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                <title>Government Project - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Government Project RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लोकार्पण की तैयारी तेज: डीएम ने मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, 20 जुलाई। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद में निर्माणाधीन मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के लोकार्पण की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और प्रस्तावित लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) के प्रबंध निदेशक आर.एन. सिंह भी मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक ब्लॉक, सभागार, सड़क, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, सीवरेज, हरित क्षेत्र, लैंडस्केपिंग और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183864/preparation-for-inauguration-intensified-dm-inspected-maa-pateshwari-state-university"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260720-wa0444.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, 20 जुलाई। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद में निर्माणाधीन मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के लोकार्पण की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और प्रस्तावित लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) के प्रबंध निदेशक आर.एन. सिंह भी मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक ब्लॉक, सभागार, सड़क, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, सीवरेज, हरित क्षेत्र, लैंडस्केपिंग और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शेष फिनिशिंग कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएम ने कहा कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय केवल बलरामपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देवीपाटन मंडल के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान भवनों की आंतरिक एवं बाहरी फिनिशिंग, रंगाई-पुताई, फर्श, विद्युत फिटिंग, परिसर की साफ-सफाई, मार्ग निर्माण तथा अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय परिसर को आकर्षक एवं व्यवस्थित स्वरूप देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूपीआरएनएन के प्रबंध निदेशक आर.एन. सिंह ने जिलाधिकारी को निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराते हुए भरोसा दिलाया कि शेष कार्य निर्धारित समय में पूरे कर लिए जाएंगे। डीएम ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नियमित समीक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विश्वविद्यालय का लोकार्पण बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी भवन खंड के अधिशासी अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्था के अभियंता एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 19:38:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने 365 मंदिरों व कुआं का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा नगर पंचायत बिस्कोहर के 365 मन्दिरों/कुओं का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा  नगर पंचायत बिस्कोहर में स्थित मन्दिरों व कुओं को देखा गया। पुरातात्विक महत्व के दृष्टिगत नगर पंचायत बिस्कोहर के 365 मन्दिरों/कुओं का जीर्णोद्वार कराने हेतु पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे रिपोर्ट शासन को प्रेषित किया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा इसके जीर्णोद्वार का कार्य कराया जायेगा। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बिस्कोहर अखिलेश कुमार दीक्षित व अन्य संबधित उपस्थित थे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;">  </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;">  </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp">  </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181085/district-magistrate-inspected-365-temples-and-wells"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781274135687.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा नगर पंचायत बिस्कोहर के 365 मन्दिरों/कुओं का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा  नगर पंचायत बिस्कोहर में स्थित मन्दिरों व कुओं को देखा गया। पुरातात्विक महत्व के दृष्टिगत नगर पंचायत बिस्कोहर के 365 मन्दिरों/कुओं का जीर्णोद्वार कराने हेतु पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे रिपोर्ट शासन को प्रेषित किया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा इसके जीर्णोद्वार का कार्य कराया जायेगा। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बिस्कोहर अखिलेश कुमार दीक्षित व अन्य संबधित उपस्थित थे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181085/district-magistrate-inspected-365-temples-and-wells</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 21:02:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निरीक्षण:निर्माण की धीमी रफ्तार पर डीएम ने जताई नाराजगी, काम जल्द पूरा कराने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा पर्यटन विभाग के निर्माणाधीन परियोजना कपिलवस्तु का समेकित विकास कार्य का निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जानकारी दिया गया कि कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न होने तथा कार्य की धीमी प्रगति पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबधित के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात निर्माणाधीन विपश्यना केन्द्र का जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर, एडमिन ब्लॉक निर्माण कार्य, मेस ब्लॉक, एकोमेंडेशन पुरुष/महिला का</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180895/dm-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-inspection-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781017885835.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा पर्यटन विभाग के निर्माणाधीन परियोजना कपिलवस्तु का समेकित विकास कार्य का निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जानकारी दिया गया कि कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न होने तथा कार्य की धीमी प्रगति पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबधित के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात निर्माणाधीन विपश्यना केन्द्र का जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर, एडमिन ब्लॉक निर्माण कार्य, मेस ब्लॉक, एकोमेंडेशन पुरुष/महिला का निर्माण कार्य, गार्ड रूम, सब स्टेशन रूम, मेडिटेशन ब्लॉक आदि को देखा गया। जिलाधिकारी ने निर्धारित समयान्तर्गत कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परियोजना प्रबन्धक यूपीपीसीएल आशुतोष उपाध्याय व अन्य संबधित उपस्थित थे। इसके पश्चात विपश्यना पार्क का जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विपश्यना पार्क को क्रियाशील कराये।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180895/dm-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-inspection-and</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:16:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के पास बसेगा हरियाणा का नया औद्योगिक शहर, रोजगार को मिलेगी नई उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">Haryana News: हरियाणा में तेज़ी से बढ़ते विकास को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है। सरकार दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">मुंबई एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे एक अत्याधुनिक औद्योगिक शहर बसाने जा रही है।</span></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">इस नई परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का दावा है कि यह कदम न केवल रियल एस्टेट बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि किसानों की आय और समृद्धि के भी नए रास्ते खोलेगा।</span></p>
<p class="pf0"><strong><span class="cf0">इन गांवों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ</span></strong></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">इस औद्योगिक शहर के लिए फरीदाबाद और पलवल</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160358/haryana-haryanas-new-industrial-city-will-be-located-near-delhi-mumbai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/new-industrial-town.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">Haryana News: हरियाणा में तेज़ी से बढ़ते विकास को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है। सरकार दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">मुंबई एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे एक अत्याधुनिक औद्योगिक शहर बसाने जा रही है।</span></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">इस नई परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का दावा है कि यह कदम न केवल रियल एस्टेट बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि किसानों की आय और समृद्धि के भी नए रास्ते खोलेगा।</span></p>
<p class="pf0"><strong><span class="cf0">इन गांवों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ</span></strong></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">इस औद्योगिक शहर के लिए फरीदाबाद और पलवल जिलों के नौ गांवों की लगभग 9,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा रही है। भूमि खरीद से संबंधित आवेदन पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। जिन गांवों से भूमि ली जाएगी, उनमें फरीदाबाद जिले के छांयसा और मोहना, तथा पलवल जिले के मोहियापुर, बागपुर कलां, बागपुर खुर्द, बहरौला, हंसापुर, सोलड़ा और थंथरी शामिल हैं।</span></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">सरकार का मानना है कि इन गांवों में रहने वाले किसानों और स्थानीय निवासियों को आने वाले समय में रोजगार, व्यावसायिक अवसर और भूमि मूल्य वृद्धि का सीधा लाभ मिलेगा।</span></p>
<p class="pf0"><strong><span class="cf2">HSIIDC </span><span class="cf0">संभालेगा विकास की जिम्मेदारी</span></strong></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">इस मेगा औद्योगिक शहर के विकास की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (</span><span class="cf2">HSIIDC) </span><span class="cf0">को दी गई है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक नक्शे को नया स्वरूप देगी और लाखों लोगों के लिए रोजगार व निवेश के अवसर तैयार करेगी। एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के नजदीक होने की वजह से इस क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में तेजी से विकसित किया जाएगा।</span></p>
<p class="pf0"><strong><span class="cf0">ग्रेटर फरीदाबाद के 18 गांवों में होगा 4,500 एकड़ भूमि का विकास</span></strong></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (</span><span class="cf2">HUDA) </span><span class="cf0">भी ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में बड़े स्तर पर विकास कार्य करेगा। इसके लिए 18 गांवों की लगभग 4,500 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करते हुए सेक्टर 94</span><span class="cf2">A </span><span class="cf0">से</span><span class="cf2"> 142 </span><span class="cf0">तक नई कॉलोनियों और बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।</span></p>
<p class="pf0"><strong><span class="cf0">रियल एस्टेट क्षेत्र में आएगी बड़ी तेजी</span></strong></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">खेड़ी कलां, नचौली, ताजुपुर, ढहकौला, शाहबाद, भैंसरावली, जसाना और तिगांव जैसे गांवों को रिहायशी ज़ोन में शामिल करने की योजना है। सर्कल रेट बढ़ने और नए जोनों के बनने के चलते इन इलाकों में जमीनों की कीमतों में भारी उछाल की संभावना है। इससे नए आवासीय क्षेत्र विकसित होंगे और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत आधार मिलेगा। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह इलाका </span><span class="cf2">NCR </span><span class="cf0">का सबसे बड़ा विकास हब बन सकता है।</span></p>
<p class="pf0"><strong><span class="cf0">भूमि अधिग्रहण के लिए लगाए गए विशेष शिविर</span></strong></p>
<p class="pf0"><span class="cf0">भूमि अधिग्रहण कार्य को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए सरकार ने विभिन्न गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए थे। साहुपुरा, सोतई, सुनपेड़, जाजरू और मलेरना में आयोजित इन शिविरों में किसानों की समस्याएँ सुनकर समाधान किया गया और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160358/haryana-haryanas-new-industrial-city-will-be-located-near-delhi-mumbai</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 18:28:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>

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