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                <title>railway technology - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>railway technology RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे टिकट चेकिंग कर्मचारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो</div>
<div style="text-align:justify;">यह</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260725_190151.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो सहित रिकॉर्ड होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पायलट परियोजना महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह के विशेष निर्देशों के अनुपालन में प्रारंभ की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रथम चरण में प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों—12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस (प्रयागराज–नई दिल्ली–प्रयागराज) तथा 12451/12452 श्रमशक्ति एक्सप्रेस (कानपुर–नई दिल्ली–कानपुर) में कार्यरत टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस व्यवस्था का विस्तार चरणबद्ध रूप से प्रयागराज मंडल से प्रारंभ होने वाली अन्य ट्रेनों में भी किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए बॉडी वॉर्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हैं, जिनमें एचडी (HD) वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विज़न, लंबी अवधि का बैटरी बैकअप तथा टैंपर-प्रूफ रिकॉर्डिंग प्रणाली जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन विशेषताओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी निर्बाध रिकॉर्डिंग सुनिश्चित होगी तथा रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">टिकट जांच के दौरान कई बार यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों के मध्य विवाद अथवा शिकायतें उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में कैमरे में उपलब्ध रिकॉर्डिंग निष्पक्ष एवं विश्वसनीय साक्ष्य के रूप में कार्य करेगी, जिससे वास्तविक तथ्यों के आधार पर शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इससे निराधार अथवा फर्जी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही यदि किसी यात्री के साथ अनुचित व्यवहार अथवा किसी कर्मचारी के साथ अभद्रता, दुर्व्यवहार या मारपीट जैसी घटना होती है, तो उसकी सत्यता का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">यह व्यवस्था टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं व्यावसायिक आचरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। साथ ही यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा तथा टिकट जांच के दौरान अनुशासन एवं शालीन व्यवहार को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टिकट चेकिंग प्रक्रिया का निष्पक्ष एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों के हितों का समान रूप से संरक्षण होगा। फर्जी शिकायतों एवं अनावश्यक विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। शिकायतों एवं अपीलों के निस्तारण में साक्ष्य आधारित एवं त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों के कार्य निष्पादन, व्यवहार एवं सेवा गुणवत्ता का अधिक प्रभावी मूल्यांकन संभव होगा। सुरक्षा संबंधी घटनाओं, संदिग्ध गतिविधियों अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उपलब्ध वीडियो फुटेज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं अन्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध होगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों का रेलवे के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रेलवे की सकारात्मक छवि को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से रेलवे प्रशासन में सुशासन (Good Governance), पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को और अधिक मजबूती मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज मंडल का विश्वास है कि यह अभिनव पहल यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ टिकट चेकिंग व्यवस्था को भी अधिक आधुनिक, प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाएगी। पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार प्रयागराज मंडल की अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:40:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Railway News: देश में 160 KM की रफ्तार से दौड़ेंगी ये ट्रेन, धुंध में भी नहीं घटेगी स्पीड </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Railway News: </strong>रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली यानी 'कवच' आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम के साथ मिलकर कार्य करेगा। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, कवच सिस्टम भी आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम के साथ ही लगना आरंभ हो गया है। कवच लग जाने से ट्रेनें अधिकतम 160 KM प्रति घंटे की गति से चल सकेंगी। Indian Railways News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, लोको पायलट अपने केबिन में सिग्नल लाइव देखते रहेंगे। कोहरे में भी ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होंगा। ट्रेनें निर्बाध गति से चलती रहेंगी। Indian Railways News</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, फिलहाल, पूर्वोत्तर रेलवे के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157392/railway-news-this-train-will-run-at-a-speed-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news-(64).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Railway News: </strong>रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली यानी 'कवच' आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम के साथ मिलकर कार्य करेगा। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, कवच सिस्टम भी आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम के साथ ही लगना आरंभ हो गया है। कवच लग जाने से ट्रेनें अधिकतम 160 KM प्रति घंटे की गति से चल सकेंगी। Indian Railways News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, लोको पायलट अपने केबिन में सिग्नल लाइव देखते रहेंगे। कोहरे में भी ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होंगा। ट्रेनें निर्बाध गति से चलती रहेंगी। Indian Railways News</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, फिलहाल, पूर्वोत्तर रेलवे के बाराबंकी-छपरा रूट पर आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम भी तेजी के साथ लग रहा है। यह सिस्टम 100 KM से अधिक रेलमार्ग पर कार्य करने लगा है। Indian Railways News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, कवच सिस्टम प्रत्येक एक KM पर लग रहे आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम के सिग्नल, पटरियों, इंजन के कैब और इंजन के नीचे तथा स्टेशन मास्टर के पैनल में लगाया जा रहा है, जो एक सेक्शन में चलने वाली ट्रेन की स्पीड समेत इंजन और सिग्नल की प्रत्येक गतिविधियों को रीड (पढ़ता) करता रहेगा। Indian Railways News</p>
<p><strong>कवच होगा सक्रिय</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, रेड सिग्नल होने, निर्धारित से अधिक गति होने, लोको पायलटों की सक्रियता नहीं होने तथा एक सेक्शन यानी एक KM के अंदर दूसरी ट्रेन के आते ही कवच सक्रिय हो जाएगा। सबसे पहले वह लोको पायलटों और स्टेशन मास्टर को अलर्ट करेगा। फिर इमरजेंसी ब्रेक लगा देगा। Indian Railways News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, कवच के तहत लोको पायलट इंजन के कैब में एक सेक्शन की सभी गतिविधियों को लाइव देखते रहेंगे। रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे में कवच लगाने के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी आरंभ करा दिया है। अधिकारी और कर्मचारी हैदराबाद स्थित प्रशिक्षण केंद्र इरिसेट में प्रशिक्षित हो रहे हैं। Indian Railways News</p>
<p><strong>तकनीक पर आधारित है कवच</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, कवच सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक पर तैयार किया गया है, जो ट्रेन के इंजनों और सिग्नल सिस्टम से जुड़ा रहेगा। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वयं कवच का परीक्षण किया है। चार मार्च, 2022 को रेलमंत्री ने ट्रेन में बैठकर कवच प्रणाली का परीक्षण किया था। Indian Railways News</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षण की सफलता के बाद रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे स्तर पर इस प्रणाली का प्रयोग करने के लिए अनुमति प्रदान कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 11:23:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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