<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/36268/the-supreme-court-has-ruled-in-the-nithari-case." rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>The Supreme Court has ruled in the Nithari case - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/36268/rss</link>
                <description>The Supreme Court has ruled in the Nithari case RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को किया बरी, 18 साल बाद रिहाई का रास्ता साफ</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">निठारी हत्याकांड के दोषी ठहराए गए सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने कोली की क्यूरेटिव याचिका स्वीकार कर ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद अब वह जेल से बाहर आ सकेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बाकी सभी मामलों में वह पहले ही बरी हो चुके हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने कोली की याचिका पर खुले कोर्ट में सुनवाई की थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159800/supreme-court-acquitted-nithari-case-convict-surendra-koli-paving-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/सुप्रीम-कोर्ट-ने-निठारी-कांड-के-दोषी-सुरेंद्र-कोली-को-किया-बरी,-18-साल-बाद-रिहाई-का-रास्ता-साफ.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">निठारी हत्याकांड के दोषी ठहराए गए सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने कोली की क्यूरेटिव याचिका स्वीकार कर ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद अब वह जेल से बाहर आ सकेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बाकी सभी मामलों में वह पहले ही बरी हो चुके हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने कोली की याचिका पर खुले कोर्ट में सुनवाई की थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के </span>2011<span lang="hi" xml:lang="hi"> के फैसले के खिलाफ कोली द्वारा दायर सुधारात्मक याचिका को स्वीकार कर लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एक मामले में उसकी दोषसिद्धि की पुष्टि की गई थी। कोली ने बारह अन्य मामलों में बाद में बरी होने के आधार पर सुधारात्मक याचिका की मांग की थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस नाथ ने आदेश सुनाते हुए कहा कि कोली को आरोपों से बरी किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के </span>15.02.0211<span lang="hi" xml:lang="hi"> के फैसले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उसकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>28.10.2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> के आदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनको वापस ले लिया गया और खारिज कर दिया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि अभियोजन पक्ष सुरेंद्र कोली के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश नहीं कर पाया। अदालत ने माना कि जांच के दौरान कई गंभीर प्रक्रियागत खामियां रहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते दोषसिद्धि बरकरार नहीं रखी जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उम्रकैद या फांसी नहीं दी जा सकती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब तक कि आरोप बिना किसी संदेह के साबित न हों।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोली की आपराधिक अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सेशन कोर्ट के </span>13.02.2009<span lang="hi" xml:lang="hi"> के निर्णय और </span>11.10.2009<span lang="hi" xml:lang="hi"> का निर्णय रद्द कर दिया। कोली को निर्देश दिया गया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो तो उसे तत्काल रिहा कर दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरेंद्र कोली ने सुप्रीम कोर्ट में निठारी हत्याकांड के मामले में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए सुधारात्मक याचिका दायर की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें तर्क दिया गया कि उसे दोषी ठहराने के लिए जिन साक्ष्यों का इस्तेमाल किया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे बाद में उन अन्य मामलों में भी अविश्वसनीय पाए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें उसे बरी कर दिया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुधारात्मक याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए पीठ ने टिप्पणी की थी कि यदि दोषसिद्धि बरकरार रखी जाती है तो एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हो जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि उसे शेष मामलों में बरी कर दिया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि उन सभी में साक्ष्य एक जैसे थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस वर्ष जुलाई में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निठारी हत्याकांड के अन्य मामलों में उसे और सह-अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> अपीलों को खारिज करने के बाद उसके खिलाफ यह अंतिम दोषसिद्धि है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरेंद्र कोली </span>2006<span lang="hi" xml:lang="hi"> के नोएडा निठारी कांड में मुख्य आरोपी थे। उस वक्त निठारी गांव में बच्चों के गायब होने और फिर उनके शवों के मिलने से पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। जांच एजेंसियों ने कोली और उनके नियोक्ता मोनिंदर सिंह पंधेर को गिरफ्तार किया था। कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया और उन्हें फांसी की सजा भी सुनाई गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">निठारी गांव में रहने वाले बच्चे वर्ष </span>2004<span lang="hi" xml:lang="hi"> से लापता हो रहे थे। बच्चों के लापता होने की जानकारी उनके परिजन थाना सेक्टर-</span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> पुलिस से लेकर बड़े पुलिस अधिकारियों तक  से कर रहे थे। लेकिन पुलिस गुमशुदगी लिखने के बजाए उन्हें दुत्कार कर भगा देती थी। गायब होने वाले बच्चों में अधिकतर लड़कियां थीं। पायल नाम की एक युवती भी निठारी की पानी की टंकी के पास से लापता हो गई। उसके पिता सेक्टर-</span>19<span lang="hi" xml:lang="hi"> में रह रहे नंदलाल ने डी-</span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> सेक्टर-</span>31<span lang="hi" xml:lang="hi"> कोठी के मालिक व जेसीबी के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर मोनिंदर सिंह पंधेर पर बेटी के अपहरण का शक जाहिर करते हुए पुलिस से शिकायत की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस ने कार्रवाई के बजाय नंदलाल को ही बेटी से देह व्यापार करने का आरोप लगाते हुए भगा दिया। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश देकर सीओ स्तर के अधिकारी को प्रगति आख्या के साथ कोर्ट में बुलाया। इसके बाद उसी साल </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिसंबर को अधिकारियों ने कोठी मालिक मोनिंदर सिंह व नौकर सुरेन्द्र कोली से पूछताछ की लेकिन रात में ही दबाव के चलते उन्हें छोड़ दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159800/supreme-court-acquitted-nithari-case-convict-surendra-koli-paving-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159800/supreme-court-acquitted-nithari-case-convict-surendra-koli-paving-the</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 22:06:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A0%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%80%2C-18-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AB.jpg"                         length="53135"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        