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                <title>Farming News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Farming News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मक्के के खेत में दौड़ा करंट बना काल, चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बहरिया (प्रयागराज)।</strong>  बहरिया थाना क्षेत्र के खालसा गांव में बुधवार शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। मक्के के खेत की सुरक्षा के लिए कथित रूप से दौड़ाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मृतकों की पहचान अर्पित (14 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र कुमार तथा कमलेश कुमार (29 वर्ष) पुत्र सीताराम के रूप में हुई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182992/6a4e76c6158aa"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260708-wa01821.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बहरिया (प्रयागराज)।</strong> बहरिया थाना क्षेत्र के खालसा गांव में बुधवार शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। मक्के के खेत की सुरक्षा के लिए कथित रूप से दौड़ाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतकों की पहचान अर्पित (14 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र कुमार तथा कमलेश कुमार (29 वर्ष) पुत्र सीताराम के रूप में हुई है। अर्पित अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जबकि कमलेश पांच भाइयों में सबसे छोटा था। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे थे और एक ही परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार शाम करीब पांच बजे बारिश रुकने के बाद दोनों धान की रोपाई करने खेत पहुंचे थे। आरोप है कि पास के मक्के के खेत को जंगली जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से बिजली का तार बिछाकर उसमें करंट प्रवाहित किया गया था। लगातार बारिश के कारण करंट आसपास के खेतों तक फैल गया। जैसे ही अर्पित और कमलेश खेत में पहुंचे, वे करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पास के खेत में काम कर रही महिलाओं ने घटना होते देख शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और दोनों को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के एक व्यक्ति ने अपने खेत की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट दौड़ा रखा था। उनकी लापरवाही के कारण दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्रामीणों ने दोषी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करते हुए लोगों को शांत कराया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं एसीपी फूलपुर विवेक यादव ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:43:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खरीफ मौसम में उर्वरक की कालाबाजारी एवं अन्य उत्पादों की टैगिंग पर होगी कड़ी कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175526/strict-action-will-be-taken-against-black-marketing-of-fertilizers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/47.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओ को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विक्रेता को अपने दुकान पर स्पष्ट रूप से रेट बोर्ड तथा स्टॉक बोर्ड अवश्य लगाना होगा। आने वाले उर्वरकों की मात्रा तथा उसका विवरण स्टॉक रजिस्टर में लगातार एवं नियमित रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उर्वरकों की विक्री वितरण के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग, ओवर रेटिंग कालाबाजारी तथा तस्करी करते हुए जो भी विक्रेता पाया जाएगा के विस्द्ध उर्वरक अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्नित नियंन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में निहित प्रविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगा। उर्वरकों की विक्री निर्धारित दर से अधिक दर पर करने अथवा यूरिया व अन्य उर्वरकों के साथ जबरन अन्य उत्पादों की टैगिंग दुकानदार द्वारा की जाने की स्थिति में इसकी लिखित सूचना जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा दूरभाष नं-7839882339 एवं 9793096573 पर दर्ज करा सकते है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे संबन्धित विक्रेता के विस्द दंडात्मक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।उन्होने किसानों से अपील किया है कि वे खरीफ सीजन की फसलों की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक खरीदें। खरीदते समय बिल अवश्य लें। यदि आपको किसी उर्वरक की गुणवत्ता पर संदेह है, तो तुरंत नजदीकी कृषि कर्मचारी या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में इसकी सूचना दें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 19:11:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Farming: गेहूं की ये किस्म दे रही है लाखों का मुनाफा, किसानों को मिल रहा बंपर उत्पादन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Farming: </strong>अगर आप भी रबी सीजन में गेहूं की खेती से ज्यादा उत्पादन लेना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी जबरदस्त वैरायटी की जानकारी जो देशभर के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं की फसल में अच्छी पैदावार पाने के लिए सही वैरायटी का चयन करना बेहद जरूरी होता है क्योंकि उत्पादन का पूरा खेल बीज की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। अगर बीज बढ़िया नहीं है तो चाहे आप कितनी भी खाद डालें या सिंचाई समय पर करें, फसल का उत्पादन मनचाहा नहीं मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हम जिस वैरायटी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158440/farming-this-variety-of-wheat-is-giving-profit-worth-lakhs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-28t185454.489.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Farming: </strong>अगर आप भी रबी सीजन में गेहूं की खेती से ज्यादा उत्पादन लेना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी जबरदस्त वैरायटी की जानकारी जो देशभर के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं की फसल में अच्छी पैदावार पाने के लिए सही वैरायटी का चयन करना बेहद जरूरी होता है क्योंकि उत्पादन का पूरा खेल बीज की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। अगर बीज बढ़िया नहीं है तो चाहे आप कितनी भी खाद डालें या सिंचाई समय पर करें, फसल का उत्पादन मनचाहा नहीं मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हम जिस वैरायटी की बात कर रहे हैं उसका नाम है श्रीराम सुपर 5-SR-05। यह गेहूं की ऐसी उन्नत किस्म है जिसे किसानों ने खुद आजमाया है और पिछले सीजन में इसकी पैदावार देखकर सब हैरान रह गए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीराम सुपर 5-SR-05 वैरायटी क्यों है खास</strong></p>
<p style="text-align:justify;">श्रीराम सुपर 5-SR-05 वैरायटी अपनी उच्च उपज और मजबूत गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह गर्म हवा से प्रभावित नहीं होती। इसका पौधा अपेक्षाकृत छोटा होता है जिससे यह हवा के झोंकों से नहीं गिरती और खड़ी रहती है। इस वजह से फसल की टूट-फूट कम होती है और उपज अधिक मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वैरायटी की जड़ें गहरी होती हैं जिससे पौधा मिट्टी से अधिक पोषण खींच पाता है और भुट्टे बड़े तथा दाने भरे हुए मिलते हैं। यही कारण है कि किसान इस किस्म को ‘उत्पादन की गारंटी’ मानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीराम सुपर 5-SR-05 में गेहूं की दो बड़ी बीमारियों — पीला रतुवा और भूरा रतुवा — के प्रति सहनशीलता पाई जाती है। इस वजह से किसान भाइयों को बार-बार फफूंदनाशक दवाओं पर खर्च नहीं करना पड़ता।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बीज की मात्रा और बुवाई का सही तरीका</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप अगेती बुवाई करना चाहते हैं तो प्रति एकड़ लगभग 40 किलो बीज पर्याप्त रहेगा। वहीं अगर आप थोड़ी लेट बुवाई कर रहे हैं तो बीज की मात्रा लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा दें ताकि फसल का घनत्व बना रहे और उत्पादन प्रभावित न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वैरायटी को लगाने से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करें और खेत को समतल बनाएं। अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी इस फसल के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पैदावार और किसानों का अनुभव</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कई किसानों ने बताया कि उन्होंने पिछले साल सभी वैरायटी लगाई थीं लेकिन श्रीराम सुपर 5-SR-05 से उन्हें सबसे अधिक पैदावार मिली। औसतन इस वैरायटी से प्रति एकड़ 22 से 25 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इसकी फसल मजबूत और दाने भारी होते हैं जिससे बाजार में अच्छा भाव मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसकी खास बात यह भी है कि यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यानी आप अगली फसल की तैयारी भी समय पर कर सकते हैं।दोस्तों, अगर आप गेहूं की खेती से अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी चाहते हैं तो श्रीराम सुपर 5-SR-05 वैरायटी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह वैरायटी रोगों से सुरक्षित रहती है, कम गिरती है और दाने भी अधिक देती है। इसलिए इस रबी सीजन में अगर आप इस किस्म को अपनाते हैं तो आपकी फसल सुनहरी और लाभदायक दोनों साबित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 18:55:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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