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                <title>Top news - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>तेरह साल का इंतज़ार और एक कठिन विदाई</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मानव जीवन की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक यह है कि कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा बहुत धुंधली हो जाती है। सामान्यतः हम जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जीवन को ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार माना जाता है। लेकिन कुछ परिस्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जब जीवन केवल सांसों का चलना भर रह जाता है और उसमें चेतना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संवाद और मानवीय गरिमा लगभग समाप्त हो जाती है। हाल के दिनों में चर्चा में आए हरीश राणा का मामला इसी विडंबना का एक अत्यंत मार्मिक उदाहरण बनकर</span></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173408/thirteen-years-of-waiting-and-a-difficult-farewell"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/images-(1)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मानव जीवन की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक यह है कि कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा बहुत धुंधली हो जाती है। सामान्यतः हम जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जीवन को ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार माना जाता है। लेकिन कुछ परिस्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जब जीवन केवल सांसों का चलना भर रह जाता है और उसमें चेतना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संवाद और मानवीय गरिमा लगभग समाप्त हो जाती है। हाल के दिनों में चर्चा में आए हरीश राणा का मामला इसी विडंबना का एक अत्यंत मार्मिक उदाहरण बनकर सामने आया है। यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह चिकित्सा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कानून</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं के जटिल प्रश्नों को सामने लाने वाली घटना है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरीश राणा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले एक युवा थे। वर्ष </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">2013 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में एक दुर्घटना ने उनका जीवन पूरी तरह बदल दिया। बताया जाता है कि वह पढ़ाई के दौरान एक इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और वह स्थायी कोमा जैसी अवस्था में चले गए। इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्सिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कहा जाता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें व्यक्ति जीवित तो रहता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसके मस्तिष्क की चेतन क्रियाएँ लगभग समाप्त हो जाती हैं। वह न बोल सकता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न चल सकता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न अपने आसपास की दुनिया को समझ सकता है। हरीश पिछले तेरह वर्षों तक इसी अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूलते रहे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन वर्षों में उनका जीवन केवल चिकित्सा उपकरणों</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दवाइयों और कृत्रिम पोषण के सहारे चल रहा था। परिवार ने उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी। माता-पिता ने अपने बेटे को जीवित रखने के लिए हर संभव प्रयास किया। कई अस्पतालों में इलाज कराया गया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ली गई</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। समय बीतने के साथ-साथ यह स्पष्ट होता गया कि अब उनके ठीक होने की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है। डॉक्टरों ने भी यही राय दी कि मस्तिष्क को हुई गंभीर क्षति के कारण उनका सामान्य जीवन में लौटना लगभग असंभव है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी माता-पिता के लिए यह स्थिति अत्यंत पीड़ादायक होती है। एक ओर उनके सामने अपने बच्चे को खो देने का भय होता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर उसे इस तरह निर्जीव अवस्था में वर्षों तक देखना भी कम कष्टदायक नहीं होता। हरीश राणा के परिवार ने लगभग तेरह वर्षों तक इस पीड़ा को सहा। उन्होंने अपने बेटे की सेवा में दिन-रात बिताए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अंततः यह प्रश्न उनके सामने खड़ा हो गया कि क्या केवल सांस चलना ही जीवन कहलाता है। जब किसी व्यक्ति की चेतना समाप्त हो जाए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जब वह अपने अस्तित्व का अनुभव भी न कर सके</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब क्या उसे कृत्रिम साधनों के सहारे जीवित रखना मानवीय है या अमानवीय</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">?</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन्हीं सवालों के साथ हरीश के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि उनके बेटे को </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">इच्छा मृत्यु</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थात् पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी जाए। यह एक अत्यंत संवेदनशील और जटिल कानूनी विषय है। भारत में सक्रिय इच्छामृत्यु यानी किसी व्यक्ति को जानबूझकर दवा देकर मृत्यु देना कानूनन अवैध है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पैसिव यूथेनेशिया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की अनुमति दी जा सकती है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपचार या उपकरणों को हटाया जाता है और मरीज को प्राकृतिक रूप से मृत्यु आने दी जाती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए हरीश राणा के जीवन-रक्षक उपचार को हटाने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह निर्णय सुनाया। अदालत ने कहा कि व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और उसी प्रकार गरिमा के साथ मरने का अधिकार भी मानवीय अधिकारों का हिस्सा है। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती किया जाए और चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया अपनाई जाए।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस निर्णय के बाद जब हरीश राणा को एम्स ले जाया जा रहा था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब परिवार के बीच अत्यंत भावुक दृश्य देखने को मिला। परिवार के लोग उनके पास खड़े होकर उन्हें विदा दे रहे थे। एक आध्यात्मिक कार्यकर्ता ने उनके पास खड़े होकर कहा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, “</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सबको माफ करते हुए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ।</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह शब्द केवल एक व्यक्ति के लिए विदाई नहीं थे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन की गहरी सच्चाइयों को व्यक्त करने वाले शब्द थे। उस क्षण में वर्षों की पीड़ा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्ष</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आशा और निराशा सब एक साथ दिखाई दे रहे थे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह घटना केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं है। इसने पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दिया है। सवाल यह है कि क्या जीवन को हर कीमत पर बनाए रखना आवश्यक है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर कभी-कभी व्यक्ति की गरिमा और पीड़ा को देखते हुए उसे प्राकृतिक मृत्यु की अनुमति देना अधिक मानवीय हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान का उद्देश्य जीवन को बचाना है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब जीवन केवल कृत्रिम उपकरणों पर निर्भर रह जाए और उसमें चेतना का कोई संकेत न हो</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब डॉक्टरों और परिवार के सामने नैतिक दुविधा खड़ी हो जाती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस मामले ने यह भी दिखाया कि चिकित्सा निर्णय केवल वैज्ञानिक नहीं होते</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनमें गहरी मानवीय संवेदनाएँ भी शामिल होती हैं। डॉक्टरों के लिए भी यह आसान निर्णय नहीं होता कि किसी मरीज के जीवन-रक्षक उपकरण हटाए जाएँ। इसलिए ऐसी स्थितियों में कई स्तरों पर चिकित्सकीय और कानूनी समीक्षा की जाती है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्णय पूरी तरह मानवीय</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिक और कानूनी आधार पर लिया गया है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरीश राणा का मामला भारत में इच्छामृत्यु से जुड़ी बहस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। इससे पहले भी </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरुणा शानबाग</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे मामलों ने इस विषय पर चर्चा को जन्म दिया था। लेकिन हरीश राणा का मामला इसलिए अलग है क्योंकि इसमें अदालत ने पहली बार स्पष्ट रूप से जीवन-रक्षक उपचार हटाने की अनुमति दी और इसे </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">गरिमा के साथ मृत्यु</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के अधिकार से जोड़ा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष यह है कि इसमें किसी प्रकार की सनसनी नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि केवल मानवीय पीड़ा और करुणा है। एक परिवार ने अपने बेटे को तेरह वर्षों तक संभालकर रखा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उम्मीद की कि शायद कोई चमत्कार हो जाए। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि वह कभी सामान्य जीवन में वापस नहीं लौट पाएगा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब उन्होंने भारी मन से उसे मुक्त करने का निर्णय लिया। यह निर्णय लेना किसी भी माता-पिता के लिए शायद दुनिया का सबसे कठिन निर्णय होता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि वह अनिश्चित है। कभी-कभी जीवन हमें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करता है जहाँ कोई भी विकल्प आसान नहीं होता। हरीश राणा की कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन केवल सांसों का नाम नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि चेतना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अनुभव और सम्मान के साथ जीने का नाम है। जब ये सब समाप्त हो जाएँ</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब शायद मृत्यु भी एक प्रकार की मुक्ति बन जाती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस घटना ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। यह संदेश करुणा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदना और मानवीय गरिमा का है। यह हमें याद दिलाता है कि कानून और चिकित्सा के निर्णय केवल नियमों से नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मनुष्यता की गहराई से भी जुड़े होते हैं। हरीश राणा की कहानी अंततः हमें यही सिखाती है कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति प्रेम है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और कभी-कभी प्रेम का सबसे कठिन रूप किसी प्रिय व्यक्ति को शांति से विदा कर देना भी होता है।</span> </p>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 19:35:05 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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                <title>मुरादाबाद में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: मां ने प्रेमी के हवाले की बेटियां, दो महीने बाद खुला राज</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>मुरादाबाद | उत्तर प्रदेश | POCSO Act</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने तांत्रिक प्रेमी के प्रभाव में आकर अपनी ही दो नाबालिग बेटियों को उसके हवाले कर दिया। बच्चियों ने करीब दो महीने तक डर और धमकी के कारण चुप्पी साधे रखी, लेकिन आखिरकार उन्होंने अपने दादा को पूरी घटना बताई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला और उसके तांत्रिक प्रेमी महेंद्र सिंह के</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170824/an-incident-that-brought-shame-to-relationships-in-moradabad-mother"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/62.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>मुरादाबाद | उत्तर प्रदेश | POCSO Act</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने तांत्रिक प्रेमी के प्रभाव में आकर अपनी ही दो नाबालिग बेटियों को उसके हवाले कर दिया। बच्चियों ने करीब दो महीने तक डर और धमकी के कारण चुप्पी साधे रखी, लेकिन आखिरकार उन्होंने अपने दादा को पूरी घटना बताई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला और उसके तांत्रिक प्रेमी महेंद्र सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>झाड़-फूंक के बहाने शुरू हुआ संपर्क</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का संपर्क आरोपी तांत्रिक से झाड़-फूंक के बहाने हुआ था। महिला अक्सर उसके पास जाती थी और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। पुलिस को शक है कि आरोपी तांत्रिक ने अंधविश्वास और झाड़-फूंक का सहारा लेकर महिला को अपने प्रभाव में ले लिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चियों के मुताबिक पहले तांत्रिक का घर पर आना-जाना शुरू हुआ और बाद में महिला उसे सुनसान जगहों पर मिलने लगी। इसी दौरान आरोपी ने बच्चियों को भी झाड़-फूंक के नाम पर साथ लाने के लिए महिला पर दबाव बनाया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>जंगल में ले जाकर वारदात</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित बच्चियों ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी मां उन्हें बहाने से घर से बाहर ले गई और एक सुनसान जगह पर तांत्रिक से मिलवाया। वहां झाड़-फूंक की बात कहकर उन्हें रोका गया। बच्चियों के बयान के आधार पर पुलिस ने घटना स्थल की पहचान करने की भी कोशिश शुरू कर दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>धमकी देकर कराया चुप</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित बच्चियों ने बताया कि घटना के बाद आरोपी मां ने उन्हें किसी को कुछ भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसी डर से दोनों बच्चियां लंबे समय तक चुप रहीं। इस दौरान उनके व्यवहार में बदलाव आ गया था और वे अक्सर सहमी रहती थीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>दादा को हुआ शक</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">परिवार के बुजुर्ग सदस्य ने बच्चियों के बदले व्यवहार को देखकर उनसे बातचीत की। काफी समझाने के बाद बच्चियां रो पड़ीं और पूरी घटना बता दी। इसके बाद दादा ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस की कार्रवाई</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उनकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>बच्चियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं</p>
</li>
<li>
<p>मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है</p>
</li>
<li>
<p>घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं</p>
</li>
<li>
<p>जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं</p>
</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>जांच के मुख्य बिंदु</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस फिलहाल इन बिंदुओं पर जांच कर रही है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>तांत्रिक और महिला के संबंध कब से थे</p>
</li>
<li>
<p>क्या पहले भी बच्चियों को उसके पास ले जाया गया था</p>
</li>
<li>
<p>क्या अंधविश्वास के नाम पर अन्य लोगों को भी फंसाया गया</p>
</li>
<li>
<p>घटना में किसी और की भूमिका तो नहीं</p>
</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बच्चियों की सुरक्षा पर ध्यान</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि दोनों बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। बाल कल्याण समिति (CWC) को भी मामले की जानकारी दी गई है ताकि बच्चियों को आवश्यक सहायता और संरक्षण मिल सके।</p>
<blockquote class="format1">पुलिस के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</blockquote>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170824/an-incident-that-brought-shame-to-relationships-in-moradabad-mother</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 17:30:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>फार्मर आईडी के बिना भी मिलती रहेगी पीएम किसान की किस्त, कृषि विभाग ने दूर की किसानों की चिंता</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">बिहार</span></span>।</strong> राज्य के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। फार्मर आईडी नहीं बन पाने के बावजूद पात्र किसानों को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना</span></span> का लाभ मिलता रहेगा। कृषि विभाग ने साफ किया है कि केवल आईडी के अभाव में किसी किसान की किस्त नहीं रोकी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में फार्मर आईडी बनाने का अभियान जारी है, लेकिन कई किसानों की आईडी अब तक तैयार नहीं हो सकी है। इसकी वजह जमाबंदी में नाम दर्ज नहीं होना, बंटवारा नामा की कमी, नामांतरण की प्रक्रिया लंबित होना और तकनीकी समस्याएं बताई जा रही हैं। इससे कई किसान सम्मान निधि</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170361/pm-kisan-installment-will-continue-to-be-available-even-without"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/फार्मर-आईडी-के-बिना-भी-मिलती-रहेगी-पीएम-किसान-की-किस्त,-कृषि-विभाग-ने-दूर-की-किसानों-की-चिंता.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">बिहार</span></span>।</strong> राज्य के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। फार्मर आईडी नहीं बन पाने के बावजूद पात्र किसानों को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना</span></span> का लाभ मिलता रहेगा। कृषि विभाग ने साफ किया है कि केवल आईडी के अभाव में किसी किसान की किस्त नहीं रोकी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में फार्मर आईडी बनाने का अभियान जारी है, लेकिन कई किसानों की आईडी अब तक तैयार नहीं हो सकी है। इसकी वजह जमाबंदी में नाम दर्ज नहीं होना, बंटवारा नामा की कमी, नामांतरण की प्रक्रिया लंबित होना और तकनीकी समस्याएं बताई जा रही हैं। इससे कई किसान सम्मान निधि की राशि रुकने की आशंका से परेशान थे।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>कृषि मंत्री ने दी महत्वपूर्ण जानकारी</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने राज्य के कृषि मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">रामकृपाल यादव</span></span> के हवाले से बताया कि फार्मर आईडी नहीं होने के कारण किसी भी योग्य किसान को योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मुजफ्फरपुर</span></span> समेत राज्यभर के किसानों को बड़ी राहत मिली है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>हर तिमाही मिलती रहेगी सम्मान निधि</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा किसानों को हर तीन महीने पर 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार की जननायक किसान सम्मान योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति तिमाही 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>आगे के लिए फार्मर आईडी जरूरी</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने यह भी कहा है कि अभी किसानों को बिना फार्मर आईडी के भी योजना का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन आने वाले समय में योजनाओं का फायदा लगातार लेने के लिए आईडी बनवाना जरूरी होगा। अब तक राज्य में 45.18 लाख किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है और बाकी किसानों की प्रक्रिया जारी है। फार्मर आईडी से किसानों को केसीसी लोन सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>जीआई टैग और ग्रामीण बाजारों पर भी फोकस</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">विभाग ने बताया कि दीघा के जर्दालु मालदा, शाहाबाद के सोनालिका चावल, मुंगेर के टिटिया धान और समस्तीपुर के जर्दालु आम को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही 934 ग्रामीण हाटों के विकास का काम भी चल रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 18:51:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>‘बेटे की शक्ल मुझसे नहीं मिलती’… पत्नी के चरित्र पर था शक, पिता ने 1 साल के मासूम को उतारा मौत के घाट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><br />बरेली में एक शख्स को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था. उसे लगता था कि उसके बेटे की शक्ल उससे बिल्कुल भी नहीं मिलती है. ऐसे में उसने शक और गुस्से में अपने एक साल के मासूम बेटे को ही मौत के घाट उतार दिया.</p>
<p style="text-align:justify;">बरेली से एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपने ही एक साल के बेटे को मौत के घात उतार दिया. पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है. आरोपी का कहना है उसने शक और नशे</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169660/sons-looks-dont-match-me-there-was-doubt-on-wifes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/pita-ne-ki-hatya.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><br />बरेली में एक शख्स को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था. उसे लगता था कि उसके बेटे की शक्ल उससे बिल्कुल भी नहीं मिलती है. ऐसे में उसने शक और गुस्से में अपने एक साल के मासूम बेटे को ही मौत के घाट उतार दिया.</p>
<p style="text-align:justify;">बरेली से एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपने ही एक साल के बेटे को मौत के घात उतार दिया. पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है. आरोपी का कहना है उसने शक और नशे में इस खौफनाक घटना को अंजाम दे दिया.</p>
<p style="text-align:justify;"><br />दरअसल, आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था. उसे लगता था कि उसके बेटे की शक्ल उससे बिल्कुल भी नहीं मिलती है. इसी बात को लेकर अक्सर वह पत्नी के साथ मारपीट करता रहता था. आरोपी शराब पीने का भी आदी था. इन्हीं सब वजहों से नाराज होकर पत्नी दो महीने से अपने मायके रह रही थी.</p>
<p style="text-align:justify;">बरेली के भुता थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि 12 फरवरी यानी गुरुवार को पीड़िता रामबेटी थाने पहुंची और पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. रामबेटी का आरोप है कि वह पिछले दो महीने से अपने मायके पीलीभीत जिले के बीसलपुर थाना क्षेत्र के गांव बोनी में रह रही थी. उसका पति सोमपाल शराब पीने का आदी है. आए दिन मारपीट करता था. वह अक्सर यह कहता था कि छोटा बेटा वरुण उसकी शक्ल का नहीं है और इसी बात को लेकर वह पत्नी पर शक करता था.</p>
<p style="text-align:justify;">भारी रविंद्र कुमार ने आगे बताया कि 11 फरवरी की रात सोमपाल अचानक रामबेटी के मायके पहुंचा. वहां उसने बड़े बेटे अरुण और एक साल के छोटे बेटे वरुण को जबरन अपने साथ ले लिया. रामबेटी ने विरोध किया, लेकिन सोमपाल नहीं माना और दोनों बच्चों को लेकर बरेली के गांव अठाना चला गया.</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक रात में उसने एक साल के मासूम वरुण की गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद शव को गांव के पास तालाब में ले जाकर फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो. अगले दिन जब बच्चे का कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों को अनहोनी की आशंका हुई.</p>
<p style="text-align:justify;">रामबेटी को जब बेटे की हत्या की जानकारी मिली तो वह तुरंत बरेली पहुंची. पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाबा में मासूम के शव की तलाश शुरू की. कुछ देर बाद मासूम वरुण का शव तालाब से बरामद कर लिया गया. शव देखते ही मां बेसुध हो गई. गांव में भी मातम पसर गया. पुलिस ने शब को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है.</p>
<p style="text-align:justify;">रामबेटी ने पति सोमपाल के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है. पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गांव के खेत से गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में सोमपाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसे बच्चे पर शक था और गुस्से में आकर उसने हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.</p>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 14:06:39 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat]]>
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            <item>
                <title>फिरोजाबाद में निर्माण बड़ा हादसा: दो मंजिला मकान की छत गिरी, 4 वर्षीय बच्ची की मौत, 12 से अधिक घायल</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>फिरोजाबाद।</strong></p>
<p>जनपद के ककरउ गांव में शुक्रवार दोपहर निर्माणाधीन दो मंजिला मकान की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 4 वर्षीय बच्ची सोना की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दूसरी मंजिल पर लेंटर डाला जा रहा था। इसी दौरान अचानक सपोर्ट कमजोर पड़ गया और पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई। तेज आवाज के साथ ढांचा गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नीचे मौजूद लोग मलबे में दब</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169620/construction-accident-in-firozabad-roof-of-two-storey-house-collapses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/firozabad.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>फिरोजाबाद।</strong></p>
<p>जनपद के ककरउ गांव में शुक्रवार दोपहर निर्माणाधीन दो मंजिला मकान की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 4 वर्षीय बच्ची सोना की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दूसरी मंजिल पर लेंटर डाला जा रहा था। इसी दौरान अचानक सपोर्ट कमजोर पड़ गया और पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई। तेज आवाज के साथ ढांचा गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नीचे मौजूद लोग मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तुरंत निकालने का प्रयास किया।</p>
<p>सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनें लगाई गईं और एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।</p>
<p>एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि सेकंड फ्लोर पर लेंटर डाला जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। परिजनों के अनुसार, उनके छह लोग घायल हुए थे, जिनमें एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि अन्य खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल मलबे में किसी के फंसे होने की संभावना नहीं है।</p>
<p>पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं कि कहीं निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई। ठेकेदार के अनुसार मौके पर मौजूद मजदूर सुरक्षित हैं। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।</p>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169620/construction-accident-in-firozabad-roof-of-two-storey-house-collapses</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 22:32:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> हाईकोर्ट ने UP Police को NBW के बार-बार निष्पादन में विफलता पर फटकार लगाई, कहा- हमसे खेल मत खेलिए</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर और हापुड़ ज़िलों में कार्यरत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कोर्ट द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट (NBW) के बार-बार निष्पादन न किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई। जस्टिस सलील कुमार राय और जस्टिस सत्यवीर सिंह की खंडपीठ 2019 की आपराधिक अपील से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक हत्या के दोषी के विरुद्ध जारी NBW लंबे समय से निष्पादित नहीं किया गया। कोर्ट ने पुलिस के अधीनस्थ अधिकारियों और आरोपी के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">  <br />  खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “पुलिस बल को बता दीजिए कि</p>
<p style="text-align:justify;"> <br />इस</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169592/high-court-reprimands-up-police-for-repeated-failure-in-execution"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/allahabad-high-court1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर और हापुड़ ज़िलों में कार्यरत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कोर्ट द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट (NBW) के बार-बार निष्पादन न किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई। जस्टिस सलील कुमार राय और जस्टिस सत्यवीर सिंह की खंडपीठ 2019 की आपराधिक अपील से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक हत्या के दोषी के विरुद्ध जारी NBW लंबे समय से निष्पादित नहीं किया गया। कोर्ट ने पुलिस के अधीनस्थ अधिकारियों और आरोपी के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई।</p>
<p style="text-align:justify;"> <br /> खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “पुलिस बल को बता दीजिए कि यह कानून का न्यायालय है। हमें कानून और अदालत की कार्यप्रणाली की पूरी समझ है। हो सकता है कि हमें पुलिस की कार्यशैली का पूरा ज्ञान न हो लेकिन हम इतना समझदार ज़रूर हैं कि यह पहचान सकें कि कब पुलिस अदालत को हल्के में ले रही है हमसे खेल मत खेलिए और जनता का भरोसा मत तोड़िए।” इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट और आरोपी के हलफनामे के बीच गंभीर विरोधाभास नोट किया था। जहां पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी का पता सत्यापित नहीं हो सका, वहीं आरोपी ने अपने हलफनामे में दावा किया था कि पुलिस उसके घर आई थी और उसे वारंट की जानकारी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;"> <br />इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त और हापुड़ के सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया और NBW निष्पादित न करने वाले अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित पुलिसकर्मियों का आचरण न केवल सेवा में कदाचार दर्शाता है बल्कि अवमानना की कार्रवाई को भी आमंत्रित कर सकता है। ताज़ा सुनवाई में SSP हापुड़ और DCP गौतम बुद्ध नगर व्यक्तिगत रूप से पेश हुए जबकि गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। पीठ ने आयुक्त की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने पर आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि कोर्ट किसी प्रतिनिधि को नहीं सुनेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> <br />मामले के गुण-दोष पर पीठ ने NBW के चार महीने तक निष्पादित न होने पर कड़ा एतराज़ जताया और कहा, “यह पुलिस का काम है कि वह आरोपी को तलाश करे। यह वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा नहीं बल्कि इस न्यायालय द्वारा जारी किया गया। यह एक स्थायी वारंट है, जिसे लौटाया नहीं जा सकता था। इसे हर हाल में निष्पादित किया जाना चाहिए अदालत द्वारा वारंट जारी किया जाना अब पुलिस के लिए कमाई का ज़रिया बन गया।” अपर एडवोकेट जनरल अनूप त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया कि संबंधित कांस्टेबल, उप-निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और पुलिस आयुक्त द्वारा विभागीय जांच शुरू कर दी गई। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगे से अदालत द्वारा जारी कोई भी NBW समय पर निष्पादित न होने की स्थिति नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"> <br />हालांकि, पीठ इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुई और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “हम किस तरह की पुलिस व्यवस्था में जी रहे हैं? पद हमेशा के लिए नहीं रहता। अदालत या पुलिस से वारंट मिलने के बाद लोग डर के साए में जीते हैं। जनता का भरोसा कैसे बहाल किया जाए? हमें मालूम है कि विभागीय जांच किस तरह और किन आधारों पर पूरी की जाती है, वर्दीधारी सेवा अब केवल जनता को परेशान करने का माध्यम बनकर रह गई।” जस्टिस सत्यवीर सिंह ने यह भी पूछा कि इस मामले में न्यायिक जांच क्यों नहीं कराई गई और पुलिस आयुक्त द्वारा जारी परिपत्र में मौजूद खामियों की ओर भी इशारा किया। कोर्ट ने राज्य से यह स्पष्ट आश्वासन मांगा कि उसके द्वारा जारी कोई भी वारंट बिना निष्पादन के नहीं रहेगा। यदि ऐसा होता है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी। इस पर अपर एडवोकेट जनरल ने सहमति जताई। मामले में विस्तृत आदेश पारित किया गया और अगली सुनवाई के लिए इसे 23 मार्च को सूचीबद्ध किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 21:38:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>CBI का बड़ा एक्शन! 10 लाख की रिश्वत लेते ही फंसा दिल्ली पुलिस का ASI, मौके पर हुई गिरफ्तारी</title>
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                        <![CDATA[<h4><strong>राजधानी दिल्ली</strong></h4>
<p>राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के ASI सुंदर पाल को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर प्रॉपर्टी विवाद निपटाने के बदले 25 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है।</p>
<h3><strong>📌 रिश्वत लेते ही दबोचा गया ASI</strong></h3>
<p>CBI के अनुसार, आरोपी ASI शिकायतकर्ता को डराकर उसके खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले मोटी रकम मांग रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने सीधे CBI से संपर्क किया। जांच के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 10 लाख</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169178/big-action-by-cbi-delhi-polices-asi-caught-after-taking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/cbi-pti221217.jpg" alt=""></a><br /><h4><strong>राजधानी दिल्ली</strong></h4>
<p>राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के ASI सुंदर पाल को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर प्रॉपर्टी विवाद निपटाने के बदले 25 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है।</p>
<h3><strong>📌 रिश्वत लेते ही दबोचा गया ASI</strong></h3>
<p>CBI के अनुसार, आरोपी ASI शिकायतकर्ता को डराकर उसके खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले मोटी रकम मांग रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने सीधे CBI से संपर्क किया। जांच के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपये देते ही आरोपी को धर दबोचा।</p>
<h3><strong>📌 CBI की सटीक प्लानिंग</strong></h3>
<p>10 फरवरी को केस दर्ज करने के बाद CBI ने पूरी रणनीति बनाई। तय स्थान पर जैसे ही ASI ने पैसे लिए, पहले से मौजूद टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मौके से पूरी रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।</p>
<h3><strong>📌 कई और नाम हो सकते हैं उजागर</strong></h3>
<p>CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कोई और पुलिसकर्मी या दलाल शामिल है या नहीं। आरोपी की संपत्ति और पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है।</p>
<h3><strong>📌 अदालत में पेशी की तैयारी</strong></h3>
<p>CBI आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। एजेंसी ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मुहिम लगातार जारी रहेगी और कानून से ऊपर कोई नहीं है।</p>
<h2> </h2>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:02:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अवैध पार्किंग व अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित प्रवर्तनात्मक कार्रवाई हो - पुलिस उपायुक्त ट्रेफिक </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार द्वारा शहर में सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">                          निरीक्षण के दौरान उनके द्वारा यातायात संचालन की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया गया तथा यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । उन्होंने बड़ा चौराहा, परेड चौराहा, चुन्नीगंज चौराहा, का निरीक्षण किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">                          निरीक्षण के प्रमुख बिंदु प्रमुख चौराहों पर बढ़ते यातायात दबाव, वाहनों की अनियंत्रित एवं अवैध पार्किंग तथा जाम की स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण किया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168836/regular-enforcement-action-should-be-taken-against-illegal-parking-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001632316.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार द्वारा शहर में सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">             निरीक्षण के दौरान उनके द्वारा यातायात संचालन की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया गया तथा यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । उन्होंने बड़ा चौराहा, परेड चौराहा, चुन्नीगंज चौराहा, का निरीक्षण किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">             निरीक्षण के प्रमुख बिंदु प्रमुख चौराहों पर बढ़ते यातायात दबाव, वाहनों की अनियंत्रित एवं अवैध पार्किंग तथा जाम की स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया । इस दौरान संबंधित यातायात अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पीक आवर्स के समय अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी प्रवर्तनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अस्पताल मार्गों पर विशेष ध्यान देते हुए एम्बुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की निर्बाध एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके ।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:48:20 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>‘घूसखोर पंडित’ पर कानूनी पेंच, मनोज बाजपेयी की फिल्म पर रोक की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h2>  </h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म <strong>‘घूसखोर पंडित’</strong> इन दिनों विवादों में घिरी हुई है। फिल्म के टाइटल को लेकर उठे विवाद के बाद अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई है।</p>
<p>यह फिल्म रितेश शाह के निर्देशन में बनी है और इसे नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया जाना है। जैसे ही फिल्म का टीजर सामने आया, इसके नाम को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया।</p>
<h3>हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका</h3>
<p>वकील विनीत जिंदल ने</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168245/legal-entanglement-on-ghooskhor-pandit-demand-for-ban-on-manoj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/manoj-bajpai.jpg" alt=""></a><br /><h2> </h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म <strong>‘घूसखोर पंडित’</strong> इन दिनों विवादों में घिरी हुई है। फिल्म के टाइटल को लेकर उठे विवाद के बाद अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई है।</p>
<p>यह फिल्म रितेश शाह के निर्देशन में बनी है और इसे नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया जाना है। जैसे ही फिल्म का टीजर सामने आया, इसके नाम को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया।</p>
<h3>हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका</h3>
<p>वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म का शीर्षक ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा के खिलाफ है और इससे समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं।</p>
<p>याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि जब तक टाइटल में बदलाव नहीं किया जाता, तब तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए।</p>
<h3>सोशल मीडिया पर भी विरोध</h3>
<p>टीजर रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फिल्म के नाम को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए टाइटल बदलने की मांग की है, जबकि कुछ लोग इसे रचनात्मक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।</p>
<h3>नेटफ्लिक्स ने किया था अनाउंसमेंट</h3>
<p>3 फरवरी को नेटफ्लिक्स ने साल 2026 के लिए अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की लिस्ट जारी की थी। इसी दौरान ‘घूसखोर पंडित’ का भी ऐलान किया गया था। इसके साथ ही एक छोटा सा टीजर वीडियो रिलीज किया गया, जिसमें मनोज बाजपेयी के किरदार की पहली झलक दिखाई गई।</p>
<p>टीजर सामने आते ही फिल्म चर्चा का विषय बन गई और विवाद शुरू हो गया।</p>
<h3>कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर</h3>
<p>फिलहाल इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। अब सबकी नजरें कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई हैं।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ अपने कंटेंट से पहले ही विवादों में फंस गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कोर्ट क्या फैसला सुनाता है और मेकर्स इस पर क्या रुख अपनाते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168245/legal-entanglement-on-ghooskhor-pandit-demand-for-ban-on-manoj</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 19:35:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat]]>
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            <item>
                <title>शुक्ल बाजार पुलिस द्वारा शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु किया गया पैदल गश्त</title>
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                        <![CDATA[<div><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong></div>
<div>  </div>
<div>जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बाजार शुक्ल पुलिस द्वारा कस्बे में पैदल गश्त कर व्यापक स्तर पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग अभियान चलाया गया।</div>
<div>  </div>
<div>इस दौरान पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता के साथ निरीक्षण किया।थाना अध्यक्ष विवेक वर्मा ने गश्त के दौरान स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166858/foot-patrolling-done-by-shukla-bazar-police-to-maintain-peace"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/1-1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong></div>
<div> </div>
<div>जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बाजार शुक्ल पुलिस द्वारा कस्बे में पैदल गश्त कर व्यापक स्तर पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग अभियान चलाया गया।</div>
<div> </div>
<div>इस दौरान पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता के साथ निरीक्षण किया।थाना अध्यक्ष विवेक वर्मा ने गश्त के दौरान स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता, अवैध गतिविधि अथवा संदिग्ध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से जहां असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा रहा, वहीं आम नागरिकों ने स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस किया। थाना अध्यक्ष ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।</div>
<div> </div>
<div>इस अभियान के माध्यम से बाजार शुक्ल पुलिस ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।</div>
<div> </div>
<div> </div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:27:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महिला वकील से सिपाही ने छेड़खानी करते हुए गाड़ी में बैठाने की किया कोशिश पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा।</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><br /><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong><br /><br />एक सिपाही ने महिला वकील से छेड़खानी की। उससे फोन पर अश्लील बातें की और मिलने का दबाव बनाया। हत्या की धमकी देकर डराया धमकाया और मिलने कचहरी तक चला गया। उसकी जानकारी पर अधिवक्ताओं ने उसे पकड़ लिया और फिर भीड़ ने उसे जमकर पीटा।फिलहाल कर्नलगंज पुलिस ने महिला वकील की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी पुलिसकर्मी रवि सिंह डायल 112 में तैनात है और जार्जटाउन का रहने वाला है। पीड़िता थाना बारा क्षेत्र की रहने वाली हैं और जिला न्यायालय में वकील के रूप में कार्यरत</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166844/constable-molests-female-lawyer-and-tries-to-make-her-sit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260120-wa0240.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><br /><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong><br /><br />एक सिपाही ने महिला वकील से छेड़खानी की। उससे फोन पर अश्लील बातें की और मिलने का दबाव बनाया। हत्या की धमकी देकर डराया धमकाया और मिलने कचहरी तक चला गया। उसकी जानकारी पर अधिवक्ताओं ने उसे पकड़ लिया और फिर भीड़ ने उसे जमकर पीटा।फिलहाल कर्नलगंज पुलिस ने महिला वकील की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी पुलिसकर्मी रवि सिंह डायल 112 में तैनात है और जार्जटाउन का रहने वाला है। पीड़िता थाना बारा क्षेत्र की रहने वाली हैं और जिला न्यायालय में वकील के रूप में कार्यरत हैं। पीड़िता के अनुसार, 17 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया।कॉल करने वाले ने अपना नाम रवि सिंह निवासी जार्जटाउन बताया। इसके बाद आरोपी लगातार फोन कॉल, अश्लील मैसेज और वीडियो कॉल कर मिलने का दबाव बनाने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें करते हुएजातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया।पीड़िता का आरोप है कि 19 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे आरोपी ने फोन कर धमकी दी कि यदि वह नहीं मिली तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। इससे घबराई पीड़िता ने आरोपी से मिलने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद आरोपी जबरन चुंगी के पास बुलाने लगा और बाद में न्यायालय परिसर के पास स्थित डाकघर पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने जबरदस्ती उसका हाथ पकड़कर अपनी गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर मौके पर अधिवक्ता आ गए और किसी तरह उसे आरोपी की गाड़ी से उतारा। इसके बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देने लगा।घटना के बाद मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं ने आरोपी को पकड़ लिया और उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने आरोपी को कर्नलगंज थाना पहुंचाया।कर्नलगंज थाने में की गई जांच में आरोपी की पहचान डायल 112 में तैनात पुलिसकर्मी के रूप में हुई। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पुलिस हिरासत में है,और उससे पूछताछ की जा रही है। </p>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:01:38 +0530</pubDate>
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                <title>औराई में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तहसील औराई के ग्राम कैयरमऊ में अवैध खनन की सूचना पर प्रशासन द्वारा छापेमार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध मिट्टी का परिवहन करते हुए 06 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी गईं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पकड़े गए सभी वाहनों को पुलिस की सहायता से थाना औराई में सीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166821/big-action-on-illegal-mining-in-aurai-6-tractor-trolley-seized"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260120-wa0785.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तहसील औराई के ग्राम कैयरमऊ में अवैध खनन की सूचना पर प्रशासन द्वारा छापेमार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध मिट्टी का परिवहन करते हुए 06 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पकड़े गए सभी वाहनों को पुलिस की सहायता से थाना औराई में सीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 19:50:18 +0530</pubDate>
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