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                <title>Punjab Free Electricity - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>Free Electricity: अब इस राज्य में लोगों को नहीं मिलेगी फ्री बिजली, जाने इसकी वजह ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Free Electricity: </strong>पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को दी जा रही मुफ्त (Free) बिजली योजना आने वाले समय में खतरे में पड़ सकती है। आइए जानते हैं इसके बारें में पूरी जानकारी विस्तार से...</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्यों पर बिजली सब्सिडी (Subsidy) बकाया चुकाने का दबाव बढ़ाते हुए तीन विकल्पों वाला सख्त निजीकरण फॉर्मूला तैयार किया है। यह प्रस्ताव उन राज्यों पर शिकंजा कसने के लिए है जो समय पर बिजली सब्सिडी (Subsidy) का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब में बिजली सब्सिडी (Subsidy) का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157694/now-people-will-not-get-free-electricity-in-this-state"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-19t112033.485.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Free Electricity: </strong>पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को दी जा रही मुफ्त (Free) बिजली योजना आने वाले समय में खतरे में पड़ सकती है। आइए जानते हैं इसके बारें में पूरी जानकारी विस्तार से...</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्यों पर बिजली सब्सिडी (Subsidy) बकाया चुकाने का दबाव बढ़ाते हुए तीन विकल्पों वाला सख्त निजीकरण फॉर्मूला तैयार किया है। यह प्रस्ताव उन राज्यों पर शिकंजा कसने के लिए है जो समय पर बिजली सब्सिडी (Subsidy) का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब में बिजली सब्सिडी (Subsidy) का दायरा काफी बड़ा है। Free Electricity News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, आपको बता दें कि किसानों को ट्यूबवेल चलाने के लिए मुफ्त (Free) बिजली दी जाती है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 Unit तक मुफ्त (Free) बिजली का लाभ मिलता है। वर्ष 1997-98 में जहां कृषि क्षेत्र की सब्सिडी (Subsidy) 604.57 करोड़ थी, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 10,000 करोड़ हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, यदि अन्य वर्गों की सब्सिडी (Subsidy) भी जोड़ दी जाए तो कुल अनुमानित सब्सिडी (Subsidy) 20,500 करोड़ तक पहुंच गई है। Free Electricity News</p>
<p><strong>तीन विकल्प</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने जो तीन विकल्प सुझाए हैं। पहला विकल्प यह है कि राज्य सरकार बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) में 51% हिस्सेदारी बेचकर इन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत चलाए। मिली जानकारी के अनुसार, दूसरा विकल्प यह है कि बिजली वितरण कंपनियों में 26% हिस्सेदारी और प्रबंधन का नियंत्रण किसी निजी कंपनी को सौंपा जाए। तीसरे विकल्प के तौर पर कहा गया है कि यदि कोई राज्य निजीकरण से बचना चाहता है तो उसे अपनी डिस्कॉम्स को SEBI और स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर कराना होगा। Free Electricity News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, गुप्ता ने कहा कि यह प्रस्ताव फिलहाल सात राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु — के साथ एक मंत्रिस्तरीय बैठक में साझा किया गया है। हालांकि पंजाब इस बैठक में शामिल नहीं था, लेकिन आने वाले समय में उस पर भी यह दबाव बढ़ सकता है। Free Electricity News</p>
<p><strong>विरोध</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, पंजाब के किसान संगठनों ने बिजली के निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि मुफ्त (Free) बिजली पर निर्भर कृषि क्षेत्र पर यह सीधा हमला है। यूनियनों ने बिजली संशोधन विधेयक-2025 का भी विरोध किया है, जो टैरिफ में बदलाव और निजी कंपनियों को बढ़त देने की बात करता है। मिली जानकारी के अनुसार, किसान नेताओं का आरोप है कि यह विधेयक आम जनता की कीमत पर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की दिशा में उठाया गया कदम है। Free Electricity News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बिजली संविधान की समवर्ती सूची में आती हैय़ यानी केंद्र और राज्य दोनों को इसमें नीति निर्धारण का अधिकार है। जानकारी के मुताबिक, ऐसे में गुप्ता ने सवाल उठाया कि महज सात राज्यों की राय के आधार पर देशभर में निजीकरण कैसे थोपा जा सकता है? उन्होंने इसे एक राष्ट्रव्यापी निजीकरण अभियान करार दिया। Free Electricity News</p>
<p><strong>रफ्तार</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में देश में 60 से अधिक डिस्कॉम्स हैं, जिनमें से 16 निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। गुजरात, दिल्ली, मुंबई, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और दादरा व नगर हवेली जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निजी कंपनियों की भागीदारी पहले से है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 11:20:50 +0530</pubDate>
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