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                <title>वन माफिया - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>वन माफिया RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मरहा-करचौलिया में सागौन के पेड़ों की हुई थी अवैध कटान, 10 दिन बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती सदर वन रेंज बस्ती सदर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मरहा-करचौलिया के बीच 10 दिन पहले भारी संख्या में सागौन के पेड़ों की कटान हुई थी लेकिन हल्का वन दरोगा और चौकी प्रभारी फुटहिया की मिलीभगत से कार्रवाई पूरी तरह ठप्प है। मरहा-करचौलिया में बिना परमिट की सागौन के पेड़ों की भारी कटान हुई थी । वन विभाग बस्ती सदर को अवैध पेड़ों के कटान की सूचना दी गई थी । वन रेंज बस्ती सदर के हल्का वन दरोगा अभिलाष ने जांच-कार्रवाई के नाम पर बड़ा खेल दिया हैं ।सूत्रों के अनुसार मरहा - फुटहिया में अवैध हो रहे</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178858/there-was-illegal-felling-of-teak-trees-in-marha-karchaulia-no"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa0040.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती सदर वन रेंज बस्ती सदर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मरहा-करचौलिया के बीच 10 दिन पहले भारी संख्या में सागौन के पेड़ों की कटान हुई थी लेकिन हल्का वन दरोगा और चौकी प्रभारी फुटहिया की मिलीभगत से कार्रवाई पूरी तरह ठप्प है। मरहा-करचौलिया में बिना परमिट की सागौन के पेड़ों की भारी कटान हुई थी । वन विभाग बस्ती सदर को अवैध पेड़ों के कटान की सूचना दी गई थी । वन रेंज बस्ती सदर के हल्का वन दरोगा अभिलाष ने जांच-कार्रवाई के नाम पर बड़ा खेल दिया हैं ।सूत्रों के अनुसार मरहा - फुटहिया में अवैध हो रहे कटान के समय चौकी प्रभारी फुटहिया मौके पर पहुंचे थे लेकिन लकड़ी ठेकेदार से लेन-देन कर चौकी प्रभारी ने मामले को रफा-दफा कर दिया था । अर्थात् 10 दिन बीतने के बाद भी न तो वन विभाग ने कार्रवाई की, न ही नगर पुलिस ने कार्यवाही की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हल्का वन दरोगा अभिलाष पहले भी हरे पेड़ों की कटान मामले में जांच के नाम पर लीपापोती कर चुके हैं ठीक उसी तरीके से मरहा करचौलिया गांव में उल्टा सीधा रिपोर्ट लगाकर मामले को खत्म करने का प्रयास जारी हैं । बड़ा सवाल यह है कि जब वन विभाग और पुलिस दोनों की मिलीभगत होगी तो हरे पेड़ों की कटान कैसे रुकेगी?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      सागौन प्रतिबंधित प्रजाति का पेड़ है। बिना परमिट कटान पर प्रति पेड़ ₹10 हजार जुर्माना और जेल का प्रावधान है। भारी संख्या में कटान मतलब लाखों का नुकसान सरकारी खजाने को हुआ है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब देखना यह है कि मरहा करचौलिया में बड़े पैमाने पर कटे हरे सागौन के पेड़ मामले में लापरवाही बरतने वाले हल्का वन दरोगा अभिलाष के खिलाफ तेज तर्रार डीएफओ द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है ?</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:25:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफिया का कहर: प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई पर भी नहीं जागा प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[<h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45.jpeg" alt=""></a><br /><h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है, लेकिन वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45-(1).jpeg" alt="सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप" width="1280" height="800"></img></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटाई की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और वे इसे प्रशासनिक संरक्षण में हो रही अवैध कटाई बता रहे हैं।</p>
<p>क्षेत्र में चर्चा है कि लकड़ी माफिया सरकारी संपत्ति को ठिकाने लगाकर पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।</p>
<p>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक की जाएगी।</p>
<p>इस संबंध में क्षेत्रीय रेंजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 17:54:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफिया द्वारा काटे गए प्रतिबंधित पेड़ों की जांच करने पहुंची महिला वनरक्षक की आंखों पर लगा नोटों का काला चश्मा नहीं दिखाई दे रहे कटे हुए पेड़ों के अवशेष ठूठ</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>बाराबंकी</strong>
<div>  </div>
<div>वन माफिया द्वारा बीते 7 जून को क्षेत्रीय वनरक्षक महिला कर्मचारी तथा कोठी पुलिस से सांठगांठ कर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर की बरदही बाजार में वन माफिया छोटू के द्वारा प्रतिबंधित चार पैड काटे गए थे ।</div>
<div>  </div>
<div>प्रतिबंधित पेड़ों की शिकायत वन क्षेत्राधिकारी हरख को दी गई त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग के कर्मचारी पेड़ों कीजांच करने पहुंचे परंतु उनके पहुंचने से पहले ही वन माफिया को विभाग द्वारा सूचना मिलते ही समस्त लकड़ी को लेकर वह रफूचक्कर हो गया लेकिन जाते-जाते उसने साक्ष्य के रूप में एक बेटा छोड़ दियाऔर वही वन माफिया से सांठगांठ किए हुए कर्मचारी</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130410/the-black-glasses-of-the-notes-on-the-eyes-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/img-20230608-wa0146.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>बाराबंकी</strong>
<div> </div>
<div>वन माफिया द्वारा बीते 7 जून को क्षेत्रीय वनरक्षक महिला कर्मचारी तथा कोठी पुलिस से सांठगांठ कर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर की बरदही बाजार में वन माफिया छोटू के द्वारा प्रतिबंधित चार पैड काटे गए थे ।</div>
<div> </div>
<div>प्रतिबंधित पेड़ों की शिकायत वन क्षेत्राधिकारी हरख को दी गई त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग के कर्मचारी पेड़ों कीजांच करने पहुंचे परंतु उनके पहुंचने से पहले ही वन माफिया को विभाग द्वारा सूचना मिलते ही समस्त लकड़ी को लेकर वह रफूचक्कर हो गया लेकिन जाते-जाते उसने साक्ष्य के रूप में एक बेटा छोड़ दियाऔर वही वन माफिया से सांठगांठ किए हुए कर्मचारी द्वारा उसे रात को ही सूचित करते हुए पेड़ों के अवशेष ठूठों को ठिकाने लगाने का उपाय भी बताया गया और उस वर माफिया के द्वारा रात में ही कुछ ठूठों को खुदवा दिया गया L</div>
<div> </div>
<div>जिसकी जांच करने पहुंची आज महिला वनरक्षक जिनकी आंखों पर नोटों का काला चश्मा लगा होने के कारण उन्हें उस बाग में कोई भी कटे हुए पेड़ का अवशेष ठूठ नहीं दिखाई दियावन क्षेत्राधिकारी को भी गुमराह करने जैसी भ्रमित सूचना दी गई जिससे उसकाली कमाई के स्रोत वन माफिया को विभागीय कार्यवाही से बचाया जा सके जिससे ऐसा लग रहा कि यहां पर कोई कटान हुआ ही नहीं है अब देखने वाली बात यह होगी कि वन क्षेत्राधिकारी अवैध कटान को लेकर किसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं या फिर यूं ही लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा L</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jun 2023 15:30:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफिया बेख़ौफ़ पेड़ो की कटान कर धड़ल्ले से ट्रालियों से लकड़ियों को ठिकाने लगाने में जुटे</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात -   </strong></div>
<div>  </div>
<div>मसौली बाराबंकी- शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी प्रतिबंधित पेड़ो की कटान पर अंकुश नही लग पा रहा है। वन माफिया बेख़ौफ़ पेड़ो की कटान कर धड़ल्ले से ट्रालियों से लकड़ियों को ठिकाने लगाने में जुटे रहते है। पुलिस एव वन विभाग प्रतिबंधित पेड़ो की कटान से पूरी तरह अंजान बना हुआ है।</div>
<div>  </div>
<div>प्रतिबंधित लकड़ियों से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां बेख़ौफ़ हॉइवे पर रन करती रहती है जिन्हें कोई रोकने टोकने वाला नही होता है। जाहिर है तमाम प्रयासों के बाद भी क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे पेड़ो की कटान पर रोक नही लग पा रही हैं।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128576/forest-mafia-fearlessly-felling-trees-and-engaged-in-hauling-wood"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/hindi-divas13.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात -   </strong></div>
<div> </div>
<div>मसौली बाराबंकी- शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी प्रतिबंधित पेड़ो की कटान पर अंकुश नही लग पा रहा है। वन माफिया बेख़ौफ़ पेड़ो की कटान कर धड़ल्ले से ट्रालियों से लकड़ियों को ठिकाने लगाने में जुटे रहते है। पुलिस एव वन विभाग प्रतिबंधित पेड़ो की कटान से पूरी तरह अंजान बना हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>प्रतिबंधित लकड़ियों से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां बेख़ौफ़ हॉइवे पर रन करती रहती है जिन्हें कोई रोकने टोकने वाला नही होता है। जाहिर है तमाम प्रयासों के बाद भी क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे पेड़ो की कटान पर रोक नही लग पा रही हैं। सफदरगंज थाना क्षेत्र में वर्तमान समय में हरे भरे पेड़ो पर खुलेआम आरा चल रहे है।</div>
<div> </div>
<div>बीते 5 अप्रैल को ग्राम सदेवा स्थित पक्के नाले के निकट रामप्रकाश ,  रामकुमार, राजेन्द्र एव नरेंद्र वर्मा के खेत मे लगे आठ हरेभरे गूलर के पेड़ों को काटकर गायब कर दिया गया है तथा जड़े आज भी लगी हुई है। वन विभाग को जानकारी देने पर पहुँचे वन विभाग के कर्मचारियों ने सात पेड़ो की पुष्टि करते हुए वन माफियाओं पर कार्यवाही की है। इसी तरह ग्राम तुरकानी में दरोगा रावत के खेत मे तीन बड़े शीशम के पेड़ों को बगैर परमिट के काट कर गायब कर दिया वन माफिया यही नही रुके ग्राम बिरौली में बौर से लदे तीन आम के पेड़ों को काटकर गायब कर दिया उक्त पेड़ कैलाशपुरी आश्रम के पेड़ है।</div>
<div> </div>
<div>जबकि आम के पेड़ों में बौर आने के बाद परमिशन नही मिलता है लेकिन वन माफियाओं एव वन विभाग व पुलिस की सांठगांठ से खुलेआम आरा चलने पर अंकुश नही लग पा रहा है। बहरहाल वर्तमान समय में पेड़ो पर जिस तरह आरा चल रहा है उससे स्वस्छ पर्यावरण का सपना पूरा होना सम्भव नही दिखाई दे रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Apr 2023 18:40:23 +0530</pubDate>
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