<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/3957/top-breaking" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>top breaking - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/3957/rss</link>
                <description>top breaking RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सौतेली मां का खूंखार कांड! आधी रात चाकू घोंपकर नन्ही सौतेली बेटी की निर्मम हत्या, पूजा मौर्या गिरफ्तार –</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्युरो/एस एम त्रिपाठी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर</strong>, 25 फरवरी 2026। थाना पिपराईच क्षेत्र के ग्राम इमलिया उर्फ विजहरा में रात 12 बजे के बाद एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौतेली मां पूजा मौर्या ने अपनी नाबालिग सौतेली बेटी पर धारदार हथियार से इतना बेरहम हमला किया कि बच्ची मौके पर ही लहूलुहान होकर ढेर हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>घटना का भयावह विवरण</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, बच्ची के पिता त्रिवेणी मौर्य लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले ही थे कि पूजा मौर्या ने पहले से तैयार रखे चाकू से नन्ही बच्ची पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171275/horrible-scandal-of-step-mother-brutal-murder-of-little-step"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img_20260225_104000.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्युरो/एस एम त्रिपाठी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर</strong>, 25 फरवरी 2026। थाना पिपराईच क्षेत्र के ग्राम इमलिया उर्फ विजहरा में रात 12 बजे के बाद एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौतेली मां पूजा मौर्या ने अपनी नाबालिग सौतेली बेटी पर धारदार हथियार से इतना बेरहम हमला किया कि बच्ची मौके पर ही लहूलुहान होकर ढेर हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>घटना का भयावह विवरण</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, बच्ची के पिता त्रिवेणी मौर्य लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले ही थे कि पूजा मौर्या ने पहले से तैयार रखे चाकू से नन्ही बच्ची पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि बच्ची बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। पड़ोसियों ने चीखें सुनकर दौड़कर देखा तो खून से सनी नन्ही लाश आंगन में पड़ी थी और पूजा बिना किसी पछतावे के वहां खड़ी थी। पूरे गांव में कोहराम मच गया, महिलाएं रोने लगीं, पुरुषों के मुंह से सिर्फ गुस्से की पुकार निकल रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पुलिस की तुरंत और सख्त कार्रवाई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही पिपराईच थाना पुलिस रातोंरात मौके पर पहुंची। एसओजी, फॉरेंसिक टीम और उच्च अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। साक्ष्य जुटाए गए, पूजा मौर्या को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। थाना पिपराईच में मुकदमा नंबर 94/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पूजा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कारण क्या? परिवार में छिपा था जहर</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के अनुसार, सौतेली बेटी से नफरत और पारिवारिक कलह इस जघन्य अपराध की मुख्य वजह हो सकती है। संपत्ति विवाद या घरेलू तनाव भी जांच का हिस्सा है। विस्तृत पूछताछ और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद पूरा सच सामने आएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गांव और सोशल मीडिया में गुस्से की आग</strong></p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। गांव के बुजुर्ग कह रहे हैं, “सौतेली मां का प्यार तो दूर, ऐसी क्रूरता कभी नहीं देखी।” महिला मंडल प्रदर्शन की तैयारी में जुट गया है। ट्रेंड कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं – क्या सौतेले रिश्ते अब सिर्फ हत्या तक सीमित हो गए हैं?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पुलिस का सख्त संदेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एसपी ग्रामीण ने कहा, “यह बेहद संवेदनशील और जघन्य मामला है। हर पहलू की गहन जांच हो रही है। दोषी को कोई भी बच नहीं सकता।” शव का पोस्टमॉर्टम कर लिया गया है और पूजा को कोर्ट में पेश करने की तैयारी चल रही है। अगले 48 घंटे में बड़े खुलासे की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि घरेलू रिश्तों में बढ़ता तनाव कितना खतरनाक हो सकता है। गोरखपुर पुलिस ने साफ संदेश दिया है – अपराधी चाहे कोई भी हो, सजा जरूर मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171275/horrible-scandal-of-step-mother-brutal-murder-of-little-step</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171275/horrible-scandal-of-step-mother-brutal-murder-of-little-step</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:07:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img_20260225_104000.jpg"                         length="341258"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चित्रकूट कांड: दरिंदों को फांसी तक पहुंचाने वाली पेन ड्राइव किसने दी? रहस्य बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चित्रकूट/बांदा।</strong></p>
<p>चित्रकूट के चर्चित बाल यौन शोषण मामले में पॉक्सो कोर्ट द्वारा दोषी दंपति रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद एक बड़ा सवाल चर्चा में है—आखिर वह पेन ड्राइव किसने Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी, जो इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। इसी डिजिटल साक्ष्य के आधार पर अदालत ने दोष तय करते हुए सख्त सजा सुनाई।</p>
<p>बताया जा रहा है कि इस पेन ड्राइव में कई बच्चों के शोषण से जुड़े वीडियो थे, जो कथित रूप से डार्क वेब पर विदेशों तक बेचे गए थे। जांच एजेंसियों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170731/the-mystery-of-who-gave-the-pen-drive-that-sent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/chitrakoot.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चित्रकूट/बांदा।</strong></p>
<p>चित्रकूट के चर्चित बाल यौन शोषण मामले में पॉक्सो कोर्ट द्वारा दोषी दंपति रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद एक बड़ा सवाल चर्चा में है—आखिर वह पेन ड्राइव किसने Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी, जो इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। इसी डिजिटल साक्ष्य के आधार पर अदालत ने दोष तय करते हुए सख्त सजा सुनाई।</p>
<p>बताया जा रहा है कि इस पेन ड्राइव में कई बच्चों के शोषण से जुड़े वीडियो थे, जो कथित रूप से डार्क वेब पर विदेशों तक बेचे गए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह डिजिटल सामग्री ही केस का निर्णायक सबूत बनी। हालांकि, CBI ने अब तक उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, जिसने यह पेन ड्राइव उपलब्ध कराई।</p>
<h3><strong>करीबी ही बना सबसे बड़ा दुश्मन</strong></h3>
<p>स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रामभवन का कोई बेहद करीबी व्यक्ति ही बाद में उसका दुश्मन बन गया और उसने ही जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। बताया जाता है कि किसी लेनदेन विवाद के बाद यह व्यक्ति CBI के संपर्क में आया और उसने रामभवन के खिलाफ कई अहम राज खोले। इसी दौरान एजेंसी को वह पेन ड्राइव भी सौंपी गई, जिसने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।</p>
<p>जांच के दौरान Interpol से मिले इनपुट के आधार पर CBI पहले से ही एक अंतरराष्ट्रीय एंगल की जांच कर रही थी। सुराग मिलते ही टीम चित्रकूट पहुंची और छापेमारी कर आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<h3><strong>पहले से संदिग्ध था आरोपी</strong></h3>
<p>रामभवन मूल रूप से नरैनी क्षेत्र के खरौंच गांव का रहने वाला था और गिरफ्तारी के समय वह सिंचाई परियोजनाओं में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसकी गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध मानी जाती थीं और कई जगहों पर उसके व्यवहार को लेकर शिकायतें भी हुई थीं।</p>
<h3><strong>पत्नी की निशानदेही से मिले सबूत</strong></h3>
<p>गिरफ्तारी के बाद दुर्गावती की निशानदेही पर जांच एजेंसियों ने घर से नकदी, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद की। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से केस को मजबूत करने में मदद मिली।</p>
<h3><strong>अब भी बना हुआ है रहस्य</strong></h3>
<p>हालांकि अदालत का फैसला आ चुका है और दोषियों को सजा भी सुनाई जा चुकी है, लेकिन वह शख्स कौन था जिसने CBI को पेन ड्राइव दी—यह अब भी रहस्य बना हुआ है। एजेंसी ने सुरक्षा कारणों से मुखबिर की पहचान उजागर नहीं की है।</p>
<blockquote class="format1">इस मामले में सजा के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि अगर वह व्यक्ति आगे न आता, तो शायद इतने बड़े अपराध का खुलासा भी नहीं हो पाता। फिलहाल, दोषियों को सजा मिलने के बाद पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170731/the-mystery-of-who-gave-the-pen-drive-that-sent</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170731/the-mystery-of-who-gave-the-pen-drive-that-sent</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:54:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/chitrakoot.jpg"                         length="128716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मद्रास हाईकोर्ट में रिश्वत के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई: 50 लाख रुपये लेने के मामले की सतर्कता जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<h4 style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई।</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">Madras High Court ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर जज को रिश्वत देने के नाम पर 50 लाख रुपये लेने के गंभीर आरोपों के मामले में सतर्कता जांच के आदेश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायमूर्ति निरमल कुमार ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया और प्रकरण को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने का निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (AILAJ) द्वारा दायर प्रतिवेदन के आधार पर सामने आया। संगठन ने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल से यह कहकर 50 लाख रुपये लिए कि यह राशि जज को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169754/madras-high-court-takes-major-action-on-bribery-charges-orders"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/justice-m.-nirmal-kumar.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई।</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">Madras High Court ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर जज को रिश्वत देने के नाम पर 50 लाख रुपये लेने के गंभीर आरोपों के मामले में सतर्कता जांच के आदेश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायमूर्ति निरमल कुमार ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया और प्रकरण को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने का निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (AILAJ) द्वारा दायर प्रतिवेदन के आधार पर सामने आया। संगठन ने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल से यह कहकर 50 लाख रुपये लिए कि यह राशि जज को देकर अनुकूल आदेश पारित कराया जाएगा। आरोप है कि धनराशि लेने के बावजूद कोई आदेश पारित नहीं हुआ।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;">न्यायालय का रुख</h3>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति निरमल कुमार ने अपने आदेश में कहा कि लगाए गए आरोप “विशिष्ट और गंभीर प्रकृति” के हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने माना कि निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मामले को हाईकोर्ट की सतर्कता शाखा को सौंपना आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी आधार पर उन्होंने:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>स्वयं को सुनवाई से अलग किया,</p>
</li>
<li>
<p>मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया,</p>
</li>
<li>
<p>तथा उचित पीठ गठित कर जांच कराने की सिफारिश की।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>किस याचिका से जुड़ा है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह विवाद एन. गणेश अग्रवाल द्वारा दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका से जुड़ा है। अग्रवाल ने:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>Central Bureau of Investigation (CBI) मामलों की विशेष अदालत द्वारा उनकी आरोपमुक्ति याचिका खारिज किए जाने,</p>
</li>
<li>
<p>और उनके विरुद्ध दाखिल आरोपपत्र,</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">को रद्द करने की मांग की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला Metal and Minerals Trading Corporation of India (MMTC) से जुड़ा है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>113 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">एन. गणेश अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2008-09 के दौरान:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>विदेशी मुद्रा (रुपये और डॉलर) के उतार-चढ़ाव में सट्टा लगाया,</p>
</li>
<li>
<p>बायर्स क्रेडिट योजना के तहत की गई खरीद में पर्याप्त सुरक्षा नहीं ली,</p>
</li>
<li>
<p>और आपराधिक साजिश के माध्यम से MMTC को लगभग 113.38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसी मामले में उन्हें राहत दिलाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मंत्रालय से आया था प्रतिवेदन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">5 फरवरी को प्रस्तावित सुनवाई से पहले हाईकोर्ट रजिस्ट्री को Ministry of Law and Justice से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें AILAJ का प्रतिवेदन संलग्न था। इसी पत्र के माध्यम से यह मामला औपचारिक रूप से न्यायालय के संज्ञान में आया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिवेदन में कहा गया था कि:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>वरिष्ठ अधिवक्ता ने रिश्वत के नाम पर धन लिया,</p>
</li>
<li>
<p>लेकिन न तो आदेश दिलवाया गया,</p>
</li>
<li>
<p>न ही राशि लौटाई गई।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;">अधिवक्ता का पक्ष</h3>
<p style="text-align:justify;">जब अदालत ने संबंधित वरिष्ठ अधिवक्ता से स्पष्टीकरण मांगा, तो उन्होंने:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया,</p>
</li>
<li>
<p>किसी भी तरह की जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">वहीं, विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि इस तरह के आरोपों पर खुले मंच पर चर्चा करने से न्यायपालिका की गरिमा प्रभावित हो सकती है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>प्रासंगिक न्यायिक दृष्टांत (Case Law)</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में न्यायालय का रुख पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित सिद्धांतों के अनुरूप माना जा रहा है।</p>
<ol style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>K. Veeraswami बनाम भारत संघ (1991)</strong><br />इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि न्यायाधीशों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच विशेष सावधानी और संस्थागत प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।</p>
</li>
<li>
<p><strong>C. Ravichandran Iyer बनाम जस्टिस ए.एम. भट्टाचार्य (1995)</strong><br />इस मामले में अदालत ने “इन-हाउस प्रक्रिया” को मान्यता दी, जिसके तहत न्यायपालिका अपने स्तर पर आरोपों की प्रारंभिक जांच कर सकती है।</p>
</li>
</ol>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं सिद्धांतों के तहत मद्रास हाईकोर्ट ने मामले को सतर्कता शाखा को सौंपने का निर्णय लिया है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>न्यायिक पारदर्शिता पर प्रभाव</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश न्यायपालिका की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच से जनता का भरोसा मजबूत होता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;">आगे की प्रक्रिया</h3>
<p style="text-align:justify;">अब इस मामले में:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>हाईकोर्ट की सतर्कता शाखा प्रारंभिक जांच करेगी,</p>
</li>
<li>
<p>अपनी रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश को सौंपेगी,</p>
</li>
<li>
<p>रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई तय होगी।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">जांच पूरी होने तक मूल याचिका पर सुनवाई स्थगित रहने की संभावना है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;">यह मामला न केवल एक आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है, बल्कि न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता से भी संबंधित है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस जांच के निष्कर्षों पर पूरे देश की नजर रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Source Livelaw</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169754/madras-high-court-takes-major-action-on-bribery-charges-orders</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/169754/madras-high-court-takes-major-action-on-bribery-charges-orders</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 21:15:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/justice-m.-nirmal-kumar.jpg"                         length="123450"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Vande Mataram New Guideline: विवादित पंक्तियां जो पहले हटाई गई थीं, अब फिर जोड़ी गईं</title>
                                    <description><![CDATA[<h3>  </h3>
<p>केंद्र सरकार ने देश के राष्ट्रगीत <strong>‘वंदे मातरम्’</strong> को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। नए निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और सार्वजनिक आयोजनों में <strong>वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे</strong> गाए जाएंगे। इसकी कुल अवधि लगभग <strong>3 मिनट 10 सेकंड</strong> होगी।</p>
<p>अब तक केवल इसके <strong>पहले दो अंतरे</strong> ही गाए जाते थे, क्योंकि बाकी हिस्सों को लेकर आज़ादी से पहले विवाद हुआ था।</p>
<p>  </p>
<p><img src="https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2025/12/bankim-chandra-chattopadhyay.webp" alt="Bankim Chandra Chattopadhyay" /></p>
<p style="text-align:center;"><strong>बंकिम चंद्र चटर्जी (फाइल फोटो)</strong></p>
<hr />
<h2>🔹 पहले क्यों हटाए गए थे बाकी अंतरे?</h2>
<p>बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् (1870) को उपन्यास <strong>‘आनंदमठ’</strong> में शामिल किया गया था। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169184/vande-mataram-new-guideline-disputed-lines-which-were-removed-earlier"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/vande-matram.jpg" alt=""></a><br /><h3> </h3>
<p>केंद्र सरकार ने देश के राष्ट्रगीत <strong>‘वंदे मातरम्’</strong> को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। नए निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और सार्वजनिक आयोजनों में <strong>वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे</strong> गाए जाएंगे। इसकी कुल अवधि लगभग <strong>3 मिनट 10 सेकंड</strong> होगी।</p>
<p>अब तक केवल इसके <strong>पहले दो अंतरे</strong> ही गाए जाते थे, क्योंकि बाकी हिस्सों को लेकर आज़ादी से पहले विवाद हुआ था।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2025/12/bankim-chandra-chattopadhyay.webp" alt="Bankim Chandra Chattopadhyay"></img></p>
<p style="text-align:center;"><strong>बंकिम चंद्र चटर्जी (फाइल फोटो)</strong></p>
<hr />
<h2>🔹 पहले क्यों हटाए गए थे बाकी अंतरे?</h2>
<p>बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् (1870) को उपन्यास <strong>‘आनंदमठ’</strong> में शामिल किया गया था। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोकप्रिय हुआ।</p>
<p>लेकिन इसके कुछ अंतरों में <strong>भारत को देवी दुर्गा के रूप में प्रस्तुत किया गया</strong>, जिससे विवाद पैदा हुआ।</p>
<p>मुस्लिम नेताओं का कहना था कि—</p>
<ul>
<li>
<p>गीत में देवी-पूजा का उल्लेख है</p>
</li>
<li>
<p>यह इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है</p>
</li>
<li>
<p>देश को दुर्गा के रूप में दिखाया गया है</p>
</li>
</ul>
<p>इसी वजह से इसका विरोध शुरू हुआ।</p>
<hr />
<h2>🔹 कौन-सी पंक्तियां बनी थीं विवाद की वजह?</h2>
<p>विवादित हिस्सों में ये पंक्तियां शामिल थीं:</p>
<blockquote>
<p>"बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्,<br />रिपुदलवारिणीं मातरम्…"</p>
</blockquote>
<blockquote>
<p>"तुमि विद्या तुमि धर्म…<br />तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे…"</p>
</blockquote>
<blockquote>
<p>"त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी…"</p>
</blockquote>
<p>इन पंक्तियों में मातृभूमि को दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती जैसी देवियों से जोड़ा गया है।</p>
<p><img src="https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2026/02/vande-matram-full-version.jpeg" alt="Vande Matram Full Version"></img></p>
<hr />
<h2>🔹 1937 की कमेटी ने क्या फैसला किया था?</h2>
<p>विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने 1937 में एक समिति बनाई, जिसमें शामिल थे—</p>
<ul>
<li>
<p>रवींद्रनाथ टैगोर</p>
</li>
<li>
<p>सुभाष चंद्र बोस</p>
</li>
<li>
<p>मौलाना आज़ाद</p>
</li>
<li>
<p>जवाहरलाल नेहरू</p>
</li>
</ul>
<h3>समिति का निष्कर्ष:</h3>
<ul>
<li>
<p>पहले दो अंतरे देशभक्ति और मातृभूमि की प्रशंसा पर आधारित हैं</p>
</li>
<li>
<p>बाद के अंतरे धार्मिक प्रतीकों से जुड़े हैं</p>
</li>
</ul>
<p>👉 इसलिए तय किया गया कि <strong>सिर्फ पहले दो अंतरे ही राष्ट्रगीत के रूप में गाए जाएंगे।</strong></p>
<hr />
<h2>🔹 आज़ादी के बाद क्या हुआ?</h2>
<p>इसके बावजूद मुस्लिम लीग संतुष्ट नहीं हुई। मोहम्मद अली जिन्ना ने 1938 में इसे पूरी तरह हटाने की मांग की थी।</p>
<p>लेकिन—</p>
<p>📌 <strong>24 जनवरी 1950</strong> को<br />राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा में वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार करने की घोषणा की।</p>
<p>तब से इसके पहले दो अंतरे ही प्रचलन में रहे।</p>
<hr />
<h2>🔹 नई गाइडलाइन में क्या बदला?</h2>
<p>नई सरकारी गाइडलाइन के अनुसार—</p>
<p>✅ अब सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे<br />✅ यदि ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम्’ दोनों हों, तो पहले वंदे मातरम् होगा<br />✅ स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य प्रस्तुति होगी</p>
<p>इस तरह, वर्षों बाद पहले हटाए गए अंतरों को फिर से आधिकारिक मान्यता दी गई है।</p>
<hr />
<h2>🔹 क्यों है यह फैसला अहम?</h2>
<ul>
<li>
<p>यह फैसला सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है</p>
</li>
<li>
<p>ऐतिहासिक विवाद पर नया दृष्टिकोण दिखाता है</p>
</li>
<li>
<p>राष्ट्रगीत को उसके मूल स्वरूप में प्रस्तुत करता है</p>
</li>
</ul>
<p>हालांकि, इसे लेकर आगे राजनीतिक और सामाजिक बहस भी संभव है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169184/vande-mataram-new-guideline-disputed-lines-which-were-removed-earlier</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/169184/vande-mataram-new-guideline-disputed-lines-which-were-removed-earlier</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:02:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/vande-matram.jpg"                         length="135876"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएच 730 बाइपास निर्माण से जल निकासी बाधित होने की आशंका, मौके पर पहुंची टीम</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><em><strong>सिद्धार्थनगर-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग  730</strong></em> के बाइपास निर्माण कार्य के दौरान उस्का बाजार नगर पंचायत अंतर्गत सेखुई वार्ड में मुख्य जल निकासी नाले को बंद किए जाने से क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। सभासद पूनम त्रिपाठी द्धारा जिलाधिकारी से शिकायत करने के बाद प्रशासन व निर्माण संस्था सक्रिय हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को मौके पर एक टीम पहुंची और वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद की आशंका पर सहमति जताते हुए अंडर बाईपास बनवाने का आश्वासन दिया गया है। सभासद ने शिकायत किया था कि बाईपास निर्माण</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169122/team-reached-the-spot-due-to-fear-of-blockage-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1770733108253-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><em><strong>सिद्धार्थनगर-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग  730</strong></em> के बाइपास निर्माण कार्य के दौरान उस्का बाजार नगर पंचायत अंतर्गत सेखुई वार्ड में मुख्य जल निकासी नाले को बंद किए जाने से क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। सभासद पूनम त्रिपाठी द्धारा जिलाधिकारी से शिकायत करने के बाद प्रशासन व निर्माण संस्था सक्रिय हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को मौके पर एक टीम पहुंची और वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद की आशंका पर सहमति जताते हुए अंडर बाईपास बनवाने का आश्वासन दिया गया है। सभासद ने शिकायत किया था कि बाईपास निर्माण होने से नाला अवरुद्ध हो जाएगा और पूरे वार्ड में बारिश के मौसम में पानी जमा हो सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा। समस्या यहीं तक सीमित नहीं है। बाइपास निर्माण के कारण वार्ड के दो प्रमुख रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वार्ड दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पुराने जल निकासी नाले पर पुलिया का निर्माण कराया जाए तथा दोनों प्रभावित रास्तों पर अंडरपास बनाया जाय, ताकि जल निकासी बाधित न हो और लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169122/team-reached-the-spot-due-to-fear-of-blockage-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/169122/team-reached-the-spot-due-to-fear-of-blockage-of</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 22:58:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/1770733108253-%281%29.jpg"                         length="130827"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैंकर से केमिकल का रिसाव: दर्जनों बकरियां झुलसीं, गड्ढे में गिरने से बछड़ा गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर शंकरपुर गांव के सामने आज केमिकल से भरे एक टैंकर से रिसाव होने के कारण बड़ा हादसा हो गया। सड़क किनारे चर रही दर्जनों बकरियां केमिकल की चपेट में आकर झुलस गईं, जबकि पास में बने गड्ढे में गिरने से एक छुट्टा बछड़ा भी गंभीर रूप से झुलस गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को बजरंग सिंह ढाबा के सामने कई वाहनों के आपस में टकराने की घटना हुई थी। इसी दौरान एक ट्रक ने केमिकल से लदे टैंकर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टैंकर की टंकी क्षतिग्रस्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169118/chemical-leakage-from-tanker-dozens-of-goats-burnt-calf-serious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260210-wa02321.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर शंकरपुर गांव के सामने आज केमिकल से भरे एक टैंकर से रिसाव होने के कारण बड़ा हादसा हो गया। सड़क किनारे चर रही दर्जनों बकरियां केमिकल की चपेट में आकर झुलस गईं, जबकि पास में बने गड्ढे में गिरने से एक छुट्टा बछड़ा भी गंभीर रूप से झुलस गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को बजरंग सिंह ढाबा के सामने कई वाहनों के आपस में टकराने की घटना हुई थी। इसी दौरान एक ट्रक ने केमिकल से लदे टैंकर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टैंकर की टंकी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद चालक क्षतिग्रस्त टैंकर को लेकर शंकरपुर गांव के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग की पटरी पर खड़ा कर गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टैंकर से केमिकल लगातार रिसता रहा और सड़क किनारे बहते हुए आसपास बने खुले गड्ढों में इकट्ठा हो गया। इसी दौरान एक छुट्टा बछड़ा गड्ढे में गिर गया और तेज़ाब जैसे केमिकल की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। दर्द से तड़पता हुआ बछड़ा बाद में पास के खेत में पड़ा मिला। वहीं, आसपास चर रही आधा दर्जन से अधिक बकरियां भी केमिकल के संपर्क में आकर झुलस गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित पशुपालकों ने डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पीआरवी टीम ने पीड़ितों के नाम-पते नोट किए और मामले को स्थानीय चौकी पुलिस को ट्रांसफर कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक दर्जन लोगों की बकरियां शामिल बताई जा रही हैं। घटना मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंकर चालक ने केमिकल से भरे गड्ढों को समय रहते रस्सी या बैरिकेड लगाकर घेर दिया होता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। फिलहाल सड़क किनारे खुले गड्ढों और जमा केमिकल के कारण आगे भी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169118/chemical-leakage-from-tanker-dozens-of-goats-burnt-calf-serious</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/169118/chemical-leakage-from-tanker-dozens-of-goats-burnt-calf-serious</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 22:52:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260210-wa02321.jpg"                         length="109345"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोरखपुर:करंट की चपेट में आया संविदा लाइनमैन, ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत से बिजली विभाग में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो- शत्रुघ्नं मणि त्रिपाठी</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूरजकुंड विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। विद्युत सप्लाई दुरुस्त करने के दौरान करंट की चपेट में आने से संविदा पर तैनात लाइनमैन कर्मचारी मोहम्मद सलीम उर्फ राजू की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलसने के बाद मौत हो गई। इस घटना से न केवल परिजनों में कोहराम मच गया, बल्कि पूरे विद्युत विभाग में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहम्मद सलीम उर्फ राजू सूरजकुंड विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत मोहनलालपुर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168989/gorakhpur-shock-in-electricity-department-due-to-painful-death-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/p--2,,,,,,,,.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो- शत्रुघ्नं मणि त्रिपाठी</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूरजकुंड विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। विद्युत सप्लाई दुरुस्त करने के दौरान करंट की चपेट में आने से संविदा पर तैनात लाइनमैन कर्मचारी मोहम्मद सलीम उर्फ राजू की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलसने के बाद मौत हो गई। इस घटना से न केवल परिजनों में कोहराम मच गया, बल्कि पूरे विद्युत विभाग में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहम्मद सलीम उर्फ राजू सूरजकुंड विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत मोहनलालपुर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना पर फॉल्ट ठीक करने पहुंचे थे। कार्य के दौरान यह मानकर कि सप्लाई बंद है, वे लाइन पर काम कर रहे थे। इसी बीच अचानक विद्युत आपूर्ति चालू हो गई, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों और विद्युत कर्मियों ने आनन-फानन में घायल राजू को जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में पहुंचाया। हालांकि, वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मृतक के परिजन दहाड़ें मारकर रोने लगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही जिला चिकित्सालय में बड़ी संख्या में विद्युत विभाग के अधिकारी, संविदा कर्मचारी, कर्मचारी नेता और सहकर्मी पहुंच गए। सभी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया। कर्मियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों से जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और स्पष्ट समन्वय के अभाव में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">विद्युत कर्मियों की मौजूदगी में मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया गया। वहीं, कर्मचारी संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा एवं एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168989/gorakhpur-shock-in-electricity-department-due-to-painful-death-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168989/gorakhpur-shock-in-electricity-department-due-to-painful-death-of</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 22:59:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/p--2%2C%2C%2C%2C%2C%2C%2C%2C.jpg"                         length="107663"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हण्डिया पुलिस टीम द्वारा 01 वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>  सहायक पुलिस आयुक्त हण्डिया के कुशल नेतृत्व में गंगानगर-जोन के थाना हण्डिया पर पंजीकृत मु0अ0सं0-58/26 धारा-305(ए)/331(4) भा0न्या0सं0 तथा मु0अ0सं0-60/26 धारा-303(2) भा0न्या0सं0 से सम्बंधित वांछित अभियुक्त राहुल शेख उर्फ कलीम शेख पुत्र बदरु जमाल उर्फ बबलू शेख उर्फ मिस्टर हाल पता फूलबाग थाना गोपीगंज जनपद भदोही उ0प्र0 व मूल निवासी ग्राम चचकी थाना पाकुड़ जनपद पाकुड़ राज्य झारखण्ड को थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-08.02.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया स्थित नलकूप कालोनी के पास से उपरोक्त दोनों मुकदमों में चोरी हुए कुल 72.5 फीट पावर केबिल व 07 माड्यूल फाइबर केबिल तथा घटना</div>
<div>          </div>
<div>            </div>
<div>   </div>
<div>
<blockquote class="format2">
<h4><strong>थाना</strong></h4></blockquote></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168759/01-wanted-accused-arrested-by-handia-police-team"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260208-wa0180.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> सहायक पुलिस आयुक्त हण्डिया के कुशल नेतृत्व में गंगानगर-जोन के थाना हण्डिया पर पंजीकृत मु0अ0सं0-58/26 धारा-305(ए)/331(4) भा0न्या0सं0 तथा मु0अ0सं0-60/26 धारा-303(2) भा0न्या0सं0 से सम्बंधित वांछित अभियुक्त राहुल शेख उर्फ कलीम शेख पुत्र बदरु जमाल उर्फ बबलू शेख उर्फ मिस्टर हाल पता फूलबाग थाना गोपीगंज जनपद भदोही उ0प्र0 व मूल निवासी ग्राम चचकी थाना पाकुड़ जनपद पाकुड़ राज्य झारखण्ड को थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-08.02.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया स्थित नलकूप कालोनी के पास से उपरोक्त दोनों मुकदमों में चोरी हुए कुल 72.5 फीट पावर केबिल व 07 माड्यूल फाइबर केबिल तथा घटना में प्रयुक्त 01 स्टील की आरी के साथ गिरफ्तार किया गया । उक्त गिरफ्तारी/बरामदगी के आधार पर उपरोक्त दोनो मुकदमों में धारा-317(2) भा0न्या0सं0 की बढ़ोत्तरी कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।</div>
<div>          </div>
<div>            उल्लेखनीय है कि अभियुक्त उपरोक्त द्वारा दिनांक-04.02.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत ढेढ़ा गांव के पास रिलायन्स जियो कम्पनी के टावर की पावर केबिल तथा दिनांक-06.02.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत ए0टी0 नगर के पास इण्डस टावर से 07 माड्यूल फाइबर केबिल व पावर केबिल चोरी की गयी थी जिसके सम्बंध मे थाना हण्डिया पर मु0अ0सं0-58/26 तथा मु0अ0सं0-60/26 उपरोक्त पंजीकृत किया गया था । धारा-305(ए)/331(4) भा0न्या0सं0 व बढ़ोत्तरी धारा-317(2) भा0न्या0सं0 थाना हण्डिया प्रयागराज ।  </div>
<div>   </div>
<div>
<blockquote class="format2">
<h4><strong>थाना नवाबगंज पुलिस द्वारा 01 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से पीडिता/अपह्रता सकुशल बरामद</strong></h4>
<div> </div>
<div>          </div>
<div>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </div>
<div> </div>
<div> नबावगंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0-689/25 धारा-137(2) भा0न्या0सं0 से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त राहुल पटेल पुत्र स्व0 सुरेश कुमार पटेल निवासी काटी अखैवरपुर थाना हथिगवां जनपद प्रतापगढ़ को थाना नबावगंज पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-08.02.2026 को थाना नबावगंज क्षेत्रान्तर्गत भगौतीपुर तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया । मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अपहृता/पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया तथा साक्ष्य संकलन एवं पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में धारा-64(1) भा0न्या0सं0 व ¾पॉक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी । </div>
</blockquote>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168759/01-wanted-accused-arrested-by-handia-police-team</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168759/01-wanted-accused-arrested-by-handia-police-team</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 21:47:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260208-wa0180.jpg"                         length="119989"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उद्यान विभाग द्वारा तैयार की जा रही रोग मुक्त एवं गुणवत्तायुक्त सब्जियों की नर्सरी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">              जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त, रोगमुक्त सब्जियों की बेहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय आलू बीज उत्पादन प्रक्षेत्र सैदाबाद, प्रयागराज में हाईटेक नर्सरी संचालित है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जहाँ गुणवत्तायुक्त एवं रोग मुक्त सब्जियों की नर्सरी तैयार कर निदेशालय द्वारा निर्धारित न्यूनतम विक्रय दर टमाटर, बैगन एवं गोभी वर्गीय पौधों के लिए विक्रय दर 02 रूपये प्रति पौध (बीज विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाने पर), 1.75 रूपये प्रति पौध (कृषक द्वारा बीज उपलब्ध कराये जाने पर) तथा कद्दू वर्गीय पौधों के लिए 2.45 रूपये प्रति पौध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168332/a-nursery-of-disease-free-and-quality-vegetables-is-being"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260205-wa0161.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">       जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त, रोगमुक्त सब्जियों की बेहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय आलू बीज उत्पादन प्रक्षेत्र सैदाबाद, प्रयागराज में हाईटेक नर्सरी संचालित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहाँ गुणवत्तायुक्त एवं रोग मुक्त सब्जियों की नर्सरी तैयार कर निदेशालय द्वारा निर्धारित न्यूनतम विक्रय दर टमाटर, बैगन एवं गोभी वर्गीय पौधों के लिए विक्रय दर 02 रूपये प्रति पौध (बीज विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाने पर), 1.75 रूपये प्रति पौध (कृषक द्वारा बीज उपलब्ध कराये जाने पर) तथा कद्दू वर्गीय पौधों के लिए 2.45 रूपये प्रति पौध (बीज विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाने पर), 1.22 रूपये प्रति पौध (कृषक द्वारा बीज उपलब्ध कराये) की दर से कृषकों को उपलब्ध कराया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      वर्तमान समय में टमाटर, फूलगोभी, खीरा, कद्दू पेठा, मिर्च एवं पपीता की नर्सरी तैयार की जा रही है। इच्छुक कृषक किसी भी कार्य दिवस में भ्रमण कर सकते है तथा निर्धारित शुल्क जमा कर हाईटेक नर्सरी से पौध तैयार करा सकते है। कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, प्रयागराज विकास भवन तृतीय तल कक्ष सं0-85 में अथवा राजकीय आलू बीज उत्पादन प्रक्षेत्र सैदाबाद में श्री अमित कुमार भास्कर, स0उ0नि0 मो0नं0-9889592607 पर सम्पर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168332/a-nursery-of-disease-free-and-quality-vegetables-is-being</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168332/a-nursery-of-disease-free-and-quality-vegetables-is-being</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 21:41:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260205-wa0161.jpg"                         length="117542"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संस्कृत की उत्तराधिकारी: हिंदी का ऐतिहासिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><br />हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप की हजारों वर्षों की सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज है। भारोपीय (Indo-European) भाषा परिवार की 'हिंद-आर्य' शाखा से संबंधित हिंदी, आज विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका वर्तमान स्वरूप एक दिन में निर्मित नहीं हुआ, बल्कि यह संस्कृत, पाली, प्राकृत और अपभ्रंश जैसी भाषाओं के क्रमिक विवर्तन (Evolution) और विदेशी भाषाओं के साथ हुए संपर्क का परिणाम है।</p>
<h4 style="text-align:center;"><br />इसकी विकास यात्रा को मुख्य रूप से तीन प्रमुख कालखंडों में विभाजित करके समझा जा सकता है:</h4>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>1. प्राचीन पृष्ठभूमि: संस्कृत से अपभ्रंश तक</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167632/historical-journey-of-hindi-the-successor-of-sanskrit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/hindi-divas46.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><br />हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप की हजारों वर्षों की सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज है। भारोपीय (Indo-European) भाषा परिवार की 'हिंद-आर्य' शाखा से संबंधित हिंदी, आज विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका वर्तमान स्वरूप एक दिन में निर्मित नहीं हुआ, बल्कि यह संस्कृत, पाली, प्राकृत और अपभ्रंश जैसी भाषाओं के क्रमिक विवर्तन (Evolution) और विदेशी भाषाओं के साथ हुए संपर्क का परिणाम है।</p>
<h4 style="text-align:center;"><br />इसकी विकास यात्रा को मुख्य रूप से तीन प्रमुख कालखंडों में विभाजित करके समझा जा सकता है:</h4>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>1. प्राचीन पृष्ठभूमि: संस्कृत से अपभ्रंश तक का सफर (1500 ई.पू. – 1000 ई.)</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />हिंदी की जड़ें 3500 वर्ष पुरानी संस्कृत भाषा में निहित हैं। भाषाविद् इस काल को तीन चरणों में देखते हैं:<br />प्राचीन भारतीय आर्य भाषा : यह वैदिक संस्कृत का काल था। वेदों और उपनिषदों की रचना इसी भाषा में हुई। यह भाषा क्लिष्ट और व्याकरण सम्मत थी, जो आम बोलचाल से थोड़ी अलग थी।<br />मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषा : 500 ई.पू. तक आते-आते संस्कृत का स्वरूप बदला और यह जनता की भाषा 'प्राकृत' बन गई। भगवान बुद्ध ने पाली (प्राकृत का एक रूप) और भगवान महावीर ने अर्धमागधी प्राकृत में अपने उपदेश दिए।<br />अपभ्रंश का उदय: लगभग 500 ई. से 1000 ई. के बीच प्राकृतों का रूप और अधिक सरल (या विकृत) हो गया, जिसे 'अपभ्रंश' कहा गया।<br />शौरसेनी अपभ्रंश: मथुरा और उसके आसपास (शूरसेन जनपद) बोली जाने वाली इस अपभ्रंश को ही हिंदी की प्रत्यक्ष जननी माना जाता है। इसी से पश्चिमी हिंदी, राजस्थानी और गुजराती का विकास हुआ।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2. मध्यकाल: हिंदी का साहित्यिक अंकुरण और विस्तार (1000 ई. – 1800 ई.)</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />यह वह दौर था जब 'हिंदी' अपने आधुनिक रूप की ओर बढ़ रही थी, लेकिन इसे अलग-अलग बोलियों के माध्यम से पहचाना जा रहा था।<br />क. आदिकाल (वीरगाथा काल): डिंगल-पिंगल का युग<br />10वीं से 14वीं शताब्दी के बीच, उत्तर भारत में छोटे-छोटे राजपूत राज्यों का उदय हुआ। इस समय की भाषा में अपभ्रंश का प्रभाव शेष था।<br />डिंगल और पिंगल: राजस्थानी मिश्रित हिंदी (डिंगल) और ब्रज मिश्रित हिंदी (पिंगल) में 'पृथ्वीराज रासो' (चंदबरदाई) जैसे महाकाव्य लिखे गए।<br />नाथ और सिद्ध साहित्य: बौद्ध सिद्धों और नाथ जोगियों ने जिस 'सधुक्कड़ी' भाषा का प्रयोग किया, उसमें हिंदी के प्रारंभिक क्रिया-रूप (जैसे 'करहि', 'चलहि') दिखाई देते हैं।<br />ख. भक्ति काल: स्वर्ण युग और बोलियों का वर्चस्व<br />14वीं से 17वीं शताब्दी के बीच, भक्ति आंदोलन ने हिंदी को जन-जन की भाषा बना दिया। संतों ने संस्कृत को त्यागकर लोकभाषाओं को अपनाया:<br />अवधी: पूर्वी हिंदी की इस बोली को तुलसीदास (रामचरितमानस) और जायसी (पद्मावत) ने चरम उत्कर्ष पर पहुँचाया।<br />ब्रजभाषा: यह मध्यकाल की सबसे प्रमुख साहित्यिक भाषा बनी। सूरदास, रसखान और मीराबाई (मिश्रित) ने कृष्ण भक्ति के पदों के लिए इसका प्रयोग किया।<br />शोध बिंदु: इस काल तक 'खड़ी बोली' (जो आज की मानक हिंदी है) का प्रयोग साहित्य में नगण्य था, इसे केवल 'कौरवी' या आम बोलचाल की बोली माना जाता था।<br />ग. मुग़ल प्रभाव और 'रेख़्ता' का विकास<br />दिल्ली सल्तनत और मुगलों के आगमन के साथ, फारसी राजकाज की भाषा बनी। दिल्ली के बाज़ारों और छावनियों में फारसी-अरबी और स्थानीय खड़ी बोली का मिश्रण हुआ।<br />इससे 'हिंदुस्तानी' या 'रेख़्ता' का जन्म हुआ। जब इसे फारसी लिपि में लिखा गया तो यह उर्दू बनी, और जब इसमें संस्कृत शब्दों की अधिकता और देवनागरी लिपि का प्रयोग हुआ, तो यह हिंदी की ओर अग्रसर हुई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>3. आधुनिक काल: खड़ी बोली का पुनर्जागरण और मानकीकरण (1800 ई. – वर्तमान)</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />19वीं शताब्दी हिंदी के इतिहास में 'यू-टर्न'  की तरह थी। साहित्य की भाषा 'ब्रज' से बदलकर 'खड़ी बोली' हो गई।<br />प्रथम चरण: फोर्ट विलियम कॉलेज और शुरुआती गद्य<br />अंग्रेजों ने प्रशासन की सुविधा के लिए 1800 ई. में कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की। यहाँ लल्लू लाल (प्रेम सागर) और सदल मिश्र (नासिकेतोपाख्यान) जैसे लेखकों ने खड़ी बोली गद्य  की नींव रखी। उन्होंने जानबूझकर फारसी शब्दों को हटाकर एक 'शुद्ध' हिंदी शैली विकसित करने का प्रयास किया।<br />द्वितीय चरण: भारतेंदु युग और राष्ट्रवाद<br />भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850-1885) को आधुनिक हिंदी का पितामह कहा जाता है। उन्होंने नाटक, निबंध और पत्रकारिता के माध्यम से यह सिद्ध किया कि खड़ी बोली केवल गद्य की नहीं, बल्कि पद्य (काव्य) की भाषा भी हो सकती है। उनका नारा "निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल" ने हिंदी को स्वतंत्रता संग्राम की भाषा बना दिया।<br />तृतीय चरण: द्विवेदी युग और व्याकरण सुधार<br />20वीं सदी की शुरुआत में महावीर प्रसाद द्विवेदी ने 'सरस्वती' पत्रिका के माध्यम से हिंदी को अनुशासन सिखाया।<br />उन्होंने वाक्यों को सुगठित किया।<br />व्याकरण की अशुद्धियों को दूर किया।<br />विराम चिह्नों  का मानक प्रयोग शुरू किया।<br />इस प्रकार, 'कौरवी' बोली पूरी तरह से 'मानक हिंदी' (Standard Hindi) में बदल गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>4. स्वतंत्रता के पश्चात और वैश्वीकरण (1947 के बाद)</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिलने के बाद, भाषा के प्रश्न पर लंबी बहस हुई। अंततः 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को राजभाषा (Official Language) का दर्जा दिया गया।तकनीकी विकास और हिंग्लिश (Code-Switching)<br />21वीं सदी में वैश्वीकरण और इंटरनेट क्रांति ने हिंदी को एक नया रूप दिया है:शब्दावली का विस्तार: हिंदी ने अंग्रेजी के तकनीकी शब्दों (जैसे- मोबाइल, इंटरनेट, क्रिकेट, वोट) को अपना लिया है।देवनागरी का डिजिटलीकरण: यूनिकोड (Unicode) के आने से हिंदी इंटरनेट, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स की भाषा बन गई है।बाज़ार की भाषा: आज बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भी हिंदी में विज्ञापन बना रही हैं, जो इसकी आर्थिक ताकत को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img alt="yiYcyAAAAAGSURBVAMASbZXifAzDmwAAAAASUVORK5CYII="></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लेखक</strong><br /><strong> सविता सिंह</strong><br /><strong>मल्लापुर, बालापुर. हैदराबाद</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                            <category>कविता/कहानी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167632/historical-journey-of-hindi-the-successor-of-sanskrit</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/167632/historical-journey-of-hindi-the-successor-of-sanskrit</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 20:23:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/hindi-divas46.jpg"                         length="138511"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकरगढ़ में पागल कुत्ते ने 37 लोगों को किया घायल,बच्चों,महिलाओं समेत कई भर्ती।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>स्वतंत्र प्रभात।</div>
<div>ब्यूरो प्रयागराज।दया शंकर त्रिपाठी <br /><br /><br />शंकरगढ़ क्षेत्र में एक पागल कुत्ते का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पटहट रोड रेलवे फाटक से लेकर रानीगंज की ओर तक फैले इस आतंक ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। अब तक यह कुत्ता 37 लोगों को काटकर घायल कर चुका है, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।</div>
<div>  </div>
<div>घटना के बाद से ग्रामीण में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार पागल कुत्ता अचानक लोगों पर हमला कर रहा है,और तेजी से एक स्थान से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166848/mad-dog-injured-37-people-in-shankargarh-many-including-children"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260120-wa0239.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>स्वतंत्र प्रभात।</div>
<div>ब्यूरो प्रयागराज।दया शंकर त्रिपाठी <br /><br /><br />शंकरगढ़ क्षेत्र में एक पागल कुत्ते का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पटहट रोड रेलवे फाटक से लेकर रानीगंज की ओर तक फैले इस आतंक ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। अब तक यह कुत्ता 37 लोगों को काटकर घायल कर चुका है, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।</div>
<div> </div>
<div>घटना के बाद से ग्रामीण में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार पागल कुत्ता अचानक लोगों पर हमला कर रहा है,और तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूम रहा है।</div>
<div> </div>
<div>सुबह और शाम के समय जब लोग कामकाज या बच्चों को स्कूल भेजने के लिए निकलते हैं,उसी दौरान हमले की घटनाएं अधिक हो रही हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि घायलों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं,जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।घटना में घायल सभी 37 लोगों को सीएससी शंकरगढ़ लाया गया है,जहां चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं,और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन रेबीज जैसे घातक रोग को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जा रही है।इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या पहले से ही गंभीर थी,</div>
<div> </div>
<div>लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब पागल कुत्ते के हमलों ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। ग्रामीणों और नगरवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए कुत्ते को पकड़ने या निष्क्रिय करने की व्यवस्था करे, ताकि आगे किसी की जान खतरे में न पड़े।प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी पागल कुत्ता दिखाई दे या किसी पर हमला करे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें। </div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166848/mad-dog-injured-37-people-in-shankargarh-many-including-children</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166848/mad-dog-injured-37-people-in-shankargarh-many-including-children</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:05:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img-20260120-wa0239.jpg"                         length="98641"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मी ने भेजा मौत का झूठा वीडियो, प्रेमिका ने दी जान फिर प्रेमी ने भी कर लिया आत्महत्या</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज। दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div>  </div>
<div>जनपद चित्रकूट धाम कर्वी मऊ तहसील क्षेत्र से सटे बरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में एक प्रेमी युगल ने आत्महत्या कर ली। 17 फरवरी को उनकी शादी होनी थी। प्रेमी ने अपनी मौत का झूठा वीडियो प्रेमिका को भेजा, जिसके बाद प्रेमिका ने व्हाट्सएप कॉल पर जान दे दी। यह देखकर प्रेमी ने भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।</div>
<div>  </div>
<div>यह घटना बरगढ़ थाना क्षेत्र और जयपुर से जुड़ी है।बरगढ़ थाना क्षेत्र निवासी अंकित तिवारी (25वर्ष)का एक कस्बे की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज। दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div> </div>
<div>जनपद चित्रकूट धाम कर्वी मऊ तहसील क्षेत्र से सटे बरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में एक प्रेमी युगल ने आत्महत्या कर ली। 17 फरवरी को उनकी शादी होनी थी। प्रेमी ने अपनी मौत का झूठा वीडियो प्रेमिका को भेजा, जिसके बाद प्रेमिका ने व्हाट्सएप कॉल पर जान दे दी। यह देखकर प्रेमी ने भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।</div>
<div> </div>
<div>यह घटना बरगढ़ थाना क्षेत्र और जयपुर से जुड़ी है।बरगढ़ थाना क्षेत्र निवासी अंकित तिवारी (25वर्ष)का एक कस्बे की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों को जानकारी होने पर उन्होंने दोनों की शादी तय कर दी थी, जो 17 फरवरी को होनी थी।परिजनों के अनुसार, जयपुर में काम कर रहे अंकित और चित्रकूट में रह रही युवती के बीच रविवार रात करीब एक बजे फोन पर बातचीत हो रही थी।</div>
<div> </div>
<div>इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।कहासुनी के बाद अंकित ने अपनी मौत का स्वांग रचते हुए एक झूठा वीडियो प्रेमिका को भेज दिया। इस वीडियो को देखकर डरी हुई प्रेमिका ने व्हाट्सएप कॉल पर ही अपनी जान दे दी। प्रेमिका को ऐसा करते देख अंकित ने भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस प्रकार अनायास ही हंसी-मजाक करने के दौरान ही एक प्रेम कहानी का दुखद अन्त हो गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166846/i-sent-a-fake-video-of-death-girlfriend-committed-suicide</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166846/i-sent-a-fake-video-of-death-girlfriend-committed-suicide</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:03:49 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        