<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/3552/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>शाहजहांपुर - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/3552/rss</link>
                <description>शाहजहांपुर RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>45.70 करोड़ का बजट पास, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी बोर्ड बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर।</strong> नगर पालिका परिषद की वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट बोर्ड बैठक गुरुवार को विकास योजनाओं से अधिक भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जवाबदेही के सवालों के कारण सुर्खियों में रही। करीब 45.70 करोड़ रुपये का बजट तो सर्वसम्मति से पारित हो गया, लेकिन बैठक के दौरान सभासदों ने पालिका प्रशासन पर एक के बाद एक गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। सरकारी संपत्तियों पर कब्जे, संदिग्ध टेंडर, सूचना छिपाने और मनमानी कार्यशैली जैसे मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">चेयरमैन हाजरा बेगम और अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने नगर विकास,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183042/budget-of-rs-4570-crore-passed-but-board-meeting-surrounded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260709-wa0033-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर।</strong> नगर पालिका परिषद की वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट बोर्ड बैठक गुरुवार को विकास योजनाओं से अधिक भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जवाबदेही के सवालों के कारण सुर्खियों में रही। करीब 45.70 करोड़ रुपये का बजट तो सर्वसम्मति से पारित हो गया, लेकिन बैठक के दौरान सभासदों ने पालिका प्रशासन पर एक के बाद एक गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। सरकारी संपत्तियों पर कब्जे, संदिग्ध टेंडर, सूचना छिपाने और मनमानी कार्यशैली जैसे मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चेयरमैन हाजरा बेगम और अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने नगर विकास, सड़क, नाला निर्माण, सफाई, वेतन और पेंशन को प्राथमिकता देने की बात कही। अधिकारियों के दावों के बीच ही सभासदों ने व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए। सभासद दिलीप कुमार सक्सेना (अक्कू) ने आरोप लगाया कि नगर पालिका की करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्तियों से जुड़े मुकदमों में पालिका का अधिवक्ता ही नगर हितों के विपरीत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद सुशील कुमार सिंह ने वर्ष 2024 से लंबित सूचना न दिए जाने को पारदर्शिता पर सवाल बताते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी है जिसे दो वर्ष बाद भी छिपाया जा रहा है। उन्होंने 16 लाख रुपये के नाला सफाई टेंडर पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जब मलबा हटाने का काम पालिका कर्मचारियों से कराया गया तो ठेकेदार को लाखों रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया। उन्होंने सरकारी कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की मांग उठाई। मामला उस समय और गरमा गया जब चेयरमैन आवास पर कार्यरत बताए जा रहे 15 संविदा कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया। आरोप है कि स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल की गई, जिस पर सभासदों और पालिका प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में कई सभासदों ने नगर पालिका की जमीनों पर अवैध कब्जे न हटाने, जनप्रतिनिधियों की लगातार उपेक्षा, फोन तक न उठाने, बदहाल सड़कें, जलभराव और चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन को घेरा। उनका कहना था कि नगर की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में विकास दिखाने में व्यस्त हैं।लगातार बढ़ते विरोध और आरोपों के बीच अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने सभी शिकायतों की जांच कराने और दोष पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद हंगामे के बीच ही 45.70 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया गया।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183042/budget-of-rs-4570-crore-passed-but-board-meeting-surrounded</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183042/budget-of-rs-4570-crore-passed-but-board-meeting-surrounded</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 22:32:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260709-wa0033-%281%29.jpg"                         length="134030"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाइवे पर चला बुलडोजर, मिनटों में जमींदोज हुए खोखे-टीनशेड</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर।</strong> लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध कब्जों के खिलाफ एनएचएआई ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन बुलडोजर कार्रवाई कर अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ा दी। बाइपास चौराहा ओवरब्रिज के नीचे और दोनों सर्विस रोड पर वर्षों से जमे खोखे, ठेले और टीनशेड पर जेसीबी गरजी तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए कई लोगों ने आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि शेष अवैध कब्जे जेसीबी से ध्वस्त कर दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एनएचएआई के प्रबंधक अंजनी कुमार के निर्देश पर नियंत्रण अधिकारी इंद्रेश यादव के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। पुलिस बल की मौजूदगी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183030/bulldozer-ran-on-the-highway-and-kiosks-and-tin-sheds"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260709_152422-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर।</strong> लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध कब्जों के खिलाफ एनएचएआई ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन बुलडोजर कार्रवाई कर अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ा दी। बाइपास चौराहा ओवरब्रिज के नीचे और दोनों सर्विस रोड पर वर्षों से जमे खोखे, ठेले और टीनशेड पर जेसीबी गरजी तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए कई लोगों ने आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि शेष अवैध कब्जे जेसीबी से ध्वस्त कर दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एनएचएआई के प्रबंधक अंजनी कुमार के निर्देश पर नियंत्रण अधिकारी इंद्रेश यादव के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने एक-एक कर सड़क किनारे किए गए स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाए। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह का विरोध सफल नहीं हो सका।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्विस रोड पर दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर सड़क की भूमि पर अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।लगातार दूसरे दिन चली बुलडोजर कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में दहशत का माहौल बना रहा। एनएचएआई अधिकारियों ने साफ कर दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने तक अभियान बिना रुके जारी रहेगा और अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलता रहेगा।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183030/bulldozer-ran-on-the-highway-and-kiosks-and-tin-sheds</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183030/bulldozer-ran-on-the-highway-and-kiosks-and-tin-sheds</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 21:47:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img_20260709_152422-%281%29.jpg"                         length="154554"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11जून को पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती है!इस अवसर पर यह आलेख है</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>शाहजहाँपुर </strong>की मिट्टी ने 11 जून 1897 को मुझे जन्म दिया था। माँ का नाम मूलमती, पिता का नाम मुरलीधर। घर गरीब था, पर सीना गर्व से भरा था। दादा ग्वालियर से अकाल के दिनों में भागकर यहाँ आए थे। दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष देखा, इसलिए बचपन से ही मन में ठान लिया था कि इस गुलामी को उखाड़ फेंकना है।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तुम मुझे आज "सरफरोशी की तमन्ना" वाले शायर के नाम से जानते हो। पर मैं पहले क्रांतिकारी था, बाद में कवि बना। कलम और बंदूक दोनों मेरे हथियार थे। आज मैं तुम्हें वही रात सुनाऊँगा जिसने</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180928/11th-june-is-the-birth-anniversary-of-pandit-ram-prasad"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260610-wa0050.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>शाहजहाँपुर </strong>की मिट्टी ने 11 जून 1897 को मुझे जन्म दिया था। माँ का नाम मूलमती, पिता का नाम मुरलीधर। घर गरीब था, पर सीना गर्व से भरा था। दादा ग्वालियर से अकाल के दिनों में भागकर यहाँ आए थे। दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष देखा, इसलिए बचपन से ही मन में ठान लिया था कि इस गुलामी को उखाड़ फेंकना है।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तुम मुझे आज "सरफरोशी की तमन्ना" वाले शायर के नाम से जानते हो। पर मैं पहले क्रांतिकारी था, बाद में कवि बना। कलम और बंदूक दोनों मेरे हथियार थे। आज मैं तुम्हें वही रात सुनाऊँगा जिसने मेरी ज़िंदगी बदल दी। 9 अगस्त 1925 की काकोरी की रात।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठो, ये कहानी छोटी नहीं है। ये वो दास्तान है जो खून, पसीने और मिट्टी की खुशबू से लिखी गई है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">1925 का हिंदुस्तान देखो। अंग्रेज़ हर चीज़ पर टैक्स लगा रहे थे। नमक पर, कपड़े पर, रेल के टिकट पर। किसान की फसल सस्ते में लूट ली जाती, और उसी फसल को दुगने दाम पर बेचा जाता। लगान न दे पाने पर गाँव के गाँव उजड़ जाते थे। कांग्रेस वाले सत्याग्रह कर रहे थे, लाठी खा रहे थे, जेल जा रहे थे। मैं उनका सम्मान करता हूँ। गांधी जी का अहिंसा का रास्ता लाखों को जोड़ रहा था। पर मेरा दिल कहता था कि जो राज़ बंदूक के दम पर आया है, वो बंदूक के दम पर ही जाएगा।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">1924 में हमने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाई। मैं, चंद्रशेखर आज़ाद, अशफाक उल्ला खाँ, रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी, सचिंद्र बख्शी, मनमथनाथ गुप्त। सबकी उम्र 25 से कम थी। पर हौसला पहाड़ से ऊँचा था। हमारा मकसद साफ था। अंग्रेजों के पास हथियार हैं, पैसा है, ताकत है। हमारे पास कुछ नहीं। तो हम उनका ही खजाना लूटेंगे। उसी पैसे से हथियार खरीदेंगे। उसी हथियार से क्रांति का अलाव जलाएंगे। लोग कहते थे ये डकैती है। मैं कहता हूँ, जब एक देश को लूटा जा रहा हो, तो लुटेरों से लूटना डकैती नहीं, कर्तव्य है।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मौका मिला 9 अगस्त 1925 को। लखनऊ से सहारनपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रोज़ सरकारी खजाना ले जाती थी। लखनऊ, शाहजहाँपुर, बरेली, मुरादाबाद के सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह इसी ट्रेन में होती थी। गार्ड के डिब्बे में लोहे की पेटियाँ रखी होती थीं। वही हमारा निशाना था। काकोरी लखनऊ से 15 मील दूर एक छोटा स्टेशन है। हमने तय किया कि ट्रेन जैसे ही काकोरी पार करेगी, चेन खींचकर रोक देंगे। गार्ड का डिब्बा तोड़ेंगे, खजाना निकालेंगे और जंगल में गायब हो जाएंगे।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">टीम में दस लोग थे। मैं "राम" बनकर बैठा था। अशफाक "अहमद" बनकर। चंद्रशेखर आज़ाद हमारा बाहुबल था। राजेंद्र लाहिड़ी का दिमाग ठंडा था, निशाना पक्का था। मनमथनाथ सबसे छोटा था, पर हिम्मत में सबसे बड़ा। सचिंद्र बख्शी, मुरारी शर्मा, मुकुंदी लाल, केशव चक्रवर्ती भी साथ थे। हमने हफ्तों तक रिहर्सल की। शाहजहाँपुर के जंगलों में रात-रात भर अभ्यास किया। कैसे चेन खींचनी है, कैसे ताला तोड़ना है, कैसे भागना है। मैंने उस दिन अपनी डायरी में लिखा था: "अगर हम मर गए तो शहीद कहलाएँगे। अगर बच गए तो क्रांति का बीज बो देंगे।"</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">9 अगस्त की दोपहर। धूप आग बरसा रही थी। हम अलग-अलग स्टेशनों से ट्रेन में चढ़े। टिकट लेकर, आम मुसाफिर बनकर। ट्रेन चली। दिल की धड़कनें तेज थीं। पर चेहरे पर कोई भाव नहीं था। जैसे ही ट्रेन काकोरी स्टेशन पार कर जंगल की तरफ बढ़ी, मनमथनाथ ने चेन खींच दी। कड़क की आवाज़ आई। ट्रेन हिली और रुक गई। हम आठ लोग एक साथ उठे। गार्ड के डिब्बे की तरफ लपके। ताला तोड़ा। अंदर लोहे की पेटियाँ थीं। चंद्रशेखर ने रिवॉल्वर तान दी और कहा, "खोलो जल्दी!" गार्ड का चेहरा पीला पड़ गया। उसने कांपते हाथों से चाबी दे दी।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पेटियाँ खुलीं। नोटों की गड्डियाँ, सिक्के, सरकारी कागज। हमने अंदाजा लगाया, लगभग आठ हजार रुपये। आज के हिसाब से करीब पंद्रह लाख। लेकिन तभी गलती हो गई। शायद गार्ड ने ब्रेक छोड़ा, या ट्रेन अपने आप हिल गई। राजेंद्र ने जल्दी में एक पेटी धक्का देकर नीचे फेंक दी। धमाके की आवाज़ हुई। उसी धमाके में एक यात्री अहमद अली नीचे गिर गया। सिर पर चोट लगी और उसकी मौत हो गई। उस पल मेरा कलेजा बैठ गया। हम लुटेरे नहीं थे। हमारा मकसद किसी की जान लेना नहीं था। पर क्रांति में खून बहता ही है। उस दिन मैंने जाना कि आज़ादी की कीमत सिर्फ हमारा खून नहीं होता, कभी-कभी बेगुनाहों का खून भी बहता है। उस यात्री की मौत का बोझ आज भी मेरे सीने पर है। हमने जितना हो सका खजाना समेटा और जंगल में भागे। पीछे पुलिस की सीटी बज रही थी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लूट के बाद हम बिखर गए। पर अंग्रेज़ों की सीआईडी कोई कम नहीं थी। गाँव-गाँव, घर-घर छान मारा। मुखबिरों को पैसा दिया गया। सबसे पहले राजेंद्र लाहिड़ी पकड़े गए। फिर मैं 1 नवंबर 1925 को शाहजहाँपुर में पकड़ा गया। अशफाक दिल्ली में गिरफ्तार हुआ। चंद्रशेखर आज़ाद बच निकले। वो 1931 तक लड़े, और जब चारों तरफ से घिर गए तो खुद को गोली मार ली। जिंदा पकड़े जाने से बेहतर मौत थी उनके लिए।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुकदमा चला लखनऊ में। नाम दिया गया "काकोरी षड्यंत्र केस"। कठघरे में खड़े होकर मैंने जज से कहा: "हम चोर नहीं हैं। हम वो लोग हैं जो अपनी माँ भारत को आज़ाद कराना चाहते हैं। अगर इसके लिए फाँसी भी मिले, तो वो हमारे लिए माला है।" अदालत ने 40 लोगों पर मुकदमा चलाया। 16 को सज़ा हुई। मुझे, अशफाक उल्ला खाँ, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी को फाँसी की सज़ा सुनाई गई। फैसला सुनकर मैं हँस पड़ा। "मौत से डरते तो हम 14 साल की उम्र में आर्य समाज न ज्वाइन करते।" मुकदमे के दौरान हमने कोर्ट को ही अपना मंच बना लिया। हर पेशी पर देशभक्ति के नारे लगते थे। "इंकलाब ज़िंदाबाद" की गूँज पूरे लखनऊ में सुनाई देती थी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुझे गोरखपुर जेल की कोठरी नंबर 11 में रखा गया। फाँसी 19 दिसंबर 1927 को तय हुई। मेरे पास 40 दिन थे। मैं रोया नहीं। माफी नहीं माँगी। मैंने कलम उठाई। पेंसिल से 120 पन्ने लिखे। मेरी आत्मकथा _कातिल की कलम से_। मैंने लिखा कि कैसे मेरा दादा अकाल में ग्वालियर छोड़कर आया था। कैसे माँ ने मुझे भूखे पेट सुलाया था। कैसे 14 साल की उम्र में स्वामी दयानंद सरस्वती की _सत्यार्थ प्रकाश_ ने मेरे अंदर आग लगा दी थी। कैसे मैंने "मैनपुरी षड्यंत्र" में हिस्सा लिया था 1918 में।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">रात को नींद नहीं आती थी। अशफाक पास वाली कोठरी में था। हम दीवार के उस पार बात करते थे। एक रात मैंने उससे कहा, "अशफाक, अगर हम बच गए तो साथ मिलकर मदरसा खोलेंगे। जहाँ हिंदू-मुस्लिम दोनों पढ़ेंगे।" उसने जवाब दिया, "बिस्मिल भाई, हम बचेंगे नहीं। लेकिन हमारे मरने के बाद हिंदुस्तान देखेगा कि हिंदू-मुस्लिम एक साथ मर सकते हैं।" उसी जेल में मैंने "मेरा रंग दे बसंती चोला" लिखा।  </div><div style="text-align:justify;">_"मेरा रंग दे बसंती चोला,  </div><div style="text-align:justify;">माय रंग दे बसंती चोला।"_  </div><div style="text-align:justify;">सोचो, जिसे कल फाँसी होनी है, वो बसंत की बात कर रहा है। मौत से डरने वाला ऐसा नहीं लिखता। जेल में मुझे रोज़ गीता पढ़ने का मौका मिलता था। मैंने पाया कि गीता में भी कर्म और त्याग की बात है। कृष्ण ने अर्जुन से कहा था, "कर्म करो, फल की चिंता मत करो।" वही मैं कर रहा था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोग पूछते हैं, हिंदू-मुस्लिम एक साथ कैसे लड़ सकते हैं? मैं कहता हूँ, देखो अशफाक को। अशफाक उल्ला खाँ शाहजहाँपुर का ही था। उसकी उम्र मुझसे दो साल छोटी थी। जब पहली बार मिला था, तो लगा जैसे बरसों का साथी हो। वो उर्दू का शायर था। मैं हिंदी का। वो कुरान पढ़ता था, मैं गीता। पर जब देश की बात आती, तो हम एक थे। काकोरी की रात उसने मुझसे कहा था, "बिस्मिल भाई, अगर आज हम मर गए तो हिंदुस्तान देखेगा कि हिंदू-मुस्लिम अलग नहीं हैं।" और वही हुआ। 19 दिसंबर 1927 को हम एक साथ फाँसी पर चढ़े। अशफाक की आखिरी ख्वाहिश थी कि उसकी लाश को शाहजहाँपुर में दफनाया जाए। अंग्रेजों ने मना कर दिया। उसे फैजाबाद में दफनाया गया। आज भी उसकी मजार पर हिंदू-मुस्लिम दोनों चादर चढ़ाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">18 दिसंबर की रात जेलर आया। बोला, "बिस्मिल, कल सुबह छह बजे फाँसी है।" मैंने नहाया, नए कपड़े पहने, गीता का पाठ किया। अशफाक ने कुरान पढ़ी। रोशन सिंह ने गुरुवाणी गाई। रात को मैंने आखिरी शेर लिखा:  </div><div style="text-align:justify;">_"अगर एक झटके में कुर्बानी दे दूँ तो क्या है,  </div><div style="text-align:justify;">बार-बार मरूँ वतन पर यही आरजू है।"_  </div><div style="text-align:justify;">सुबह पाँच बजे दरवाजा खुला। मैं बाहर निकला। फाँसी का तख्ता तैयार था। जेलर ने पूछा, "आखिरी इच्छा?" मैंने कहा, "मेरे शरीर को तिरंगे में लपेट देना। और हाँ, मेरे मरने के बाद मेरी कविताएँ मत जलाना।" फंदा मेरे गले में डाला गया। मैंने ऊपर देखा। आसमान साफ था। और मेरे मुँह से निकला:  </div><div style="text-align:justify;">_"देश हित पैदा हुए हैं, देश पर मर जाएंगे।  </div><div style="text-align:justify;">मरते-मरते देश को ज़िंदा मगर कर जाएंगे।"_  </div><div style="text-align:justify;">धड़ाम की आवाज़ आई। और सब शांत हो गया। उसी दिन अशफाक, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी भी फाँसी पर चढ़े। चार नौजवान। चार धर्म। एक मकसद।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हमारी फाँसी ने हिंदुस्तान को झकझोर दिया। अखबारों में लिखा गया, "चार नौजवान, चार धर्म, एक मकसद"। हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बन गई हमारी फाँसी। काकोरी के बाद क्रांति की आग और भड़क गई। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु ने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाई। भगत सिंह कहते थे, "बिस्मिल का खून बेकार नहीं जाएगा।" उन्होंने "मेरा रंग दे बसंती चोला" को अपना नारा बनाया। लाहौर षड्यंत्र केस में फाँसी से पहले वही गीत गाया था। 1947 में जब आज़ादी मिली, तो नेहरू ने लाल किले से कहा था कि आज़ादी में उन अनाम शहीदों का खून शामिल है जिनके नाम इतिहास में नहीं लिखे गए। मेरा नाम लिखा गया। पर मैं अनाम रहना पसंद करता। क्योंकि क्रांति किसी एक नाम से नहीं होती।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आज 2025 है। हिंदुस्तान आज़ाद है। पर मैं देखता हूँ कि तुम लोग आपस में लड़ रहे हो। हिंदू-मुस्लिम, जाति-धर्म, भाषा-प्रांत। अशफाक और मैं अगर आज ज़िंदा होते, तो हमारा पहला काम ये होता कि तुम्हें समझाते। दुश्मन बाहर नहीं, अंदर है। नफरत ही असली अंग्रेज है। मेरी कविता याद रखो:  </div><div style="text-align:justify;">_"देश हित पैदा हुए हैं, देश पर मर जाएंगे।"_  </div><div style="text-align:justify;">देश हित मतलब सिर्फ सीमा पर लड़ना नहीं। देश हित मतलब भूखे को खाना खिलाना, बीमार का इलाज करना, लड़की को पढ़ाना। अगर तुम ऐसा करोगे, तो मेरी फाँसी बेकार नहीं जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">काकोरी कांड में हमने आठ हजार रुपये लूटे थे। पर जो हमने लूटा वो पैसा नहीं था। हमने अंग्रेजों का डर लूटा था। हमने नौजवानों का खौफ तोड़ा था। हमने साबित किया कि 20-25 साल के लड़के भी साम्राज्य को चुनौती दे सकते हैं। आज तुम मोबाइल चलाते हो, मैं कलम चलाता था। ज़माना बदला है, लेकिन दुश्मन वही है। अन्याय, गरीबी, नफरत। मेरी कलम अब तुम्हारे हाथ में है। लिखो। बोलो। लड़ो। लेकिन याद रखो, बंदूक से पहले दिल जीतना ज़रूरी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जेल में मैंने कई गीत लिखे। कुछ छपे, कुछ खो गए। "सरफरोशी की तमन्ना" तो तुम जानते ही हो। पर एक और गीत था जो मैं अक्सर गाता था:  </div><div style="text-align:justify;">_"वतन पर जो फिदा होगा,  </div><div style="text-align:justify;">अमर वो नौजवान होगा।  </div><div style="text-align:justify;">रहेगा याद दुनिया में,  </div><div style="text-align:justify;">वही बेनामो-निशान होगा।"_  </div><div style="text-align:justify;">मैं चाहता था कि नौजवान डरना छोड़ दे। मरना नहीं, जीना सीखे। पर ऐसे जीना जो गुलामी में न हो। भगत सिंह ने लिखा था कि वो मेरी कविताएँ पढ़कर ही क्रांतिकारी बना। अगर मेरी एक कविता ने भगत सिंह को बना दिया, तो मेरा जीवन सफल है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मैं रामप्रसाद बिस्मिल। शाहजहाँपुर का बेटा। हिंदुस्तान का दीवाना। 30 साल की उम्र में फाँसी पर चढ़ गया। पर मेरे शब्द आज भी ज़िंदा हैं। अगर तुम "सरफरोशी की तमन्ना" गुनगुनाओगे, तो मैं मरा नहीं कहलाऊँगा।  </div><div style="text-align:justify;">_"सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,  </div><div style="text-align:justify;">देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है।"_  </div><div style="text-align:justify;">मेरी कहानी खत्म हुई। अब तुम्हारी शुरू होती है। तुम क्या करोगे? क्या तुम भी देश के लिए कुछ करोगे? या सिर्फ इतिहास पढ़कर भूल जाओगे? फैसला तुम्हारा है।</div></div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180928/11th-june-is-the-birth-anniversary-of-pandit-ram-prasad</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180928/11th-june-is-the-birth-anniversary-of-pandit-ram-prasad</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:34:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260610-wa0050.jpg"                         length="62250"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वाधीनता संग्राम में अमर नाम है राम प्रसाद बिस्मिल का</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr"><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में वैचारिक चेतना और सशस्त्र क्रांति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है जिसने दमनकारी ब्रिटिश सत्ता की नींव हिलाकर रख दी थी। इस अद्वितीय संगम के सबसे प्रखर प्रतीक पुरुष थे अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल। वे केवल एक निर्भीक सेनानी ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेखक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुवादक और बहुभाषाविद भी थे। उनकी कलम से निकले शब्द जहाँ युवाओं के भीतर देशभक्ति की ज्वाला धधका देते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं उनके हाथों में थमी पिस्तौल विदेशी शासकों के मन में भय का संचार करती थी। कलम और पिस्तौल का</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180910/ram-prasad-bismils-immortal-name-in-the-freedom-struggle"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr"><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में वैचारिक चेतना और सशस्त्र क्रांति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है जिसने दमनकारी ब्रिटिश सत्ता की नींव हिलाकर रख दी थी। इस अद्वितीय संगम के सबसे प्रखर प्रतीक पुरुष थे अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल। वे केवल एक निर्भीक सेनानी ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेखक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुवादक और बहुभाषाविद भी थे। उनकी कलम से निकले शब्द जहाँ युवाओं के भीतर देशभक्ति की ज्वाला धधका देते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं उनके हाथों में थमी पिस्तौल विदेशी शासकों के मन में भय का संचार करती थी। कलम और पिस्तौल का ऐसा अद्भुत संतुलन इतिहास में विरला ही देखने को मिलता है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति हंसते-हंसते दे दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद का एक ऐसा अनुपम आदर्श स्थापित किया जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस महान क्रांतिकारी का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर नामक नगर में हुआ था। उनके पिता मुरलीधर एक साधारण और स्वाभिमानी व्यक्ति थे जबकि उनकी माता मूलमती धार्मिक और दृढ़ संकल्प वाली महिला थीं। बिस्मिल के व्यक्तित्व के निर्माण में उनकी माता का प्रभाव सबसे गहरा था जिन्होंने उन्हें सदा सत्य और देशप्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बचपन में उनकी शिक्षा-दीक्षा स्थानीय स्तर पर हुई जहाँ उन्होंने हिंदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उर्दू और संस्कृत भाषाओं का गहन अध्ययन किया। वे उर्दू में बिस्मिल उपनाम से कविताएँ लिखते थे जबकि हिंदी में राम और अज्ञात के नाम से उनकी रचनाएँ प्रकाशित होती थीं। किशोरावस्था में स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों और आर्य समाज के सिद्धांतों ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी जिससे उनके भीतर अनुशासन और राष्ट्र सेवा का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो गया।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश की पराधीनता और देशवासियों पर होने वाले अत्याचारों ने उन्हें सक्रिय क्रांति के मार्ग पर अग्रसर होने के लिए विवश कर दिया। वर्ष 1918 में उन्होंने मैनपुरी षड्यंत्र के माध्यम से ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी जहाँ उन्होंने युवाओं का एक दल बनाकर देशभक्ति साहित्य का वितरण किया। इसके बाद वे स्वतंत्रता आंदोलन को एक अधिक संगठित और राष्ट्रव्यापी रूप देने के प्रयास में जुट गए। इसी उद्देश्य से उन्होंने अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर हिंदुस्तान गणतंत्र संघ नामक एक शक्तिशाली क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की। इस संगठन का मुख्य लक्ष्य भारत को पूर्ण स्वतंत्रता दिलाना और एक लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना करना था। बिस्मिल इस संगठन के मुख्य रणनीतिकार और सेनापति थे। उनके नेतृत्व में चंद्रशेखर आज़ाद और अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ जैसे महान क्रांतिकारियों ने अपनी देशभक्ति का पाठ सीखा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्रांतिकारी गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने और अस्त्र-शस्त्र खरीदने के लिए धन की अत्यधिक आवश्यकता थी। विदेशी सरकार से धन मांगना असंभव था और देश की गरीब जनता को लूटना क्रांतिकारियों के सिद्धांतों के विरुद्ध था। इसलिए बिस्मिल ने अंग्रेजी सरकार का खजाना लूटने की एक अत्यंत साहसिक योजना बनाई। 9 अगस्त 1925 को उनके कुशल नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने लखनऊ के समीप काकोरी नामक स्थान पर सहारनपुर से लखनऊ जा रही एक यात्री रेलगाड़ी को रोककर सरकारी खजाने को अपने नियंत्रण में ले लिया। इस ऐतिहासिक घटना को काकोरी कांड के नाम से जाना जाता है। इस घटना ने ब्रिटिश साम्राज्य को भीतर तक झकझोर दिया और सरकार ने क्रांतिकारियों को पकड़ने के लिए अपनी पूरी शक्ति झोंक दी। व्यापक धरपकड़ के बाद बिस्मिल सहित कई प्रमुख क्रांतिकारियों को बंदी बना लिया गया।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कारागार की चारदीवारों के भीतर भी बिस्मिल का हौसला तनिक भी कम नहीं हुआ। उन्होंने बंदीगृह को ही अपनी साधना स्थली बना लिया और वहाँ रहते हुए प्रचुर मात्रा में उत्कृष्ट साहित्य की रचना की। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध आत्मकथा वहीं लिखी जो आज भी भारतीय क्रांतिकारी साहित्य का एक अनमोल रत्न मानी जाती है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई विदेशी क्रांतिकारी ग्रंथों का हिंदी में अनुवाद किया और अनेक प्रेरणादायक गीतों की रचना की। कारागार में रहते हुए उन्होंने अपने देशवासियों और विशेष रूप से युवाओं के नाम कई संदेश भेजे जिसमें उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने पर बल दिया। उनके विचार अत्यंत दूरदर्शी थे जो केवल अंग्रेजों को भगाने तक सीमित नहीं थे बल्कि वे एक शोषणमुक्त समाज का निर्माण करना चाहते थे।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटिश अदालत ने काकोरी घटना का मुख्य सूत्रधार मानते हुए राम प्रसाद बिस्मिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई। 19 दिसंबर 1927 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर कारागार में उन्हें फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। फांसी के चबूतरे की ओर बढ़ते हुए उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था बल्कि एक अलौकिक तेज था। उन्होंने हंसते हुए फंदे को चूमा और अपनी मातृभूमि की वंदना करते हुए प्राण त्याग दिए। उनकी अंतिम इच्छा यही थी कि वे बार-बार भारत भूमि पर जन्म लें और तब तक देश की सेवा करते रहें जब तक कि वह पूरी तरह से स्वतंत्र न हो जाए। उनका यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं गया और इसने पूरे देश में क्रांति की एक ऐसी लहर पैदा कर दी जिसने अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत को औपनिवेशिक दासता से मुक्ति दिलाई।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम प्रसाद बिस्मिल का जीवन और उनका कृतित्व इस बात का साक्षात प्रमाण है कि एक सच्चा देशभक्त केवल अस्त्रों से ही नहीं बल्कि अपने विचारों और नैतिक मूल्यों से भी लड़ता है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। आज भले ही वे हमारे बीच भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हैं लेकिन उनकी कविताएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके विचार और उनका अदम्य साहस हर भारतीय के हृदय में सदैव जीवित रहेगा। राष्ट्र निर्माण और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए उनका जीवन सदैव एक मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ की भांति हमें प्रेरणा देता रहेगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180910/ram-prasad-bismils-immortal-name-in-the-freedom-struggle</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180910/ram-prasad-bismils-immortal-name-in-the-freedom-struggle</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:31:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas1.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>बार एसोसिएशन तिलहर ने राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी जीत सिंह राय को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बार एसोसिएशन के महासचिव राहुल देव सागर एडवोकेट द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 17 मई 2026 को लखनऊ में अधिवक्ता साथियों पर नागरिक सुरक्षा पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और उनके चैंबरों में तोड़फोड़ की गई, जिसकी बार एसोसिएशन तिलहर कड़ी निंदा करती है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्दोष वकीलों पर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179546/bar-association-submitted-memorandum-against-lathi-charge-on-lawyers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260519-wa0077.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>बार एसोसिएशन तिलहर ने राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी जीत सिंह राय को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बार एसोसिएशन के महासचिव राहुल देव सागर एडवोकेट द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 17 मई 2026 को लखनऊ में अधिवक्ता साथियों पर नागरिक सुरक्षा पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और उनके चैंबरों में तोड़फोड़ की गई, जिसकी बार एसोसिएशन तिलहर कड़ी निंदा करती है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्दोष वकीलों पर रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई कि अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं तथा क्षतिग्रस्त चैंबरों के पुनर्निर्माण की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू करने की भी मांग उठाई गई। बार पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके सम्मान व सुरक्षा की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान बार एसोसिएशन के कई अधिवक्ता मौजूद रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179546/bar-association-submitted-memorandum-against-lathi-charge-on-lawyers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179546/bar-association-submitted-memorandum-against-lathi-charge-on-lawyers</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 18:45:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260519-wa0077.jpg"                         length="152343"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो माह से मानदेय न मिलने पर संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएचसी परिसर में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के तहत सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी सीएचसी परिसर में एकत्र हुए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार और मंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260519-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएचसी परिसर में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के तहत सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी सीएचसी परिसर में एकत्र हुए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार और मंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट गहरा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि लगातार स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान डॉ. अभिषेक जौहरी, प्रियंका यादव, संगीता, शिवानी, मीनू समेत बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 18:15:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260519-wa0057.jpg"                         length="374849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>19 मई से हटेगा नगर का अतिक्रमण- एसडीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुरेंद्र सिंघल,तिलहर।</strong> नगर पालिका सभागार में मंगलवार को एसडीएम जीत सिंह राय और पुलिस क्षेत्राधिकारी ज्योति यादव की अध्यक्षता में व्यापारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर की यातायात व्यवस्था, जलभराव और अतिक्रमण के मुद्दों पर चर्चा की गई। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर पालिका सभागार में आयोजित व्यापारियों की बैठक में एसडीएम जीत सिंह राय ने व्यापारियों द्वारा लगातार किए जा रहे अतिक्रमण पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 19 मई से नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। व्यापारियों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर प्रशासन कार्रवाई करने को बाध्य होगा।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179045/city-encroachment-will-be-removed-from-may-19-sdm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/fb_img_1778577409864.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुरेंद्र सिंघल,तिलहर।</strong> नगर पालिका सभागार में मंगलवार को एसडीएम जीत सिंह राय और पुलिस क्षेत्राधिकारी ज्योति यादव की अध्यक्षता में व्यापारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर की यातायात व्यवस्था, जलभराव और अतिक्रमण के मुद्दों पर चर्चा की गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर पालिका सभागार में आयोजित व्यापारियों की बैठक में एसडीएम जीत सिंह राय ने व्यापारियों द्वारा लगातार किए जा रहे अतिक्रमण पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 19 मई से नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। व्यापारियों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर प्रशासन कार्रवाई करने को बाध्य होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारी नेता सौरभ गुप्ता रवि ने नगर में ई-रिक्शाओं के कारण लगने वाले जाम की समस्या उठाई।  पड़ रही है। इस पर सीओ ज्योति यादव ने पुलिस के माध्यम से नगर का रूट चार्ट तैयार कर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। व्यापारियों ने </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक नगर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद रखे जाने का प्रस्ताव रखा, ताकि बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या कम हो सके। अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। व्यापार मंडल अध्यक्ष हितेश गुप्ता ने नगर में नालों और नालियों की सफाई न होने से हल्की बारिश में जलभराव की समस्या कही। उन्होंने कहा कि सड़कों पर गंदा पानी भरने से व्यापार और आवागमन प्रभावित होता है। इस पर अधिशासी अधिकारी सत्येंद्र प्रकाश ने कहा कि 15 मई से सभी नालों और नालियों की विशेष सफाई अभियान चलाकर सफाई कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मानसून से पहले सफाई कार्य पूरा करा दिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में अधिशासी अधिकारी सत्येंद्र प्रकाश अवर अभियंता निर्माण पीयूष मिश्रा, व्यापारी नेता प्रदीप गुप्ता, सभासद अभिषेक सिंह, सुनील गुप्ता सहित तमाम व्यापारी  मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179045/city-encroachment-will-be-removed-from-may-19-sdm</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179045/city-encroachment-will-be-removed-from-may-19-sdm</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:23:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/fb_img_1778577409864.jpg"                         length="134696"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 मिनट की बारिश में डूबी सड़कें, नगर पालिका के सफाई दावों की खुली पोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)।</strong> मंगलवार को हुई महज 15 मिनट की बारिश ने नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। हल्की बारिश के बाद ही नगर के कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। चोक पड़े नाले और नालियों के चलते गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर के मुख्य बाजार, बिरियागंज, स्टेशन रोड, बहादुरगंज, निजामगंज और दातागंज समेत कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। जलभराव के कारण राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा। कई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179038/roads-submerged-in-15-minutes-of-rain-exposes-municipalitys-cleanliness"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0038.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)।</strong> मंगलवार को हुई महज 15 मिनट की बारिश ने नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। हल्की बारिश के बाद ही नगर के कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। चोक पड़े नाले और नालियों के चलते गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर के मुख्य बाजार, बिरियागंज, स्टेशन रोड, बहादुरगंज, निजामगंज और दातागंज समेत कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। जलभराव के कारण राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा। कई दुकानों के सामने पानी भर जाने से व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारियों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से समय-समय पर नालों और नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। लोगों ने आरोप लगाया कि बरसात से पहले नालों की सिल्ट सफाई नहीं कराई गई, जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी और गंदा पानी सड़कों पर फैल गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के दौरान सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। कई स्थानों पर बाइक सवार फिसलते नजर आए, जबकि पैदल चलने वालों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश कुछ देर और जारी रहती तो हालात और बिगड़ सकते थे। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल नालों और नालियों की सफाई कराने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगरवासियों का आरोप है कि हर वर्ष सफाई व्यवस्था और जलनिकासी के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं देता। पहली ही बारिश में नगर की बदहाल व्यवस्था सामने आ जाना नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179038/roads-submerged-in-15-minutes-of-rain-exposes-municipalitys-cleanliness</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179038/roads-submerged-in-15-minutes-of-rain-exposes-municipalitys-cleanliness</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:02:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0038.jpg"                         length="272331"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईवे पर हादसा, टक्कर लगते ही रेलिंग पर चढ़ी कार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पीछे से तेज रफ्तार वाहन की टक्कर लगने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग पर चढ़ गई। हादसे में चालक सुरक्षित बच गया, जबकि कार क्षतिग्रस्त हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मोहल्ला मौजमपुर निवासी प्रमोद सिंह कार से शाहजहांपुर की ओर से बरेली जा रहे थे। बताया गया कि जैसे ही वह मंडी समिति गेट के सामने पहुंचे, तभी पीछे से आए किसी अज्ञात वाहन ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। अचानक हुई टक्कर से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह हाईवे पर लगी रेलिंग पर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179034/accident-on-the-highway-the-car-ran-over-the-guardrail"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0031.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पीछे से तेज रफ्तार वाहन की टक्कर लगने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग पर चढ़ गई। हादसे में चालक सुरक्षित बच गया, जबकि कार क्षतिग्रस्त हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहल्ला मौजमपुर निवासी प्रमोद सिंह कार से शाहजहांपुर की ओर से बरेली जा रहे थे। बताया गया कि जैसे ही वह मंडी समिति गेट के सामने पहुंचे, तभी पीछे से आए किसी अज्ञात वाहन ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। अचानक हुई टक्कर से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह हाईवे पर लगी रेलिंग पर चढ़ गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत चालक को कार से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क किनारे कराया। हादसे के चलते कुछ देर तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि चालक को गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179034/accident-on-the-highway-the-car-ran-over-the-guardrail</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179034/accident-on-the-highway-the-car-ran-over-the-guardrail</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:56:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0031.jpg"                         length="143573"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंधी-बारिश से मौसम हुआ सुहाना, चार घंटे गुल रही बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)।</strong> मंगलवार दोपहर अचानक आए तेज आंधी और बारिश से मौसम खुशगवार हो गया। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दोपहर करीब एक बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ देर की बारिश से ही सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आंधी के दौरान नगर के पूर्वी तिराहे के पास बिजली का खंभा टूट गया, जिससे मौजमपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। अचानक बिजली</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179032/weather-became-pleasant-due-to-storm-and-rain-power-cut"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0061.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)।</strong> मंगलवार दोपहर अचानक आए तेज आंधी और बारिश से मौसम खुशगवार हो गया। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दोपहर करीब एक बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ देर की बारिश से ही सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आंधी के दौरान नगर के पूर्वी तिराहे के पास बिजली का खंभा टूट गया, जिससे मौजमपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। अचानक बिजली गुल होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टूटे खंभे को बदलने का कार्य शुरू किया। कर्मचारियों ने देर शाम तक मरम्मत कार्य कर आपूर्ति बहाल की। बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। नगरवासियों का कहना था कि हल्की आंधी और बारिश में भी बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। लोगों ने विद्युत विभाग से जर्जर खंभों और तारों को जल्द बदलवाने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में परेशानी न उठानी पड़े।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179032/weather-became-pleasant-due-to-storm-and-rain-power-cut</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179032/weather-became-pleasant-due-to-storm-and-rain-power-cut</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:46:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0061.jpg"                         length="203378"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहजहांपुर में गहरे नाले में डूबकर कावंड़िया की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो</strong></p>
<p class="MsoNormal"><strong>शाहजहांपुर </strong>-<strong> सड़क किनारे बैठे कावंड़िया की गहरे नाले में गिरने से डूबकर मौत हो गयी।सूचना के बाद मौके पर पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी पहुँचे। फायर बिग्रेड की टीम व जेसीबी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कावंड़िया के शव को नाले से बाहर निकाला जा सका।जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।</strong></p>
<p class="MsoNormal"><strong>नगर निगम की घोर लापरवाही के चलते कावंड़ियों के मुख्य मार्ग के किनारे कई फ़ीट गहरे नालों पर सुरक्षा की दृष्टि से कोई इंतेजाम नही किये गए जिस कारण कई फ़ीट गहरे नाले खुले पड़े हैं ।यूपी सीएम</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो</strong></p>
<p class="MsoNormal"><strong>शाहजहांपुर </strong>-<strong> सड़क किनारे बैठे कावंड़िया की गहरे नाले में गिरने से डूबकर मौत हो गयी।सूचना के बाद मौके पर पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी पहुँचे। फायर बिग्रेड की टीम व जेसीबी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कावंड़िया के शव को नाले से बाहर निकाला जा सका।जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।</strong></p>
<p class="MsoNormal"><strong>नगर निगम की घोर लापरवाही के चलते कावंड़ियों के मुख्य मार्ग के किनारे कई फ़ीट गहरे नालों पर सुरक्षा की दृष्टि से कोई इंतेजाम नही किये गए जिस कारण कई फ़ीट गहरे नाले खुले पड़े हैं ।यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाबजूद भी कावंड़ियों के मार्ग पर नगर निगम की तरफ से गहरे गहरे नालों को खुला रखा गया। नगर निगम की लापरवाही के कारण आज एक काम बढ़िया मौत के मुंह में समा गया।घटना शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र के बरेली मोड़ की है</strong></p>
<p class="MsoNormal"><strong>।मृतक कावंड़िया जीतू फर्रूखाबाद जिले का रहने वाला था जो गोला में कांवर चढाकर ट्रैक्टर ट्रॉली से वापस अपने घर लौट रहा था तभी साउथ सिटी के बाहर बने नगर निगम के गहरे नाले में डूब गया। जब उसके साथी ने उसे बचाना चाहा तो साथी भी नाले में डूबने लगा। इसके बाद जेसीबी मशीन और रस्सी के सहारे से कड़ी मशक्कत के बाद बमुश्किल कांवडिए  के शव को नाले से बाहर निकाला गया। बहरहाल नगर निगम की बड़ी लापरवाही सांमने आयी है जिसके बाद अब देखना होगा कि नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों पर योगी सरकार क्या कार्यवाही करती है </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133841/kavandia-died-by-drowning-in-a-deep-drain-in-shahjahanpur</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133841/kavandia-died-by-drowning-in-a-deep-drain-in-shahjahanpur</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Aug 2023 15:11:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दबंगों द्वारा घर में घुसकर महिला से की छेड़छाड़ पुलिस अधीक्षक से की शिकायत।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर, अरविंद त्रिपाठी।</strong></p>
<p>थाना पुवाया के गांव खेरिया निवासी युवती ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर गांव के दबंगों द्वारा घर में घुसकर छेड़खानी किए जाने एवं लाठी-डंडों से पिटाई किए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।</p>
<p>पीड़ित गांव के फरमान पुत्र तामीन,अरबाज पुत्र रहमान, तामीन पुत्र नबीउल्लाह, पर छेड़खानी किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है पीड़िता ने बताया दबंगों द्वारा परिवार वालों को लॉटरी डंडे से मारा पीटा।</p>
<p>जिसमें मां एवं बहन के काफी छोटे आई तथा लहूलुहान हो गई उन्होंने बताया दबंगों द्वारा लगातार जान से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133278/complaint-to-the-superintendent-of-police-for-molesting-a-woman"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/screenshot_2023_0807_130853.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर, अरविंद त्रिपाठी।</strong></p>
<p>थाना पुवाया के गांव खेरिया निवासी युवती ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर गांव के दबंगों द्वारा घर में घुसकर छेड़खानी किए जाने एवं लाठी-डंडों से पिटाई किए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।</p>
<p>पीड़ित गांव के फरमान पुत्र तामीन,अरबाज पुत्र रहमान, तामीन पुत्र नबीउल्लाह, पर छेड़खानी किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है पीड़िता ने बताया दबंगों द्वारा परिवार वालों को लॉटरी डंडे से मारा पीटा।</p>
<p>जिसमें मां एवं बहन के काफी छोटे आई तथा लहूलुहान हो गई उन्होंने बताया दबंगों द्वारा लगातार जान से मार डालने की धमकी भी दी जा रही है पीड़िता ने थाने पर जब तहरीर दी तो पुलिस द्वारा छेड़खानी की रिपोर्ट ना लिखकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल नामजद आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133278/complaint-to-the-superintendent-of-police-for-molesting-a-woman</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133278/complaint-to-the-superintendent-of-police-for-molesting-a-woman</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 23:18:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/screenshot_2023_0807_130853.jpg"                         length="104378"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        