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                <title>sahitya - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>sahitya RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली के मंत्री और मेयर सहित कई अन्य मंत्रियों द्वारा सम्मानित हुई बिहार की बेटी काजल</title>
                                    <description><![CDATA[पटना की टॉप 10 ज्योतिषी की श्रेणी में आती हैं काजल।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155625/bihars-daughter-kajal-honored-by-many-other-ministers-including-delhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250920-wa0283.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div>
<div><strong>ब्यूरो चीफ डीएस त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
</div>
</blockquote>
</div>
<div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>नई दिल्ली की एक संस्था कमला ट्रस्ट जो कि भारत के महान विभूतियों को उनकी विशेष और अद्भुत प्रतिभाओं के लिए सम्मानित करती आ रहीं ने बिहार की बेटी काजल को उनके बहुमुखी प्रतिभा और योग्यता के लिए  पटना बिहार की बेटी काजल को पुरस्कृत करने के लिए चयनित किया है।कमला ट्रस्ट की स्थापना घमंडीराम गोंडवानी और इनकी पत्नी आंकिबाई ने की थी।</div>
<div> </div>
<div> इस ट्रस्ट के द्वारा 19 सितंबर 2025 को पूरे भारत से 32 लोगों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया जिसमें बिहार की शान काजल कुमारी  को विशेष स्थान दिया गया हैं। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<h4><strong>युवाओं के लिए प्रेरणा है काजल।</strong></h4>
<div> </div>
<div>यह बहुत गर्व की बात हैं कि पूरे बिहार से इस अवॉर्ड के लिए इनका ही चयन किया गया। सुश्री काजल कुमारी  बिहार के पट ना की रहने वाली हैं और इन्होंने बहुत कम उम्र में वो सारे कार्य किए हैं, जो कि आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।  इन्होंने खेल के क्षेत्र में 2020 में कबड्डी में डिस्टिक लेवल पर टॉप किया और बिहार का मान बढ़ाई। सन् 2022 में काजल जी ने कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित ब्यूटी कॉन्टेस्ट में अपनी खूबसूरती से मिस पटना का ताज अपने नाम किया। </div>
<div> </div>
<div>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/9L3k7YpzGVo" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
</div>
<div> </div>
<div> </div>
<h4><strong>साहित्य के क्षेत्र में महत्व पूर्ण योगदान।</strong></h4>
<div> </div>
<div>इन्होंने साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं। मात्र 20 वर्ष की उम्र में 9 पुस्तक सहित 3 उपन्यास लिखी हैं। इनकी रचनाएं देश विदेश की पत्र पत्रिकाओं में भी प्रकाशित होती रहती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने स्लम बस्तियों के बच्चों को मुफ्त में 2 वर्षों तक शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को एक नई दिशा दी हैं। जो बच्चे नाली साफ करते थे कूड़ा चुनते थे उन्हें काजल जी ने कलम थमाया हैं।</div>
<div> </div>
<div> ज्योतिष के क्षेत्र में इन्होंने इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं जो कि लोग 50 साल की उम्र में भी हासिल नहीं कर पाते हैं। इन्होंने ज्योतिष को एक अलौकिक दिव्य ज्ञान बताया हैं तथा ये पटना की टॉप 10 ज्योतिषी की श्रेणी में आती हैं। </div>
<div> </div>
<h4><strong>सामाजिक छेत्र में बड़ा योगदान।</strong></h4>
<div> </div>
<div>अब इनके सामाजिक क्षेत्र में यदि हम बात करें तो इनका बहुत बड़ा योगदान रहा हैं। इन्होंने बाल विवाह, दहेज प्रथा,  महिला उत्पीड़न, नाबालिक लड़कीयों को देह व्यापार आदि से बचाया तथा उनकी आवाज बनकर उनके अस्तित्व के लिए लड़ी हैं।  इतनी सारी प्रतिभा किसी एक व्यक्ति में होना वाकई कमाल की बात हैं। कमला ट्रस्ट ऐसे ही प्रतिभावान व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने का कार्य करती हैं। </div>
<div> </div>
<h4><strong>काजल की प्रतिभा पर एक दिन विहार चमकेगा।</strong></h4>
<div> </div>
<div>ये अवॉर्ड देते हुए मध्यप्रदेश की कैबिनेट मंत्री और उत्तरप्रदेश के खेल मंत्री सहित कई मंत्रियों ने इन्हें सम्मानित करते हुए बोले कि ये सबसे कम उम्र की प्रतिभावान लड़की हैं और हमें विश्वास हैं कि बिहार एक दिन इनकी काबिलियत से चमकेगा। </div>
<div> </div>
<h4><strong>माता पिता के आशीर्वाद से संभव हुआ </strong></h4>
<div> </div>
<div>अवॉर्ड लेते हुए काजल कुमारी जी ने कहा मैं आज जो कुछ भी हूं अपने माता पिता के आशीर्वाद से हूं और मां सरस्वती की कृपया दृष्टि से हूं। मैं आप लोगों का आभार व्यक्त करती हूं कि आपने इस सम्मान का पात्र बनाया मुझे। हमारी न्यूज टीम इनको बहुत बहुत धन्यवाद देती हैं और ये कामना करती हैं कि बिहार की यह बेटी खूब तरक्की करे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कविता/कहानी</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155625/bihars-daughter-kajal-honored-by-many-other-ministers-including-delhi</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 00:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लघु नाटक '&quot; छोटी बातें, लेकिन अच्छी बातें &quot; का मंचन कर बच्चों को किया जागरूक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संस्था द थर्ड बेल समय समय पर विद्यालयों में जाकर विभिन्न सामाजिक विषयों को लेकर जागरूकता का प्रयास करती रही है इसी क्रम में संस्था द थर्ड बेल की पहल पर  मंगलवार को नगर क्षेत्र स्थित डी. पी.पब्लिक स्कूल नया कटरा, प्रयागराज में लघु नाटक 'छोटी बातें, लेकिन अच्छी बातें' की प्रस्तुति स्कूल के बच्चों के समक्ष प्रस्तुत की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस नाटक  के माध्यम से ये बताया गया कि मोबाइल फोन का अधिक प्रयोग कितना नुकसान दायक है। जैसा कि आज के परिवेश में ये अक्सर देखने में आता है कि बच्चे भी मोबाइल का बहुत प्रयोग</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140500/made-children-aware-by-staging-the-short-play-%E2%80%9Csmall-things"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/img-20240423-wa0186.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संस्था द थर्ड बेल समय समय पर विद्यालयों में जाकर विभिन्न सामाजिक विषयों को लेकर जागरूकता का प्रयास करती रही है इसी क्रम में संस्था द थर्ड बेल की पहल पर  मंगलवार को नगर क्षेत्र स्थित डी. पी.पब्लिक स्कूल नया कटरा, प्रयागराज में लघु नाटक 'छोटी बातें, लेकिन अच्छी बातें' की प्रस्तुति स्कूल के बच्चों के समक्ष प्रस्तुत की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस नाटक  के माध्यम से ये बताया गया कि मोबाइल फोन का अधिक प्रयोग कितना नुकसान दायक है। जैसा कि आज के परिवेश में ये अक्सर देखने में आता है कि बच्चे भी मोबाइल का बहुत प्रयोग कर रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप बच्चों के शारीरिक विकास  का क्षय हो रहा है। बच्चे अधिक समय मोबाइल पर दे रहे हैं। इसी विषय के प्रति बच्चों में जागरूकता का संदेश दिया गया जिसकी सराहना सभी ने की। संस्था के सदस्य हेमंत सिंह की कहानी पर आधारित इस लघु नाटक के मंचन के द्वारा बताया गया कि मोबाइल का प्रयोग जब आवश्यक हो तभी करें ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संस्था सचिव श्री आलोक नायर ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कलाकारों में  हेमंत सिंह, नीरज मिश्रा, समरजीत सिंह, विजय शुक्ला रहे और कार्यक्रम संयोजक रहे अमितेश श्रीवास्तव इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन समेत विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुरिंदर कौर खालसा एवम अन्य स्टाफ़ उपस्थित रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कविता/कहानी</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 20:15:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शास्त्रीय  संगीत/लोक संगीत तथा  विभिन्न विधाओं  कलाकारों की पहचान हेतु प्रतियोगिता का आयोजन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी/जिला विकास अधिकारी  भोलानाथ कनौजिया की अध्यक्षता में सोमवार को संगम सभागार में जनपद के शास्त्रीय एवं उप शास्त्रीय संगीत/लोक संगीत तथा लोक नाट्य की विभिन्न विधाओं से समृद्ध कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता अनुसार मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित एवं समृद्ध करने के उद्देश्य से शासन द्वारा निर्धारित प्रतियोगिता कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन हेतु विचार-विमर्श एवं कार्ययोजना तैयार किए जाने हेतु बैठक आयोजित की गयी।</div>
<div>  </div>
<div>            संस्कृति विभाग उ0प्र0 के द्वारा ‘‘उ0प्र0 पर्व-हमारी संस्कृति, हमारी पहचान’’ के अन्तर्गत ‘‘संस्कृति उत्सव-2023’’ कार्यक्रम का आयोजन तहसील, जनपद मुख्यालय, मण्डलीय मुख्यालय तत्पश्चात प्रदेश</div>
<div> </div>
<div>      </div>
<div> </div>
<div>तत्पश्चात</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137420/organization-of-competition-for-the-recognition-of-classical-music-folk"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div>प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी/जिला विकास अधिकारी  भोलानाथ कनौजिया की अध्यक्षता में सोमवार को संगम सभागार में जनपद के शास्त्रीय एवं उप शास्त्रीय संगीत/लोक संगीत तथा लोक नाट्य की विभिन्न विधाओं से समृद्ध कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता अनुसार मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित एवं समृद्ध करने के उद्देश्य से शासन द्वारा निर्धारित प्रतियोगिता कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन हेतु विचार-विमर्श एवं कार्ययोजना तैयार किए जाने हेतु बैठक आयोजित की गयी।</div>
<div> </div>
<div>      संस्कृति विभाग उ0प्र0 के द्वारा ‘‘उ0प्र0 पर्व-हमारी संस्कृति, हमारी पहचान’’ के अन्तर्गत ‘‘संस्कृति उत्सव-2023’’ कार्यक्रम का आयोजन तहसील, जनपद मुख्यालय, मण्डलीय मुख्यालय तत्पश्चात प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया जायेगा। उ0प्र0 के नवागत कलाकारों एवं समस्त विधाओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार हेतु भारत पर्व हमारी संस्कृति, हमारी पहचान सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन 25 दिसम्बर, 2023 से 15 जनवरी, 2024 तक होगा। हमारी संस्कृति, हमारी पहचान सांस्कृतिक महोत्सव-2023 का समापन समारोह उ0प्र0 दिवस के अवसर पर 24 जनवरी, 2024 को लखनऊ में किया जायेगा।</div>
<div> </div>
<div>      बैठक में जनपद के ग्रामीण अंचलों में प्रचलित लोक संगीत की अत्यंत समृद्ध परम्परा के संरक्षण, सम्वर्धन एवं इन विधाओं से जुड़े हुए कलाकारों को मंच प्रदान करने एवं ऐसे कलासाधक, जो पहचान के अभाव में नेपथ्य में है, उनकी कला, प्रतिभा को सामने लाये जाने एवं उनकी कला सामथ्र्य में विकास के उपक्रम जुटायें जाने हेतु जनपद के तहसील मुख्यालयों पर दिनांक 25.12.2023 से 30.12.2023 तक गांव, पंचायत, ब्लाक एवं तहसील स्तर के कलाकारों की प्रतियोगिता आयोजित करायी जायेगी।</div>
<div> </div>
<div>तत्पश्चात तहसील स्तर से चयनित कलाकारों की प्रतियोगिता जनपद मुख्यालय पर 01.01.2024 से 05.01.2024 के मध्य आयोजित की जायेगी। बैठक में अधिकतम सहभागिता हेतु प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक संस्थानों, स्वशासी निकायों, स्वैच्छिक संस्थाओं, नेहरू युवा केन्द्रों, नेशनल कैडेट कोर, सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय व्यापारिक प्रतिष्ठानों व सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग प्राप्त किए जाने के लिए कहा गया है।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी/जिला विकास अधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को उक्त कार्यक्रम के आयोजन हेतु स्थलों का चयन एवं कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से आयोजित कराये जाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां समय से सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर परियोजना निदेशक  ए0के0 मौर्या, जिला विद्यालय निरीक्षक  पी0एन0 सिंह सहित तहसीलदार व खण्ड विकास अधिकारीगण व अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कविता/कहानी</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137420/organization-of-competition-for-the-recognition-of-classical-music-folk</link>
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                <pubDate>Mon, 18 Dec 2023 21:59:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक राशिफल 21.10.2023-धन प्राप्ति सु्गम होगी। किसी व्यक्ति की सहायता कर पाएंगे।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div>  </div>
<div><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी के अनुसार.......</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>1.मेष </strong></div>
<div>  </div>
<div>यात्रा तथा मनोरंजन का अवसर प्राप्त होगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। मित्रों के साथ कोई नया कार्य करने का मन बनेगा। समय अनुकूल है। प्रसन्नता रहेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। </div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div><strong>2.वृष </strong></div>
<div>  </div>
<div>कामों में विलंब होने से तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। धनागम होगा। किसी के भी बहकावे में न आएं। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। अप्रत्याशित बड़ा खर्च हो सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। </div>
<div>  </div>
<div><strong>3.मिथुन </strong></div>
<div>  </div>
<div>कोई बड़ा कार्य प्रारंभ हो सकता है। किसी लंबी यात्रा के योग हैं। नौकरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136009/daily-horoscope-21102023"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/0.05.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div> </div>
<div><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी के अनुसार.......</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>1.मेष </strong></div>
<div> </div>
<div>यात्रा तथा मनोरंजन का अवसर प्राप्त होगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। मित्रों के साथ कोई नया कार्य करने का मन बनेगा। समय अनुकूल है। प्रसन्नता रहेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>2.वृष </strong></div>
<div> </div>
<div>कामों में विलंब होने से तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। धनागम होगा। किसी के भी बहकावे में न आएं। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। अप्रत्याशित बड़ा खर्च हो सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। </div>
<div> </div>
<div><strong>3.मिथुन </strong></div>
<div> </div>
<div>कोई बड़ा कार्य प्रारंभ हो सकता है। किसी लंबी यात्रा के योग हैं। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। जोखिम न उठाएं। शारीरिक कष्ट की आशंका है। लेनदेन में जल्दबाजी न करें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। </div>
<div> </div>
<div><strong>4.कर्क </strong></div>
<div> </div>
<div>कार्यस्थल पर सुधार हो सकता है। नए अनुबंध होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। राज्य से लाभ तथा प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बनेगी।  </div>
<div> </div>
<div><strong>5.सिंह</strong></div>
<div> </div>
<div>नौकरी में चैन बना रहेगा। यात्रा की योजना बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधनों पर व्यय होगा। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। </div>
<div> </div>
<div><strong>6.कन्या </strong></div>
<div> </div>
<div>वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही करें। धन तथा मानहानि हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। व्यापार अच्‍छा चलेगा। कोई पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। विवाद में न पड़ें।  </div>
<div> </div>
<div><strong>7.तुला </strong></div>
<div> </div>
<div>भेंट व उपहार की प्राप्ति हो सकती है। भाग्य का साथ रहेगा। अचानक बड़ा फायदा होने की संभावना है। यात्रा लाभदायक रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। कुंआरों को विवाह का प्रस्ताव मिल सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे।  </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>8.वृश्चिक </strong></div>
<div> </div>
<div>नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त बड़ा लाभ दे सकती है। कारोबार में वृद्धि के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर होगी। प्रतिष्ठित व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त होगा। </div>
<div> </div>
<div><strong>9.धनु </strong></div>
<div> </div>
<div>व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। प्रसन्नता रहेगी। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। पार्टी व पिकनिक आदि का कार्यक्रम बन सकता है। समय सुखमय व्यतीत होगा।  </div>
<div> </div>
<div><strong>10.मकर </strong></div>
<div> </div>
<div>कोई दु:खद समाचार मिल सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। थकान रहेगी। आय बनी रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। परिवार के छोटे सदस्यों के प्रति चिंता रहेगी। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। विवाद से बचें।  </div>
<div> </div>
<div><strong>11.कुंभ </strong></div>
<div> </div>
<div>धन प्राप्ति सु्गम होगी। किसी व्यक्ति की सहायता कर पाएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। पराक्रम से कार्य में सफलता प्राप्त होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। कोई नया कार्य करने की योजना बन सकती है। </div>
<div> </div>
<div><strong>12.मीन </strong></div>
<div> </div>
<div>स्वास्थ्‍य अच्‍छा रहेगा। उत्साह से कार्य कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। घर में अतिथियों का आगमन होगा। किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>आपका दिन मंगलमय हो</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>ज्योतिष सेवा केन्द्र लखनऊ</strong></div>
<div><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Oct 2023 22:03:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक राशिफल 27.09.2023-आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी के अनुसार........</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1.मेष</p>
<p>संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं। और बड़ा लाभ होगा। रोजगार में वृद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यावसायिक यात्रा में सावधानी रखें। घर-बाहर तनाव रह सकता है। नए लोगों से संबंध बन सकते हैं।</p>
<p><br />2.वृष</p>
<p><br />मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। अधिकारीगण प्रसन्न रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन हो सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।</p>
<p>  </p>
<p>3.मिथुन</p>
<p>मेहमानों का आवागमन रहेगा। व्यय होगा। उत्सावर्धक सूचना मिलेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। आत्मसम्मान बना रहेगा। निवेश शुभ रहेगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135186/daily-horoscope-27092023"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/0.06.jpg" alt=""></a><br /><p>1.मेष</p>
<p>संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं। और बड़ा लाभ होगा। रोजगार में वृद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यावसायिक यात्रा में सावधानी रखें। घर-बाहर तनाव रह सकता है। नए लोगों से संबंध बन सकते हैं।</p>
<p><br />2.वृष</p>
<p><br />मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। अधिकारीगण प्रसन्न रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन हो सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।</p>
<p> </p>
<p>3.मिथुन</p>
<p>मेहमानों का आवागमन रहेगा। व्यय होगा। उत्सावर्धक सूचना मिलेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। आत्मसम्मान बना रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में मतभेद बढ़ सकते हैं। जोखिम न उठाएं। व्यवसाय ठीक चलेगा। लोगों से अपेक्षित सहयोग प्राप्त होगा।</p>
<p> </p>
<p>4.कर्क</p>
<p>रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ी समस्या दूर हो सकती है। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नौकरी में काम का बोझ बढ़ सकता है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। जोखिम लेने से बचें।</p>
<p> </p>
<p>5.सिंह</p>
<p>स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। कानूनी बाधा आ सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ कम रहेगा।</p>
<p> </p>
<p>6.कन्या</p>
<p>यात्रा मनोनुकूल रहेगी। रुका हुआ पैसा मिल सकता है, प्रयास करें। उच्चाधिकारी सहयोग करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। परिवार की चिंता रहेगी। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। विवाद को बढ़ावा न दें।</p>
<p> </p>
<p>7.तुला</p>
<p><br />पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरी में तालमेल बैठाना पड़ेगा।</p>
<p> </p>
<p>8.वृश्चिक</p>
<p>चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। लेन-देन में सावधानी आवश्यक है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। उच्चाधिकारियों से संबंध बिगड़ सकते हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय की गति धीमी हो सकती है, धैर्य रखें। अपेक्षित कार्यों में देरी होगी।</p>
<p> </p>
<p>9.धनु</p>
<p><br />प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर सभी ओर से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ स्थिति बनेगी। घर-परिवार में मांगलिक कार्य संभव है। विवाद से बचें। निवेश, यात्रा व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी।</p>
<p><br />10.मकर</p>
<p>सगे-संबंधी सहयोग करेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। काम का बोझ बढ़ सकता है। आय में वृद्धि होगी। थकान रहेगी।</p>
<p><br />11.कुंभ</p>
<p>नकारात्मकता बढ़ेगी। शोक समाचार प्राप्त हो सकता है। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। मान घट सकता है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। दूसरों से अपेक्षा पूरी न होगी। कुसंगति से बचें। उत्साह में कमी रहेगी। धैर्य रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। उतार-चढ़ाव से घबराए नही।</p>
<p><br />12.मीन</p>
<p>यात्रा मनोरंजक रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। धनलाभ होगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। सामाजिक कार्य होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। वृद्धजन मार्गदर्शन देंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। जोखिम न लें। विवाद से बचें।</p>
<p><br />आपका दिन मंगलमय हो<br />ज्योतिष सेवा केन्द्र लखनऊ<br />आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Sep 2023 22:15:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक राशिफल 18.09.2023</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>1.मेष</strong></p>
<p>जीवन में जिस मौके की तलाश में हैं, वह आपके हाथ जल्द ही लगेगा। अपने विचारों और सोच को सकारात्मक बनाए रखें। पारिवारिक मेल-जोल के लिए अच्छा दिन है। रिश्तों में यदि गहराई बढ़ाना चाहते हैं तो अपने आप को व्यक्त करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।</p>
<p><br /><strong>2.वृष</strong></p>
<p>आज आप  परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे। दांपत्य जीवन में सुख के पल आएंगे। ज्यादा काम होने से थकान महसूस हो सकती है। किसी से अनबन भी हो सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में जाना पड़ सकता है। पुराने दोस्तों से मिलने के योग हैं ‌।</p>
<p><strong>3.मिथुन</strong></p>
<p>आज आप ऑफिस से जल्दी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134810/daily-horoscope-18092023"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/0.03.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>1.मेष</strong></p>
<p>जीवन में जिस मौके की तलाश में हैं, वह आपके हाथ जल्द ही लगेगा। अपने विचारों और सोच को सकारात्मक बनाए रखें। पारिवारिक मेल-जोल के लिए अच्छा दिन है। रिश्तों में यदि गहराई बढ़ाना चाहते हैं तो अपने आप को व्यक्त करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।</p>
<p><br /><strong>2.वृष</strong></p>
<p>आज आप  परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे। दांपत्य जीवन में सुख के पल आएंगे। ज्यादा काम होने से थकान महसूस हो सकती है। किसी से अनबन भी हो सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में जाना पड़ सकता है। पुराने दोस्तों से मिलने के योग हैं ‌।</p>
<p><strong>3.मिथुन</strong></p>
<p>आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर है। छोटे भाई के साथ घूमने जा सकते हैं इससे आप दोनों के रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी।</p>
<p><strong>4.कर्क</strong></p>
<p>आज आप सोच-विचार में डूबे रहेंगे। आर्थिक मामलों को लेकर किसी व्यक्ति से आज मुलाकात हो सकती हैं। दांपत्य जीवन आज थोड़ा नीरस दिन रहेगा। स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव बना रहेगा। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिलेगा।</p>
<p><strong>5.सिंह</strong></p>
<p>आज आपको नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। कुछ दिनों से परिवार में चल रही किसी समस्या का हल आज मिल सकता है। छात्रों को आज कुछ नया सीखने को मिल सकता है। आने वाला पल बहुत सुनहरा है हिम्मत रखें।</p>
<p><strong>6.कन्या</strong></p>
<p>भूमि खरीद-बिक्री में आर्थिक लाभ संभव है। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खुद का नाम बनाने के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सामंजस्यपूर्ण रहेगा। परिवार में शादी या संतान के जन्म संबंधित शुभ घटनाएं घटित हो सकती हैं।</p>
<p><br /><strong>7.तुला</strong></p>
<p>आज का पूरा दिन चिड़चिड़ा महसूस करेंगे। सेहत में गिरावट आएगी। अकेले वक्त बिताने का मन करेगा। आलस्य के कारण अपने जरूरी कामों को निपटाने में देरी हो सकती है। निजी रिश्तों में कोई दिखावा न करें। लोगों को उनकी कमियों के साथ स्वीकार करें।</p>
<p><br /><strong>8.वृश्चिक</strong></p>
<p> विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन है, परीक्षा में अच्छा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में अटके हुए कार्य जल्द ही संपन्न होंगे। धन लाभ के योग बन रहे हैं। नौकरी के चलते स्थान परिवर्तन हो सकता है जो आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। प्रियजनों से मिलने का मौका मिलेगा। अविवाहितों के लिए दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा</p>
<p><strong>9.धनु</strong></p>
<p> आज आपको धन लाभ  का बड़ा योग है स्टूडेंट्स को करियर में सफलता मिलेगी। दाम्पत्य जीवन में खुशियाँ बढ़ेगी। किसी समारोह में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात होगी, जो भविष्य में आपके लिए बहुत खास साबित होगा। कारोबार को बढ़ाने के लिये आपको बहुत अच्छे सुझाव मिलेंगे।</p>
<p><br /><strong>10.मकर </strong></p>
<p>नौकरीपेशा लोगों को कुछ आकस्मिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपको सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा से संबंधित कार्य सफल होगा। प्रॉपर्टी, कमीशन आदि में लेन-देन करने वालों को वांछित परिणाम मिलेंग।</p>
<p><strong>11.कुंभ</strong></p>
<p>कार्य सिद्धि के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में फोकस की कमी रहेगी। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को असफलता हाथ लगेगी। नए लोगों से मुलाकात होगी। कारोबार की स्थिति ठीक रहेगी। पारिवारिक जीवन यथावत रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।</p>
<p><strong>12.मीन</strong></p>
<p><br />प्रेम संबंधों में आपसी सहमति से आगे बढ़ने के योग बनेंगे।साहित्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी। आपकी पहचान बनेगी। धन प्राप्ति का रास्ता दिखाई देगा। आपके लिए कोई व्यक्ति मददगार हो सकता है। संतान का सहयोग मिलेगा।  </p>
<p><br /><strong>आपका दिन मंगलमय हो</strong></p>
<p><strong>ज्योतिष सेवा केन्द्र लखनऊ</strong><br /><strong>आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/134810/daily-horoscope-18092023</link>
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                <pubDate>Sun, 17 Sep 2023 18:53:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा की घटनाओं के लिए कौन है जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>  जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></p>
<p><br />राजस्थान का शहर कोटा आई आई टी कोचिंग के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है जहां बड़े छोटे हर तरह के हजारों कोचिंग संस्थान हैं। कोटा वर्षों से आई आई टी प्रवेश परीक्षा में अच्छा परिणाम भी देता आ रहा है। हर अभिभावक का सपना बन गया है कि उनका बच्चा आई आई टी एक्जाम क्रेक कर के आई आईटियसं बने और लाखों का पैकेज पाए। और हद तो तब हो जाती है जब अभिभावक हाईस्कूल पास बच्चे को कोटा भेज देते हैं और आई आई टी की तैयारी शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134361/who-is-responsible-for-the-incidents-in-kota"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/कोटा-की-घटनाओं-के-लिए-कौन-है-जिम्मेदार.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong> जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></p>
<p><br />राजस्थान का शहर कोटा आई आई टी कोचिंग के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है जहां बड़े छोटे हर तरह के हजारों कोचिंग संस्थान हैं। कोटा वर्षों से आई आई टी प्रवेश परीक्षा में अच्छा परिणाम भी देता आ रहा है। हर अभिभावक का सपना बन गया है कि उनका बच्चा आई आई टी एक्जाम क्रेक कर के आई आईटियसं बने और लाखों का पैकेज पाए। और हद तो तब हो जाती है जब अभिभावक हाईस्कूल पास बच्चे को कोटा भेज देते हैं और आई आई टी की तैयारी शुरू करा देते हैं और इंटरमीडिएट के लिए किसी डमी स्कूल में एडमिशन करा देते हैं। ऐसे डमी स्कूल की व्यवस्था कोटा के कोचिंग संचालक रखते हैं। हाई स्कूल पास बच्चे की उम्र 14-15 वर्ष से अधिक नहीं होती है। इस उम्र तक बच्चों का पूरी तरह से मानसिक विकास भी नहीं हो पाता है और माता पिता उनको सैकड़ों किलोमीटर दूर पढ़ने के लिए भेज देते हैं। क्या यह बच्चों के साथ अत्याचार नहीं है। एक तो आई आई टी की तैयारी का दबाव दूसरे साथ साथ इंटरमीडिएट एक्जाम का प्रेशर बच्चों को अत्यधिक मानसिक परेशानी में डाल देता है। इसलिए कोटा में बच्चों की सुसाइड जैसी घटनाएं पनप रही हैं।</p>
<p>                      कोटा शहर में बड़े बड़े कोचिंग संस्थान हैं जो हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट और आई आई टी एक्जाम पास कराने का जिम्मा ले लेते हैं। और माता पिता बड़ी प्रसन्नता से उनको यह जिम्मेदारी सौंप देते हैं। लाखों रुपए खर्च करके वो बच्चों को आई आईटियसं बनने का सपना बुनने लगते हैं। लेकिन यह नहीं देखते कि हमारे बच्चे का बौद्धिक स्तर क्या है। उसको इस सब्जेक्ट में रुचि है भी अथवा नहीं। हर बच्चे की बौद्धिक क्षमता एक सी नहीं होती कोई किसी फील्ड में अव्वल होता है तो कोई किसी अन्य फील्ड में अव्वल होता है। यहां सबसे जरूरी है</p>
<p> हमें अपने बच्चों की च्वाइस को परखने की कि हमारे बच्चे क्या सहजता से कर सकते हैं। यदि हम उनकी क्षमता के विपरीत उन पर दबाव बनाएंगे तो कोटा जैसी घटनाओं को रोक पाना बहुत मुश्किल है। बच्चों की बात को मानें तो वहां पढ़ाई का प्रेशर बहुत रहता है। हर बच्चा उसको पूरा नहीं कर पाता है और उसे बेइज्जती महसूस होती है। बच्चों को एक तरफ माता पिता के द्वारा खर्च किए जा रहे पैसों का भी प्रेशर होता है और इस दबाव को वो इतनी कम उम्र में सहन नहीं कर पाते हैं तभी इस तरह की घटनाएं अभी हाल ही में हमें कोटा कोचिंग में देखने को मिल रही हैं।</p>
<p>                          ऐसा जरूरी नहीं है कि बच्चा कोटा कोचिंग से ही आई आईटियसं बने अब देश भर के तमाम शहरों में काफी अच्छी कोचिंग का विस्तार हो चुका है जिनमें तमाम तो कोटा कोचिंग की ही शाखाएं हैं। लेकिन शायद हमने कोटा को एक स्टेटस सिंबल बना लिया है। जब आई आई टी का रिजल्ट आता है तो तमाम हमने ऐसी सफलताएं देखीं हैं जिनका कोटा से दूर दूर तक कोई संबंध नहीं होता।हमने एक गरीब के बच्चे को सफलता पाते देखा है। एक मजदूर, एक रिक्शा चालक, एक सब्जी विक्रेता के बच्चों को सफलता पाते देखा है। क्या इन सब के माता पिता कोटा के बड़े संस्थानों के खर्च को उठा सकते हैं।ये बच्चे स्वयं की काबिलियत से ऊंचे मुकाम पर पहुंचते हैं। माता पिता के साथ रहने वाले बच्चे का मानसिक स्तर ऊंचा होता है। परन्तु हम इस ओर ध्यान ही नहीं देते हैं और जानबूझ कर उन्हें बाहर जाने को मजबूर कर देते हैं तब होती हैं कोटा जैसी घटनाएं।</p>
<p>                        अभी हाल के दिनों में कोटा के शैक्षणिक संस्थानों में हमने बच्चों द्वारा काफी सुसाइड की घटनाओं को देखा है। लेकिन हम इससे भी सीख नहीं लेते। इतनी दूर बच्चों को भेजकर हमें यह तक पता नहीं होता कि बच्चे की मनोदशा क्या है वह प्रेशर को सहन कर पा रहा है अथवा नहीं। और हम गर्व से कहते हैं कि हमारा बेटा कोटा में आई आई टी की तैयारी कर रहा है। कोटा के कोचिंग संस्थान अब एक बहुत बड़े व्यवसायिक संस्थान बन गये हैं। वो हर हाल में चहते हैं कि हमारे संस्थान का रिजल्ट अच्छा आए। क्यों कि जिस संस्थान का जितना अच्छा रिजल्ट आयेगा उसकी उतनी ख्याति बढ़ेगी। और ज्यादा से ज्यादा बच्चा वहां एडमिशन के लिए पहुंचेगा। </p>
<p>एक  कोचिंग संस्थान के संचालक, मोटीवेशनल, पूर्व आई ए एस विकास दिव्य कीर्ति सर जो कि सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कराते हैं का कहना है कि जितने घंटे पढ़ाई करनी है मन लगाकर पढ़ो परिवार के सदस्यों के साथ भी बैठो और दोस्तों के साथ भी गपशप करो। लेकिन आपने पढ़ाई को अगर मन लगाकर कर लिया तो कहीं न कहीं यही पढ़ाई आपको सफलता के मुकाम पर पहुंचा देगी। और कोटा में पढ़ रहे बच्चे सैकड़ों किलोमीटर दूर सिर्फ पढ़ाई की तरफ ही रुख रख पाते हैं। याद रखना चाहिए कि हमें अपने बच्चों को सफल बनाना है और फिर वह सफलता किसी भी क्षेत्र में हो।</p>
<p> हर बच्चे में एक अलग प्रतिभा छुपी होती है बस हमें उसकी प्रतिभा को पहचान कर उसका उत्साहवर्धन करना है। और अगर कहीं वो गलती कर रहा है तो उसको सही रास्ता दिखाना। हमको अपने दिखावे से बचना होगा बच्चों की इच्छा के अनुसार उनका उत्साहवर्धन करना होगा तभी हम अपने बच्चों के साथ न्याय कर पाएंगे और उनको आगे बढ़ता देख पाएंगे। लेकिन इसके विपरीत हम जो नहीं कर सके वह हम अपने बच्चों पर थोपते हैं और उसको कमजोर बनाते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Sep 2023 13:18:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>महाराज बनाम कमलनाथ क्यों नहीं ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मध्यप्रदेश विधानसभा के 2018  के चुनाव में भाजपा ने ' महाराज बनाम शिवराज ' का नारा देकर चुनावी जंग लड़ी थी, अब ' महाराज ' यानि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं तो भाजपा ' महाराज बनाम कमलनाथ ' का नारा उछालने में क्यों संकोच कर रही है।? क्या तीन साल की अग्निपरीक्षा के बावजूद भाजपा ने ' महाराज ' को पार्टी के मापदंडों पर खरा नहीं पाया है ? ये सवाल मध्यप्रदेश में गर्म होता दिखाई दे रहा है।  मजे की बात है कि कांग्रेस भी विधानसभा के 2023  के चुनाव में महाराज को नहीं शिवराज को ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133751/why-not-maharaj-vs-kamalnath"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/महाराज-बनाम-कमलनाथ-क्यों-नहीं.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्यप्रदेश विधानसभा के 2018  के चुनाव में भाजपा ने ' महाराज बनाम शिवराज ' का नारा देकर चुनावी जंग लड़ी थी, अब ' महाराज ' यानि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं तो भाजपा ' महाराज बनाम कमलनाथ ' का नारा उछालने में क्यों संकोच कर रही है।? क्या तीन साल की अग्निपरीक्षा के बावजूद भाजपा ने ' महाराज ' को पार्टी के मापदंडों पर खरा नहीं पाया है ? ये सवाल मध्यप्रदेश में गर्म होता दिखाई दे रहा है।  मजे की बात है कि कांग्रेस भी विधानसभा के 2023  के चुनाव में महाराज को नहीं शिवराज को ही अपना प्रतिद्वंदी मान रही है।</p>
<p>मध्यप्रदेश विधानसभा कार्यसमिति की ग्वालियर  में हो रही बैठक में भी इस सवाल पर किसी ने कोई चिंतन करने की जरूरत नहीं समझी। कार्यसमिति की बैठक में ' महाराज ' चर्चा के केंद्र में हैं ही नही।  भाजपा पिछ्ला चुनाव हारने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ही दांव पार लगाना चाहती है। पार्टी की सारी चुनावी रणनीति शिवराज सिंह चौहान के इर्दगिर्द ही घूम रही है। पार्टी ने महाराज को चुनाव अभियान समिति की भी कमान नहीं सौंपी। ये जिम्मेदारी भी शिवराज के परम और पुराने सहयोगी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को दी गयी है।</p>
<p>इस बार विधानसभा चुनाव की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुद सम्हाल रखी है ।  शाह नहीं चाहते की इस बार कोई गलती हो और पार्टी को सत्ता गंवाना पड़े। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा आधा दर्जन सीटें कम होने के कारण सत्ता सिंघासन हासिल करने में नाकाम रही थी ।  भाजपा को दोबारा सत्ता में आने के लिए हालांकि पांच साल इन्तजार करना चाहिए था किन्तु भाजपा ने 18  महीने में ही कांग्रेस को विभाजित कर ज्योतिरादित्य सिंधिया को बागी बनाकर प्रदेश की सत्ता हथिया ली थी।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने ' महाराज ' यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया को अनुबंध के मुताबिक़ पहले राज्य सभा की सदस्य्ता दी ,फिर केंद्र में मंत्री बनाया और बाद में उनके साथ आये तमाम विधायकों को उपचुनाव के बाद मंत्री पद भी दिए ,लेकिन प्रदेश का नेतृत्व देने से हमेशा बचती रही ,सिंधिया के साथ यही दगा कांग्रेस ने भी किया था ।  ' महाराज बनाम शिवराज ' के नारे  पर पिछले  विधानसभा चुनाव में विजयी  हुई   कांग्रेस   ने एन मौके पर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया था।  कांग्रेस से अपमानित महाराज बगावत कर भाजपा में आ गए थे किन्तु अब भाजपा में अपमानित होने के बाद वे कहीं नहीं जा सकते।अब सिंधिया  ' जेहि विधि राखें मोदी ,तेहि विधि रहिये 'की स्थिति में है।  मोदी जी राजस्थान में सिंधिया की सगी बुआ श्रीमती बसुंधरा राजे को किनारे कर चुकी है।</p>
<p>दरअसल भाजपा चाहकर भी सिंधिया को शिवराज सिंह चौहान का विकल्प नहीं बना सकती । क्योंकि ऐसा करने से भाजपा पर परिवारवाद के साथ ही समान्तवाद का आरोप भी लगाया जा सकता है। सिंधिया भी भाजपा में आने से पहले भाजपा के लिए महाराष्ट्र के अजित  पंवार की तरह ही भ्र्ष्ट और बड़े भूमाफिया थे। भाजपा में आने से पहले भाजपा के दो बड़े नेता प्रभात झा और जयभान सिंह  पवैया  को सिंधिया की बखिया उधेड़ने के अभियान में लगाया गया था। अब सिंधिया भाजपा की गंगोत्री में डुबकी लगा कर पाक-साफ़ हो चुके हैं इसलिए झा और पवैया तक को सिंधिया के यहां नमक खाने जाना पड़ा।  सिंधिया पार्टी में प्रदेश का नेतृत्व करने लायक अभी भी पात्र नहीं बन पाए हैं।</p>
<p>भाजपा सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव के बाद यदि परिणाम भाजपा के पक्ष में आते हैं तो शिवराज सिंह चौहान  के उत्तराधिकारी के रूप में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को ही प्राथमिकता दी जाएगी ,ज्योतिरादित्य सिंधिया को नहीं।  सिंधिया का आदित्य  भाजपा के लिए केवल ' शोपीस ' की तरह ही इस्तेमाल किया जाएगा। भाजपा के लिए सिंधिया एक स्टार प्रचारक हो सकते हैं लेकिन मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं। पार्टी ने हाल ही में संसद के पावस सत्र में भी सिंधिया का इस्तेमाल कांग्रेस के खिलाफ जमकर किया । उन्हें अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान भाजपा के दूसरे नेताओं के मुकाबले कहीं ज्यादा समय भी दिया गया,लेकिन इससे उनकी हैसियत या वजन में कोई तबदीली नहीं आयी ,और न निकट भविष्य में इसकी कोई संभावना है।</p>
<p>भाजपा में शामिल होने के तीन साल में सिंधिया ने अनेक अग्निपरीक्षाएँ दी है।  अपने आपको भाजपा का खांटी कार्यकर्ता साबित करने के लिए वे जितना कुछ कर सकते थे,कर चुके हैं लेकिन अभी भी उन्हें पार्टी का प्रामाणिक कार्यकर्ता का प्रमाणपत्र शायद नहीं मिल पाया है। मुमकिन है कि उन्हें आगामी आम चुनाव तक इसी तरह ' कटी पतंग ' की तरह ही अपने आपको राजनितिक परिदृश्य में जीवित रखना पड़े। सिंधिया की मजबूरी ये है कि वे राजनीति में अपने बेटे महाआर्यमन   सिंधिया को स्थापित करने से पहले अब बगावती तेवर इस्तेमाल नहीं कर सकते। अब वे भाजपा को सड़क पर उतरने की धमकी नहीं दे सकते। उनकी हैसियत दक्षिण अफ्रिका से लाये गए उन चीतों की तरह है जो राजकीय अतिथि तो हैं किन्तु उनके गले में एक 'रेडियम कॉलर'  है और वे अपने बाड़े से बाहर नहीं जा सकते।</p>
<p>भाजपा में कांग्रेस जैसी हैसियत पाने के लिए सिंधिया को 2013  के विधानसभा चुनाव में 2018  के विधानसभा चुनावों के मुकाबले ज्यादा मेहनत करना होगी ।  2018  में सिंधिया भाजपा को हारने के लिए पसीना बहा चुके हैं लेकिन इस बार उन्हें भाजपा को जिताने के लिए पसीना बहना पडेगा। विधानसभा के चुनाव परिणाम शिवराज सिंह चौहान के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और स्वर्गीय माधवराव सिंधिया के बाल सखा बालेंदु शुक्ल का कलन है कि इस समय भाजपा में शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की स्थिति एक जैसी है। दोनों अपने सम्मान के लिए संघर्षरत हैं। इसीलिए अब शिवराज को महाराज में और महाराज को शिवराज में एकाकार होना पड़ रहा है।</p>
<p>आपको याद दिला दूँ कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजनीति के जिस आंगन में अपनी आँखें खोलीं थीं वो कांग्रेस का था। वे कांग्रेस में 18  साल rhe । कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को वो सब दिया जो आज भाजपा में उन्हें हासिल नहीं है लेकिन 2018  के विधानसभा चुनाव के समय कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से उनकी पटरी नहीं बैठी और वे अपने दल-बल के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थ।  वे राजस्थान के सचिन पायलट की तरह धैर्य नहीं दिखा सके। मुमकिन है कि तत्कालीन समय में सिंधिया के सामने कांग्रेस छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प न रहा हो। अब सिंधिया भाजपा के जाल में है। वे तब तक भाजपा में आँखें नहीं तरीर सकते जब तक कि उनका बेटा राजनीति में पदार्पण कर संसद की यात्रा शुरू नहीं कर लेता।</p>
<p><strong> राकेश अचल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचारधारा</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Aug 2023 17:11:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रेमचंद जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में सम्मानित किए गए साहित्यकार</strong></p>
<p><strong>सुलतानपुर</strong>।</p>
<p>  </p>
<p>प्रेमचंद गहरी मानवतावादी दृष्टि के सम्मानित साहित्यकार थे। उनकी कहानियां और उपन्यास लोकजीवन के जीवन्त दस्तावेज हैं यह बातें चर्चित साहित्यकार सुरेश चन्द्र शर्मा ने कहीं।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731152654.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती" /></p>
<p>वह रामरती नन्हकू राम वर्मा महाविद्यालय चांदपुर सैदोपट्टी फरीदीपुर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित प्रेमचंद जयंती समारोह को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे। समारोह के विशिष्ट वक्ता डॉ.सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने कहा कि प्रेमचंद ने बाल और नारी संवेदना का जो चित्रण किया है</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731152654.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती" /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731135605.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती" /></p>
<p>वह कहीं और नहीं दिखाई पड़ता। डॉ. ओंकार नाथ द्विवेदी ने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133057/premchand-jayanti-celebrated-jointly-by-akhil-bharatiya-sahitya-parishad-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/img20230731161516.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रेमचंद जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में सम्मानित किए गए साहित्यकार</strong></p>
<p><strong>सुलतानपुर</strong>।</p>
<p> </p>
<p>प्रेमचंद गहरी मानवतावादी दृष्टि के सम्मानित साहित्यकार थे। उनकी कहानियां और उपन्यास लोकजीवन के जीवन्त दस्तावेज हैं यह बातें चर्चित साहित्यकार सुरेश चन्द्र शर्मा ने कहीं।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731152654.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती"></img></p>
<p>वह रामरती नन्हकू राम वर्मा महाविद्यालय चांदपुर सैदोपट्टी फरीदीपुर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित प्रेमचंद जयंती समारोह को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे। समारोह के विशिष्ट वक्ता डॉ.सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने कहा कि प्रेमचंद ने बाल और नारी संवेदना का जो चित्रण किया है</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731152654.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731135605.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती"></img></p>
<p>वह कहीं और नहीं दिखाई पड़ता। डॉ. ओंकार नाथ द्विवेदी ने कहा कि प्रेमचंद ने कभी लेखन में समझौता नहीं किया। डॉ रामप्यारे प्रजापति ने कहा कि प्रेमचंद ने गरीबी अमीरी और गांव गली के चित्रण पर वस्तुत: कलम चलाया है।उन्होंने हिंदी कहानी के कथानक को आमलोगों से जोड़ा। चर्चित कथाकार दिनेश कुमार सिंह चित्रेश ने कहा कि यह प्रेमचंद के लेखन की ताकत है कि वे लगातार सबसे ज्यादा प्रासंगिक बने हुए हैं ।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img20230731161516.jpg" alt="अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के संयुक्त में मनाई गई प्रेमचंद जयंती"></img></p>
<p><br />राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि प्रेमचंद के बारे में अनेक तरह की अफ़वाहें और कुपाठ प्रचलित हैं। हिन्दी के विद्वानों को इसे भली भांति समझना होगा। अनेक तथ्यों से आज यह प्रमाणित हो चुका है कि प्रेमचंद गरीब नहीं बल्कि अमीर साहित्यकार थे । उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय सनातन परम्परा का संवाहक है । वे श्रीमद्भगवद्गीता और विवेकानन्द के विचारों से प्रभावित थे। संत तुलसीदास पीजी कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.करूणेश भट्ट ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य में वंचितों की वेदना को स्वर दिया। उनका साहित्य उपेक्षितों के प्रति संवेदना की आवाज है।</p>
<p><br />विशिष्ट अतिथि प्रयागराज के साहित्यकार भगवान प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य विश्वबन्धुत्व को बढ़ाने वाला साहित्य है। प्रेमचंद की रचना धर्मिता ने ही उन्हें जनमानस में जीवन्त रखा है। <br />मुख्य अतिथि हनुमान प्रसाद सिंह अभिषेक ने काव्यपाठ किया। </p>
<p><br />संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप व संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।  स्वागत परिषद के कोषाध्यक्ष सर्वेश कांत शर्मा और आभार ज्ञापन जिला महासचिव डॉ करूणेश भट्ट ने किया। इस अवसर पर अवधी साहित्य अकादमी प्रयागराज द्वारा साहित्यकारों को सम्मान पत्र, अंगवस्त्र व पुष्पमाला देकर सम्मानित किया।</p>
<p><br /><strong>इन्हें मिला सम्मान - </strong></p>
<p><br />मुंशी प्रेमचंद स्मृति कथा सौरभ सम्मान - मथुरा प्रसाद सिंह जटायु, दिनेश प्रताप सिंह चित्रेश, डॉ.राम प्यारे प्रजापति, डॉ.राम लखन चौरसिया वागीश , सुरेश चन्द्र शर्मा, सर्वेश कांत वर्मा सरल व अनिल कुमार वर्मा मधुर को तथा जयशंकर प्रसाद काव्य गौरव सम्मान - डॉ. आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप, डॉ.सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु, हनुमान प्रसाद सिंह अभिषेक, डॉ.ओंकारनाथ द्विवेदी, डॉ.करुणेश भट्ट, ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि, सुभाषचंद्र यादव परदेसी,</p>
<p>पवन कुमार सिंह, केशव प्रसाद सिंह, श्रीनारायण लाल श्रीश , प्रदीप सिंह, राजबहादुर राना, सुनीता श्रीवास्तव, ब्रजेश कुमार वर्मा, अशोक आचार्य अनंत, रमेश नंदवंशी, नरेंद्र प्रसाद शुक्ल, कर्मराज शर्मा तुकांत, कांति सिंह, अजय जायसवाल अनहद , उदयराज वर्मा, दुर्गा प्रसाद निषाद, सौरभ मिश्र विनम्र, नफीसा खातून व घनश्याम वर्मा, मनोज पाण्डेय,हेमंत निषाद को प्रदान किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कविता/कहानी</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 20:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब सावन को बरस जाने दो</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत में जितना इन्तजार चुनावों का किया जाता है उससे कहीं ज्यादा इन्तजार सावन माह का किया जाता है। सावन का महीना शिव की आराधना का माह भी है। सावन मेघमालाओं के उमड़-घुमड़ के बरसने का माह भी है। सावन मनुष्यों से ज्यादा गदर्भों को पसंद है क्योंकि इस महीने में उन्हें चरों तरफ हरा-हरा ही दिखाई देता है।  सावन लाड़ली बहनों के लिए एक बहु प्रतीक्षित महीना है क्योंकि इस महीने में उन्हें अपने मायके जाने का मौक़ा मिलता है ।  वे इसी महीने में अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बाँध कर अपनी सुरक्षा के लिए आश्वस्त होती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131810/now-let-the-monsoon-rain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/swatantra_prabhat.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में जितना इन्तजार चुनावों का किया जाता है उससे कहीं ज्यादा इन्तजार सावन माह का किया जाता है। सावन का महीना शिव की आराधना का माह भी है। सावन मेघमालाओं के उमड़-घुमड़ के बरसने का माह भी है। सावन मनुष्यों से ज्यादा गदर्भों को पसंद है क्योंकि इस महीने में उन्हें चरों तरफ हरा-हरा ही दिखाई देता है।  सावन लाड़ली बहनों के लिए एक बहु प्रतीक्षित महीना है क्योंकि इस महीने में उन्हें अपने मायके जाने का मौक़ा मिलता है ।  वे इसी महीने में अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बाँध कर अपनी सुरक्षा के लिए आश्वस्त होती  हैं।</p>
<p>सावन को कहीं श्रावण भी कहते हैं।  सावन आषाढ़ के बाद और भादों यानि भाद्रपद के बाद आता है।  श्रवण यानि सावन झूमता-जाता आता है।  अपने साथ मेघमालाएँ,वर्षा ,बाढ़ हरियाली और न जाने क्या-क्या लाता है। स्वयं आता है तो सूखे खेतों की प्यास और तीव्र हो जाती है। पोखर भरने के लिए उतावले हो जाते है।  क्यारियां इतराने लगती है।  दादुर टर्राने लगते हैं और गायक कजरी गाने लगते हैं। कवियों के लिए सावन प्रेरक महीना है। सिनेमा के लिए एक जमाने में सावन सब कुछ था। सावन में केवल गीत ही नहीं बल्कि राग भी रचे गए है। सावनी कल्याण इन्हीं रगों में से एक है।</p>
<p>सावन का महीना लाड़ली बहनों  को ही नहीं भगवान शिव को भी प्रिय है। शिव जी को प्रसन्न करने  के  लिए सरकारें तो लोक और कोरिडोर  बना देती हैं लेकिन आम जनता व्रत -उपवास कर काम चला लेती है। सावन माह भगवान शिव को अति प्रिय है। सावन के महीने में ही शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शिवभक्त सावन सोमवार का व्रत करते हैं। कांवड में गंगाजल भरकर सैंकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं और फिर उस जल से भोले बाबा का अभिषेक करते हैं।बेरोजगारी का दंश भूलकर भक्ति रास में डूबे युवाओं को शवन कुमार की तरह कांवर ले जाते बड़ा सुखद लगता है .सरकारें इन युवाओं  पर हैलिकॉप्टरों से पुष्प वर्षा कर पूण अर्जित करती है .</p>
<p>एक जमाना था तब मुगलों के आक्रमण से बचने के लिए योद्धा अपनी पत्नियों के जरिये मुगल शासकों को राखी भिजवाकर भाई-बहन का रिश्ता स्थापित कर लेते थे ।  उस समय हिंदुत्व से ज्यादा रियासतें संकट में होती थीं। उस समय के राजा-महाराजाओं को आज की सरकार की तरह अक्ल नहीं थी अन्यथा उसी समय विहिप और बजरंग दल की स्थापना हो गयी होती। ये दोनों संगठन होते तो रानियों को क्यों मुगलों को राखीबन्द भाई बनाना पड़ता ?अच्छा ये है कि उस समय कांग्रेस का जन्म नहीं हुआ था ,अन्यथा आज उसे ही पुराने इतिहास के लिए गालियां खाना पड़तीं।</p>
<p>भारत में भले ही वसंत को ऋतुराज कहा जाता है लेकिन असली राजा तो सावन ही होता है। सावन न आये तो न गर्मी की त्रासदी  से मुक्ति मिलती है और न शरद का मजा आता है। सावन न आये तो न मयूर नर्तन देखने को मिले और न नीम,और बरगद पर झूले पड़ें। सावन अपने साथ केवल नभजल ही नहीं लाता बल्कि ढेर सारी  खुशियां भी लाता है । ये खाली हाथ आने वाला महीना नहीं है। सावन आखिर सावन है। यही वो महीना है जब पवन शोर करती है जियरा ऐसे झूमता है जैसे वन में मोर नाचता है। पुरवैया ऐसे चलती है की जीवन की नैया डोलने लगती ह।  प्रेमिकाएं अपने खिवैयों को याद करने लगती हैं।</p>
<p>सावन मुझे ही नहीं मोरों को ही नहीं ,चातकों  को ही नहीं बल्कि कवियों को भी खूब पसंद है । वे सावन पर लट्टू हो जाते है।  बचपन में हमने सावन पर कवि सेनापति को पढ़ा थ।  वे थे तो रीतकालीन कवि लेकिन मुगलों के दरबार में भी रह। उन्होंने राम -कृष्ण की भक्ति में डूब कर खूब लिखा लेकिन सावन पर जो लिखा वो अद्भुत ह।  वे लिखते हैं -</p>
<p>सेनापति’ उनए गए जल्द सावन कै ,<br />              चारिह दिसनि घुमरत भरे तोई के .<br />सोभा सरसाने ,न बखाने जात कहूँ भांति ,<br />              आने हैं पहार मानो काजर कै ढोइ कै .<br />धन सों गगन छ्यों,तिमिर सघन भयो ,<br />               देखि न् परत मानो रवि गयो खोई कै .<br />चारि मासि भरि स्याम निशा को भरम मानि ,<br />               मेरी जान, याही ते रहत हरि सोई कै .</p>
<p>सेनापति लिखें तो कविवर तुलसीदास पीछे क्यों रहते ? उन्होंने भी सावन पर रामचरित मानस में ऐसा लिखा की पढ़कर मन प्रफुल्लित हो जाये। रामचरित मानस में ऋतु वर्णन के लिए बाबा तुलसीदास ने अपने आपको पीछे रखा और सावन के बाबद सब कुछ राम जी से कहलवा दिय। वे लिखते हैं -</p>
<p>कहत अनुज सन कथा अनेका। भगति बिरत नृपनीति बिबेका॥<br />बरषा काल मेघ नभ छाए। गरजत लागत परम सुहाए॥<br /> लछिमन देखु मोर गन नाचत बारिद पेखि।<br />गृही बिरति रत हरष जस बिष्नुभगत कहुँ देखि॥<br />घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा॥<br />दामिनि दमक रह नघन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं<br /> बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध बिद्या पाएँ।<br />बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसें<br />छुद्र नदीं भरि चलीं तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई॥<br />भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहि माया लपटानी॥<br /> समिटि समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा॥<br />सरिता जल जलनिधि महुँ जोई। होइ अचल जिमि जिव हरि पाई॥<br />हरित भूमि तृन संकुल समुझि परहिं नहिं पंथ।<br />जिमि पाखंड बाद तें गुप्त होहिं सदग्रंथ॥<br />दादुर धुनि चहु दिसा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई॥<br />नव पल्लव भए बिटप अनेका। साधक मन जस मिलें बिबेका॥<br />अर्क जवास पात बिनु भयऊ। जस सुराज खल उद्यम गयऊ॥<br />खोजत कतहुँ मिलइ नहिं धूरी। करइ क्रोध जिमि धरमहि दूरी॥<br />ससि संपन्न सोह महि कैसी। उपकारी कै संपति जैसी॥<br />निसि तम घन खद्योत बिराजा। जनु दंभिन्ह कर मिला समाजा॥<br />महाबृष्टि चलि फूटि किआरीं। जिमि सुतंत्र भएँ बिगरहिं नारीं॥<br />कृषी निरावहिं चतुर किसाना। जिमि बुध तजहिं मोह मद माना ॥<br />देखिअत चक्रबाक खग नाहीं। कलिहि पाइ जिमि धर्म पराहीं॥<br />ऊषर बरषइ तृन नहिं जामा। जिमि हरिजन हियँ उपज न कामा॥<br /> बिबिध जंतु संकुल महि भ्राजा। प्रजा बाढ़ जिमि पाइ सुराजा॥<br />जहँ तहँ रहे पथिक थकि नाना। जिमि इंद्रिय गन उपजें ग्याना॥<br /> कबहुँ प्रबल बह मारुत जहँ तहँ मेघ बिलाहिं।<br />जिमि कपूत के उपजें कुल सद्धर्म नसाहिं॥<br /> कबहु दिवस महँ निबिड़ तम कबहुँक प्रगट पतंग।<br />बिनसइ उपजइ ग्यान जिमि पाइ कुसंग सुसंग॥</p>
<p>सावन को लेकर सियासी लोग अलग तरह से सोचते है।  वे इस महीने में अपने विरोधियों की कमर तोड़ने के लिए उनके दलों में तोड़फोड़ करते है।  सत्तारूढ़ दलों को ये अधिकार होता है कि  वे सावन में महाभ्रस्टों को माफकर उन्हें अपने  दल में शामिल कर पवित्र घोषित कर दें।</p>
<p> जैसे दादा अजित पंवार और उनके साथियों को किया ।  उनके खिलाफ चाहें  तो आरोप पात्र दाखिल कर मुकदद्मों में उलझा दें।  जैसे लालू यादव के पुत्रों के खिलाफ किये । यानि सावन  सबको अपने-आपने ढंग से कुछ न कुछ देता ही है । लेता कुछ नहीं है ।  सावन न आये तो नेताओं को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करने का मौका न मिले ।  नौकरशाही को राहत शिविर लगाकर कमाने का मौक़ा न मिले।<br />सावन के आते ही चौमासा शुरू हो जाता है । चौमासा यानि चातुर्मास। इस काल में जो जहाँ है वहीं रम जाना चाहता है। साधू-संत इस महीने में प्रवचन कर शेष वर्ष के लिए अपनी रोटी-पानी का इंतजाम कर लेते हैं। किसानों के लिए भी ये चौमासा अलग तरह से काम का होता है। किसान सावन का स्वागत अपने छान-छप्पर की खपरैल और घास-फूस बदलकर करता है। शहरों में छतों की वाटर फ्रूफिंग कराई जाती है। लोनिवि वाले सड़कों का संधारण बंद कर आपात स्थितियों के लिए कमर कसकर तैयार हो जाते हैं। मतलब सावन सभी के लिए महत्वपूर्ण है। सावन के महीने में इतनी छुट्टियां होती हैं की सरकारी सेवकों की बल्ले-बल्ले हो जाती है।  बिना काम के पगार पाने का महीना भी है सावन।</p>
<p> इस साल सावन में सरकारी सेवकों को कम से कम 15  अवकाश मिल रहे हैं।</p>
<p>सावन को लेकर मैंने अपनी बात कह दी। आपको  इसमें  से जितनी  पसंद आये अपने लिए रख लें और बाक़ी दूसरों के लिए छोड़ दें ,जैसे आजकल फिल्म और साहित्य वालों ने सावन को छोड़ दिया है। .अब फिल्मों में सावन के गीत सुनाई ही नहीं देते। हीरो हीरोइन सावन में न झूले झूलते हैं और न प्रियतम  का इन्तजार करते हैं। उनके लिए तो सावन कभी भी हाजिर होता है।  सावन की फुहारों का इन्तजार फिल्म वाले नहीं करत। वे फव्वारे चलकर रेनडांस  कर लेते हैं। अब कोई नहीं जाता - बरखा रानी ज़रा जम के /थम के बरसो .सावन से समाज का टूटता रिश्ता एक गंभीर बात है । लेकिन दुर्भाग्य  की कोई इसे  गंभीरता  से ले ही नहीं रहा ।</p>
<p><strong>राकेश अचल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कविता/कहानी</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 21:07:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शताक्षर (सौ अक्षर वाला) गायत्री मंत्र जानते है वास्तु शास्त्री सुमित्रा से </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्रा अग्रवाल</strong><br /><strong>कोलकाता </strong></p>
<p><br />शताक्षर (सौ अक्षर वाला) गायत्री मंत्र</p>
<p>ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भगोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् । त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धि पुष्टिवर्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीयमामृतात् । जात वेदसे | सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः । रु नः पर्षदतिर्माणि विश्वा नावेव सिन्धुं दुरितात्यग्निः । </p>
<p>गायत्री मंत्र से पाप निवारण :</p>
<p><strong>ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ </strong></p>
<p>हर सच्चे साधक के लिए चाहे वह किसी जाति, वर्ग अथवा मत का क्यों न हो, जिसमें इस मंत्र की शक्ति तथा महिमा के प्रति विश्वास हैं उसके लिए गायत्री मंत्र जीवनाधार है! गायत्री वेदों की माँ है तथा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131353/shatakshar-gayatri-mantra-with-hundred-letters-is-known-from-vastu"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/गायत्री-मंत्र-जानते-है-वास्तु-शास्त्री-सुमित्रा-से .jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्रा अग्रवाल</strong><br /><strong>कोलकाता </strong></p>
<p><br />शताक्षर (सौ अक्षर वाला) गायत्री मंत्र</p>
<p>ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भगोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् । त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धि पुष्टिवर्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीयमामृतात् । जात वेदसे | सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः । रु नः पर्षदतिर्माणि विश्वा नावेव सिन्धुं दुरितात्यग्निः । </p>
<p>गायत्री मंत्र से पाप निवारण :</p>
<p><strong>ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ </strong></p>
<p>हर सच्चे साधक के लिए चाहे वह किसी जाति, वर्ग अथवा मत का क्यों न हो, जिसमें इस मंत्र की शक्ति तथा महिमा के प्रति विश्वास हैं उसके लिए गायत्री मंत्र जीवनाधार है! गायत्री वेदों की माँ है तथा सारे पापों की विनाशक है। गायत्री के जप से वही फल मिलता है जो चारों वेदों तथा उनके अंगों के पाठ से।</p>
<p> यदि इस एक ही मंत्र का जप भाव पूर्वक शुद्ध अंतःकरण से किया जाए तो उससे परम कल्याण की प्राप्ति होती है। श्रीमाता गायत्री की अनुकम्पा से दुस्तर संकटों का नाश हो जाता है एवं जन्मजन्मान्तर की दीनता का भी विनाश होता है। गायत्री माता में सभी देवों का निवास है अतः यह तापत्रय-विनाशिनी शक्ति है। गायत्री मंत्र सभी पापों का विनाश निम्नानुसार करता है :</p>
<h5 style="text-align:center;">ॐ - नेत्रों से किए हुए पाप को नाश करता है। <br />तत् - ब्रह्महत्या जैसे पाप को जला देता है। <br />स - गोहत्या जैसे पाप का नाश करता है। <br />वि - स्त्री हत्या से जनित पाप का नाश करता है। <br />तु - लिंग दोष कृत पाप का तत्क्षण नाश करता है।<br />र्व - मद्यपान से उत्पन्न पापों का नाश करता है।<br />रे - अगम्य स्त्रियों के गमन करने के पाप को जला देता है।<br />ण्यं - अभक्ष्य पदार्थों को खाने से हुए पाप को नष्ट करता है। <br />भ - संसर्ग जनित पाप का शीघ्र अंत कर देता है।<br />र्गो - गुरु निन्दा जन्य पाप का क्षण भर में नाश करता है। <br />दे - भाई को मारने के जैसे किए गए पाप का दहन करता है। <br />व - शूद्र का अन्न खाने से जनित पाप का नाश करता है। <br />स्य - पशु हत्या से जनित पाप का नाश करता है।<br />धी - बुद्धिदोष जन्य पाप का नाश करता है। <br />म - झूठ बोलने के पाप से क्षण भर में छुड़ा देता है। <br />हि - कर्मों की हानि से उत्पन्न पाप का नाश करता है।<br />धि - प्रतिग्रह जनित पाप का नाश करता है। <br />यो - काम द्वारा कृत पाप का नाश करता है। <br />यो - कुत्सा, निन्दादि जन्य पाप का नाश करता है।<br />नः - जलपान से किए पाप का नाश करता है। <br />प्र - अन्नदोष जन्य पाप को विनिष्ट करता है। <br />चो - इन्द्रियों द्वारा किए गए पाप का नाश करता है।<br />द - नाना दोष जनित पाप का शीघ्र नाश करता है। <br />यात् - जन्म जन्मातर के पापों का नाश करता है।</h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2023 17:04:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युधिष्ठिर ने कब किया दुर्गा पाठ जानते है </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्राजी से </strong></p>
<p>महाभारत का युद्ध अभी आरम्भ नहीं हुआ था । युधिष्ठिर सहित पांचो पांडव दुर्गाजी की आराधना करते है। माता शक्ति स्वरुपिणी से शक्ति का आवाहन करते है। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामा स्तोत्रम को युधिष्ठिर ने रचा था।</p>
<p>कितना शक्तिशाली है ये स्तोत्र : इस स्तोत्र को सुन कर साक्षात दुर्गा माँ पांडवो को दर्शन देती है और विजयी होने का आशीर्वाद भी देती है।</p>
<p>इस स्तोत्र को कब पढ़े : नवरात्रे सीर कम से कम १ बार रोज शाम को इस श्लोक को पढ़े। श्लोक न पढ़ पाए तो अर्थ जरुर पढ़े।</p>
<p>इस स्तोत्र को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130996/do-you-know-when-did-yudhishthira-recite-durga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/युधिष्ठिर-ने-कब-किया-दुर्गा-पाठ-जानते-है .jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्राजी से </strong></p>
<p>महाभारत का युद्ध अभी आरम्भ नहीं हुआ था । युधिष्ठिर सहित पांचो पांडव दुर्गाजी की आराधना करते है। माता शक्ति स्वरुपिणी से शक्ति का आवाहन करते है। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामा स्तोत्रम को युधिष्ठिर ने रचा था।</p>
<p>कितना शक्तिशाली है ये स्तोत्र : इस स्तोत्र को सुन कर साक्षात दुर्गा माँ पांडवो को दर्शन देती है और विजयी होने का आशीर्वाद भी देती है।</p>
<p>इस स्तोत्र को कब पढ़े : नवरात्रे सीर कम से कम १ बार रोज शाम को इस श्लोक को पढ़े। श्लोक न पढ़ पाए तो अर्थ जरुर पढ़े।</p>
<p>इस स्तोत्र को पढ़ने क्या फल मिलता है: किसी भी प्रकार का भय हो, किसी भी कारण भय हो उस से तुरंत मुक्ति मिलती है। स्तोत्र ।। श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ।।</p>
<p><strong>ईश्वर उवाच</strong></p>
<p>शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने । यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती । । १ । । ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी । आर्या दुर्गा जया चाद्या शूलधारिणी ।।२।।</p>
<p><strong>त्रिनेत्रा</strong></p>
<p>पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः । । मनो बुद्धिरहंकारा चित्तस्था चिता चितिः ।।३।<br /> सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्दस्वरूपिणी । अनन्ता भाविनी भाव्या भव्याभव्या सदागतिः ।।४।।</p>
<p>शाम्भवी देवमाता च चिन्ता रत्नप्रिया सदा । सर्वविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी।।५।। <br />अपर्णानेकवर्णा च पाटला पाटलावती। पट्टाम्बरपरीधाना कलमञ्जीररञ्जिनी ।।६।। <br />अमेयविक्रमा क्रूरा सुन्दरी सुरसुन्दरी । वनदुर्गा च मातङ्गी मतङ्गमुनिपूजिता ।।७।।<br /> ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कोमारी वैष्णवी तथा । चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृतिः ।।८।।</p>
<p>विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या च बुद्धिदा । बहुला बहुलप्रेमा सर्ववाहनवाहना ।।९।।<br /> निशुम्भशुम्भहननी महिषासुरमर्दिनी । मधुकैटभहन्त्री च चण्डमुण्डविनाशिनी । । १० ।।</p>
<p>सर्वासुरविनाशा च सर्वदानवघातिनी । सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी तथा । । ११ । ।</p>
<p>अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणी । कुमारी चेककन्या च कैशोरी युवती यतिः । । १२ ।।</p>
<p>अप्रौढा चैव प्रौढा च वृद्धमाता बलप्रदा। महोदरी मुक्तकेशी घोरस्था महाबला । । १३ ।। <br />अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी । नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी । । १४ ।।</p>
<p>शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी ।। च कात्यायनी सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी ।।१५।।</p>
<p>य इदं प्रपठेन्नित्यं दुर्गानामशताष्टकम् | नासाध्यं विद्यते देवि त्रिषु लोकेषु पार्वति ।। १६ ।।</p>
<p>धनं धान्यं सुतं जायां हयं हस्तिनमेव च । चतुर्वर्ग तथा चान्ते लभेन्मुक्ति च शाश्वतीम् ।।१७।।</p>
<p>कुमारी पूजयित्वा तु ध्यात्वा देवीं सुरेश्वरीम् । पूजयेत् परया भक्ता पटेनामशताष्टकम् ।। १८ ।।<br /> तस्य सिद्धिर्भवेद् देवि सर्वः सुरवरैरपि । यान्ति  राजानो दासतां राज्यश्रियमवाप्नुयात् ।। १९ ।।</p>
<p>गोरोचनालक्तककुडकुमेन सिन्दूरकर्पूरमधुत्रयेण । विलिख्य यन्त्रं विधिना विधिज्ञो भवेत् सदा धारयते पुरारिः ।। २० ।। <br />भामावास्यानिशामग्रे चन्द्रे शतभिषां गते । विलिख्य प्रपठेत् स्तोत्रं स भवेत् सम्पदा पदम् । ।२१।।</p>
<p>इति श्रीविश्वसारतन्त्रे दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र समाप्तम् ।। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामा स्तोत्रम का अर्थ मैं श्री दुर्गा स्तोत्रम । वैशम्पायन ने कहा । युधिष्ठिर विराट के सुन्दर नगर की ओर जा रहे थे। अपने मन से उन्होंने तीनों लोकों की नियंत्रक देवी दुर्गा की स्तुति की। (१)</p>
<p>वह यशोदा के गर्भ से पैदा हुई थी और भगवान नारायण को बहुत प्रिय थी। वह नंदा और गोप के परिवार में पैदा हुई थी और बहुत शुभ । (२)</p>
<p>उसने कंस को भगा दिया और राक्षसों को नष्ट कर दिया। वह एक चट्टान के किनारे लेटी हुई थी और आकाश की ओर बढ़ रही थी। (३) <br />वह भगवान वासुदेव की बहन थीं और दिव्य मालाओं से सुशोभित थीं। देवी को दिव्य वस्त्र पहनाए गए थे और एक तलवार और एक क्लब ले गए थे। (४)</p>
<p>जो लोग अपने बोझ से मुक्त होने के पवित्र दिनों में हमेशा भगवान शिव को याद करते हैं जैसे एक कमजोर गाय कीचड़ से बच जाती है, वैसे ही आप उन्हें पाप से बचाते हैं। (५)</p>
<p>वह फिर से विभिन्न भजनों के साथ प्रभु की स्तुति करने लगा। राजा और उसके छोटे भाई ने देवी को आमंत्रित किया और उन्हें देखने की इच्छा की। (६) <br />आपको नमन, हे युवती, हे ब्रह्मचारी, हे कृष्ण, वरदान देने वाले। उसका रुप बालक के सूर्य के समान था और उसका मुख पूर्णिमा के समान था। (७)</p>
<p>उसकी चार भुजाएँ, चार मुख, मोटे कूल्हे और स्तन थे। उसने मोर की पूंछ की अंगूठी और बाजूबंद और कंगन पहने थे। (८)</p>
<p>हे देवी, आप कमल के फूल की तरह चमकते हैं भगवान नारायण की पत्नी हे उड़ती हुई महिला, मैंने आपको आपके रुप और आपके ब्रह्मचर्य के बारे में विस्तार से बताया है। (९) <br />वह भगवान कृष्ण की छवि के समान काली और भगवान संकर्ण के समान काली थी। उसने अपनी चौड़ी भुजाएँ धारण कीं, जो इंद्र के बैनर के समान ऊंची थीं। (१०)</p>
<p>• बर्तन कमल की घंटी है, और महिला जमीन पर शुद्ध है। उनके पास एक रस्सी, एक धनुष, एक बड़ी डिस्क और विभिन्न हथियार भी थे। (११)</p>
<p>वह दो अच्छी तरह से भरे हुए झुमके से सजी हुई थी। हे देवी, आप एक ऐसे चेहरे से चमक रहे हैं जो चंद्रमा को टक्कर देता है। (१२)</p>
<p>उन्होंने एक सुंदर मुकुट और एक अद्भुत हेयरबैंड पहना था। उसने सर्प जैसा वस्त्र पहना हुआ था और कमर में चांदी का धागा पहना हुआ था। (१३)</p>
<p>आप अपने बंधे भोग से यहां मंदिर की तरह चमक रहे हैं आप मोर की पूंछ के ऊपर उठे हुए झंडे से चमकते हैं। (१४)</p>
<p>आपने अपनी युवावस्था में एक व्रत का पालन करके तीनों स्वर्गों को शुद्ध किया है। हे देवी, इसलिए देवताओं द्वारा आपकी स्तुति और पूजा की जाती है। (१५)</p>
<p>हे भैंसों और राक्षसों के संहारक, कृपया तीनों लोकों की रक्षा करें। हे श्रेष्ठ देवताओं, मुझ पर कृपा करो, मुझ पर कृपा करो और शुभ बनो। (१६)</p>
<p>आप जय, विजेता और युद्ध में विजय दाता हैं। मुझे भी विजय दिला दो और वर देने वाले तुम अभी उपस्थित हो। (१७)</p>
<p>सर्वश्रेष्ठ पर्वत विंध्य पर आपका निवास शाश्वत है। काली, काली, महाकाली, साधु, मांस और जानवरों को प्रिय। (१८)</p>
<p>(तलवार और तलवार चलाने वाली महिला) आप उन वरदानों के दाता हैं जिनका पालन प्राणियों द्वारा किया गया है और जो अपनी इच्छा से आगे बढ़ सकते हैं। और वो और क्य इंसान जो बोझ से उतर कर तुझे याद करेंगे (१९)</p>
<p>जो लोग सुबह आपको धरती पर प्रणाम करते हैं उनके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है, चाहे वह उनके बेटे हों या उनकी संपत्ति। (२०)</p>
<p>आप हमें किले से बचाते हैं, हे दुर्गा, और लोग आपको दुर्गा के रूप में याद करते हैं। वे रेगिस्तान में रहते थे और महान महासागर में डूब रहे थे। आप उन पुरुषों के लिए अंतिम शरणस्थली हैं जो चोरों द्वारा कैद हैं। (२१)</p>
<p>रेगिस्तानों और जंगलों में पानी बांटते समय हे महादेवी, जो आपको याद करते हैं, वे कभी दुःखी नहीं होते। (२२)</p>
<p>आप यश, ऐश्वर्य, धैर्य, सिद्धि, हति, ज्ञान, संतान और बुद्धि हैं। शाम, रात, प्रकाश, प्रकाश, चमक, क्षमा, दया। (२३) <br />नींद, यह बंधन, मोह, संतान की हानि और धन की हानि का भी कारण बनता है। आपकी पूजा करने से आप रोग, मृत्यु और भय को नष्ट कर देंगे। (२४)</p>
<p>इसलिए में अपने राज्य से वंचित हो गया हूं और आपकी शरण में आया हूं हे देवी, देवताओं की रानी, मैंने अपना सिर झुकाकर आपको नमन किया है। (२५)</p>
<p>हे कमल आंखों वाले, कृपया मुझे हमारी इस सत्यता से बचाइए। हे गढ़, सबका आश्रय, मेरे भक्तों पर दया करो, कृपया मेरी शरण लो। (२६)</p>
<p>इस प्रकार जब देवी की स्तुति की गई, तो - उन्होंने स्वयं को पांडवों को दिखाया। राजाओं के पास जाकर उसने उन्हें इस प्रकार संबोधित किया (२७)</p>
<p>देवी ने कहा हे पराक्रमी राजा, कृपया मेरे वचनों को सुन, मेरे स्वामी। आप जल्द ही युद्ध में विजयी होंगे (२८) मेरी कृपा से आपने कौरवों की सेना को सुरक्षत करने के बाद आप फिर से पृथ्वी का आनंद लेंगे। (२९)</p>
<p>अपने भाइयों के साथ, हे राजा, तुम बहुत सुख पाओगे। मेरी कृपा से आपको सुख और स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी (३०)</p>
<p>और जो इस मन्त्र का जप इस संसार में करेगा वह सब पापों से मुक्त हो जाएगा। मैं उनसे संतुष्ट होकर उन्हें राज्य, दीर्घायु, शरीर और पुत्र प्रदान करूंगा। (३१)</p>
<p>चाहे निर्वासन में हो या नगर या युद्ध या शत्रु से खतरे में हो जंगल में, किले में, रेगिस्तान में, समुद्र में, गहरे पहाड़ों में। (३२)</p>
<p>जो मुझे याद करेंगे, हे राजा, वे मुझे याद करेंगे जैसे आपने मुझे याद किया है। उनके लिए इस दुनिया में कुछ भी मुश्किल नहीं होगा। (३३)</p>
<p>इस उत्तम स्तोत्र को भक्ति भाव से सुनना या पढना चाहिए। उसके सभी कार्य पांडवों द्वारा पूरे किए जाएंगे। (३४) <br />मेरी कृपा से आप सभी विराट नगर तक पहुंच सके हैं न कौरव और न ही वहां रहने वाले पुरुष समझेंगे। (३५)</p>
<p>शत्रुओं के वश में करने वाले युधिष्ठिर से इस प्रकार बात करने के बाद, देवी वरदा ने उन्हें संबोधित किया। पांडवों की रक्षा करने के बाद, भगवान कृष्ण उस स्थान से गायब हो गए। ३६ यह श्रीमदभागवतम, विराट के त्योहार में देवी दुर्गा का स्तोत्र है। (३६)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज्योतिष</category>
                                            <category>साहित्य/ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 18:33:55 +0530</pubDate>
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