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                <title>heavy rainfall - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>heavy rainfall RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रयागराज में तेजवृष्टि के बाद जलनिकासी तेज, मंडलायुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर शीघ्र जलनिकासी के दिए निर्देश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद प्रयागराज में तेजवृष्टि के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुए जलभराव के निदान हेतु मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने नगर आयुक्त श्री साई तेजा एवं संबंधित अधिकारियों के साथ जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन, संगम पेट्रोल पंप एवं आसपास के अन्य प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने जलनिकासी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अतिरिक्त पंप लगाकर जलनिकासी में और तेजी लाने के निर्देश दिए। वर्तमान में जनपद में 43 पंपों, जिनकी कुल पंपिंग क्षमता 132.50 एमएलडी है, के माध्यम से जलनिकासी का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। संगम पेट्रोल पंप क्षेत्र में 6</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185723/after-heavy-rain-in-prayagraj-the-divisional-commissioner-inspected-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260819-wa0051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद प्रयागराज में तेजवृष्टि के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुए जलभराव के निदान हेतु मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने नगर आयुक्त श्री साई तेजा एवं संबंधित अधिकारियों के साथ जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन, संगम पेट्रोल पंप एवं आसपास के अन्य प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने जलनिकासी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अतिरिक्त पंप लगाकर जलनिकासी में और तेजी लाने के निर्देश दिए। वर्तमान में जनपद में 43 पंपों, जिनकी कुल पंपिंग क्षमता 132.50 एमएलडी है, के माध्यम से जलनिकासी का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। संगम पेट्रोल पंप क्षेत्र में 6 पंप लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 20 एमएलडी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां जल निगम को पानी के टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडलायुक्त ने आवश्यकतानुसार संसाधन तत्काल उपलब्ध कराते हुए जलभराव की स्थिति को शीघ्र सामान्य करने तथा जनपदवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:52:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झमाझम बारिश सुहावना हुआ मौसम,अगले 48 घंटों में मानसून दस्तक दे सकता है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संबाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> घाटमपुर, बिधनू सजेती बरीपाल समेत कई इलाकों में मंगलवार सुबह झमाझम बारिश हो रही है, करीब समाचार लिखे जाने तक बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है,मौसम विभाग का अनुमान है कि 48 घंटों में मानसून दस्तक दे सकता है,,</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रही जनता मंगलवार सुबह बडी राहत मिली है सुबह करीब छह बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश से न केवल तापमान को कम किया बल्कि मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया,, बारिश का असर घाटमपुर के आसपास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182379/heavy-rain-pleasant-weather-monsoon-may-arrive-in-the-next"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002048943.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संबाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> घाटमपुर, बिधनू सजेती बरीपाल समेत कई इलाकों में मंगलवार सुबह झमाझम बारिश हो रही है, करीब समाचार लिखे जाने तक बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है,मौसम विभाग का अनुमान है कि 48 घंटों में मानसून दस्तक दे सकता है,,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रही जनता मंगलवार सुबह बडी राहत मिली है सुबह करीब छह बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश से न केवल तापमान को कम किया बल्कि मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया,, बारिश का असर घाटमपुर के आसपास के क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में देखने को मिला,, झमाझम बारिश ने सड़कों को तर बतर कर दिया,, बारिश के कारण वातावरण में फैली नमी ने लोगों को गर्मी की तपन से बड़ी राहत दी,,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान और लू जैसे हालात के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी आसमान में बादल छाए रहने और के आसार बने हुए हैं,,मौसम विज्ञान केन्द्र का अनुमान है कि मानसून 48 घंटे में प्रदेश की सीमा में दाखिल हो जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:23:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनसून का करिश्माई रूप और कुदरत की विराट शक्ति के सामने इंसान की सीमाएं तथा असम की बाढ़ से मिला प्रकृति का बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas26.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नदियां उफान पर आ गईं और हजारों परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। यह दृश्य केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि यह संदेश भी है कि प्रकृति के अपने नियम हैं और उसके सामने मनुष्य की शक्ति सीमित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के अनेक जिलों में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव पानी में घिर गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। पशुधन भी संकट में है। रेल संपर्क बाधित हो गया है और लोगों का सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यह केवल असम की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है क्योंकि प्राकृतिक आपदाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं। कभी पहाड़ों में बादल फटते हैं तो कभी मैदानों में नदियां उफान पर आ जाती हैं। कहीं समुद्र तूफान लेकर आता है तो कहीं सूखा लोगों की जिंदगी कठिन बना देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है। पहाड़ों से उतरने वाला पानी असम की नदियों में पहुंचा और बाढ़ का स्वरूप और भी भयावह हो गया। यह प्रकृति का वही चक्र है जिसे मनुष्य पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता। विज्ञान ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन आज भी बादलों को आदेश नहीं दिया जा सकता कि वे कहां बरसें और कितनी देर तक बरसें। यही कारण है कि कुदरत के सामने हर व्यक्ति समान रूप से असहाय दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मॉनसून भारत की जीवनरेखा माना जाता है। देश की कृषि का बड़ा हिस्सा आज भी वर्षा पर निर्भर है। अच्छी बारिश होती है तो खेतों में हरियाली छा जाती है और किसानों के चेहरे खिल उठते हैं। लेकिन यही बारिश जब सीमा से अधिक हो जाती है तब वही जीवनदायिनी जलधारा विनाश का कारण बन जाती है। इस बार भी यही देखने को मिला। जहां देश के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे वहीं असम में इतनी अधिक वर्षा हुई कि लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए। प्रकृति का यही विरोधाभास उसे रहस्यमयी और करिश्माई बनाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">देश के अनेक किसान इस समय कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। कहीं बारिश नहीं होने से बुवाई प्रभावित हुई है तो कहीं अत्यधिक वर्षा ने तैयारियां बिगाड़ दी हैं। खेती पूरी तरह मौसम पर आधारित है और मौसम का मिजाज हर वर्ष बदलता रहता है। किसान मेहनत करता है लेकिन अंतिम निर्णय प्रकृति के हाथ में होता है। यही कारण है कि भारतीय किसान सदियों से धरती और आकाश दोनों को समान श्रद्धा से देखता आया है। उसे पता है कि मेहनत उसकी है लेकिन सफलता का आशीर्वाद प्रकृति देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष अधिक मास के कारण लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि मॉनसून देर से आया। चाहे इसके धार्मिक या सांस्कृतिक संदर्भ अलग हों लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से मॉनसून का आगमन समुद्री हवाओं तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। फिर भी भारतीय समाज में प्रकृति और आस्था का गहरा संबंध रहा है। लोग वर्षा को केवल मौसम नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा भी मानते हैं। जब समय पर बारिश होती है तो खुशियां आती हैं और जब अत्यधिक या कम वर्षा होती है तो चिंता बढ़ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ ने यह भी सिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से भी संभव है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलना चाहिए। प्रभावित परिवारों तक भोजन दवाइयां और सुरक्षित आश्रय पहुंचाना सबसे पहली जिम्मेदारी है। बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। जिन किसानों की फसलें और पशुधन प्रभावित हुए हैं उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को संभाल सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखना और राहत कार्यों की समीक्षा करना सकारात्मक पहल है। ऐसे समय में राजनीति से ऊपर उठकर केवल मानवता को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा किसी दल या क्षेत्र को देखकर नहीं आती। उसका सामना पूरे समाज को मिलकर करना पड़ता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत भी है कि संकट की घड़ी में लोग एक दूसरे का हाथ थाम लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल राहत पहुंचाने की नहीं बल्कि भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की भी है। नदियों के किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जल निकासी की प्रभावी योजना समय पर चेतावनी प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण जैसे उपाय भविष्य में नुकसान कम कर सकते हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन ने भी कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ाया है। यदि मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेगा तो आपदाओं की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुदरत का अपना अद्भुत स्वभाव है। वही धरती को हरियाली देती है वही नदियों को जीवन देती है वही अन्न उपजाती है और वही कभी कभी अपनी अपार शक्ति का परिचय भी देती है। मनुष्य ने ऊंची इमारतें बना लीं आधुनिक तकनीक विकसित कर ली और अंतरिक्ष तक पहुंच गया लेकिन बादलों की चाल और नदियों के वेग के सामने आज भी उसकी सीमाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। यही प्रकृति का सबसे बड़ा करिश्मा है कि वह जीवन भी देती है और समय आने पर विनम्रता का पाठ भी पढ़ाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ केवल एक समाचार नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी और सीख है। हमें प्रकृति का सम्मान करना होगा उसके संतुलन को बनाए रखना होगा और आपदाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत करना होगा। बारिश जीवन का उत्सव भी है और जिम्मेदारी की परीक्षा भी। जब तक संतुलन बना रहता है तब तक वर्षा अमृत बनकर बरसती है लेकिन जब संतुलन बिगड़ता है तब वही जल प्रलय का रूप ले लेता है। इसलिए आवश्यक है कि हम प्रकृति को जीतने का नहीं बल्कि उसके साथ सामंजस्य बनाकर चलने का प्रयास करें क्योंकि कुदरत के विराट स्वरूप के सामने अंततः हर मनुष्य विनम्र और लाचार ही दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>          *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rainfall Alert: देश के इन राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Rainfall Alert: मौसम विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम के तीखे तेवर रहने का अनुमान जताया है। उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में शीतलहर और कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है, जबकि दक्षिण भारत में बारिश का दौर शुरू होने वाला है।</p>
<p><strong>इन राज्यों में चलेगी शीतलहर</strong></p>
<p>आईएमडी के मुताबिक 6 से 8 जनवरी के बीच छत्तीसगढ़ में और 6 से 7 जनवरी तक झारखंड में शीतलहर चलने की संभावना है। इसी तरह 6 से 7 जनवरी के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी ठंड का असर देखने को मिलेगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165327/rainfall-alert-there-will-be-heavy-rain-in-these-states"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/rainfall-alert.jpg" alt=""></a><br /><p>Rainfall Alert: मौसम विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम के तीखे तेवर रहने का अनुमान जताया है। उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में शीतलहर और कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है, जबकि दक्षिण भारत में बारिश का दौर शुरू होने वाला है।</p>
<p><strong>इन राज्यों में चलेगी शीतलहर</strong></p>
<p>आईएमडी के मुताबिक 6 से 8 जनवरी के बीच छत्तीसगढ़ में और 6 से 7 जनवरी तक झारखंड में शीतलहर चलने की संभावना है। इसी तरह 6 से 7 जनवरी के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी ठंड का असर देखने को मिलेगा। 6 जनवरी को मध्य प्रदेश, बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।</p>
<p><strong>झारखंड में बढ़ी ठंड से परेशानी</strong></p>
<p>झारखंड के कई इलाकों में पहले से ही शीतलहर चल रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जनवरी को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में ठंडी हवाएं चलेंगी और न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।</p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश में गिरेगा न्यूनतम तापमान</strong></p>
<p>आईएमडी के अनुसार 6 जनवरी को उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में हल्की और गिरावट हो सकती है। हालांकि इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के आसार हैं।</p>
<p><strong>राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और कोहरे का अलर्ट</strong></p>
<p>राजस्थान के अधिकतर इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट के साथ घने कोहरे की संभावना जताई है। पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 जनवरी और पूर्वी राजस्थान में 6 से 10 जनवरी तक शीतलहर और ठंडी हवाओं का असर बना रह सकता है।</p>
<p><strong>हरियाणा-पंजाब में भी शीतलहर की चेतावनी</strong></p>
<p>6 से 9 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया गया है। ठंडी हवाओं के कारण रात और सुबह के समय ज्यादा सर्दी महसूस की जा सकती है।</p>
<p><strong>दिल्ली में कोहरे का असर</strong></p>
<p>दिल्ली में मंगलवार को कई इलाकों में हल्का कोहरा छाने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखने को मिल सकता है। 6 जनवरी को राजधानी में अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।</p>
<p><strong>कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी</strong></p>
<p>आईएमडी के अनुसार 6 जनवरी को उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इसी दिन जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी के आसार हैं। उत्तराखंड के कुछ इलाकों में पाला पड़ने की चेतावनी भी दी गई है।</p>
<p><strong>दक्षिण भारत में बारिश का दौर</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने बताया कि 8 और 9 जनवरी को तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 9 और 10 जनवरी को तमिलनाडु और केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की भी प्रबल संभावना जताई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 15:32:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update: देश में बदला मौसम का मिज़ाज, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Weather Update: इस साल मानसून का सीज़न देशभर में बेहद शानदार रहा। लगभग सभी राज्यों में जमकर बारिश हुई और कई जगहों पर रिकॉर्डतोड़ बरसात दर्ज की गई। नदियां, तालाब और बांध पूरी तरह भर गए, वहीं अच्छी बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि मानसून विदा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। अब एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है।</p>
<p>भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में 15, 16 और 17 दिसंबर को भारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163353/weather-update-weather-patterns-changed-in-the-country-alert-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/weather-update-(8).jpg" alt=""></a><br /><p>Weather Update: इस साल मानसून का सीज़न देशभर में बेहद शानदार रहा। लगभग सभी राज्यों में जमकर बारिश हुई और कई जगहों पर रिकॉर्डतोड़ बरसात दर्ज की गई। नदियां, तालाब और बांध पूरी तरह भर गए, वहीं अच्छी बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि मानसून विदा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। अब एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है।</p>
<p>भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में 15, 16 और 17 दिसंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है।</p>
<h3><strong>हिमाचल प्रदेश में बदला मौसम</strong></h3>
<p>हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान जोरदार बारिश देखने को मिली थी। मानसून के बाद कुछ समय के लिए मौसम शांत रहा, लेकिन बीते कुछ दिनों से राज्य में फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 17 दिसंबर के बीच हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।</p>
<h3><strong>अरुणाचल प्रदेश में फिर होगी बारिश</strong></h3>
<p>मानसून के दौरान अरुणाचल प्रदेश में भी अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन मानसून के जाते ही बारिश का सिलसिला थम गया था। अब यहां भी मौसम ने करवट ले ली है। IMD के मुताबिक, 15, 16 और 17 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश में एक बार फिर जमकर बादल बरस सकते हैं।</p>
<h3><strong>इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट</strong></h3>
<p>मौसम विभाग ने देश के कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और पुडुचेरी में 15 से 17 दिसंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज हवा व आंधी चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<h3><strong>राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर</strong></h3>
<p>राजस्थान और दिल्ली में मानसून के दौरान और उसके तुरंत बाद अच्छी बारिश देखने को मिली थी। अब इन दोनों राज्यों में मौसम का रुख बदल गया है और ठंड धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, 15, 16 और 17 दिसंबर को राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर बना रहेगा, हालांकि शीतलहर चलने की संभावना नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 22:29:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update: देश के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, देखें पूरी वेदर रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p><p class="pf0"><span class="cf0">Weather Update: इस</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">मानसून</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">देशभर</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">जमकर</span> <span class="cf0">बरसात</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">कई</span> <span class="cf0">राज्यों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">रिकॉर्डतोड़</span> <span class="cf0">बारिश</span> <span class="cf0">हुई</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">मौसम</span> <span class="cf0">लंबे</span> <span class="cf0">समय</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">सुहावना</span> <span class="cf0">बना</span> <span class="cf0">रहा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">मानसून</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">भी</span> <span class="cf0">कई</span> <span class="cf0">क्षेत्रों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">बारिश</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">दौर</span> <span class="cf0">जारी</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">भारतीय</span> <span class="cf0">मौसम</span> <span class="cf0">विज्ञान</span> <span class="cf0">विभाग</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">IMD) </span><span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">चेतावनी</span> <span class="cf0">जारी</span> <span class="cf0">करते</span> <span class="cf0">हुए</span> <span class="cf0">बताया</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">कि</span><span class="cf0"> 10, 11, 12 </span><span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 13 </span><span class="cf0">दिसंबर</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">देश</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">कई</span> <span class="cf0">राज्यों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">जोरदार</span> <span class="cf0">बारिश</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">साथ-साथ</span> <span class="cf0">कुछ</span> <span class="cf0">क्षेत्रों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">ठंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">शीतलहर</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">बढ़</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p><p class="pf0"><strong><span class="cf0">केरल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">फिर</span><span class="cf0"> लौटेगी बारिश, </span><span class="cf1">IMD </span><span class="cf0">का </span><span class="cf0">ऑरेंज</span> <span class="cf0">अलर्ट</span></strong></p><p class="pf0"><span class="cf0">मानसून की पहली दस्तक की तरह विदाई के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163085/weather-update-heavy-rain-alert-issued-in-these-states-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/weather-update-(6).jpg" alt=""></a><br /><p></p><p class="pf0"><span class="cf0">Weather Update: इस</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">मानसून</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">देशभर</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">जमकर</span> <span class="cf0">बरसात</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">कई</span> <span class="cf0">राज्यों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">रिकॉर्डतोड़</span> <span class="cf0">बारिश</span> <span class="cf0">हुई</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">मौसम</span> <span class="cf0">लंबे</span> <span class="cf0">समय</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">सुहावना</span> <span class="cf0">बना</span> <span class="cf0">रहा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">मानसून</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">भी</span> <span class="cf0">कई</span> <span class="cf0">क्षेत्रों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">बारिश</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">दौर</span> <span class="cf0">जारी</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">भारतीय</span> <span class="cf0">मौसम</span> <span class="cf0">विज्ञान</span> <span class="cf0">विभाग</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">IMD) </span><span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">चेतावनी</span> <span class="cf0">जारी</span> <span class="cf0">करते</span> <span class="cf0">हुए</span> <span class="cf0">बताया</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">कि</span><span class="cf0"> 10, 11, 12 </span><span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 13 </span><span class="cf0">दिसंबर</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">देश</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">कई</span> <span class="cf0">राज्यों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">जोरदार</span> <span class="cf0">बारिश</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">साथ-साथ</span> <span class="cf0">कुछ</span> <span class="cf0">क्षेत्रों</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">ठंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">शीतलहर</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">बढ़</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p><p class="pf0"><strong><span class="cf0">केरल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">फिर</span><span class="cf0"> लौटेगी बारिश, </span><span class="cf1">IMD </span><span class="cf0">का </span><span class="cf0">ऑरेंज</span> <span class="cf0">अलर्ट</span></strong></p><p class="pf0"><span class="cf0">मानसून की पहली दस्तक की तरह विदाई के बाद भी केरल में बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब मौसम विभाग ने 10 से 13 दिसंबर तक राज्य में भारी बारिश और गरज-चमक का </span><span class="cf0">अलर्ट</span><span class="cf0"> जारी किया है। इस दौरान तेज़ </span><span class="cf0">हवाएं</span><span class="cf0"> और </span><span class="cf0">धूलभरी</span><span class="cf0"> आंधी चलने की भी संभावना है।</span></p><p class="pf0"><strong><span class="cf0">तमिलनाडु</span><span class="cf0"> में </span><span class="cf0">झमाझम</span><span class="cf0"> बारिश के आसार</span></strong></p><p class="pf0"><span class="cf0">तमिलनाडु</span><span class="cf0"> में भी मानसून के बाद से लगातार बारिश हो रही है। </span><span class="cf1">IMD </span><span class="cf0">के अनुसार 10, 11, 12 और 13 </span><span class="cf0">दिसंबर</span><span class="cf0"> को राज्य में </span><span class="cf0">झमाझम</span><span class="cf0"> बारिश होगी। कुछ जिलों में तेज़ हवाएं चलने का भी </span><span class="cf0">अलर्ट</span><span class="cf0"> जारी किया गया है।</span></p><p class="pf0"><strong><span class="cf0">इन राज्यों में भी भारी बारिश का </span><span class="cf0">अलर्ट</span></strong></p><p class="pf0"><span class="cf0">मौसम विभाग ने बताया कि देश के </span><span class="cf0">कई</span><span class="cf0"> हिस्सों में मौसम का रुख बदलने </span><span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span> <span class="cf0">कर्नाटक के कुछ जिले </span><span class="cf0">पुडुचेरी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">कराईकल</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">माहे</span><span class="cf0">, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह</span> <span class="cf0">में अगले चार दिनों तक लगातार हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।</span></p><p class="pf0"><strong><span class="cf0">राजस्थान और दिल्ली में बढ़ेगी ठंड, </span><span class="cf0">शीतलहर</span><span class="cf0"> का खतरा</span></strong></p><p class="pf0"><span class="cf0">राजस्थान और दिल्ली में मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन अब मौसम पूरी तरह बदल गया है। दोनों जगह ठंड में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।</span></p><p class="pf0"><span class="cf1">IMD </span><span class="cf0">ने चेतावनी दी है कि 11, 12 और 13 दिसंबर को</span> <span class="cf0">दिल्ली और राजस्थान में ठंडी हवाओं का असर तेज़ होगा। सुबह और रात के समय </span><span class="cf0">शीतलहर</span><span class="cf0"> चल सकती है। कई जिलों में पारा तेजी से लुढ़कने की संभावना है। राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में तापमान सामान्य से 4</span><span class="cf3">–6 </span><span class="cf0">डिग्री कम दर्ज किया जा सकता है।</span></p><p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 20:32:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Heavy Rain Alert: 26, 27 और 28 अक्टूबर तक इन जगहों पर बारिश का अलर्ट, देखें मौसम पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Heavy Rain Alert: </strong>26, 27 और 28 अक्टूबर तक मौसम का हाल कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक किन जगहों पर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आइए देखें मौसम पूर्वानुमान....</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 26 से 28 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और तटीय कर्नाटक में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र तट पर न जाने की भी चेतावनी जारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158344/heavy-rain-alert-26-see-rain-alert-at-these-places"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-26t171621.836.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Heavy Rain Alert: </strong>26, 27 और 28 अक्टूबर तक मौसम का हाल कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक किन जगहों पर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आइए देखें मौसम पूर्वानुमान....</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 26 से 28 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और तटीय कर्नाटक में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र तट पर न जाने की भी चेतावनी जारी की है। Heavy Rain Alert</p>
<p><strong>तमिलनाडु में मौसम पूर्वानुमान</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग ने बताया की मध्य और पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में निम्न दबाव सक्रिय है, जिससे तमिलनाडु के तटीय इलाकों में तेज हवाएं और लगातार बारिश हो रही है। चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, रानीपेट और विलुपुरम जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही पुडुचेरी में भी जोरदार बारिश का पूर्वानुमान है। Heavy Rain Alert</p>
<p><strong>भारी बारिश का अनुमान</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, IMD के अनुसार 26 और 30 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, 26 से 29 अक्टूबर के दौरान रायलसीमा, 27 से 30 तारीख के बीच तेलंगाना और 27 व 28 अक्टूबर को केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। Heavy Rain Alert</p>
<p><strong>ये संभावना</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, विभाग ने तमिलनाडु में गरज के साथ बिजली गिरने का भी अनुमान जताया है। 26 से 28 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु में गरज के साथ बारिश, बिजली और तेज हवा भी चलेगी। Heavy Rain Alert</p>
<p><strong>ओडिशा में मौसम पूर्वानुमान</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर को दक्षिण ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा 28 अक्टूबर को छत्तसीगढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान जताया है। Heavy Rain Alert</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, 26 से 28 अक्टूबर के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान क्षेत्र में गरज के साथ तूफान का भी अनुमान जताया है। Heavy Rain Alert</p>
<p><strong>‘उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगी’</strong></p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह निम्न दबाव प्रणाली बंगाल की खाड़ी के केंद्रीय और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बनी बड़ी परिसंचरण प्रणाली का हिस्सा है, जो अगले 24 घंटों में ज्यादा मजबूत हो सकती है। Heavy Rain Alert</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, यह प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगी, जिससे तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों और पुडुचेरी में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 17:16:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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