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                <title>bihar election - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>bihar election RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिहार में एनडीए को प्रचंड बहुमत पर सिद्धार्थनगर में भाजपाइयों ने मिठाई बाँटकर मनाया जश्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर खुशी का माहौल रहा। भाजपाइयों  ने मिठाई बांटकर और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। भाजपा के नेताओं ने  समर्थकों को मिठाई खिलाई। सदर विधायक प्रतिनिधि  सत्य प्रकाश राही ने इसे विकास और स्थिरता की जीत बताया। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत की खुशी सिद्धार्थनगर में  जोरदार तरीके से दिखी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परिणाम घोषित होने के बाद स्थानीय समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाईयाँ दी। जिला मुख्यालय  के सड़कों पर बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने पटाखे फोड़ कर जीत का जश्न मनाया।</div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160209/bjp-workers-celebrated-ndas-massive-majority-in-bihar-by-distributing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1763126735671.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर खुशी का माहौल रहा। भाजपाइयों  ने मिठाई बांटकर और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। भाजपा के नेताओं ने  समर्थकों को मिठाई खिलाई। सदर विधायक प्रतिनिधि  सत्य प्रकाश राही ने इसे विकास और स्थिरता की जीत बताया। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत की खुशी सिद्धार्थनगर में  जोरदार तरीके से दिखी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिणाम घोषित होने के बाद स्थानीय समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाईयाँ दी। जिला मुख्यालय  के सड़कों पर बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने पटाखे फोड़ कर जीत का जश्न मनाया। इस दौरान नीतेश पाण्डेय ने समर्थको को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। जीत पर बच्चों और युवाओं मे जमकर जोश दिखा। इस मौके पर  उन्होंने  कहा कि यह विकास और स्थिरता की जीत है, उन्होंने कहा कि सरकार से सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद है।</div>
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                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 19:36:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिहार का जनादेश प्रधानमंत्री मोदी की साफ नीतियों का परिणाम हे </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार विधानसभा के चुनाव परिणामों ने सारे राजनीतिक पंडितों के अनुमानों को झुठलाते हुए बिहार के विधानसभा के इतिहास मे अब तक का सबसे बडा जनादेश सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को देकर बिहार की जनता ने देश के राजनीतिक दलों को साफ संदेश दे दिया हे कि जात पात से ऊपर उठकर ओर धनबल ओर बाहुबल का भय दिखाए बिना जो राजनीतिक दल अपने नागरिकों के विकास ओर सुरक्षा के हित के कार्य करेगा जनता अब उसे ही अपना जनादेश देगी ओर बिहार कि जनता ने जाती धर्म ओर मजहब के ऊपर उठकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया हे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160157/bihars-mandate-is-the-result-of-prime-minister-modis-clean"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार विधानसभा के चुनाव परिणामों ने सारे राजनीतिक पंडितों के अनुमानों को झुठलाते हुए बिहार के विधानसभा के इतिहास मे अब तक का सबसे बडा जनादेश सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को देकर बिहार की जनता ने देश के राजनीतिक दलों को साफ संदेश दे दिया हे कि जात पात से ऊपर उठकर ओर धनबल ओर बाहुबल का भय दिखाए बिना जो राजनीतिक दल अपने नागरिकों के विकास ओर सुरक्षा के हित के कार्य करेगा जनता अब उसे ही अपना जनादेश देगी ओर बिहार कि जनता ने जाती धर्म ओर मजहब के ऊपर उठकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया हे कि बिहार सहित देश से अब जात पात के नाम पर जनादेश हासिल कर सरकार बनाने का दोर समाप्त हो गया हे !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार के सभी वर्ग के लोगों ने खासकर मुस्लिम वर्ग के मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के विकास ओर सुरक्षा पर साफ नीति देखकर बिहार की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार को अपना जनादेश दिया जो देश के विधानसभा के इतिहास मे एक रिकार्ड बन गया हे जहा विपक्षी महागठबंधन मे शामिल समूचे दलों को अपनी राजनीतिक जमी बचाने के लाले पढ़ गए हे !  243 विधानसभा सीटों वाले बिहार विधान सभा के चुनावों मे भाजपा जेडीयू  के एनडीए गठबंधन को 210 के करीब विधानसभा सीटों पर विजय होना यह दर्शाता हे कि बिहार सहित देश के लोगों की आस्था लोकतंत्र मे उन राजनीतिक दलों के प्रति आज भी व्याप्त हे जो जनहित व राष्ट्रहित के मुद्दे पर कभी समझौता नहीं करते हे !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बकोल बिहार विधानसभा की जीत सत्तारूढ़ दल के कार्यों का नतीजा माना जाता हे लेकिन इस बार बिहार की जनता ने राज्य सरकार मे भारतीय जनता पार्टी को खुलेमन से जनादेश देकर राज्य कि सबसे बड़ी पार्टी बनाकर राज्य के विकास ओर सुरक्षा का भरोसा जताया हे ! बेशक बिहार के जनमानस पर प्रधानमंत्री मोदी की बातों का ,उनके द्वारा देश के विकास ओर सुरक्षा पर किए जा रहे कार्यों का बहुत घर प्रभाव पड़ा जिसकी परिणिती यह हुई की विपक्षी दल अब तक जिन विशेष जाती धर्मों के लोगों को अपना परंपरागत वोट बेंक मानते आ रहे थे ओर उनके बूते सरकार बनाने का दम भरते थे  उन सभी जाती धर्म के लोगों ने भी प्रधानमंत्री कि बातों पर उनके कार्यों पर विश्वास जताकर पूरे परिवार के साथ इस कदर एनडीए को जनादेश दिया हे कि राजद कांग्रेस सहित महागठबंधन के दलों को यकीन नहीं हो रहा हे !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इक्कीसवीं सदी के बिहार की जनता ने देश के जात पात की राजनीति करने वाले राजनेताओ को आईना दिखाते हुए स्पष्ट संदेश दिया हे कि बिहार के किसी भी जाती धर्म के मतदाता अब किसी भी दल की बपौती नहीं हे जो उनके इशारों पर चले बल्कि नए बिहार का मतदाता अपने विकास ओर सुरक्षा की गारंटी देने वाले राजनीतिक दलों को ही अपना जनादेश देगी ! बिहार विधानसभा का जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास ओर सुरक्षा का परिणाम हे ! बिहार विधानसभा का जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साफ नीति का परिणाम हे जो देशभर के जनमानस को मोह लेगा ! </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 17:28:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार चुनाव 2025: जनमत की नई परिभाषा और पहले चरण की निर्णायक भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>डॉ.दीपकुमार शुक्ल (स्वतन्त्र टिप्पणीकार)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />बिहार एक बार फिर लोकतन्त्र के सबसे बड़े पर्व की ओर बढ़ रहा है। 6 नवम्बर को यहाँ पहले चरण का मतदान होना है| जिसमें 121 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनेंगे|  इसलिए राज्य की सियासत में हलचल तेज़ होना स्वाभाविक है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की कवायद नहीं, बल्कि सामाजिक सन्तुलन, जनमत की दिशा और राजनीतिक पुनर्संरचना का संकेत भी है। इस बार का चुनाव कई स्तरों पर निर्णायक बनता दिख रहा है|  जातीय समीकरणों की पुनर्व्याख्या, महिला मतदाताओं की चुपचाप लेकिन प्रभावशाली भागीदारी और मौसम की बाधाओं के बीच प्रचार की नयी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159087/bihar-elections-2025-new-definition-of-public-opinion-and-decisive"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/bihar-chunav.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>डॉ.दीपकुमार शुक्ल (स्वतन्त्र टिप्पणीकार)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />बिहार एक बार फिर लोकतन्त्र के सबसे बड़े पर्व की ओर बढ़ रहा है। 6 नवम्बर को यहाँ पहले चरण का मतदान होना है| जिसमें 121 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनेंगे|  इसलिए राज्य की सियासत में हलचल तेज़ होना स्वाभाविक है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की कवायद नहीं, बल्कि सामाजिक सन्तुलन, जनमत की दिशा और राजनीतिक पुनर्संरचना का संकेत भी है। इस बार का चुनाव कई स्तरों पर निर्णायक बनता दिख रहा है|  जातीय समीकरणों की पुनर्व्याख्या, महिला मतदाताओं की चुपचाप लेकिन प्रभावशाली भागीदारी और मौसम की बाधाओं के बीच प्रचार की नयी शैली ने इसे एक जटिल लेकिन रोचक परिदृश्य बना दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिहार की राजनीति में जाति की भूमिका सदैव निर्णायक रही है|  लेकिन इस बार टकराव की प्रकृति कुछ बदली हुई दिखाई दे रही है। भूमिहार बनाम भूमिहार जैसी स्थितियाँ आन्तरिक  विभाजन को उजागर करती हैं| वहीं सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के बीच की खाई को पाटने की कोशिशें राजनीतिक दलों की रणनीति में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही हैं। हालाकि मोकामा, मटिहानी, जहानाबाद, गोपालगंज, सीवान और बक्सर जैसी सीटों पर जातीय ध्रुवीकरण की स्थिति बनी हुई है। यादव, कुर्मी, दलित और मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए सभी दलों ने रणनीतिक उम्मीदवार उतारे हैं। AIMIM अर्थात ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन  और राष्ट्रीय जनता दल  मुस्लिम वोटों को लेकर आमने-सामने हैं| जबकि भाजपा ने अति पिछड़े वर्गों को साधने की कोशिश की है। यह जातीय टकराव केवल चुनावी गणित नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना की गहराई को भी दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला मतदाता इस चुनाव में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभरी हैं। बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ है, जिसमें महिला वोटर लगभग 47% हैं। यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव का संकेत है। रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उनकी चुपचाप भागीदारी ने राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति पुनर्गठित करने पर मजबूर किया है। नीतीश कुमार की सभाओं में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है, जबकि अन्य दलों को इस वर्ग में पकड़ मजबूत करना बाकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला वोटर का रुझान विकास और स्थायित्व की ओर झुका हुआ है, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। महिला मतदाता अब केवल भावनात्मक अपील से नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं और नीतियों के आधार पर निर्णय ले रही हैं। जिसके कारण ही राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी रणनीति बदलने विचार करना पड़ा| </p>
<p style="text-align:justify;"><br />मौसम भी इस बार चुनाव प्रचार में एक अहम कारक बनकर सामने आया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई सभाएं रद्द करनी पड़ीं|  जिससे नेताओं को डिजिटल माध्यमों का सहारा लेना पड़ा। अमित शाह की तीन सभाएं मौसम के कारण स्थगित हुईं, जबकि तेजस्वी यादव, प्रियंका गांधी और प्रशान्त किशोर जैसे नेता अब वीडियो सन्देश, सोशल मीडिया लाइव और वर्चुअल संवाद के माध्यम से मतदाताओं से जुड़ रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि राजनीति अब मंच से मोबाइल तक पहुंच चुकी है| मतदाता भी इस बदलाव को सहजता से स्वीकार कर रहा है। मौसम की बाधा ने प्रचार की पारम्परिक शैली को चुनौती दी है, लेकिन साथ ही तकनीक की उपयोगिता को भी साबित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक दलों की रणनीति अब जातीय समीकरणों, महिला वोट बैंक और डिजिटल पहुंच पर केन्द्रित होती जा रही है। भरतीय जनता पार्टी  और जेडीयू अर्थात जनता दल (यूनाइटेड) ने विकास, कानून व्यवस्था और सुशासन को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है| जबकि राष्ट्रीय जनता दल बेरोजगारी और सामाजिक न्याय को लेकर जन संवाद चला रहा है। कांग्रेस महिला सशक्तीकरण और शिक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही है। चुनाव प्रचार की शैली में भी बदलाव आया है|  रथ यात्रा, डिजिटल रैली, महिला रैली, प्रेस वार्ता और सोशल मीडिया अभियान अब चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुके हैं। यह विविधता दर्शाती है कि बिहार का चुनाव अब केवल नारों और जन सभाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मतदाता तक पहुंचने के लिए बहुआयामी प्रयास शुरू हो चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहला चरण केवल शुरुआत नहीं, बल्कि चुनाव की दिशा तय करने वाला संकेतक है। 121 सीटों पर होने वाला मतदान राज्य की राजनीतिक धारा को प्रभावित करेगा। यदि मतदाता जाति से ऊपर उठकर मुद्दों पर मतदान करता है, तो यह राजनीतिक परिपक्वता का प्रमाण होगा। यदि महिला और युवा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाते हैं  तो यह सामाजिक पुनर्संरचना की ओर बढ़ता बिहार होगा। वहीं यदि मौसम की बाधा के बावजूद जनभागीदारी बनी रहती है तो यह लोकतन्त्र की जीवन्तता का उत्सव सिद्ध होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बिहार का मतदाता अब केवल वोट नहीं देता बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में सक्षम है। इस बार का चुनाव उसी दिशा की खोज है। यह चुनाव केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, राजनीतिक समझ और लोकतान्त्रिक जिम्मेदारी का प्रतिबिम्ब है। पहले चरण के मतदान से जो संकेत मिलेंगे, वे न केवल अगले चरण की रणनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि बिहार किस दिशा में आगे बढ़ेगा| जातीय टकराव की राजनीति की ओर या समावेशी विकास की ओर?</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव में मतदाता की दिशा सदैव अहम भूमिका निभाती है। आज का मतदाता केवल सुनता नहीं, सवाल भी करता है। वह अब केवल भीड़ का हिस्सा नहीं बल्कि निर्णय लेने में समर्थ है। और यही लोकतन्त्र की सबसे बड़ी शक्ति है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 21:00:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बिहार : क्या यही है 'सुशासन' के दावों की हक़ीक़त ?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। दावों प्रतिदावों और आरोपों व प्रत्यारोपों का दौर अपने चरम पर है। सत्ता की तरफ़ से चुनाव जीतने के लिये सबसे अधिक ज़ोर लगाया जा रहा है। हरियाणा सहित कई अन्य भाजपा शासित राज्यों से तो बिहारी मतदाताओं को विशेष ट्रेन्स द्वारा मतदान  करने हेतु बिहार भेजा जा रहा है। उधर भाजपा स्टार प्रचारक नीतीश सरकार को 'सुशासन' व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के रूप में प्रचारित करते नहीं थक रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तु सुशासन व भ्रष्टाचार मुक्त बिहार के इन्हीं दावों के बीच कुछ ऐसे सनसनीख़ेज़ रहस्योद्घाटन हो रहे हैं व घटनायें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159048/is-this-the-reality-of-claims-of-good-governance-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/rk-singh.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। दावों प्रतिदावों और आरोपों व प्रत्यारोपों का दौर अपने चरम पर है। सत्ता की तरफ़ से चुनाव जीतने के लिये सबसे अधिक ज़ोर लगाया जा रहा है। हरियाणा सहित कई अन्य भाजपा शासित राज्यों से तो बिहारी मतदाताओं को विशेष ट्रेन्स द्वारा मतदान  करने हेतु बिहार भेजा जा रहा है। उधर भाजपा स्टार प्रचारक नीतीश सरकार को 'सुशासन' व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के रूप में प्रचारित करते नहीं थक रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तु सुशासन व भ्रष्टाचार मुक्त बिहार के इन्हीं दावों के बीच कुछ ऐसे सनसनीख़ेज़ रहस्योद्घाटन हो रहे हैं व घटनायें घटित हो रही हैं जिन्होंने बिहार में 'सुशासन' व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार की क़लई खोल कर रख दी है। हैरानी की बात तो यह है कि इसतरह के खोखले दावों की हवा निकालने में किसी सत्ता विरोधी दल या विपक्ष की कोई भूमिका नहीं है बल्कि स्वयं भाजपा-जे डी यू के नेता ही इस 'क़लई खोल अभियान ' के मुख्य सूत्रधार हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे पहले तो ज़िक्र करते हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री  राजकुमार सिंह (आरके सिंह) के बयानों का। आर के सिंह  बिहार के आरा से दो बार सांसद रह चुके हैं और मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में वे ऊर्जा मंत्री थे। उनकी गिनती भाजपा के वरिष्ठ नेता के रूप में होती है। सर्वप्रथम तो आर के सिंह ने चुनाव अभियान के बीच ही गत 20 अक्टूबर को एक वीडियो संदेश जारी कर मतदाताओं से अपील की थी कि वे अपराधी और भ्रष्ट छवि वाले उम्मीदवारों को वोट हरगिज़ न दें। उन्होंने विशेष रूप से जेडीयू के मोकामा से उम्मीदवार अनंत सिंह व भाजपा के तारापुर से उम्मीदवार व बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लिया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस सन्देश में सिंह ने यहां तक कहा था कि ऐसे उम्मीदवारों को वोट देना "चुल्लू भर पानी में डूब मरने" से भी बदतर है, क्योंकि ये "जनता का ख़ून चूस रहे हैं"। उन्होंने यह भी कहा था कि 'आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को हटाकर ही बिहार का विकास संभव है, और यदि सभी उम्मीदवार ऐसे हों तो मतदाता नोटा का विकल्प चुनें'। सिंह ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले इसी तरह के कुल 8 उम्मीदवारों के नाम लिए। अब आरके सिंह के इस बयान को भाजपा के अंदर सुलग रही बग़ावत की चिंगारी के रूप में देखा जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर के सिंह के उपरोक्त बयानों पर अभी चर्चा चल ही रही थी कि पिछले दिनों उन्होंने बिजली घोटाला सम्बन्धी एक और बड़ा धमाका कर दिया। उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप मुख्य रूप से बिहार में बिजली विभाग से जुड़े 62,000 करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित हैं, जो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के ठीक पहले यानी गत 4 नवंबर को सामने लाये गये हैं। इन आरोपों के अनुसार बिहार सरकार ने एक थर्मल पावर प्लांट के निर्माण के लिए अदानी ग्रुप से सम्बंधित एक कंपनी को अत्यधिक ऊंची क़ीमत पर अनुबंध दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अनुबंध के तहत कंपनी को 25 वर्षों के लिए बिजली की क़ीमत 6.075 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई, जो बाज़ार दर से काफ़ी अधिक है। इससे सरकार को पूंजी की वापसी के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ होगा, जो कुल 62,000 करोड़ रुपये का नुक़्सान बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को पहुंचाएगा। उन्होंने बिहार सरकार के बिजली विभाग के कई अधिकारियों को इस घोटाले के लिये आरोपित करते हुये सीबीआई से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके।  सिंह का आरोप है कि यह घोटाला सीधे तौर पर बिहार के लोगों को प्रभावित करेगा, क्योंकि बिजली के दाम बढ़ेंगे। इससे पहले भी आर के सिंह राज्य की 'सुशासन ' कही जाने वाली नीतीश सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगा चुके हैं। परन्तु चुनावों के बीच उनके द्वारा लगाये जा रहे उपरोक्त गंभीर आरोपों ने बिहार में कोहराम मचा दिया है। विपक्षी महागठबंधन इन आरोपों को अपने हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी बड़ी घटना केंद्रीय मंत्री लल्लन सिंह से संबंधित है। गत 4 नवंबरको पटना ज़िला प्रशासन ने लल्लन सिंह के विरुद्ध एफ़ आई आर दर्ज की है। ललन सिंह ने मोकामा में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह जोकि इस समय दुलारचंद यादव हत्याकांड के मामले में बेऊर जेल में बंद हैं के समर्थन में किये जा रहे प्रचार के दौरान एक सभा में कहा कि "कुछ नेताओं को वोटिंग के दिन घर में बंद कर दो। घर से उसी को निकलने दो जो हमारे पक्ष में वोट करे। अगर ज़्यादा हाथ-पैर जोड़े तो अपने साथ ले जाकर वोट गिराने देना है।" ग़ौर तलब है कि अनंत सिंह की गिरफ़्तारी के बाद ललन सिंह ही उनके चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे थे। विपक्ष ने ललन सिंह के इस बयान को  "लोकतंत्र पर हमला" बताया और कहा कि यह ग़रीब वोटरों को डराने की साज़िश है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब इन घटनाओं व बयानों के सन्दर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावों का ज़िक्र भी ज़रूरी है। एक ओर तो आर के सिंह व ललन सिंह जैसे भाजपा-जे डी यू के केंद्रीय स्तर के नेताओं के बयान बिहार में भ्रष्टाचार, कुशासन व जंगल राज की तस्वीर पेश कर रहे हैं तो दूसरी तरफ़ गृह मंत्री अमित शाह इन्हीं चुनाव प्रचार के दौरान जनसभाओं में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को 'भ्रष्टाचार मुक्त' सरकार का प्रमाणपत्र दे रहे हैं। शाह के अनुसार नीतीश कुमार पर " चवन्नी के भ्रष्टाचार' का भी आरोप नहीं लगा है"।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके अनुसार केवल नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार, जिन पर चार आने का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है, वे ही बिहार का विकास कर सकते हैं।" वे केंद्र में मोदी सरकार के 11 वर्षों और बिहार में नीतीश के 20 वर्षों के शासन को "भ्रष्टाचार मुक्त" बताते हैं जबकि विपक्ष पर घोटालों का आरोप लगाने के साथ ही लालू यादव के 20 वर्ष पूर्व के कथित 'जंगल राज ' की भी याद दिलाना नहीं भूलते। ऐसे में आर के सिंह के व लल्लन सिंह जैसे सत्ता से जुड़े केंद्रीय नेताओं के ही बयान क्या यह सवाल नहीं खड़ा करते कि क्या यही है बिहार में 'सुशासन' के दावों की हक़ीक़त ? </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 17:40:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bihar Election: बिहार चुनाव को लेकर BJP के 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, 4 भोजपुरी सितारे भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Bihar Election BJP Star Campaigners List: </strong>भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत 40 को स्टार प्रचारक बनाया गया है।</p>
<p><strong>बिहार BJP के स्टार प्रचारकों की पूरी लिस्ट...Bihar Election BJP Star Campaigners List</strong></p>
<p>नरेंद्र मोदी<br />जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा)<br />राजनाथ सिंह<br />अमित शाह<br />नितिन गडकरी<br />शिवराज सिंह चौहान<br />धर्मेंद्र प्रधान<br />गिरिराज सिंह<br />योगी आदित्यनाथ<br />देवेंद्र फडणवीस<br />हिमंता बिस्वा सरमा<br />मोहन यादव<br />रेखा गुप्ता<br />स्मृति ईरानी<br />केशव प्रसाद मौर्य<br />सी.आर. पाटिल<br />दिलीप कुमार जायसवाल<br />सम्राट चौधरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157511/bihar-election-list-of-40-star-campaigners-of-bjp-released"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-17t090601.418.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Bihar Election BJP Star Campaigners List: </strong>भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत 40 को स्टार प्रचारक बनाया गया है।</p>
<p><strong>बिहार BJP के स्टार प्रचारकों की पूरी लिस्ट...Bihar Election BJP Star Campaigners List</strong></p>
<p>नरेंद्र मोदी<br />जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा)<br />राजनाथ सिंह<br />अमित शाह<br />नितिन गडकरी<br />शिवराज सिंह चौहान<br />धर्मेंद्र प्रधान<br />गिरिराज सिंह<br />योगी आदित्यनाथ<br />देवेंद्र फडणवीस<br />हिमंता बिस्वा सरमा<br />मोहन यादव<br />रेखा गुप्ता<br />स्मृति ईरानी<br />केशव प्रसाद मौर्य<br />सी.आर. पाटिल<br />दिलीप कुमार जायसवाल<br />सम्राट चौधरी<br />विजय कुमार सिन्हा<br />रेणु देवी<br />प्रेम कुमार<br />नित्यानंद राय<br />राधामोहन सिंह<br />साध्वी निरंजन ज्योति<br />सतीश चंद्र दुबे<br />राज भूषण चौधरी<br />अश्विनी कुमार चौबे<br />रवि शंकर प्रसाद<br />नंद किशोर यादव<br />राजीव प्रताप रूडी<br />संजय जायसवाल<br />विनोद तावड़े<br />बाबुलाल मरांडी<br />प्रदीप कुमार सिंह<br />गोपालजी ठाकुर<br />जनक राम<br />पवन सिंह<br />मनोज तिवारी<br />रवि किशन<br />दिनेश लाल यादव "निरहुआ"</p>
<p><strong>5 राज्यों के CM करेंगे प्रचार Bihar Election BJP Star Campaigners List</strong></p>
<p>भाजपा ने बिहार चुनाव में पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी स्टार प्रचारक बनाया है। UP के योगी आदित्यनाथ, MP के मोहन यादव, असम के हिमंता बिस्वा सरमा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस के साथ दिल्ली की CM रेखा गुप्ता का नाम भी लिस्ट में शामिल है। </p>
<p><strong>4 भोजपुरी सितारे... Bihar Election BJP Star Campaigners List</strong></p>
<p>भाजपा ने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट में 4 भोजपुरी सिनेमा के स्टार को भी शामिल किया है। पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ बिहार चुनाव में भाजपा का प्रचार करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/157511/bihar-election-list-of-40-star-campaigners-of-bjp-released</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 09:06:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में दो चरण में होगा चुनाव, 6 और 11 नवंबर को डाले जाएंगे वोट, 14 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजों का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार विधानसभा चुनाव </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi">  को लेकर चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को दो अन्य चुनाव आयुक्तों के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस तारीखों का ऐलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार की सभी </span>243<span lang="hi" xml:lang="hi">  सीट पर दो चरण में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi">  नवंबर को और दूसरे चरण के लिए </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">  नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनाव के नतीजे </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi">  नवंबर को जारी किए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीईसी ने आगे कहा कि चुनाव को लेकर आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156752/elections-will-be-held-in-two-phases-in-bihar-votes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार विधानसभा चुनाव </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> को लेकर चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को दो अन्य चुनाव आयुक्तों के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस तारीखों का ऐलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार की सभी </span>243<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीट पर दो चरण में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर को और दूसरे चरण के लिए </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनाव के नतीजे </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर को जारी किए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीईसी ने आगे कहा कि चुनाव को लेकर आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव में हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही फेक न्यूज पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में इस बार </span>90,712<span lang="hi" xml:lang="hi"> पोलिंग बूथ होंगे। शहरी क्षेत्रों में </span>13,911<span lang="hi" xml:lang="hi"> और ग्रामीण क्षेत्रों में </span>76,801<span lang="hi" xml:lang="hi"> बूथ होंगे। </span>1,044<span lang="hi" xml:lang="hi"> पोलिंग बूथों की जिम्मेदारी महिलाओं के पास होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि पहले चरण में </span>121<span lang="hi" xml:lang="hi"> और दूसरे चरण में </span>122<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीट के लिए मतदान होगा। चुनाव के लिए अधिसूचना </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर को जारी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि </span>17<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर को होगी</span>, 18<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के लिए अधिसूचना </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर को जारी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर को होगी</span>, 21<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और </span>23<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग </span>7.43<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ है। इनमें लगभग </span>3.92<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ पुरुष और करीब </span>3.50<span lang="hi" xml:lang="hi"> महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि </span>1,725<span lang="hi" xml:lang="hi"> थर्ड जेंडर मतदाता हैं। करीब </span>7.2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख दिव्यांग मतदाता</span>, 4.04<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख </span>85<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी वोटर सूची में हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल के अधिक उम्र की मतदाताओं की संख्या </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार है। वहीं राज्य में इस बार फर्स्ट टाइम वोटर लगभग </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि बिहार चुनाव में ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीर रंगीन होगी और क्रम संख्या का फॉन्ट बड़ा होगा। आयोग ने राजनीतिक दलों की मांग के अनुरूप और पारदर्शिता के लिहाज से तय किया है कि मतगणना में ईवीएम के अंतिम दो दौर से पहले डाक मतपत्रों की गिनती करना अनिवार्य होगा। साथ ही नई व्यवस्था के तहत मतदाता मतदान कक्ष के ठीक बाहर अपने मोबाइल फोन जमा करा सकते हैं और मतदान करने के बाद वापस ले सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची में अगर कोई गलती रह गई है तो जिलाधिकारी के पास अपील की जा सकती है। अगर किसी का नाम छूटा है तो वह नॉमिनेशन के </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन पहले तक जुड़वा सकता है। बिहार का कोई भी मतदाता कोई शिकायत होने पर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से बीएलओ से संपर्क कर उनसे बात कर सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मतदाता </span>243<span lang="hi" xml:lang="hi"> ईआरओ और पटना में सीईओ से भी संपर्क कर सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव न केवल मतदाताओं के लिए बहुत ही सुगम और सरल होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न केवल कानून व्यवस्था पर पूर्ण निगरानी रखी जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूर्ण पारदर्शी तरीके से होने वाले ये चुनाव सबसे अच्छे चुनाव परिलक्षित हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी आयोग की मंशा है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में मतदाताओं और उम्मीदवारों को किसी तरह की धमकी की कोई गुंजाइश नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एजेंसियों को हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156752/elections-will-be-held-in-two-phases-in-bihar-votes</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:20:19 +0530</pubDate>
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