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                <title>cbi delhi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>cbi delhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>CBI का बड़ा एक्शन! 10 लाख की रिश्वत लेते ही फंसा दिल्ली पुलिस का ASI, मौके पर हुई गिरफ्तारी</title>
                                    <description><![CDATA[<h4><strong>राजधानी दिल्ली</strong></h4>
<p>राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के ASI सुंदर पाल को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर प्रॉपर्टी विवाद निपटाने के बदले 25 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है।</p>
<h3><strong>📌 रिश्वत लेते ही दबोचा गया ASI</strong></h3>
<p>CBI के अनुसार, आरोपी ASI शिकायतकर्ता को डराकर उसके खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले मोटी रकम मांग रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने सीधे CBI से संपर्क किया। जांच के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 10 लाख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169178/big-action-by-cbi-delhi-polices-asi-caught-after-taking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/cbi-pti221217.jpg" alt=""></a><br /><h4><strong>राजधानी दिल्ली</strong></h4>
<p>राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के ASI सुंदर पाल को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर प्रॉपर्टी विवाद निपटाने के बदले 25 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है।</p>
<h3><strong>📌 रिश्वत लेते ही दबोचा गया ASI</strong></h3>
<p>CBI के अनुसार, आरोपी ASI शिकायतकर्ता को डराकर उसके खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले मोटी रकम मांग रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने सीधे CBI से संपर्क किया। जांच के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपये देते ही आरोपी को धर दबोचा।</p>
<h3><strong>📌 CBI की सटीक प्लानिंग</strong></h3>
<p>10 फरवरी को केस दर्ज करने के बाद CBI ने पूरी रणनीति बनाई। तय स्थान पर जैसे ही ASI ने पैसे लिए, पहले से मौजूद टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मौके से पूरी रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।</p>
<h3><strong>📌 कई और नाम हो सकते हैं उजागर</strong></h3>
<p>CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कोई और पुलिसकर्मी या दलाल शामिल है या नहीं। आरोपी की संपत्ति और पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है।</p>
<h3><strong>📌 अदालत में पेशी की तैयारी</strong></h3>
<p>CBI आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। एजेंसी ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मुहिम लगातार जारी रहेगी और कानून से ऊपर कोई नहीं है।</p>
<h2> </h2>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:02:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम अदालत ने क्यों कहा कि सीबीआई की निष्पक्षता दिखनी चाहिए </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>सीबीआई भारत की सर्वोच्च जांच एजेंसी है और जब भी कोई बड़ी होती है तो उसकी जांच सीबीआई के द्वारा ही कराई जाती है या कराए जाने की मांग होती है। खासकर भ्रष्टाचार और अति गंभीर मसलों में सीबीआई की जांच आवश्यक हो जाती है। पिछले कुछ समय से देश में सीबीआई समाचारों में छाई रहती है और इसका काम भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर मामलों में वृद्धि हुई है। तभी सीबीआई का कार्य भी बढ़ा है। खासकर विपक्षी दलों के लोग सीबीआई के चंगुल में फंसे</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144795/why-did-the-supreme-court-say-that-cbis-impartiality-should"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/img_20240914_143253.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>सीबीआई भारत की सर्वोच्च जांच एजेंसी है और जब भी कोई बड़ी होती है तो उसकी जांच सीबीआई के द्वारा ही कराई जाती है या कराए जाने की मांग होती है। खासकर भ्रष्टाचार और अति गंभीर मसलों में सीबीआई की जांच आवश्यक हो जाती है। पिछले कुछ समय से देश में सीबीआई समाचारों में छाई रहती है और इसका काम भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर मामलों में वृद्धि हुई है। तभी सीबीआई का कार्य भी बढ़ा है। खासकर विपक्षी दलों के लोग सीबीआई के चंगुल में फंसे नजर आ रहे हैं। विपक्षी दल बार-बार चिल्ला रहे हैं कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। लेकिन सरकार का कहना है कि सीबीआई एक स्वायत्त संस्था है और सरकार उनके कामों में दखलंदाजी नहीं देती है। लेकिन फिर भी सीबीआई जांच में बीच-बीच में सवाल उठते रहे हैं।
<div> </div>
<div>आम आदमी पार्टी के तमाम नेता सीबीआई जांच के दायरे में चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी भी हुई जिनमें सतेंदर जैन, मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह शामिल हैं। देश में अन्य पार्टियां भी हैं जिनके नेता भी सीबीआई जांच के दायरे में हैं। आम आदमी पार्टी की बात करें। तो संजय सिंह को बड़ी जल्दी जमानत मिल गई। जब कि मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल को कुछ ज्यादा समय लगा। जब कि सतेंदर जैन अभी भी जेल में हैं और उनको जमानत नहीं मिली है। अब सवाल यह उठता है कि सुप्रीम कोर्ट को यह क्यों कहना पड़ा कि सीबीआई को निष्पक्ष होने के साथ-साथ निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। यह प्रश्न शाय़द सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष की उन आरोपों के ऊपर दिया है जिसमें विपक्ष बराबर कह रहा है कि सीबीआई केन्द्र सरकार के तोते की तरह कार्य कर रही है। और जो नेता जांच से बचना चाहता है वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाता है क्योंकि केन्द्र में सरकार भारतीय जनता पार्टी की ही है।</div>
<div> </div>
<div>सीबीआई को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार और विपक्षी दलों में जमकर तकरार हो रही है। लेकिन लोकतंत्र में में यह जायज़ है। सीबीआई भले ही कितनी भी स्वतंत्रता से कार्य करे लेकिन वह आती तो केन्द्र सरकार के आधीन ही है। इसलिए विपक्ष को कहने का और मौका मिल जाता है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सीबीआई को अपनी निष्पक्षता दिखानी होगी। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि सीबीआई निष्पक्ष नहीं है। इसका मतलब यह है कि वह निष्पक्ष तो है लेकिन अपनी निष्पक्ष कार्यशैली को उसे दर्शाना भी होगा। जिससे कि विपक्षी दल जो बार-बार सीबीआई पर आरोप लगा रहे हैं उन आरोपों से वह बच सके। जस्टिस भुइयां ने सीबीआई को देश की एक प्रीमियर जांच एजेंसी बताया है और कहा कि जनहित में उसे न सिर्फ निष्पक्ष होना होगा बल्कि निष्पक्षता दिखानी भी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई को ऐसी धारणा दूर करने का प्रयास करना होगा कि जांच निष्पक्ष रूप से नहीं की गई थी इसके अलावा गिरफ्तारी, दमनात्मक और पक्षपात पूर्ण तरीके से की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के शासन द्वारा संचालित एक क्रियाशील लोकतंत्र में यह धारणा बेहद मायने रखती है, इसलिए जांच एजेंसी को ईमानदार होने के साथ-साथ ईमानदार दिखना भी चाहिए।</div>
<div> </div>
<div>यह बात सच है कि ऐसे तमाम नेता हैं जिनपर गंभीर आरोप थे और वह कभी भी सीबीआई जांच के दायरे में आ सकते थे लेकिन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद वह जांच से बच गए। यह आरोप विपक्ष लगातार उठा रहा है और सुप्रीम कोर्ट से इसमें हस्तक्षेप भी करने को कह रहा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट सरकार के हर कार्य में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है लेकिन जो मामले उसके सामने रखे जाएंगे उस पर वह जरूर सरकार को आदेश दे सकती है। बरहाल सीबीआई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष की बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अरविंद केजरीवाल के मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से यह अपील की थी कि यदि उन्हें जमानत मिल जाती है तो उससे जांच प्रभावित हो सकती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि किसी को भी बिना आरोप सिद्ध हुए ज्यादा दिनों तक जेल में रखना स्वतंत्रता का माखौल होगा।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट की इस दलील पर इतना तो प्रतिबंध लगा ही दिया कि अरविंद केजरीवाल एक मुख्यमंत्री के रुप में स्वतंत्र होकर कार्य नहीं कर सकेंगे और शराब मामले में तो बिल्कुल ही नहीं। अब देखना है कि सीबीआई अरविंद केजरीवाल के विरुद्ध किस तरह के सबूत पेश करती है जिससे कि वो गुनेहगार साबित हो सकें। लेकिन कल जो सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई सीबीआई के लिए जो टिप्पणी की है वह कई मायनों में सीबीआई के लिए अहम है। और निश्चित ही सीबीआई को अपनी निष्पक्षता बरकरार रखने के साथ साथ उस निष्पक्षता को दर्शाना भी होगा ताकि वह लोगों के विरोध पर विराम लगा सके।</div>
<div> </div>
<div><strong> जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Sep 2024 16:53:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>CBI ने मनीष सिसोदिया से 9 घंटे की पूछताछ, बोले- पूरा मामला फर्जी है </title>
                                    <description><![CDATA[Delhi Liquor Policy Case: सीबीआई ने आबकारी नीति मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सोमवार को पूछताछ की.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125192/cbi-questioned-manish-sisodia-for-9-hours-said-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-10/delhi-liquor-policy-case-सीबीआई-ने-आबकारी-नीति.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Manish Sisodia CBI Questioning:</strong> दिल्ली की आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सीबीआई (CBI) ने सोमवार (17 अक्टूबर) को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ की. सीबीआई ने दो चरणों में करीब 9 घंटे तक सिसोदिया (Manish Sisodia) से सवाल किए. इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदर्शन भी किया. जानिए पूछताछ से जुड़ी बड़ी बातें.  </p>
<p><br />1. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को सुबह 11:15 बजे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मुख्यालय पहुंचे. मनीष सिसोदिया इससे पहले सुबह आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय और महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट गए. </p>
<p>2. सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से दो चरणों में पूछताछ की. पहले चरण में करीब साढे 3 घंटे तक सवाल पूछे गए. फिर आधे घंटे के लंच ब्रेक के बाद करीब 6 घंटे तक और पूछताछ की गई. </p>
<p>3. मनीष सिसोदिया ने सीबीआई के दफ्तर से निकलने के बाद कहा कि ऑपरेशन लोटस को कामयाब बनाने के लिए केस कर रखा है. मुझे कहा था कि आप छोड़ दो, आप में क्यों हो. मैंने कहा क्यों, तो बोले कि फिर तो ऐसे ही केस चलते रहेंगे. बार-बार कहते हैं दिल्ली में 10 हजार करोड़ का एक्साइज घोटाला हुआ है. आज मैंने सीबीआई में जाकर देखा सारा केस फर्जी है. आज मुझे समझ आया इन्होंने सीबीआई में केस ऑपरेशन लोटस को कामयाब करने के लिए करवा रखा है. </p>
<p>4. एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि सीबीआई दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उत्तरों का मूल्यांकन करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो उन्हें बाद में फिर से बुलाया जाएगा. सिसोदिया को कल के लिए कोई समन नहीं दिया गया. </p>
<p>5.उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई जैसी एजेंसी को असंवैधानिक तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है. एक्साइज पर बात हुई, लेकिन मुझे सीबीआई कार्यालय के अंदर (आप) छोड़ने के लिए कहा गया था, नहीं तो मेरे खिलाफ ऐसे मामले दर्ज होते रहेंगे. मुझसे कहा गया था सत्येंद्र जैन के ऊपर कौन से सच्चे मामले हैं. मैंने कहा कि मैं आप को बीजेपी के लिए नहीं छोड़ूंगा. उन्होंने कहा कि वे मुझे सीएम बनाएंगे. मुझे तो खुशी मिलती है जब मेड की बच्ची, सफाई कर्मचारियों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती है. कहीं एक रुपये का घोटाला नहीं हुआ. </p>
<p><br />6. मनीष सिसोदिया के पूछताछ के लिए रवाना होने से पहले उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक एकत्रित हो गए थे. सीबीआई के दफ्तर जाने से पहले मनीष सिसोदिया ने अपने समर्थकों से कहा कि, "मेरे जेल जाने पर गर्व करना." सीबीआई कार्यालय के लिए निकलने से पहले मनीष सिसोदिया ने अपने मथुरा रोड स्थित आवास पर मां का आशीर्वाद लिया. सीबीआई कार्यालय जाने के क्रम में सिसोदिया दो जगह रुके. उन्होंने पार्टी मुख्यालय में आप कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी से नहीं डरते हैं. वह महात्मा गांधी की समाधि राजघाट भी गए. </p>
<p>7.दिल्ली के उपराज्यपालय वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इसके बाद सीबीआई ने अगस्त में सिसोदिया और 14 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी. </p>
<p>8. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि, "8 दिसंबर को गुजरात के नतीजे आयेंगे. ये लोग तब तक मनीष को जेल में रखेंगे ताकि मनीष गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए ना जा पायें." केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात के मेहसाणा जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात आकर मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली जैसे स्कूल गुजरात के गांव-गांव में बनायेंगे. आज इन्होंने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. जब 8 दिसम्बर को नतीजे आएंगे, तब जेल के ताले टूटेंगे, मनीष सिसोदिया छूटेंगे. क्योंकि अब आप के लिए गुजरात की सारी जनता प्रचार करेगी.</p>
<p> </p>
<p>9. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एजेंसी ने अगस्त में मनीष सिसोदिया के परिसरों पर छापेमारी की थी और गाजियाबाद के एक बैंक में उनके लॉकर की तलाशी भी ली. इसके अलावा कई राज्यों में भी छापेमारी की गई थी. सीबीआई ने इस मामले में आप के नेता और ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर और हैदराबाद के व्यापारी अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार भी किया है. </p>
<p>10. सोमवार को सिसोदिया से पूछताछ को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी कि वे यहां से हट जायें वरना जबरन हटाना पड़ेगा. जिसके बाद पुलिस ने लोगों को हटाना शुरू किया. पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को हिरासत में लिया. संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका कुर्ता फाड़ दिया और उनेके साथ जुल्म हो रहा है. सिसोदिया को गिरफ्तार करने की साजिश का जवाब जनता वोट से देगी. <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 21:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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