<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/36518/shrimad-bhagwat-katha" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Shrimad Bhagwat Katha - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/36518/rss</link>
                <description>Shrimad Bhagwat Katha RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भागवत कथा के चौथे दिन राम अवतार.कृष्ण अवतार.वामन अवतार को सुनकर श्रोता हुए मंत्र मुग्ध </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अखरी पोस्ट कसेरुवा में सप्तवेदी, गणेश आंबिका, रूद्र हनुमत देव, सहित मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन मुख्य यजमान शिव सिंह, सपत्नीक किरन सिंह, के यहां आनंद मिश्रा के द्वारा संकल्पित सातवीं श्रीमद् भागवत कथा का हो रहा भव्य आयोजन।आपको बता दें कि, ग्राम सभा अखरी पोस्ट कसेरुवा जिला फतेहपुर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन हजारों की संख्या में दूर दराज से श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए भक्तों का उमड़ा भारी जन सैलाब।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">    भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित चंद्रेश कृष्ण शास्त्री  ने वामन</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175097/on-the-fourth-day-of-bhagwat-katha-the-listeners-were"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260404-wa0261.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखरी पोस्ट कसेरुवा में सप्तवेदी, गणेश आंबिका, रूद्र हनुमत देव, सहित मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन मुख्य यजमान शिव सिंह, सपत्नीक किरन सिंह, के यहां आनंद मिश्रा के द्वारा संकल्पित सातवीं श्रीमद् भागवत कथा का हो रहा भव्य आयोजन।आपको बता दें कि, ग्राम सभा अखरी पोस्ट कसेरुवा जिला फतेहपुर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन हजारों की संख्या में दूर दराज से श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए भक्तों का उमड़ा भारी जन सैलाब।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित चंद्रेश कृष्ण शास्त्री  ने वामन अवतार कृष्ण अवतार एवं श्री राम अवतार की कथाओ का विस्तार रूप से व्याख्यान किया। कथा व्यास ने बताया कि, वामन अवतार में भगवान नारायण राजाबली से भगवान वामन ने तीन पग भूमि मांगी अपने गुरु शुक्राचार्य के माना करने पर भी राजाबली वामन भगवान को तीन पग भूमि दान कर दी। वामन भगवान ने तीन पग में ही पूरे ब्रह्मांड को नाप लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और राजाबली भगवान वामन को अपने द्वार पर खड़े रहने के लिए वरदान मांगा। कथा व्यास ने बताया कि, माता देवकी के गर्भ में आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया और कंस का वध कर दिया। कथा व्यास ने कृष्ण जन्म, वामन अवतार, राम अवतार, जैसे विभिन्न कथाओं का वर्णन करते हुए पांडाल में बैठे हजारों श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर यज्ञ शाला के मुख्य आचार्य पंडित सीताराम शास्त्री, यज्ञाचार्य  सुबोध शास्त्री, उपयज्ञाचार्य योगेंद्र नाथ त्रिपाठी, व्यवस्थापक शीतला बक्स सिंह, श्रवण मिश्रा, शेर सिंह, विजय बहादुर सिंह, राजा सिंह चौहान, अक्षत सिंह, शुभम सिंह, मोनू सिंह, विक्रम सिंह, हर्षित सिंह, निखिल सिंह, रंग बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह, कुलदीप एवं समस्त मित्रगण सहित आदि भक्त उपस्थित रहे।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175097/on-the-fourth-day-of-bhagwat-katha-the-listeners-were</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175097/on-the-fourth-day-of-bhagwat-katha-the-listeners-were</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 20:05:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260404-wa0261.jpg"                         length="106047"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Abhinav Shukla]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजा परीक्षित जन्म कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के छमनीखेड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। नैमिषारण्य तीर्थ से पधारे कथा व्यास पंडित बृजनंदन शास्त्री ने राजा परीक्षित के जन्म की मार्मिक कथा सुनाई। उनके भावपूर्ण शब्दों ने श्रोताओं को गहराई तक छू लिया। कथा प्रसंग सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं। कथा व्यास ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उनके शरीर से रक्त बह चुका था। युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव उनसे मिलने पहुंचे। भगवान</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174864/devotees-became-emotional-after-hearing-the-birth-story-of-raja"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260331-wa0301.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के छमनीखेड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। नैमिषारण्य तीर्थ से पधारे कथा व्यास पंडित बृजनंदन शास्त्री ने राजा परीक्षित के जन्म की मार्मिक कथा सुनाई। उनके भावपूर्ण शब्दों ने श्रोताओं को गहराई तक छू लिया। कथा प्रसंग सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं। कथा व्यास ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके शरीर से रक्त बह चुका था। युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव उनसे मिलने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन से संवाद के बाद भीष्म पितामह ने देह त्याग दी। उसी समय अर्जुन के धनुष से मां गंगा का प्रादुर्भाव हुआ। उन्होंने आगे कहा कि भीष्म पितामह के पंचतत्व में विलीन होने पर पांडव शोक में डूब गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी प्राणी के जाने पर विलाप नहीं करना चाहिए। ऐसे समय में संकीर्तन और गरुड़ पुराण का श्रवण करना चाहिए। यही सच्चा मार्ग है। कथा के दौरान राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग भी सुनाया गया। महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण द्वारका लौटे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बीच अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु की पत्नी ने एक बालक को जन्म दिया। पांडवों ने उसका नाम विष्णुरात रखा। बाद में वही बालक परीक्षित के नाम से प्रसिद्ध हुआ। कथा के इस प्रसंग ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान ऋतुराज सिंह, प्रोफेसर आरके सिंह, केशव प्रसाद तिवारी, संजय तिवारी, बच्चू दीक्षित, बेटऊनू भैया, आनंद तिवारी, सत्यम त्रिपाठी, झब्बू भैया, गोलू, शिवम, रज्जन तिवारी, संदीप तिवारी, धनंजय, शंकरजी, लल्लन, बच्चाबाबू, नयन, रतन तिवारी, मदन, रिंकू, राहुल, सूरज तिवारी, दुर्गाशंकर तिवारी, बसंत तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174864/devotees-became-emotional-after-hearing-the-birth-story-of-raja</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174864/devotees-became-emotional-after-hearing-the-birth-story-of-raja</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260331-wa0301.jpg"                         length="117303"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Abhinav Shukla]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> भगवान श्री कृष्ण माता रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुन भावविभोर हुए भक्तजन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> सियाराम कालोनी प्रतापगढ़ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का गुरुवार षष्ठम दिवस को विश्राम हुआ। कथा में आचार्य श्री अमित कृष्ण शास्त्री महाराज जी ने भगवान कृष्ण और गोपियों की कथा के साथ-साथ भगवान कृष्ण और माता रुक्मणी विवाह की कथा को श्रवण कराया। महाराज जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राणी को स्वर्ग में जाने का मार्ग प्रशस्त होता है। हम सब श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर अपने चित्त में उतार कर अपना जीवन सफल बनाएं। हम सब हिन्दू भाइयों को एक संदेश भी दिया कि हम सभी</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160022/6915d6a5ec454"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251112-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> सियाराम कालोनी प्रतापगढ़ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का गुरुवार षष्ठम दिवस को विश्राम हुआ। कथा में आचार्य श्री अमित कृष्ण शास्त्री महाराज जी ने भगवान कृष्ण और गोपियों की कथा के साथ-साथ भगवान कृष्ण और माता रुक्मणी विवाह की कथा को श्रवण कराया। महाराज जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राणी को स्वर्ग में जाने का मार्ग प्रशस्त होता है। हम सब श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर अपने चित्त में उतार कर अपना जीवन सफल बनाएं। हम सब हिन्दू भाइयों को एक संदेश भी दिया कि हम सभी लोग अपने धर्म की रक्षा के लिए सनातन धर्म को बढ़ाए।  सब एक रहे और कंधे से कंधा मिलाकर चलें अपने देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाए।  कथा के यजमान प्रेमादेवी , विपिन, आशीष,बिकानी विक्की, मुरली राजेन्द्र आदि रहे।कथा में समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कथा का श्रवण कर परम पूज्य महाराज श्री अमित कृष्ण शास्त्री जी महराज का अंगवस्त्र माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160022/6915d6a5ec454</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/160022/6915d6a5ec454</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 18:31:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/img-20251112-wa0067.jpg"                         length="284963"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        