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                <title>पटना - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>पटना RSS Feed</description>
                
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                <title>बिहार की राजनीति- निशांत कुमार का राजनीतिक उदय</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="center">  </p>
<p style="text-align:justify;" align="right"><span lang="en-us" xml:lang="en-us">- महेन्द्र तिवारी</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार की राजनीति आज उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ सत्ता के गलियारों में बदलाव की सरसराहट नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक युग के अवसान और नए नेतृत्व के अभ्युदय की पदचाप सुनाई दे रही है। पिछले दो दशकों से बिहार की नियति को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा के उस पड़ाव पर कदम रखा है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ से वापसी के रास्ते संगठन की मजबूती और उत्तराधिकार के प्रश्न पर जाकर टिक जाते हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर लंबे समय से जिस सन्नाटे को महसूस किया जा रहा था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">,</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173025/political-rise-of-nishant-kumar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/mahendra_tiwari.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="center"> </p>
<p style="text-align:justify;" align="right"><span lang="en-us" xml:lang="en-us">- महेन्द्र तिवारी</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार की राजनीति आज उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ सत्ता के गलियारों में बदलाव की सरसराहट नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक युग के अवसान और नए नेतृत्व के अभ्युदय की पदचाप सुनाई दे रही है। पिछले दो दशकों से बिहार की नियति को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा के उस पड़ाव पर कदम रखा है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ से वापसी के रास्ते संगठन की मजबूती और उत्तराधिकार के प्रश्न पर जाकर टिक जाते हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर लंबे समय से जिस सन्नाटे को महसूस किया जा रहा था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वह 8 मार्च 2026 को पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में नारों की गूँज के साथ टूट गया। निशांत कुमार का राजनीति में औपचारिक प्रवेश केवल एक व्यक्ति का दल में शामिल होना नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह एक क्षेत्रीय दल के अस्तित्व को बचाने की उस छटपटाहट का परिणाम है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो अक्सर </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">वन मैन शो</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वाली पार्टियों में उनके शीर्ष नेता के सक्रिय राजनीति से दूर होने पर दिखाई देती है। नीतीश कुमार ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में जिस समाजवाद और वंशवाद विरोधी विचारधारा का झंडा बुलंद किया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज उनकी पार्टी उसी वंशवाद के छाते तले खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है। यह भारतीय राजनीति की एक कड़वी हकीकत है कि क्षेत्रीय दल विचारधारा से ज्यादा एक चेहरे से बंधे होते हैं और जब वह चेहरा धुंधला पड़ने लगता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो कार्यकर्ता किसी ऐसे नाम की तलाश करते हैं जो उस विरासत को संजो सके। निशांत कुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे एक ऐसे पिता के उत्तराधिकारी बनकर आए हैं जिन्होंने अपनी शर्तों पर राजनीति की है। नीतीश कुमार वह शख्सियत रहे हैं जिन्होंने विधानसभा में संख्या बल कम होने के बावजूद गठबंधन के साथियों को अपनी उंगलियों पर नचाया और चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर यह साबित किया कि राजनीति में करिश्मा और चाणक्य नीति का मेल क्या होता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">2025 के विधानसभा चुनावों ने नीतीश कुमार की लोकप्रियता पर उठ रहे तमाम सवालों पर विराम लगा दिया था। उनके गिरते स्वास्थ्य और भूलने की बीमारी की चर्चाओं के बीच जब परिणाम आए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे चौंकाने वाले थे। जनता ने उन्हें न केवल वोट दिया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि बिहार के ग्रामीण अंचलों में आज भी </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुशासन बाबू</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की धमक बरकरार है। यहाँ तक कि भारतीय जनता पार्टी को मिली भारी सफलता के पीछे भी नीतीश कुमार का वह अति पिछड़ा और महिला वोट बैंक सक्रिय था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो खामोशी से उनके पक्ष में लामबंद रहता है। लेकिन अपने राजनीतिक चरमोत्कर्ष पर नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला और पार्टी की बागडोर परोक्ष रूप से निशांत कुमार के हाथों में सौंपने की तैयारी ने कार्यकर्ताओं को हतप्रभ कर दिया है। निशांत के स्वागत में लगे </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">निशांत हैं तो निश्चिंत हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नारे दरअसल कार्यकर्ताओं के उसी भय को दर्शाते हैं जो नीतीश के बिना पार्टी के बिखरने की आशंका से पैदा हुआ है। 40 वर्षीय निशांत</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो पेशे से इंजीनियर हैं और अब तक सक्रिय राजनीति की चकाचौंध से दूर रहे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उनके लिए यह डगर कांटों भरी है। राजनीति कोई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं है जहाँ फार्मूलों से नतीजे निकाले जा सकें</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यहाँ समीकरण हर पल बदलते हैं। उनकी पहली और सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के उस मूल आधार—कुर्मी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कोइरी और अति पिछड़ा वर्ग—को अपने साथ जोड़े रखने की है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो नीतीश कुमार के व्यक्तित्व के आकर्षण में जेडीयू के साथ रहा है। क्या एक सौम्य और राजनीति से दूर रहा युवा इन वर्गों की आकांक्षाओं को वह स्वर दे पाएगा जो उनके पिता ने दिया था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तेजस्वी यादव और चिराग पासवान जैसे युवा नेता पहले से ही बिहार की मिट्टी में अपनी जड़ें गहरी कर चुके हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री एक ऐसे समय में हुई है जब उनके प्रतिद्वंद्वी राजनीति के मजे हुए खिलाड़ी बन चुके हैं। तेजस्वी यादव ने जहाँ लालू प्रसाद यादव की विरासत को अपनी मेहनत और संघर्ष से एक नई ऊँचाई दी है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं चिराग पासवान ने भी </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">हनुमान</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की छवि से निकलकर अपनी स्वतंत्र पहचान बनाई है। इन दोनों नेताओं के विपरीत निशांत को राजनीति विरासत में मिली तो है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उन्होंने कभी अपने पिता के साथ धूप-छाँव में संघर्ष नहीं किया। वे नीतीश कुमार के उन राजनीतिक दांव-पेंचों के साक्षी नहीं रहे हैं जिन्होंने जेडीयू को बार-बार संकट से उबारा। ऐसे में पार्टी के भीतर मौजूद </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">घाघ</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और पुराने नेताओं के साथ तालमेल बिठाना उनके लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा। जेडीयू के भीतर कई ऐसे दिग्गज नेता हैं जो खुद को नीतीश का स्वाभाविक उत्तराधिकारी मानते रहे हैं। राजीव रंजन सिंह और संजय झा जैसे नेताओं की मौजूदगी में निशांत को अपनी स्वतंत्र पहचान बनानी होगी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वरना यह आशंका हमेशा बनी रहेगी कि वे केवल एक </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">रबर स्टैंप</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बनकर रह जाएंगे और पार्टी की दूसरी लाइन के नेता उन्हें अपने हितों के लिए इस्तेमाल करेंगे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक और गंभीर चुनौती भारतीय जनता पार्टी के साथ संबंधों को लेकर है। बिहार में बीजेपी अब वह छोटी पार्टी नहीं रही जो नीतीश कुमार के पीछे चलती थी। 2025 के नतीजों के बाद बीजेपी अब खुद को </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़े भाई</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की भूमिका में देख रही है। गठबंधन की राजनीति अक्सर क्रूर होती है और हर बड़ी पार्टी अपने छोटे सहयोगी को निगलने या उसे अप्रासंगिक बनाने की कोशिश करती है। बीजेपी की दीर्घकालिक रणनीति बिहार में अपना मुख्यमंत्री लाने की है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से हटने के बाद जेडीयू के लिए जूनियर पार्टनर बनकर अपनी स्वायत्तता बचाए रखना लगभग असंभव सा कार्य होगा। बीजेपी चाहेगी कि भविष्य में जेडीयू का उसमें विलय हो जाए या फिर वह इतनी कमजोर हो जाए कि उसका अपना कोई अस्तित्व न बचे। निशांत कुमार को इस </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मित्रवत हमले</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से पार्टी को बचाना होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जेडीयू केवल एक चुनाव जिताने वाली मशीन न बनकर रह जाए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसका अपना वैचारिक स्टैंड भी बना रहे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निशांत के पक्ष में एक बात यह जाती है कि वे शिक्षित हैं और उनकी छवि साफ-सुथरी है। बिहार की युवा पीढ़ी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर विकास और शिक्षा की बात करती है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">निशांत में एक उम्मीद देख सकती है। लेकिन राजनीति में केवल शिक्षा और सौम्यता काफी नहीं होती</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यहाँ जनमानस से जुड़ने के लिए पसीना बहाना पड़ता है। नीतीश कुमार की अनुपस्थिति में जब वे सदस्यता ले रहे थे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसमें एक गहरा संदेश छिपा था। नीतीश ने शायद यह जतलाने की कोशिश की कि वे अभी भी वंशवाद के खिलाफ हैं और निशांत का आना पार्टी की इच्छा है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी निजी जिद नहीं। हालांकि</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह संदेश आम जनता तक किस रूप में पहुँचता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह देखने वाली बात होगी। क्या जनता इसे नीतीश की मजबूरी समझेगी या एक सोची-समझी रणनीति</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि जनता के बीच यह संदेश गया कि जेडीयू अब केवल एक परिवार को बचाने की कोशिश कर रही है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो नीतीश कुमार द्वारा दशकों में कमाई गई </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुशासन</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की साख को धक्का लग सकता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जेडीयू की सांगठनिक स्थिति वर्तमान में नाजुक है। 2010 में 115 सीटें जीतने वाली पार्टी 2020 में 45 पर सिमट गई थी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि 2025 में उसने फिर से 85 सीटों के साथ वापसी की। यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि पार्टी का जनाधार पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और वह गठबंधन के साथी की मजबूती पर निर्भर करता है। नीतीश कुमार का करिश्मा ही वह गोंद था जो इस गठबंधन को वजन देता था। अब जब गठबंधन की कमान निशांत की ओर झुक रही है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्हें साबित करना होगा कि वे केवल नीतीश के पुत्र नहीं हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक कुशल रणनीतिकार भी हैं। उन्हें उन विधायकों और नेताओं को टूटने से रोकना होगा जो सत्ता के नए केंद्रों की तलाश में दूसरी पार्टियों का रुख कर सकते हैं। अटकलें हैं कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है या पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष। पद चाहे जो भी मिले</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">असली चुनौती सड़क पर उतरकर कार्यकर्ताओं का विश्वास जीतने की होगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंततः</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">निशांत कुमार की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे अपने पिता के </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मार्गदर्शन</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का उपयोग किस सीमा तक करते हैं। नीतीश कुमार ने भले ही कह दिया हो कि "मैं हूँ ना"</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दिल्ली की राजनीति और पटना की जमीन के बीच का फासला बहुत बड़ा होता है। गठबंधन की राजनीति में सहयोगी दल अक्सर कमजोर कड़ियों की तलाश में रहते हैं। यदि निशांत ने अपनी राजनीतिक परिपक्वता का परिचय जल्द नहीं दिया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो जेडीयू का अस्तित्व बीजेपी के बढ़ते प्रभुत्व और तेजस्वी यादव के आक्रामक विपक्ष के बीच सैंडविच बनकर रह सकता है। बिहार की राजनीति में यह एक नए अध्याय की शुरुआत है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें विरासत का बोझ है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिद्वंद्वियों की चुनौती है और एक ऐसी जनता की उम्मीदें हैं जो अब पुराने नारों से आगे निकलना चाहती है। निशांत कुमार को यह समझना होगा कि उनके पिता ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि उन्हें शिखर पर बने रहने के लिए शून्य से शुरुआत करनी है। यह चुनौती किसी भी युद्ध से बड़ी है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यहाँ हारने के लिए एक पूरी विरासत है और जीतने के लिए केवल संघर्ष।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निशांत कुमार की राह में सबसे बड़ी बाधा वह </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सूडो-पॉलिटिकल</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ढांचा भी है जिसे उनके पिता ने बड़ी कुशलता से बुना था। नीतीश कुमार ने अधिकारियों के भरोसे शासन चलाया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता अक्सर खुद को उपेक्षित महसूस करते रहे। यदि निशांत भी इसी रास्ते पर चलते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो कार्यकर्ताओं का उत्साह जल्दी ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा। उन्हें पार्टी के भीतर लोकतंत्र को बहाल करना होगा और उन कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना होगा जो अब तक केवल नीतीश के नाम पर वोट मांगते आए हैं। बिहार का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि क्या यह नया नेतृत्व सुशासन की उस लौ को जलाए रख पाता है या फिर सत्ता की इस खींचतान में जेडीयू इतिहास के पन्नों में एक और क्षेत्रीय दल के रूप में दर्ज हो जाती है जो अपने नायक के जाने के बाद अपनी पहचान खो बैठा। 8 मार्च की वह शाम पटना के आकाश में नई उम्मीदें लेकर आई थी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उन उम्मीदों को हकीकत में बदलना निशांत कुमार के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 21:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगहा–बेलवनिया पुल निरस्तीकरण के विरोध में उबाल, एसडीएम को सौपा गया ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर । </strong>बगहा के शास्त्रीनगर से उत्तर प्रदेश के बेलवनिया तक प्रस्तावित पुल को निरस्त किए जाने के विरोध में क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सर्वदलीय एवं आम जनता की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी बगहा को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण कार्य को पूर्व स्वीकृत स्थल से ही शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है, जिससे पिपरासी प्रखंड सहित यूपी के जटहा, खड्डा, छितौनी, पनियहवा, नेबुआ, कप्तानगंज और गोरखपुर क्षेत्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166956/memorandum-submitted-to-ubal-sdm-in-protest-against-cancellation-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/fb_img_1769089498517.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर । </strong>बगहा के शास्त्रीनगर से उत्तर प्रदेश के बेलवनिया तक प्रस्तावित पुल को निरस्त किए जाने के विरोध में क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सर्वदलीय एवं आम जनता की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी बगहा को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण कार्य को पूर्व स्वीकृत स्थल से ही शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है, जिससे पिपरासी प्रखंड सहित यूपी के जटहा, खड्डा, छितौनी, पनियहवा, नेबुआ, कप्तानगंज और गोरखपुर क्षेत्र के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता। पुल निरस्त होने से व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास पर गंभीर असर पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में STMC की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मदनपुर–पनियहवा मार्ग का निर्माण पहले से बाधित है। भविष्य में यदि यह मार्ग बंद होता है तो बाल्मीकिनगर, हरनाटांड, सेमरा सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लोगों को 50 किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।</div>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/screenshot_2026-01-22-19-20-58-700_com.miui.gallery-edit.jpg" alt="Screenshot_2026-01-22-19-20-58-700_com.miui.gallery-edit" width="1080" height="508"></img></p>
<div style="text-align:justify;">सभा की अध्यक्षता फिरोज आलम ने की जबकि संचालन राकेश सिंह ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पुल निरस्तीकरण के निर्णय को जनविरोधी बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रशासन से आग्रह किया गया कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह विषय माननीय मंत्री तक पहुंचाया जाए ताकि शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। </div>
<div>
<div>इस दौरान जयनेन्द्र सिंह, अमरेश्वर सिंह, कामरान अज़ीज़, हृदयानन्द दूबे,</div>
<div>नागेंद्र सहनी, दयाशंकर सिंह, गिरिन्द्र पाण्डेय, अरविन्द नाथ तिवारी,</div>
<div style="text-align:justify;">सुबोध चौहान, अजय साहनी, विशाल पाण्डेय, कामेश्वर तिवारी,</div>
<div>जुगनू आलम, विनय यादव, सुशील दूबे, रामाशंकर दूबे, उमेश गुप्ता, निवेदिता मिश्रा, बबलू यादव, श्रेयांशु कुमार, शैलेश जदुवंशी, प्रमोद रौनियार, अनिल सहनी, मो. राशिद, छोटे श्रीवास्तव, अशोक कुमार मिश्रा, दीपू जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, शांति देवी, माधुरी देवी, सुषमा सिंह, संदीप उर्फ़ गोलू सहनी, रविकेश पाठक, रंजीत राज शामिल रहे। </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 19:24:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुशीनगर : शास्त्रीनगर–जटहां आरओबी मार्ग परियोजना स्वीकृत पर अंधकार क्यों </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद रौनियार </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>स्थित साफ तौर पर स्पष्ट नहीं हो रहा है कि आर ओ बी परियोजना शास्त्रीनगर से बेलवनिया मिशन बनेगा या शास्त्रीनगर से जटहां घाट जुड़ेगा, जब की जानकारों की माने तो कागजों में शास्त्रीनगर से जटहां घाट की ही स्वीकृत केंद्र सरकार के सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री माननीय नितिन गडकरी द्वारा प्रदान कर दी गई है।</p>
<p>  </p>
<p style="text-align:justify;">यूपी–बिहार गंडक सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग बिहार के बगहा के शास्त्रीनगर से यूपी के जटहां घाट गंडक पथ निर्माण हेतु सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 2024 में बिहार के सांसद और विधायक गणों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147868/kushinagar-shastri-nagar-why-darkness-on-rob-marg-project"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/screenshot_2025-01-27-06-30-42-006_com.miui.gallery-edit.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद रौनियार </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>स्थित साफ तौर पर स्पष्ट नहीं हो रहा है कि आर ओ बी परियोजना शास्त्रीनगर से बेलवनिया मिशन बनेगा या शास्त्रीनगर से जटहां घाट जुड़ेगा, जब की जानकारों की माने तो कागजों में शास्त्रीनगर से जटहां घाट की ही स्वीकृत केंद्र सरकार के सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री माननीय नितिन गडकरी द्वारा प्रदान कर दी गई है।</p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">यूपी–बिहार गंडक सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग बिहार के बगहा के शास्त्रीनगर से यूपी के जटहां घाट गंडक पथ निर्माण हेतु सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 2024 में बिहार के सांसद और विधायक गणों के पहल पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है लेकिन 2018 में राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के इंजीनियरों द्वारा की गई 19.5 किमी सर्वे को ही अपना टारगेट बना लिया है। जब की शास्त्रीनगर (बगहा) से जटहां घाट की दूरी सिर्फ 8.7 किमी ही है यहां दूरी कम होने से कम बजट में दो राज्य आपस में जुड़ जाएंगे। जिससे बगहा पुलिस हेड ऑफिस और कोर्ट से गंडक नदी दक्षिण पूर्व बिहार के प्रखंड परसौनी, दहवा मधुबनी के लाखों जनता का सीधा संपर्क मार्ग होगा। सबसे बड़ी असंतोषजनक विडंबना है शास्त्रीनगर से बेलवानिया जो पनियहवा के पास है यहां पर जोड़ने से बिहार वासियों को कोई लाभ नहीं होने वाला है।</p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">बिहार के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गंडक नदी की भौगोलिक जानकारी की सर्वे जनहित में अवश्य करवाना चाहिए तभी दूध और पानी का उपयोग का पता चलेगा कि जनहित में शास्त्रीनगर से जटहां घाट ही अति लोकप्रिय मार्ग है।</p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कटाई भरपुरवा गंडक नदी पीठ पीछे गणेश नगर से बिहार के बगहा 6 किमी है और सामने खड्डा क्षेत्र के कटाई भरपुरवा (जटहां घाट) नेबुआ मोड़ 2.7 किमी है। शास्त्रीनगर (बगहा) गंडक से जटहां घाट पूल सह पथ निर्माण हेतु जीपीएस फोटो बिहार सरकार के वाल्मिकीनगर विधानसभा से लोकप्रिय विधायक रिंकू सिंह के निर्देश पर उन्हें ध्यानार्थ उपलब्ध कराया गया है। उल्लेखनीय हैं कि इस पूल पथ परियोजना का निर्माण बिहार सरकार द्वारा ही कराया जाना है।</p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अवगत कराना चाहता हूं कि शास्त्रीनगर बगहा से जटहां घाट सेतु पथ निर्माण से गंडक पार जटहां घाट से दक्षिण पूर्व के प्रखंड पिपरासी, दहवा, मधुबनी क्षेत्र के सैकड़ों गांव के लाखों ग्रामीणों का बगहा से 8.7 किमी की दूरी पर सीधा आवागमन शुरू हो जाएगा और यूपी–बिहार दो राज्य आपस में जुड़ जाने से पिछड़े क्षेत्र का बहुमुखी विकास शुरू हो जाएगा। साथ ही बहुप्रतिक्षित सपना संजोए रेता क्षेत्र वासियों का दि<span style="text-align:left;">न बहुर जायेगा।</span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 06:31:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेतिया : डीईओ के आवास पर विजिलेंस टीम की छापेमारी,  नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बगहा (प .च)। </strong> बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रज के लिए नीकांत प्रवीण के आवास पर विजिलेंस की छापेमारी। बिहार सरकार की स्पेशल विजिलेंस टीम सुबह मे डीईओ से पूछताछ की और पुरे दिन उनके आवास का कोना कोना की तालासी कर भारी मात्रा मे नगद व अन्य संदिग्ध दास्तांवेज बरामद किया है। आय से अधिक सम्पत्ति की सूचना के बाद यह करवाई की गईं है जिसमे शिक्षपदाधिरी के अन्य ठिकानो पर भी छापे मारी हुई है। आवास से मिले नगद नोट गिनने के लिए मशीन भी मंगाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/screenshot_2025-01-24-07-29-27-981_com.whatsapp-edit.jpg" alt="Screenshot_2025-01-24-07-29-27-981_com.whatsapp-edit" width="1080" height="606" /></p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरी कार्रवाई बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बसंत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147814/vigilance-team-raided-the-residence-of-bettiah-deo-machine-had"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250124-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बगहा (प .च)। </strong> बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रज के लिए नीकांत प्रवीण के आवास पर विजिलेंस की छापेमारी। बिहार सरकार की स्पेशल विजिलेंस टीम सुबह मे डीईओ से पूछताछ की और पुरे दिन उनके आवास का कोना कोना की तालासी कर भारी मात्रा मे नगद व अन्य संदिग्ध दास्तांवेज बरामद किया है। आय से अधिक सम्पत्ति की सूचना के बाद यह करवाई की गईं है जिसमे शिक्षपदाधिरी के अन्य ठिकानो पर भी छापे मारी हुई है। आवास से मिले नगद नोट गिनने के लिए मशीन भी मंगाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/screenshot_2025-01-24-07-29-27-981_com.whatsapp-edit.jpg" alt="Screenshot_2025-01-24-07-29-27-981_com.whatsapp-edit" width="1080" height="606"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरी कार्रवाई बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बसंत बिहार कॉलोनी में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवास पर हुई है जिसमे विजिलेन्स टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी शामिल रही। डीईओ रजनीकांत प्रवीण पिछले तीन वर्षों से बेतिया में पदस्थापित हैं। विजिलेंस टीम उनके घर में कई घंटे से मौजूद रही और उनसे बरामद राशि का विवरण सहित अन्य मुद्दों की जानकारी लेने मे जुटी रही।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/vid-20250124-wa0000.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, अब तक घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। स्थिति यह है कि नोट गिनने वाली मशीन मंगवानी पड़ी। पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। विजिलेंस टीम ने डीईओ के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुत्तो से प्राप्त सूचना के अनुसार दो करोड़ से अधिक कैश बरामद किया गया है। इसकी पुष्टि होने के तत्काल बाद जिला शिक्षपदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण को विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया है, साथ हीं बिहार सरकार द्वारा विधि सम्मत आगे की कार्रवाई की जा रही है </p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। छापेमारी इसी सिलसिले में की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि डीईओ के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और अवैध संपत्ति के मामले में शिकायतें दर्ज थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 07:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगहा : ओमप्रकाश राजभर नें बिहार विधानसभा की 25 सीटों पर की दावेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी सरकार मे मंत्री ने बिहार मे एनडीए सरकार पर उठाया सवाल ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147562/bagaha-omprakash-rajbhar-stakes-claim-on-25-seats-of-bihar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/screenshot_2025-01-20-03-24-56-461_com.whatsapp-edit.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रिपोर्ट जी कुमार  </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बगहा (प च)। </strong>चुनावी साल पर बिहार में कड़ाके की ठण्ड के बीच राजनितिक सरगर्मी बढ़ गईं है क्योंकि एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर ताबड़तोड़ सरकारी योजनाओं की बौछार क़र रहे हैं तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कार्यकर्त्ता दर्शन संवाद यात्रा में सरकार को घेरनें में जुटे हैं इसी बीच तीसरी इंट्री ओमप्रकाश राजभर की हो गईं है जिससे सियासी तापमान औऱ बढ़ गया है। एनडीए को समर्थन देकर उतर प्रदेश की योगी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल ओमप्रकाश राजभर नें बिहार विधानसभा की 25 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश क़र नया पेंच फंसा दिया है जिसको लेकर विगत कुछ महिनों से वें लगातार चम्पारण दौरा क़र रहे हैं। अब शराबबंदी पर उन्होंने सरकार को घेर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल महिला सम्मान रैली के बहाने उतर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बिहार की नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में शराब बंद है फिर भी गन्ने की खेत में शराब बनाई जाती है, जिससे गरीब लोग परेशान होते हैं, जब सरकार की मंशा नशा मुक्त प्रदेश बनाने की है तो सरकार को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। क्योंकि शराब की वजह से गरीब , नौजवान लोग परेशान हो रहे हैं कभी कभार इसी जहरीली शराब से लोग बेमौत मर रहे हैं यानी बिहार में शराबबंदी में सरकार पूरी तरह से विफल है तभी तो लोग इसको कमाई का भी जरिया बना लिए हैं ।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है की 2024 लोकसभा चुनाव में दावेदारी के बाद आज पुनः चम्पारण के रामनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अर्जुन विक्रम शाह स्टेडियम में महिला जागरूकता महारैली के आयोजन में पहुँचे सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष औऱ यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर नें साफ़ तौर पर कहा की बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का एनडीए के साथ गठबंधन बरकरार रहेगा लिहाजा वें कम से कम 20-25 सीटों की मांग क़र रहे हैं जहाँ उनके उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। ओमप्रकाश राजभर नें आगे बताया कि हम यह चाहते हैं कि एक समान शिक्षा और एक समान चिकित्सा प्रत्येक नागरिक को मिले, किसी भी व्यक्ति में कोई भेदभाव ना हो औऱ अगर हमारी सरकार बिहार में बनती है तो जितने भी मतदाता हैं उनको भी 5000 रूपये पेंशन मिले जबकि महिलाओं को 2100 रूपये प्रत्येक माह आर्थिक मदद के तौर पर दिया जाए। इतना हीं नहीं उन्होंने सुनिश्चित किया कि प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली दी जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">बता दें की आज हीं बिहार के बेतिया स्थित लौरिया के मठिया में संदिग्ध हालात में कई लोगों की मौत की ख़बर है जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुईं है। यहां फ़िर एक बार ऐसे हीं जहरीली शराब बनाने बेचने औऱ पीने से मौत की आशंका जताई गईं है जिसको लेकर सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर नें बिहार सरकार पर शराबबंदी की विफलता को लेकर तंज किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में चुनाव से पूर्व एनडीए गठबंधन में रहकर अपनी सरकार का विरोध सीटों के बंटवारे में कितना कारगर होगा यह तो आने वाले समय बताएगा लेकिन फिलहाल इस ज़िलें के रामनगर में ओमप्रकाश राजभर का चुनावी कार्यक्रम के बहाने रामनगर से सटे लौरिया के मठिया में हुईं घटना पर इशारों इशारों में प्रहार किया जाना कितना वाजिब है। </p>
<p> <strong>ओमप्रकाश राजभर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी सह कैबिनेट मंत्री</strong></p>
<p><strong></strong></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/vid-20250120-wa0007.mp4" controls=""><strong></strong></video><strong></strong>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147562/bagaha-omprakash-rajbhar-stakes-claim-on-25-seats-of-bihar</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 03:32:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगहा : प्राइवेट स्कूल मे छात्र की संदिग्ध मौत, संचालक गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[मृतक छात्र का फाइल फोटो ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147287/suspicious-death-of-student-in-bagaha-private-school-operator-arrested%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250110-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बगहा (प. च)। </strong>बिहार के पुलिस जिल बगहा के चौतरवा थाना क्षेत्र स्थित आरसी इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा दो के छात्र साहिल राज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है और प्रशासन से मामले की जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">मृतक छात्र को जब विद्यालय प्रबंधन द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल बगहा लाया गया, जंहा चिकित्सक डॉ. चंदन कुमार ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र के मृत घोषित होते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध किया। घटनास्थल पर बाजार से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस ने स्थिति को काफी मसक्क्त के बाद नियंत्रित किया और स्कूल के निदेशक आत्मा यादव को हिरासत में ले लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">साहिल के चचेरे भाई ने बताया कि शाम करीब 4:30 बजे स्कूल से सूचना मिली थी कि साहिल फुटबॉल खेलते वक्त चोटिल हो गया है। उसे स्थानीय उपचार के बाद अस्पताल लाया जा रहा है जब वे अस्पताल पहुंचे तो साहिल को मृत पाया गया। परिजनों ने बताया कि साहिल के नाक और कान से खून निकल रहा था, और वे मानते हैं कि साहिल फुटबॉल खेलते वक्त घायल नहीं हुआ था। परिजनों का आरोप है कि वह या तो स्कूल की छत से गिरा है, या उसका एक्सीडेंट हुआ है।</p>
<p>परिजनों ने स्कूल संचालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अपील की है। चौतरवा थाना के प्रभारी संजीत कुमार ने कहा कि नगर थाना से सूचना मिलने के बाद वह मामले की जांच कर रहे हैं। साहिल होस्टल में रहकर पढ़ाई करता था और तीन बहनों का इकलौता भाई था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 05:54:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगहा : विकास की योजनाओं का सौगात मिलने पर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जी कुमार की रिपोर्ट, बगहा (प. च)। </strong>बिहार मे होने वाले 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी का आगाज मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा से कर दिया है जिससे इस ठंढ मे भी राजनितिक पारा चढ़ गया है। इसी कड़ी मे आज वाल्मीकिनगर से जदयू सांसद सुनील कुमार ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार के विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान मेरे संसदीय क्षेत्र को जो सौगातें दी हैं उसके लिए हम मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं।  वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजनाओं में गंडक पार धनहा क्षेत्र में डिग्री कालेज की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147176/thanked-the-chief-minister-for-getting-the-gift-of-bagaha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/img-20241228-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जी कुमार की रिपोर्ट, बगहा (प. च)। </strong>बिहार मे होने वाले 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी का आगाज मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा से कर दिया है जिससे इस ठंढ मे भी राजनितिक पारा चढ़ गया है। इसी कड़ी मे आज वाल्मीकिनगर से जदयू सांसद सुनील कुमार ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार के विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान मेरे संसदीय क्षेत्र को जो सौगातें दी हैं उसके लिए हम मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं।  वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजनाओं में गंडक पार धनहा क्षेत्र में डिग्री कालेज की स्वीकृति, इनरवा सिकटा से बाल्मीकिनगर तक दोन नहर पर 100 किलोमीटर सड़क निर्माण, मदनपुर पनियहवा सड़क निर्माण, बगहा रामपुर बाईपास सड़क निर्माण, मसान नदी के दाएं तटबंध का निर्माण, बाल्मीकिनगर में लवकुश पार्क और दोन क्षेत्र में केबल के माध्यम से बिजली पहुंचाने हेतु पावर ग्रिड निर्माण की योजनायें शामिल है। इसके अलावा लौरिया से नंदनगढ़ तक सड़क निर्माण, बेतिया में भव्य स्टेडियम निर्माण, पूरे जिले में 250 खेल मैदान और रनिंग ट्रैक का निर्माण भी होना है। </p>
<p style="text-align:justify;">वाल्मीकिनगर सांसद ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर बिहार और चम्पारण में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। इस कड़ी में ठकराहा से मनुआ पुल के बीच पखनाहा घाट पर एशिया का सबसे बड़ा मेगा ब्रिज और बगहा से बेलवनिया के बीच गंडक नदी पर बड़े पुल व सड़क निर्माण की स्वीकृति शामिल है। साथ ही वर्षो से लंबित छितौनी-तमकुही रेल लाइन पर भी रेलमंत्रालय की स्वीकृति के बाद पुनः काम शुरू हो चुका है। </p>
<p style="text-align:justify;"> बगहा 2 आईबी में पूर्व विधान पार्षद राजेश राम की अध्यक्षता में सांसद  कुमार ने जननायक कर्पूरी विचार मंच के तले एक बैठक कर जनवरी में नरकटियागंज में कर्पूरी जयंती सह सामूहिक विवाह समारोह को सफल बनाने और 01 मार्च को बगहा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक का संचालन मंच के बगहा विधानसभा प्रभारी जदयू नेता राकेश सिंह ने किया। </p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-12/vid-20241228-wa0000.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह, जदयू नेता जयेंन्द्र सिंह, पशुपति नाथ गुप्ता, दयाशंकर सिंह, श्यामबिहारी गुप्ता, निवेदिता मिश्रा, पलक भारती, उमाशंकर पटेल, जितेंद्र जायसवाल, जयचंद पाण्डेय, जितेंद्र कुशवाहा, अशोक पटेल, मो0 निज़ामुद्दीन, नौशाद आलम, इज़हार सिद्दीकी, हीरालाल ठाकुर, छठ्ठू बैठा, बिपिन दूबे, भाजपा नेता भूपनारायण यादव, राजन कुमार, फुन्नी मिश्रा, रालोसपा जिलाध्यक्ष अमेरिका कुशवाहा, दूधनाथ कुशवाहा, जवाहर श्रीवास्तव, रामेश्वर सिंह और हरिशंकर कुशवाहा आदि शामिल रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 06:53:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार : एसएसबी 65 वाहिनी के द्वारा नागरिक कल्याण कर्यक्रम के तहत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जी कुमार पांडेय </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बगहा, पश्चिमी चंपारण ( बिहार)। </strong><span style="text-align:justify;">65 वाहिनी सशस्त्रं सीमा बल, बेतिया शिविर बगहा के द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन गाइड, पारिस्थितिकी पर्यटक और होम स्टे प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हरनाटांड मे किया गया यह प्रशिक्षण कार्यशाला 10 दिनों तक चलेगा। इस नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 30 ग्रामीण बेरोजगार युवकों एवं युवतियों को पर्यटन गाइड, पारिस्थितिकी पर्यटन एवं होम स्टे प्रशिक्षण के 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ नंदन सिंह मेहरा, कमांडेंट 65 वाहिनी सशस्त्र् सीमा बल बेतिया के मार्गदर्शन मे किया गया । इस कार्यक्रम में हरनाटांड़ तथा आस-पास गाँव के 30 युवकों एवं युवतियों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146774/bihar-ssb-65-corps-organizes-training-camp-under-civil-welfare"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/screenshot_2024-12-02-21-59-01-204_com.whatsapp-edit1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जी कुमार पांडेय </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बगहा, पश्चिमी चंपारण ( बिहार)। </strong><span style="text-align:justify;">65 वाहिनी सशस्त्रं सीमा बल, बेतिया शिविर बगहा के द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन गाइड, पारिस्थितिकी पर्यटक और होम स्टे प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हरनाटांड मे किया गया यह प्रशिक्षण कार्यशाला 10 दिनों तक चलेगा। इस नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 30 ग्रामीण बेरोजगार युवकों एवं युवतियों को पर्यटन गाइड, पारिस्थितिकी पर्यटन एवं होम स्टे प्रशिक्षण के 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ नंदन सिंह मेहरा, कमांडेंट 65 वाहिनी सशस्त्र् सीमा बल बेतिया के मार्गदर्शन मे किया गया । इस कार्यक्रम में हरनाटांड़ तथा आस-पास गाँव के 30 युवकों एवं युवतियों को चयनित कर उन्हे हरनाटांड़ के सामुदायिक भवन के प्रांगण मे यह प्रशिक्षण दिया जायेगा । इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व उद्यान में बढ़ते पर्यटकों को ध्यान में रखते हुये पर्यटन गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे ग्रामीण लोगों का बौद्धिक विकास एवं आजीविका के साधन उपलब्ध हो सके।</span></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री कोजा राम लोमरोड़, द्वितीय कमान अधिकारी 65 वाहिनी ने कहा कि वाहिनी के द्वारा समय-समय पर बहुत से कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते है | इसके अलावा वाहिनी के द्वारा आगामी दिनो मे और भी कल्याणकारी कार्यक्रम कराए जाएंगे । यह प्रशिक्षण ब्रजीना फाउंडेसन के सहयोग से चलाया जाएगा जिसमे भाग लेने वाले युवकों एवं युवतियों को पर्यटन गाइड, पारिस्थितिकी पर्यटन एवं होम स्टे के बारे मे प्रशिक्षण दिया जाएगा । इस कार्यक्रम के अवसर पर वाहिनी द्वारा आयोजित होने वाले बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशा मुक्त भारत अभियान, ग्रामीण बालिकाओं को CAPF मे भर्ती होने से संबन्धित दिशानिर्देशों से भी भलिभांति अवगत कराया गया । </p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-12/video_2024_12_03_06_18_08.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में कोजा राम लोमरोड़, द्वितीय कमान अधिकारी 65 वाहिनी, आर. बी. सिंह, उप-कमांडेंट, डा. कृष्णा मोहन राय सुनैना देवी मेमोरियल हास्पिटल हरनाटांड़, शारदा प्रसाद, बौद्धिक विचार महासभा हरनाटांड़, महेश्वर काजी, अनुसूचित जनजाति अध्यक्ष पटना, रवीद्र प्रसाद, भारतीय थारु कल्याण महासभा सचिव, सत्यम कुमार, रेंज पदाधिकारी वन विभाग हरनाटांड़, दीपेन्द्र शाह, मुखिया हरनाटांड़, संजय काजी मुखिया देवलरिया पंचायत, श्री खूबलाल वरखरिया, मुखिया नौतनवा, श्रीमती इन्दु, चेयर परसन, केयर एण्ड कंजर्व नेचर फाउंडेसन, श्रीमती तन्वी शुक्ला, मुख्य संचालक अधिकारी ब्राजीना फाउंडेसन, नव प्रशिक्षु, ग्रामीण तथा सशस्त्रन सीमा बल 65 वाहिनी के बलकर्मी उपस्थित थे ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 22:52:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जटहां- बगहा पूल निर्माण से सिमटेगी दूरी दो राज्य का होगा विकास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message expanded">
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<div class="clear">
<div>
<div><strong>कुशीनगर।</strong></div>
<div>  </div>
<div>वाल्मिकी नगर व्याघ्र वन अभ्यारण की सुरक्षा को देखते हुए जंगल से 15 किमी पूरब दिशा के तरफ वन विकास भारती मार्ग शिव मंदिर नारायणा पुर घाट कैलाश नगर बगहा 1 से यूपी के जटहां शमशान घाट की दूरी 7.5 किमी हैं।</div>
<div>  </div>
<div>जिसमे यूपी के पांच किमी तथा बगहा के 2.5 किमी ही नदी क्षेत्र है । इस गंडक नदी मार्ग  के संपर्क में यूपी के कटाई भरपुरवा, जटहां बाजार, जरार, एकवनही, कंठी छपरा, किंनरपट्टी माघी कोठिलवा अरनहवा चिरैहवा, सहित पडरौना तो एसएसबी कैंप बगहा के प्रखंड परसौनी पिपरासी, सौरहा ठोरी मधुबनी, दहवा के लाखों जनता को सीधा लाभ</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137259/construction-of-jatahan-bagaha-pool-will-reduce-the-distance-and-will"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/img_20231208_1815523.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message expanded">
<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div><strong>कुशीनगर।</strong></div>
<div> </div>
<div>वाल्मिकी नगर व्याघ्र वन अभ्यारण की सुरक्षा को देखते हुए जंगल से 15 किमी पूरब दिशा के तरफ वन विकास भारती मार्ग शिव मंदिर नारायणा पुर घाट कैलाश नगर बगहा 1 से यूपी के जटहां शमशान घाट की दूरी 7.5 किमी हैं।</div>
<div> </div>
<div>जिसमे यूपी के पांच किमी तथा बगहा के 2.5 किमी ही नदी क्षेत्र है । इस गंडक नदी मार्ग  के संपर्क में यूपी के कटाई भरपुरवा, जटहां बाजार, जरार, एकवनही, कंठी छपरा, किंनरपट्टी माघी कोठिलवा अरनहवा चिरैहवा, सहित पडरौना तो एसएसबी कैंप बगहा के प्रखंड परसौनी पिपरासी, सौरहा ठोरी मधुबनी, दहवा के लाखों जनता को सीधा लाभ मिलेगा, इसको देखते हुए जटहां- बगहा गंडक नदी पूल निर्माण जनहित में होगा। </div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-12/img_20231208_115304.jpg" alt="जटहां- बगहा पूल निर्माण से सिमटेगी दूरी दो राज्य का होगा विकास"></img></div>
<div> </div>
<h2><strong style="font-size:2rem;">घटेगी दूरी...</strong></h2>
<div>इस गंडक नदी पर पूल बनने पर जटहां-बगहा की आज दूरी 55 किमी हैं वह घट कर 7.5 किमी हो जायेगी। इस पूल के बनने पर बगहा में हो रही कटाव हमेशा के लिए बंद हो जायेगा तो सरकार की प्रत्येक वर्ष बाढ़ कटाव से सुरक्षा पर हो रहे करोड़ो रुपया खर्च भी बंद समाप्त हो जायेंगे। दोनों तरफ से दियारा जंगल के टापू में  बसे गांव वासियों की हालात परिवर्तन होगा किसान खेतीबारी कर खुशहाल होंगे तो बेरोजगार नौजवानों को रोजगार के अवसर सृजित होने से पिछड़ा इलाका तरक्की करेगा। </div>
<div> </div>
<h3><strong>कुशीनगर से बगहा वाया नेपाल का होगा सीधा मार्ग</strong></h3>
<div>जटहां- बगहा पूल निर्माण होने पर एसएसबी कैंप बगहा एनएच 727  से नेबुआ नौरंगीया कुशीनगर 727 तक कुल दूरी 16.5 किमी होगा। इस मार्ग से महर्षि वाल्मिकी आश्रम नेपाल के लिए सीधा हो जायेगा। इससे पर्यटन का बढ़ावा मिलेगा और पिछड़े इलाके में चहुंओर साधन संपन्न खुशहाल देश के रूप में नजर आयेगा। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-12/img_20231208_1815523.jpg" alt="जटहां- बगहा पूल निर्माण से सिमटेगी दूरी दो राज्य का होगा विकास"></img></div>
<div> </div>
<h3><strong>पूल बनाओ संघर्ष समिति ने तेज की मांग</strong></h3>
<div>जटहां-बगहा पूल निर्माण संघर्ष समिति के सदस्य पत्रकार प्रमोद रौनियार, भाजपा नेता श्रीकांत जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, नंद जी जायसवाल डॉ दयानंद गुप्ता, वृंदा रौनियार सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पीडब्लूडी मंत्री जितिन प्रसाद, पूर्व केंद्रिय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह पडरौना सदर विधायक मनीष जायसवाल से जटहां बगहा गंडक नदी पर पूल सह सड़क निर्माण हेतु अविलंब सर्वे करवाते हुए पूल परियोजना की लागत बनवाने की मांग किया है। </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="mail-message-footer spacer collapsible"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137259/construction-of-jatahan-bagaha-pool-will-reduce-the-distance-and-will</link>
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                <pubDate>Tue, 12 Dec 2023 19:50:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधूरा : छितौनी-तमकुही रेल परियोजना को अविलंब पूर्ण कराये रेलमंत्री - सतीश चंद दुबे</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>ब्यूरो प्रमुख - प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>जनपद के छितौनी तमकुही प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना में 37.7 लाख घन मीटर मिट्टी के कार्य के साथ-साथ 10 बड़े पुल एवं 47 छोटे पुल का निर्माण किया जाना है प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि छितौनी-तमकुही रेल लाइन परियोजना के पूरा नहीं होने के विरुद्ध में राजसभा सदस्य सतीश चंद्र दूबे ने बुधवार को राज्य सभा सत्र के शून्यकाल में जनहित में बड़ी बुलंदी से आवाज उठायी है। उन्होंने खेद प्रकट करते हुए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से कहा है कि वर्ष 2007 मे रेलवे बोर्ड द्वारा छितौनी-तमकुही रेल लाइन परियोजना स्वीकृति किया गया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137251/railway-minister-should-complete-the-chhitauni-tamkuhi-rail-project-without-delay"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/58f29e_5dffed46f206457b93f6fd4e74a46058~mv2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>ब्यूरो प्रमुख - प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>जनपद के छितौनी तमकुही प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना में 37.7 लाख घन मीटर मिट्टी के कार्य के साथ-साथ 10 बड़े पुल एवं 47 छोटे पुल का निर्माण किया जाना है प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि छितौनी-तमकुही रेल लाइन परियोजना के पूरा नहीं होने के विरुद्ध में राजसभा सदस्य सतीश चंद्र दूबे ने बुधवार को राज्य सभा सत्र के शून्यकाल में जनहित में बड़ी बुलंदी से आवाज उठायी है। उन्होंने खेद प्रकट करते हुए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से कहा है कि वर्ष 2007 मे रेलवे बोर्ड द्वारा छितौनी-तमकुही रेल लाइन परियोजना स्वीकृति किया गया था। सांसद ने सभापति के माध्यम से रेल मंत्री से आग्रह किया की जल्द से जल्द इस परियोजना को पूरा किया जाय जिससे आम लोगो को लाभ मिल सके। </div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने सदन को आगे बताया कि वर्ष 2007 मे तत्कालीन रेल मंत्री ने छितौनी तमकुही रेल लाइन का शिलान्यास किया था। पनियहवा से छितौनी होते हुए रेल लाइन नारायणी नदी के किनारे होते हुए यूपी के जटहां बाजार, बिहार प्रांत के मधुबनी, धनहा, खैरा टोला इत्यादि स्थानों से होकर गुजरेगी तथा कुशीनगर के तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर ये कप्तानगंज-थावे रेल लाइन में मिल जायेगी। इस परियोजना में 37.7 लाख घन मीटर मिट्टी के कार्य के साथ-साथ 10 बड़े पुल एवं 47 छोटे पुल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था। परियोजना में पनियहवा से 3.35 किमी पर छितौनी, 15.5 किमी पर जटहा, 28.7 किमी पर मधुबनी, 35 किमी पर धनहा, 38 किमी पर खैरा टोला व 49.7 किमी पर पिपराही स्टेशन व हाल्ट का निर्माण की रूपरेखा बनाने के साथ ही 62.5 किमी पर अंतिम तमकुहीरोड स्टेशन को जंक्शन बनाया जाना प्रस्तावित था। राज्य सभा सदस्य के इस पुनीत कार्य एवं मांग की क्षेत्र में बहुत सराहना हो रही हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Dec 2023 21:24:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुशीनगर : बकरी ने जन्मा विचित्र शक्ल का  बच्चा</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मधुबनी का हैं मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135703/kushinagar-goat-gives-birth-to-a-strange-looking-baby"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/img_20231009_2038425.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>प्रकृति भी कभी कभी अचरज में डालने वाली ऐसा दृश्य दिखाती है जिसे देखकर सोचने पर लोग विवस हो जाते है। जी हाँ ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जहा एक बकरी ने विचित्र बच्चे को जन्मा है। जो कुशीनगर जनपद के पडरौना मधुबनी बिहार मार्ग के मधुबनी निवासी अंगद राजभर के घर पाली गयी बकरी ने बीते रविवार को जन्म दिये जाने का मामला सामने आया है, सूत्रों के मुताबिक कुछ घंटो बाद जन्मा बच्चे की मौत तो हो गयी लेकिन बकरी के बच्चे की शक्ल इतनी भयानक रही कि उदाहरण देने में किसी जानवर की शक्ल में पहचान बताना मुश्किल हो गया हैं। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 20:55:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> रिफाइंड ऑयल के गोदाम में लगी भयानक आग, इलाके में मचा हड़कंप </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रदेश- </strong></p>
<p>बिहार में पटना सिटी के मंगल तालाब के पास आज सुबह रिफाइंड ऑयल के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। देखते ही देखते रिफाइंड ऑयल गोदाम और उसके बगल का ट्रांसपोर्ट गोदाम धू-धू कर जलने लगा। वहीं, करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। </p>
<p><strong>4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू-</strong></p>
<p><strong>  </strong>घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रिफाइंड ऑयल के गोदाम में सुबह करीब साढ़े पांच बजे आग की लपटें दिखाई दी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128888/terrible-fire-in-the-refined-oil-warehouse-created-a-stir"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/329845.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रदेश- </strong></p>
<p>बिहार में पटना सिटी के मंगल तालाब के पास आज सुबह रिफाइंड ऑयल के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। देखते ही देखते रिफाइंड ऑयल गोदाम और उसके बगल का ट्रांसपोर्ट गोदाम धू-धू कर जलने लगा। वहीं, करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। </p>
<p><strong>4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू-</strong></p>
<p><strong> </strong>घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रिफाइंड ऑयल के गोदाम में सुबह करीब साढ़े पांच बजे आग की लपटें दिखाई दी और देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया। इस भीषण आग की चपेट में ट्रांसपोर्ट गोदाम और आसपास के कई घर भी आ गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इसकी सूचना अग्निशमन दस्ते को दी। आग की खबर मिलते अग्निशमन की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। </p>
<p><strong>कई घरों के टूटने का खतरा- </strong></p>
<p>आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। भीषण आग और उसे बुझाने के लिए भारी मात्रा में पानी के इस्तेमाल के कारण कई घरों के टूटने का खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए पूरी एहतियात बरती जा रही है और ऐसे घरों को जरूरत पड़ने पर तुरंत खाली कराने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर ही डटे हुए हैं। इस मामले को लेकर चौक थाना प्रभारी गौरीशंकर गुप्त ने बताया कि आग लगने से कितने का नुकसान हुआ है इसका आकलन फिलहाल नहीं लगाया जा सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Apr 2023 14:10:00 +0530</pubDate>
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