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                <title>skill development - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>skill development RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिमेन छापरी में स्मार्टपुर परियोजना की वार्षिक प्रदर्शनी एवं क्षमता विकास कार्यशाला का सफ़ल समापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी। </strong>धेमाजी जिले के कृषि विज्ञान केंद्र सिमेन छापरी में सोमवार को REACHA के तत्वावधान तथा Nokia के सहयोग से "Smartpur Impact &amp; Insights: Annual Showcasing and Capacity Building Workshop" विषय पर वार्षिक प्रदर्शनी एवं क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्मार्टपुर परियोजना के तहत गत एक वर्ष में हुए कार्यों, उपलब्धियों और अनुभवों की समीक्षा करना तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करना था। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में कृषि विज्ञान</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183932/successful-completion-of-the-annual-exhibition-and-capacity-development-workshop"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000654770-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी। </strong>धेमाजी जिले के कृषि विज्ञान केंद्र सिमेन छापरी में सोमवार को REACHA के तत्वावधान तथा Nokia के सहयोग से "Smartpur Impact &amp; Insights: Annual Showcasing and Capacity Building Workshop" विषय पर वार्षिक प्रदर्शनी एवं क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्मार्टपुर परियोजना के तहत गत एक वर्ष में हुए कार्यों, उपलब्धियों और अनुभवों की समीक्षा करना तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करना था। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ड. गुंजन गोगोई, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. घनकांत दले, RSETI के घनकांत बसुमतारी, REACHA के सौरभ शाह, मेदिनी ताशा एवं नबा कामन, IIE के धेमाजी जिला समन्वयक विजय दत्त, DCPU के प्रभारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) भुवन ताये, उप-विभागीय मत्स्य विकास अधिकारी जयंत मिली तथा REACHA के धर्मराज कार्की सहित स्मार्टपुर परियोजना के सभी कर्मचारी और विभिन्न केंद्रों की प्रबंधन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को शिक्षा, रोजगार, सरकारी सेवाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना स्मार्टपुर परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। प्रतिभागियों ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अपने अनुभव साझा किए तथा भविष्य में इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी दिए।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183932/successful-completion-of-the-annual-exhibition-and-capacity-development-workshop</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:33:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती : सांसद प्रवीण पटेल।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगंज प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्राम विकास विभाग द्वारा विधानसभा फूलपुर के धरौली, हनुमानगंज स्थित पृथ्वी गार्डेन गेस्ट हाउस में संकुल स्तरीय आम सभा बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फुलपुर के सांसद प्रवीण पटेल ने सहभागिता करते हुए स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, महिला आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक को संबोधित करते हुए सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। सरकार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183379/rural-economy-will-get-new-strength-from-self-help-groups-mp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0069-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगंज प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्राम विकास विभाग द्वारा विधानसभा फूलपुर के धरौली, हनुमानगंज स्थित पृथ्वी गार्डेन गेस्ट हाउस में संकुल स्तरीय आम सभा बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फुलपुर के सांसद प्रवीण पटेल ने सहभागिता करते हुए स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, महिला आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक को संबोधित करते हुए सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है, जिनका लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांवों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद ने समूह की महिलाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने, बचत एवं ऋण व्यवस्था को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने का आह्वान किया। ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में ग्राम विकास विभाग एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों के संचालन, वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग सुविधाओं, ऋण वितरण, आजीविका गतिविधियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। कार्यक्रम के दौरान समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और आजीविका से जुड़े सुझाव भी प्रस्तुत किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, ग्राम संगठन एवं संकुल संगठन की पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:25:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व जनसंख्या दिवस: संख्या नहीं संतुलन है सबसे बड़ी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस हमें केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह सोचने का अवसर भी देता है कि जनसंख्या किसी देश के लिए बोझ है या सबसे बड़ी ताकत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश के पास अपनी आबादी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और संसाधनों की कितनी प्रभावी व्यवस्था है। वर्ष 1990 में जब विश्व जनसंख्या दिवस पहली बार व्यापक रूप से मनाया गया था, तब दुनिया की आबादी लगभग 5.3 अरब थी। आज यह 8 अरब से अधिक हो चुकी है। इन तीन दशकों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183103/population-day-balance-is-the-biggest-challenge-not-numbers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस हमें केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह सोचने का अवसर भी देता है कि जनसंख्या किसी देश के लिए बोझ है या सबसे बड़ी ताकत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश के पास अपनी आबादी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और संसाधनों की कितनी प्रभावी व्यवस्था है। वर्ष 1990 में जब विश्व जनसंख्या दिवस पहली बार व्यापक रूप से मनाया गया था, तब दुनिया की आबादी लगभग 5.3 अरब थी। आज यह 8 अरब से अधिक हो चुकी है। इन तीन दशकों में विश्व की जनसंख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही एक नया संकट भी सामने आया है। कई देशों में आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि अनेक विकसित देशों में जन्मदर इतनी कम हो गई है कि वहां जनसंख्या घटने और समाज के बूढ़ा होने की चुनौती पैदा हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार देश की जनसंख्या लगभग 1.46 से 1.47 अरब के बीच पहुंच चुकी है। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर लगातार घट रही है और कुल प्रजनन दर भी प्रतिस्थापन स्तर के आसपास या उससे नीचे आ गई है। इसका अर्थ यह है कि अब भारत अनियंत्रित जनसंख्या विस्फोट के दौर से निकलकर जनसंख्या संतुलन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इसलिए आज आवश्यकता केवल जनसंख्या नियंत्रण की नहीं, बल्कि दूरदर्शी जनसंख्या प्रबंधन की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते दशकों में जनसंख्या तेजी से बढ़ने के पीछे कई कारण रहे। चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, टीकाकरण, बेहतर अस्पताल, स्वच्छता और पोषण के कारण मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई। शिशु एवं मातृ मृत्यु दर भी घटी, जिससे अधिक बच्चे जीवित रहने लगे। दूसरी ओर लंबे समय तक जन्मदर अपेक्षाकृत ऊंची बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी, परिवार नियोजन के प्रति सीमित जागरूकता, बाल विवाह, पुत्र प्राप्ति की सामाजिक मानसिकता, गरीबी, बड़े परिवार को सामाजिक प्रतिष्ठा मानने जैसी धारणाओं ने भी जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा दिया। कई परिवारों में बच्चे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और श्रम शक्ति के रूप में देखे जाते रहे, जिससे परिवार का आकार बड़ा होता गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव केवल लोगों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, जल, खाद्यान्न, ऊर्जा, परिवहन और पर्यावरण पर पड़ता है। यदि जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास से अधिक तेज हो जाए तो विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक समान रूप से नहीं पहुंच पाता। सरकारें सड़क, अस्पताल, विद्यालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करती हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के कारण उनकी मांग लगातार बढ़ती रहती है। परिणामस्वरूप संसाधनों पर दबाव बढ़ जाता है और विकास का लाभ अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि जनसंख्या का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि किसी देश की आबादी में युवाओं का अनुपात अधिक हो तो वह देश आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ सकता है। भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है। यही भारत का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय लाभांश है। यदि इन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें तो भारत विश्व अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कार्यशक्ति बन सकता है। यही कारण है कि आज अनेक विकसित देश भारतीय इंजीनियरों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों की ओर उम्मीद से देख रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">दुनिया का जनसांख्यिकीय परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जापान, दक्षिण कोरिया, इटली, जर्मनी और चीन जैसे देशों में जन्मदर लगातार घट रही है। कई देशों में स्थिति ऐसी हो गई है कि वहां जनसंख्या को बनाए रखने के लिए सरकारें लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने पर आर्थिक प्रोत्साहन, कर में छूट, नकद सहायता, मुफ्त शिक्षा और अन्य सुविधाएं दे रही हैं। इन देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वृद्ध होती आबादी और घटती कार्यशील जनसंख्या है। कम युवा होने के कारण उद्योगों, अस्पतालों और सेवा क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी महसूस होने लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के लिए यह स्थिति एक महत्वपूर्ण सीख है। लंबे समय तक "हम दो हमारे दो" का संदेश सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया और इसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया। आज देश की प्रजनन दर काफी कम हो चुकी है। इसलिए भविष्य की नीतियां बनाते समय केवल जनसंख्या घटाने पर जोर देना उचित नहीं होगा। यदि जन्मदर लगातार बहुत नीचे चली गई तो आने वाले दशकों में भारत भी वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना कर सकता है। विशेषज्ञ पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि संतुलन नहीं बनाया गया तो भारत अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो सकता है। इसका अर्थ यह है कि आर्थिक विकास की गति उस स्तर तक पहुंचने से पहले ही बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ने लगेगी और कार्यशील आबादी का अनुपात घट जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए अब आवश्यकता संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश में ऐसी नीतियां बननी चाहिए जो छोटे और जिम्मेदार परिवार को प्रोत्साहित करें, लेकिन साथ ही अत्यधिक गिरती जन्मदर को भी रोका जा सके। परिवार नियोजन का उद्देश्य केवल बच्चों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम परिवार बनाना होना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना ही वास्तविक जनसंख्या नीति की सफलता होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल आबादी नहीं, बल्कि मानव संसाधन के प्रभावी उपयोग की है। यदि करोड़ों युवा बेरोजगार रहेंगे तो जनसांख्यिकीय लाभांश बोझ बन जाएगा। वहीं यदि उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल कौशल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विनिर्माण, अनुसंधान, कृषि और सेवा क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे तो यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बना सकते हैं। आने वाले वर्षों में वैश्विक श्रम बाजार में भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी क्योंकि विकसित देशों में कार्यबल लगातार घट रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसंख्या और पर्यावरण के बीच भी गहरा संबंध है। बढ़ती आबादी के कारण जल संकट, प्रदूषण, जंगलों की कटाई, कृषि भूमि पर दबाव और ऊर्जा की मांग बढ़ती है। इसलिए सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप ऐसी विकास नीतियां आवश्यक हैं जिनमें संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रह सके। जनसंख्या प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व जनसंख्या दिवस का वास्तविक संदेश यही है कि केवल लोगों की संख्या बढ़ना या घटना ही महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समान अवसर उपलब्ध हों। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। यदि यह शक्ति सही दिशा में आगे बढ़ी तो देश आर्थिक महाशक्ति बनने की क्षमता रखता है। लेकिन यदि शिक्षा, रोजगार और संसाधनों का संतुलित विकास नहीं हुआ तो यही अवसर चुनौती में बदल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता भय या उत्साह में किसी एक छोर पर खड़े होने की नहीं, बल्कि संतुलित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की है। जनसंख्या न तो केवल समस्या है और न ही केवल संपत्ति। वह एक ऐसी शक्ति है जिसे सही नीति, दूरदर्शी योजना और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बनाया जा सकता है। विश्व जनसंख्या दिवस हमें यही संदेश देता है कि भविष्य की सफलता केवल जनसंख्या की संख्या से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, उत्पादकता और संतुलित विकास से तय होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:27:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>हर बच्चा भविष्य का पृष्ठ : लेकिन हम पन्ने भर रहे हैं या लिख रहे हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर जन्म नई संभावना लेकर आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हर संभावना उपलब्धि में नहीं बदलती। यही प्रश्न विश्व जनसंख्या दिवस हमारे सामने खड़ा करता है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य जनगणना की तालिकाओं में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन चेहरों में लिखा होता है जिन्हें हम अक्सर केवल संख्या मान लेते हैं। एक नवजात शिशु किसी परिवार का नया सदस्य भर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के भविष्य का पहला पृष्ठ होता है। विडंबना यह है कि उस पृष्ठ पर भविष्य लिखने की तैयारी किए बिना हम हर वर्ष नई प्रतियां जोड़ते जा रहे हैं। इसलिए सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183101/every-child-is-a-page-of-the-future-but-we"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/world-population-day.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर जन्म नई संभावना लेकर आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हर संभावना उपलब्धि में नहीं बदलती। यही प्रश्न विश्व जनसंख्या दिवस हमारे सामने खड़ा करता है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य जनगणना की तालिकाओं में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन चेहरों में लिखा होता है जिन्हें हम अक्सर केवल संख्या मान लेते हैं। एक नवजात शिशु किसी परिवार का नया सदस्य भर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के भविष्य का पहला पृष्ठ होता है। विडंबना यह है कि उस पृष्ठ पर भविष्य लिखने की तैयारी किए बिना हम हर वर्ष नई प्रतियां जोड़ते जा रहे हैं। इसलिए सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि भारत में कितने लोग हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह है कि उनमें कितनी संभावनाओं को अवसर मिला और कितनों को परिस्थितियों के भरोसे छोड़ दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज भारत </span>1.47 <span lang="hi" xml:lang="hi">अरब से अधिक लोगों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा जनसमूह है। इसे केवल भीड़ कहना उतनी ही बड़ी भूल होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी बिना तैयारी के इसे शक्ति मान लेना। संख्या न वरदान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न अभिशाप</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह केवल संभावनाओं का भंडार है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका मूल्य इस बात से तय होता है कि राष्ट्र उसकी ऊर्जा को किस दिशा में ले जाता है। भारत की लगभग </span>65 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत आबादी </span>35 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष से कम आयु की है। अनेक विकसित देश घटती जन्म दर और वृद्ध होती आबादी की चुनौती से जूझ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि हमारे पास युवा शक्ति का अवसर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इतिहास बार-बार नहीं देता। किंतु अवसर तभी उपलब्धि बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उसके पीछे दूरदर्शी व्यवस्था हो। केवल युवाओं की संख्या से राष्ट्र समृद्ध नहीं होता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल और रोजगार का सुदृढ़ आधार भी उतना ही आवश्यक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यहीं सबसे बड़ी विडंबना है। युवाओं की ऊर्जा प्रचुर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे दिशा देने वाली व्यवस्था अब भी अपेक्षाओं से पीछे है। शिक्षा डिग्री दे रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षता नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर समान नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अवसर उसी गति से नहीं। परिणामस्वरूप युवा निराशा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असुरक्षा और दिशाहीनता के बीच अपने महत्वपूर्ण वर्ष गंवा देते हैं। यह केवल व्यक्तिगत नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय हानि है। जिस ऊर्जा से नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्योग और सामाजिक परिवर्तन संभव थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पलायन और असंतोष में बदल जाती है। जनसंख्या का वास्तविक संकट यहीं से प्रारंभ होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब समय है कि बहस जनसंख्या नियंत्रण से आगे बढ़कर जनसंख्या की गुणवत्ता पर केंद्रित हो। किसी बच्चे का जन्म केवल जैविक घटना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। उसे स्वस्थ शरीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुणवत्तापूर्ण शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक कौशल और सम्मानजनक अवसर देना ही वास्तविक परिवार नियोजन है। शहरों में महंगाई और करियर की चुनौतियों ने बच्चों का पालन-पोषण महंगी जिम्मेदारी बना दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं गांवों में अवसरों का अभाव युवाओं को शहरों की ओर धकेल रहा है। परिणामस्वरूप गांव खाली हो रहे हैं और शहर अनियोजित विस्तार व भीड़ के दबाव से जूझ रहे हैं। इसलिए जनसंख्या नीति का संबंध केवल जन्म दर से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार और संतुलित क्षेत्रीय विकास से होना चाहिए। तभी हर नया नागरिक देश की संपत्ति बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोझ नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का युवा जीवित रहने के लिए नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सम्मानजनक और सार्थक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। उसकी आकांक्षाओं में अच्छी नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित भविष्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ पर्यावरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समान अवसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाचार और व्यक्तिगत विकास शामिल हैं। यदि ये अपेक्षाएं अधूरी रहीं तो आने वाले वर्षों में जन्म दर स्वाभाविक रूप से प्रभावित होगी और हमारे सामने भी वही स्थिति आ सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आज कई विकसित राष्ट्र गुजर रहे हैं। इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस का संदेश परिवार नियोजन तक सीमित नहीं रह सकता। इसे युवा सशक्तिकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लैंगिक समानता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिला शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सुरक्षा और सतत विकास के व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ना होगा। जब प्रत्येक युवा अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सकेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी जनसंख्या राष्ट्रीय संपदा बनेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण और संसाधनों को लेकर हमारी सोच भी बदलनी होगी। यह कहना आसान है कि बढ़ती आबादी संसाधनों पर दबाव बढ़ा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किंतु यह आधा सत्य है। वास्तविक प्रश्न यह है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कैसे हो रहा है। असंतुलित उपभोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपव्यय और विकास की असमान शैली कई बार जनसंख्या से अधिक नुकसान पहुंचाती है। यदि तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवीकरणीय ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट शहर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक कृषि और संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन को प्राथमिकता मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बड़ी आबादी भी सतत विकास की साझेदार बन सकती है। केवल जनसंख्या को दोष देकर नीतिगत कमजोरियों और सामाजिक जिम्मेदारियों से मुक्ति नहीं मिल सकती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत जैसा विविधताओं से भरा देश एक जैसी नीति से नहीं चल सकता। अलग-अलग राज्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्रों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृतियों और आर्थिक परिस्थितियों की अपनी चुनौतियां हैं। इसलिए जनसंख्या प्रबंधन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लचीला होना चाहिए। शिक्षा में निवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिला सशक्तिकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विकास और रोजगार सृजन—यही भविष्य के भारत के आधार स्तंभ हैं। इतिहास साक्षी है कि जब भी भारतीय मानव संसाधन को सही दिशा मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने असंभव को संभव बनाया। स्वतंत्रता आंदोलन से सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप क्रांति तक हर उपलब्धि के पीछे संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रशिक्षित और प्रेरित मानव शक्ति ही निर्णायक रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व जनसंख्या दिवस हमें नई दृष्टि अपनाने का अवसर देता है। हमें लोगों की गिनती से आगे बढ़कर उनमें छिपी संभावनाओं को पहचानना होगा। देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके खनिज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इमारतें या बजट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसके नागरिक होते हैं। यदि हर बच्चे की शिक्षा में निवेश होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर युवा को अवसर मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर महिला सुरक्षित और सशक्त होगी तथा हर क्षेत्र संतुलित विकास का सहभागी बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भारत केवल दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सक्षम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समृद्ध और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में पहचाना जाएगा। तब विश्व जनसंख्या दिवस केवल औपचारिक तिथि नहीं रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें हर जन्म को बढ़ती संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य की संभावना माना जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:23:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा । </strong>कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति एवं रोजगार सृजन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के अधिक से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के साथ-साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष बल।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182617/review-meeting-of-skill-development-mission-concluded-under-the-chairmanship"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1007835135.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा । </strong>कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति एवं रोजगार सृजन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के अधिक से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के साथ-साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष बल।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उनकी रुचि एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें रोजगार प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने के निर्देश</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एग्रीकल्चर, ऑटोमेटिव, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, प्लम्बिंग, हैंडीक्राफ्ट एंड कार्पेट, ब्यूटी एंड वेलनेस, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, आईटी एवं आईटीईएस, रिटेल सहित अन्य रोजगारपरक ट्रेडों में अधिक से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों एवं बाजार की मांग के अनुरूप संचालित किए जाएं, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समन्वित प्रयासों से बढ़ेगा रोजगार और आत्मनिर्भरता</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कौशल विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे जनपद में रोजगार के अवसरों का विस्तार हो तथा अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग पर भी विशेष बल दिया।बैठक में कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी तथा रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पांडेय, डीसी एनआरएलएम जे.एन. राव, जिला सेवायोजन अधिकारी, राम सिंह जिला समन्वयक कौशल विकास, अविनाश प्रताप सिंह कौशल विकास मैनेजर, दीपक  खरे कौशल विकास मैनेजर सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीबी जी राम जी’’ योजनान्तर्गत एमएनआईटी में आयोजित हुआ कार्यक्रम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">      </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरूवार को मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना ‘‘लांच’’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।  केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर ‘‘लांच’’ कार्यक्रम तिरूपति, आन्ध्र प्रदेश में किया गया, जिसका मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सजीव प्रसारण  किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केसव मौर्य के द्वारा लाभार्थिंयों को प्रशंसा पत्र,</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182615/program-organized-in-mnit-under-%E2%80%9Cvb-ji-ram-ji%E2%80%9D-scheme"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0113.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरूवार को मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना ‘‘लांच’’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।  केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर ‘‘लांच’’ कार्यक्रम तिरूपति, आन्ध्र प्रदेश में किया गया, जिसका मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सजीव प्रसारण  किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केसव मौर्य के द्वारा लाभार्थिंयों को प्रशंसा पत्र, स्वीकृति पत्र एवं आवास योजना के लाभार्थियों को चाभी प्रदान की गयी।  </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के लोगो से जी राम जी योजना के विषय पर संवाद कार्यक्रम में जनपद प्रयागराज के विकास खण्ड कौड़िहार निवासी  रंजीत कुमार मौर्या के द्वारा  ऑनलाइन  से योजना के बारे में संवाद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जी राम जी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिन की वैधानिक मजदूरी, रोजगार गारंटी प्रदान करने, ग्रामीण विकास ढांचे को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के साथ संरेखित करना है। जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और उत्पादक रोजगार सृजन करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन, ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों की आर्थिक भागीदारी मे वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर टिकाउ परिसम्पतियों का सृजन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उपमुख्यमंत्री जी  उन्होंने कहा कि जी राज जी योजना के लाभार्थियों को अन्य विभिन्न योजनाओं के लाभ से भी लाभान्वित किए जाने की व्यवस्था की गयी है।। कहा कि यदि ग्राम सभा में किसी पात्र लाभार्थी को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास के तहत चिन्हित किया गया है और उसके पास जमीन नहीं है, तो डबल इंजन की सरकार उस लाभार्थी को जमीन का पट्टा के माध्यम से उसको जमीन उपलब्ध कराकर उसका मकान बनवाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में गरीबों को अमीर बनाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार अन्तिम पायदान के व्यक्ति के साथ खड़ी है, हर पात्र लाभार्थी को केन्द्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमृत सरोवरों के निर्माण का कार्य जी राम जी योजना के तहत कराया जायेगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगो को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अमृत सरोवर बनाने में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। कहा कि ग्राम स्तर पर बैठक कर ग्राम सभा के विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनायी जाये और उसके अनुरूप कार्य किया जाये, जिससे कि ग्राम सभा को विकसित ग्राम सभा बनाया जा सके। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  उन्होंने कहा कि कौशल विकास के अन्तर्गत श्रमिकों को प्रशिक्षण प्रदान करके आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे श्रमिक से आगे बढ़कर राजमिस्त्री या अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सके। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 वी0के सिंह विधायक फूलपुर श्दीपक पटेल, 0 विधायक फाफामऊ , विधान परिषद सदस्य श्, डॉ0 के0पी0 श्रीवास्तव, भाजपा महानगर अध्यक्ष  संजय गुप्ता, गंगापार अध्यक्ष श्रीमती निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों के अलावा मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, परियोजना अधिकारी<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001855564.jpg" alt="1001855564" width="1600" height="1066"></img></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:00:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित गाँव ही विकसित भारत की सबसे सशक्त नींव : विधायक विनय वर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मनुहार गांव में गुरुवार को एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। विधायक विनय वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घरुआर में आयोजित "विकसित भारत–जी-राम जी" प्रचार-प्रसार एवं जन सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने "विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAMG)" की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के वैधानिक रोजगार एवं 252 से बढ़ाकर 300 रूपए मजदूरी कर दी गई है। साथ ही</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182609/developed-villages-are-the-most-powerful-foundation-of-developed-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783001299627-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मनुहार गांव में गुरुवार को एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। विधायक विनय वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घरुआर में आयोजित "विकसित भारत–जी-राम जी" प्रचार-प्रसार एवं जन सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने "विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAMG)" की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के वैधानिक रोजगार एवं 252 से बढ़ाकर 300 रूपए मजदूरी कर दी गई है। साथ ही कृषि एवं भूमि सुधार, जल संरक्षण एवं अमृत सरोवर, ग्रामीण संपर्क मार्ग, कौशल विकास एवं स्वरोजगार, आवास एवं आधारभूत संरचना, वृक्षारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को नई गति मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक ने कहा कि गांव का विकास जरूरी है। विकसित गाँव ही विकसित भारत की सबसे सशक्त नींव हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">इस योजना से ग्रामीणों को स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण, पलायन में कमी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उपस्थित क्षेत्रवासियों से इस जनहितकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर बीडीओ बढ़नी अनीषि मणि त्रिपाठी, प्रदीप कमलापुरी, राधेश्याम आदि लोग उपस्थित रहे।
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:49:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेशी अपनाने और स्वावलंबन का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong> नगर स्थित स्वावलंबन केंद्र में सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से बैठक आयोजित की गई।इसमें युवाओं और महिलाओं को स्वदेशी अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रांत संयोजक अमित सिंह वत्स ने की। बैठक में अमित सिंह वत्स ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें ऐसा उद्यम शुरू करना चाहिए जिससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके लिए स्वावलंबन केंद्र से जुड़कर प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्राप्त की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260629-wa0327.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong> नगर स्थित स्वावलंबन केंद्र में सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से बैठक आयोजित की गई।इसमें युवाओं और महिलाओं को स्वदेशी अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रांत संयोजक अमित सिंह वत्स ने की। बैठक में अमित सिंह वत्स ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें ऐसा उद्यम शुरू करना चाहिए जिससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके लिए स्वावलंबन केंद्र से जुड़कर प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में स्वदेशी की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि लोग स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें तो स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने सभी से दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मौजूद लोगों ने स्वदेशी के महत्व पर चर्चा की और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी, राजू सिंह एडवोकेट, पंकज पांडेय, विवेक सिंह, बाबू तिवारी, सत्यम सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, प्रभात, त्रिलोक चंदी, सुलोचना देवी, सुशीला, रंगोली सहित अनेक लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:00:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत ईपीएफओ द्वारा इफको फूलपुर में आयोजित हुआ समानांतर कार्यक्रम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत देशभर के लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने के अवसर पर इसके समानांतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन ईफको फूलपुर इकाई में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल थे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श सुमित कुमार, डीएलसी प्रयागराज,  पी.के. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, ईफको फूलपुर,  विनिता सिंह, एडीएम (फाइनेंस), तथा  राहुल वर्मा, कमिश्नर, ईपीएफओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181674/a-parallel-program-organized-by-epfo-at-iffco-phulpur-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001835773.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत देशभर के लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने के अवसर पर इसके समानांतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन ईफको फूलपुर इकाई में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल थे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श सुमित कुमार, डीएलसी प्रयागराज,  पी.के. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, ईफको फूलपुर,  विनिता सिंह, एडीएम (फाइनेंस), तथा  राहुल वर्मा, कमिश्नर, ईपीएफओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 250 लाभार्थियों, नियोक्ताओं तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी प्रतिभागी प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से लाइव जुड़े और योजना के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल जी   विभिन्न नियोक्ताओं  द्वारा नव नियुक्त 32  कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए । नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा कर्मियों ने अपने रोजगार अवसरों के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संगठन एवं सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  ने अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से देश में अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं तथा लाखों युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा, कौशल और क्षमता को विकसित भारत के निर्माण का आधार बताते हुए सरकार की रोजगार सृजन एवं कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का समापन  राहुल वर्मा(क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:09:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशिक्षण संस्थान में एआई टूल्स, बायोडाटा एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>नैनी,प्रयागराज,।</strong></div>
<div>  </div>
<div>नैनी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आज Lift Life World.com AI Company के सहयोग से एआई टूल्स, प्रभावी बायोडाटा (रिज्यूमे) निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, रोजगारोन्मुखी कौशल और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करना था, ताकि वे बदलते रोजगार परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।</div>
<div>  </div>
<div>कार्यक्रम में कंपनी की ओर से अमित दत्ता, पुष्कर पांडेय, अभिषेक श्रीवास्तव एवं देवांग मिश्रा ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181404/special-training-session-on-ai-tools-biodata-and-personality-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0118.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>नैनी,प्रयागराज,।</strong></div>
<div> </div>
<div>नैनी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आज Lift Life World.com AI Company के सहयोग से एआई टूल्स, प्रभावी बायोडाटा (रिज्यूमे) निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, रोजगारोन्मुखी कौशल और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करना था, ताकि वे बदलते रोजगार परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में कंपनी की ओर से अमित दत्ता, पुष्कर पांडेय, अभिषेक श्रीवास्तव एवं देवांग मिश्रा ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग, प्रभावशाली एवं पेशेवर बायोडाटा तैयार करने की तकनीकों तथा साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक व्यक्तित्व विकास संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।</div>
<div> </div>
<div>विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता, प्रभावी संवाद कौशल और आत्मविश्वास किसी भी विद्यार्थी के करियर निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के समन्वयक कौसर, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी प्रभाकर पांडेय तथा सोशल मीडिया प्रभारी ऋषभ चौरसिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसरों और कौशल विकास के महत्व से अवगत कराया।</div>
<div> </div>
<div>प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की तथा विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके कौशल विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।</div>
<div>कार्यक्रम के अंत में संस्थान प्रशासन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक, तकनीक-आधारित और रोजगारपरक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181404/special-training-session-on-ai-tools-biodata-and-personality-development</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:15:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 यूपी बटालियन एनसीसी के 303 कैडेट्स ने 'बी' प्रमाणपत्र परीक्षा  उत्तीर्ण की।</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">15 यूपी बटालियन एनसीसी के 303 कैडेट्स ने प्रतिष्ठित एनसीसी 'बी' प्रमाणपत्र परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बटालियन से संबद्ध विभिन्न शिक्षण संस्थानों के इन कैडेट्स ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट समर्पण, अनुशासन और परिश्रम का परिचय दिया। परीक्षा में ड्रिल, हथियार प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय एकता तथा सैन्य जागरूकता सहित विभिन्न विषयों का मूल्यांकन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर 15 यूपी बटालियन एनसीसी की कमांडिंग ऑफिसर, कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत, ने सभी सफल कैडेट्स को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181373/303-cadets-of-15-up-battalion-ncc-passed-b-certificate"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0157.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">15 यूपी बटालियन एनसीसी के 303 कैडेट्स ने प्रतिष्ठित एनसीसी 'बी' प्रमाणपत्र परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बटालियन से संबद्ध विभिन्न शिक्षण संस्थानों के इन कैडेट्स ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट समर्पण, अनुशासन और परिश्रम का परिचय दिया। परीक्षा में ड्रिल, हथियार प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय एकता तथा सैन्य जागरूकता सहित विभिन्न विषयों का मूल्यांकन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर 15 यूपी बटालियन एनसीसी की कमांडिंग ऑफिसर, कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत, ने सभी सफल कैडेट्स को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स (ए.एन.ओ.), स्थायी प्रशिक्षण स्टाफ (पी. आई. स्टाफ.), केयरटेकर ऑफिसर्स तथा संबंधित शिक्षण संस्थानों के योगदान की भी सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत ने कहा,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">"यह उपलब्धि हमारे कैडेट्स के अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। 'बी' प्रमाणपत्र उनके व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र के भावी नेतृत्वकर्ता बनने के लिए तैयार करता है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह सफलता बटालियन की राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासित, जिम्मेदार एवं देशभक्त युवाओं के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181373/303-cadets-of-15-up-battalion-ncc-passed-b-certificate</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 20:58:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

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