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                <title>farmers day - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>किसानों की मेहनत ही भारत की रीढ़: अरुण राय</title>
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<div><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के चिनहट नहट स्थित राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो की जलकृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण इकाई में मंगलवार को किसान दिवस पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकसित भारत (ग्रामीण) रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन -2025 के तहत आयोजित कार्यक्रम में 117 प्रगतिशील किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्षद अरुण कुमार राय थे। उस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव किसानों की मेहनत पर टिकी है। अन्नदाताओं के योगदान, मेहनत और संघर्ष को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए। उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान किए</div></div></div></div></div></div></div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164197/hard-work-of-farmers-is-the-backbone-of-india-arun"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/140711.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के चिनहट नहट स्थित राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो की जलकृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण इकाई में मंगलवार को किसान दिवस पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकसित भारत (ग्रामीण) रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन -2025 के तहत आयोजित कार्यक्रम में 117 प्रगतिशील किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्षद अरुण कुमार राय थे। उस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव किसानों की मेहनत पर टिकी है। अन्नदाताओं के योगदान, मेहनत और संघर्ष को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए। उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान किए बिना कृषि क्षेत्र में सुधार संभव नहीं है।</div>
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<div>उन्होंने किसानों से नवीन तकनीकों व वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने के लिए मत्स्य पालन, जलकृषि, जैविक खेती और बहु-आयामी कृषि योजनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। कार्यक्रम के दौरान ब्यूरो के वैज्ञानिकों ने किसानों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक, जल की गुणवत्ता प्रबंधन, और मछली प्रजनन से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ दीं।</div>
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<div>विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मिशन-2025 के तहत मिल रही सहायता योजनाओं, ऋण सुविधाओं और रोजगार अवसरों के बारे में भी अवगत कराया। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उत्कृष्ट कृषको को सम्मान और प्रमाण पत्र और तालाब जल परिक्षण किट वितरण किया गया। कार्यक्रम में लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं प्रभारी प्रो0 के0एन0 तिवारी  अधिकारी एआरटीयू चिनहट डॉ0 शरद कुमार सिंह प्रधान, संजय कुमार सिंह चिनहट मंडल अध्यक्ष कमल पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।</div>
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                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:46:56 +0530</pubDate>
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                <title>National Farmers Day: 23 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय किसान दिवस? जानें इसके पीछे की पूरी कहानी</title>
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                        <![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">National Farmers Day: आज 23 दिसंबर को देशभर में राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन भारत के अन्नदाता किसानों को समर्पित है, जिन्हें हमारी संस्कृति में धरती पुत्र और अन्नदाता कहा जाता है। इसी दिन किसानों के मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती भी होती है, इसलिए हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है।</span></p>
<p><span class="cf0">किसान भारतीय अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण संस्कृति की रीढ़ हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत कर किसान देश की आबादी का पेट भरते हैं। राष्ट्रीय किसान दिवस का उद्देश्य किसानों के परिश्रम,</span></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164075/national-farmers-day-why-is-national-farmers-day-celebrated-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/national-farmers-day.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">National Farmers Day: आज 23 दिसंबर को देशभर में राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन भारत के अन्नदाता किसानों को समर्पित है, जिन्हें हमारी संस्कृति में धरती पुत्र और अन्नदाता कहा जाता है। इसी दिन किसानों के मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती भी होती है, इसलिए हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है।</span></p>
<p><span class="cf0">किसान भारतीय अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण संस्कृति की रीढ़ हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत कर किसान देश की आबादी का पेट भरते हैं। राष्ट्रीय किसान दिवस का उद्देश्य किसानों के परिश्रम, समर्पण और योगदान को सम्मान देना और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करना है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय किसान दिवस</span></strong></p>
<p><span class="cf0">भारत सरकार ने वर्ष 2001 में यह फैसला लिया था कि चौधरी चरण सिंह की जयंती को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसका मकसद किसानों के उत्थान, उनके आर्थिक योगदान और कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर समाज का ध्यान केंद्रित करना है। इस दिन देशभर में कृषि विकास, किसान कल्याण और आधुनिक खेती जैसे विषयों पर सेमिनार, कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं। साथ ही कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कौन थे चौधरी चरण सिंह</span></strong></p>
<p><span class="cf0">चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को हुआ था। वे देश के पांचवें प्रधानमंत्री थे और जुलाई 1979 से जनवरी 1980 तक इस पद पर रहे। अपने छोटे से कार्यकाल और पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसानों और ग्रामीण भारत के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">किसानों को सशक्त करने वाले नेता</span></strong></p>
<p><span class="cf0">चौधरी चरण सिंह किसानों के सच्चे हितैषी माने जाते हैं। उन्होंने किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने, भूमि सुधार लागू करने और कृषि को विकास की धुरी बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए। उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्गों को जमीन का मालिक बनाकर उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिलाया। साथ ही विकेंद्रीकरण, स्थानीय शासन और ग्रामीण आर्थिक स्वायत्तता को मजबूती देने पर जोर दिया।</span></p>
<p></p>]]>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 11:45:06 +0530</pubDate>
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