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                <title>Delhi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Delhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच दिल्ली में NSA लागू, दिल्ली पुलिस को मिली विशेष शक्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260723_145641_facebook.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या शांति के लिए गंभीर खतरा</strong> मानी जाती हैं, तो दिल्ली पुलिस आयुक्त NSA के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>क्या बिना मुकदमे हो सकती है हिरासत?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), 1980 एक <strong>निवारक निरोध (Preventive Detention)</strong> कानून है। इसके तहत प्रशासन किसी व्यक्ति को भविष्य में संभावित खतरे की आशंका के आधार पर हिरासत में ले सकता है। इस प्रक्रिया में सामान्य आपराधिक मुकदमा दर्ज होना आवश्यक नहीं होता। हालांकि, कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है और मामले की समीक्षा <strong>सलाहकार बोर्ड (Advisory Board)</strong> द्वारा की जाती है। आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक हिरासत संभव है।</p>
<h3><strong>जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन</strong></h3>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और अन्य मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<h3><strong>पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का संदेश</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि <strong>पेपर लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था</strong> की जाएगी, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।</p>
<h3><strong>क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिनकी गतिविधियों से <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या आवश्यक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका</strong> हो। यह कानून सामान्य आपराधिक मामलों से अलग है और केवल विशेष परिस्थितियों में लागू किया जाता है।</p>
<h3><strong>मुख्य बातें</strong></h3>
<ul>
<li><strong>19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को NSA के तहत कार्रवाई का अधिकार।</li>
<li>राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा होने की आशंका पर निवारक हिरासत संभव।</li>
<li>कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया और सलाहकार बोर्ड की समीक्षा अनिवार्य।</li>
<li>आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक निरुद्ध किया जा सकता है।</li>
<li>जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन जारी।</li>
</ul>
<p><strong>नोट:</strong> NSA के तहत विशेष अधिकार दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रदर्शनकारियों को बिना कारण हिरासत में लिया जाएगा। इस कानून का उपयोग केवल कानून में निर्धारित विशेष परिस्थितियों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में फलदार वृक्षों की गुठलियाँ लगाएँ, पर्यावरण की सुरक्षा करें योगेंद्र कुमार सह अधीक्षक तिहाड़ जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182461/plant-kernels-of-fruit-trees-in-monsoon-and-protect-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260627-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की गुठलियाँ और बीज ही लगाए जाएँ। हमने इस विचार को व्यवहार में उतारा और वर्षा ऋतु में बड़ी संख्या में जामुन, आम, इमली, बेर तथा अन्य फलदार वृक्षों की गुठलियाँ बोईं। अगले मानसून तक उनसे लगभग ढाई से तीन फीट ऊँचे स्वस्थ पौधे तैयार हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद हमने इन पौधों का निःशुल्क वितरण शुरू किया और स्वयं भी उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित किया। आज हमारा पौधारोपण अभियान पूरी तरह निःशुल्क है।मैं आप सभी से भी विनम्र आग्रह करता हूँ कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस मानसून में फलों की गुठलियाँ और बीज अवश्य लगाएँ। अगले वर्ष मानसून में तैयार पौधों को किसी उपयुक्त स्थान पर रोपित करें। बिना किसी बड़े खर्च के हम सभी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।पिछले वर्ष तिहाड़ जेल के बंदियों एवं स्टाफ के सहयोग से हमने बड़ी संख्या में जामुन की गुठलियाँ लगाई थीं, जो आज 2–3 फीट ऊँचे पौधों में विकसित हो चुकी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली सरकार के 'वन महोत्सव' अभियान में हम इन पौधों का निःशुल्क वितरण करेंगे तथा उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित भी करेंगे।फलदार वृक्ष लगाने के अनेक लाभ हैं। ये न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि फल खाने वाले सुंदर पक्षियों को भी पुनः उनके प्राकृतिक आवास में लौटने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही हमें भी बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के ताज़े और पौष्टिक फल प्राप्त होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त ये वृक्ष प्रदूषण कम करने, वातावरण को शुद्ध रखने तथा भरपूर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।आइए, इस मानसून एक संकल्प लें—हर घर, हर परिवार और हर नागरिक कम से कम एक फलदार वृक्ष की गुठली अवश्य लगाए। यही छोटा-सा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण की नींव बनेगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:54:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुरुक्षेत्र: राहुल को प्रतिरोध का नारा बनाएगा विपक्ष का चेहरा, 2029 में PM मोदी और नेता विपक्ष का सीधा मुकाबला।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्चा लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीबीएसई की गड़बडी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत अमेरिका व्यापार समझौता </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एपस्तीन फाइल,खाड़ी युद्ध में भारत की विदेश नीति और अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत जैसे  हर ज्वलंत मुद्दे पर राहुल गांधी सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ही घेर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में अभी तीन साल का वक्त है लेकिन राजनीति जिस दिशा में चल पड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे साफ जाहिर है कि न सिर्फ 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव बल्कि अब 2029 तक जितने भी चुनाव होंगे सब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष राहुल</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181388/kurukshetra-will-make-rahul-a-slogan-of-resistance-face-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/43.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्चा लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीबीएसई की गड़बडी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत अमेरिका व्यापार समझौता </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एपस्तीन फाइल,खाड़ी युद्ध में भारत की विदेश नीति और अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत जैसे  हर ज्वलंत मुद्दे पर राहुल गांधी सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ही घेर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में अभी तीन साल का वक्त है लेकिन राजनीति जिस दिशा में चल पड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे साफ जाहिर है कि न सिर्फ 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव बल्कि अब 2029 तक जितने भी चुनाव होंगे सब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष राहुल गांधी के बीच ही सीधा मुकाबला होगा।नतीजतन राहुल गांधी खुद खुलकर मैदान में आ गये हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठक में कहा कि अब देश में चुनावों की परंपरागत राजनीति से आगे प्रतिरोध की राजनीति का युग आ गया है। प्रतिरोध की राजनीति से राहुल गांधी का सीधा मतलब है कि मोदी सरकार को संसद के साथ-साथ विपक्ष अब सड़क पर भी घेरेगा। राहुल ने कहा कि सभी संस्थाएं सरकार के कब्जे में हैं और चुनावों का कोई मतलब नहीं रह गया है। इसलिए कांग्रेस को प्रतिरोध की राजनीति के अपने पुराने दौर में लौटना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल ने सिर्फ एलान ही नहीं किया बल्कि उन्होंने प्रतिरोध की राजनीति की शुरुआत करते हुए सबसे पहले युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद करने के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।इसकी शुरुआत वह कोटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलाहाबाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पटना और दिल्ली में छात्र युवा सम्मेलन से कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा और एनडीए तो 2014 से ही चाहे लोकसभा हो या विधानसभा का चुनाव नरेंद्र मोदी को आगे करके उनके नाम पर ही हर चुनाव लड़ रहा है। सत्ता पक्ष के लिए नरेंद्र मोदी का नेतृत्व और नाम चुनावों में जीत का सबसे बड़ा मंत्र है जबकि इसके विपरीत कांग्रेस मोदी के मुकाबले अपने किसी भी नेता को आगे करके चुनाव लड़ने की हिम्मत नही जुटा पा रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्षी इंडिया गठबंधन भी मोदी के मुकाबले बिना कोई चेहरा आगे लाए ही मैदान में उतरा था। लेकिन अब कांग्रेस जिस राह पर चल पड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे यह साफ है कि अब उसे नरेंद्र मोदी के मुकाबले राहुल गांधी को आगे करने में कोई गुरेज नहीं है। अब राहुल गांधी खुद आगे बढ़कर सरकार के खिलाफ होने वाली लड़ाई की कमान संसद के साथ सड़क पर भी संभालने के लिए तैयार हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उधर विपक्षी खेमे की तस्वीर अब खासी बदल गई है। हाल ही में हुए पांच विधानसभा चुनावों में प.बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन के किले ढह गए और इसके पहले बिहार में तेजस्वी यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र में शरद पवार और उद्धव ठाकरे भाजपा के हाथों हार चुके हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस भी 2024 के बाद हरियाणा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र और असम में भाजपा से हारी है लेकिन केरल में उसकी जीत और तमिलनाडु में डीएमके को छोड़कर टीवीके सरकार में शामिल होने से पार्टी को फिर आक्सीजन मिल गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए अब मामला कांग्रेस और क्षत्रपों के बीच बराबरी का हो गया है और अब कोई भी क्षत्रप कांग्रेस को यह उलाहना नहीं दे सकता कि भाजपा का मुकाबला क्षेत्रीय दल ही सफलता पूर्वक कर पाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षत्रपों में अब झारखंड में हेमंत सोरेन अकेले ऐसे नेता हैं जो दो बार लगातार भाजपा को चुनावी मात दे चुके हैं और कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन है जबकि 2014</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2017</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2019 और 2022 में लगातार भाजपा के हाथों चुनावी हार झेल चुके अखिलेश यादव ने 2024 में लोकसभा चुनावों में भाजपा को पटखनी देकर फिर से 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए खम ठोंक रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब 2027 में उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां चुनाव में भाजपा का सपा से मुकाबला होगा और कांग्रेस उसकी सहयोगी पार्टी होगी। वहीं पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस का सीधा मुकाबला होगा क्योंकि यहां भाजपा अभी अपनी जमीन बनाने की कोशिश कर रही है और अकाली दल के सामने अस्तित्व बचाने की चुनौती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाकी 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले होने वाले सारे राज्यों उत्तराखंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिमाचल प्रदेश</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला होगा। वहीं तेलंगाना में कांग्रेस बीआरएस और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा। यहां भी कांग्रेस मुख्य किरदार होगी</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong></p>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181388/kurukshetra-will-make-rahul-a-slogan-of-resistance-face-of</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:52:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी, 19 किलो सिलेंडर हुआ 42 रुपये महंगा।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>स्वतंत्र प्रभात रिपोर्ट </strong></span></p>
<p>प्रयागराज। आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बाद अब एलपीजी गैस के मोर्चे पर भी झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद देश के विभिन्न महानगरों में कामर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हो गया है।</p>
<p>नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो वाले कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 3255.50 रुपये पहुंच गई है। इसके अलावा 5 किलो वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180457/increase-in-the-price-of-commercial-lpg-cylinder-19-kg"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/screenshot_20260601-161535.google.png" alt=""></a><br /><p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>स्वतंत्र प्रभात रिपोर्ट </strong></span></p>
<p>प्रयागराज। आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बाद अब एलपीजी गैस के मोर्चे पर भी झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद देश के विभिन्न महानगरों में कामर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हो गया है।</p>
<p>नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो वाले कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 3255.50 रुपये पहुंच गई है। इसके अलावा 5 किलो वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर के दाम में भी 11 रुपये की वृद्धि की गई है।</p>
<p>हालांकि राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं पर तत्काल अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।</p>
<p><strong>होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा असर</strong></p>
<p>कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, कैटरिंग सेवाओं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। ऐसे में कीमतों में हुई बढ़ोतरी से इन कारोबारों की संचालन लागत बढ़ेगी। व्यापारियों का कहना है कि गैस महंगी होने से खाद्य पदार्थों की उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार यदि कमर्शियल गैस की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो बाहर खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना है। शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं।</p>
<p><strong>घरेलू उपभोक्ताओं को राहत</strong></p>
<p>तेल कंपनियों द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किए जाने से करोड़ों परिवारों को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भविष्य में घरेलू गैस दरों पर भी पड़ सकता है।</p>
<p>कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब महंगाई पहले से ही आम लोगों और व्यापारिक वर्ग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजरें आने वाले महीनों में ईंधन और गैस की कीमतों पर टिकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:34:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पडरौना: “गैस उपभोक्ताओं को न हो परेशानी, ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई हो” — राजन जायसवाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>पडरौना नगर में इंडेन गैस एजेंसी को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि दूसरी ओर सिलेंडर ब्लैक में 1800 से 2000 रुपये तक बेचे जाने की चर्चा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/fb_img_1774507722819.jpg" alt="FB_IMG_1774507722819" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजन जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गैस उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और गैस एजेंसी से होम डिलीवरी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/fb_img_1774507712725.jpg" alt="FB_IMG_1774507712725" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174210/padrauna-%E2%80%9Cgas-consumers-should-not-face-any-problem-strict-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/fb_img_1774507861866.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>पडरौना नगर में इंडेन गैस एजेंसी को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि दूसरी ओर सिलेंडर ब्लैक में 1800 से 2000 रुपये तक बेचे जाने की चर्चा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/fb_img_1774507722819.jpg" alt="FB_IMG_1774507722819" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजन जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गैस उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और गैस एजेंसी से होम डिलीवरी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/fb_img_1774507712725.jpg" alt="FB_IMG_1774507712725" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रात 1:30 बजे से गैस एजेंसी पर लाइन लगाने जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, यह व्यवस्था के खिलाफ है। सरकार की नीतियों के विपरीत कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। राजन जायसवाल ने कहा कि यदि कहीं भी कालाबाजारी या अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तय होनी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पडरौना: मुआवजा भुगतान फिर टला: एडीएम ने 2 अप्रैल तक का दिया नया आश्वासन, किसानों में नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>जिले में छितौनी–तमकुही रोड नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान अब तक लंबित है, जिससे सैकड़ों प्रभावित परिवारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सभी आवश्यक कागजात जमा करने के बावजूद किसानों को लगातार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">21 जनवरी 2026 को जारी प्रतिकर भुगतान नोटिस के अनुसार किसानों को 15 फरवरी तक आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर भुगतान लेने के निर्देश दिए गए थे। किसानों ने तय समय में प्रार्थना पत्र, खतौनी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, हिस्सा प्रमाण पत्र सहित प्रारूप-41, 45 व 1359 के दस्तावेज जमा कर दिए। इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174030/padrauna-compensation-payment-postponed-again-adm-gives-new-assurance-till"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/screenshot_2026-03-24-09-45-58-128_com.ak.ta.dainikbhaskar.activity-edit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>जिले में छितौनी–तमकुही रोड नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान अब तक लंबित है, जिससे सैकड़ों प्रभावित परिवारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सभी आवश्यक कागजात जमा करने के बावजूद किसानों को लगातार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">21 जनवरी 2026 को जारी प्रतिकर भुगतान नोटिस के अनुसार किसानों को 15 फरवरी तक आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर भुगतान लेने के निर्देश दिए गए थे। किसानों ने तय समय में प्रार्थना पत्र, खतौनी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, हिस्सा प्रमाण पत्र सहित प्रारूप-41, 45 व 1359 के दस्तावेज जमा कर दिए। इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। इस मामले में प्रमोद रौनियार, जयप्रकाश गुप्ता, रविंद्र यादव, भोला जायसवाल, शिवनारायण यादव, राजू रौनियार समेत सैकड़ों परिवार प्रभावित हैं, जो पिछले दो महीनों से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">23 मार्च को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) से दूरभाष पर हुई बातचीत में 2 अप्रैल 2026 तक भुगतान होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, बार-बार तारीख बढ़ने से किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और अविश्वास बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि इस बार भी तय समय तक भुगतान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। वहीं, जिला प्रशासन की सुस्ती और विभागीय लापरवाही इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174030/padrauna-compensation-payment-postponed-again-adm-gives-new-assurance-till</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 09:51:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पनियहवा:  ट्रेन की चपेट में आने से मादा मगरमच्छ की मौत, क्षेत्र में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिवशंभु सिंह</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खड्डा (कुशीनगर)। </strong>खड्डा क्षेत्र अंतर्गत पनियहवां और बाल्मीकि नगर रेलवे स्टेशन के बीच गुरुवार तड़के एक मादा मगरमच्छ की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना सुबह करीब सवा चार बजे की बताई जा रही है, जब स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग खड्डा की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान किलोमीटर संख्या 308/17 से 309/23 के बीच रेलवे ट्रैक पर मगरमच्छ का शव पड़ा मिला। टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए प्राणी अशफाक उल्ला खां चिड़ियाघर, गोरखपुर भेज दिया और आगे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173570/female-crocodile-dies-after-being-hit-by-paniyahwa-train-stir"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिवशंभु सिंह</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खड्डा (कुशीनगर)। </strong>खड्डा क्षेत्र अंतर्गत पनियहवां और बाल्मीकि नगर रेलवे स्टेशन के बीच गुरुवार तड़के एक मादा मगरमच्छ की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना सुबह करीब सवा चार बजे की बताई जा रही है, जब स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग खड्डा की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान किलोमीटर संख्या 308/17 से 309/23 के बीच रेलवे ट्रैक पर मगरमच्छ का शव पड़ा मिला। टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए प्राणी अशफाक उल्ला खां चिड़ियाघर, गोरखपुर भेज दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार मादा मगरमच्छ भटककर रेलवे लाइन पार कर रही थी, तभी अचानक आई ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मगरमच्छ को देखने के लिए भीड़ जुट गई। <span style="text-align:left;">वन विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173570/female-crocodile-dies-after-being-hit-by-paniyahwa-train-stir</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:19:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली मानकपुरा डोरीवालान में विधायक और एस एच ओ अमित ने किया सड़क का उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली , </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बादल हुसैन मानकपुरा,डोरीवालान,बागरोजी , शादीपुरा, शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा देने के संकल्प के साथ विधायक विषेश रवि ने गुरुवार को गोशाला रोड़,मानक पुरा बाजार वाली गली सड़क शनि मंदीर से डीसीएम चौक तक बनने वाली नयी सड़क के निर्माण कार्य का उद्घाटन नारियल तोड़ कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी के करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक विषेश रवि ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर करीब 50 लाख से अधिक रुपए की राशि खर्च की जाएगी।सडक निर्माण से पहले यहां पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में जलभराव या सड़क टूटने की समस्या</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173247/mla-and-sho-amit-inaugurated-the-road-in-delhi-manakpura"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0003-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली , </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बादल हुसैन मानकपुरा,डोरीवालान,बागरोजी , शादीपुरा, शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा देने के संकल्प के साथ विधायक विषेश रवि ने गुरुवार को गोशाला रोड़,मानक पुरा बाजार वाली गली सड़क शनि मंदीर से डीसीएम चौक तक बनने वाली नयी सड़क के निर्माण कार्य का उद्घाटन नारियल तोड़ कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी के करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक विषेश रवि ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर करीब 50 लाख से अधिक रुपए की राशि खर्च की जाएगी।सडक निर्माण से पहले यहां पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में जलभराव या सड़क टूटने की समस्या न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्माण कार्य में केवल उच्च श्रेणी की सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता में कई समझौतों बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क की हालत काफी समय से खस्ता थी और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। और स्थानीय लोगों का डीमांड भी था कि सकड बने, लेकिन अब सड़क बनने के बाद यातायात सुचारू रूप से चलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर निगम पार्षद उर्मिला गोतम ने भी क्षेत्र वासियों का आभार व्यक्त किया और लोगों की समस्या भी सुनी और जल्द समस्या हल करने की आश्वासन भी दिए। वहीं शीदीपुरा थाना के एस एच ओ अमीत ने कहा कि सड़क पर ठेली खुंचे व छोटे छोटे दुकानदारों के लिए कार्ड का व्यवस्था किया जाए, ताकि एक गरीब दुकानदारों अच्छा से अपना व्यापार को आगे बढ़ा सके एस एच ओ ने कहा कि यह मार्ग शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। बेहतर सड़कें न केवल व्यापार को गति देती है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बल्कि दुर्घटनाओं को कम कर समय की भी बचत करती है। सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में खुशी की लहर है। लोगों ने फूल मालाओं के साथ विधायक विषेश रवि का स्वागत किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधि अंकित रवि, क्षेत्र के प्रधान,बंशल जी,रमेश जी,बंटी जी, और पार्टी के कार्यकर्ताओं व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाइगर रिजर्व क्षेत्र में NH-727 के वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार की मांग, बिहार मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 727 के टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से के वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग का निर्माण टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर वन विभाग की आपत्तियों के कारण अटका हुआ है। इसको देखते हुए क्षेत्रीय जनहित और आवागमन की सुविधा के लिए टाइगर रिजर्व के बाहर से गुजरने वाले शास्त्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171640/bihar-minister-wrote-a-letter-to-the-union-minister-demanding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260115-wa0082.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 727 के टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से के वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग का निर्माण टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर वन विभाग की आपत्तियों के कारण अटका हुआ है। इसको देखते हुए क्षेत्रीय जनहित और आवागमन की सुविधा के लिए टाइगर रिजर्व के बाहर से गुजरने वाले शास्त्री नगर–बेलवनिया पुल सह सड़क मार्ग के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में स्थानीय सांसद सुनील कुमार के पत्र का भी हवाला दिया गया है। बताया गया है कि उक्त वैकल्पिक मार्ग के लिए DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर मंत्रालय को भेजी जा चुकी है, लेकिन 26 जून 2025 को अलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी द्वारा पुराने मार्ग को निरस्त कर नए मार्ग पर विचार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता की अपेक्षाओं और क्षेत्रीय विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. जायसवाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए शास्त्री नगर–बेलवनिया पुल सह सड़क मार्ग के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण शीघ्र सुनिश्चित हो सके। यह परियोजना सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 10:14:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>द्वारका में चेन स्नैचिंग का सनसनीखेज खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong>24 फरवरी 2026।दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में सरकारी कर्मचारी से मारपीट कर सोने की चेन लूटने की वारदात को Delhi Police ने कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। थाना Mohan Garden Police Station की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई करीब 11 ग्राम वजनी सोने की चेन बरामद कर ली।घटना 20-21 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि की है। पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली कि भगवती गार्डन एक्सटेंशन क्षेत्र में मारपीट कर चेन छीन ली गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही एसआई राजेश कुमार पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171246/sensational-revelation-of-chain-snatching-in-dwarka"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260224-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong>24 फरवरी 2026।दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में सरकारी कर्मचारी से मारपीट कर सोने की चेन लूटने की वारदात को Delhi Police ने कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। थाना Mohan Garden Police Station की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई करीब 11 ग्राम वजनी सोने की चेन बरामद कर ली।घटना 20-21 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि की है। पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली कि भगवती गार्डन एक्सटेंशन क्षेत्र में मारपीट कर चेन छीन ली गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही एसआई राजेश कुमार पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। पीड़ित अभिषेक हुड्डा (30 वर्ष), निवासी भगवती गार्डन एक्सटेंशन, ने बताया कि जब वह अपनी कार से घर लौट रहे थे और द्वारका मोड़ स्थित मोर साहब रेस्टोरेंट के पास पहुंचे, तभी तीन अज्ञात युवकों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी सोने की चेन लूट ली।पीड़ित के बयान पर एफआईआर संख्या 49/26 दिनांक 21.02.2026, धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच एसआई राजेश कुमार को सौंपी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना मोहन गार्डन के एसएचओ इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल के नेतृत्व तथा एसीपी नजफगढ़ श्री प्रक्षय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिंदापुर, रन्होला और मोहन गार्डन क्षेत्रों में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीन आरोपियों—मोहर सिंह (28 वर्ष), गौरव उर्फ गोलू (22 वर्ष) और करण (19 वर्ष)—को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने ही द्वारका मोड़ के पास पीड़ित के साथ मारपीट कर चेन लूटी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन भी बरामद कर ली है।जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहर सिंह के खिलाफ पहले से 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि गौरव उर्फ गोलू के खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं।द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आईपीएस अंकित सिंह ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में विश्वास मजबूत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 20:24:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुशीनगर : रेलवे का फॉर्मूला: तारीख बढ़ाओ, भुगतान टालो!</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>वर्षों से अधर में लटकी छितौनी–तमकुही रोड रेल परियोजना अब जमीन पर तो उतरती दिख रही है, लेकिन मुआवजा भुगतान के मोर्चे पर प्रशासनिक उदासीनता ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जमीन अधिग्रहण की पूरी धनराशि राजस्व विभाग को मिल जाने के बावजूद प्रभावित किसानों को अब तक उनका हक नहीं मिला है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने 29 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी कर पहले चरण में ग्राम पंचायत जटहा के 28 और एकवनही उर्फ भागवतपुर के 18 किसानों को 15 फरवरी 2026 तक कागजात जमा करने का</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170615/kushinagar-railways-formula-extend-date-defer-payment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/screenshot_2026-02-21-10-30-52-401_com.ak.ta.dainikbhaskar.activity-edit.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>वर्षों से अधर में लटकी छितौनी–तमकुही रोड रेल परियोजना अब जमीन पर तो उतरती दिख रही है, लेकिन मुआवजा भुगतान के मोर्चे पर प्रशासनिक उदासीनता ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जमीन अधिग्रहण की पूरी धनराशि राजस्व विभाग को मिल जाने के बावजूद प्रभावित किसानों को अब तक उनका हक नहीं मिला है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने 29 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी कर पहले चरण में ग्राम पंचायत जटहा के 28 और एकवनही उर्फ भागवतपुर के 18 किसानों को 15 फरवरी 2026 तक कागजात जमा करने का निर्देश दिया था। दूसरे चरण में ग्राम पंचायत जरार के 42 किसानों को नोटिस तामील कराया गया। ज्ञात हो कि खड्डा तहसील के ग्राम पंचायत कटाई भरपुरवा और पडरौना तहसील के छह गांवों के किसानों को भी मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में शामिल किया गया। फॉर्म 41/45 और 1359 भरकर जमा करने के बाद भुगतान की व्यवस्था तय की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन हकीकत यह है कि तय समय सीमा गुजर जाने के बाद भी किसानों के हाथ न तो जरूरी कागजात पहुंचे और न ही भुगतान की कोई स्पष्ट तारीख घोषित हुई। किसान रोजाना एडीएम (न्यायिक), तहसील, लेखपाल और अन्य राजस्व कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। हर बार नई तारीख का आश्वासन मिलता है, लेकिन नतीजा शून्य है।</div>
<div> </div>
<div>पीड़ित किसानों का दर्द साफ झलकता है "सरकार ने जमीन ले ली, लेकिन भुगतान कब मिलेगा, यह कोई बताने वाला नहीं है"। दफ्तरों में बैठे बाबू और लेखपाल किसानों की मजबूरी से बेपरवाह नजर आ रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">बाबुओं द्वारा बताया जा रहा है तारीख बढ़ा दी गई है, और कहते है चिंता करने की कोई बात नही है, मगर सवाल उठना लाजमी है पहले नोटिस दिया गया तो डेट बताया गया, जब बढ़ाया गया तो तारीख नही बताया जा रहा है। तारीख क्यो और किसकी कमी से बढ़ाया जा रहा है ये बड़ा सवाल है? </div>
<div> </div>
<div>आरोप है कि फाइलें जानबूझकर लटकाई जा रही हैं, जिससे किसानों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक तीनों तरह की मार झेलनी पड़ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यह देरी अब सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। एक तरफ सरकार विकास परियोजना का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी विकास की कीमत चुकाने वाले किसान अपने हक के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">अब प्रभावित किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान की स्पष्ट तिथि घोषित कर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सबसे बड़ा सवाल यही है — जब जमीन ली जा चुकी है और धनराशि जारी हो चुकी है, तो आखिर किसानों का मुआवजा कब मिलेगा?</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 10:34:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेलवनिया–शास्त्रीनगर पुल DPR पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर।  </strong>पश्चिम चंपारण में गंडक नदी पर प्रस्तावित बगहा (शास्त्रीनगर)–बेलवनिया 4-लेन पुल परियोजना को लेकर अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग द्वारा यह जानकारी दी गई कि पुल के लिए DPR तैयार कर केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेजा गया है, लेकिन इसी प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब परियोजना को अभी तक मंत्रालय की स्वीकृति नहीं मिली है, तो बिना अनुमति DPR तैयार कैसे कर लिया गया। लोगों के अनुसार DPR तैयार होना यह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170462/questions-raised-on-belvaniya-shastrinagar-bridge-dpr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/screenshot_2026-02-16-16-26-01-375_com.miui.gallery-edit1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर।  </strong>पश्चिम चंपारण में गंडक नदी पर प्रस्तावित बगहा (शास्त्रीनगर)–बेलवनिया 4-लेन पुल परियोजना को लेकर अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग द्वारा यह जानकारी दी गई कि पुल के लिए DPR तैयार कर केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेजा गया है, लेकिन इसी प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब परियोजना को अभी तक मंत्रालय की स्वीकृति नहीं मिली है, तो बिना अनुमति DPR तैयार कैसे कर लिया गया। लोगों के अनुसार DPR तैयार होना यह संकेत देता है कि परियोजना पहले से स्वीकृत प्रक्रिया में होनी चाहिए थी, जबकि विभाग अब कह रहा है कि स्वीकृति के बाद ही निर्माण की अगली कार्रवाई होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस मुद्दे को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि DPR पहले ही तैयार है, तो अब मंत्रालय से किस प्रकार की अनुमति अपेक्षित है—क्या यह तकनीकी स्वीकृति है, वित्तीय स्वीकृति है या प्रशासनिक मंजूरी। यह स्थिति पूरे मामले को और अधिक जटिल बना रही है।</div>
<div>उधर, विभाग का पक्ष है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में DPR तैयार कर केंद्र सरकार को भेजना एक सामान्य प्रक्रिया है और अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्यारंभ होता है। लेकिन जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनता के बीच यह स्पष्ट नहीं किया गया कि परियोजना किस चरण में है, जिससे भ्रम और आक्रोश की स्थिति बन रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि यह प्रस्तावित पुल पश्चिम चंपारण और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर क्षेत्र के बीच आवागमन का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है और इसके निर्माण से सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे में परियोजना को लेकर अस्पष्टता और प्रक्रियागत सवालों ने इसे एक बड़ा जन मुद्दा बना दिया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 12:15:01 +0530</pubDate>
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