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                <title>delhi police - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>delhi police RSS Feed</description>
                
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                <title>हरित पुनरुद्धार की ओर बढ़ते भारत के कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है।</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181455/indias-steps-towards-green-revival"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है। इतने बड़े पैमाने पर सूखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊसर और जीवनहीन हो चुकी ज़मीन को पुनर्जीवित करना केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं है बल्कि यह प्रकृति के प्रति देश की गहरी प्रतिबद्धता और दूरगामी नीतियों का जीवंत परिणाम है। इस ऐतिहासिक कदम ने न केवल भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की साख को बहुत ऊंचा किया है। भूमि का इस तरह से पुनरुद्धार करना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखने जैसा है जो सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरी मुहिम की वैश्विक कड़ियों को जोड़कर देखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि भारत के ये प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बड़े अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इसी संदर्भ में बॉन चुनौती का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आता है। बॉन चुनौती वास्तव में वनों की कटाई को रोकने और मरुस्थलीकरण के कारण बंजर हो चुकी भूमि को फिर से उपजाऊ और हरा-भरा बनाने का एक बहुत बड़ा वैश्विक संकल्प है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत वर्ष 2011 में जर्मनी की सरकार और इंटरनेशनल यूनियन फॉर </span>Conservation <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफ नेचर द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। जब इसे वैश्विक स्तर पर शुरू किया गया था तब इसका प्राथमिक लक्ष्य रखा गया था कि वर्ष 2020 तक पूरी दुनिया में 150 मिलियन हेक्टेयर खराब हो चुकी भूमि को बहाल किया जाएगा। इसके बाद इस लक्ष्य को और अधिक विस्तारित करते हुए वर्ष 2030 तक 350 मिलियन हेक्टेयर भूमि को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया। भारत ने इस वैश्विक चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया और अपनी घरेलू प्राथमिकताओं को इसके साथ इस तरह जोड़ा कि आज देश इस दिशा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की इस पर्यावरणीय यात्रा में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब देश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक विस्तार देने का निर्णय लिया। वर्ष 2019 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय के चौदहवें सत्र का आयोजन किया गया था जिसे कॉप 14 के नाम से भी जाना जाता है। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति में भारत ने अपने पुराने लक्ष्यों में बड़ा संशोधन किया। भारत ने वैश्विक मंच पर यह संकल्प लिया कि वह वर्ष 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर और निम्नीकृत भूमि को पूरी तरह से बहाल करेगा। वर्तमान समय में हासिल किया गया 21.76 मिलियन हेक्टेयर का यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और वह इस अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से बहुत पहले ही प्राप्त करने की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस विशाल भूभाग को दोबारा जीवन देने और उसे हरा-भरा बनाने के लिए देश में बहुआयामी रणनीतियों को अपनाया गया जिसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वनरोपण की रही है। देश के विभिन्न राज्यों में जो जमीनें पूरी तरह से खाली थीं या जहां औद्योगिक गतिविधियों और खनन कार्यों के बाद खदानों को बंजर छोड़ दिया गया था वहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। इस प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि केवल पेड़ न लगाए जाएं बल्कि उन स्थानीय प्रजातियों के पौधों को चुना जाए जो वहां की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हों। इससे बंजर पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में एक बार फिर से सघन हरित आवरण लौटने लगा जिसने भूमि के क्षरण को रोक दिया और मिट्टी की खोई हुई पोषक क्षमता को वापस लाने में मदद की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वनरोपण के साथ-साथ जल और मिट्टी के संरक्षण के लिए जलागम प्रबंधन तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया जो इस सफलता की रीढ़ साबित हुई। इसके अंतर्गत पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धतियों से छोटे-छोटे बांधों का निर्माण किया गया जिन्हें चेक डैम कहा जाता है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा के तेजी से बहते हुए पानी को रोका गया जिससे न केवल उपजाऊ मिट्टी का बहाव थमा बल्कि ज़मीन के भीतर पानी का स्तर भी तेजी से ऊपर उठा। भूजल स्तर में सुधार होने के कारण आसपास की सूखी और प्यासी ज़मीन को पर्याप्त नमी मिली जिससे वहां प्राकृतिक रूप से वनस्पतियों का उगना दोबारा शुरू हो गया और कई सूखी नदियां तथा जलस्रोत पुनर्जीवित हो उठे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अभियान की एक और बड़ी विशेषता कृषि वानिकी को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना रही है जिसने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को सकारात्मक रूप से बदल दिया। परंपरागत रूप से किसान केवल अपनी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते थे लेकिन नई नीतियों के तहत उन्हें खेतों की मेड़ों पर और फसलों के बीच के खाली स्थानों में आर्थिक रूप से उपयोगी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे किसानों को न केवल ईंधन और चारे के रूप में अतिरिक्त संसाधन मिले बल्कि खेतों की मिट्टी की नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्षमता और सामान्य उर्वरता में भी भारी सुधार हुआ। कृषि वानिकी ने देश के ग्रामीण अंचलों में एक नए प्रकार के लाभदायक और टिकाऊ हरित तंत्र को जन्म दिया जिसने पर्यावरण के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी संबल प्रदान किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सभी सरकारी और तकनीकी प्रयासों को वास्तविक शक्ति और गति तब मिली जब इसमें आम जनता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को अनिवार्य बनाया गया। संयुक्त वन प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत वनों के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीण निवासियों और विशेषकर आदिवासी समुदायों को जंगलों की रक्षा करने और नए पौधे लगाने की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई। जब इन समुदायों को यह अहसास हुआ कि जंगलों का विकास सीधे तौर पर उनके अपने जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और आजीविका से जुड़ा हुआ है तो उन्होंने इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। लोगों के इस सामूहिक जुड़ाव के कारण ही नए लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई और सामुदायिक वनों का दायरा तेजी से बढ़ने लगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ऐतिहासिक भूमि बहाली अभियान के दूरगामी और बहुआयामी लाभ अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगे हैं जिनमें सबसे बड़ा लाभ एक विशाल कार्बन अवशोषक क्षेत्र का निर्माण होना है। जब 21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर नए पेड़-पौधे और घनी वनस्पतियां विकसित होती हैं तो वे वायुमंडल से हर साल लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को सोख लेती हैं। यह प्रक्रिया वैश्विक तापन के खतरों को कम करने में भारत की ओर से विश्व को दिया गया एक अमूल्य योगदान है। यह हरित क्षेत्र देश के कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने में एक मजबूत ढाल की तरह काम कर रहा है और वैश्विक जलवायु सुधार में अपनी महती भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही जैव विविधता की बहाली इस अभियान का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है क्योंकि जो क्षेत्र कभी पूरी तरह से उजाड़ और बेजान हो चुके थे वहां अब एक बार फिर से विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों को अपना खोया हुआ प्राकृतिक आवास मिल रहा है। पशु-पक्षियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कीट-पतंगों और मिट्टी के भीतर रहने वाले सूक्ष्मजीवों की संख्या में वृद्धि होने से संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र दोबारा सक्रिय हो रहा है जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। अंततः इस पूरी प्रक्रिया ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है जो सतत विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है। भूमि के उपजाऊ होने से जहां एक ओर कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है वहीं दूसरी ओर जंगलों से मिलने वाले विभिन्न उत्पादों जैसे फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोंद और अनेक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों ने स्थानीय लोगों की दैनिक आय को बढ़ाने में मदद की है। रोजगार के नए अवसर पैदा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि आई है जो यह सिद्ध करती है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को एक साथ प्राप्त किया जा सकता है।</span></p>
</div>
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</div>
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<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Delhi Police Jobs: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पदों पर निकली बड़ी भर्ती, जल्दी करें आवेदन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Delhi Police Jobs: </strong>युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जो युवा दिल्ली पुलिस में नौकरी करना चाहते है तो उनके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली पुलिस में 7565 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इसके लिए 22 सितंबर से आवेदन शुरू हुए थे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई थी। Delhi Police Jobs</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवेदन की तिथि</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, अब इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। इसे लेकर SSC की तरफ से ऑफिशल नोटिस जारी कर दिया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158085/delhi-police-jobs-delhi-police-has-big-recruitment-for-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-23t124328.903.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Delhi Police Jobs: </strong>युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जो युवा दिल्ली पुलिस में नौकरी करना चाहते है तो उनके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली पुलिस में 7565 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इसके लिए 22 सितंबर से आवेदन शुरू हुए थे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई थी। Delhi Police Jobs</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवेदन की तिथि</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, अब इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। इसे लेकर SSC की तरफ से ऑफिशल नोटिस जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, अब आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 होगी। अब युवा 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>करें अप्लाई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, SSC ने दिल्ली पुलिस कॉन्सटेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती 2025 के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2025 की रात 11 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, जो उम्मीदवार 21 अक्टूबर तक आवेदन करने से चूक गए थे, वे अब ssc।gov।in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आवेदन प्रक्रिया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इन पदों के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट ssc।gov।in पर विजिट करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अब वेबसाइट के होम पेज पर अप्लाई लिंक पर क्लिक करके भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;">यहां पहले New User? Register Now लिंक पर क्लिक करके मांगी गयी जानकारी दर्ज करनी होगी और रजिस्ट्रेशन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद, लॉग इन के जरिये अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करना होगा। Delhi Police Jobs 2025</p>
<p style="text-align:justify;">अब भविष्य की आवश्यकता अनुसार पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 12:43:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालती कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर एक वकील ने जूता फेंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रयागराज।</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिल्ली पुलिस ने कहा कि वकील मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग वाली एक याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाखुश थे। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई पर जूता फेंका गया: सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक </span>71<span lang="hi" xml:lang="hi">  वर्षीय वकील ने कथित तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंका। दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट पहुँची और कहा कि आगे की जाँच जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली पुलिस ने बताया कि राकेश किशोर नाम के वकील ने कोर्ट नंबर </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi">  में कार्यवाही</span>11:35</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156749/a-lawyer-threw-a-shoe-at-chief-justice-br-gavai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/अदालती-कार्यवाही-के-दौरान-मुख्य-न्यायाधीश-बी.आर.-गवई-पर-एक-वकील-ने-जूता-फेंका.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रयागराज।</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिल्ली पुलिस ने कहा कि वकील मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग वाली एक याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाखुश थे। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई पर जूता फेंका गया: सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक </span>71<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय वकील ने कथित तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंका। दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट पहुँची और कहा कि आगे की जाँच जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली पुलिस ने बताया कि राकेश किशोर नाम के वकील ने कोर्ट नंबर </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कार्यवाही के दौरान सुबह करीब </span>11:35<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे अपने स्पोर्ट्स शूज़ निकाले और सीजेआई गवई पर फेंक दिए। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें उठा लिया। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा इकाई को सौंप दिया गया। वह मयूर विहार इलाके के निवासी हैं और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पंजीकृत सदस्य हैं।" </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई कि वकील मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना की माँग वाली एक याचिका पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी से नाखुश थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई शांत दिखे और उन्होंने वकीलों से कार्यवाही जारी रखने को कहा।अदालत से बाहर ले जाते समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान"। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">अब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली पुलिस सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के साथ समन्वय कर रही है और नई दिल्ली ज़िला कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से पहले मामले की जाँच कर रहा है।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई को दिल्ली पुलिस के सुरक्षा प्रभाग द्वारा प्रदान की गई ज़ेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत में मौजूद एक वकील ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वकीलों की पोशाक पहने एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश गवई पर कुछ फेंका। वकील ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने बाद में उन्हें बताया कि उस व्यक्ति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका था।वकील ने यह भी कहा कि बाहर ले जाते समय उस व्यक्ति को नारे लगाते हुए सुना गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की दो सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई ने </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> सितंबर को खजुराहो मंदिर परिसर स्थित जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट ऊँची जीर्ण-शीर्ण मूर्ति के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई ने याचिकाकर्ता से कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह विशुद्ध रूप से प्रचार हित याचिका है... जाओ और स्वयं भगवान से कुछ करने के लिए कहो। यदि आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के प्रबल भक्त हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आप प्रार्थना करें और ध्यान करें।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश गवई ने बाद में कहा कि वह "सभी धर्मों का सम्मान करते हैं" और स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी इस संदर्भ में की गई थी कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को इसके रखरखाव का अधिकार क्षेत्र है। मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं सभी धर्मों में विश्वास करता हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं सभी (धर्मों) का सम्मान करता हूँ।"</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:18:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चोरी झपटमारी में शामिल अंतरराज्यीय गैंग का दिल्ली पुलिस ने किया भंडाफोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्लीः</strong> दक्षिण जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो झपटमारी/चोरी के मोबाइल फोन की तस्करी में शामिल था। यह गैंग दिल्ली के विभिन्न इलाकों और विशेषकर डीटीसी बसों में जेबकतरों व झपटमारों से चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदता था और फिर उन्हें कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेज देता था। गैंग का संचालन सीमा क्षेत्र में रहने वाले एक आरोपी के सहयोग से हो रहा था, जिसके बांग्लादेश में रिश्तेदार व गहरे संपर्क थे।ऑपरेशन के दौरान कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154152/delhi-police-busted-the-interstate-gang-involved-in-theft-shift"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250828-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्लीः</strong> दक्षिण जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो झपटमारी/चोरी के मोबाइल फोन की तस्करी में शामिल था। यह गैंग दिल्ली के विभिन्न इलाकों और विशेषकर डीटीसी बसों में जेबकतरों व झपटमारों से चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदता था और फिर उन्हें कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेज देता था। गैंग का संचालन सीमा क्षेत्र में रहने वाले एक आरोपी के सहयोग से हो रहा था, जिसके बांग्लादेश में रिश्तेदार व गहरे संपर्क थे।ऑपरेशन के दौरान कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 294 मोबाइल फोन (क़रीब 50 लाख रुपये मूल्य) बरामद किए गए। इनमें से 45 फोन विभिन्न एफआईआर से और 30 फोन लॉस्ट रिपोर्ट से जुड़े पाए गए हैं, शेष की तस्दीक जारी है।</div>
<div> </div>
<div>मोबाइल चोरी व झपटमारी की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, गृह मंत्रालय (MHA) और दूरसंचार विभाग (DoT) ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल आम जनता और जाँच एजेंसियों को चोरी/झपटमारी किए गए मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक करने की सुविधा देता है। इससे अपराधी भारत से बाहर इन उपकरणों की तस्करी करने पर मजबूर हो रहे हैं। CEIR पोर्टल का उद्देश्य न केवल चोरी हुए मोबाइल को निष्क्रिय करना है बल्कि उपभोक्ताओं के डाटा की सुरक्षा, पुलिस जांच में मदद और अवैध मोबाइल व्यापार पर अंकुश लगाना भी है।</div>
<div> </div>
<div>आम जनता से अपील है कि वे अपने मोबाइल का IMEI नंबर नोट करके सुरक्षित रखें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कर फोन ब्लॉक कराया जा सके। इसके अतिरिक्त, किसी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले उसकी स्थिति दिल्ली पुलिस वेबसाइट पर अवश्य जांच लें 27.07.2025 को एमजी–एमबी रोड पर डीटीसी बसों में चोरी करने वाले गैंग के बारे में सूचना मिलने पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने जाल बिछाया और निम्नलिखित 4 आरोपियों को पकड़ा गया: जदिनेश उर्फ Haddal (आयु: 52 वर्ष) निवासी: तुगलकाबाद, दिल्ली, रिजवान उर्फ़ कमांडो (आयु: 38 वर्ष) निवासी: बदरपुर, दिल्ली, रवि (आयु: 30 वर्ष) निवासी: खानपुर, दिल्ली, अजय (आयु: 41 वर्ष) निवासी: संगम विहार, दिल्ली इनके पास से 38 मोबाइल बरामद हुए।</div>
<div> </div>
<div>पूछताछ में इन्होंने बताया कि चोरी के मोबाइल राहुल पिचत्तर को सप्लाई किए जाते थे। 7.08.2025 को आरोपी विचित्र पुरी अंकित राहुल, पिचत्तर को पकड़ा गया और उसके पास से 5 मोबाइल बरामद हुए। उसने बताया कि फोन आगे मोजाहिर उर्फ समी़र को दिए जाते हैं, जो इन्हें कोलकाता ले जाता था।मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर अनुराग सिंह के नेतृत्व में एसआई मनीष, एएसआई सतीश, एचसी अखिलेश, एचसी यशपाल, एचसी पंकज, एचसी कृष्ण, एचसी नरेंद्र और कॉन्स्टेबल महेन्दर की टीम गठित की गई, जिसका पर्यवेक्षण एसीपी (ऑपरेशंस) अरविंद कुमार द्वारा किया गया 21.08.2025 को टीम कोलकाता पहुँची और आरोपी मोहम्मद खालिद @ पप्पू @ राहुल (आयु: 50 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उसके घर से 30 मोबाइल बरामद हुए। उसके फोन में कई बांग्लादेशी नागरिकों के सम्पर्क भी मिले।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 18:42:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डकैती और चोरी के मामलों में चार अपराधियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>नई दिल्ली-</strong> पुलिस स्टेशन डिफेंस कॉलोनी, दक्षिण जिले की टीम ने अलग-अलग घटनाओं में 04 घोषित अपराधियों विनय कुमार, राजू कश्यप, दीपक स्वामी और इस्लामुद्दीन को गिरफ्तार किया है। दक्षिण जिले के डिफेंस कॉलोनी थाने के पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से इन अपराधियों को पकड़ने का काम सौंपा गया था, इसलिए, टीमें घोषित अपराधियों पर काम कर रही थीं जो माननीय न्यायालय के समक्ष अपनी उपस्थिति से बच रहे थे। तदनुसार, पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मुखबिरों को संवेदनशील बनाकर और मानव खुफिया जानकारी एकत्र करके ईमानदारी से प्रयास शुरू किए।</div>
<div>  </div>
<div>पुलिस डिफेंस कॉलोनी की एक टीम जिसमें एचसी संदीप और एचसी</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150528/delhi-police-arrested-four-criminals-in-robbery-and-theft-cases"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250328-wa0204.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>नई दिल्ली-</strong> पुलिस स्टेशन डिफेंस कॉलोनी, दक्षिण जिले की टीम ने अलग-अलग घटनाओं में 04 घोषित अपराधियों विनय कुमार, राजू कश्यप, दीपक स्वामी और इस्लामुद्दीन को गिरफ्तार किया है। दक्षिण जिले के डिफेंस कॉलोनी थाने के पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से इन अपराधियों को पकड़ने का काम सौंपा गया था, इसलिए, टीमें घोषित अपराधियों पर काम कर रही थीं जो माननीय न्यायालय के समक्ष अपनी उपस्थिति से बच रहे थे। तदनुसार, पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मुखबिरों को संवेदनशील बनाकर और मानव खुफिया जानकारी एकत्र करके ईमानदारी से प्रयास शुरू किए।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस डिफेंस कॉलोनी की एक टीम जिसमें एचसी संदीप और एचसी करण सिंह शामिल थे, उन घोषित अपराधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग विकसित करने के लिए काम कर रही थी जो अपनी उपस्थिति से बच रहे थे। टीम के प्रयासों का फल तब मिला जब एक घोषित अपराधी की उपस्थिति के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई। सूचना को आगे बढ़ाया गया और पीओ के बारे में अधिक विवरण एकत्र किए गए। इनपुट के अनुसार, टीम ने जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया। बाद में, उसकी पहचान घोषित अपराधी विनय कुमार के रूप में हुई। उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर उपर्युक्त टीम ने फरार आरोपियों को ट्रैक करने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए, टीम ने दो अन्य घोषित अपराधियों को पकड़ लिया। बाद में, उनकी पहचान राजू कश्यप और दीपक स्वाम के रूप में हुई।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, गुप्त सूचना के आधार पर एचसी संदीप, एचसी करण सिंह और सीटी की एक टीम। शिवम ने शास्त्री पार्क, दिल्ली से एक व्यक्ति को पकड़ा। बाद में उसकी पहचान इस्लामुद्दीन के रूप में हुई, जो एक घोषित अपराधी था। इन सभी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।  1.विनय कुमार पुत्र दुख लाल निवासी एच-ब्लॉक, शास्त्री पार्क, दिल्ली। उम्र 31 वर्ष।</div>
<div> </div>
<div>2.राजू कश्यप पुत्र प्रेम चंद कश्यप निवासी शिव विहार, विकास नगर, उत्तम नगर, दिल्ली। उम्र 37 वर्ष।</div>
<div>3.दीपक स्वामी उर्फ दीपक पुत्र वासु त्रिमल स्वामी, निवासी दक्षिण पुरी, अंबेडकर नगर, दिल्ली। उम्र 26 वर्ष।</div>
<div>4.इस्लामुद्दीन पुत्र अलाउद्दीन निवासी डी-ब्लॉक, शास्त्री पार्क, दिल्ली। उम्र 27 वर्ष। उदलो</div>
<div> </div>
<div>1.आरोपी विनय कुमार फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 21.9.2024 के आदेश के अनुसार केस एफआईआर संख्या 709/17, यू/एस 379/411 आईपीसी, पीएस न्यू उस्मानपुर, दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था।</div>
<div> </div>
<div>2.आरोपी राजू कश्यप फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 16.03.2020 के आदेश के अनुसार केस एफआईआर संख्या 32/2011, यू/एस 454/34 आईपीसी, पीएस हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। वह पिछले 04 वर्षों से अपनी उपस्थिति से बच रहा था। 3.आरोपी दीपक स्वामी उर्फ दीपक फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 24.03.2025 के आदेश के तहत एफआईआर संख्या 308/2023, यू/एस 379/482/411/34 आईपीसी, पीएस सीलमपुर, दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। </div>
<div> </div>
<div>4.इस्लामुद्दीन फरार था और उसे माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.3.25 के आदेश के तहत एफआईआर संख्या 970/18, यू/एस 392/411/34 आईपीसी, पीएस न्यू उस्मानपुर, दिल्ली के संबंध में घोषित अपराधी घोषित किया गया था।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:44:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस के बेडे में 1427 नए कांस्टेबल हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र  प्रभात। एसडी सेठी। </strong></p>
<p><strong>दिल्ली।</strong> राजधानी की दिल्ली पुलिस अकादमी वजीराबाद में पासिंग आउट परेड का आयोजन कर पुलिस बेडे में 1270 ड्राइवर, कांस्टेबल  विधिवत शामिल हो गए। इसके अलावा 157 कांस्टेबल भी विधिवत रूप से दिल्ली पुलिस मे शामिल हुए।  यह अब-तक का सबसे बडा बैच ड्राइवर का माना जा रहा है। इन्हें बाकायदा ट्रेनिंग के दौरान न्यू क्रिमिनल लाॅ के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही राजधानी पुलिस के भी गुर सिखाए गए है। डिप्टी डायरेक्टर-2 उमाशंकर के मुताबिक जो 157 कांस्टेबल भर्ती हुए हैं,उनमें 38 महिला शामिल है।</p>
<p>आकादमी द्वारा आयोजित पासिंग आउट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141579/1427-new-constables-join-delhi-police-fleet"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/screenshot_20240524_193313_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र  प्रभात। एसडी सेठी। </strong></p>
<p><strong>दिल्ली।</strong> राजधानी की दिल्ली पुलिस अकादमी वजीराबाद में पासिंग आउट परेड का आयोजन कर पुलिस बेडे में 1270 ड्राइवर, कांस्टेबल  विधिवत शामिल हो गए। इसके अलावा 157 कांस्टेबल भी विधिवत रूप से दिल्ली पुलिस मे शामिल हुए।  यह अब-तक का सबसे बडा बैच ड्राइवर का माना जा रहा है। इन्हें बाकायदा ट्रेनिंग के दौरान न्यू क्रिमिनल लाॅ के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही राजधानी पुलिस के भी गुर सिखाए गए है। डिप्टी डायरेक्टर-2 उमाशंकर के मुताबिक जो 157 कांस्टेबल भर्ती हुए हैं,उनमें 38 महिला शामिल है।</p>
<p>आकादमी द्वारा आयोजित पासिंग आउट परेड में स्पेशल पुलिस कमिश्नर (एचआरडी)एसके गौतम ने परेड की सलामी ली। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस अकादमी के ज्वाइंट डायरेक्टर आसिफ मौहम्मद अली,के अलावा गुजरात के नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटीज के गेस्ट और दिल्ली पुलिस के कई सीनियर आफिसर भी मौजूद रहे। इन रंगरूटों  में अलग-अलग राज्यों से शामिल है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/screenshot_20240524_193451_google.jpg" alt="Screenshot_20240524_193451_Google" width="1080" height="603"></img></p>
<p>इनमें 122 पोस्ट ग्रेजुएट है। 788 ग्रेजुएट है। जबकि टेक्निकल पढाई कर चुके कांस्टेबलों की संख्या 58 है। इन शामिल कांस्टेबल को नए कानून के अलावा राजधानी दिल्ली में लाॅ एंड आर्डर मेंटेन करने के दौरान किन तरीके से काम किया जाता है। ट्रेफिक रूल्स,कम्प्यूटर के बारे  एवं,किसी इमर्जेंसी की स्थित में फर्स्ट एड कैसे दिया जाता है।इस बारे में अलग से ज्ञान दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 17:31:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस के खाकी रिश्वतखौर सीबीआई के अंटे चढे, 5 महीने में दर्जन अरेस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>एस.डी.सेठी। </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">दिल्ली। देश की राजधानी  पुलिस के दर्जन से ऊपर कारिंदे पिछले- 4-5 महीने में ही रिश्वत  लेते हुए सीबीआई के हत्थे  चढ चुके हैं। पुलिस के द्वारा रिश्वत वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है। इसके अलावा पुलिस वालों से भी वसूली के मामले भी सामने आए हैं। बता दें कि फरवरी -2022 में पुलिस वालों को ब्लैकमेल करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड हुआ था।जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और उसका बेटा भी शामिल था।         </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">  </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">इस गैंग ने कई पुलिसकर्मियों से वसूली की थी। वहीं अब ये हालात</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139421/delhi-polices-khaki-bribe-eaters-trouble-cbi-dozen-arrested-in-5"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240315_161245_google.jpg" alt=""></a><br /><div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>एस.डी.सेठी। </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">दिल्ली। देश की राजधानी  पुलिस के दर्जन से ऊपर कारिंदे पिछले- 4-5 महीने में ही रिश्वत  लेते हुए सीबीआई के हत्थे  चढ चुके हैं। पुलिस के द्वारा रिश्वत वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है। इसके अलावा पुलिस वालों से भी वसूली के मामले भी सामने आए हैं। बता दें कि फरवरी -2022 में पुलिस वालों को ब्लैकमेल करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड हुआ था।जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और उसका बेटा भी शामिल था।         </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">इस गैंग ने कई पुलिसकर्मियों से वसूली की थी। वहीं अब ये हालात है कि सीबीआई के द्वारा रंगे हाथ पकडने के मामले बढने से वाकई हालत गंभीर  है।जाहिर है कि थाना लेबल पर घूसखोरी टाॅप पर है। दरअसल रिश्वती मामले में हर कोई  आम शख्स सीबीआई तक नहीं पहुंच पाता है।कई मामलों में पीडित कानूनी पचडों से बचने या खुद गलत होने से शिकायत नहीं करता। उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी डिस्ट्रिक्ट के वेलकम थाने में सीबीआई ने रेड की। एक हेड कांस्टेबल प्रदीप 13000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">यह हवलदार अवैध परमिट बस चलाने के लिए पैसे वसूलता था। इसी कडी मे बीते महज 5 महीने में ही सीबीआई द्वारा 5000 रूपये से लेकर 5 लाख रूपये तक की रिश्वत वसूलते 10 से ज्यादा दिल्ली पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिश्वतखोरी के मामलों पर महकमें के रिटायर्ड पुलिस अफसर का कहना है कई मर्तबा पुलिसकर्मियों  पर रिश्वत के आरोप लगते रहते हैं।कई मामलों में जांच अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए आरोप लगाए जाते है।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">लेकिन सीबीआई के द्वारा रंगे हाथ पकडने के बढ रहे मामले वाकई खासे गंभीर हैं। इससे महकमें की छवि और भरोसे पर भी प्रभाव पडता है। लेटस्ट 12 मार्च को वेलकम थाने के हवलदार प्रदीप तौमर को 13 हजार रूपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने पकडा था। 25 फरवरी नंद नगरी थाने  के हेडकांस्टेबल पंकज को  40 हजार रूपये रिश्वत लेते पकडा।वह अवैध निर्माण के बूते रिश्वत वसूल रहा था। 15 फरवरी को हौजखास थाने के सब-इंस्पेक्टर को 5 हजार रूपये रिश्वत लेते दबोचा गया।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">एएसआई स्कूटर वापस दिलाने के लिए पीडित से रिश्वत वसूल रहा था।8- फरवरी को जामिया नगर पुलिस स्टेशन के एसआई को चोरी के केस में कमजोर धारा लगाने के लिए 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया।10 फरवरी को कोतवाली दरियागंज ट्रैफिक सर्किल के हेडकांस्टेबल अमन को कूडा-कचरा उठाने वाले गाडी मालिक से 5000 रूपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने पकडा। 5 जनवरी को सागर पुर थाने में तैनात एएसआई हरबंश लाल को अरेस्ट नहीं करने की ऐवज में 1 लाख रूपये की रिश्वत डिमांड केस में 20 हजार रूपये लेते सीबीआई ने रंगे हाथों पकडा। </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">वहीं 29 दिसंबर को सोनिया बिहार थाने में तैनात हेडकांस्टेबल रवींद्र सिंह राठी और कांस्टेबल जितेंद्र को अवैध कंस्ट्रक्शन करने के लिए 8000 रूपये लेते सीबीआई ने पकडा, 7 दिसंबर को आनंद विहार बस अड्डे के बाहर बस खडी करने के लिए 5000 रूपये  मंथली लेने के आरोप में सीबीआई ने हेडकांस्टेबल अमरपाल  और दलाल को दबोचा। 13 नवंबर को नई  दिल्ली के बाराखंभा रोड में दर्ज एक केस से बचाने के लिए एएसआई राजेश यादव  ने 4.5 लाख रूपये रिश्वत की डिमांड की। जिसमें राजेश यादव और वरूण चींचीं पकडे गए। ऐसे और भी कई मामले हैं जहां रिश्वत के बल पर अवैध को वैध कर दिया गया।</div>
<div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139421/delhi-polices-khaki-bribe-eaters-trouble-cbi-dozen-arrested-in-5</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Mar 2024 21:44:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पत्रकारों, लेखकों के घरों पर पड़ी Raids, प्रेस क्लब ने कहा चिंता का विषय </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Journalists: </strong>न्यूज़क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस के छापों पर पत्रकारों और इनके संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया यानी पीसीआई ने कहा है कि वह पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इसने सरकार से इस पर विस्तृत बयान जारी करने की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा है, 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों और लेखकों के घरों पर की गई कई छापेमारी से बेहद चिंतित है। हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और एक विस्तृत बयान जारी करेंगे।' इसने आगे कहा है कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135459/the-press-club-said-that-raids-on-the-houses-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Journalists: </strong>न्यूज़क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस के छापों पर पत्रकारों और इनके संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया यानी पीसीआई ने कहा है कि वह पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इसने सरकार से इस पर विस्तृत बयान जारी करने की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा है, 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों और लेखकों के घरों पर की गई कई छापेमारी से बेहद चिंतित है। हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और एक विस्तृत बयान जारी करेंगे।' इसने आगे कहा है कि पीसीआई पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़ा है और सरकार से जानकारी देने की मांग करता है।</p>
<p>न्यूज़क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों पर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह ही कार्रवाई की है। जिनके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई की गई है उनमें वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, अभिसार शर्मा, भाषा सिंह, न्यूज़क्लिक वेबसाइट के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और व्यंग्यकार संजय राजौरा, लेखिका गीता हरिहरन, प्रसिद्ध पत्रकार औनिंद्यो चक्रवर्ती, एक्टिविस्ट और इतिहासकार सोहेल हाशमी आदि शामिल हैं। अधिकतर के फोन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं और कुछ को पूछताछ के लिए थाने जाया गया है।</p>
<p>दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा समाचार पोर्टल के खिलाफ सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत एक नया मामला दर्ज किया गया है। चीन से फंड लेने के आरोपों के बीच न्यूज़क्लिक दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में है। बहरहाल, इस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। </p>
<p>वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कहा, "दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने न्यूज़क्लिक वेबसाइट से जुड़े कई पत्रकारों/लेखकों के घरों पर छापेमारी की। मोबाइल और लैपटॉप ले गई। पूछताछ जारी। अभी तक कोई वारंट/एफआईआर नहीं दिखाया गया। लोकतंत्र में पत्रकार कब से राज्य के 'दुश्मन' बन गए?"</p>
<p>लेखक अपूर्वानंद ने कहा है, 'सरकार के आलोचकों पर छापे मारे जा रहे हैं। अनिंद्यो, उर्मिलेश, भाषा, अभिसार, परोनजॉय, सोहेल हाशमी, रघुनंदन, संजय राजौरा, तीस्ता, ... के साथ क्या किया जा रहा है, इसको बताने का कोई अन्य तरीका नहीं है।' उन्होंने कहा, 'स्वतंत्र आवाज़ों पर हमला किया जा रहा है। यह वास्तव में वे लोग हैं जो जानकारी और विचारों के उन स्रोतों से वंचित हो रहे हैं जो उन्हें अपना निर्णय लेने में मदद करते हैं। उन्हें अपनी चिंता करने की ज़रूरत है। यह उन पर हमला है!'</p>
<p>सोहित मिश्रा ने लिखा है, 'एक तरफ़ साहब खुद यूट्यूब पर आ रहे हैं, और दूसरी तरफ यूट्यूब पर काम कर रहे पत्रकारों के घर पर छापेमारी हो रही है। सुबह सुबह पत्रकारों के घरों में इन अधिकारियों का पहुंचना, उनके लैपटॉप और फोन को सीज़ करना, यह बताता है कि 2024 की तैयारी शुरू हो गई है और बोलने वालों पर कारवाई होगी...।'</p>
<p>हालाँकि, कुछ पत्रकारों ने सरकार के फ़ैसले को सही ठहराने की कोशिश की है। अशोक श्रीवास्तव ने कहा है, 'कुछ लोग मनीष कश्यप की गिरफ्तारी को सही ठहरा रहे थे यह कह कर कि वो फेक न्यूज फैला रहा था। अब वही लोग अवैध फंडिग के मामले में न्यूज क्लिक के पत्रकारों के खिलाफ कारवाई पर छाती पीट रहे हैं। मनीष की गिरफ्तारी को जो लोग मीडिया पर हमला नहीं मान रहे थे यह कह कर कि मनीष पत्रकार नहीं यूट्यूबर है। अब वही लोग यूट्यूबर अभिसार शर्मा के समर्थन में रूदाली रोना रो रहे हैं कि मीडिया की आजादी खतरे में है।'</p>
<p>बता दें कि न्यूज़क्लिक और इसके पत्रकारों पर दिल्ली पुलिस के छापों को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की आलोचना की है। विपक्षी दलों ने कहा है कि जो बीजेपी की भजन मंडली में शामिल होने से इनकार करते हैं उनके ख़िलाफ़ इस तरह की कार्रवाई होती है। इन दलों ने कहा है कि सरकार उन लोगों से डरी हुई है जो उनकी विफलताओं पर सरकार से सवाल पूछते हैं। </p>
<p>कांग्रेस ने मोदी सरकार की इस कार्रवाई को पीएम मोदी का डर और घबराहट क़रार दिया है। इसने ट्वीट किया है, 'पीएम मोदी डरे हुए हैं, घबराए हुए हैं। खासतौर से उन लोगों से जो उनकी विफलताओं पर, उनकी नाकामियों पर उनसे सवाल पूछते हैं। वो विपक्ष के नेता हों या फिर पत्रकार, सच बोलने वालों को प्रताड़ित किया जाएगा। आज फिर से पत्रकारों पर छापेमारी इसी बात का प्रमाण है।'</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Oct 2023 16:02:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाहुबली बृजभूषण सिंह के खिलाफ दर्ज होगी FIR </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  स्वतंत्र प्रभात :</strong></p>
<p><br />  दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सात महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर उसने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला किया है। दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ को बताया कि आज प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।</p>
<p>मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘हमने प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला किया है। यह आज दर्ज की जाएगी।'' पीठ सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के सात महिला पहलवानों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128985/fir-will-be-filed-against-bahubali-brij-bhushan-singh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/1111.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> स्वतंत्र प्रभात :</strong></p>
<p><br /> दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सात महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर उसने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला किया है। दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ को बताया कि आज प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।</p>
<p>मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘हमने प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला किया है। यह आज दर्ज की जाएगी।'' पीठ सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के सात महिला पहलवानों के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।</p>
<p>पीठ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक नाबालिग लड़की को खतरे का आकलन करने और उसे पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया जो यौन उत्पीड़न की कथित पीड़ित है। इस मामले में देश के कई नामचीन पहलवान रविवार से यहां जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128985/fir-will-be-filed-against-bahubali-brij-bhushan-singh</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Apr 2023 16:05:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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