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                <title>प्रदूषण - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>प्रदूषण RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>  ग्रामीण किसानों को 400 यूनिट मुफ्त बिजली और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने और विधवा पेंशन ₹5000 करने पर जोर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बख्शी तालाब में सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों को कब्जा मुक्त कराने की अपील।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong>संवाददाता, लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">नव भारतीय किसान संगठन (आ०) ने सोमवार को किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को लेकर लखनऊ के मण्डलायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला और लखनऊ जिला अध्यक्ष राजू रावत के नेतृत्व में सौंपे गए इस 10 सूत्रीय मांग पत्र  में प्रशासन से तत्काल दखल देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182306/nav-bharatiya-kisan-sangathan-handed-over-10-point-demand-letter-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-10.38.27-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong> ग्रामीण किसानों को 400 यूनिट मुफ्त बिजली और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने और विधवा पेंशन ₹5000 करने पर जोर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बख्शी तालाब में सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों को कब्जा मुक्त कराने की अपील।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>संवाददाता, लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">नव भारतीय किसान संगठन (आ०) ने सोमवार को किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को लेकर लखनऊ के मण्डलायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला और लखनऊ जिला अध्यक्ष राजू रावत के नेतृत्व में सौंपे गए इस 10 सूत्रीय मांग पत्र  में प्रशासन से तत्काल दखल देने और जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-10.38.27-(1).jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="777" height="585"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>अवैध कब्जों और तहसील प्रशासन की मिलीभगत का आरोप</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने लखनऊ के बख्शी तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। जिला अध्यक्ष राजू रावत ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की कथित मिलीभगत से भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और अवैध भू-खनन धड़ल्ले से जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन में कमलाबाद बढ़ौली, शाहपुर, पल्हरी, मुबारकपुर और परसऊ जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न गाटा संख्याओं का विशेष उल्लेख करते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>फैक्ट्री प्रदूषण और आवारा पशुओं से त्रस्त हैं किसान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />संगठन ने पहाड़पुर कम्हरॉवा रोड पर स्थित पुरुषोत्तम राम फूड इण्डस्ट्रीज (प्रा०लि०) ग्लूकोस फैक्ट्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन के अनुसार, इस फैक्ट्री से होने वाले वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण के कारण स्थानीय ग्रामीणों में बीमारियां फैल रही हैं और आसपास की उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-16.28.19.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="720" height="566"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">प्रदूषण अधिकारियों की कथित निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे भारी नुकसान और नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>आर्थिक राहत और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए संगठन ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें मण्डलायुक्त के समक्ष रखी हैं:</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-10.38.28.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="772" height="581"></img><br /> </p>
<blockquote class="format1">बिजली व कर्ज: ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और 400 यूनिट तक बिजली बिल पूरी तरह माफ हो। साथ ही, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए।<br /> फसल मूल्य व पेंशन: गन्ने का सरकारी खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल किया जाए और सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन की राशि ₹5000 प्रति माह की जाए।<br /> महिला थाना: बख्शी तालाब में वर्तमान में एक छोटे से कमरे में संचालित हो रहे महिला थाने को अविलंब नए बने भवन में स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए।<br /> सब्जी मण्डी: छठे मील पर चरागाह की जमीन (गाटा संख्या 851क, 852ख) पर माफियाओं के कब्जे में चल रही निजी सब्जी मण्डी को खाली कराकर वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong> मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग</strong></h4>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-28-at-21.47.34.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="822" height="462"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br /> ज्ञापन के अंत में नव भारतीय किसान संगठन ने माननीय मुख्यमंत्री से संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के लिए समय दिलाने का भी अनुरोध किया है, ताकि किसानों की इन समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष रखा जा सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन जायज मांगों पर जल्द ही उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए विवश होंगे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तपता मार्च, सूखता पानी: क्या हम असली समस्या से भाग रहे हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुबह की हवा में अब वसंत की ठंडक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गर्मी की तीखी आहट है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यही हाल कई शहरों में फैल चुका है। मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">में दिल्ली में पारा</span>  35.7°C <span lang="hi" xml:lang="hi">तक पहुंचा – पहले सप्ताह का </span>50 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल का सबसे गर्म मार्च – जबकि गुजरात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदर्भ और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तापमान</span>  38-42°C <span lang="hi" xml:lang="hi">तक पहुंच गया। लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भोपाल, इंदौर जैसे शहर भी इस असामान्य गर्मी की चपेट में हैं। यह क्षणिक बदलाव नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बदलती जलवायु की स्पष्ट तस्वीर है जो पूरे देश की दिनचर्या</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173411/hot-march-drying-water-are-we-running-away-from-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/drought_cape_town_932983790.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुबह की हवा में अब वसंत की ठंडक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गर्मी की तीखी आहट है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यही हाल कई शहरों में फैल चुका है। मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">में दिल्ली में पारा</span> 35.7°C <span lang="hi" xml:lang="hi">तक पहुंचा – पहले सप्ताह का </span>50 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल का सबसे गर्म मार्च – जबकि गुजरात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदर्भ और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तापमान</span> 38-42°C <span lang="hi" xml:lang="hi">तक पहुंच गया। लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भोपाल, इंदौर जैसे शहर भी इस असामान्य गर्मी की चपेट में हैं। यह क्षणिक बदलाव नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बदलती जलवायु की स्पष्ट तस्वीर है जो पूरे देश की दिनचर्या में समा रही है। जो मार्च कभी हल्की धूप और सुकून का महीना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब तपिश और सूखेपन का अनुभव बन गया है। यह बदलाव अचानक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि लंबे समय की अनदेखी का नतीजा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे हम ‘नया सामान्य’ मानने लगे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च के शुरुआती दिनों में ही बढ़ती गर्मी ने मौसम की पुरानी धारणाएं तोड़ दी हैं। जो तपिश कभी अप्रैल–मई तक सीमित थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अब पहले ही सप्ताह में रिकॉर्ड बना रही है। यह सिर्फ समय का बदलाव नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन का संकेत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया गया। चिंताजनक यह है कि पहाड़ी क्षेत्र भी अब इससे अछूते नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साफ है कि जलवायु परिवर्तन सीमाएं पार कर चुका है। यह फैलता संकट हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है और हमें सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्या हमने प्रकृति से अपना संतुलन खो दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बढ़ती गर्मी के साथ जल संकट भी तेजी से गहराता जा रहा है। बड़े जलाशयों का घटता स्तर किसी सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि गंभीर असंतुलन का संकेत है। मार्च में ही जब पानी आधा रह जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले महीनों का संकट साफ दिखाई देता है। इसका असर सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गांवों में किसान फसलों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं। नदियां कमजोर पड़ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूजल नीचे जा रहा है और पानी की हर बूंद की अहमियत बढ़ती जा रही है। यह हालात स्पष्ट करते हैं कि जलवायु परिवर्तन केवल गर्मी नहीं बढ़ा रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हमारे जल संसाधनों को भी तेजी से खत्म कर रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तापमान और प्रदूषण का साथ इस संकट को और खतरनाक बना रहा है—एक ऐसा दोहरा प्रहार जो शरीर और पर्यावरण दोनों को प्रभावित कर रहा है। गर्मी बढ़ते ही हवा में मौजूद जहरीले कण और सक्रिय हो जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सांस लेना कठिन हो जाता है। दिल्ली और आसपास की खराब होती हवा यह दिखा रही है कि समस्या सिर्फ गर्मी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसी हवा की है जिस पर जीवन निर्भर है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुजुर्गों और बीमारों पर पड़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अस्पतालों में बढ़ती भीड़ संकेत है कि यह अब पर्यावरण नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे हालात में वर्ल्ड बैंक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट (</span>300 <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मिलियन)</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राहत की उम्मीद जगाता है। साफ हवा के लिए मॉनिटरिंग नेटवर्क का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रिक वाहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि और उद्योग सुधार सकारात्मक कदम हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि क्या ये पर्याप्त हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या हम सिर्फ ऊपर-ऊपर से समस्या को संभाल रहे हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मॉनिटरिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और कृषि सुधार जरूरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर जब तक ये व्यापक और दीर्घकालिक नीति से नहीं जुड़ते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक इनका असर सीमित ही रहेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविक चुनौती उन जड़ों पर प्रहार करने की है जहां से यह संकट पैदा हो रहा है। तेज औद्योगिकीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवाश्म ईंधनों पर बढ़ती निर्भरता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों की कटाई और अव्यवस्थित शहरी विस्तार ने प्राकृतिक संतुलन को गहराई से बिगाड़ दिया है। फिर भी हम प्रदूषण को मौसमी मानकर टाल देते हैं और गर्मी को अस्थायी असुविधा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">ने साफ कर दिया है कि यह सोच अब खतरे से खाली नहीं। जब असामान्यता ही सामान्य लगने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका मतलब है कि हमने समस्या को स्वीकार तो कर लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उससे लड़ने की तैयारी अब भी अधूरी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बदलते दौर का सबसे भारी असर आम लोगों की जिंदगी पर दिख रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां रोजमर्रा अब सहज नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्ष बन गई है। एक साधारण परिवार के लिए पानी बचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली संभालना और स्वास्थ्य सुरक्षित रखना लगातार चुनौती है। बच्चों का बाहर खेलना घट गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुजुर्गों के लिए बाहर निकलना जोखिम भरा है और कामकाजी लोगों के लिए काम की गति बनाए रखना कठिन हो रहा है। यह सिर्फ पर्यावरणीय संकट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और आर्थिक असमानता को भी गहरा कर रहा है—जहां साधन वाले खुद को बचा लेते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं कमजोर वर्ग पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे अहम सवाल यही है कि क्या हम सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार चेतावनियां सामने हैं—बढ़ता तापमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैज्ञानिक रिपोर्टें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसम के संकेत—सब एक ही खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं। इसके बावजूद हमारी प्रतिक्रिया अक्सर सतही ही रहती है। हम तात्कालिक राहत के उपाय अपनाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे ठंडक के लिए एसी या पानी का अस्थायी इंतजाम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने से बचते हैं। यह सोच हमें कुछ समय जरूर दे सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर समस्या का हल नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब जरूरत है कि इस संकट को पूरी गंभीरता से स्वीकार कर ठोस बदलाव की दिशा में आगे बढ़ा जाए। स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जल संरक्षण को प्राथमिकता देना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरित क्षेत्र बढ़ाना और नीतियों में सख्ती लाना अब विकल्प नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनिवार्यता बन चुके हैं। साथ ही हर व्यक्ति की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि छोटे प्रयास मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर अब भी हम नहीं चेते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा जाएगा। मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">की यह तपिश केवल एक मौसम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भविष्य का संकेत है—अब तय हमें करना है कि हम इसे चेतावनी समझते हैं या अपनी नियति।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 19:39:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mausam: देशभर में कल कैसा रहेगा मौसम? देखें पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की सर्दी अपने चरम पर है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन में धूप भी असर नहीं दिखा पा रही है और तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव के कारण अगले 24 घंटों में न्यूनतम पारा और नीचे जा सकता है।</p>
<p>पहाड़ी राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी व हल्की बारिश की संभावनाएँ बनी हुई हैं। 6 और 7 दिसंबर को विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में शीतलहर और कोहरा दोनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162761/kal-ka-mausam-how-will-be-the-weather-tomorrow-across"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ikal-ka-mausam.jpg" alt=""></a><br /><p>Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की सर्दी अपने चरम पर है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन में धूप भी असर नहीं दिखा पा रही है और तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव के कारण अगले 24 घंटों में न्यूनतम पारा और नीचे जा सकता है।</p>
<p>पहाड़ी राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी व हल्की बारिश की संभावनाएँ बनी हुई हैं। 6 और 7 दिसंबर को विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में शीतलहर और कोहरा दोनों और तेज होने की संभावना है। कई जगह सुबह पाला गिरने से गलन और अधिक बढ़ेगी।</p>
<p>पंजाब में हिमालयी क्षेत्रों के प्रभाव से सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। फरीदकोट में सबसे कम तापमान रिकॉर्ड हुआ है, जबकि पठानकोट, बठिंडा, गुरदासपुर और अमृतसर जैसे शहरों में भी न्यूनतम तापमान 4 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सोमवार से तापमान में और गिरावट तथा कोहरे में वृद्धि का अनुमान है।</p>
<p>हरियाणा में भी शीतलहर का प्रभाव बहुत तेज हो गया है। सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री कम है। नारनौल प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिसार, सिरसा, भिवानी, करनाल और अंबाला में भी पारा तेजी से नीचे गिरा है।</p>
<p>राजस्थान में भी शीतलहर ने अपने पैर पसार लिए हैं। शेखावटी और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। शेखावटी, फतेहपुर और सीकर में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान 8–9 डिग्री के आसपास है। अगले सप्ताह तक मौसम साफ रहेगा लेकिन ठंड अपने चरम पर बनी रहेगी।</p>
<p>दिल्ली–एनसीआर में शीतलहर के चलते दिन में भी जोरदार ठिठुरन महसूस हो रही है। लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाएँ तापमान को लगातार गिरा रही हैं। शनिवार और रविवार को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री और अधिकतम 24 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। वहीं, प्रदूषण का स्तर भी बहुत खराब श्रेणी में है और निकट भविष्य में इससे राहत की उम्मीद कम है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में सुबह और शाम घना कोहरा छा रहा है जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शीतलहर के कारण गलन वाली सर्दी बनी हुई है। कानपुर राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा जहां 4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बिहार में भी लगातार गिरता तापमान और कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, और अगले सप्ताह ठंड तेजी से बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। 6 और 7 दिसंबर को आसमान बादलों से ढका रहेगा और 8 दिसंबर को मध्य कश्मीर में बर्फबारी की संभावना है। कई जगह तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है, जिससे घाटी में ठंड काफी बढ़ गई है।</p>
<p>उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक प्रभाव दिख रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और कोहरा देखने को मिल सकता है। दिन में धूप निकलने के बावजूद शाम होते ही ठिठुरन काफी बढ़ जाती है। अगले सप्ताह तक ऊँचे स्थानों पर हिमपात की संभावना बनी रहने का अनुमान है।</p>
<p>पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अब घने कोहरे की स्थिति बनने वाली है। वहीं दक्षिण भारत में ‘दितवाह’ चक्रवात कमजोर हो चुका है, लेकिन बारिश का दौर अभी जारी है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और अंडमान–निकोबार में रविवार तक तेज हवाएँ और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को न्यूनतम पारा 14 डिग्री के आसपास रहा और अगले 24 घंटों में इसमें और गिरावट होने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री के आसपास बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 21:23:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mousam: देश में इन जगहों पर कल आंधी-तूफान का अलर्ट ! देखें मौसम पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Kal Ka Mousam:</strong> देशभर में कल मौसम का हाल कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कल कहां-कहां बारिश होने वाली है और किन जगहों पर मौसम साफ रहने वाले है, आइए देखें मौसम पूर्वानुमान...</p>
<p>मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिन तक यानी 30 और 31 अक्टूबर या 1 नवबंर तक उत्तर भारत के वेदर सिस्टम में बड़े परिवर्तन के संकेत दिए हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p>गुरुवार से लेकर वीकेंड तक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादलों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158476/kal-ka-mousam-see-storm-alert-tomorrow-at-these-places"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-29t201531.008.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kal Ka Mousam:</strong> देशभर में कल मौसम का हाल कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कल कहां-कहां बारिश होने वाली है और किन जगहों पर मौसम साफ रहने वाले है, आइए देखें मौसम पूर्वानुमान...</p>
<p>मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिन तक यानी 30 और 31 अक्टूबर या 1 नवबंर तक उत्तर भारत के वेदर सिस्टम में बड़े परिवर्तन के संकेत दिए हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p>गुरुवार से लेकर वीकेंड तक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश के साथ सर्दी और कोहरे का ग्राफ बढ़ेगा और लोगों को ठंडी प्रतीत होगी। Kal Ka Mousam</p>
<p>पहाड़ी भागों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होगी और कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी अटैक करेगी। लेकिन, मोंथा चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में तबाही का आलम रहेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p>अगले 24 घंटे के दौरान तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, लक्ष्यद्वीप, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के समुद्री तटों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ भागों में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से तेज हवाओं के साथ बादल बरसते नजर आएंगे। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कल का मौसम</strong></p>
<p>हिमाचल प्रदेश में अगले 4 से 5 दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में कोहरे की एंट्री हो चुकी है। उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी का अलर्ट है। कुमाऊं वाले इलाकों में आंशिक तौर पर बादल छाए रहने के साथ बारिश और बर्फबारी तापमान लुढ़केगा, जिसका असर मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>दिल्ली में कल का मौसम</strong></p>
<p>दिल्ली-NCR में बादल हैं या धुंध ये प्रदूषण के बीच भ्रम की स्थिति है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे। हालांकि, बारिश को लेकर स्थिति डांवाडोल है। Kal Ka Mousam</p>
<p>फिलहाल, दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटे के दौरान हो सकता है 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बहें, जिससे रात में ठंड बढ़ने के आसार हैं। </p>
<p><strong>यूपी में कल का मौसम Kal Ka Mousam</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश पिछले 2 दिन के मुकाबले अब कुछ मौसम साफ रहने की संभावना है। अब धीरे-धीरे सुबह और शाम को हल्के कोहरे के साथ सर्दी में इजाफा होगा। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही के बीच भी मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन पूर्वी यूपी में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी। Kal Ka Mousam</p>
<p>IMD के मुताबिक, मोंथा तूफान के प्रभाव से प्रभाव से प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, संत रविदासनगर, चंदौली, जौनपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, चित्रकूट और झांसी समेत कानपुर और लखनऊ के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार बने रहेंगे।</p>
<p><strong>राजस्थान में कल का मौसम</strong></p>
<p>राजस्थान में मौसमी गतिविधियों ने सर्दी को हवा दे दी है। एक नए मौसमी तंत्र के असर से राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश होने के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, चित्तौड़गढ़ जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। जयपुर मौसम केद्र के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है। Kal Ka Mousam</p>
<p>आगामी 4-5 दिन तक दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। तीन नवंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ पुनः सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से फिर से पश्चिमी और पूर्वी भागों में हल्की-मध्यम बारिश हो सकती है। </p>
<p><strong>बिहार में कल का मौसम</strong></p>
<p>बिहार में मौसम बदलाव की ओर बढ़ रहा है। खासकर, बंगाल और नेपाल से सटे जिलों में मौसमी गतिविधियां होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पटना मौसम केंद्र के मुताबिक, राज्य के 9 जिलों में पटना, बांका, जमुई, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, गयाजी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत कई पड़ोसी जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के झमाझम बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे 3 से 4 तापमान गिरेगा और सर्दी का ग्राफ बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>आंध्र प्रदेश-तेलंगाना में कल का मौसम</strong></p>
<p>चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का दक्षिण भारत में बड़ा प्रभाव है। तूफान के आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने के बाद बुधवार को विजयवाड़ा शहर में तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश से खूब तबाही हुई। IMD के मुताबिक, अगले कुछ घंटों तक राज्य के तटीय हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश जारी रहेगी। अब भीषण चक्रवात 'मोंथा' कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल गया है और आंध्र प्रदेश के साथ तेलंगाना से भी आगे बढ़ गया। IMD ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना यह चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से टकराया।  Kal Ka Mousam</p>
<p>तेलंगाना में गरज चमक के साथ आकाशीय गिरगने के साथ बिजलीवारंगल, यदाद्री भुवनगिरि, महबूबाबाद, सूर्यापेट, नलगोंडा और हैदराबाद में भारी बारिश हुई। फिलहाल, मोंथा तूफान काकीनाडा के दक्षिण में पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर के पास आंध्र प्रदेश तट को पार कर गया। आदिलाबाद, मंचेरियल, निर्मल, जगतियाल, करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम, महबूबाबाद और सिद्दीपेट जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>ओडिशा में कल का मौसम</strong></p>
<p>ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा के असर से भुवनेश्वर, बालासोर, मयूरभंज, खुर्दा, कटक, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। फिलहाल, 45 किलोमीटर प्रति घंटा से 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी है। Kal Ka Mousam</p>
<p>मौसम विभाग ने गंजाम, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, कोरापुट, मलकानगिरी, रायगड़ा, गजपति, कालाहांडी और नवरंगपुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>बंगाल में कल का मौसम </strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने बताया कि चक्रवात दबाव क्षेत्र में कमजोर हो जाएगा, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार तक उत्तर 24 परगना, मालदा, हावड़ा, हुगली, दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>तमिलनाडु, पुडुचेरी में कल का मौसम</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 20:15:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Aaj Ka Mousam: आज से अगले 4 दिन तक होगी भारी बारिश ! देखें मौसम पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Aaj Ka Mousam: </strong>आज देशभर में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है, आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज किन जगहों पर बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने आज से अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देखें मौसम पूर्वानुमान </p>
<p>मैदानी इलाकों में अब सर्दी का सितम झेलने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि आने वाले दिनों में पहाड़ों पर बर्फबारी का असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों पर बादलों के छाए रहने के साथ हल्की बारिश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157497/todays-weather-there-will-be-heavy-rain-from-today-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-16t233055.799.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Aaj Ka Mousam: </strong>आज देशभर में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है, आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज किन जगहों पर बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने आज से अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देखें मौसम पूर्वानुमान </p>
<p>मैदानी इलाकों में अब सर्दी का सितम झेलने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि आने वाले दिनों में पहाड़ों पर बर्फबारी का असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों पर बादलों के छाए रहने के साथ हल्की बारिश एवं बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है। Aaj Ka Mousam</p>
<p>बर्फ गिरने से न सिर्फ पहाड़ों पर बल्कि, मैदानी इलाकों के राज्यों हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में तापमान गिरने का अनुमान है, जिससे सुबह-शाम सर्दी का ग्राफ ऊपर चढ़ेगा। Aaj Ka Mousam</p>
<p>मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश और मुंबई समेत कुछ अन्य हिस्सों में हल्की बारिश से ठंडक बढ़ेगी। वहीं, शुक्रवार को मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अच्छी खासी बारिश का अलर्ट है, जबकि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्ष्यद्वीप, आंध्र प्रदेश, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और रायमसीला में आंधी-तूफान के साथ वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>पूर्वोत्तर मानसून एक्टिव</strong></p>
<p>देशभर में झमाझम बारिश करने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को वापस हो गया। लेकिन पूर्वोत्तर मानसून तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईआज, तटीय आंध्र प्रदेश, रायमसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में दस्त दे चुका है, जिससे फिर से 17, 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर को मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>दिल्ली में आज का मौसम</strong></p>
<p>दिल्ली-एनसीआर में मौसम काफी सुहावना है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, लगातार तीसरे दिन 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 रहा। हालांकि, सुबह धुंध और बाद में आसमान साफ रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में सर्दी का मीटर ऊपर की ओर बढ़ेगा। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>यूपी में आज का मौसम</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश में अगले 5 दिन तक मौसम शुष्क रहने की बात कही गई है। फिलहाल 20 अक्टूबर तक किसी प्रकार के मौसम में बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन बीच-बीच में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही रह सकती है पर बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग ने मुताबिक, उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से तेजी के साथ तापमान गिरेगा और रात में ज्यादा ठंड प्रतीत होगी। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>बिहार में आज का मौसम</strong></p>
<p>बिहार में फिलहाल तो आसमान साफ नजर आ रहे हैं, लेकिन दिवाली तक बादल की आवाजाही हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट नहीं जारी किया है। फिर भी कुछ जिलों में आंशिक तौर बादल छा सकते हैं। वहीं, दिन में अच्छी खासी धूप होने से पटना, सिवान, सारण, भोजपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय समेत कई अन्य जिलों में गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन रात में करीब 10 डिग्री से अधिक तापमान गिरने से मौसम सुहावना महसूस हो रहा है। फिलहाल, सुबह कोहरा और ओस का असर देखा जा रहा है, जिससे सर्दी महसूस की जा रही है। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज का मौसम</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दिए हैं। IMD ने हिमाचल प्रदेश 24 से 30 अक्टूबर तक कुछ ऊंचाई वाले स्थानों पर बादलों का आना जाना लगा रह सकता है और कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी होने संभावना है। इधर, उत्तराखंड में अगले एक से दो दिन में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। बारिश के बाद ठंड बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं बर्फ गिरने से पारा लुढ़केगा। Aaj Ka Mousam</p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक, चमोली, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में आंशिक तौर पर बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है, जिससे पहाड़ों के अलावा मैदानी इलाकों में सर्दी का सितम शुरू हो सकता है। कमोबेश ऐसा ही मौसम कश्मीर में देखा जाएगा। 18 अक्टूबर के बाद बादलों की आवाजाही और कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>मध्य प्रदेश में आज का मौसम</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश में मानसून अलविदा कहकर वापस चला गया, लेकिन बादलों ने बरसना नहीं छोड़ा। मौसम विभाग ने 17 और 18 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्मय बारिश की संभावना जताई है। IMD की मानें तो दिवाली तक अधिकतम तापमान में और कमी आएगी। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>केरल में आज का मौसम</strong></p>
<p>केरल में भारी बारिश के बीच IMD ने तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और पथनमथिट्टा जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बहेंगी। राज्य के अलप्पुझा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश, मध्यम वर्षा और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है जताई गई। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>तमिलनाडु में आज का मौसम</strong></p>
<p>तमिलनाडु के कई जिलों में गरज और बिजली के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। चेन्नई IMD के मुताबिक, तिरुनेलवेली, थेनकासी, थेनी, विरुधुनगर और मदुरै जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश का अलर्ट है। Aaj Ka Mousam</p>
<p>इसके अलावा, डिंडीगुल, करूर, थूथुकुडी, शिवगंगई, रामनाथपुरम, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और चेन्नई जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईआज क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 23:31:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डाला में कचरे का बढ़ता ढेर ,क्रेशर के बाद अब अल्ट्राटेक के कचरे से लोगों का हुआ जीना मुहाल</title>
                                    <description><![CDATA[डाला क्षेत्र में   प्रदूषण की मार , पर्यायवरणविदों ने  किया  प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152047/after-the-increasing-pile-of-garbage-in-dala-people-now"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img_20250521_115745.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">अजित सिंह (ब्यूरो रिपोर्ट) </span></span></em></strong></p>
<p><strong><em><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">डाला/सोनभद्र-</span></span></em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">सोनभद्र जिले के सम्मिलित क्षेत्र में स्थानीय निवास के लिए जीवन दिन-ब-दिन दुभर होता रहता है। एक तरफ जहां क्रेशर इकाइयों से अवैज्ञानिक तरीके से साइबेरिया स्थानीय आम जनमानस के लिए पहले ही क्षेत्र में वायु प्रदूषण का गंभीर स्तर पैदा हो चुका है, वहीं अब अल्ट्राटेक जैसी निजी कंपनियों द्वारा अवैज्ञानिक तरीकों से नई समस्या बन गई है</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">इस कचरे से  निकलने वाली दुर्गंध के साथ-साथ इसमें मौजूद रासायनिक  तत्व भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। मच्छरों और अन्य जलजनित उत्पादों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मच्छरों, मच्छरों और अन्य जलजनित उत्पादों का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि अगर इस समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष रूप से बुरा प्रभाव पड़ रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">आम जनमानस में डाली गई इस स्थिति को लेकर भारी समस्या है। उनका कहना है कि वे पहले ही प्रदूषण की मार झेल रहे थे, अब गरीबों की समस्या ने उन्हें बीमार करने की पूरी तैयारी कर ली है। स्थानीय जनजाति प्रशासन और बार-बार जनजाति नियोजन के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू कर देंगे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">स्थानीय लोगों एवं पर्यावरण से संबंधित समस्या पर सोनभद्र जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों से अपील है कि वे इस गंभीर पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर तत्काल ध्यान दें। साइंटिफिक तरीकों से किए जाने वाले रसायनों को नियंत्रित करने के प्रभावी उपाय। सम्मिलित सामग्री को स्वच्छ वातावरण में जीने का अधिकार है, और इस अधिकार का हनन नहीं किया जाना चाहिए।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 12:03:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी सोनभद्र ने अल्ट्राटेक सीमेंट पर प्लास्टिक जलाने से दुर्गंध फैलने की शिकायत का लिया संज्ञान, जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट डाला का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152024/district-magistrate-sonbhadra-ordered-a-cognizance-of-the-complaint-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img_20250519_210742.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और प्लास्टिक जलाए जाने से दुर्गंध फैलने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। खबरों में मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (यूनिट: डाला सीमेंट वर्क्स) द्वारा बाहर से कचरा मंगवाकर जलाने और इससे दुर्गंध फैलने तथा वातावरण प्रदूषित होने का उल्लेख किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।इस क्रम में, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आर.के. सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 (यथासंशोधित) के तहत सहमति प्रदान की गई है। इस सहमति में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि उद्योग में अनुबंधित ईंधन के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का अन्य ईंधन, जैसे गीला कूड़ा कचरा, नहीं जलाया जाएगा। साथ ही, ऐसे किसी भी ईंधन का उपयोग नहीं किया जाएगा जिससे दुर्गंध उत्पन्न होती हो।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने पाया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड द्वारा जानबूझकर ईंधन के रूप में गीला कूड़ा कचरा जलाया जा रहा है, जिसके कारण आसपास के लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।जिलाधिकारी ने मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (यूनिट, डाला सीमेंट वर्क्स) को सख्त निर्देश दिया है कि वे उद्योग में अनुबंधित ईंधन के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार के ईंधन का प्रयोग तत्काल बंद करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्हें यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उद्योग का संचालन इस प्रकार किया जाए जिससे आसपास के लोगों को दुर्गंध और किसी अन्य प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को बोर्ड द्वारा जारी सहमति (जल एवं वायु) के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ्स सहित, एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने की स्थिति में, उद्योग को जारी सहमति (जल एवं वायु) को रद्द करने और शिकायत का संतोषजनक समाधान न होने पर उद्योग के विरुद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने की संस्तुति की जाएगी।जिलाधिकारी के इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्रदूषण की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 21:13:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल, थल व वायु को नुक़सान पहुंचा रहा शराब कारखाने से निकला धूंआ व राख-खोखा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रूद्रपुर, देवरिया। </strong>पहले से ही ऊसर भूमि पर वाले उसरा क्षेत्र में लगी शराब फैक्ट्री का धुआं और राख थल, जल और वायु तीनों को नुकसान पहुंचा रहा है। एक तरफ जहां नदी व नाले प्रदूषित हो रहे हैं तो दूसरी तरफ खेतों में भी प्रदूषण फैल रहा है और उसकी उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। कारखाने से निकले धुएं और सड़कों पर उड़ रही राख लोगों को सांस का मरीज बना रही है। फेफड़ों में भर रही राख उसरा क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल रही है। जिला प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138279/smoke-and-ash-emanating-from-the-liquor-factory-is-causing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240118-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रूद्रपुर, देवरिया। </strong>पहले से ही ऊसर भूमि पर वाले उसरा क्षेत्र में लगी शराब फैक्ट्री का धुआं और राख थल, जल और वायु तीनों को नुकसान पहुंचा रहा है। एक तरफ जहां नदी व नाले प्रदूषित हो रहे हैं तो दूसरी तरफ खेतों में भी प्रदूषण फैल रहा है और उसकी उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। कारखाने से निकले धुएं और सड़कों पर उड़ रही राख लोगों को सांस का मरीज बना रही है। फेफड़ों में भर रही राख उसरा क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल रही है। जिला प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है। इसी ज्वलंत समस्या के विरोध में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक व आंदोलनकारी नेता अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने गुरुवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। दर्जनों गांव के समाजवादी नेताओं के बीच खोखा सिंह ने फैक्ट्री का लाइसेंस देने में प्रशासन की मनमानी के विरोध में जमकर आवाज बुलंद की। हालांकि प्रशासन की तरफ से एसडीएम व सीओ ने धरने को अवैध बताते हुए उन्हें रोकने की भरपूर कोशिश की। प्रशासन नहीं चाहता था की समाजवादी पार्टी के नेता सोने का अंडा देने वाली मुर्गी के खिलाफ कार्रवाई को मजबूर करें। किंतु खोखा सिंह ने तो जैसे ठान लिया है कि वे उसरा क्षेत्र के लोगों को इस समस्या से निजात दिला कर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन विशेषज्ञ टीम भेज कर फैक्ट्री से निकले धुएं व राख का निरीक्षण करे और फैक्ट्री को बाध्य करे कि वह पर्याप्त शोधन करने के बाद ही धुंआ,जल या राख बाहर फेंके। कारखाने से निकली राख को डंप करने के लिए शराब कारखाने को स्वयं व्यवस्था करनी चाहिए। धरने के समय व्यास यादव, अली आजम शेख, मुन्ना यादव, हंसनाथ यादव, हरेंद्र सिंह त्यागी, मनोज सिंह बंटी व सुखसागर शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jan 2024 07:27:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदूषण विभाग के नाक के नीचे चमड़ा व्यापारी फ़िज़ा मे घोल रहे हैं ज़हर प्रदूषण विभाग बना मूक बाधिर</title>
                                    <description><![CDATA[इनसेट-आपको बताते चले गत कई माह से स्वतंत्र प्रभात इसको लेकर ख़बर प्रकाशित कर रहा है पर प्रशासन धन के लोभ में मासूमो की ज़िन्दगी से कर रहा है खिलवाड़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128816/under-the-nose-of-the-pollution-department-leather-traders-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/img20230405151001.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात- </strong></div>
<div> </div>
<div>बंथर स्थित मॉडल एक्ज़िम ट्रेनरी अपने गेट के बगल की नली जो यू पी एस आई डी सी की है उसमें अंधाधुंध ज़हरीला कैमिकल युक्त पानी बहा रही है जो सीधा गंगा में जा रहा यही जिससे गंगा ही नहीं बल्कि नाले औऱ तालाबो को भी प्रदूषित कर रही है। </div>
<div> </div>
<div><strong>जिससे पशुपक्षी पानी पीकर मर रहे हैं- </strong></div>
<div> </div>
<div>और वहीं कुछ उद्योग अपना केमिकल युक्त पानी रिबोर कर के ज़मीन के अंदर डाल रहे हैं जिससे घरों का पानी जो हैंड पम्प के माध्यम से लिया जाता है वह कुछ क्षण के लिए रख दिया जाये तो पिला हो जाता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जिसे पीकर लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो असमय मौत के मुँह में जा रहे हैं-</strong></div>
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<div>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो उन्नाव।कभी औद्योगिक नगरी बसाकर लोगों को विकास और रोजगार के सपने दिखाने वाले उद्योगपति आज अपने उद्योगों के संचालन और अधिकाधिक लाभ कमाने की दौड़ में शामिल होकर जनपदवासियो की जान के दुश्मन बन चुके हैं।यह हम नहीं कह रहे बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित चमड़ा तथा केमिकल इकाईयो की मनमानी से फैला प्रदूषण और विकलांगता स्वयं बयां कर रही है। आलम यह है कि इस क्षेत्र से निकलना है तो आपकी पीठ पर आक्सीजन सिलेण्डर और मुंह में मास्क होना जरूरी है।</div>
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<div>वर्ना पता नहीं कहां किस मोड़ पर आप गश खाकर गिर पड़ें।कमोवेश यही हाल यहां आसपास क्षेत्र के रहने लोगों का है जो अपनी छतो पर दस मिनट के लिए भी जाने से कतराते हैं घरो के अन्दर रहने के लिए भी नियमित रूप से रूम स्प्रे का छिड़काव करना पड़ता है। आलम यह है कि दुर्गन्ध की वजह से यहां आसपास रहने वाले लोगों के यहां रिश्तेदार भी आने से कतराते हैं।देश में औद्योगिक नगरी के रूप में विख्यात उन्नाव आज नर्क का द्वार बन चुकी है।जहां के लोगों की जिन्दगी कचड़ा कीचड़ च सड़ांध से घुट-घुटकर दम तोड़ रही है। दहीचैकी औद्योगिक क्षेत्र में चमड़ा एवं केमिकल इकाईयो की मनमानी से भूगर्भ जल दिन-प्रतिदिन नष्ट होता जा रहा है।</div>
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<div>जहां संचालित इण्टरनेशनल मिर्ज़ा ट्रेनर्स एवरेस्ट ट्रेनरी मॉडल एक्ज़िम ट्रेनरी कैलको पेस्फ़ीक़ ट्रेनरी अभिषेक मल्होत्रा आरिफ़ बनारस खाद जैसी विश्वस्तरीय इकाईयो द्वारा रसायनिक केमिकलयुक्त पानी तथा बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी खुलेआम बहाया जा रहा है जिससे जिले का भूगर्भ इतना प्रदूषित हो चुका है कि पीने योग्य नहीं बचा है।प्रदूषित जल से लोगों में घातक बीमारियां घर कर रही हैं।स्वतंत्र प्रभात औद्योगिक नगरी की मनमानी को लगातार उजागर कर रहा है लेकिन जिला प्रशासन के कान में जूं नहीं रेंग रहा है। जिले के तीन छोरो दहीचैकी बंथर तथा अकरमपुर में स्थित चमड़ा तथा केमिकल इकाईयां नगर के भूगर्भ जल को दिन.प्रतिदिन क्षति पहुंचा रही हैं। वैसे तो इन फैक्ट्रियों के लिए मानक निर्धारित किये गये हैं तथा जल शोधन के लिए ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट भी स्थापित हैं परन्तु यह फैक्ट्रियां कभी भी इन मानको का पालन नहीं करती हैं। </div>
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<div>और रात के अंधेरे में फैक्ट्रियों तथा केमिकल इकाईयो द्वारा निकलने वाला पानी सीधे बोरवेल के माध्यम से भूगर्भ जल में पहुंचा दिया जाता है अथवा टैंकरो के माध्यम से सीधे लोन नदी में उड़ेल दिया जाता है जो आसपास की भूमि को ज़हरीला करता हुआ सीधे गंगा में प्रवेश कर जाता है।सूत्रो की माने तो लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के औद्योगिक क्षेत्र दहीचैकी स्थित हाजी नसीम चर्बी व बंथर स्थित केलको ट्रेनरी पेप्सिको टेनरी तथा मिर्ज़ा ट्रेनरी हाजी नसीम चर्बी बंथर स्थित ग्लू और चर्बी में मानको को दर-किनार कर मनमानी की जा रही है।चूंकि जल शोधन के लिए ट्रीटमेन्ट प्लान्ट में भारी-भरकम धनराशि करनी पड़ती है लिहाजा मात्र दिखावे के लिए सौ-दो सौ लीटर पानी ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट भेजा जाता है शेष पानी बिना फिल्टर किये ही यूपीएसआईडीसी के नाले से गंगा में बहा दिया जाता है।</div>
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<div>जिसके चलते केन्द्र सरकार की नमामि गंगे योजना पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है।आलम यह है कि यह जहरीला पानी जिन-जिन रास्तो से होकर गुजरता है वहां आसपास खेतो की कृषि योग्य भूमि ज़हरीली हो गयी है तथा यह पानी पीने वाले जानवर भयंकर बीमारियों की चपेट में आकर असमय मौत के मुंह में समा रहे हैं लेकिन अत्याधिक धन कमाने के लालच में यह फैक्ट्री स्वामी इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्हें आम जनमानस पर पड़ रहे इस दुष्प्रभाव से कोई मतलब नहीं है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Apr 2023 16:48:09 +0530</pubDate>
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