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                <title>ghotala - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>ढाई करोड़ की सरकारी जमीन को प्राइवेट के नाम करने पर डीएम का एक्शन,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong><br /><br />प्रयागराज के गंगापार के सोरांव तहसील में एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को सरकारी जमीन की हेरफेर के आरोप में डिमोशन कर लेखपाल बना दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी कानूनगो दूधनाथ को निलंबित भी कर दिया गया है।<br /><br />कानूनगो दूधनाथ पर फाफामऊ में बंजर और परती भूमि को पैसे लेकर अपने करीबियों के नाम करने का आरोप है। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई,जिसमें वह दोषी पाए गए।<br /><br />इस मामले की शिकायत शासन और प्रशासन तक पहुंची थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में एक</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168291/dms-action-on-transferring-government-land-worth-rs-25-crore"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260204-wa0149-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong><br /><br />प्रयागराज के गंगापार के सोरांव तहसील में एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को सरकारी जमीन की हेरफेर के आरोप में डिमोशन कर लेखपाल बना दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी कानूनगो दूधनाथ को निलंबित भी कर दिया गया है।<br /><br />कानूनगो दूधनाथ पर फाफामऊ में बंजर और परती भूमि को पैसे लेकर अपने करीबियों के नाम करने का आरोप है। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई,जिसमें वह दोषी पाए गए।<br /><br />इस मामले की शिकायत शासन और प्रशासन तक पहुंची थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई,जिसमें दो नायब तहसीलदार, एक कानूनगो और एक लेखपाल शामिल थे। लगभग चार महीने तक चली जांच में तहसील और जिला अभिलेखागार के सभी दस्तावेज खंगाले गए।<br /><br />जांच में सामने आया कि कानूनगो ने परती जमीन को तीन लोगों के नाम करने के लिए अभिलेखों में छेड़छाड़ की थी। उन्होंने सरकारी भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया था। दो दिन पहले यह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई।<br /><br />जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने दोषी कानूनगो को डिमोशन करते हुए लेखपाल बना दिया और उन्हें निलंबित भी कर दिया। इसके अलावा, दूधनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी पुलिस को दिए गए हैं। एक अन्य लेखपाल को यह मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया है। जांच में पता चला है कि लगभग ढाई करोड़ रुपये की यह जमीन 20 लाख रुपये लेकर निजी लोगों के नाम की गई थी।<br /><br />सोरांव के एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कानूनगो दूधनाथ जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। तहसील के अभिलेखों में इस जमीन को फिर से परती की श्रेणी में दर्ज करा दिया गया है। </div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 17:30:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण में खुली लूट, चार दिन में उखड़ गई डामर रोड, घोटाले की जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  बलरामपुर।</strong> पचपेड़वा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई डामर सड़क भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बनती जा रही है। एनएच-730 से बिशुनपुर, टंटनवा, भगगौर होते हुए पचपेड़वा शिवगढ़ धाम को जोड़ने वाली यह सड़क निर्माण के महज चार दिन बाद ही उखड़ने लगी है। हालत यह है कि कई स्थानों पर सड़क से डामर उखड़ चुका है, गिट्टियां बाहर आ गई हैं और कुछ हिस्सों में सड़क के ऊपर घास तक उग आई है।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164111/open-loot-in-pwd-road-construction-asphalt-road-uprooted-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/22.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> बलरामपुर।</strong> पचपेड़वा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई डामर सड़क भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बनती जा रही है। एनएच-730 से बिशुनपुर, टंटनवा, भगगौर होते हुए पचपेड़वा शिवगढ़ धाम को जोड़ने वाली यह सड़क निर्माण के महज चार दिन बाद ही उखड़ने लगी है। हालत यह है कि कई स्थानों पर सड़क से डामर उखड़ चुका है, गिट्टियां बाहर आ गई हैं और कुछ हिस्सों में सड़क के ऊपर घास तक उग आई है।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर बनाई गई थी, लेकिन निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। घटिया सामग्री और तकनीकी मानकों को दरकिनार कर सड़क निर्माण कराया गया, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कुछ ही दिनों में जर्जर हालत में पहुंच गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब “हर तरफ लूट है, क्या यह सरकारी छूट है?” जैसे हालात को दर्शाता है। सड़क की गुणवत्ता देखकर लोग यह सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारी निर्माण कार्य के दौरान कहां थे। निर्माण के समय न तो उचित निगरानी की गई और न ही गुणवत्ता की जांच, जिससे ठेकेदारों को मनमानी करने का पूरा मौका मिल गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि शिवगढ़ धाम क्षेत्र में सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु आते हैं। इस सड़क के खराब होने से न सिर्फ आवागमन प्रभावित होगा, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा। नई सड़क के इस हाल ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण में हुए इस कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। निर्माण की तकनीकी जांच, सामग्री की गुणवत्ता परीक्षण और कार्य की माप पुस्तिका (एमबी) की जांच कर दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सड़क का पुनर्निर्माण मानक के अनुसार कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर जनता के विश्वास को तोड़ती</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 19:14:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेलवे नौकरी घोटाले का मास्टरमाइंड बेनकाब, गैंगस्टर की 1 करोड़ की कोठी जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर। </strong>रेलवे विभाग में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंगस्टर पर गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त चन्द्रशेखर आर्य की अपराध से अर्जित लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति (मकान/भूखण्ड) को जब्त कर लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे संगठित अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में, थाना कैण्ट व थाना एम्स पुलिस टीम ने जिलाधिकारी गोरखपुर के आदेशानुसार यह</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163649/mastermind-of-railway-job-scam-exposed-gangsters-house-worth-rs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/p--2,,,,-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर। </strong>रेलवे विभाग में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंगस्टर पर गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त चन्द्रशेखर आर्य की अपराध से अर्जित लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति (मकान/भूखण्ड) को जब्त कर लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे संगठित अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में, थाना कैण्ट व थाना एम्स पुलिस टीम ने जिलाधिकारी गोरखपुर के आदेशानुसार यह जब्तीकरण किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">17 दिसंबर को हुई बड़ी कार्रवाई</h3>
<p style="text-align:justify;">मु0अ0सं0 329/2025 गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अभियुक्त द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों को उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के अंतर्गत 17.12.2025 को विधिवत जब्त किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रेलवे नौकरी के नाम पर ठगी का खेल</h3>
<p style="text-align:justify;">अभियुक्त पर आरोप है कि वह रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों से भारी रकम वसूलता था। इस अवैध धंधे से अर्जित धन से उसने करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभियुक्त का आपराधिक इतिहास</h3>
<p style="text-align:justify;">गैंगस्टर चन्द्रशेखर आर्य के विरुद्ध पहले से गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं—धारा 419, 420, 467, 468, 471 भा.द.वि. (धोखाधड़ी व जालसाजी)गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला थाना कैण्ट, गोरखपुर</p>
<h3 style="text-align:justify;">जब्त संपत्ति का विवरणभूखण्ड संख्या LIG-039, राप्तीनगर फेज-4, रेल बिहारअनुमानित कीमत – लगभग 1 करोड़ रुपये</h3>
<h3 style="text-align:justify;">पुलिस का सख्त संदेश</h3>
<p style="text-align:justify;">गोरखपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, नौकरी घोटाले और गैंगस्टर गतिविधियों में लिप्त अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अभियुक्त के विरुद्ध आगे की कानूनी प्रक्रिया प्रचलित है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 20:11:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायतों में बंद पड़े सामुदायिक शौचालय, जांच हुई तो खुलेगा सबसे बड़ा घोटाला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या को खत्म करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। योजना का मकसद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर और महाराजगंज तराई सहित अन्य विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। कहीं ताले जड़े हुए हैं तो कहीं भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कई शौचालयों में सफाई की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155114/the-biggest-scam-will-open-if-community-toilets-are-closed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250915-wa0177-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या को खत्म करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। योजना का मकसद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर और महाराजगंज तराई सहित अन्य विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। कहीं ताले जड़े हुए हैं तो कहीं भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कई शौचालयों में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पानी की आपूर्ति की सुविधा। परिणामस्वरूप ये शौचालय उपयोग के लायक ही नहीं रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीण बताते हैं कि जब इन शौचालयों का निर्माण हुआ था तब प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि अब गांवों में गंदगी और खुले में शौच की समस्या नहीं रहेगी। लेकिन शौचालयों का संचालन और रखरखाव पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हो गया। सफाईकर्मी नियुक्त नहीं हुए, न पानी की टंकी भरी गई और न ही बिजली की व्यवस्था की गई। ऐसे में लाखों रुपये खर्च करके बने भवन आज सिर्फ शोपीस बनकर खड़े हैं।लोगों का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई और निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यही वजह है कि कुछ शौचालय शुरू से ही उपयोग में नहीं आ पाए और बंद पड़े हैं। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो यह जनपद का सबसे बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।गांव की महिलाओं का कहना है कि सामुदायिक शौचालय उनके लिए राहत का साधन बन सकता था, लेकिन उपेक्षा के कारण वे आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। वहीं, युवा और किसान भी मानते हैं कि सरकार की योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक शौचालयों की जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बने हुए शौचालयों को जल्द से जल्द चालू किया जाए, ताकि जनता को सुविधा मिल सके और योजनाओं की पारदर्शिता भी बनी रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 19:36:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनरेगा योजना चढ़ा भ्रष्टाचार का भेंट, फर्जी तरीके से लग रही हाजिरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रतनपुर/महराजगंज।</strong> मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकार का उद्देश्य था कि गांवों में मजदूरों को रोजगार देकर उनके जीवन स्तर को सुधारा जा सके। लेकिन नौतनवां ब्लाक में यह योजना भ्रष्टाचार का शिकार बन चुका है। मनरेगा के तहत फर्जी हाजिरी और फोटो घोटाला के माध्यम से हर दिन क्षेत्र से लाखों रूपए की लूट हो रही है।</p><p>सम्बंधित के मिलीभगत से फर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। मजदूरों की हाजिरी एनएमएमएस ऐप पर फर्जी तरीके से दर्शाई जा रही है। एनएमएमएस ऐप को मजदूरों की हाजिरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152569/mnrega-scheme-raised-the-presence-of-corruption-in-a-fake"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/screenshot_20250612_134159_gallery.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रतनपुर/महराजगंज।</strong> मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकार का उद्देश्य था कि गांवों में मजदूरों को रोजगार देकर उनके जीवन स्तर को सुधारा जा सके। लेकिन नौतनवां ब्लाक में यह योजना भ्रष्टाचार का शिकार बन चुका है। मनरेगा के तहत फर्जी हाजिरी और फोटो घोटाला के माध्यम से हर दिन क्षेत्र से लाखों रूपए की लूट हो रही है।</p><p>सम्बंधित के मिलीभगत से फर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। मजदूरों की हाजिरी एनएमएमएस ऐप पर फर्जी तरीके से दर्शाई जा रही है। एनएमएमएस ऐप को मजदूरों की हाजिरी की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था तथा इसके तहत कार्यस्थल पर मजदूर की लाइव तस्वीर अपलोड करना है लेकिन जिम्मेदार उक्त ऐप में भी सेंध लगा रहे हैं। ऐसे में यह ऐप अब भ्रष्टाचार का माध्यम बन गया है।</p><p>पंचायत स्तर पर सम्बंधित लोगों के माध्यम से फर्जी तरीके से मजदूरों के एक ही फोटो को अलग-अलग योजनाओं में दिखाकर लाखों का निकासी कराया जा रहा है। बताया जाता है कि इस कार्य में ब्लाक की भूमिका भी अहम होती है।</p><p>जानकारी के मुताबिक नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामनगर में मोलहू के खेत से डूडी नाला तक नाला खुदाई कार्य करवाया गया है। जहां कार्य पूर्ण हुए कई दिन गुजर गए लेकिन आज भी एनएमएमएस ऐप पर फर्जी तरीके से मनरेगा मजदूरों का मस्टरोल लगाया जा रहा है।</p><p>एनएमएमएस ऐप पर छः मस्टरोल 2519 से लेकर 2524 तक कुल 55 मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लग रही है। लेकिन पिछले दो दिनों से मौके पर एक भी मजदूर सुबह आठ बजे से दस बजे तक कार्य करते नजर नहीं आए।</p><p>मनरेगा मजदूरों के मुताबिक कार्य पूर्ण हो चुका है जिसके वजह से साईड पर कार्य कई दिनों से बंद है। </p><p>विगत दिनों ब्लाक के अधिकारियों द्वारा करीब आधा दर्जन रोजगार सेवकों पर कार्यवाही किया गया लेकिन फिर भी यह घोटाला दिन प्रतिदिन पांव पसारता जा रहा है। जहां प्रतिदिन फर्जी मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।</p><p><br />इस संबंध में एपीओ शशिकांत कुमार ने बताया कि मनरेगा में अनियमितता पाए जाने पर सम्बंधित लोगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। ऐसे में जांच-पड़ताल किया जाएगा अनियमितता पाए जाने पर सम्बंधित के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 14:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय बिशनपुर विश्राम में बड़ा घोटाला-सूत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर- </strong>राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय बिशनपुर विश्राम से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। विद्यालय में हुई चोरी और सामान के गायब होने की घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन को हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यहां एक दर्जन से अधिक पुरानी बैटरियां गायब हो चुकी हैं। इसके अलावा, विद्यालय के परिसर में रखी गई कई टन वजनी पानी की टंकी और टावर के अवशेष भी चोरी हो गए।इन घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और चोरी के पीछे बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है।</div>
<div>  </div>
<div><strong>2019 में निर्माणाधीन दरवाजे और खिड़कियां भी गायब</strong></div>
<div>सूत्रों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150217/big-scam-sutra-in-the-state-ashram-system-girl-school-bishanpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250321-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर- </strong>राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय बिशनपुर विश्राम से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। विद्यालय में हुई चोरी और सामान के गायब होने की घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन को हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यहां एक दर्जन से अधिक पुरानी बैटरियां गायब हो चुकी हैं। इसके अलावा, विद्यालय के परिसर में रखी गई कई टन वजनी पानी की टंकी और टावर के अवशेष भी चोरी हो गए।इन घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और चोरी के पीछे बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है।</div>
<div> </div>
<div><strong>2019 में निर्माणाधीन दरवाजे और खिड़कियां भी गायब</strong></div>
<div>सूत्रों के मुताबिक, यह चोरी केवल बैटरियों और पानी की टंकी तक ही सीमित नहीं है। विद्यालय में 2019 में निर्माणाधीन दरवाजे और खिड़कियां भी गायब हो चुकी हैं। यह घटनाएं अब गंभीर सवाल खड़ा करती हैं कि क्या निर्माण कार्य में गड़बड़ी और अनियमिताएं रही हैं। अधिकारियों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से यह सामान चोरी हो रहा है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250321-wa0017-(1).jpg" alt="IMG-20250321-WA0017 (1)" width="1158" height="1353"></img></div>
<div><strong>स्थानीय जिम्मेदारों की मिलीभगत से घोटाले की आशंका</strong></div>
<div>गायब हुए सामान और निर्माण कार्य में लापरवाही से यह मामला अधिक गंभीर हो गया है। स्थानीय जिम्मेदारों पर मिलीभगत का आरोप है, जिससे इस चोरी और गड़बड़ी के पीछे बड़ा घोटाला होने की आशंका जताई जा रही है। आरोपियों की पहचान कर इस मामले की जांच शुरू करने की मांग तेज हो गई है। स्कूल की संपत्ति के इस तरह के नुकसान से न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि बच्चों के शिक्षा का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।</div>
<div> </div>
<div>इस मामले में समाज कल्याण अधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया है कि टीम गठित कर जांच करवाई जा रही है दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150217/big-scam-sutra-in-the-state-ashram-system-girl-school-bishanpur</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 14:47:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना स्कूल खुले तीन दिन खाना बनने के मामले में विभाग ने साधी चुप्पी</title>
                                    <description><![CDATA[ - कप्तानगंज विकास खण्ड के प्रा०वि० मीतासोती से जुड़ा मामला- प्रकरण में खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव की भूमिका भी संदिग्ध]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150042/the-department-has-kept-silent-silence-in-case-of-cooking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250220-wa0228.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज विकास खण्ड के अन्तर्गत स्थित ग्राम पंचायत बरहटा में स्थित प्रा०वि० मीतासोती एकल अध्यापकीय विद्यालय है । यहाँ पर प्रीती यादव नामक प्रधानाध्यापिका कार्यरत हैं जो विगत जनवरी माह में ही सी0सी0एल0 अवकाश पर चली गयीं थीं हलांकि उपस्थिति पंजिका पर सी०सी०एल० सम्बन्धी कोई अंकना नहीं है । इस दौरान विद्यालय संचालन हेतु अन्य विधालयों से शिक्षा मित्रों की ड्युटी लगायी गयी थी जिसकी सूचना सम्बन्धित को ससमय उपलब्ध नहीं करायी गयी , पूरा खेल कागजों में खेला जाता रहा ।</div>
<div> </div>
<div>मीडिया पड़ताल में पता चला कि दिनांक 06, 07 व 08 फरवरी 2025 को प्रा० वि० मीतासोती न तो खुला था न ही मध्यान्ह भोजन बना था फिर भी इन तिथियों में प्रधानाध्यापिका द्वारा भोजन बनने की रिपोर्ट प्रेषित की गयी है । पूरा प्रकरण खण्ड शिक्षा अधिकारी कप्तानगंज प्रभात कुमार श्रीवास्तव के संज्ञान में है फिर भी दुरभि संधि के चलती अभी तक प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं हो पायी । बिना मध्यान्ह भोजन बने मध्यान्ह भोजन की रिपोर्ट प्रेषित कर खाद्यान्न व मध्यान्ह भोजन राशि का गमन खुलेआम चल रहा है फिर भी विभाग कार्यवाही के बजाय दबाने में मस्त है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 13:45:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ागांव प्रधान की निष्पक्षता से हो जांच तो खुल सकते हैं कई घोटाले।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>शारदा नगर खीरी -</strong>लखीमपुर खीरी विकास खण्ड नकहा की सबसे बड़ी संख्या वाली ग्राम पंचायत बड़ागांव में होते हैं घोटाले पर घोटाले। जी हां सही सुना आपने ग्राम प्रधान बड़ागांव का प्रधान अब्दुल हसीब उर्फ पुत्तन भैया जो कि एक दबंग प्रवृत्ति का प्रधान है बिना कम किए निकाल चुका है लाखों रुपए निष्पक्षता से हो जांच तो उजागर हो सकते हैं कई राज। ग्राम प्रधान अब्दुल हसीब के घर काफी समय तक प्रधानी रही है जिसका लाभ उठाते हुए ग्राम समाज की सारी जमीन पर उन्हीं लोगों का कब्जा है चाहे वह प्रधान हो या फिर प्रधान के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149932/many-scams-can-be-opened-if-the-investigation-of-bargaon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/फोटो-08--...1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शारदा नगर खीरी -</strong>लखीमपुर खीरी विकास खण्ड नकहा की सबसे बड़ी संख्या वाली ग्राम पंचायत बड़ागांव में होते हैं घोटाले पर घोटाले। जी हां सही सुना आपने ग्राम प्रधान बड़ागांव का प्रधान अब्दुल हसीब उर्फ पुत्तन भैया जो कि एक दबंग प्रवृत्ति का प्रधान है बिना कम किए निकाल चुका है लाखों रुपए निष्पक्षता से हो जांच तो उजागर हो सकते हैं कई राज। ग्राम प्रधान अब्दुल हसीब के घर काफी समय तक प्रधानी रही है जिसका लाभ उठाते हुए ग्राम समाज की सारी जमीन पर उन्हीं लोगों का कब्जा है चाहे वह प्रधान हो या फिर प्रधान के चहेते कब्जा किए हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>चाहे खलिहान हो या फिर सुआनारा गरीबों के घर उजाड़ कर कब्जा करने में माहिर है ग्राम प्रधान।बड़ागांव में एक रेउजा है जो कि काफी पुराना है जिसमें करीब 80 बीघा जमीन थी जिसको प्रधान व प्रधान पिता ने प्रधानी का लाभ उठाते हुए सारी जमीन बेच कर खा गए। गांव के काफी ऐसे लोग भी हैं जिनके नाम जमीन का कागज़ तो है लेकिन जमीन प्रधान जी ने जोत रक्खा है। गांव के जितने तालाब हैं सारे तालाब प्रधान व प्रधान के गुर्गों ने पाट लिया है। लेखपाल द्वारा पैमाईश करने के बाद पता चला सुआनारा पर प्रधान जी का कब्जा है।  इससे पता चलता है प्रधान कितना ईमानदार है जो दूसरों की जमीन जोत रक्खा है।</div>
<div> </div>
<div>काफी जमीन के एसे पट्टा हैं जो कभी ग्राम पंचायत में रहते ही नहीं थे न तो आज उनका कहीं पता है। यहां तक कि ग्राम पंचायत के कब्रिस्तान भी प्रधान के पिता के नाम दर्ज है यदि मौका मिल जाए तो पूरी पंचायत पर कब्जा कर सकता है ग्राम प्रधान उच्च अधिकारी एक बार ग्राम पंचायत बड़ागांव की भी निष्पक्षता से करा ले जांच तो कई और सच निकल कर आएंगे सामने।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 13:04:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेसिक शिक्षा विभाग में अजब गजब खेल एक साथ दो कार्य शिक्षा अर्जन और शिक्षण कार्य कैसे</title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षामित्र के पद पर तैनात रहते बी ए की डिग्री संस्थागत छात्र के रूप में हासिल करने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149479/amazing-game-in-basic-education-department-how-to-earn-two"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi-divas16.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong>  जनपद खीरी के बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार थमने का नाम ही नहीं ले रहा है बेसिक शिक्षा विभाग अरसे से भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है यहां आए दिन घपले घोटाले के नए-नए मामले अखबारी सुर्खियां बनते हैं मामला चाहे फर्जी अंक पत्रों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों और शिक्षामित्र का हो और फिर चाहे फर्नीचर खरीद घोटाला हो या फिर कोरोना काल में एमडीएम एवं बच्चों को निशुल्क मिलने वाले ड्रेस जूता मोजा  तथा स्कूल बैग वितरण का मामला रहा हो हमेशा विभाग अखबारी सुर्खियां बनता रहा है जिसके चलते जिला अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की लाख सख़्ती और सक्रियता के बावजूद शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटती नजर नहीं आ रही है बेसिक शिक्षा प्रणाली में कोई अमूल सुधार होते नजर नहीं आ रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्या है पूरा मामला</strong></div>
<div> मामला विकासखंड फूलबेहड़ के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भीखनापुर से जुड़ा है जहां शिक्षामित्र के पद पर तैनात शिक्षामित्र सतीश कुमार द्वारा प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी के मिली भगत से नियम कानून को ताक पर रखकर एक साथ दोहरा लाभ लेते रहे और जिम्मेदारखंड शिक्षा अधिकारी फुलबेहड सहित प्रधानाध्यापक चैन की नीद सोते रहे उनको अपने शिक्षामित्र के इस कृतय की भनक तक नहीं लगी मामले पर गौर फरमाए तो  शिक्षामित्र सतीश कुमार एक और जहां शिक्षामित्र के पद पर प्राथमिक विद्यालय भीखनापुर में बतौर शिक्षामित्र शिक्षण कार्य में संलग्न है वहीं दूसरी तरफ युवराज दत्त महाविद्यालय में बी ए की रेगुलर छात्र के तौर पर डिग्री हासिल कर  करते रहे।</div>
<div> </div>
<div>अब अहम सवाल यह है कि किस समय पर सतीश अपनी बी ए की क्लास अटेंड करते थे और किस समय स्कूल में शिक्षण कार्य करते थे इस यक्ष प्रश्न का उत्तर शिक्षामित्र सतीश कुमार से लेकर प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय भिखनापुर व खंड शिक्षा अधिकारी फुलबेहड के पास भी ढूंढे नहीं मिल पा रहे हैं एक साथ दो काम कैसे संभव है उक्त नियमित कक्षाओं के लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई थी नियमानुसार सेवा के दौरान व्यक्तिगत परीक्षा देने के लिए भी विभागीय अनुमति लिए जाने की आवश्यकता होती है इनके द्वारा तो बतौर नियमित छात्र रहकर बी ए की डिग्री हासिल की गई है। </div>
<div> </div>
<div>अहम सवाल यह पैदा होता है एक तरफ शिक्षामित्र की सेवाएं देते रहे और दूसरी तरफ बाय डी सी से नियमित छात्र के रूप में शिक्षा भी ग्रहण करते रहे दोनों काम एक साथ कैसे संभव हो सकते हैं नियमानुसार महाविद्यालय में प्रत्येक विषय के प्रवक्ता द्वारा अपनी कक्षा प्रारंभ करने से पूर्व कक्षा में उपस्थित छात्राओं की उपस्थिति दर्ज करना होता है और उक्त उपस्थिति का विवरण विश्वविद्यालय को भेजने का प्रावधान है यदि किसी छात्र की महाविद्यालय में उपस्थित 75% से कम होती है तो ऐसे छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती। </div>
<div> </div>
<div>तो फिर उक्त सतीश कुमार दो काम एक साथ शिक्षा अर्जन और अध्यापन किस प्रकार देते रहे लोगों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लंबे समय से यही पर तैनात प्रधानाध्यापिका जी अकसर र विलंब से ही विद्यालय आती हैं जिनके गैर मौजूदगी में यही शिक्षामित्र साहब ही विद्यालय के समस्त कार्य संचालित करते हैं ऐसा लोगों का आरोप है एमडीएम हो या फिर अन्य कार्य सूत्र बताते हैं  की उक्त शिक्षा मित्र के चाचा श्री राम इसी विद्यालय की न्याय पंचायत में एनपीआरसी के पद पर पदासीन रहे हैं जो अब रिटायर हो चुके हैं और शिक्षामित्र आज भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। </div>
<div> </div>
<div>विद्यालय के प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी फुलबेहड द्वारा कूटरचना करके दोहरा लाभ लेने वाले उक्त फर्जी वाडा के मास्टरमाइंड शिक्षामित्र के विरुद्ध आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है सारे मामले को धनवल के दम पर दफनाने का खेल बदस्तूर खेला जा रहा है यदि मामले का बेसिक शिक्षा अधिकारी खीरी प्रवीण कुमार तिवारी द्वारा लिया जाए संज्ञान और मामले की कराई जाए निष्पक्ष जांच तो होगा दूध का दूध और पानी का पानी फिलहाल मामला जांच का विषय बना है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:44:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नगर पालिका परिषद मंझनपुर की टेण्डर प्रकिया में झोल ही झोल चौकसी पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कौशाम्बी। </strong>जनपद के नगर पालिका परिषद मंझनपुर में चल रही टेण्डर प्रक्रिया ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित किये गये हैं। हाल ही में ठेकेदारों द्वारा लगाई गई फर्जी एफडीआर (फिक्स डिपॉजिट रसीद) क्लोन कापी की जांच से यह मामला उजागर हुआ है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने फर्जीवाड़े की इस खबर को गम्भीरतापूर्वक से लेते हुए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह को जांच के आदेश दिये हैं। </div>
<div>  </div>
<div>जांच में पाया गया कि  के ठेकेदारों ने फर्जी एफडीआर का इस्तेमाल कर टेण्डर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गयी है। जानकारी के अनुसार, इससे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149288/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250303-wa0749.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी। </strong>जनपद के नगर पालिका परिषद मंझनपुर में चल रही टेण्डर प्रक्रिया ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित किये गये हैं। हाल ही में ठेकेदारों द्वारा लगाई गई फर्जी एफडीआर (फिक्स डिपॉजिट रसीद) क्लोन कापी की जांच से यह मामला उजागर हुआ है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने फर्जीवाड़े की इस खबर को गम्भीरतापूर्वक से लेते हुए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह को जांच के आदेश दिये हैं। </div>
<div> </div>
<div>जांच में पाया गया कि  के ठेकेदारों ने फर्जी एफडीआर का इस्तेमाल कर टेण्डर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गयी है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी टेण्डर प्रक्रिया सवालों के घेरे में रही है, लेकिन इस बार हालात बेहद गम्भीर हैं। ठेकेदारों ने क्लोन एफडीआर का सहारा लेकर टेण्डर हथियाने की कोशिश की है।</div>
<div>अब सवाल यह उठता है कि क्या इस मामले में ठोस कार्रवाई होगी या फिर कमीशन खोरी की चक्रव्यूह में सब कुछ छोड़ दिया जायेगा।</div>
<div> </div>
<div>जनता और पत्रकारों की नज़र अब इस मामले पर है, और सभी की ओर से यही अपेक्षा की जा रही है कि सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाया जाये। और नगर पालिका परिषद में चल रहे इस फर्ज़ीवाड़े  खेल के पीछे की सच्चाई जल्द ही सबके सामने आनी चाहिये।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 12:26:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय निर्माण में घोटालाः ढाई करोड़ की लागत से बन रहे स्कूल में घटिया सामग्री का प्रयोग, ग्रामीणों ने किया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  गजरौला क्षेत्र के माला में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज में घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। 2 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस विद्यालय में ठेकेदार द्वारा पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। एकेडमिक ब्लॉक और हॉस्टल के निर्माण में न केवल पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, बल्कि मोरिंग भी निम्न गुणवत्ता की डाली जा रही है। इतना</div>
<div> </div>
<div>मामले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148444/scam-in-construction-of-kasturba-gandhi-residential-school-villagers-protested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/0.0046.jpg" alt=""></a><br /><div> गजरौला क्षेत्र के माला में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज में घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। 2 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस विद्यालय में ठेकेदार द्वारा पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। एकेडमिक ब्लॉक और हॉस्टल के निर्माण में न केवल पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, बल्कि मोरिंग भी निम्न गुणवत्ता की डाली जा रही है। इतना ही नहीं, पिलर के बिना केवल ईंटों से ही भवन का निर्माण किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है गौरतलब है कि 24 दिसंबर को भी ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर निर्माण कार्य रुकवाया था, लेकिन बाद में चोरी-छिपे फिर से काम शुरू कर दिया गया। आज जब पीली ईंटें लगाई जा रही थीं, तो दर्जनों महिलाओं सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया।</div>
<div>इस दौरान निर्माण श्रमिकों से उनकी तीखी बहस भी हुई। यह विद्यालय जिले भर के हजारों जरूरतमंद</div>
<div>परिवारों की छात्राओं को 12वीं तक की आवासीय शिक्षा प्रदान करेगा। ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 17:32:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाले का खुलासा अनपरा नगर पंचायत में गरीबों का हक मारा गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div>नगर पंचायत अनपरा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ एक अमीर व्यवसाई को दिया गया है। यह मामला औड़ी मोड़ आदर्श नगर पंचायत का है, जहां नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर एक गरीब और पात्र व्यक्ति का नाम बदलकर इस अमीर व्यवसाई को आवास योजना का लाभ दिलवा दिया।आपको बताते चलें यह एक गंभीर मामला है। क्योंकि इससे साफ जाहिर होता है ।कि नगर पंचायत के कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>गरीबों के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147068/scam-exposed-in-pradhan-mantri-awas-yojana-rights-of-poor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/1------------.jpg" alt=""></a><br /><div>नगर पंचायत अनपरा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ एक अमीर व्यवसाई को दिया गया है। यह मामला औड़ी मोड़ आदर्श नगर पंचायत का है, जहां नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर एक गरीब और पात्र व्यक्ति का नाम बदलकर इस अमीर व्यवसाई को आवास योजना का लाभ दिलवा दिया।आपको बताते चलें यह एक गंभीर मामला है। क्योंकि इससे साफ जाहिर होता है ।कि नगर पंचायत के कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>गरीबों के हक को छीनकर कुछ लोगों ने अपनी जेबें भरने की कोशिश कर रहे हैं। क्या इस धोखाधड़ी में केवल कुछ कर्मचारी शामिल हैं या फिर इसमें और भी लोग शामिल हैं।सिर्फ एक व्यक्ति के साथ ही धोखाधड़ी हुई है या फिर और भी लोग हैं जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला है।एक अमीर व्यक्ति को योजना का लाभ कैसे मिला या नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ होगा।उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया होगा या फिर पात्र व्यक्ति के नाम को बदलकर अयोग्य व्यक्ति को लाभ दिलाया होगा। इस भ्रष्टाचार में पता नहीं धोखाधड़ी में कितने लोग शामिल हैं। जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि इस पूरे मामले में कौन-कौन शामिल था।प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में धोखाधड़ी होना देश के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147068/scam-exposed-in-pradhan-mantri-awas-yojana-rights-of-poor</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Dec 2024 16:51:23 +0530</pubDate>
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