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                <title>India Meteorological Department - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>India Meteorological Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>झमाझम बारिश सुहावना हुआ मौसम,अगले 48 घंटों में मानसून दस्तक दे सकता है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संबाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> घाटमपुर, बिधनू सजेती बरीपाल समेत कई इलाकों में मंगलवार सुबह झमाझम बारिश हो रही है, करीब समाचार लिखे जाने तक बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है,मौसम विभाग का अनुमान है कि 48 घंटों में मानसून दस्तक दे सकता है,,</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रही जनता मंगलवार सुबह बडी राहत मिली है सुबह करीब छह बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश से न केवल तापमान को कम किया बल्कि मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया,, बारिश का असर घाटमपुर के आसपास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182379/heavy-rain-pleasant-weather-monsoon-may-arrive-in-the-next"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002048943.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संबाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> घाटमपुर, बिधनू सजेती बरीपाल समेत कई इलाकों में मंगलवार सुबह झमाझम बारिश हो रही है, करीब समाचार लिखे जाने तक बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है,मौसम विभाग का अनुमान है कि 48 घंटों में मानसून दस्तक दे सकता है,,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रही जनता मंगलवार सुबह बडी राहत मिली है सुबह करीब छह बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश से न केवल तापमान को कम किया बल्कि मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया,, बारिश का असर घाटमपुर के आसपास के क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में देखने को मिला,, झमाझम बारिश ने सड़कों को तर बतर कर दिया,, बारिश के कारण वातावरण में फैली नमी ने लोगों को गर्मी की तपन से बड़ी राहत दी,,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान और लू जैसे हालात के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी आसमान में बादल छाए रहने और के आसार बने हुए हैं,,मौसम विज्ञान केन्द्र का अनुमान है कि मानसून 48 घंटे में प्रदेश की सीमा में दाखिल हो जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:23:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम का विज्ञान: जो केवल बताता नहीं, जीवन बचाता है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षितिज पर अचानक छा जाने वाला घना अंधकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्र की गर्जन करती लहरें और प्रकृति की अनिश्चित चाल—मौसम का यह स्वरूप केवल परिवर्तन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि चेतावनी का संकेत भी है। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">का विश्व मौसम दिवस इसी संकेत को समझकर उसे मानव सुरक्षा में बदलने का सशक्त संदेश देता है। इस वर्ष की थीम “आज का अवलोकन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल की सुरक्षा” केवल शब्दों का संयोजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आधुनिक विज्ञान की वह आधारशिला है जिस पर सुरक्षित भविष्य निर्मित होता है। आज पृथ्वी के हर कोने से एकत्रित होने वाला सूक्ष्म डेटा हमें</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173813/the-science-of-weather-that-doesnt-just-tell-saves-lives"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1280x720_1856267-1.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षितिज पर अचानक छा जाने वाला घना अंधकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्र की गर्जन करती लहरें और प्रकृति की अनिश्चित चाल—मौसम का यह स्वरूप केवल परिवर्तन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि चेतावनी का संकेत भी है। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">का विश्व मौसम दिवस इसी संकेत को समझकर उसे मानव सुरक्षा में बदलने का सशक्त संदेश देता है। इस वर्ष की थीम “आज का अवलोकन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल की सुरक्षा” केवल शब्दों का संयोजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आधुनिक विज्ञान की वह आधारशिला है जिस पर सुरक्षित भविष्य निर्मित होता है। आज पृथ्वी के हर कोने से एकत्रित होने वाला सूक्ष्म डेटा हमें संभावित खतरों से पहले ही सतर्क कर देता है। यही वजह है कि मौसम विज्ञान अब सिर्फ पूर्वानुमान की सीमा में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन रक्षा के एक प्रभावी और अनिवार्य साधन के रूप में स्थापित हो चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति के रहस्यों को जानने की मानव जिज्ञासा ने ही विश्व मौसम दिवस की मजबूत नींव रखी। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>1950 <span lang="hi" xml:lang="hi">को इसकी औपचारिक शुरुआत एक वैश्विक संगठन के रूप में हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने दुनिया के देशों को एक साझा मंच पर जोड़ा। इसका उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक था—मौसम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जलवायु और जल संसाधनों को बेहतर ढंग से समझने के लिए सहयोग और सूचनाओं का मुक्त आदान-प्रदान सुनिश्चित करना। समय के साथ यह दिवस केवल औपचारिक आयोजन न रहकर एक प्रभावशाली जागरूकता अभियान बन गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो यह संदेश देता है कि प्रकृति को समझे बिना संतुलित विकास संभव नहीं। यह दिन उस ऐतिहासिक निर्णय की याद दिलाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब विश्व ने मौसम विज्ञान को मानव कल्याण का आधार स्वीकार किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज मौसम विज्ञान अत्याधुनिक तकनीकों से संचालित एक सशक्त और विस्तृत तंत्र बन चुका है। उपग्रहों की सतत निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रडार की सटीक प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री उपकरणों की सक्रियता और स्वचालित मौसम केंद्र मिलकर पृथ्वी के हर हिस्से पर नजर रखते हैं। प्रतिदिन एकत्रित विशाल आंकड़ों का विश्लेषण सुपर कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से किया जाता है। इनसे तैयार पूर्वानुमान केवल मौसम की जानकारी तक सीमित नहीं रहते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्योग और आपदा प्रबंधन को भी स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं। यह तंत्र जितना जटिल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उतना ही अनिवार्य भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसी के माध्यम से अनिश्चित परिस्थितियों को पहले से समझकर उनसे बचाव संभव होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">आज का अवलोकन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल की सुरक्षा” थीम इस पूरी व्यवस्था का मूल और प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत करती है। आज किया गया हर मापन और हर अवलोकन भविष्य के संभावित संकटों को टालने का मजबूत आधार बनता है। किसी छोटे गांव में दर्ज तापमान या समुद्र से प्राप्त एक संकेत भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है। यह थीम स्पष्ट रूप से बताती है कि अवलोकन केवल वैज्ञानिकों तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जब किसान मौसम के संकेतों को समझता है या सामान्य नागरिक चेतावनियों पर ध्यान देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब वह भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बन जाता है। यह थीम विज्ञान और समाज के बीच एक सशक्त और आवश्यक सेतु का निर्माण करती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर चेतावनी ही वह शक्ति है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने मौसम विज्ञान को जीवन रक्षक बना दिया है। प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली इस अवलोकन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है। बीते दशकों में यह सिद्ध हो चुका है कि समय पर दी गई चेतावनी लाखों जानें बचा सकती है। पहले जहां प्राकृतिक आपदाएं अचानक विनाश लेकर आती थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब उनके आने से पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सकता है। इससे न केवल जनहानि कम होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आर्थिक नुकसान भी नियंत्रित रहता है। आधुनिक तकनीक और सटीक डेटा के कारण अब चक्रवात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाढ़ और सूखे जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान संभव हो गया है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर सही जानकारी कितनी निर्णायक हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निरंतर प्रगति के साथ भारत में मौसम विज्ञान एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रहा है। भारत में मौसम विज्ञान का क्षेत्र तेजी से विकसित हुआ है और यह वैश्विक स्तर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित आधुनिक उपकरण और अनुसंधान केंद्र निरंतर डेटा एकत्र कर रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान किसानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछुआरों और आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से आपदा के समय यह तंत्र जीवन रक्षक बन जाता है। भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक नेटवर्क में भी सक्रिय योगदान दे रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व मौसम दिवस हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। आज के डिजिटल युग में हर व्यक्ति के हाथ में ऐसी तकनीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके माध्यम से वह मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकता है और दूसरों तक पहुंचा सकता है। यदि हम समय-समय पर मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक रहें और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हम इस वैश्विक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं। यह दिवस हमें यह समझाता है कि सुरक्षित भविष्य केवल सरकारों या वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय की मांग को समझने वाला यह दिवस केवल एक तिथि नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सोच बदलने का सशक्त संदेश है—ऐसा दृष्टिकोण जो वर्तमान के ज्ञान को भविष्य की सुरक्षा में बदलने की क्षमता रखता है। विश्व मौसम दिवस हमें याद दिलाता है कि आज का हर अवलोकन आने वाले कल को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। जब विज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीक और जागरूकता एक साथ जुड़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ऐसा विश्व संभव होता है जहां आपदाएं भय नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि तैयारी का संकेत बन जाती हैं। यही इस दिवस का सार है कि हम प्रकृति को समझें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे सीखें और उसके साथ संतुलन बनाकर एक सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सशक्त और स्थायी भविष्य की ओर आगे बढ़ें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:31:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update: देश के इन राज्यों में होगी जोरदार बारिश, IMD ने अलर्ट किया जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Weather Update: उत्तर भारत में ठंड लगातार बढ़ रही है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान लगातार नीचे गिर रहा है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के चार राज्यों में आज बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p><strong>दिल्ली में बढ़ रही ठंड और कोहरा</strong></p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान गिर रहा है। प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को अब कोहरे की भी चुनौती भी झेलनी पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली का मौसम इसी तरह ठंडा और कोहरे वाला बना रहेगा। आज और कल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162987/weather-update-there-will-be-heavy-rain-in-these-states"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/weather-update-(5).jpg" alt=""></a><br /><p>Weather Update: उत्तर भारत में ठंड लगातार बढ़ रही है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान लगातार नीचे गिर रहा है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के चार राज्यों में आज बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p><strong>दिल्ली में बढ़ रही ठंड और कोहरा</strong></p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान गिर रहा है। प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को अब कोहरे की भी चुनौती भी झेलनी पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली का मौसम इसी तरह ठंडा और कोहरे वाला बना रहेगा। आज और कल हवाओं के कारण ठंड में और इजाफा हो सकता है।</p>
<p><strong>यूपी में शीतलहर का असर</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज से शीतलहर का असर तेज हो सकता है। अगले दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है। इसके बाद अगले सप्ताह पछुआ हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।</p>
<p><strong>बारिश की चेतावनी वाले राज्य</strong></p>
<p>IMD ने बताया कि आज पश्चिम बंगाल और ओडिशा में काले बादल छाए रहेंगे और इन राज्यों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, तमिलनाडु और पोडुचेरी में 11 दिसंबर तक बारिश की संभावना बनी हुई है।</p>
<p><strong>देश के आठ शहरों में शीतलहर अलर्ट</strong></p>
<p>IMD ने बिहार, झारखंड और यूपी के आठ शहरों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। बिहार में पूर्णिया, किशनगंज और पटना; झारखंड में रांची; और उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, आगरा और प्रयागराज में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 12:04:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana Weather: हरियाणा में बदला मौसम, इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट हुआ जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Weather: </span><span class="cf1">हरियाणा</span> <span class="cf1">में</span> <span class="cf1">मौसम</span> <span class="cf1">में</span> <span class="cf1">बदलाव</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">साथ</span> <span class="cf1">ही</span> <span class="cf1">शीत</span> <span class="cf1">लहर</span> <span class="cf1">तेजी</span> <span class="cf1">से</span> <span class="cf1">चलने</span> <span class="cf1">लगी</span> <span class="cf1">है</span><span class="cf1">, </span><span class="cf1">जिसका</span> <span class="cf1">असर</span> <span class="cf1">राजस्थान</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">साथ</span> <span class="cf1">लगते</span> <span class="cf1">जिलों</span> <span class="cf1">पर</span> <span class="cf1">भी</span> <span class="cf1">देखने</span> <span class="cf1">को</span> <span class="cf1">मिल</span> <span class="cf1">रहा</span> <span class="cf1">है</span><span class="cf1">। </span><span class="cf1">इसी</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">चलते</span> <span class="cf1">नारनौल</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">रात</span> <span class="cf1">सबसे</span> <span class="cf1">ठंडी</span> <span class="cf1">रही</span> <span class="cf1">और</span> <span class="cf1">यहां</span> <span class="cf1">न्यूनतम</span> <span class="cf1">तापमान</span><span class="cf1"> 3.5 डिग्री </span><span class="cf1">तक</span><span class="cf1"> पहुंच गया। हिसार में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री दर्ज किया गया।</span></p>
<p><span class="cf1">वहीं शनिवार को प्रदेश के छह जिलों में शीत लहर चलने की संभावना है। रात के समय ठंड अधिक होने के कारण लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार लगातार ठंड बढ़ रही है</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162720/haryana-weather-weather-changed-in-haryana-cold-wave-alert-issued"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/haryana-cold-wave.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Weather: </span><span class="cf1">हरियाणा</span> <span class="cf1">में</span> <span class="cf1">मौसम</span> <span class="cf1">में</span> <span class="cf1">बदलाव</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">साथ</span> <span class="cf1">ही</span> <span class="cf1">शीत</span> <span class="cf1">लहर</span> <span class="cf1">तेजी</span> <span class="cf1">से</span> <span class="cf1">चलने</span> <span class="cf1">लगी</span> <span class="cf1">है</span><span class="cf1">, </span><span class="cf1">जिसका</span> <span class="cf1">असर</span> <span class="cf1">राजस्थान</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">साथ</span> <span class="cf1">लगते</span> <span class="cf1">जिलों</span> <span class="cf1">पर</span> <span class="cf1">भी</span> <span class="cf1">देखने</span> <span class="cf1">को</span> <span class="cf1">मिल</span> <span class="cf1">रहा</span> <span class="cf1">है</span><span class="cf1">। </span><span class="cf1">इसी</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">चलते</span> <span class="cf1">नारनौल</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">रात</span> <span class="cf1">सबसे</span> <span class="cf1">ठंडी</span> <span class="cf1">रही</span> <span class="cf1">और</span> <span class="cf1">यहां</span> <span class="cf1">न्यूनतम</span> <span class="cf1">तापमान</span><span class="cf1"> 3.5 डिग्री </span><span class="cf1">तक</span><span class="cf1"> पहुंच गया। हिसार में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री दर्ज किया गया।</span></p>
<p><span class="cf1">वहीं शनिवार को प्रदेश के छह जिलों में शीत लहर चलने की संभावना है। रात के समय ठंड अधिक होने के कारण लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार लगातार ठंड बढ़ रही है और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।</span></p>
<p><span class="cf1">रात के समय शीत लहर की वजह से तापमान में</span> <span class="cf1">गिरावट दर्ज की गई। हवा चलने के कारण </span><span class="cf1">नारनौल</span><span class="cf1"> की रात सबसे ठंडी रही। मौसम विज्ञानियों ने शनिवार को सिरसा, </span><span class="cf1">फतेहाबाद</span><span class="cf1">, हिसार, </span><span class="cf1">भिवानी</span><span class="cf1">, चरखी </span><span class="cf1">दादरी</span><span class="cf1"> और </span><span class="cf1">महेंद्रगढ़</span><span class="cf1"> जिलों में शीत लहर को लेकर </span><span class="cf1">यलो</span> <span class="cf1">अलर्ट</span><span class="cf1"> जारी किया है।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 14:46:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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