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                <title>  Swantantra prabhat news prayagraj - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>  Swantantra prabhat news prayagraj RSS Feed</description>
                
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                <title>ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज-</strong> छिवकी रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर दुबराजपुर गांव के पास शुक्रवार आधी रात एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद उनकी क्षत-विक्षत लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के पास से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान बलराम पटेल (60) पुत्र अंगद पटेल निवासी त्रिवेणी नगर के रूप में हुई है। मौके पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज-</strong> छिवकी रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर दुबराजपुर गांव के पास शुक्रवार आधी रात एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद उनकी क्षत-विक्षत लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के पास से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान बलराम पटेल (60) पुत्र अंगद पटेल निवासी त्रिवेणी नगर के रूप में हुई है। मौके पर पहुंचे उनके पुत्र रामकिशन पटेल ने मृतक के पहने हुए कपड़ों से अपने पिता की पहचान की।रामकिशन पटेल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे उनके पिता खाना खाने के बाद घर से टहलने के लिए निकले थे। इसके बाद देर रात उनके ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 23:09:56 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>से दुनिया के प्रमुख डाइविंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइज़ेशन, प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स ने ऐलान किया है कि विश्वभर में मान्यता प्राप्त उसका प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स ओपन वॉटर डाइवर कोर्स अब हिंदी ई-लर्निंग में भी उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समुद्र की दुनिया को जानने की इच्छा रखने वाले भारतीयों के लिए भाषा अब बाधा न बने।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">भारत की लंबी समुद्री तटरेखा और एडवेंचर टूरिज्म में बढ़ती दिलचस्पी के चलते स्कूबा डाइविंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है।अंडमान द्वीप, लक्षद्वीप, गोवा और पुडुचेरी जैसे स्थानों पर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171613/professional-association-of-diving-instructors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260226-wa02431.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>से दुनिया के प्रमुख डाइविंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइज़ेशन, प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स ने ऐलान किया है कि विश्वभर में मान्यता प्राप्त उसका प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स ओपन वॉटर डाइवर कोर्स अब हिंदी ई-लर्निंग में भी उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समुद्र की दुनिया को जानने की इच्छा रखने वाले भारतीयों के लिए भाषा अब बाधा न बने।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">भारत की लंबी समुद्री तटरेखा और एडवेंचर टूरिज्म में बढ़ती दिलचस्पी के चलते स्कूबा डाइविंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है।अंडमान द्वीप, लक्षद्वीप, गोवा और पुडुचेरी जैसे स्थानों पर समुद्र के भीतर का अनुभव लेने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले कई लोगों के लिए अंग्रेज़ी में दी गई तकनीकी जानकारी और सुरक्षा नियम समझना मुश्किल होता था, लेकिन अब हिंदी में सामग्री उपलब्ध होने से यह चुनौती काफी हद तक कम हो जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अब जब प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स ओपन वॉटर कोर्स की पढ़ाई हिंदी में भी उपलब्ध है, तो सीखने वाले लोग सुरक्षा नियम, उपकरणों का इस्तेमाल, डाइव प्लानिंग, पानी के भीतर संकेतों से संवाद और जरूरी स्किल्स जैसी अहम् बातें अपनी पसंदीदा भाषा में समझ सकते हैं। छात्र अपनी थ्योरी ई-लर्निंग के जरिए अपनी सुविधा के अनुसार पूरी कर सकते हैं। इसके बाद वे देशभर के अधिकृत डाइव सेंटर्स पर प्रमाणित प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स इंस्ट्रक्टर्स के साथ पूल (कन्फाइंड वॉटर) और ओपन वॉटर ट्रेनिंग कर सकते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स के रीजनल मैनेजर- इंडिया, विनोद बोंडी ने कहा, "स्कूबा डाइविंग सभी के लिए है और सीखने या नई दुनिया को खोजने में भाषा कभी-भी रुकावट नहीं बननी चाहिए। हिंदी में प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स ओपन वॉटर कोर्स उपलब्ध कराकर हम डाइव शिक्षा को और ज्यादा समावेशी और आसान बना रहे हैं। इससे अधिक भारतीय आत्मविश्वास के साथ समुद्र की दुनिया में अपना पहला कदम रख सकेंगे।"</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह उपलब्धि समावेशिता, सतत पर्यटन और समुद्री संरक्षण के प्रति प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स की व्यापक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। भाषा की बाधाएँ हटाकर प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स नई पीढ़ी के डाइवर्स को प्रेरित कर रहा है और भारत की बढ़ती ओशन कम्युनिटी को और मजबूत बना रहा है। प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स विश्व का सबसे बड़ा डाइविंग संगठन है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स® विश्व का सबसे बड़ा डाइविंग संगठन है। इसके पास वैश्विक स्तर पर 6,600 से अधिक डाइव सेंटर और रिसॉर्ट्स, 1,28,000 प्रोफेशनल सदस्य और अब तक 3 करोड़ से ज्यादा प्रमाणित डाइवर्स का वैश्विक नेटवर्क है। प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स का उद्देश्य लोगों को समुद्र के भीतर की दुनिया से जोड़ना है, ताकि वे इसे समझ सकें और इसके संरक्षण के लिए कदम उठा सकें। 60 से अधिक वर्षों से प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स 'वे द वर्ल्ड लर्न्स टू डाइव®' के रूप में जाना जाता है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसने उच्च गुणवत्ता वाली डाइव ट्रेनिंग, पानी के भीतर सुरक्षा और संरक्षण पहलों के मानक तय किए हैं, साथ ही डाइविंग को एक जुनून भरी जीवनशैली के रूप में विकसित किया है। डाइवर्स द्वारा डाइवर्स के लिए बनाए गए इस संगठन का उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। अपनी वैश्विक संस्था प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स अवेयर के माध्यम से यह महासागरों के संरक्षण के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में काम करता है।</div></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 23:51:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एजुकेट गर्ल्स ने 18 वर्षों के प्रभाव का उत्सव मनाया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (2025) प्राप्त करने वाली पहली भारतीय संस्था एजुकेट गर्ल्स ने अपने 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर टीम बालिका स्वयंसेवी नेटवर्क की उपलब्धियों का उत्सव मनाया तथा कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाली शिक्षार्थियों को सम्मानित किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस समारोह में सामुदायिक नेता, सरकारी प्रतिनिधि, स्वयंसेवक, साझेदार और शिक्षार्थी एकत्रित हुए, ताकि ग्रामीण और शैक्षिक रूप से वंचित समुदायों में बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की लगभग दो दशकों की यात्रा का स्मरण किया जा सके। उत्तीर्ण छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा संवादात्मक सत्रों ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171499/educate-girls-celebrates-18-years-of-impact"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001616392.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (2025) प्राप्त करने वाली पहली भारतीय संस्था एजुकेट गर्ल्स ने अपने 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर टीम बालिका स्वयंसेवी नेटवर्क की उपलब्धियों का उत्सव मनाया तथा कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाली शिक्षार्थियों को सम्मानित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस समारोह में सामुदायिक नेता, सरकारी प्रतिनिधि, स्वयंसेवक, साझेदार और शिक्षार्थी एकत्रित हुए, ताकि ग्रामीण और शैक्षिक रूप से वंचित समुदायों में बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की लगभग दो दशकों की यात्रा का स्मरण किया जा सके। उत्तीर्ण छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा संवादात्मक सत्रों ने शिक्षार्थियों, प्रेरकों और टीम बालिका सदस्यों को संघर्ष, सामुदायिक सहभागिता और परिवर्तन की कहानियाँ साझा करने का सशक्त मंच प्रदान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  संजय जोशी, उपनिदेशक, महिला सशक्तिकरण विभाग, उदयपुर रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सबसे महत्वपूर्ण है शुरुआत करना, क्योंकि एक बार आप शुरू कर देते हैं, तो आगे बढ़ना आसान हो जाता है। एक लड़की की सफलता अन्य लड़कियों को प्रेरित करती है और एक लड़की की शिक्षा पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करती है। महिलाओं को सामाजिक बंधनों से मुक्त कर शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है।” उन्होंने संस्था को वर्ष 2035 तक 1 करोड़ महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीईओ गायत्री नायर लोबो ने उत्तीर्ण शिक्षार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कक्षा 10 पूर्ण करना एक लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा, “अठारह वर्ष पहले एजुकेट गर्ल्स ने राजस्थान के पाली जिले में एक सरल विश्वास के साथ शुरुआत की थी कि हर लड़की एक अवसर की हकदार है। आज, जब हम 10,000 से अधिक युवा महिलाओं को सफलतापूर्वक कक्षा 10 पूर्ण करने में सहयोग देने का उत्सव मना रहे हैं, तब हम सिर्फ परिणामों का नहीं, बल्कि साहस, दृढ़ता और सामूहिक प्रयासों का भी उत्सव मना रहे हैं। हमारी युवा महिलाओं से यही कहना चाहते हैं कि यह आपकी यात्रा का अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत है। आप आशा हैं, आप शक्ति हैं और जब आप आगे बढ़ती हैं, तो पूरे समुदाय को साथ लेकर चलती हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रगति के माध्यम से सेकंड-चांस सफलता का उत्सव</strong></div>
<div style="text-align:justify;">उदयपुर में आयोजित एक विशेष समारोह में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आई किशोरियों और युवा महिलाओं को राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की कक्षा 10 परीक्षा में उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। ये शिक्षार्थी एजुकेट गर्ल्स की सेकंड-चांस शिक्षा पहल ‘प्रगति’ का हिस्सा हैं, जो 15-29 वर्ष आयु वर्ग की उन युवा महिलाओं का समर्थन करती है, जो आयु में अधिक हैं, पढ़ाई में पिछड़ गई थीं या औपचारिक शिक्षा से स्थायी रूप से बाहर होने के जोखिम में थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने सेकंड-चांस शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से 10,210 शिक्षार्थियों ने लंबे अंतराल के बाद पुनः शिक्षा शुरू की और सफलतापूर्वक कक्षा 10 पूर्ण की। प्रगति शैक्षणिक आधार को सुदृढ़ करती है, जीवन कौशल विकसित करती है और युवा महिलाओं में आत्मविश्वास तथा निर्णय क्षमता का निर्माण करती है, जिससे वे अपने भविष्य को आकार दे सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डायरेक्टर- ऑपरेशंस विक्रम सोलंकी ने कहा, “हर परीक्षा परिणाम के पीछे साहस और सामूहिक प्रयास की कहानी होती है। राज्य सरकारों के साथ मजबूत साझेदारी और हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों तथा प्रेरकों की शक्ति से हम यह सिद्ध कर रहे हैं कि जब समुदाय और व्यवस्थाएँ साथ मिलकर कार्य करती हैं, तो परिवर्तन स्थायी बनता है। वर्ष 2035 तक 1 करोड़ शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में हमारा संकल्प केवल लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि वे आगे बढ़ें और सफल हों।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में 450 से अधिक शिक्षार्थियों, 45 प्रेरकों और 73 टीम बालिका स्वयंसेवकों सहित अनेक साझेदारों और अतिथियों ने भाग लिया। डायरेक्टर- पीपल एंड कल्चर अनुष्री सिंह तथा राजस्थान राज्य संचालन प्रमुख ब्रजेश सिन्हा भी उपस्थित रहे।सम्मानित की गई अनेक युवा महिलाओं ने कठोर लैंगिक मानदंडों, घरेलू जिम्मेदारियों और वर्षों तक स्कूल से दूर रहने जैसी चुनौतियों को पार किया है। कई के लिए यह कार्यक्रम उनके जीवन का पहला सार्वजनिक समारोह था, यानि एक महत्वपूर्ण पड़ाव, जो उनके व्यक्तिगत संकल्प और सामुदायिक समर्थन दोनों को दर्शाता है। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अपने गाँवों में आदर्श के रूप में स्थापित किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में एक सजीव पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें दूरस्थ समुदायों की शिक्षार्थियों, घर-घर जाकर परिवारों को बालिका शिक्षा के लिए प्रेरित करने वाली टीम बालिका स्वयंसेवकों तथा लंबे अंतराल के बाद स्कूल लौटने वाली युवा महिलाओं का मार्गदर्शन करने वाले प्रेरकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने एजुकेट गर्ल्स की पूरक पुनरावृत्ति शिक्षण सामग्री का एक संवादात्मक प्रदर्शन भी देखा, जिसमें उन नवाचारी उपकरणों और तरीकों को प्रदर्शित किया गया, जो शिक्षार्थियों को पुनः शिक्षा प्रणाली में प्रवेश कर सफल होने में सक्षम बनाते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 18:29:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महाविद्यालय में ‘नशा मुक्ति’ पर स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,</strong> प्रयागराज हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ‘नशा मुक्ति’ विषय पर स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ओम प्रकाश ने की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने रचनात्मक एवं प्रभावशाली स्लोगनों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों के विचारों, प्रस्तुति और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा कुमारी कृष्णावती ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171423/slogan-competition-organized-on-de-addiction-in-college"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260225-wa0154.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,</strong> प्रयागराज हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ‘नशा मुक्ति’ विषय पर स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ओम प्रकाश ने की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने रचनात्मक एवं प्रभावशाली स्लोगनों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों के विचारों, प्रस्तुति और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा कुमारी कृष्णावती ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी कक्षा की कुमारी मुन्नी ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि एम.ए. तृतीय सेमेस्टर के छात्र संजय सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य प्रोफेसर ओम प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 21:39:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उपकेंद्र में बिजली उपकरणों की घोर अनदेखी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>राहुल जायसवाल की रिपोर्ट </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी।</strong> स्वदेशी काटन मिल उपकेंद्र में बिजली उपकरणों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही सामने आई है। उचित देखभाल के अभाव में कीमती केबिल और अन्य विद्युत उपकरण खुले में पड़े-पड़े जंग खा रहे हैं।बताया जा रहा है कि कटियामार धरपकड़ अभियान के दौरान जब्त किए गए तथा जर्जर केबिलों को बदलने के लिए मंगाए गए नए और महंगे केबिल भी खुले में ही रखे हुए हैं। इन उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर न रखे जाने से उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति और चिंताजनक तब हो जाती है जब इन्हीं केबिलों के आसपास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171421/gross-neglect-of-electrical-equipment-in-the-substation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260225-wa0150.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>राहुल जायसवाल की रिपोर्ट </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी।</strong> स्वदेशी काटन मिल उपकेंद्र में बिजली उपकरणों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही सामने आई है। उचित देखभाल के अभाव में कीमती केबिल और अन्य विद्युत उपकरण खुले में पड़े-पड़े जंग खा रहे हैं।बताया जा रहा है कि कटियामार धरपकड़ अभियान के दौरान जब्त किए गए तथा जर्जर केबिलों को बदलने के लिए मंगाए गए नए और महंगे केबिल भी खुले में ही रखे हुए हैं। इन उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर न रखे जाने से उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति और चिंताजनक तब हो जाती है जब इन्हीं केबिलों के आसपास संविदा और नियमित विद्युत कर्मचारी पान व गुटखा खाकर थूकते देखे जाते हैं। इससे नए केबिल, स्मार्ट मीटर और अन्य उपकरण गीले होकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।बिजली विभाग, जो कि आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में शामिल है, उसकी इस तरह की लापरवाही कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते उचित रखरखाव और सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता है।स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर उपकेंद्र की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 21:37:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकरगढ़ में डिजिटल हुनर से आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा शिवाय इंस्टीट्यूट : इंजी. पुष्पेंद्र सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>शंकरगढ़(प्रयागराज)। </strong>इक्कीसवीं सदी के इस तीव्र गतिमान युग में कंप्यूटर साक्षरता मात्र एक योग्यता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है । बैंकिंग से लेकर व्यापारिक प्रबंधन तक और सरकारी सेवाओं से लेकर डिजिटल अर्थव्यवस्था तक, आज तकनीकी दक्षता का अभाव व्यक्ति को विकास की दौड़ में काफी पीछे धकेल सकता है । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसी गंभीर चुनौती को एक अवसर में बदलते हुए शंकरगढ़ के सेननगर चौराहा के समीप स्थित शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिछले दो वर्षों से युवाओं के सपनों को को डिजिटल उड़ान दे रहा है । नारीबारी शंकरगढ़ रोड स्थित शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171259/shivaay-institute-is-showing-the-path-of-self-reliance-through-digital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260224-wa0314.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>शंकरगढ़(प्रयागराज)। </strong>इक्कीसवीं सदी के इस तीव्र गतिमान युग में कंप्यूटर साक्षरता मात्र एक योग्यता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है । बैंकिंग से लेकर व्यापारिक प्रबंधन तक और सरकारी सेवाओं से लेकर डिजिटल अर्थव्यवस्था तक, आज तकनीकी दक्षता का अभाव व्यक्ति को विकास की दौड़ में काफी पीछे धकेल सकता है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी गंभीर चुनौती को एक अवसर में बदलते हुए शंकरगढ़ के सेननगर चौराहा के समीप स्थित शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिछले दो वर्षों से युवाओं के सपनों को को डिजिटल उड़ान दे रहा है । नारीबारी शंकरगढ़ रोड स्थित शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस संस्थान न केवल पाठ्‌यक्रम प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े युवाओं को आधुनिक युग की जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहा है । तकनीक, अनुशासन और सामाजिक सरोकार के अनूठे संगम के साथ यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नई इबारत लिख रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस संस्थान के अध्यक्ष इंजी. पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में शिवाय इंस्टीट्यूट ने आधुनिक शिक्षा का एक व्यापक खाका तैयार किया है । यहां सीसीसी, एडीसीए, एडीएफए, डीसीए, सीएफए, बीसीए, ओ लेवल और जीएसटी जैसे अनेक रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है । संस्थान का लक्ष्य मात्र डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को तकनीकी रूप से इतना सक्षम बनाना है कि वे कार्यस्थल पर आने वाली हर चुनौती को सहजता से हल कर सकें । यहाँ दी जाने वाली शिक्षा छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान और करियर के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बदलते दौर की मांग को देखते हुए संस्थान अपने पाठ्यक्रमों को निरंतर अपडेट करने के लिए प्रतिबद्ध है । पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बहुत जल्द ही डेटा एनालिसिस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे एडवांस कोर्स संस्थान की शिक्षण शैली का हिस्सा होंगे । तकनीकी कौशल के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास की आवश्यकता को समझते हुए यहाँ स्पोकन इंग्लिश की विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाती हैं, ताकि छात्र आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को व्यक्त कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुष्पेंद्र सिंह का स्पष्ट मानना है कि नौकरी पाने की प्रतिस्पर्धा हो या स्वयं का रोजगार खड़ा करना, तकनीकी दक्षता के बिना सफलता की कल्पना कठिन है । संस्थान द्वारा छात्रों को आधुनिक सॉफ्टवेयर, इंटरनेट का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग तथा डिजिटल टूल्स के प्रयोग का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शंकरगढ़ क्षेत्र के युवा बदलते वैश्विक मानदंडों के साथ तालमेल बिठाकर अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकें ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 20:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश रूल ऑफ लॉ से चले, जनता के शासन से नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जवल भुइयां ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि देश में निश्चित तौर पर कानून का शासन चलना चाहिए, न कि जनता के द्वारा शासन। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि संवैधानिक नैतिकता को हर हाल में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जस्टिस भुइयां ने हैदराबाद में संवैधानिक नैतिकता और जिला न्यायपालिका की भूमिका पर आयोजित एक सेमीनार में यह बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस उज्जवल भुइयां ने तेलंगाना जजेज एसोसिएशन और तेलंगाना स्टेट जुडिशल एकैडमी की ओर से आयोजित सेमीनार में कहा, 'संवैधानिक नैतिकता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171106/the-country-should-be-governed-by-the-rule-of-law"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/justice-ujjal-bhuyan_v_jpg--442x260-4g.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जवल भुइयां ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि देश में निश्चित तौर पर कानून का शासन चलना चाहिए, न कि जनता के द्वारा शासन। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि संवैधानिक नैतिकता को हर हाल में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जस्टिस भुइयां ने हैदराबाद में संवैधानिक नैतिकता और जिला न्यायपालिका की भूमिका पर आयोजित एक सेमीनार में यह बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस उज्जवल भुइयां ने तेलंगाना जजेज एसोसिएशन और तेलंगाना स्टेट जुडिशल एकैडमी की ओर से आयोजित सेमीनार में कहा, 'संवैधानिक नैतिकता का मतलब है कि देश कानून के शासन से चलता है, न कि जनता के शासन द्वारा।'</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस भुइयां ने नाज फाउंडेशन बनाम भारत सरकार मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले और नवतेज सिंह जोहर केस में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ से इसके समर्थन का हवाला देते हुए कहा,'हमारी योजना में संवैधानिक नैतिकता को सार्वजनिक नैतिकता के मुकाबले अहमियत मिलेगी, चाहे बहुमत का नजरिया उसी के पक्ष में हो।'</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस भुइयां बोले, 'एक संवैधानिक अदालत के लिए, उसके सामने मौजूद संवैधानिकता का मुद्दा प्रासंगिक है,प्रभावशाली या लोकप्रिय नजरिया नहीं।' उन्होंने इस दृष्टिकोण को और साफ करते हुए कहा, 'संवैधानिक नैतिकता वह बेंचमार्क है, जिसका पालन संविधान हम सबसे चाहता है...असल में यह साथी इंसानों के प्रति सम्मान और आदर का बर्ताव है।'</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं न्यायिक स्वतंत्रता को लेकर उन्होंने कहा, 'न्यायिक स्वतंत्रता, जो कि बिना अनुचित प्रभाव से प्रभावित हुए कानून के अनुसार स्वतंत्र तरीके से फैसला लेने की जज की क्षमता है, एक संस्थागत आवश्यकता है...इस संवैधानिक आदेश का मतलब जज अपनी समझ और कारण के आधार फैसला देने में सक्षम है, न कि सुविधा या पक्षपात के हिसाब से।'</p>
<p style="text-align:justify;">2 अगस्त, 1964 को गुवाहाटी में जन्मे जस्टिस उज्जवल भुइयां 14 जुलाई, 2023 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने। जस्टिस भुइयां 17 अक्टूबर, 2011 को गुवाहाटी हाई कोर्ट में एडिश्नल जज बने और 20 मार्च, 2013 को उन्हें कंफर्म किया गया। 3 अक्टूबर, 2019 को उनका तबादला बॉम्बे हाई कोर्ट में किया गया और 22 अक्टूबर, 2021 को वे तेलंगाना हाई कोर्ट में जज बने। तेलंगाना हाई कोर्ट में ही 28 जून, 2022 को उन्होंने चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यभार संभाला</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 22:01:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी के दौरे को लेकर इजरायल में घमासान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा वहां की घरेलू राजनीति में उलझता दिख रहा है. वहां के विपक्षी नेता याइर लैपिड (Yair Lapid) PM मोदी के इजरायली संसद के संबोधन भाषण को बॉयकॉट करने की धमकी दे रहे हैं. पीएम मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय इजरायल दौरे पर जाने वाले हैं. इस दौरान वो नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">विपक्षी नेता लैपिड ने बुधवार को चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस आइजैक अमित को विशेष सत्र में आमंत्रित नहीं किया जाता है तो वो अगले सप्ताह भारतीय प्रधानमंत्री नरंद्र मोदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171102/clash-in-israel-over-pm-modis-visit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/images-(2)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा वहां की घरेलू राजनीति में उलझता दिख रहा है. वहां के विपक्षी नेता याइर लैपिड (Yair Lapid) PM मोदी के इजरायली संसद के संबोधन भाषण को बॉयकॉट करने की धमकी दे रहे हैं. पीएम मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय इजरायल दौरे पर जाने वाले हैं. इस दौरान वो नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">विपक्षी नेता लैपिड ने बुधवार को चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस आइजैक अमित को विशेष सत्र में आमंत्रित नहीं किया जाता है तो वो अगले सप्ताह भारतीय प्रधानमंत्री नरंद्र मोदी के संबोधन का बहिष्कार करेंगे.</p>
<p style="text-align:justify;">लैपिड की यह धमकी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सत्तारूढ़ गठबंधन के देश के शीर्ष न्यायाधीशों को लगातार नजरअंदाज किए जाने के विरोध में आई है. विपक्षी दलों का मानना है कि प्रोटोकॉल का यह उल्लंघन न्यायपालिका की गरिमा को कम करने की कोशिश है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 फरवरी को प्रस्तावित इसराइल यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पूरा मिडिल-ईस्ट असाधारण तनाव से गुजर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दौरा केवल एक नियमित राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ऐसे भू-राजनीतिक माहौल में लिया गया फैसला है जिसके दूरगामी कूटनीतिक संदेश निकल सकते हैं। सवाल यह है कि क्या भारत ने इस यात्रा के समय और उसके संभावित असर पर पर्याप्त संवेदनशीलता दिखाई है? खासकर भारत ने सोमवार 23 फरवरी को ईरान में अपने नागरिकों से कहा है कि वे फौरन ईरान छोड़ दें। यानी ईरान पर किसी भी समय अमेरिकी हमला हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा हालात में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंकाएं बनी हुई हैं और इसराइल लगातार तेहरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। कई मुस्लिम देशों ने क्षेत्र में सैन्य तनाव से बचने की अपील की है। ऐसे समय में भारत के प्रधानमंत्री का तेल अवीव जाना स्वाभाविक रूप से प्रतीकात्मक अर्थ पैदा करता है- चाहे नई दिल्ली की आधिकारिक मंशा कुछ भी क्यों न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत लंबे समय से “रणनीतिक संतुलन” की नीति पर चलता रहा है- एक ओर इसराइल के साथ मजबूत रक्षा सहयोग, दूसरी ओर खाड़ी देशों और ईरान के साथ गहरे आर्थिक और ऊर्जा संबंध। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि हाल के वर्षों में इस संतुलन की धारणा कमजोर पड़ती दिख रही है। यदि भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी ताकत उसकी कूटनीति रही है, तो उसे प्रतीकों की राजनीति से भी उतनी ही सावधानी बरतनी चाहिए। मोदी की इसराइल यात्रा प्रतीकों की राजनीति का ही हिस्सा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 21:52:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने बहाल किया पुराना नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हायर पेंशन से जुड़े एक अहम मुद्दे पर स्पष्टीकरण जारी किया है। इस स्पष्टीकरण के साथ एक पुराना प्रावधान फिर से बहाल कर दिया गया है। इसके तहत कुछ पात्र कर्मचारी अब अपने वास्तविक मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर पेंशन में अधिक योगदान का विकल्प चुन सकेंगे।यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से पेंशन गणना की सीमा को लेकर असमंजस में थे।</p>
<p><strong>2014 से पहले क्या था नियम?</strong></p>
<p>1 सितंबर 2014 से पहले कर्मचारियों को यह विकल्प मिलता था कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171100/employees-provident-fund-organization-reinstated-old-rule"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/20epfo1_900.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हायर पेंशन से जुड़े एक अहम मुद्दे पर स्पष्टीकरण जारी किया है। इस स्पष्टीकरण के साथ एक पुराना प्रावधान फिर से बहाल कर दिया गया है। इसके तहत कुछ पात्र कर्मचारी अब अपने वास्तविक मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर पेंशन में अधिक योगदान का विकल्प चुन सकेंगे।यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से पेंशन गणना की सीमा को लेकर असमंजस में थे।</p>
<p><strong>2014 से पहले क्या था नियम?</strong></p>
<p>1 सितंबर 2014 से पहले कर्मचारियों को यह विकल्प मिलता था कि वे अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी के आधार पर पेंशन योगदान बढ़ा सकें। खासकर सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के कर्मचारियों को इससे बड़ा लाभ होता था, क्योंकि उनकी सैलरी तय सीमा से अधिक होती थी।लेकिन 2014 में संशोधन लागू होने के बाद पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा 15,000 रुपये (मूल वेतन + DA) तय कर दी गई। इसके बाद हायर पेंशन का विकल्प व्यावहारिक रूप से बंद हो गया।</p>
<p>वर्तमान नियमों के अनुसार:पेंशन योग्य अधिकतम वेतन: ₹15,000 प्रति माह,न्यूनतम मासिक पेंशन: ₹1,000,अधिकतम संभावित EPS पेंशन: ₹7,500 प्रति माह यानी भले ही किसी कर्मचारी की सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा हो, पेंशन की गणना इसी तय सीमा के आधार पर होती रही। यही कारण है कि 2014 के बाद भर्ती हुए या जिनका वेतन तय सीमा से अधिक था, वे वास्तविक वेतन पर पेंशन योगदान नहीं कर सके।</p>
<p>सरकार द्वारा जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया है कि हायर पेंशन की बहाल सुविधा कोई नया लाभ नहीं है। यह सिर्फ पुराने प्रावधान की बहाली है।महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 1 सितंबर 2014 के संशोधन से पहले उच्च पेंशन का विकल्प चुना था। यह सभी EPFO सदस्यों पर स्वतः लागू नहीं होगा। इसलिए 2014 के बाद नौकरी में आए कर्मचारी या जिन्होंने पहले यह विकल्प नहीं चुना था, वे इस बहाली के दायरे में नहीं आते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 21:48:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बता दिया अपना 'प्लान', पुलिस गिरफ्तार करने आई तो...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच शंकराचार्य ने सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस कथित सीडी को लेकर सवाल किया है, जिसका जिक्र मामले में किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई कार्रवाई करती है, तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे और पूरी तरह सहयोग करेंगे। उनका कहना था कि “जनता सब देख रही है, झूठ आखिरकार सामने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171098/swami-avimukteshwaranand-told-his-plan-when-the-police-came-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/images-(1)35.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच शंकराचार्य ने सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस कथित सीडी को लेकर सवाल किया है, जिसका जिक्र मामले में किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई कार्रवाई करती है, तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे और पूरी तरह सहयोग करेंगे। उनका कहना था कि “जनता सब देख रही है, झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। आज नहीं तो कल, सच सामने आएगा।”उन्होंने यह भी कहा कि वे मीडिया और कैमरों की पहुंच में थे और किसी भी तरह की जांच से नहीं बच रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने प्रयागराज का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हर जगह CCTV कैमरे लगे हुए हैं। उनके मुताबिक, इन कैमरों को इसलिए लगाया गया था ताकि किसी भी घटना की निगरानी वॉर रूम से की जा सके और सब कुछ रिकॉर्ड हो सके।उन्होंने कहा कि उनकी बस उनके कैंप के अंदर पार्क नहीं थी, क्योंकि पुलिस की कथित सख्ती के बाद वे कैंप में नहीं गए थे। ऐसे में, उनके अनुसार, जो कुछ भी हुआ होगा, वह CCTV में रिकॉर्ड हुआ होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लड़कों का जिक्र किया जा रहा है, वे कभी उनके गुरुकुल में नहीं आए और न ही वहां पढ़े। उनका कहना था कि वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं, जैसा कि केस में जमा की गई उनकी मार्कशीट से पता चलता है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन छात्रों का उनके स्थान से कोई संबंध ही नहीं था, तो उन पर किसी भी तरह की घटना का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में एक कथित सीडी होने की बात कही जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने पूछा कि यदि ऐसी कोई सीडी है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, इस तरह के दावों से भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इन सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने बयान के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग धार्मिक वेशभूषा पहनकर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप था कि कुछ लोग स्वयं को हिंदू बताकर हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 21:42:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संत गाडगे बाबा की 150 वी जयंती मनाई गई </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong> नयापुरवा स्टेनली रोड पर सोमवार को संत गाडगे बाबा की 150 वी जयंती केक काटकर धूमधाम से मनाई गई।समाजसेवी अनन्त कुमार चौधरी ने कहा कि सन्त गाडगे जी को भारत रत्न मिलना चाहिए केंद्र सरकार से अनुरोध है की अपना पूरा जीवन समाज में व्याप्त अज्ञानता, अंधविश्वास, भोली-भाली मान्यताओं, अवांछित रीति-रिवाजों और परंपराओं को दूर करने के लिए समर्पित कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके लिए उन्होंने कीर्तन का मार्ग अपनाया। अपने कीर्तन में वे श्रोताओं को उनके अज्ञान, दोषों और दोषों से अवगत कराने के लिए विभिन्न प्रश्न पूछते थे। उनके उपदेश भी सरल और सहज होते थे। तुकाराम महाराज को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171096/150th-birth-anniversary-of-saint-gadge-baba-celebrated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260223-wa0213.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong> नयापुरवा स्टेनली रोड पर सोमवार को संत गाडगे बाबा की 150 वी जयंती केक काटकर धूमधाम से मनाई गई।समाजसेवी अनन्त कुमार चौधरी ने कहा कि सन्त गाडगे जी को भारत रत्न मिलना चाहिए केंद्र सरकार से अनुरोध है की अपना पूरा जीवन समाज में व्याप्त अज्ञानता, अंधविश्वास, भोली-भाली मान्यताओं, अवांछित रीति-रिवाजों और परंपराओं को दूर करने के लिए समर्पित कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके लिए उन्होंने कीर्तन का मार्ग अपनाया। अपने कीर्तन में वे श्रोताओं को उनके अज्ञान, दोषों और दोषों से अवगत कराने के लिए विभिन्न प्रश्न पूछते थे। उनके उपदेश भी सरल और सहज होते थे। तुकाराम महाराज को अपना गुरु मानते थे।वरिष्ठ समाजसेवी अनंत कुमार चौधरी ,शंभू शाहू, आनंद कुमार सिंह, विकास यादव संदीप चौधरी, दीपक यादव,अरूण चौधरी राम शेखर समस्त उपस्थित रहे ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171096/150th-birth-anniversary-of-saint-gadge-baba-celebrated</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 21:39:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाई स्कूल के छात्र की डंपर से कुचलकर हुई मौत    </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कोराव,प्रयागराज। </strong> कोरांव थाना क्षेत्र में डंपर से कुलचकर सोमवार की सुबह करीब 8 बजे हाईस्कूल के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना पांडेय का मड़हा सिकरो गांव के पास कोरांव नारी-बारी मुख्य मार्ग पर हुई नगर पंचायत कोरांव के चमनगंज मोहल्ला निवासी शाहिद अली (17) पुत्र स्व. छोटकऊ के साथ कैफ मोहम्मद उर्फ राज पुत्र कप्तान अली और एजाज अहमद पुत्र सरफुद्दीन रिजवी बाइक से यूपी संस्कृत बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आनंद बोधाश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिवारीपुर में उनकी हाईस्कूल विज्ञान विषय की परीक्षा का सेंटर था।और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171094/high-school-student-crushed-to-death-by-dumper%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/318.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कोराव,प्रयागराज। </strong> कोरांव थाना क्षेत्र में डंपर से कुलचकर सोमवार की सुबह करीब 8 बजे हाईस्कूल के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना पांडेय का मड़हा सिकरो गांव के पास कोरांव नारी-बारी मुख्य मार्ग पर हुई नगर पंचायत कोरांव के चमनगंज मोहल्ला निवासी शाहिद अली (17) पुत्र स्व. छोटकऊ के साथ कैफ मोहम्मद उर्फ राज पुत्र कप्तान अली और एजाज अहमद पुत्र सरफुद्दीन रिजवी बाइक से यूपी संस्कृत बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आनंद बोधाश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिवारीपुर में उनकी हाईस्कूल विज्ञान विषय की परीक्षा का सेंटर था।और । पांडे का मर्डर गांव के पास बालू लदे एक तेज रफ्तार से आ रही अनियंत्रित डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि शाहिद अली डंपर के पहिए के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई घायल एजाज अहमद और गायक उर्फ राज का इलाज कोराव बाजार के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।</div>
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<div style="text-align:justify;">सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और चालक के खिलाफ होगा मुकदमा शाहिद अपने दो भाइयों और बहनों में सबसे बड़ा था घटना के बाद से उसकी विधवा मां और भाई बहनों का बुरा हाल है थाना प्रभारी राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि परिजनों को डंपर का नंबर मिल गया है और डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा घटना के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया था परिजनों में इस घटना को लेकर घर आक्रोश व्याप्त है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 21:37:47 +0530</pubDate>
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