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                <title>tax evasion - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>tax evasion RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उच्च मूल्य के विलेखों का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong>
<div>  </div>
<div><strong>बलरामपुर।</strong></div>
<div>  </div>
<div>स्टाम्प एवं पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्टाम्प शुल्क के संभावित करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मंगलवार को उच्च मूल्य के कई विलेखों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों की प्रकृति और मौके पर उनके वास्तविक उपयोग की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div>
<div>  </div>
<div>जिलाधिकारी ने सदर उपनिबंधक कार्यालय के अर्द्धनगरीय क्षेत्र के ग्राम महादेव मिश्र में पंजीकृत दो उच्च मूल्य के विलेखों की मौके पर जांच की। इनमें लेखपत्र संख्या 6395/2026 की मालियत 3 करोड़ 21 लाख</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186376/dm-conducted-on-site-inspection-of-high-value-deeds"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260825-wa0526.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong>
<div> </div>
<div><strong>बलरामपुर।</strong></div>
<div> </div>
<div>स्टाम्प एवं पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्टाम्प शुल्क के संभावित करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मंगलवार को उच्च मूल्य के कई विलेखों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों की प्रकृति और मौके पर उनके वास्तविक उपयोग की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने सदर उपनिबंधक कार्यालय के अर्द्धनगरीय क्षेत्र के ग्राम महादेव मिश्र में पंजीकृत दो उच्च मूल्य के विलेखों की मौके पर जांच की। इनमें लेखपत्र संख्या 6395/2026 की मालियत 3 करोड़ 21 लाख 57 हजार रुपये दर्ज है और संपत्ति आवासीय दर्शाई गई है। वहीं लेखपत्र संख्या 6396/2026 की मालियत 10 करोड़ 27 लाख 2 हजार रुपये है। मौके पर स्थापित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने अभिलेखों में दर्ज विवरण और संपत्ति के वास्तविक उपयोग की स्थिति को परखा। इसके साथ ही व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स से लगे नगरीय क्षेत्र के रिहायशी मकान का भी जायजा लिया।</div>
<div> </div>
<div>इसके बाद जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्र के मोहल्ला अचलापुर, सिविल लाइन स्थित लेखपत्र संख्या 5995/2026 का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उक्त विलेख की मालियत 4 करोड़ 73 लाख 83 हजार रुपये दर्ज है। संपत्ति में दो मंजिला रिहायशी मकान के साथ खाली भूमि शामिल है। जिलाधिकारी ने मौके की स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित अभिलेखों और वास्तविक स्वरूप का मिलान किया तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।</div>
<div>बड़े विलेखों की नियमित हो जांच</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च मूल्य के विलेखों की नियमित स्थलीय जांच कराई जाए, ताकि संपत्ति की वास्तविक प्रकृति एवं उपयोग के अनुरूप स्टाम्प शुल्क का निर्धारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और शासन के राजस्व हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि स्टाम्प शुल्क में कमी, अभिलेखों में दर्ज विवरण और संपत्ति के वास्तविक स्वरूप में अंतर अथवा किसी अन्य अनियमितता के कारण राजस्व क्षति का मामला सामने आता है तो संबंधित प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।</div>
<div> </div>
<div>डीएम ने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों को उच्च मूल्य की संपत्तियों और विलेखों की सतत निगरानी करने तथा नियमित जांच के माध्यम से करापवंचन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एआईजी स्टाम्प सुनील कुमार समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 19:11:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही जीएसटी बिल पर तीन बार ढोया माल, निगोहां पुलिस ने पकड़ा खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>निगोहां, लखनऊ।</strong>  निगोहां पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान जीएसटी चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक ही जीएसटी बिल और ई-वे बिल का इस्तेमाल कर पान मसाला व तंबाकू उत्पाद से लदे वाहन से तीन बार माल का परिवहन किया जा रहा था। टोल प्लाजा और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की नजर से बचने के लिए वाहन को दूसरे रास्तों से निकाला जाता था। पुलिस ने वाहन, माल और चालक को राज्य कर विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार रविवार रात ग्राम रतनपुर में संदिग्ध व्यक्तियों और</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185003/goods-transported-thrice-on-the-same-gst-bill-nigohan-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260809-wa0112.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>निगोहां, लखनऊ।</strong> निगोहां पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान जीएसटी चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक ही जीएसटी बिल और ई-वे बिल का इस्तेमाल कर पान मसाला व तंबाकू उत्पाद से लदे वाहन से तीन बार माल का परिवहन किया जा रहा था। टोल प्लाजा और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की नजर से बचने के लिए वाहन को दूसरे रास्तों से निकाला जाता था। पुलिस ने वाहन, माल और चालक को राज्य कर विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार रविवार रात ग्राम रतनपुर में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान टीम ने वाहन संख्या UP-32-QN-4810 को रोककर तलाशी ली। वाहन में पान पारस पान मसाला और तंबाकू उत्पाद लदे मिले। चालक दिनेश कुमार गिरी पुत्र शिव गिरी निवासी ग्राम राषोपुर, थाना गौरीगंज, अमेठी से माल से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। चालक ने पुलिस को जीएसटी बिल और ई-वे बिल दिखाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों की जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि एक ही जीएसटी बिल और ई-वे बिल का इस्तेमाल कर तीन बार माल का परिवहन किया गया था। पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि टोल प्लाजा और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की नजर से बचने के लिए वाहन को दूसरे रास्तों से निकाला जाता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामला जीएसटी और कर चोरी से संबंधित होने की जानकारी मिलने पर निगोहां पुलिस ने तत्काल राज्य कर विभाग को सूचना दी। सूचना पर राज्य कर विभाग के असिस्टेंट डिप्टी कमिश्नर अमित तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वाहन में लदे माल तथा दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद पुलिस ने वाहन, माल और चालक को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए राज्य कर विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि संदिग्ध वाहनों की नियमित चेकिंग के दौरान वाहन की जांच की गई थी। दस्तावेजों में प्रथम दृष्टया एक ही जीएसटी बिल पर कई बार माल के परिवहन की बात सामने आई है। मामला कर चोरी से संबंधित होने के कारण राज्य कर विभाग को सूचना देकर वाहन, माल और चालक को उनके सुपुर्द कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप कुमार यादव, कांस्टेबल रोहित कुमार, शुभम कुमार और अमित कुमार शामिल रहे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 22:17:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चकेरी में घटित डकैती की घटना का 50 हजार का ईनामी अभियुक्त लखनऊ से गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>थाना चकेरी क्षेत्र में घटित डकैती की घटना में शामिल ₹50,000 का इनामी अभियुक्त को चकेरी पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले चकेरी पुलिस अन्य सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्तों के पास से अवैध लेन-देन का भी खुलासा हुआ है जिसकी सूचना ईडी को दे दी गई है और ईडी ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि माह फरवरी 2026 में थाना चकेरी क्षेत्र में हुई डकैती की घटना में पुलिस ने ₹50,000</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182433/the-accused-carrying-a-reward-of-rs-50000-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002051524.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>थाना चकेरी क्षेत्र में घटित डकैती की घटना में शामिल ₹50,000 का इनामी अभियुक्त को चकेरी पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले चकेरी पुलिस अन्य सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्तों के पास से अवैध लेन-देन का भी खुलासा हुआ है जिसकी सूचना ईडी को दे दी गई है और ईडी ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि माह फरवरी 2026 में थाना चकेरी क्षेत्र में हुई डकैती की घटना में पुलिस ने ₹50,000 के इनामी वांछित अभियुक्त फैज़ को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। घटना का सफल अनावरण करते हुए चकेरी पुलिस ने पूर्व में सभी मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा तथा लूटी गई धनराशि भी बरामद की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने बताया कि विवेचना में स्लॉटर हाउस से जुड़े अवैध वित्तीय लेन-देन, गरीब व्यक्तियों के बैंक खातों के दुरुपयोग तथा स्क्रैप कारोबार में फर्जी ई-वे बिल एवं जीएसटी इनवॉइस के माध्यम से कर चोरी का भी खुलासा हुआ है । उन्होंने बताया कि इस मामले की सूचना ईडी (ED) को दी गई है, ईडी ने इस प्रकरण को संज्ञान में लिया है। पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध हिस्ट्रीशीट खोलने एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 18:27:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रॉपर्टी डील से लेकर बिल पेमेंट तक इन 10 ट्रांजैक्शन पर IT की नजर, आपको भी लग सकता है भारी जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><b>IT Department Scrutiny: </b>क्या आप जानते है की आप जो ट्रांजैक्शन या प्रॉपर्टी डील या अन्य कोई काम कर रहे है और आपको लग रहा है की किसी को भी कुछ पत्ता नहीं नहीं लग रहा है तो आप बिल्कुल गलत सो रहें है क्यों IT की इन सभी ट्रांजैक्शन और सभी कामों पर खास नजर रहने वाली है।</p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, IT Deraprtemnt की नजर आपके हर बड़े ट्रांजैक्शन पर है? चाहे वो कैश जमा हो, क्रेडिट कार्ड बिल हो या फिर प्रॉपर्टी डील। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, डिजिटल इंडिया के इस दौर में IT ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158147/from-property-deal-to-bill-payment-keep-an-eye-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-24t094402.207.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><b>IT Department Scrutiny: </b>क्या आप जानते है की आप जो ट्रांजैक्शन या प्रॉपर्टी डील या अन्य कोई काम कर रहे है और आपको लग रहा है की किसी को भी कुछ पत्ता नहीं नहीं लग रहा है तो आप बिल्कुल गलत सो रहें है क्यों IT की इन सभी ट्रांजैक्शन और सभी कामों पर खास नजर रहने वाली है।</p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, IT Deraprtemnt की नजर आपके हर बड़े ट्रांजैक्शन पर है? चाहे वो कैश जमा हो, क्रेडिट कार्ड बिल हो या फिर प्रॉपर्टी डील। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, डिजिटल इंडिया के इस दौर में IT ने अपनी निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बना लिया है। अब बैंक, म्यूचुअल फंड पोस्ट ऑफिस और रजिस्ट्री विभाग हर साल ऐसी रिपोर्ट भेजते हैं, जिससे पता चल सके कि कहां से कितना पैसा आया और कहां गया। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;">जाने कौन से हैं वो ट्रांजैक्शन? चलिए देखें...</p><p style="text-align:justify;">इन 10 मामलों पर विभाग की नजर Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>बिल का भुगतान</strong></p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, कम आय पर लगातार बड़े क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने से आप आयकर विभाग की नजर में आ सकते हैं। ITR में सही कमाई दिखाएं। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>ज्यादा कैश जमा</strong></p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, एक वित्तीय वर्ष में अगर आपने 10 लाख रुपए या उससे ज्यादा नकद जमा किए हैं तो बैंक यह SFT रिपोर्ट में भेजता है। यह गैरकानूनी नहीं है। पर स्रोत बताने होंगे। इसलिए सभी रसीदें संभालकर रखें। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>खाते से लेन-देन</strong></p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, किसी तीसरे के नाम पर ट्रांजैक्शन बेनामी या मनी-लॉन्ड्रिंग मान लिया जाता है। जिस पर भारत सरकार सख्त है और ऐसे मामलों पर आईटी डिपार्टमेंट पैनी नजर रखता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>भारी कैश विड्रॉल</strong></p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, अचानक बड़ी निकासी या बार-बार बड़ी राशि निकालना संदिग्ध दिखता है। यह आपकी इनकम से मेल नहीं बैठे तो जवाब देना पड़ सकता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>खाते और छिपाया ब्याज</strong></p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, अकाउंट छिपाने की कोशिश अब मुश्किल है। पैनक कार्ड और आधार कार्ड (PAN-Aadhaar) लिंकिंग से ट्रैक हो जाता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ी रकम</strong></p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, दोस्तों के गिफ्ट, उधार या घर की बचत, अगर दस्तावेज नहीं हैं तो समस्या बन सकती है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>अधिक की प्रॉपर्टी डील</strong></p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, रजिस्ट्रार प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन रिपोर्ट करता है। 30 लाख या फिर उससे बड़ी डीलों (property deals) पर टैक्स विभाग पूछताछ कर सकता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ी लेन-देन</strong></p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, फॉरेन कार्ड या विदेश खर्च में ₹10 लाख से अधिक होना निगरानी में आता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ी एंट्री</strong></p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, पुराने अकाउंट में अचानक बड़ी जमा या ट्रांसफर संदिग्ध माना जाता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>रिपोर्ट में अंतर</strong></p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड या बैंक जो ब्याज और डिविडेंड रिपोर्ट करते हैं, वह ITR से मैच होता है। मेल न खाने पर नोटिस आता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>कैसे पकड़ता डिमार्टमेंट?</strong></p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, बैंक, म्यूचुअल फंड, पोस्ट ऑफिस और रजिस्ट्रार सालाना SFT रिपोर्ट भेजते हैं। ये रिपोर्ट PAN और Aadhaar से लिंक कर मिलाई जाती है। असामान्य पैटर्न मिलने पर ऑटो-मैचिंग से नोटिस निकलता है। Income tax Department</p><p style="text-align:justify;"><strong>क्या करें?</strong></p><p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, बड़ी रकम की रसीदें संभाल कर रखें। गिफ्ट, प्रॉपर्टी सेल या बिजनेस इनकम के सबूत रखें। ITR सही और समय पर भरें। PAN-Aadhaar लिंक रखें। संकोच हो तो सलाहकार से बात करें। कयोंकि, सावधानी ही सबसे बढ़िया बचाव है।</p><p style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 09:44:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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