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                <title>ram mandir - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी - आस्था पर लगा दाग और सवालों के घेरे में सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi">  लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल</span></p></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए। बल्कि नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हुआ था</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी में साफ दिखा कि मंदिर के दानपात्रों से निकली नकदी की गिनती करने वाले कर्मचारी ही चोरी कर रहे थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविनाश शुक्ला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनीष यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रमाशंकर मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे शामिल हैं। इनमें से छह कैशियर हैं। सुभाष श्रीवास्तव काउंटिंग इंचार्ज था। टिन्नू यादव का काम कैश की गिनती सुपरवाइज़ करके बैंक तक ले जाना था। यानी जिन पर भरोसा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बेईमान निकले। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए महीने की नौकरी करने वाले कर्मचारियों ने </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली। एक ने डेढ़ करोड़ की जमीन खरीदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरे ने </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट लिया। शुरुआती अनुमान </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ के घोटाले का है। एफआईआर दर्ज हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर देर से क्यों</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट ने चोरी की जांच के लिए </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एसआईटी बनवाई। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एफआईआर हुई। यानी </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन लग गए। जागरण की रिपोर्ट बताती है कि इससे पहले भी दो कर्मचारियों को गुपचुप तरीके से पकड़ा गया था। बिना एफआईआर के ही रिकवरी की जा रही थी। पुलिस ट्रस्ट के साथ मिलकर पूछताछ कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सवाल ये है: जब चोरी का शक था तो तुरंत पुलिस को क्यों नहीं बताया गया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या ट्रस्ट पहले अपने स्तर पर मामला दबाना चाहता था</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">बड़े नाम गायब क्यों हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। लेकिन उनका ड्राइवर टिन्नू यादव आरोपी है। विपक्ष का आरोप है कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। बीएनएस की धारा </span>306, 316(5), 317(4), 317(5) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। इनमें उम्रकैद तक की सजा है। अगर टिन्नू यादव चोरी कर रहा था तो क्या चंपत राय को पता नहीं चला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या उन्होंने आंखें बंद कर लीं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की दूसरी रिपोर्ट आने तक ये सवाल बना रहेगा। सिस्टम में खामी कहां थी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर के चढ़ावे की गिनती तीन स्तर पर होती है: </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारी नोट गिनते हैं। </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> ट्रस्ट कर्मचारी निगरानी करते हैं। </span>14 SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>TCS <span lang="hi" xml:lang="hi">के ऑडिटर होते हैं। इतनी लेयर के बावजूद चोरी हो गई। जांच में सामने आया कि एक पदाधिकारी ने कैमरे लगाने का विरोध किया था। यानी सिस्टम में पारदर्शिता की कमी थी। </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर निगरानी नहीं थी। ऑडिट था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भरोसा अंधा था। आगे क्या होना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पहला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की जांच सिर्फ </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> आरोपियों तक सीमित न रहे। पूरी चेन की जांच हो। किसके इशारे पर चोरी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैसा कहां गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये साफ होना चाहिए। </span>CM <span lang="hi" xml:lang="hi">योगी ने कहा है कि "दूध का दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी का पानी" होगा। जनता यही उम्मीद कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट को अपनी वित्तीय व्यवस्था सार्वजनिक करनी होगी। हर महीने कितना चढ़ावा आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहां खर्च हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका डिजिटल डिस्प्ले मंदिर परिसर में लगे। तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह रियल टाइम अपडेट सिस्टम बने। तीसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैश हैंडलिंग खत्म हो। </span>QR <span lang="hi" xml:lang="hi">कोड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जाए। जितना कैश कम होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी की गुंजाइश उतनी कम होगी। चौथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि बढ़ाए जाएं। अभी सिर्फ एक आईएएस अधिकारी है। </span>CAG <span lang="hi" xml:lang="hi">से सालाना ऑडिट अनिवार्य हो। राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है। ये </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल के संघर्ष के बाद मिली आस्था की जीत है। </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> जनवरी </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> को प्राण प्रतिष्ठा के दिन जो भाव देश ने देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो अनमोल है। अगर चंद लोग उस आस्था को कैश कराने लगेंगे तो मंदिर का मतलब खत्म हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">पहली कार्रवाई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आखिरी नहीं। असली इम्तहान अब शुरू हुआ है - क्या ट्रस्ट दोषियों को सजा दिला पाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे वो कितना भी बड़ा हो</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या व्यवस्था बदलेगी ताकि फिर कोई टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा आस्था का सौदा न कर सके</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनता देख रही है। राम देख रहे हैं। लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं और लोगों के सवाल तब ही शांत होंगे जब इस पूरे मामले पय ठीक ढंग से पर्दा उठेगा। फिलहाल उम्मीद है कि जांच सही दिशा में हो रही है।</span></p>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी का चुनावी मैदान: मुकाबला फिर से भाजपा बनाम सपा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>राजीव शुक्ल </strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश की सियासत का गणित पिछले </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi">  साल से लगभग तय है। यहाँ सत्ता की चाबी हमेशा दो बड़े खेमों के पास रही है। </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi">  का विधानसभा चुनाव भी इसी स्क्रिप्ट पर आगे बढ़ता दिख रहा है। मैदान में कई दल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर असली सीधी टक्कर भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा के बीच ही होगी। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi">  के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में सपा ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया था। प्रदेश में भाजपा को </span>33<span lang="hi" xml:lang="hi">  जबकि सपा को </span>37<span lang="hi" xml:lang="hi">  सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। लेकिन यह संभव है कि विधानसभा का चुनावी गणित अलग हो।</span>'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182451/up-electoral-battle-again-between-bjp-vs-sp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>राजीव शुक्ल </strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश की सियासत का गणित पिछले </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल से लगभग तय है। यहाँ सत्ता की चाबी हमेशा दो बड़े खेमों के पास रही है। </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> का विधानसभा चुनाव भी इसी स्क्रिप्ट पर आगे बढ़ता दिख रहा है। मैदान में कई दल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर असली सीधी टक्कर भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा के बीच ही होगी। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में सपा ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया था। प्रदेश में भाजपा को </span>33<span lang="hi" xml:lang="hi"> जबकि सपा को </span>37<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। लेकिन यह संभव है कि विधानसभा का चुनावी गणित अलग हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में काफी लोकप्रिय हो चुके हैं खासकर अपने कड़े फैसले को लेकर। इसलिए विधानसभा चुनाव के गणित को अलग तरीकों से देखना होगा। भाजपा: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डबल इंजन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रिपल अटैक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की तैयारी- भाजपा यूपी में </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>2022<span lang="hi" xml:lang="hi"> में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई। उसका कोर नैरेटिव </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> चीजों पर टिका है: हिंदुत्व + विकास: अयोध्या में राम मंदिर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काशी विश्वनाथ कॉरिडोर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज कुंभ को भाजपा अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। साथ में एक्सप्रेसवे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेट्रो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नोएडा फिल्म सिटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे विकास प्रोजेक्ट फ्रंट पर हैं। लॉ एंड ऑर्डर: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">माफिया राज खत्म</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बुलडोजर मॉडल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा का सबसे बड़ा चुनावी हथियार बना है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक इसे कानून-व्यवस्था की गारंटी के रूप में बेचा जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र + राज्य का तालमेल: मोदी का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर और योगी का चेहरा राज्य स्तर पर। यह </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डबल इंजन</span>' 2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोकसभा में कुछ सीटों पर झटका खाने के बाद भी संगठन के लिए सबसे बड़ा भरोसा है। भाजपा की चुनौती: किसानों की नाराजगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी और आरक्षण जैसे मुद्दे। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोकसभा में पिछड़ा-दलित वोट में हुई सेंध को वापस लाना संगठन की प्राथमिकता है। सपा: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पीडीए</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉर्मूले से वापसी की कोशिश- अखिलेश यादव ने </span>2022<span lang="hi" xml:lang="hi"> के बाद अपनी राजनीति को पूरी तरह रीसेट किया। सपा अब </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एम-वाई समीकरण</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से आगे बढ़कर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पीडीए</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी पिछड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दलित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल्पसंख्यक के फॉर्मूले पर खेल रही है। सोशल इंजीनियरिंग: भाजपा के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">नॉन-यादव </span>OBC + <span lang="hi" xml:lang="hi">नॉन-जाटव दलित</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मॉडल को काटने के लिए सपा ने कुर्मी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निषाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाटव के अलावा मुस्लिम वोट को एकजुट करने की कोशिश की। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोकसभा में इसका असर दिखा भी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार और महंगाई: पेपर लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अग्निवीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी और महंगाई को सपा मुख्य मुद्दा बना रही है। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी भत्ता</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और पुरानी पेंशन बहाली जैसे वादे इसी दिशा में हैं। अखिलेश का सॉफ्ट हिंदुत्व: मंदिर जाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कावड़ यात्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और समाजवादी पीडीए पंचायत से सपा उस </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">तुष्टीकरण</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के टैग को तोड़ने की कोशिश कर रही है जो उसे पहले घेरता था। सपा की चुनौती: संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवारवाद के आरोप से बचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मुस्लिम+यादव के बाहर दूसरे पिछड़ों को स्थायी तौर पर जोड़ना।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाकी दल कहाँ हैं</span>? - <span lang="hi" xml:lang="hi">बसपा: मायावती अभी भी दलित वोट की सबसे बड़ी ध्रुव हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">में उनका वोट बैंक खिसका। अगर वो अकेले लड़ती हैं तो वो भाजपा या सपा में से एक का नुकसान करेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर खुद सत्ता की रेस से बाहर दिख रही हैं। कांग्रेस: राहुल-प्रियंका के यूपी फोकस के बाद भी संगठन जमीन पर कमजोर है। वो कुछ सीटों पर सपा को फायदा या नुकसान दे सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मुख्य मुकाबला नहीं। </span>RLD + <span lang="hi" xml:lang="hi">अन्य: जयंत चौधरी </span>NDA <span lang="hi" xml:lang="hi">में हैं। निषाद पार्टी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपना दल भाजपा के साथ। ओम प्रकाश राजभर भी भाजपा के साथ। ये सब वोट कटवा या वोट ट्रांसफर का काम करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर फ्रेम भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा ही रहेगा। तो फैसला क्या होगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यूपी में चुनाव हमेशा जाति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धर्म</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और कानून-व्यवस्था के मिश्रण से तय होता है। </span>2027 <span lang="hi" xml:lang="hi">में भी फ्रेम यही रहेगा। भाजपा का दांव: हिंदुत्व + विकास + लॉ एंड ऑर्डर + मोदी-योगी का डबल चेहरा। सपा का दांव : पीडीए एकता + बेरोजगारी-महंगाई + </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">की मोमेंटम। बसपा का वोट जिस तरफ शिफ्ट हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ब्राह्मण-ठाकुर-बनिया </span>vs OBC-<span lang="hi" xml:lang="hi">दलित-मुस्लिम का ध्रुवीकरण जिस हद तक हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी पर सीटों का गणित बनेगा। जमीन पर चाहे जितने दल पोस्टर लगाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वोटर के दिमाग में लड़ाई दो ही खेमों के बीच है। एक तरफ योगी-मोदी की भाजपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी तरफ अखिलेश की सपा। यूपी </span>2027 = <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा। बाकी सब असर डालने वाले खिलाड़ी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य खिलाड़ी ये दो ही हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:40:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान ने धर्मध्वजा का विरोध कर भारत पर  लगाए आरोप, पहले अपने गिरेबान में झाँके पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएँ सदियों पुरानी हैं। यहां विविधता, सहिष्णुता और संविधानिक सुरक्षा ने हर धर्म, हर संप्रदाय को फलने-फूलने का अवसर दिया है। इसके उलट, पाकिस्तान की राजनीति अक्सर धार्मिक ध्रुवीकरण,अल्पसंख्यकों के दमन और भारत-विरोध पर आधारित रही है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत में मुस्लिम विरासत मिटाने और बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर निर्माण के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में दखल की धमकी भी दे दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परंतु, क्या पाकिस्तान अपनी दायर की गई इस शिकायत में नैतिक रूप से खड़ा हो सकता है?</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161746/pakistan-accused-india-of-protesting-against-the-religious-flag-pakistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download13.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएँ सदियों पुरानी हैं। यहां विविधता, सहिष्णुता और संविधानिक सुरक्षा ने हर धर्म, हर संप्रदाय को फलने-फूलने का अवसर दिया है। इसके उलट, पाकिस्तान की राजनीति अक्सर धार्मिक ध्रुवीकरण,अल्पसंख्यकों के दमन और भारत-विरोध पर आधारित रही है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत में मुस्लिम विरासत मिटाने और बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर निर्माण के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में दखल की धमकी भी दे दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परंतु, क्या पाकिस्तान अपनी दायर की गई इस शिकायत में नैतिक रूप से खड़ा हो सकता है? क्या वह स्वयं अपने देश में हुए अल्पसंख्यक उत्पीड़न की भयावह सच्चाई से आँख मिला सकता है?  भारत की वास्तविक स्थिति के साथ-साथ पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की बदहाली का यथार्थ सामने है।भारत में मुस्लिम सुरक्षित है। पाकिस्तान का भ्रमजाल यही दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। 20 करोड़ से अधिक मुसलमान भारत के हर क्षेत्र, हर संस्था, शिक्षा, राजनीति, न्यायपालिका, सैन्य सेवाओं और उद्यमिता में गर्व से योगदान दे रहे हैं।भारत में मुस्लिम नागरिक संविधान द्वारा पूर्ण सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा के अधिकार और सरकारी कल्याण योजनाओं में बराबर की भागीदारी प्राप्त करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके विपरीत, पाकिस्तान में शिया, अहमदी, हिन्दू, सिख और ईसाई हर समुदाय निरंतर धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा का शिकार होता है। यह विडंबना है कि जो देश अपने यहाँ अल्पसंख्यकों को न्याय दिलाने में असफल रहा, वह भारत को मानवाधिकार पढ़ाने की कोशिश कर रहा है।बाबरी मस्जिद विवाद न्यायिक समाधान, राजनीतिक शोर  है।शहबाज शरीफ ने बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर निर्माण पर ऐतराज जताया।लेकिन पाकिस्तान यह बताना भूल गया कि भारत में सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद सर्वसम्मति से निर्णय दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह फैसला इतिहास, पुरातत्व, कानून और साक्ष्यों पर आधारित था।भारत ने इस निर्णय के बाद देशभर में शांति बनाए रखी, क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान था।पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि भारत में न्यायपालिका पूर्ण रूप से स्वतंत्र है, और किसी भी धार्मिक विवाद का समाधान संविधानिक प्रक्रिया से ही होता है। परंतु पाकिस्तान में न्यायालय अक्सर आतंकियों, कट्टरपंथियों और  अल्पसंख्यक-विरोधी तत्वों के दबाव में झुकते रहे हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का गायब होना भारत के लिए चिंता का विषय है। 22 प्रतिशत से 2 प्रतिशत कैसे हुए?कहा गए इतनी आबादी के लोग?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विभाजन के समय पाकिस्तान में 22 प्रतिशत हिंदू, सिख और अन्य अल्पसंख्यक रहते थे। आज यह आँकड़ा घटकर सिर्फ 1.6-2प्रतिशत रह गया है। सवाल है किवे 22 प्रतिशत लोग कहाँ गए?न तो वे अचानक हवा में गायब हुए, न ही स्वेच्छा से पलायन किया। असल कारण थे  जबरन धर्मांतरण,कट्टरपंथी हिंसा सामाजिक-आर्थिक बहिष्कार संस्थागत भेदभाव और पुलिस और न्यायिक संरक्षण की कमी ही हालात के मुख्य कारण है।मंदिरों का विध्वंस, व्यापार और संपत्ति पर कब्ज़ा, हिंदू महिलाओं का उत्पीड़न और भारत के खिलाफ बयानबाजी करने से पहले पाकिस्तान को इस ऐतिहासिक अपराध का जवाब देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हिंदू बेटियों की जबरन शादी और धर्मपरिवर्तन एक कड़वी सच्चाई है।पाकिस्तान में हर वर्ष सैकड़ों नहीं, हजारों हिंदू और सिख लड़कियों का अपहरण, जबरन शादी और जबरन धर्मांतरण दर्ज किया जाता है।सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में12 से16 वर्ष की लड़कियाँ निशाना बनती हैं।शिकायत दर्ज नहीं होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अदालतें दोषियों के साथ खड़ी दिखती हैं।पुलिस संरक्षण देने के बजाय दबाव का हथियार बन जाती है।कई मानवाधिकार संगठनों के अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में हर वर्ष लगभग 1,000 से अधिक हिंदू लड़कियाँ गायब होती हैं, जिनमें से बहुत-सी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता है।क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इन पीड़ित बेटियों के आँसू भी यूएन तक लेकर जाएंगे?हिंदू मंदिरों पर हमले  सांस्कृतिक विनाश का अभियान चालू है।पाकिस्तान में दशकों से हिंदू मंदिरों पर हमले एक नियमित घटना बन चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौ-सौ साल पुराने मंदिरों को जलाया जाता है।मूर्तियाँ तोड़ी जाती हैं।जमीनों पर कब्जे किए जाते हैं।पूजा-अर्चना रोक दी जाती है।हैदराबाद, कराची, थरपारकर, रहीमयार खान जैसे क्षेत्रों में दर्जनों मंदिरों को जमींदोज़ किया जा चुका है। इतिहास बताता है कि किसी देश की सभ्यता उसके अल्पसंख्यकों के सम्मान से पहचानी जाती है। यदि पाकिस्तान में मंदिर सुरक्षित नहीं, तो अपने उदाहरण से वह किस नैतिक आधार पर भारत को उपदेश दे सकता है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान में कानून और व्यवस्था अल्पसंख्यकों को न्याय नहीं दे पाती है।भारत पर आरोप लगाने वाला पाकिस्तान खुद निम्न घटनाओं का गवाह है। हिंदू लड़कियों का अपहरणकर्ताओं को पुलिस संरक्षण,स्कूलों में हिंदू बच्चों को मजबूरन इस्लामी शिक्षाऔर पाठ्यपुस्तकों में हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाली भाषा आज भी बरकरार है।संसद में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व नगण्य है।अहमदियों को गैर-मुस्लिम  घोषित कर उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाता है।अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के लिए सबसे असुरक्षित देशों  में शामिल किया है।भारत का समाज  विविधता में एकता का संदेश देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान की तुलना किसी भी मंच पर रख दें। भारत मुस्लिम उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री हज़ारों मदरसे, लाखों मस्जिदें वक्फ बोर्ड, मुस्लिम पर्सनल लॉ उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण भागीदारी औरधार्मिक स्वतंत्रता को संविधानिक संरक्षण भारत की महिमा अपरंपार है।पाकिस्तान हिंदू मंदिरों का विध्वंस,जबरन धर्मांतरण, अल्पसंख्यकों की हत्या,सेना और राजनीति में लगभग शून्य प्रतिनिधित्व जैसे हरकत किये हुए है।अल्पसंख्यकों के खिलाफ संस्थागत भेदभाव है।फिर भी पाकिस्तान दावा करता है कि वह मानवाधिकारों का रक्षक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान का राजनीतिक एजेंडा भारत पर आरोप, अपने असफलताओं पर पर्दाडालना रोजमर्रा बन चुका है। क्योकि पाकिस्तान की राजनीति विफलताओं से घिरी है। अर्थव्यवस्था दिवालिया,सेना की हुकूमत,आंतरिक आतंकवाद, महंगाई औऱ बेरोजगारी,राजनीतिक अस्थिरता ऐसे में जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारत को कोसना आसान है।भारतीय अल्पसंख्यक की सुरक्षा की चिंता जताकर वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहानुभूति जुटाना चाहता है, जबकि अपने ही घर में आग लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान पहले खुद सुधरे, फिर भारत पर टिप्पणी करे। भारत शांति, सहिष्णुता और बहुलतावाद का प्रतीक है। भारतीय संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता देता है।यहाँ किसी के विरुद्ध राज्य-प्रायोजित धार्मिक दमन नहीं होता।इसके मुकाबले पाकिस्तान मेंअल्पसंख्यक तेजी से घट रहे है।उनकी बेटियाँ गायब हो रही है। मंदिर नष्ट हो रहे है। न्यायपालिका कमजोर है और कट्टरपंथियों का दबदबा बढ़ रहा है।इसलिए पाकिस्तान को चाहिए कि वह संयुक्त राष्ट्र की धमकी देने से पहले अपने घर की सफाई करे, अपनी धरती पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाए और विभाजन के समय से लेकर आज तक गायब हुए अल्पसंख्यकों का जवाब दे। भारत पर आरोप लगाने से पहले उसे खुद अपने गिरेबान में झाँकने की आवश्यकता है।।   </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 16:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवान श्रीराम मंदिर के प्राण  प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर शोहरतगढ़ में शोभा यात्रा निकाली गई</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div>  </div>
<div>अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के प्रांण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर बुधवार को शोहरतगढ नगर पंचायत में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जो गाजे- बाजे के साथ श्रीराम जानकी मंदिर से निकलकर गडाकुल तिराहे से होते हुए वापस नगर पंचायत कार्यालय, गोलघर, सब्जी मंडी, प्रेमगली, नीबीदोहनी से स्व०पं०वेणी माधव के घर होते हुए पुनः पुलिस पिकेट होते हुए श्रीराम जानकी मंदिर प्रांगण में शोभायात्रा का समापन हुआ।</div>
<div>  </div>
<div>इस दौरान मुख्य रूप भाजपा के जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान,विधायक विनय वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल, रवि अग्रवाल, प्रधानाचार्य विक्रम प्रसाद यादव, शिक्षक रामविलास यादव एवं धर्मेंद्र सिंह तोमर, कार्यक्रम आयोजक रामसेवक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147713/a-procession-was-taken-out-in-shohratgarh-on-the-first"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/1737553744846.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div> </div>
<div>अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के प्रांण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर बुधवार को शोहरतगढ नगर पंचायत में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जो गाजे- बाजे के साथ श्रीराम जानकी मंदिर से निकलकर गडाकुल तिराहे से होते हुए वापस नगर पंचायत कार्यालय, गोलघर, सब्जी मंडी, प्रेमगली, नीबीदोहनी से स्व०पं०वेणी माधव के घर होते हुए पुनः पुलिस पिकेट होते हुए श्रीराम जानकी मंदिर प्रांगण में शोभायात्रा का समापन हुआ।</div>
<div> </div>
<div>इस दौरान मुख्य रूप भाजपा के जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान,विधायक विनय वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल, रवि अग्रवाल, प्रधानाचार्य विक्रम प्रसाद यादव, शिक्षक रामविलास यादव एवं धर्मेंद्र सिंह तोमर, कार्यक्रम आयोजक रामसेवक गुप्ता, सतीश मित्तल, शिवशक्ति शर्मा, किशोरी लाल, पप्पू लख्खा,राजकुमार मोदनवाल, हियुवा के सौरभ गुप्ता,</div>
<div> </div>
<div>बबलू गौड़, अनूप कसौधन,पवन कसौधन, सतीश वर्मा,शिव कुमार अग्रवाल, मनोज गुप्ता, अभिषेक चौधरी, रामविनोद यादव, नवीन पाण्डेय, विरेन्द्र गौड़, राजेन्द्र कुमार, कुश मोदनवाल, नन्दू गौड़, अनिल गुप्ता, रामवृक्ष कनौजिया, आकाश कनौजिया,राजन कसौधन आदि सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरूष के साथ बच्चों की उपस्थिति रहीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 19:27:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राममंदिर की प्रथम वर्षगांठ पर राममय हुई राजधानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखनऊ।</strong> अयोध्या में प्रभु श्री राम मन्दिर के स्थापना दिवस के एक वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को बन्थरा में जगह जगह विशाल भंडारे का आयोजन व्यपारियों व भाजपा नेताओं द्वारा किया गया। इसी क्रम में सराय सहजादी निवासी भाजपा जिला प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह पिंकू व भाजपा जिला उपाध्यक्ष चन्दर सिंह राठौर द्वारा बनी मोहान मार्ग स्थित कटी बगिया में सुन्दर कांड व भव्य पूड़ी सब्जी के भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने इस भंडारे में पहुँच कर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।</div>
<div>  </div>
<div>पिंकू सिंह द्वारा आयोजित इस भंडारे में तमाम जनप्रतिनिधि व भाजपा नेताओं ने पहुँच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147712/the-capital-became-filled-with-ram-on-the-first-anniversary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250122-wa0211.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखनऊ।</strong> अयोध्या में प्रभु श्री राम मन्दिर के स्थापना दिवस के एक वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को बन्थरा में जगह जगह विशाल भंडारे का आयोजन व्यपारियों व भाजपा नेताओं द्वारा किया गया। इसी क्रम में सराय सहजादी निवासी भाजपा जिला प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह पिंकू व भाजपा जिला उपाध्यक्ष चन्दर सिंह राठौर द्वारा बनी मोहान मार्ग स्थित कटी बगिया में सुन्दर कांड व भव्य पूड़ी सब्जी के भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने इस भंडारे में पहुँच कर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।</div>
<div> </div>
<div>पिंकू सिंह द्वारा आयोजित इस भंडारे में तमाम जनप्रतिनिधि व भाजपा नेताओं ने पहुँच कर प्रसाद ग्रहण किया। जिसमें पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सरोजनीनगर शिव शंकर सिंह चौहान शंकरी, प्रदेश अध्यक्ष किसान संघ राजेश सिंह चौहान, विधायक प्रतिनिधि निखिल त्रिपाठी, थाना प्रभारी बन्थरा राम सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता शिव कुमार सिंह चौहान, पूर्व प्रधान खुरूमपुर सन्तोष सिंह, विनय दीक्षित सहित क्षेत्र के तमाम ग्राम प्रधान व बीडीसी मौजूद रहे। वहीं बन्थरा व्यपार मंडल के महामंत्री मुकेश तिवारी उर्फ पिन्टू तिवारी आशीष गोस्वामी, कुलदीप गुप्ता, आशु तिवारी, सोनू तिवारी,पंकज तिवारी ने बन्थरा में अपनी टीम के साथ खिचड़ी भोज का आयोजन किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 19:24:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह पर भक्ति में डूबे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong>अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के अवसर पर मलिहाबादक्षेत्र में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित।आपको बता दें कि मलिहाबाद क्षेत्र में अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर पूरे क्षेत्र का माहौल राम मय रहा। श्रद्धालुओं ने भव्य उत्सव मनाया। ग्रामीण अंचलों तक के मंदिरों में भजन कीर्तन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। प्रमुख चौराहों पर श्रीराम के मधुर भजन से वातावरण भक्तिमय रहा।जगह जगह चौराहों पर भंडारे एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बढ़ चढ़कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147711/people-immersed-in-devotion-on-the-first-anniversary-of-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250122-wa0312.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong>अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के अवसर पर मलिहाबादक्षेत्र में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित।आपको बता दें कि मलिहाबाद क्षेत्र में अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर पूरे क्षेत्र का माहौल राम मय रहा। श्रद्धालुओं ने भव्य उत्सव मनाया। ग्रामीण अंचलों तक के मंदिरों में भजन कीर्तन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। प्रमुख चौराहों पर श्रीराम के मधुर भजन से वातावरण भक्तिमय रहा।जगह जगह चौराहों पर भंडारे एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बढ़ चढ़कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद गृहण किया। </div>
<div> </div>
<div><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250122-wa0310.jpg" alt="IMG-20250122-WA0310" width="1280" height="963"></img>कार्यक्रम आयोजित </strong></div>
<div>श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर बुधवार को नबीपनाह स्थित एस एस हॉस्पिटल में सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। इस मौके पर हॉस्पिटल संचालक श्रीकांत मौर्य समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।सुंदरकांड पाठ के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।तो वहीं क्षेत्र में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई साथ ही दर्जनों चौराहों पर विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ।सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय में डूबा रहा।</div>
<div> </div>
<div><strong>राम भक्तों ने निकाली बाइक रैली</strong></div>
<div>प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में रहीमाबाद मंडल में भाजपा किसान मोर्चा विधानसभा प्रभारी शुभम दीक्षित व रहीमाबाद मंडल अध्यक्ष नेकपाल यादव के नेतृत्व में विशाल बाइक शोभा यात्रा निकाली गई।अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर पूरे क्षेत्र का माहौल राम मय रहा। श्रद्धालुओं ने भव्य उत्सव मनाया गया।शोभा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहें।लोगों में गजब का माहौल देखने को मिल रहा था।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250122-wa0312.jpg" alt="राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह पर भक्ति में डूबे लोग" width="1080" height="521"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250122-wa0309.jpg" alt="IMG-20250122-WA0309" width="1080" height="521"></img>रैली में राम भक्त सिर पर भगवा पगड़ी, भगवा कुर्ता, भगवा साफी और हाथ में भगवा ध्वज लहराते हुए चल रहे थे।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में राम भक्त शामिल हुए। रैली के दौरान डीजे और ढोल की धुन पर लोग जमकर थिरक रहे थे। जहां से रैली निकली लोगों ने तालियां बजाकर और नृत्य कर उनका स्वागत किया।कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि उमाकांत दीक्षित मिथिलेश कुमारी श्रद्धा देवी अर्चना संदीप द्विवेदी अंशिका अंकुल त्रिपाठी रसनागोपाल बाजपेयी राजा माल माधवेंद्र देव सिंह लखनऊ जिले के जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा अतुल मिश्र राणाप्रताप सिंह राम प्रकाश यादव मौजूद रहे। </div>
<div> </div>
<div>इस मौके पर सुशील अवस्थी आयुष अवस्थी अनुग्रह सिंह अमन तिवारी कृष्णपाल अंशु गुप्ता हिमांशु पाण्डेय अमित कुमार धर्मेंद्र राजपूत अजय कुमार राय अनूप अवस्थी अर्पित सिंह आकाश सिंह अनुज मौर्य संजय सूर्या सुजीत सिंह प्रियांशु अग्निहोत्री सुजीत अग्निहोत्री विनायकर अग्निहोत्री मधुर त्रिपाठी विनोद राजपूत महेंद्र राजपूत सरोज गुप्ता गोविन्द चौरसिया चन्दन राठौर आदि कार्यकर्ता ने व्यवस्था मे महत्वपूर्ण योगदान निभाया।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 19:22:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूरे होने पर सुलभ आवास में हुआ सुन्दरकाण्ड पाठ व भंडारे का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>लखनऊ-</strong> राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित सुलभ आवास में स्थित महादेव मंदिर में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सुन्दरकाण्ड पाठ और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन सुलभ आवास के निवासी व मंदिर के पुजारी संतोष गिरी बाबा की देखरेख में हुआ।</div>
<div>  </div>
<div>संतोष गिरी बाबा ने बताया कि इस अवसर पर परिसर की महिलाओं द्वारा सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। पाठ के समापन के बाद भगवान की आरती की गई, इसके बाद एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आस-पास के लोगों ने श्रद्धा भाव से हिस्सा</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147709/on-completion-of-one-year-of-the-consecration-of-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/1002017224.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>लखनऊ-</strong> राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित सुलभ आवास में स्थित महादेव मंदिर में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सुन्दरकाण्ड पाठ और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन सुलभ आवास के निवासी व मंदिर के पुजारी संतोष गिरी बाबा की देखरेख में हुआ।</div>
<div> </div>
<div>संतोष गिरी बाबा ने बताया कि इस अवसर पर परिसर की महिलाओं द्वारा सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। पाठ के समापन के बाद भगवान की आरती की गई, इसके बाद एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आस-पास के लोगों ने श्रद्धा भाव से हिस्सा लिया।</div>
<div> </div>
<div>संतोष गिरी बाबा ने यह भी बताया कि इस मंदिर में बारह ज्योतिर्लिंगों की स्थापना की गई है, जो भक्तों के लिए एक आस्था का केंद्र बने हुए हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव था, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी था।</div>
<div> </div>
<div>वही इस कार्यक्रम में लखनऊ समाज सेवी विवेक शर्मा , प्रियंका गिरी, नीलम, किरण, पिंकी, मोहिनी,कल्पना, ज्योत्सना, प्रिया गिरी, आनंद गिरी , रमेश गिरी हिमांशु , बी.एस.गिरी, डॉ अनिकेत, सुरेश गिरी सहित तमाम निवासी उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 19:13:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकियों के सहयोगियों को राम मंदिर तो बुरा लगेगा ही: योगी आदित्यनाथ </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के औचित्य पर सपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं की तरफ से दिए गए बयान पर इन दोनों दलों पर जमकर निशाना साधा है। योगी ने कहा कि तीसरे चरण के मतदान तक हताश हो चुके विपक्ष के नेता अब भगवान राम पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कोई कहता है कि राम मंदिर बेकार है तो कोई कहता है कि राम मंदिर से जनता को क्या लाभ है। योगी ने कहा कि आतंकवादियों की पैरवी करने वालों को तो राम मंदिर बुरा ही लगेगा। </p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141070/terrorists-associates-will-definitely-feel-bad-about-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/uttar-pradesh-chief-minister-yogi-adityanath--sour_1715189074103_1715302038901.jpg" alt=""></a><br /><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के औचित्य पर सपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं की तरफ से दिए गए बयान पर इन दोनों दलों पर जमकर निशाना साधा है। योगी ने कहा कि तीसरे चरण के मतदान तक हताश हो चुके विपक्ष के नेता अब भगवान राम पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कोई कहता है कि राम मंदिर बेकार है तो कोई कहता है कि राम मंदिर से जनता को क्या लाभ है। योगी ने कहा कि आतंकवादियों की पैरवी करने वालों को तो राम मंदिर बुरा ही लगेगा। </p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी रवि किशन के नामांकन के बाद, उनके पक्ष में महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए आज के विपक्ष ने राम जन्मभूमि पर आतंकी हमला करने वालों के खिलाफ, आज देश में हो रही कार्रवाई और उप्र में माफिया के खिलाफ हो रहे एक्शन जैसे कड़े कदम उठाए होते तो संकटमोचन मंदिर और कचहरी पर पर आतंकी हमले नहीं होते। उन्होंने कहा कि तब आतंकवाद पर घुटना टेकने की नीति का दुष्परिणाम रहा कि इन हमलों में हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे चरण में लोकसभा का चुनाव अब उस मोड़ पर पहुंच गया है जहां विपक्ष ने हार मान ली है। कांग्रेस, सपा बसपा सबने हार स्वीकार कर ली है। तीन चरणों में 285 सीटों पर यानी पूरे देश के अंदर आधा चुनाव संपन्न हो चुका है। आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव प्रचार में देश के अंदर उन्हें नौ राज्यों में जाने का अवसर प्राप्त हुआ है। पूरे देश के अंदर एक ही स्वर गूंज रहा है, फिर एक बार मोदी सरकार। योगी ने कहा कि देश की जनता के लिए सारी समस्याओं का समाधान रामराज है और इसी रामराज के लिए जनता बार-बार मोदी सरकार को चुन रही है।</p>
<p>जनता यही कह रही है, जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे और हम उनको लाएंगे जिन्होंने रामराज की परिकल्पना को साकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संसदीय चुनाव सामान्य चुनाव भर नहीं है। यह विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का चुनाव है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रत्याशी के लिये हर घर में जाना संभव नहीं होगा इसलिये आप सब अपने-अपने क्षेत्र में रवि किशन बन कर घर-घर जा कर संपर्क करें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141070/terrorists-associates-will-definitely-feel-bad-about-ram-temple</link>
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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 16:07:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम लला के दर्शन के लिए बेटी और पति के संग अयोध्या पहुँची प्रियंका चोपड़ा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Bollywood: </strong>बाॅलीवुड से हाॅलीवुड अभिनेत्री बनीं प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या में हैं। उनके साथ उनकी बेटी मालती मैरी भी थीं। तीनों को सुरक्षा घेरे में अयोध्या हवाई अड्डे पर उनकी कार तक ले जाया गया। जिसके बाद उन्होंने राम लला के दर्शन किए।</p>
<p>अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन के दौरान प्रियंका पीली साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। मालती गुलाबी रंग में मनमोहक लग रही थी। निक ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ मंदिर में दर्शन के लिए कुर्ता पहना था। </p>
<p>बता दें कि  22 जनवरी, 2024 को राम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139654/priyanka-chopra-reached-ayodhya-with-her-daughter-and-husband-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/2024_3image_16_10_05933893866758679-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Bollywood: </strong>बाॅलीवुड से हाॅलीवुड अभिनेत्री बनीं प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या में हैं। उनके साथ उनकी बेटी मालती मैरी भी थीं। तीनों को सुरक्षा घेरे में अयोध्या हवाई अड्डे पर उनकी कार तक ले जाया गया। जिसके बाद उन्होंने राम लला के दर्शन किए।</p>
<p>अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन के दौरान प्रियंका पीली साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। मालती गुलाबी रंग में मनमोहक लग रही थी। निक ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ मंदिर में दर्शन के लिए कुर्ता पहना था। </p>
<p>बता दें कि  22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर का उद्घाटन होने पर एक्ट्रेस शहर में नहीं थे। जिसके बाग अब जब वह भारत वापिस लौटीं तो राम लला का आशीर्वाद लेने अयोध्या पहुंची।  प्रियंका, निक और मालती की कई अंदरूनी तस्वीरें मंदिर के पुजारी प्रदीप दास द्वारा पोस्ट की गईं। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनास, पति और गायक निक जोनास और उनकी बेटी मालती मैरी जोनास ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा की।</p>
<p>राम मंदिर का उद्घाटन भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। इस समारोह में अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना, कंगना रनौत, विक्की कौशल, कैटरीना कैफ, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित और कई अन्य बॉलीवुड सितारे शामिल हुए।</p>
<p>इस बीच, प्रियंका चोपड़ा 15 मार्च को मालती के साथ मुंबई पहुंचीं। वह सबसे पहले बुल्गारी कार्यक्रम में शामिल हुईं और बाद में प्राइम वीडियो की रिलीज़ सूची का हिस्सा बनीं। कथित तौर पर, अभिनेता होली तक भारत में रहेंगे।<br /> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 16:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>3 लाख श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन, अब भी नहीं काम हुई श्रद्धालुओं की संख्या </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>NATI0NAL NEWS:</strong> देश भर के भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, अयोध्या में नव-पवित्र राम मंदिर के दरवाजे आज, 23 जनवरी को जनता के लिए खोल दिए गए हैं। भव्य उद्घाटन सोमवार को हुए एक विस्तृत 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के बाद हुआ, जो उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। आज करीब 2.5 लाख से 3 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किये हैं। इतनी ही संख्या में भक्त दर्शन का इंतजार कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन भक्तों को निरंतर दर्शन प्रदान करने के लिए सभी व्यवस्थाएं कर रहा है। स्थिति नियंत्रण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138355/3-lakh-devotees-had-darshan-of-ramlala-the-number-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/ram-mandir-rush_large_1559_8.webp" alt=""></a><br /><p><strong>NATI0NAL NEWS:</strong> देश भर के भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, अयोध्या में नव-पवित्र राम मंदिर के दरवाजे आज, 23 जनवरी को जनता के लिए खोल दिए गए हैं। भव्य उद्घाटन सोमवार को हुए एक विस्तृत 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के बाद हुआ, जो उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। आज करीब 2.5 लाख से 3 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किये हैं। इतनी ही संख्या में भक्त दर्शन का इंतजार कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन भक्तों को निरंतर दर्शन प्रदान करने के लिए सभी व्यवस्थाएं कर रहा है। स्थिति नियंत्रण में है।</p>
<p>साथ ही पंच कोसी परिक्रमा पथ के पास वाहनों की आवाजाही अस्थायी तौर पर रोक दी गई है। अयोध्या आध्यात्मिक माहौल में डूबी हुई है। ठंड के मौसम ने भक्तों के उच्च उत्साह को कम नहीं किया। हवा 'जय श्री राम' और राम भजनों से गूंज उठी, जबकि भोपाल के लोक नर्तकों और एक धार्मिक मंडली ने 'पालकी यात्रा' के साथ जीवंत माहौल बना दिया। उत्तर प्रदेश प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) बैंड ने अयोध्या की सड़कों पर देशभक्ति की धुनें बजाकर इस खुशी के अवसर में योगदान दिया। जैसे ही शाम ढली, निवासियों ने भगवान राम की घर वापसी के लिए दिवाली के त्योहार की याद दिलाते हुए अपने घरों के बाहर दीये जलाए और रात का आकाश आतिशबाजी की चमक से जगमगा उठा।</p>
<p><br />अयोध्या राम मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों की आमद के साथ, यूपी के प्रमुख सचिव, गृह, संजय प्रसाद और विशेष डीजी कानून और व्यवस्था, प्रशांत कुमार भक्तों की व्यवस्थित आवाजाही की निगरानी के लिए खुद मंदिर के 'गर्भ गृह' के अंदर मौजूद हैं। लखनऊ जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया ने आगंतुकों से फोटो खींचकर और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अनावश्यक देरी से बचने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से पुलिस दिशानिर्देशों का पालन करने और भीड़ नियंत्रण उपायों में सहयोग करने की अपील की।</p>
<p>मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा कि यह संभावना नहीं है कि हर कोई नई राम लला की मूर्ति का 'दर्शन' कर पाएगा क्योंकि मंदिर शहर में मंगलवार को लाखों भक्त पूजा करने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि आज यहां इतनी भीड़ उमड़ी है कि हर कोई आज दर्शन नहीं कर पाएगा और यही भीड़ कल और अगले कुछ दिनों तक देखने को मिलेगी। जबकि राम जन्मभूमि मंदिर के द्वार पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा कि ऐसा लगता है कि मंदिर शहर 'त्रेता युग' के समय में वापस चला गया था जब भगवान राम रहते थे।</p>
<p> </p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/kBTN0blGGCY" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jan 2024 16:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन मोहनलालगज के मंदिर मे भी दीपोत्सव मनाने की तैयारी-----</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div>  </div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div><strong>.......झालरों और फूलों से सजेगा मंदिर</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>........संगीतमय सुंदरकांड से होगी शुरुआत</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>........कार्यक्रम में शामिल होने के लिये भेजे जा रहे आमन्त्रण</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div><strong>मोहनलालगंज / लखनऊ</strong></div>
<div>  </div>
<div>अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन को लेकर जहां एक ओर प्रदेश ही नही पूरी दुनिया में लोग उत्साहित दिख रही है।वही इसको लेकर मोहनलालगंज कस्बे के लोग भी उस दिन अयोध्या न पहुचने पर कस्बे के बाला जी मंदिर में अभी से तैयारी में जुट गए है।और प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन यहां के मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद दिवाली मनाने के लिये लोगो को आमंत्रित कर रहे है।इसको लेकर बकायदा मंदिर समिति ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138137/preparations-to-celebrate-deepotsav-in-the-temple-of-mohanlalgaj-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240112-wa0010.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div> </div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div><strong>.......झालरों और फूलों से सजेगा मंदिर</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>........संगीतमय सुंदरकांड से होगी शुरुआत</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>........कार्यक्रम में शामिल होने के लिये भेजे जा रहे आमन्त्रण</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div> </div>
<div><strong>मोहनलालगंज / लखनऊ</strong></div>
<div> </div>
<div>अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन को लेकर जहां एक ओर प्रदेश ही नही पूरी दुनिया में लोग उत्साहित दिख रही है।वही इसको लेकर मोहनलालगंज कस्बे के लोग भी उस दिन अयोध्या न पहुचने पर कस्बे के बाला जी मंदिर में अभी से तैयारी में जुट गए है।और प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन यहां के मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद दिवाली मनाने के लिये लोगो को आमंत्रित कर रहे है।इसको लेकर बकायदा मंदिर समिति ने अपनी कमेटी की बैठक कर सारी तैयारियो में जुटे हुए है।</div>
<div> </div>
<div>कमेटी के देवेंद्र पांडेय ,अखिलेश द्विवेदी,विजय जायसवाल ने बताया कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन कस्बे के कालेबीर मंदिर परिसर को पूरी तरह झालरों से सजाकर  बालाजी मंदिर में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा इसके बाद आरती पूजन पूरे मंदिर परिसर में मिट्टी के दीपकों को जलाने के साथ आतिशबाजी भी जाएगी।आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जायेगा।इसके लिये समिति ने सभी सदस्यों को अवगत करा दिया गया।और मंदिर में आयोजन दीप जलाने के लिये सम्मलित होने के लिये अभी से आमंत्रित किया जाना शुरू कर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div>सीमित के मनोज यादव ने बताया कि मंदिर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये अभी से ही कारीगर और मिट्टी के दियो के लिये ऑर्डर कर दिया गया ।इसके साथ पहले से मंदिर को फूलों से सजाने का अभी से ऑर्डर दे दिया गया है।वही प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होने के लिये परिवार सहित लोगो को आमन्त्रण भेजा जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jan 2024 20:24:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या पर क्या है विपक्ष की रणनीति ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विपक्ष के नेता अयोध्या के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने को क्यों मना कर रहे हैं यह तर्क किसी के समझ में नहीं आ रहा। शायद यह अब तक का देश का सबसे बड़ा समारोह होगा जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। कल कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और सोनिया गांधी ने इन्कार करते हुए कहा कि वह अयोध्या के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं। ऐसे ही तेवर विपक्ष के अन्य नेताओं के भी हैं। यह सच है कि इस कार्यक्रम से भारतीय जनता पार्टी दो तरह के कार्य करने की कोशिश कर रही है लेकिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138118/what-is-the-oppositions-strategy-on-ayodhya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/image-11-4.jpg" alt=""></a><br /><p>विपक्ष के नेता अयोध्या के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने को क्यों मना कर रहे हैं यह तर्क किसी के समझ में नहीं आ रहा। शायद यह अब तक का देश का सबसे बड़ा समारोह होगा जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। कल कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और सोनिया गांधी ने इन्कार करते हुए कहा कि वह अयोध्या के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं। ऐसे ही तेवर विपक्ष के अन्य नेताओं के भी हैं। यह सच है कि इस कार्यक्रम से भारतीय जनता पार्टी दो तरह के कार्य करने की कोशिश कर रही है लेकिन फिर भी यह एक धार्मिक कार्यक्रम है। सरकार भारतीय जनता पार्टी की है और वह इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा भी ले रही है। यह कार्यक्रम अब राजनीति से काफी ऊपर उठ चुका है। यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय बन चुका है। विपक्ष को इसको सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। हालांकि विपक्ष का यह अपना फैसला है और कोई जोर जबरदस्ती भी नहीं है। यदि भारतीय जनता पार्टी इसका राजनीतिक लाभ लेना चहती है तो विपक्ष की भी कोई रणनीति होगी लेकिन आम जनता के यह बात गले नहीं उतर पा रही है।</p>
<p> </p>
<p>जब हम विपक्षी दल के शपथग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं तो इस तरह के धार्मिक आयोजन में क्यों नहीं। राम सबके हैं। विपक्ष के नेता भी राम को पूजते हैं। जो लोग भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं भी देते हैं वह भी इस पल को देखना चाहते हैं। तो नेताओं की यह कैसी रणनीति है। एक तरफ समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव यह कह रहे हैं कि इस बार वह उन लोगों तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने समाजवादी पार्टी को कभी वोट नहीं दिया है और दूसरी तरफ हिंदुओं के धार्मिक आयोजन से आप दूरी बना रहे हैं तो आप कैसे सभी वोटरों के पास पहुंच सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्ववादी कार्ड खेल रही है और विपक्ष हिंदुओं से दूर भागने की कोशिश कर रहा है। माना कि आप हिंदुत्व को नहीं मानते सभी धर्मों को एक साथ मान के चलना चाहते हैं।</p>
<p>लेकिन आप इस कार्यक्रम में शामिल न होकर भारतीय जनता पार्टी को हमलावर होने का मौका भी दे रहे हैं। जाति और धर्म को अलग अलग करके कैसे देखा जा सकता है। जातियों से मिलकर ही धर्म बनता है। जाति कार्ड भी अब एकतरफा नहीं रह गया है। यदि आप जाति के नाम पर वोट हासिल करना चाहते हैं तो वह जातियां भी भगवान राम को पूजती हैं। सत्ता पक्ष के हर कार्य का विरोध कैसे किया जा सकता है। क्या इससे मुस्लिम मतों के दूर चले जाने का डर सता रहा है। और क्या स्वामी प्रसाद मौर्या से जानबूझ कर उल्टा सीधा बुलवाया जा रहा है। कांग्रेस का सोचना यह है कि जब वह हिंदुत्व का विरोध कर कर्नाटक और राजस्थान में सरकार बना सकते हैं तो देश में क्यों नहीं। लेकिन यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आप काफी लंबे समय से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बना पा रहे हैं।</p>
<div>                 भारतीय जनता पार्टी ने 22 जनवरी के अयोध्या के कार्यक्रम को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। और आपने इस धार्मिक कार्यक्रम का बहिष्कार कर के पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी का कार्यक्रम बना दिया है। जब कि यह एक धार्मिक आयोजन है और उनके शपथग्रहण समारोह में आप बड़े ही आराम से जाते हैं। किसी पार्टी का विरोध करना तो समझ में आता है लेकिन किसी धार्मिक कार्यक्रम का विरोध समझ से परे है। यह किस रणनीति के तहत हो सकता है। समूचा मुस्लिम वर्ग, यादव और  दलित वोट भी एक पार्टी को नहीं मिल पाता। तो आप यह किस तरह की तैयारी कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी और आर एस एस ने अयोध्या के इस धार्मिक कार्यक्रम को अपना इवेंट बना लिया है और इसलिए हम इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर रहे हैं। यह निश्चित है कि भारतीय जनता पार्टी ने इसे इवेंट्स बनाने की कोशिश की है फिर भी हम करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से दूर नहीं रह सकते। भारतीय जनता पार्टी ने भी विपक्ष पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया है कि विपक्ष हिंदुओं से कटना चाहता ही है। मतलब कुल मिलाकर भारतीय जनता पार्टी को बैठे बैठाए मुद्दा मिल गया है कि विपक्ष हिंदुत्व विरोधी है और उम्मीद भी यही की जा रही थी। वैसे भी राम मंदिर भारतीय जनता पार्टी का ही मुद्दा वर्षों से रहा है। और इसी मुद्दे के दम पर वह सत्ता में आई भी थी। और भारतीय जनता पार्टी अब यह भी जानती है कि राम मंदिर के नाम पर हम इतना बड़ा आयोजन बार बार नहीं कर सकते। और इसके पूर्ण रूप से बन जाने के बाद यह मुद्दा कमजोर भी पड़ जाएगा। इसीलिए विपक्ष 22 जनवरी को देख रहा है। और इसके निकलने के बाद वह जाति गणना, महंगाई, बेरोजगारी, और ग़रीबी को लेकर भारतीय जनता पार्टी को घेरने की तैयारी में है और इसी लिए जब राम मंदिर के विषय में सपा सांसद डिंपल यादव से जब यह पूछा गया कि भारतीय जनता पार्टी 22 जनवरी को हर एक घर में दिए जलाने की अपील कर रही है तो क्या आप भी अपने घर पर दिये जलाएंगी तो उनका कहना था कि सरकार गरीबों को तेल और बत्ती भी बांट दे तो अच्छा होगा।</div>
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<div>                      मतलब विपक्ष केवल समय का इंतजार कर रहा है। और उनके लिए वह समय 22 जनवरी के बाद ही आएगा। इधर राहुल गांधी की पदयात्रा भी शुरू होने जा रही है। तो विपक्ष अभी खामोशी से समय देख रहा है। विपक्ष जानता है कि अयोध्या कार्यक्रम तक बोलना ख़तरे से खाली नहीं है। और इसीलिए सपा आलाकमान ने स्वामी प्रसाद मौर्या को ऊल-जलूल बयान बाजी करने पर रोक लगाने की चेतावनी दी है। इसके बावजूद भी स्वामी प्रसाद मौर्य रोके नहीं रुक रहे हैं। कल ही उन्होंने कहा कि कारसेवकों पर उस समय गोली चलाना सही था और वह समय की मांग थी। इससे पहले भी वह हिंदू धर्म , और रामायण के विषय में कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी उनको बार बार इस तरह के बयानों से बचने को कह रही है। लेकिन कोई एक्शन भी नहीं ले रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि स्वामी प्रसाद मौर्या से इस तरह की टिप्पणियां जानबूझ कर कराई जा रही हैं। या फिर यह स्वामी की कोई रणनीति का हिस्सा है। इस तरह के बयान केवल विपक्ष ही नहीं। सत्ता पक्ष के नेता भी देते रहते हैं और उनकी पार्टियां भी बस रोकती ही रहती हैं। कार्यवाही वो भी नहीं कर पातीं हैं। कुल मिलाकर विपक्ष ने अयोध्या इवेंट्स का बहिष्कार करने का मन बना लिया है और अब देखना है कि 22 जनवरी के बाद क्या रणनीति देखने को मिलेगी। क्यों कि लोकसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं।</div>
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                <pubDate>Thu, 11 Jan 2024 21:07:32 +0530</pubDate>
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