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                <title>IAS Success Story of Ankita Chaudhary - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>IAS Success Story of Ankita Chaudhary RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165769/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:16:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p><p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p><p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162487/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p><p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p><p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p><p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p><p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p><p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p><p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p><p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p><p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p><p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p><p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 11:47:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161603/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 22:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: मां की मौत के सदमे को बनाया ताकत, हरियाणा की बेटी बनीं देश की टॉप IAS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहा जाता है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मुश्किल मंजिल को पाने से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है IAS अंकिता चौधरी ने। जिनकी जिंदगी में एक समय ऐसा मोड़ आया जब उनका सब कुछ टूटने के कगार पर था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने हौसलों को अपना हथियार बनाया और देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास कर IAS अधिकारी बनीं।</p>
<p>अंकिता चौधरी हरियाणा की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में शुरू से ही होशियार रहीं अंकिता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160496/ias-success-story-haryanas-daughter-turns-the-shock-of-mothers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/56c6cd944c07f969cdebe06466214d14.webp" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहा जाता है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मुश्किल मंजिल को पाने से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है IAS अंकिता चौधरी ने। जिनकी जिंदगी में एक समय ऐसा मोड़ आया जब उनका सब कुछ टूटने के कगार पर था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने हौसलों को अपना हथियार बनाया और देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास कर IAS अधिकारी बनीं।</p>
<p>अंकिता चौधरी हरियाणा की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में शुरू से ही होशियार रहीं अंकिता का सपना था कि वे एक दिन IAS अफसर बनें और देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने तुरंत UPSC की तैयारी शुरू कर दी। IAS Success Story</p>
<p>साल 2017 में अंकिता अपना पहला अटेंप्ट देने वाली थीं, लेकिन उसी साल उनकी जिंदगी में एक बहुत बड़ा दुख आ गया। उनकी मां का निधन हो गया, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत थीं। इस गहरे सदमे के चलते न केवल अंकिता का पहला UPSC अटेंप्ट असफल रहा, बल्कि वे मानसिक रूप से भी काफी कमजोर हो गईं। लेकिन उनके पिता ने उस कठिन समय में उनका पूरा साथ दिया और उन्हें बार-बार यह याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि वे IAS बनें। IAS Success Story</p>
<p>अपने पिता की बातों और मां के सपने को पूरा करने के संकल्प ने अंकिता को फिर से खड़ा कर दिया। उन्होंने एक साल तक खुद को पूरी तरह से तैयारी में झोंक दिया और साल 2018 में UPSC की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की। यह सिर्फ एक परीक्षा पास करना नहीं था, यह एक टूटे हुए सपने को दोबारा संजोने और उसे हकीकत में बदलने का प्रतीक था। IAS Success Story</p>
<p>आज अंकिता चौधरी IAS अधिकारी हैं और गुरुग्राम नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात हैं। वे ना सिर्फ अपने परिवार के लिए बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो जीवन की कठिनाइयों से हार मान लेते हैं। IAS Success Story</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160496/ias-success-story-haryanas-daughter-turns-the-shock-of-mothers</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 13:27:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160367/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 18:45:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159460/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159460/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 15:38:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159024/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/news---2025-11-05t133028.927.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 13:30:55 +0530</pubDate>
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