पर उसके साथ परिवार के सदस्यों के साथ  कुछ लोगों ने विवाद किया था तथा वापस में आकर रास्ते में भी गाली गलौज की गई घर पहुंच कर जब अखिलेश ने यह बात अपने पिता को बताई तो शिकायत लेकर आदित्य उर्फ देवा के घर पहुंचे इसी बात की रंजिश को लेकर गुरुवार को मोटरसाइकिल पर अवैध असलहा से लैस करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों ने उस पर अवैध असलहे से हमला कर दिया और फायर झोंक दी</p>
<p> गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया अखिलेश कुमार की तहरीर पर गदागंज पुलिस ने आदित्य उर्फ देवा निवासी पूरे बनियानी सराय दिलावर थाना डलमऊ आशीष उर्फ पलसर निवासी मुराई बाग आकाश उर्फ कांटा निवासी भीमगंज राहुल निवासी शिवपुरी , शिवम निवासी शिवपुरी, अविनाश निवासी रामपुर बरारा , शैलेश बीबनहार थाना डलमऊ शुभम पूरे सिकरवारन थाना भदोखर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है l</p>
<p>थाना प्रभारी डलमऊ पंकज तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनी देखने के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ था जिसको लेकर अखिलेश कुमार के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jun 2023 20:57:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युधिष्ठिर ने कब किया दुर्गा पाठ जानते है </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्राजी से </strong></p>
<p>महाभारत का युद्ध अभी आरम्भ नहीं हुआ था । युधिष्ठिर सहित पांचो पांडव दुर्गाजी की आराधना करते है। माता शक्ति स्वरुपिणी से शक्ति का आवाहन करते है। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामा स्तोत्रम को युधिष्ठिर ने रचा था।</p>
<p>कितना शक्तिशाली है ये स्तोत्र : इस स्तोत्र को सुन कर साक्षात दुर्गा माँ पांडवो को दर्शन देती है और विजयी होने का आशीर्वाद भी देती है।</p>
<p>इस स्तोत्र को कब पढ़े : नवरात्रे सीर कम से कम १ बार रोज शाम को इस श्लोक को पढ़े। श्लोक न पढ़ पाए तो अर्थ जरुर पढ़े।</p>
<p>इस स्तोत्र को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130996/do-you-know-when-did-yudhishthira-recite-durga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/युधिष्ठिर-ने-कब-किया-दुर्गा-पाठ-जानते-है .jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्राजी से </strong></p>
<p>महाभारत का युद्ध अभी आरम्भ नहीं हुआ था । युधिष्ठिर सहित पांचो पांडव दुर्गाजी की आराधना करते है। माता शक्ति स्वरुपिणी से शक्ति का आवाहन करते है। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामा स्तोत्रम को युधिष्ठिर ने रचा था।</p>
<p>कितना शक्तिशाली है ये स्तोत्र : इस स्तोत्र को सुन कर साक्षात दुर्गा माँ पांडवो को दर्शन देती है और विजयी होने का आशीर्वाद भी देती है।</p>
<p>इस स्तोत्र को कब पढ़े : नवरात्रे सीर कम से कम १ बार रोज शाम को इस श्लोक को पढ़े। श्लोक न पढ़ पाए तो अर्थ जरुर पढ़े।</p>
<p>इस स्तोत्र को पढ़ने क्या फल मिलता है: किसी भी प्रकार का भय हो, किसी भी कारण भय हो उस से तुरंत मुक्ति मिलती है। स्तोत्र ।। श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ।।</p>
<p><strong>ईश्वर उवाच</strong></p>
<p>शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने । यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती । । १ । । ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी । आर्या दुर्गा जया चाद्या शूलधारिणी ।।२।।</p>
<p><strong>त्रिनेत्रा</strong></p>
<p>पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः । । मनो बुद्धिरहंकारा चित्तस्था चिता चितिः ।।३।<br /> सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्दस्वरूपिणी । अनन्ता भाविनी भाव्या भव्याभव्या सदागतिः ।।४।।</p>
<p>शाम्भवी देवमाता च चिन्ता रत्नप्रिया सदा । सर्वविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी।।५।। <br />अपर्णानेकवर्णा च पाटला पाटलावती। पट्टाम्बरपरीधाना कलमञ्जीररञ्जिनी ।।६।। <br />अमेयविक्रमा क्रूरा सुन्दरी सुरसुन्दरी । वनदुर्गा च मातङ्गी मतङ्गमुनिपूजिता ।।७।।<br /> ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कोमारी वैष्णवी तथा । चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृतिः ।।८।।</p>
<p>विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या च बुद्धिदा । बहुला बहुलप्रेमा सर्ववाहनवाहना ।।९।।<br /> निशुम्भशुम्भहननी महिषासुरमर्दिनी । मधुकैटभहन्त्री च चण्डमुण्डविनाशिनी । । १० ।।</p>
<p>सर्वासुरविनाशा च सर्वदानवघातिनी । सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी तथा । । ११ । ।</p>
<p>अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणी । कुमारी चेककन्या च कैशोरी युवती यतिः । । १२ ।।</p>
<p>अप्रौढा चैव प्रौढा च वृद्धमाता बलप्रदा। महोदरी मुक्तकेशी घोरस्था महाबला । । १३ ।। <br />अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी । नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी । । १४ ।।</p>
<p>शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी ।। च कात्यायनी सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी ।।१५।।</p>
<p>य इदं प्रपठेन्नित्यं दुर्गानामशताष्टकम् | नासाध्यं विद्यते देवि त्रिषु लोकेषु पार्वति ।। १६ ।।</p>
<p>धनं धान्यं सुतं जायां हयं हस्तिनमेव च । चतुर्वर्ग तथा चान्ते लभेन्मुक्ति च शाश्वतीम् ।।१७।।</p>
<p>कुमारी पूजयित्वा तु ध्यात्वा देवीं सुरेश्वरीम् । पूजयेत् परया भक्ता पटेनामशताष्टकम् ।। १८ ।।<br /> तस्य सिद्धिर्भवेद् देवि सर्वः सुरवरैरपि । यान्ति  राजानो दासतां राज्यश्रियमवाप्नुयात् ।। १९ ।।</p>
<p>गोरोचनालक्तककुडकुमेन सिन्दूरकर्पूरमधुत्रयेण । विलिख्य यन्त्रं विधिना विधिज्ञो भवेत् सदा धारयते पुरारिः ।। २० ।। <br />भामावास्यानिशामग्रे चन्द्रे शतभिषां गते । विलिख्य प्रपठेत् स्तोत्रं स भवेत् सम्पदा पदम् । ।२१।।</p>
<p>इति श्रीविश्वसारतन्त्रे दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र समाप्तम् ।। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामा स्तोत्रम का अर्थ मैं श्री दुर्गा स्तोत्रम । वैशम्पायन ने कहा । युधिष्ठिर विराट के सुन्दर नगर की ओर जा रहे थे। अपने मन से उन्होंने तीनों लोकों की नियंत्रक देवी दुर्गा की स्तुति की। (१)</p>
<p>वह यशोदा के गर्भ से पैदा हुई थी और भगवान नारायण को बहुत प्रिय थी। वह नंदा और गोप के परिवार में पैदा हुई थी और बहुत शुभ । (२)</p>
<p>उसने कंस को भगा दिया और राक्षसों को नष्ट कर दिया। वह एक चट्टान के किनारे लेटी हुई थी और आकाश की ओर बढ़ रही थी। (३) <br />वह भगवान वासुदेव की बहन थीं और दिव्य मालाओं से सुशोभित थीं। देवी को दिव्य वस्त्र पहनाए गए थे और एक तलवार और एक क्लब ले गए थे। (४)</p>
<p>जो लोग अपने बोझ से मुक्त होने के पवित्र दिनों में हमेशा भगवान शिव को याद करते हैं जैसे एक कमजोर गाय कीचड़ से बच जाती है, वैसे ही आप उन्हें पाप से बचाते हैं। (५)</p>
<p>वह फिर से विभिन्न भजनों के साथ प्रभु की स्तुति करने लगा। राजा और उसके छोटे भाई ने देवी को आमंत्रित किया और उन्हें देखने की इच्छा की। (६) <br />आपको नमन, हे युवती, हे ब्रह्मचारी, हे कृष्ण, वरदान देने वाले। उसका रुप बालक के सूर्य के समान था और उसका मुख पूर्णिमा के समान था। (७)</p>
<p>उसकी चार भुजाएँ, चार मुख, मोटे कूल्हे और स्तन थे। उसने मोर की पूंछ की अंगूठी और बाजूबंद और कंगन पहने थे। (८)</p>
<p>हे देवी, आप कमल के फूल की तरह चमकते हैं भगवान नारायण की पत्नी हे उड़ती हुई महिला, मैंने आपको आपके रुप और आपके ब्रह्मचर्य के बारे में विस्तार से बताया है। (९) <br />वह भगवान कृष्ण की छवि के समान काली और भगवान संकर्ण के समान काली थी। उसने अपनी चौड़ी भुजाएँ धारण कीं, जो इंद्र के बैनर के समान ऊंची थीं। (१०)</p>
<p>• बर्तन कमल की घंटी है, और महिला जमीन पर शुद्ध है। उनके पास एक रस्सी, एक धनुष, एक बड़ी डिस्क और विभिन्न हथियार भी थे। (११)</p>
<p>वह दो अच्छी तरह से भरे हुए झुमके से सजी हुई थी। हे देवी, आप एक ऐसे चेहरे से चमक रहे हैं जो चंद्रमा को टक्कर देता है। (१२)</p>
<p>उन्होंने एक सुंदर मुकुट और एक अद्भुत हेयरबैंड पहना था। उसने सर्प जैसा वस्त्र पहना हुआ था और कमर में चांदी का धागा पहना हुआ था। (१३)</p>
<p>आप अपने बंधे भोग से यहां मंदिर की तरह चमक रहे हैं आप मोर की पूंछ के ऊपर उठे हुए झंडे से चमकते हैं। (१४)</p>
<p>आपने अपनी युवावस्था में एक व्रत का पालन करके तीनों स्वर्गों को शुद्ध किया है। हे देवी, इसलिए देवताओं द्वारा आपकी स्तुति और पूजा की जाती है। (१५)</p>
<p>हे भैंसों और राक्षसों के संहारक, कृपया तीनों लोकों की रक्षा करें। हे श्रेष्ठ देवताओं, मुझ पर कृपा करो, मुझ पर कृपा करो और शुभ बनो। (१६)</p>
<p>आप जय, विजेता और युद्ध में विजय दाता हैं। मुझे भी विजय दिला दो और वर देने वाले तुम अभी उपस्थित हो। (१७)</p>
<p>सर्वश्रेष्ठ पर्वत विंध्य पर आपका निवास शाश्वत है। काली, काली, महाकाली, साधु, मांस और जानवरों को प्रिय। (१८)</p>
<p>(तलवार और तलवार चलाने वाली महिला) आप उन वरदानों के दाता हैं जिनका पालन प्राणियों द्वारा किया गया है और जो अपनी इच्छा से आगे बढ़ सकते हैं। और वो और क्य इंसान जो बोझ से उतर कर तुझे याद करेंगे (१९)</p>
<p>जो लोग सुबह आपको धरती पर प्रणाम करते हैं उनके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है, चाहे वह उनके बेटे हों या उनकी संपत्ति। (२०)</p>
<p>आप हमें किले से बचाते हैं, हे दुर्गा, और लोग आपको दुर्गा के रूप में याद करते हैं। वे रेगिस्तान में रहते थे और महान महासागर में डूब रहे थे। आप उन पुरुषों के लिए अंतिम शरणस्थली हैं जो चोरों द्वारा कैद हैं। (२१)</p>
<p>रेगिस्तानों और जंगलों में पानी बांटते समय हे महादेवी, जो आपको याद करते हैं, वे कभी दुःखी नहीं होते। (२२)</p>
<p>आप यश, ऐश्वर्य, धैर्य, सिद्धि, हति, ज्ञान, संतान और बुद्धि हैं। शाम, रात, प्रकाश, प्रकाश, चमक, क्षमा, दया। (२३) <br />नींद, यह बंधन, मोह, संतान की हानि और धन की हानि का भी कारण बनता है। आपकी पूजा करने से आप रोग, मृत्यु और भय को नष्ट कर देंगे। (२४)</p>
<p>इसलिए में अपने राज्य से वंचित हो गया हूं और आपकी शरण में आया हूं हे देवी, देवताओं की रानी, मैंने अपना सिर झुकाकर आपको नमन किया है। (२५)</p>
<p>हे कमल आंखों वाले, कृपया मुझे हमारी इस सत्यता से बचाइए। हे गढ़, सबका आश्रय, मेरे भक्तों पर दया करो, कृपया मेरी शरण लो। (२६)</p>
<p>इस प्रकार जब देवी की स्तुति की गई, तो - उन्होंने स्वयं को पांडवों को दिखाया। राजाओं के पास जाकर उसने उन्हें इस प्रकार संबोधित किया (२७)</p>
<p>देवी ने कहा हे पराक्रमी राजा, कृपया मेरे वचनों को सुन, मेरे स्वामी। आप जल्द ही युद्ध में विजयी होंगे (२८) मेरी कृपा से आपने कौरवों की सेना को सुरक्षत करने के बाद आप फिर से पृथ्वी का आनंद लेंगे। (२९)</p>
<p>अपने भाइयों के साथ, हे राजा, तुम बहुत सुख पाओगे। मेरी कृपा से आपको सुख और स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी (३०)</p>
<p>और जो इस मन्त्र का जप इस संसार में करेगा वह सब पापों से मुक्त हो जाएगा। मैं उनसे संतुष्ट होकर उन्हें राज्य, दीर्घायु, शरीर और पुत्र प्रदान करूंगा। (३१)</p>
<p>चाहे निर्वासन में हो या नगर या युद्ध या शत्रु से खतरे में हो जंगल में, किले में, रेगिस्तान में, समुद्र में, गहरे पहाड़ों में। (३२)</p>
<p>जो मुझे याद करेंगे, हे राजा, वे मुझे याद करेंगे जैसे आपने मुझे याद किया है। उनके लिए इस दुनिया में कुछ भी मुश्किल नहीं होगा। (३३)</p>
<p>इस उत्तम स्तोत्र को भक्ति भाव से सुनना या पढना चाहिए। उसके सभी कार्य पांडवों द्वारा पूरे किए जाएंगे। (३४) <br />मेरी कृपा से आप सभी विराट नगर तक पहुंच सके हैं न कौरव और न ही वहां रहने वाले पुरुष समझेंगे। (३५)</p>
<p>शत्रुओं के वश में करने वाले युधिष्ठिर से इस प्रकार बात करने के बाद, देवी वरदा ने उन्हें संबोधित किया। पांडवों की रक्षा करने के बाद, भगवान कृष्ण उस स्थान से गायब हो गए। ३६ यह श्रीमदभागवतम, विराट के त्योहार में देवी दुर्गा का स्तोत्र है। (३६)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/130996/do-you-know-when-did-yudhishthira-recite-durga</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 18:33:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांग महिला की निमर्म हत्या ,मौके पर जांच में जुटी फोरेंसिक टीम, हरपुर बुदहट के सोनबरसा की घटना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्युरो-शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी/रेपोर्ट-सुदर्शन शूक्ल</strong></p>
<p>गोरखपुर जनपद के ख़जनी सर्किल क्षेत्र हरपुर बुदहट थाना के सोनबरसा में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है ,जहां दिव्यांग युवती को निर्दयता पूर्वक ईंट से कुच कर हत्या कर दी गई है ,घटना की सूचना पा कर मौके पर पहुंची हरपुर बुदहट पुलिस व फॉरेंसिक टीम  जांच में जुट गई है ,गांव के मनबढ़ व नशेड़ी ब्यक्ति पर हत्या करने का आशंका जताई जा रही है ,जो गांव में इस समय नही देखा जा रहा है ,</p>
<p>हरपुर बुदहट थाना के सोनबरसा बाबु निवासी   स्वर्गीय जयप्रकाश सिंह की 45 वर्षीय पुत्री रंजू सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130971/brutal-murder-of-disabled-woman-forensic-team-engaged-in-investigation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/img_20230621_125816.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्युरो-शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी/रेपोर्ट-सुदर्शन शूक्ल</strong></p>
<p>गोरखपुर जनपद के ख़जनी सर्किल क्षेत्र हरपुर बुदहट थाना के सोनबरसा में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है ,जहां दिव्यांग युवती को निर्दयता पूर्वक ईंट से कुच कर हत्या कर दी गई है ,घटना की सूचना पा कर मौके पर पहुंची हरपुर बुदहट पुलिस व फॉरेंसिक टीम  जांच में जुट गई है ,गांव के मनबढ़ व नशेड़ी ब्यक्ति पर हत्या करने का आशंका जताई जा रही है ,जो गांव में इस समय नही देखा जा रहा है ,</p>
<p>हरपुर बुदहट थाना के सोनबरसा बाबु निवासी   स्वर्गीय जयप्रकाश सिंह की 45 वर्षीय पुत्री रंजू सिंह उर्फ गुड़िया का बीती रात निमर्म हत्या कर दिया गया है , सिर पर किसी ठोस बस्तु से कुच कर हत्या किया गया है घटना देर रात की बातई जा रही है , विकृत शव नग्न हाल में दिव्यांग महिला को देख बुधवार  को सुबह हड़कम्प मच गया , मौके पर हपुपुर बुदहट पुलिस सीओ खजनी अंजनी पांडेय पहुंचे ,घटना के जांच में जुट गए ।</p>
<p>बताया गया  स्वर्गीय जयप्रकाश सिंह की पुत्री रंजू सिंह उर्फ गुड़िया का रांत करीब 2 बजे हत्या की गयी है , मौके पर महिला के कुछ अंग वस्त्र मिला है , जिसको फ़ॉरेंसिक टीम सील कर लिया है , गांव के एक नशेड़ी पर आशंका जताई जा रही है , मृतक दिव्यांग महिला रंजू सिंह के माता पिता का कई वर्ष पूर्व मौत हो गई है  ,</p>
<p>मृतक महिला का भाई रणविजय सिंह जो बढहलगंज के संसारपुर में नेवासा पर  रहते है ,सोनबरसा बाबु में दिव्यांग महिला रंजू अकेली रहती थी , घटना की सूचना पा कर आज बुधवार सुबह उसके बड़े भाई  आये और पुलिस को तहरीर दिया । बहराल फ़ॉरेंसिक टीम जांच में लगी हुई है , उक्त मामले को लेकर सीओ खजनी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया 45 वर्षीय  महिला रंजू सिंह के हत्या हुआ है ,लाश को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है ,फ़ॉरेंसिक टीम जांच कर रही है ,हत्यारे को जल्द ही गिरप्तार कर लिया जाएगा ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/130971/brutal-murder-of-disabled-woman-forensic-team-engaged-in-investigation</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 16:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक राशिफल 13.06.20223-अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपनों के साथ संयम से व्यवहार करें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी के अनुसार.......</strong></p>
<p><strong>1.मेष</strong></p>
<p>सत्संग का लाभ मिलेगा। आय के स्रोत बढ़ेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। थकान रहेगी। व्यवसाय ठीक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे।</p>
<p><strong>2.वृष</strong></p>
<p><br />पदोन्नति के योग हैं। पुराने अटके काम पूरे होंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। शत्रु भय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। धन प्राप्ति होगी।</p>
<p><br /><strong>3.मिथुन</strong></p>
<p><br />अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपनों के साथ संयम से व्यवहार करें। पुराना रोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130530/daily-horoscope-130620223"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/दैनिक-राशिफल-10.06.2023-थोड़े-प्रयास-से-ही-कार्यसिद्धि-होगी।-कार्य-की-प्रशंसा-होगी2.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी के अनुसार.......</strong></p>
<p><strong>1.मेष</strong></p>
<p>सत्संग का लाभ मिलेगा। आय के स्रोत बढ़ेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। थकान रहेगी। व्यवसाय ठीक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे।</p>
<p><strong>2.वृष</strong></p>
<p><br />पदोन्नति के योग हैं। पुराने अटके काम पूरे होंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। शत्रु भय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। धन प्राप्ति होगी।</p>
<p><br /><strong>3.मिथुन</strong></p>
<p><br />अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपनों के साथ संयम से व्यवहार करें। पुराना रोग उभर सकता है। बनते कामों में बाधा संभव है। गुस्से पर काबू रखें। धन तथा कीर्ति की हानि हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवेक का प्रयोग करें।</p>
<p> </p>
<p><strong>4.कर्क</strong></p>
<p><br />थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। रुके कार्य बनने लगेंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। जोखिम-जमानत के कार्य टालें। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कार्य का बोझ अधिक रहेगा। दुष्टजन अनुकूल रहकर शांत रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा।</p>
<p><br /><strong>5.सिंह</strong></p>
<p><br />घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। मान बढ़ेगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी।</p>
<p><strong>6.कन्या</strong></p>
<p><br />भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। थकान महसूस होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। स्वयं का कार्य खुद करें। दूसरों पर भरोसा न करें। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।</p>
<p><strong>7.तुला</strong></p>
<p><br />योजना फलीभूत होगी जिसका लाभ तत्काल नहीं मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। आलस्य का अनुभव होगा। मित्र व संबंधी सहयोग करेंगे। धन प्राप्ति सहज ही होगी। आय के स्रोतों में वृद्धि हो सकती है। जल्दबाजी न करें।</p>
<p> </p>
<p><strong>8.वृश्चिक</strong></p>
<p><br />कोर्ट व कचहरी के मामले सुलझ सकते हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। क्रोध न करें। आय में वृद्धि होगी। उच्चाधिकारी संतुष्ट नहीं होंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। किसी बड़ी समस्या का समाधान होगा। प्रसन्नता रहेगी।</p>
<p><br /><strong>9.धनु</strong></p>
<p><br />परेशानी बढ़ने का समय है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों के भरोसे कार्य न करें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें, लाभ होगा। घर-बाहर तनाव रह सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।</p>
<p><br /><strong>10.मकर</strong></p>
<p>सावधानी बरतें पड़ोसियों से कष्ट प्राप्त हो सकता है यात्रा मनोरंजन पर धन अधिक व्यय हो सकता है<br />रिश्तेदारी से अशुभ संकेत मिल सकते हैं तीर्थाटन की संभावनाएं व्यक्त हो रही है गुरु की विशेष उपासना ध्यान करें जीवन सुगम रहेगा</p>
<p> </p>
<p><strong>11.कुंभ</strong></p>
<p><br />वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर तनाव रह सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। सावधानी आवश्यक है।</p>
<p><br /><strong>12.मीन</strong></p>
<p><br />यात्रा लाभदायक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। आलस्य हावी रहेगा। सभी ओर से सुख और सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी। जोखिम न लें।</p>
<p><strong>आपका दिन मंगलमय हो </strong></p>
<p><strong>ज्योतिष सेवा केन्द्र लखनऊ</strong><br /><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/130530/daily-horoscope-130620223</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2023 20:44:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशें तेज</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर में 3 मई को शुरू हुई हिंसा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर के दौरे पर हैं। वह राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। केन्द्र सरकार अमित शाह की अगुआई त्रिआयामी दृष्टिकोण पर काम कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129876/efforts-to-restore-peace-in-manipur-intensified"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/manipur1.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:left;">
<h5><strong>मणिपुर हिंसा में मरने वालों की संख्या 80 हो गई है।</strong></h5>
</li>
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<h5><strong>अमित शाह मणिपुर के सभी वर्गों से बात कर रहे हैं और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।</strong></h5>
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<h5><strong>मणिपुर में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद पहली बार भड़की थी हिंसा।</strong></h5>
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<p><br />मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। अभी भी कुछ इलाकों में झड़पें देखने को मिल रही हैं। जिसके कारण केंद्र त्रिपक्षीय दृष्टिकोण पर काम कर रहा है, ताकि युद्धरत मेइती और कुकी समुदायों को अशांत मणिपुर में स्थायी शांति के लिए एक मंच पर लाया जा सके।</p>
<h5><strong>केन्द्र सरकार त्रिस्तरीय दृष्टिकोण पर कर रही काम </strong></h5>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि हिंसा को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए और पूर्वोत्तर राज्य में जल्द से जल्द शांति बहाल की जानी चाहिए। सरकार मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए त्रिस्तरीय दृष्टिकोण पर काम कर रही है। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इनमें प्रभावित लोगों से बातचीत, बढ़ी सुरक्षा के साथ अपना घर छोड़ने वालों का पुनर्वास और उग्रवादियों पर नियंत्रण शामिल है।</p>
<p><img src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/31052023/31_05_2023-amit_shah_3_23428486.jpeg" alt="31_05_2023-amit_shah_3_23428486.jpeg"></img></p>
<p>सूत्रों ने कहा, सरकार के सामने प्रमुख कार्य मैतेई और कुकी समुदायों के बीच विश्वास पैदा करना है। इसलिए, केंद्र मणिपुर में समाज के हर वर्ग तक पहुंचने के लिए सभी प्रयास कर रहा है और स्थायी शांति के लिए उन्हें एक संकीर्ण आम जमीन में लाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस बात की चिंता है कि कई आतंकवादी अपने निर्धारित शिविरों से चले गए हैं और उन्हें वापस लाने के प्रयास जारी हैं।</p>
<p><br />सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बल सभी समुदायों के सदस्यों से कह रहे हैं कि अगर उनके पास हथियार हैं तो उन्हें सौंप दें। मेइती और कुकी दोनों समुदायों के प्रभावित लोगों में से कुछ, जिन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया था, वे अपने घर लौटना चाहते हैं। सूत्रों ने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिया जा रहा है कि उन्हें सुरक्षित वातावरण मुहैया कराया जाए, ताकि वे अपना सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।</p>
<h5><strong>मणिपुर की शांति और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: शाह</strong></h5>
<p>अमित शाह समाज के सभी वर्गों से बात कर रहे हैं और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा है कि मणिपुर की शांति और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधिकारियों को शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है।</p>
<p><br />तीन मई को पूर्वोत्तर राज्य में जातीय संघर्ष के बाद से गृह मंत्री पहली बार मणिपुर का दौरा कर रहे हैं। राज्य में तब से छिटपुट हिंसा देखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, झड़पों में मरने वालों की संख्या 80 हो गई है। मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में 3 मई को राज्य के पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद पहली बार हिंसा भड़की थी।</p>
<p><br />आरक्षित वन भूमि से कूकी ग्रामीणों को बेदखल करने पर पहले भी हिंसा हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे।</p>
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                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Wed, 31 May 2023 21:19:59 +0530</pubDate>
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