<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/35012/pcpndt-act" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>PCPNDT Act - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/35012/rss</link>
                <description>PCPNDT Act RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी केस में हाईकोर्ट से पत्रकारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/476977-madhya-pradesh-high-court-gwalior-bench.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान तैयार किए गए वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही राज्य एवं केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके थे। अदालत ने प्रथम दृष्टया इसी तथ्य को राहत दिए जाने का महत्वपूर्ण आधार माना।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एफआईआर से पहले अधिकारियों को भेजे गए थे वीडियो</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 जुलाई को पारित आदेश में हाईकोर्ट ने उल्लेख किया कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि 6 अप्रैल 2026 को स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा देवास के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को भेजे गए थे। इसके अतिरिक्त 6 और 7 अप्रैल को भी संबंधित अधिकारियों को वीडियो उपलब्ध कराए गए। इसके बाद 7 अप्रैल को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विनय अरोड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की। इससे पहले पत्रकार रजनी को जमानत देते समय भी न्यायालय ने इसी प्रकार की परिस्थितियों का उल्लेख किया था।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवास के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार विनय अरोड़ा, रजनी और अन्य लोगों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर शिकायतकर्ता से रंगदारी वसूलने और दबाव बनाने का प्रयास किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) एवं 308(6) (रंगदारी), धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) तथा धारा 3(5) (समान उद्देश्य) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>पत्रकारों का पक्ष</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पत्रकारों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश्य समाज में चल रही कथित अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश करना था। उनके अनुसार, स्टिंग के दौरान <strong>पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994</strong> तथा <strong>मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम, 1971</strong> के उल्लंघन से जुड़े कथित अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण, गैरकानूनी गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के मामलों का खुलासा किया गया था।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही संबंधित सरकारी अधिकारियों को सौंप दिए गए थे। ऐसे में रंगदारी के आरोप निराधार हैं और यह कार्रवाई कथित अवैध गतिविधियों के खुलासे के बाद प्रतिशोध स्वरूप की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>राज्य सरकार ने जताया विरोध</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। सरकारी पक्ष का तर्क था कि पत्रकारों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने के लिए किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों पत्रकारों को कानून के अनुरूप राहत प्रदान की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जमानत की शर्तें</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने अपने 2 जुलाई के आदेश में निर्देश दिया कि यदि विनय अरोड़ा को इस मामले में गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के एक सक्षम जमानतदार पर रिहा किया जाए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, 25 जून को पारित आदेश में पत्रकार रजनी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके एवं एक सक्षम जमानतदार पर नियमित जमानत देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही उन्हें ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से उपस्थित रहने की शर्त का पालन करने को कहा गया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष</strong></h3><p style="text-align:justify;">मामले में पत्रकारों की ओर से अधिवक्ता <strong>अमन मालवीय</strong> ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता <strong>सुरेंद्र सिंह अलावा</strong> एवं <strong>हेमंत शर्मा</strong> ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा। अब मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:04:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/476977-madhya-pradesh-high-court-gwalior-bench.jpg"                         length="634769"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी एक्ट की जिला सलाहकार समिति की बैठक संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में  कलेक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) एक्ट के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों से प्राप्त पंजीकरण, नवीनीकरण, चिकित्सक परिवर्तन, पंजीकरण निरस्तीकरण, स्थान परिवर्तन एवं मशीन अपडेशन से संबंधित कुल 22 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान हुई चर्चा में 19 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 3 प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त पंजीकरण, नवीनीकरण, चिकित्सक परिवर्तन एवं स्थान परिवर्तन से जुड़े 7 नए प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 6 प्रस्ताव स्वीकृत हुए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158530/%C2%A0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%A8%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में  कलेक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) एक्ट के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों से प्राप्त पंजीकरण, नवीनीकरण, चिकित्सक परिवर्तन, पंजीकरण निरस्तीकरण, स्थान परिवर्तन एवं मशीन अपडेशन से संबंधित कुल 22 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान हुई चर्चा में 19 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 3 प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त पंजीकरण, नवीनीकरण, चिकित्सक परिवर्तन एवं स्थान परिवर्तन से जुड़े 7 नए प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 6 प्रस्ताव स्वीकृत हुए तथा 1 प्रस्ताव में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण संचालक को एक अवसर और देते हुए अगली बैठक में डॉक्टर सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में 04 केंद्र सील किए गए थे, जिन पर आज सुनवाई की गई। इनमें से 01 केंद्र को स्वीकृति दी गई, जबकि शेष 03 केंद्रों के चिकित्सक उपस्थित न होने के कारण उन्हें एक अंतिम अवसर देते हुए अगली बैठक में चिकित्सक सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक केंद्र पर एक सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिसमें डॉक्टर का नाम, योग्यता, फोटो, जांच का विवरण, रजिस्ट्रेशन नंबर, वैधता अवधि एवं बैठने का समय स्पष्ट रूप से अंकित हो।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय तथा मरीजों के बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि केंद्र संचालक इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिस डॉक्टर द्वारा जिस प्रकार की जांच के लिए सहमति दी गई है, उसी तक सीमित रहें। यदि किसी केंद्र पर स्वीकृत जांच से अतिरिक्त जांच की जाती है, तो संबंधित संचालक एवं चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित चिकित्सक अपने निर्धारित समय पर केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार संचालित की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी केंद्र संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुराने पंजीकरण की अवधि समाप्त होने से कम-से-कम तीन माह पूर्व नए पंजीकरण के लिए आवेदन अवश्य करें, ताकि केंद्र संचालन में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रजिस्ट्रेशन समाप्त होने के उपरांत कोई भी केंद्र संचालित नहीं होना चाहिए, अन्यथा संबंधित संचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद, सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158530/%C2%A0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%A8%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/158530/%C2%A0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%A8%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 15:46:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/2.jpg"                         length="123034"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        