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                <title>delhi police - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>delhi police RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पिपिंग सेरेमनी आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली पुलिस मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में शुक्रवार को भव्य पिपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति के दिन 202 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाकाल के सम्मान स्वरूप अगले उच्च पद की मानद पदोन्नति (ऑनरेरी रैंक) प्रदान की गई। समारोह की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार (आईपीएस) ने की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर कांस्टेबल से लेकर उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) तक के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को अगले उच्च पद के बैज पहनाकर सम्मानित किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों एवं उनके परिजनों को शुभकामनाएं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184501/piping-ceremony-organized-at-delhi-police-headquarters"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260801-wa0003-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली पुलिस मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में शुक्रवार को भव्य पिपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति के दिन 202 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाकाल के सम्मान स्वरूप अगले उच्च पद की मानद पदोन्नति (ऑनरेरी रैंक) प्रदान की गई। समारोह की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार (आईपीएस) ने की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर कांस्टेबल से लेकर उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) तक के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को अगले उच्च पद के बैज पहनाकर सम्मानित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों एवं उनके परिजनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस और देश की सेवा में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा कार्य है, जहां हर दिन नई परिस्थितियों और कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, दक्षता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्य के कारण अक्सर परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाना पड़ता है। ऐसे में उनके परिवारों का सहयोग, धैर्य और त्याग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस आयुक्त ने सभी परिजनों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन नहीं कर सकते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त ने सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि अब उन्हें अपने जीवन के उन सपनों, रुचियों और व्यक्तिगत आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर मिलेगा, जिन्हें व्यस्त सेवाकाल के दौरान समय के अभाव में पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने आश्वस्त किया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे दिल्ली पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर संगठन हर संभव सहयोग के लिए उनके साथ खड़ा रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह के दौरान कुल 202 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति प्रदान की गई। इनमें हेड कांस्टेबल से सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर 7, सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) से उपनिरीक्षक (एसआई) के पद पर 37 तथा उपनिरीक्षक (एसआई) से निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के पद पर 158 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।समारोह का समापन संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) सुमन गोयल (आईपीएस) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर दिल्ली पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, सम्मानित किए गए सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी तथा उनके परिवारजन उपस्थित रहे। सम्मान और गौरव से परिपूर्ण यह समारोह सभी के लिए यादगार बन गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 22:35:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184041/despite-announcement-of-implementation-of-section-163-warning-not-heeded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260725_115054_instagram(1).jpg" alt=""></a><br /><h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।</p>
<h2>हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा</h2>
<p>दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) सहित कुल 13 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला संसद और रेल भवन जैसे अति संवेदनशील एवं उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।</p>
<h2>पुलिस पर हमला, कई जवान घायल</h2>
<p>एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और पथराव किया गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने चप्पलें, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दावा किया है कि हमला बेहद आक्रामक था और जवानों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।</p>
<h2>सरकारी और निजी संपत्ति को पहुंचा नुकसान</h2>
<p>हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कई सरकारी बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आसपास खड़े निजी वाहनों को भी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी एफआईआर में शामिल की हैं।</p>
<h2>हालात बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग</h2>
<p>पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक पीछे हटने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन जब भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया गया, तब हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संसद, रेल भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।</p>
<h2>सुबह 5 बजे से तैनात थी पुलिस टीम</h2>
<p>एफआईआर के मुताबिक, संबंधित इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से सी-हेक्सागन, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगाई गई थी। वायरलेस के माध्यम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत रेल भवन राउंडअबाउट स्थित बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे।</p>
<h2>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</h2>
<p>पुलिस ने एफआईआर में बताया है कि मौके पर लाउडस्पीकर के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने तथा प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बार-बार घोषणा की गई। प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील भी की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार भीड़ ने चेतावनी को अनदेखा कर दिया और नारेबाजी जारी रखी।</p>
<h2>बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने का आरोप</h2>
<p>एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अन्य प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव शुरू हो गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने का भी प्रयास किया गया।</p>
<h2>वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर होगी पहचान</h2>
<p>दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<h2>जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां</h2>
<p>दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 12:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच दिल्ली में NSA लागू, दिल्ली पुलिस को मिली विशेष शक्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260723_145641_facebook.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या शांति के लिए गंभीर खतरा</strong> मानी जाती हैं, तो दिल्ली पुलिस आयुक्त NSA के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>क्या बिना मुकदमे हो सकती है हिरासत?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), 1980 एक <strong>निवारक निरोध (Preventive Detention)</strong> कानून है। इसके तहत प्रशासन किसी व्यक्ति को भविष्य में संभावित खतरे की आशंका के आधार पर हिरासत में ले सकता है। इस प्रक्रिया में सामान्य आपराधिक मुकदमा दर्ज होना आवश्यक नहीं होता। हालांकि, कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है और मामले की समीक्षा <strong>सलाहकार बोर्ड (Advisory Board)</strong> द्वारा की जाती है। आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक हिरासत संभव है।</p>
<h3><strong>जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन</strong></h3>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और अन्य मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<h3><strong>पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का संदेश</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि <strong>पेपर लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था</strong> की जाएगी, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।</p>
<h3><strong>क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिनकी गतिविधियों से <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या आवश्यक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका</strong> हो। यह कानून सामान्य आपराधिक मामलों से अलग है और केवल विशेष परिस्थितियों में लागू किया जाता है।</p>
<h3><strong>मुख्य बातें</strong></h3>
<ul>
<li><strong>19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को NSA के तहत कार्रवाई का अधिकार।</li>
<li>राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा होने की आशंका पर निवारक हिरासत संभव।</li>
<li>कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया और सलाहकार बोर्ड की समीक्षा अनिवार्य।</li>
<li>आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक निरुद्ध किया जा सकता है।</li>
<li>जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन जारी।</li>
</ul>
<p><strong>नोट:</strong> NSA के तहत विशेष अधिकार दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रदर्शनकारियों को बिना कारण हिरासत में लिया जाएगा। इस कानून का उपयोग केवल कानून में निर्धारित विशेष परिस्थितियों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वांगचुक को जबरन इलाज, जिम्मेदारी या स्वतंत्रता पर हस्तक्षेप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाना और उसके बाद शुरू हुआ विवाद केवल एक व्यक्ति के इलाज का मामला नहीं है। इसने भारतीय लोकतंत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायपालिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागरिक अधिकारों और राज्य की जिम्मेदारियों से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन सरकारी डॉक्टरों से निगरानी कराई जाए और यदि डॉक्टर आवश्यक समझें तो चिकित्सा हस्तक्षेप किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि</span></p></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183663/forced-treatment-of-wangchuk-as-interference-with-responsibility-or-freedom"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas6.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाना और उसके बाद शुरू हुआ विवाद केवल एक व्यक्ति के इलाज का मामला नहीं है। इसने भारतीय लोकतंत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायपालिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागरिक अधिकारों और राज्य की जिम्मेदारियों से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन सरकारी डॉक्टरों से निगरानी कराई जाए और यदि डॉक्टर आवश्यक समझें तो चिकित्सा हस्तक्षेप किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि "हर नागरिक का जीवन बहुमूल्य है और उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास होना चाहिए। इसके बाद जब वांगचुक की हालत और बिगड़ी तो दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> पुलिस ने इसे अदालत के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप उठाया गया कदम बताया। वहीं वांगचुक के समर्थकों और परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल ले जाया गया और बिना सहमति इलाज की कोशिश की गई। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि अदालत ने "जबरन अस्पताल ले जाने" का स्पष्ट आदेश नहीं दिया था। अदालत ने सरकार से कहा था कि स्वास्थ्य की नियमित निगरानी हो और डॉक्टरों की राय के अनुसार आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप किया जाए। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाद में प्रशासन ने इसी आधार पर अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। क्या चिकित्सा हस्तक्षेप का अर्थ व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में भर्ती करना भी हो सकता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर इसके लिए अलग कानूनी प्रक्रिया और स्पष्ट सहमति आवश्यक है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय संविधान का अनुच्छेद </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता दोनों की रक्षा करता है। यदि कोई व्यक्ति पूरी मानसिक क्षमता में है और स्वयं कोई निर्णय ले रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सामान्य परिस्थितियों में उसकी इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए। दूसरी ओर यदि लंबे अनशन के कारण जीवन पर तत्काल खतरा उत्पन्न हो जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो राज्य पर भी नागरिक का जीवन बचाने की जिम्मेदारी होती है। यही वह बिंदु है जहां नैतिक और कानूनी दोनों प्रकार का टकराव उत्पन्न होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या जबरन इलाज उचित है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का कोई सीधा उत्तर नहीं है। जबरन इलाज के पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि सरकार किसी नागरिक को मरते हुए नहीं देख सकती। यदि जीवन बचाया जा सकता है तो प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए। अदालत ने भी जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। वहीं विरोध करने वालों का कहना है कि</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शांतिपूर्ण अनशन लोकतांत्रिक विरोध का संवैधानिक माध्यम है। यदि व्यक्ति मानसिक रूप से सक्षम है तो उसकी इच्छा सर्वोपरि होनी चाहिए। बिना सहमति चिकित्सा हस्तक्षेप व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन माना जा सकता है। परिवार की आपत्ति ने बढ़ाया विवाद वांगचुक की पत्नी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनकी अनुमति के बिना कोई उपचार न किया जाए। इससे विवाद और गहरा गया क्योंकि अब मामला केवल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच नहीं रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि परिवार की सहमति का प्रश्न भी सामने आ गया। इस घटनाक्रम के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे जीवन बचाने की आवश्यक कार्रवाई बताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अन्य ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कहा। अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए गए। लोकतंत्र केवल विरोध का अधिकार नहीं देता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राज्य पर नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी डालता है। इसलिए ऐसे मामलों में संतुलन बनाना सबसे कठिन कार्य होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि सरकार हस्तक्षेप नहीं करती और कोई अप्रिय घटना हो जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगता। वहीं हस्तक्षेप करने पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर सवाल उठते हैं। सोनम वांगचुक का मामला केवल एक अनशन या एक अदालत के आदेश तक सीमित नहीं है। इसने यह बहस फिर से जीवित कर दी है कि किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्यक्ति की स्वायत्तता और राज्य की संरक्षणकारी भूमिका के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने नियमित चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा हस्तक्षेप का निर्देश दिया था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पताल ले जाने और उसके तरीके को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी व्याख्या कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
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<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वानचुंग को उठाए जाने के खिलाफ़ दिशा छात्र संगठन ने प्रदर्शन किया राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज,</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">परीक्षाओं में धाँधली और पेपर लीक के खिलाफ़ दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध तरीके से उठाए जाने और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के खिलाफ़ दिशा छात्र संगठन की ओर से इलाहाबाद में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन में बात रखते हुए दिशा छात्र संगठन के संजय ने कहा कि दिल्ली पुलिस लगातार नागरिकों के जनवादी अधिकारों पर हमले कर रही है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रतिरोध हमारा जनवादी अधिकार हैं लेकिन मौजूद सरकार इसको भी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183660/disha-student-organization-demonstrated-against-the-lifting-of-wanchung-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260718-wa0082.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परीक्षाओं में धाँधली और पेपर लीक के खिलाफ़ दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध तरीके से उठाए जाने और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के खिलाफ़ दिशा छात्र संगठन की ओर से इलाहाबाद में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन में बात रखते हुए दिशा छात्र संगठन के संजय ने कहा कि दिल्ली पुलिस लगातार नागरिकों के जनवादी अधिकारों पर हमले कर रही है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रतिरोध हमारा जनवादी अधिकार हैं लेकिन मौजूद सरकार इसको भी बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोनम वांगचुक को अगवा करने के बाद दिल्ली पुलिस लगातार दिल्ली हाईकोर्ट का हवाला दे रही है। लेकिन सच्चाई यह है की दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक की जान बचाने का निर्देश दिया था न कि अगवा करने का। अगर दिल्ली पुलिस और केंद्र तथा दिल्ली की सरकार सोनम की ज़िंदगी को लेकर इतना ही चिंतित थी तो उसे सोनम से वार्ता करने आना चाहिए। लेकिन वार्ता करने की जगह पर अलोकतांत्रिक तरीके से कार्यकर्ताओं को अलावा करना निंदनीय हैं। हम इसकी भर्त्सना करते हैं और सभी इंसाफपसंद लोगों से अपील करते हैं कि देश में लोकतान्त्रिक मूल्यों की बहाली के लिए आगे आयें। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन में जय, हर्ष, अमन, धोनी, सुहानी, पूजा, आरती, विंदरेश, प्रेमचंद, अधिवक्ता अनीस सहित दर्जनों छात्र मौजूद रहे। </div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 20:17:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुराड़ी में पत्रकार पर जानलेवा हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार ईश मलिक ने बताया कि बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रास्ता रोका और अचानक डंडों से उन पर हमला कर दिया।घटना के बाद किसी तरह खुद को संभालते हुए पीड़ित ने अपने परिजनों को फोन कर पूरी जानकारी दी।उनका आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी, लेकिन काफी समय तक कोई पीसीआर वैन मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182790/deadly-attack-on-journalist-in-burari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0000-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार ईश मलिक ने बताया कि बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रास्ता रोका और अचानक डंडों से उन पर हमला कर दिया।घटना के बाद किसी तरह खुद को संभालते हुए पीड़ित ने अपने परिजनों को फोन कर पूरी जानकारी दी।उनका आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी, लेकिन काफी समय तक कोई पीसीआर वैन मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित के बयान दर्ज किए।आरोप हैं कि घटना के लगभग 12 घंटे बाद हल्की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
<div> </div>
<div>ईश मलिक ने बताया कि इस घटना से पहले उन्होंने स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत देकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मिल रही धमकियों की जानकारी दी थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है,लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़ित पत्रकार ने कहा कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं करती और उचित धाराएं नहीं जोड़ी जातीं,तो वह न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से लेकर उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाएंगे।</div>
</div>
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</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:15:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सम्मान का विशेष समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, । </strong> दिल्ली पुलिस मुख्यालय पीएचक्यू स्थित आदर्श सभागार में मंगलवार को आयोजित गरिमामय पिपिंग समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे दिल्ली पुलिस के 179 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति योजना के तहत अगले उच्च मानद पद से सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को नए पदों के प्रतीक चिह्न पिप्स लगाकर उनके लंबे और उत्कृष्ट सेवाकाल का सम्मान किया।समारोह की अध्यक्षता विशेष पुलिस आयुक्त कार्मिक एवं वित्त राजेश खुराना, आईपीएस ने की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करते हुए उनके अनुकरणीय योगदान की सराहना की।अपने संबोधन में राजेश खुराना ने कहा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182368/special-ceremony-of-honor-at-delhi-police-headquarters"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, । </strong> दिल्ली पुलिस मुख्यालय पीएचक्यू स्थित आदर्श सभागार में मंगलवार को आयोजित गरिमामय पिपिंग समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे दिल्ली पुलिस के 179 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति योजना के तहत अगले उच्च मानद पद से सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को नए पदों के प्रतीक चिह्न पिप्स लगाकर उनके लंबे और उत्कृष्ट सेवाकाल का सम्मान किया।समारोह की अध्यक्षता विशेष पुलिस आयुक्त कार्मिक एवं वित्त राजेश खुराना, आईपीएस ने की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करते हुए उनके अनुकरणीय योगदान की सराहना की।अपने संबोधन में राजेश खुराना ने कहा कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पूरे सेवाकाल में समर्पण, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ जनता की सेवा की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच करने तथा अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने विभाग की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का ऐसा दायित्व है जिसमें अधिकारी और कर्मचारी अपने सहकर्मियों के साथ परिवार से भी अधिक समय बिताते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कठिन परिस्थितियों में साथ काम करने से उनके बीच गहरा विश्वास सहयोग और आत्मीयता विकसित होती है। इसी भावना के कारण "दिल्ली पुलिस परिवार" केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और एकजुटता का जीवंत प्रतीक है।विशेष पुलिस आयुक्त ने सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में कुल 179 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति प्रदान की गई। इनमें 11 हेड कांस्टेबलों को मानद सहायक उप-निरीक्षक, 48 सहायक उप-निरीक्षकों को मानद उप-निरीक्षक तथा 120 उप-निरीक्षकों को मानद निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मान, गौरव और भावनाओं से ओतप्रोत यह समारोह सभी के लिए यादगार बन गया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरित पुनरुद्धार की ओर बढ़ते भारत के कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है।</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181455/indias-steps-towards-green-revival"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है। इतने बड़े पैमाने पर सूखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊसर और जीवनहीन हो चुकी ज़मीन को पुनर्जीवित करना केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं है बल्कि यह प्रकृति के प्रति देश की गहरी प्रतिबद्धता और दूरगामी नीतियों का जीवंत परिणाम है। इस ऐतिहासिक कदम ने न केवल भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की साख को बहुत ऊंचा किया है। भूमि का इस तरह से पुनरुद्धार करना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखने जैसा है जो सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरी मुहिम की वैश्विक कड़ियों को जोड़कर देखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि भारत के ये प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बड़े अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इसी संदर्भ में बॉन चुनौती का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आता है। बॉन चुनौती वास्तव में वनों की कटाई को रोकने और मरुस्थलीकरण के कारण बंजर हो चुकी भूमि को फिर से उपजाऊ और हरा-भरा बनाने का एक बहुत बड़ा वैश्विक संकल्प है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत वर्ष 2011 में जर्मनी की सरकार और इंटरनेशनल यूनियन फॉर </span>Conservation <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफ नेचर द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। जब इसे वैश्विक स्तर पर शुरू किया गया था तब इसका प्राथमिक लक्ष्य रखा गया था कि वर्ष 2020 तक पूरी दुनिया में 150 मिलियन हेक्टेयर खराब हो चुकी भूमि को बहाल किया जाएगा। इसके बाद इस लक्ष्य को और अधिक विस्तारित करते हुए वर्ष 2030 तक 350 मिलियन हेक्टेयर भूमि को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया। भारत ने इस वैश्विक चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया और अपनी घरेलू प्राथमिकताओं को इसके साथ इस तरह जोड़ा कि आज देश इस दिशा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की इस पर्यावरणीय यात्रा में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब देश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक विस्तार देने का निर्णय लिया। वर्ष 2019 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय के चौदहवें सत्र का आयोजन किया गया था जिसे कॉप 14 के नाम से भी जाना जाता है। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति में भारत ने अपने पुराने लक्ष्यों में बड़ा संशोधन किया। भारत ने वैश्विक मंच पर यह संकल्प लिया कि वह वर्ष 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर और निम्नीकृत भूमि को पूरी तरह से बहाल करेगा। वर्तमान समय में हासिल किया गया 21.76 मिलियन हेक्टेयर का यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और वह इस अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से बहुत पहले ही प्राप्त करने की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस विशाल भूभाग को दोबारा जीवन देने और उसे हरा-भरा बनाने के लिए देश में बहुआयामी रणनीतियों को अपनाया गया जिसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वनरोपण की रही है। देश के विभिन्न राज्यों में जो जमीनें पूरी तरह से खाली थीं या जहां औद्योगिक गतिविधियों और खनन कार्यों के बाद खदानों को बंजर छोड़ दिया गया था वहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। इस प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि केवल पेड़ न लगाए जाएं बल्कि उन स्थानीय प्रजातियों के पौधों को चुना जाए जो वहां की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हों। इससे बंजर पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में एक बार फिर से सघन हरित आवरण लौटने लगा जिसने भूमि के क्षरण को रोक दिया और मिट्टी की खोई हुई पोषक क्षमता को वापस लाने में मदद की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वनरोपण के साथ-साथ जल और मिट्टी के संरक्षण के लिए जलागम प्रबंधन तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया जो इस सफलता की रीढ़ साबित हुई। इसके अंतर्गत पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धतियों से छोटे-छोटे बांधों का निर्माण किया गया जिन्हें चेक डैम कहा जाता है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा के तेजी से बहते हुए पानी को रोका गया जिससे न केवल उपजाऊ मिट्टी का बहाव थमा बल्कि ज़मीन के भीतर पानी का स्तर भी तेजी से ऊपर उठा। भूजल स्तर में सुधार होने के कारण आसपास की सूखी और प्यासी ज़मीन को पर्याप्त नमी मिली जिससे वहां प्राकृतिक रूप से वनस्पतियों का उगना दोबारा शुरू हो गया और कई सूखी नदियां तथा जलस्रोत पुनर्जीवित हो उठे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अभियान की एक और बड़ी विशेषता कृषि वानिकी को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना रही है जिसने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को सकारात्मक रूप से बदल दिया। परंपरागत रूप से किसान केवल अपनी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते थे लेकिन नई नीतियों के तहत उन्हें खेतों की मेड़ों पर और फसलों के बीच के खाली स्थानों में आर्थिक रूप से उपयोगी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे किसानों को न केवल ईंधन और चारे के रूप में अतिरिक्त संसाधन मिले बल्कि खेतों की मिट्टी की नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्षमता और सामान्य उर्वरता में भी भारी सुधार हुआ। कृषि वानिकी ने देश के ग्रामीण अंचलों में एक नए प्रकार के लाभदायक और टिकाऊ हरित तंत्र को जन्म दिया जिसने पर्यावरण के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी संबल प्रदान किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सभी सरकारी और तकनीकी प्रयासों को वास्तविक शक्ति और गति तब मिली जब इसमें आम जनता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को अनिवार्य बनाया गया। संयुक्त वन प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत वनों के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीण निवासियों और विशेषकर आदिवासी समुदायों को जंगलों की रक्षा करने और नए पौधे लगाने की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई। जब इन समुदायों को यह अहसास हुआ कि जंगलों का विकास सीधे तौर पर उनके अपने जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और आजीविका से जुड़ा हुआ है तो उन्होंने इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। लोगों के इस सामूहिक जुड़ाव के कारण ही नए लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई और सामुदायिक वनों का दायरा तेजी से बढ़ने लगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ऐतिहासिक भूमि बहाली अभियान के दूरगामी और बहुआयामी लाभ अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगे हैं जिनमें सबसे बड़ा लाभ एक विशाल कार्बन अवशोषक क्षेत्र का निर्माण होना है। जब 21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर नए पेड़-पौधे और घनी वनस्पतियां विकसित होती हैं तो वे वायुमंडल से हर साल लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को सोख लेती हैं। यह प्रक्रिया वैश्विक तापन के खतरों को कम करने में भारत की ओर से विश्व को दिया गया एक अमूल्य योगदान है। यह हरित क्षेत्र देश के कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने में एक मजबूत ढाल की तरह काम कर रहा है और वैश्विक जलवायु सुधार में अपनी महती भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही जैव विविधता की बहाली इस अभियान का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है क्योंकि जो क्षेत्र कभी पूरी तरह से उजाड़ और बेजान हो चुके थे वहां अब एक बार फिर से विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों को अपना खोया हुआ प्राकृतिक आवास मिल रहा है। पशु-पक्षियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कीट-पतंगों और मिट्टी के भीतर रहने वाले सूक्ष्मजीवों की संख्या में वृद्धि होने से संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र दोबारा सक्रिय हो रहा है जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। अंततः इस पूरी प्रक्रिया ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है जो सतत विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है। भूमि के उपजाऊ होने से जहां एक ओर कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है वहीं दूसरी ओर जंगलों से मिलने वाले विभिन्न उत्पादों जैसे फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोंद और अनेक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों ने स्थानीय लोगों की दैनिक आय को बढ़ाने में मदद की है। रोजगार के नए अवसर पैदा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि आई है जो यह सिद्ध करती है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को एक साथ प्राप्त किया जा सकता है।</span></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Delhi Police Jobs: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पदों पर निकली बड़ी भर्ती, जल्दी करें आवेदन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Delhi Police Jobs: </strong>युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जो युवा दिल्ली पुलिस में नौकरी करना चाहते है तो उनके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली पुलिस में 7565 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इसके लिए 22 सितंबर से आवेदन शुरू हुए थे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई थी। Delhi Police Jobs</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवेदन की तिथि</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, अब इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। इसे लेकर SSC की तरफ से ऑफिशल नोटिस जारी कर दिया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158085/delhi-police-jobs-delhi-police-has-big-recruitment-for-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-23t124328.903.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Delhi Police Jobs: </strong>युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जो युवा दिल्ली पुलिस में नौकरी करना चाहते है तो उनके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली पुलिस में 7565 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इसके लिए 22 सितंबर से आवेदन शुरू हुए थे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई थी। Delhi Police Jobs</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवेदन की तिथि</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, अब इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। इसे लेकर SSC की तरफ से ऑफिशल नोटिस जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, अब आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 होगी। अब युवा 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>करें अप्लाई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, SSC ने दिल्ली पुलिस कॉन्सटेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती 2025 के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2025 की रात 11 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, जो उम्मीदवार 21 अक्टूबर तक आवेदन करने से चूक गए थे, वे अब ssc।gov।in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवेदन प्रक्रिया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इन पदों के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट ssc।gov।in पर विजिट करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अब वेबसाइट के होम पेज पर अप्लाई लिंक पर क्लिक करके भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;">यहां पहले New User? Register Now लिंक पर क्लिक करके मांगी गयी जानकारी दर्ज करनी होगी और रजिस्ट्रेशन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद, लॉग इन के जरिये अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करना होगा। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;">अब भविष्य की आवश्यकता अनुसार पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 12:43:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालती कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर एक वकील ने जूता फेंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रयागराज।</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिल्ली पुलिस ने कहा कि वकील मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग वाली एक याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाखुश थे। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई पर जूता फेंका गया: सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक </span>71<span lang="hi" xml:lang="hi">  वर्षीय वकील ने कथित तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंका। दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट पहुँची और कहा कि आगे की जाँच जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली पुलिस ने बताया कि राकेश किशोर नाम के वकील ने कोर्ट नंबर </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi">  में कार्यवाही</span>11:35</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156749/a-lawyer-threw-a-shoe-at-chief-justice-br-gavai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/अदालती-कार्यवाही-के-दौरान-मुख्य-न्यायाधीश-बी.आर.-गवई-पर-एक-वकील-ने-जूता-फेंका.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रयागराज।</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिल्ली पुलिस ने कहा कि वकील मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग वाली एक याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाखुश थे। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई पर जूता फेंका गया: सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक </span>71<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय वकील ने कथित तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंका। दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट पहुँची और कहा कि आगे की जाँच जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली पुलिस ने बताया कि राकेश किशोर नाम के वकील ने कोर्ट नंबर </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कार्यवाही के दौरान सुबह करीब </span>11:35<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे अपने स्पोर्ट्स शूज़ निकाले और सीजेआई गवई पर फेंक दिए। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें उठा लिया। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा इकाई को सौंप दिया गया। वह मयूर विहार इलाके के निवासी हैं और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पंजीकृत सदस्य हैं।" </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई कि वकील मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना की माँग वाली एक याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी से नाखुश थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई शांत दिखे और उन्होंने वकीलों से कार्यवाही जारी रखने को कहा।अदालत से बाहर ले जाते समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान"। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">अब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली पुलिस सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के साथ समन्वय कर रही है और नई दिल्ली ज़िला कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से पहले मामले की जाँच कर रहा है।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई को दिल्ली पुलिस के सुरक्षा प्रभाग द्वारा प्रदान की गई ज़ेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत में मौजूद एक वकील ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वकीलों की पोशाक पहने एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश गवई पर कुछ फेंका। वकील ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने बाद में उन्हें बताया कि उस व्यक्ति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका था।वकील ने यह भी कहा कि बाहर ले जाते समय उस व्यक्ति को नारे लगाते हुए सुना गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की दो सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई ने </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> सितंबर को खजुराहो मंदिर परिसर स्थित जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट ऊँची जीर्ण-शीर्ण मूर्ति के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई ने याचिकाकर्ता से कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह विशुद्ध रूप से प्रचार हित याचिका है... जाओ और स्वयं भगवान से कुछ करने के लिए कहो। यदि आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के प्रबल भक्त हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आप प्रार्थना करें और ध्यान करें।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई ने बाद में कहा कि वह "सभी धर्मों का सम्मान करते हैं" और स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी इस संदर्भ में की गई थी कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को इसके रखरखाव का अधिकार क्षेत्र है। मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं सभी धर्मों में विश्वास करता हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं सभी (धर्मों) का सम्मान करता हूँ।"</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156749/a-lawyer-threw-a-shoe-at-chief-justice-br-gavai</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:18:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चोरी झपटमारी में शामिल अंतरराज्यीय गैंग का दिल्ली पुलिस ने किया भंडाफोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्लीः</strong> दक्षिण जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो झपटमारी/चोरी के मोबाइल फोन की तस्करी में शामिल था। यह गैंग दिल्ली के विभिन्न इलाकों और विशेषकर डीटीसी बसों में जेबकतरों व झपटमारों से चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदता था और फिर उन्हें कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेज देता था। गैंग का संचालन सीमा क्षेत्र में रहने वाले एक आरोपी के सहयोग से हो रहा था, जिसके बांग्लादेश में रिश्तेदार व गहरे संपर्क थे।ऑपरेशन के दौरान कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154152/delhi-police-busted-the-interstate-gang-involved-in-theft-shift"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250828-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्लीः</strong> दक्षिण जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो झपटमारी/चोरी के मोबाइल फोन की तस्करी में शामिल था। यह गैंग दिल्ली के विभिन्न इलाकों और विशेषकर डीटीसी बसों में जेबकतरों व झपटमारों से चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदता था और फिर उन्हें कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेज देता था। गैंग का संचालन सीमा क्षेत्र में रहने वाले एक आरोपी के सहयोग से हो रहा था, जिसके बांग्लादेश में रिश्तेदार व गहरे संपर्क थे।ऑपरेशन के दौरान कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 294 मोबाइल फोन (क़रीब 50 लाख रुपये मूल्य) बरामद किए गए। इनमें से 45 फोन विभिन्न एफआईआर से और 30 फोन लॉस्ट रिपोर्ट से जुड़े पाए गए हैं, शेष की तस्दीक जारी है।</div>
<div> </div>
<div>मोबाइल चोरी व झपटमारी की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, गृह मंत्रालय (MHA) और दूरसंचार विभाग (DoT) ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल आम जनता और जाँच एजेंसियों को चोरी/झपटमारी किए गए मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक करने की सुविधा देता है। इससे अपराधी भारत से बाहर इन उपकरणों की तस्करी करने पर मजबूर हो रहे हैं। CEIR पोर्टल का उद्देश्य न केवल चोरी हुए मोबाइल को निष्क्रिय करना है बल्कि उपभोक्ताओं के डाटा की सुरक्षा, पुलिस जांच में मदद और अवैध मोबाइल व्यापार पर अंकुश लगाना भी है।</div>
<div> </div>
<div>आम जनता से अपील है कि वे अपने मोबाइल का IMEI नंबर नोट करके सुरक्षित रखें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कर फोन ब्लॉक कराया जा सके। इसके अतिरिक्त, किसी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले उसकी स्थिति दिल्ली पुलिस वेबसाइट पर अवश्य जांच लें 27.07.2025 को एमजी–एमबी रोड पर डीटीसी बसों में चोरी करने वाले गैंग के बारे में सूचना मिलने पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने जाल बिछाया और निम्नलिखित 4 आरोपियों को पकड़ा गया: जदिनेश उर्फ Haddal (आयु: 52 वर्ष) निवासी: तुगलकाबाद, दिल्ली, रिजवान उर्फ़ कमांडो (आयु: 38 वर्ष) निवासी: बदरपुर, दिल्ली, रवि (आयु: 30 वर्ष) निवासी: खानपुर, दिल्ली, अजय (आयु: 41 वर्ष) निवासी: संगम विहार, दिल्ली इनके पास से 38 मोबाइल बरामद हुए।</div>
<div> </div>
<div>पूछताछ में इन्होंने बताया कि चोरी के मोबाइल राहुल पिचत्तर को सप्लाई किए जाते थे। 7.08.2025 को आरोपी विचित्र पुरी अंकित राहुल, पिचत्तर को पकड़ा गया और उसके पास से 5 मोबाइल बरामद हुए। उसने बताया कि फोन आगे मोजाहिर उर्फ समी़र को दिए जाते हैं, जो इन्हें कोलकाता ले जाता था।मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर अनुराग सिंह के नेतृत्व में एसआई मनीष, एएसआई सतीश, एचसी अखिलेश, एचसी यशपाल, एचसी पंकज, एचसी कृष्ण, एचसी नरेंद्र और कॉन्स्टेबल महेन्दर की टीम गठित की गई, जिसका पर्यवेक्षण एसीपी (ऑपरेशंस) अरविंद कुमार द्वारा किया गया 21.08.2025 को टीम कोलकाता पहुँची और आरोपी मोहम्मद खालिद @ पप्पू @ राहुल (आयु: 50 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उसके घर से 30 मोबाइल बरामद हुए। उसके फोन में कई बांग्लादेशी नागरिकों के सम्पर्क भी मिले।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 18:42:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डकैती और चोरी के मामलों में चार अपराधियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>नई दिल्ली-</strong> पुलिस स्टेशन डिफेंस कॉलोनी, दक्षिण जिले की टीम ने अलग-अलग घटनाओं में 04 घोषित अपराधियों विनय कुमार, राजू कश्यप, दीपक स्वामी और इस्लामुद्दीन को गिरफ्तार किया है। दक्षिण जिले के डिफेंस कॉलोनी थाने के पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से इन अपराधियों को पकड़ने का काम सौंपा गया था, इसलिए, टीमें घोषित अपराधियों पर काम कर रही थीं जो माननीय न्यायालय के समक्ष अपनी उपस्थिति से बच रहे थे। तदनुसार, पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मुखबिरों को संवेदनशील बनाकर और मानव खुफिया जानकारी एकत्र करके ईमानदारी से प्रयास शुरू किए।</div>
<div>  </div>
<div>पुलिस डिफेंस कॉलोनी की एक टीम जिसमें एचसी संदीप और एचसी</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150528/delhi-police-arrested-four-criminals-in-robbery-and-theft-cases"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250328-wa0204.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>नई दिल्ली-</strong> पुलिस स्टेशन डिफेंस कॉलोनी, दक्षिण जिले की टीम ने अलग-अलग घटनाओं में 04 घोषित अपराधियों विनय कुमार, राजू कश्यप, दीपक स्वामी और इस्लामुद्दीन को गिरफ्तार किया है। दक्षिण जिले के डिफेंस कॉलोनी थाने के पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से इन अपराधियों को पकड़ने का काम सौंपा गया था, इसलिए, टीमें घोषित अपराधियों पर काम कर रही थीं जो माननीय न्यायालय के समक्ष अपनी उपस्थिति से बच रहे थे। तदनुसार, पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मुखबिरों को संवेदनशील बनाकर और मानव खुफिया जानकारी एकत्र करके ईमानदारी से प्रयास शुरू किए।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस डिफेंस कॉलोनी की एक टीम जिसमें एचसी संदीप और एचसी करण सिंह शामिल थे, उन घोषित अपराधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग विकसित करने के लिए काम कर रही थी जो अपनी उपस्थिति से बच रहे थे। टीम के प्रयासों का फल तब मिला जब एक घोषित अपराधी की उपस्थिति के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई। सूचना को आगे बढ़ाया गया और पीओ के बारे में अधिक विवरण एकत्र किए गए। इनपुट के अनुसार, टीम ने जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया। बाद में, उसकी पहचान घोषित अपराधी विनय कुमार के रूप में हुई। उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर उपर्युक्त टीम ने फरार आरोपियों को ट्रैक करने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए, टीम ने दो अन्य घोषित अपराधियों को पकड़ लिया। बाद में, उनकी पहचान राजू कश्यप और दीपक स्वाम के रूप में हुई।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, गुप्त सूचना के आधार पर एचसी संदीप, एचसी करण सिंह और सीटी की एक टीम। शिवम ने शास्त्री पार्क, दिल्ली से एक व्यक्ति को पकड़ा। बाद में उसकी पहचान इस्लामुद्दीन के रूप में हुई, जो एक घोषित अपराधी था। इन सभी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।  1.विनय कुमार पुत्र दुख लाल निवासी एच-ब्लॉक, शास्त्री पार्क, दिल्ली। उम्र 31 वर्ष।</div>
<div> </div>
<div>2.राजू कश्यप पुत्र प्रेम चंद कश्यप निवासी शिव विहार, विकास नगर, उत्तम नगर, दिल्ली। उम्र 37 वर्ष।</div>
<div>3.दीपक स्वामी उर्फ दीपक पुत्र वासु त्रिमल स्वामी, निवासी दक्षिण पुरी, अंबेडकर नगर, दिल्ली। उम्र 26 वर्ष।</div>
<div>4.इस्लामुद्दीन पुत्र अलाउद्दीन निवासी डी-ब्लॉक, शास्त्री पार्क, दिल्ली। उम्र 27 वर्ष। उदलो</div>
<div> </div>
<div>1.आरोपी विनय कुमार फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 21.9.2024 के आदेश के अनुसार केस एफआईआर संख्या 709/17, यू/एस 379/411 आईपीसी, पीएस न्यू उस्मानपुर, दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था।</div>
<div> </div>
<div>2.आरोपी राजू कश्यप फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 16.03.2020 के आदेश के अनुसार केस एफआईआर संख्या 32/2011, यू/एस 454/34 आईपीसी, पीएस हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। वह पिछले 04 वर्षों से अपनी उपस्थिति से बच रहा था। 3.आरोपी दीपक स्वामी उर्फ दीपक फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 24.03.2025 के आदेश के तहत एफआईआर संख्या 308/2023, यू/एस 379/482/411/34 आईपीसी, पीएस सीलमपुर, दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। </div>
<div> </div>
<div>4.इस्लामुद्दीन फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.3.25 के आदेश के तहत एफआईआर संख्या 970/18, यू/एस 392/411/34 आईपीसी, पीएस न्यू उस्मानपुर, दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:44:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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