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                            <item>
                <title>खंडेलवाल कालेज में शिक्षा संकाय के प्रवक्ता शिक्षा शास्त्र में करा सकेंगे शोध</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली। </strong>खंडेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी बरेली के शिक्षा संकाय के प्रवक्ताओं को महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने शिक्षा शास्त्र विषय में शोध पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। अब ये सभी प्रवक्ता शिक्षा शास्त्र विषय में शोधार्थियों का शोध निर्देशन कर सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शोध पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता प्राप्त प्रवक्ताओं में डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. अजीत शंखधार, डॉ. कल्पना कटियार, डॉ. शिव स्वरूप शर्मा, डॉ. सविता सक्सेना एवं डॉ. स्वाति कौशिक शामिल हैं।विश्वविद्यालय द्वारा जारी नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के उपरांत महाविद्यालय में हर्ष का वातावरण है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर महाविद्यालय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184402/lecturers-of-the-faculty-of-education-in-khandelwal-college-will"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.----------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली। </strong>खंडेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी बरेली के शिक्षा संकाय के प्रवक्ताओं को महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने शिक्षा शास्त्र विषय में शोध पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। अब ये सभी प्रवक्ता शिक्षा शास्त्र विषय में शोधार्थियों का शोध निर्देशन कर सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शोध पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता प्राप्त प्रवक्ताओं में डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. अजीत शंखधार, डॉ. कल्पना कटियार, डॉ. शिव स्वरूप शर्मा, डॉ. सविता सक्सेना एवं डॉ. स्वाति कौशिक शामिल हैं।विश्वविद्यालय द्वारा जारी नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के उपरांत महाविद्यालय में हर्ष का वातावरण है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर महाविद्यालय के चेयरमैन  गिरधर गोपाल खंडेलवाल, प्रबंध निदेशक डॉ. विनय खंडेलवाल एवं महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार ने सभी प्रवक्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इसे महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इन प्रवक्ताओं के शोध निर्देशन से शिक्षा शास्त्र के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी तथा शोधार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:01:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET प्रथम प्रयास में शानदार सफलता, 576 अंक हासिल कर क्षेत्र का नाम किया रोशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></p><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><p><strong>गोण्डा।</strong></p><p>  जनपद गोण्डा के विकासखंड बभनजोत अंतर्गत ग्राम केशवनगर ग्रांट पश्चिमी (टेंगहवा) निवासी सूरज पाल ने अपने प्रथम प्रयास में NEET-UG परीक्षा में 576 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है।</p><p>उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 19,936 तथा कैटेगरी रैंक 9,481 प्राप्त कर परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।सूरज पाल के पिता अवनी पाल निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि माता कुशलावती देवी गृहिणी हैं। </p><p>सीमित संसाधनों के बावजूद सूरज ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।सूरज ने अपनी शिक्षा अपने चाचा हरिश्चंद्र पाल एवं बृजेश कुमार</p></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183860/brilliant-success-in-neet-first-attempt-brought-glory-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260720-wa03241.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></p><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><p><strong>गोण्डा।</strong></p><p> जनपद गोण्डा के विकासखंड बभनजोत अंतर्गत ग्राम केशवनगर ग्रांट पश्चिमी (टेंगहवा) निवासी सूरज पाल ने अपने प्रथम प्रयास में NEET-UG परीक्षा में 576 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है।</p><p>उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 19,936 तथा कैटेगरी रैंक 9,481 प्राप्त कर परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।सूरज पाल के पिता अवनी पाल निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि माता कुशलावती देवी गृहिणी हैं। </p><p>सीमित संसाधनों के बावजूद सूरज ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।सूरज ने अपनी शिक्षा अपने चाचा हरिश्चंद्र पाल एवं बृजेश कुमार पाल तथा चाची सौम्या किरण के संरक्षण और मार्गदर्शन में पूरी की। उनकी इस सफलता में परिवार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।</p><p>सूरज की इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है कि निरंतर मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।</p></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="WhmR8e"></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 19:36:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेवानिवृत्ति  प्रो. मंजूलता को दी गई भावभीनी विदाई।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनी में बुधवार ( को संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्या प्रो. मंजू लता के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रो. शशि कपूर के संरक्षण एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने प्रो. मंजू देवी को पुष्पगुच्छ भेंट कर और माल्यार्पण कर व मोमेंटो इत्यादि भेंट कर उनका भव्य सम्मान किया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भावुक क्षण में विभिन्न प्राध्यापकों ने प्रो. मंजूलता के</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183527/a-heartfelt-farewell-to-retired-prof-manjulata"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260715-wa0118.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनी में बुधवार ( को संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्या प्रो. मंजू लता के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रो. शशि कपूर के संरक्षण एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने प्रो. मंजू देवी को पुष्पगुच्छ भेंट कर और माल्यार्पण कर व मोमेंटो इत्यादि भेंट कर उनका भव्य सम्मान किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भावुक क्षण में विभिन्न प्राध्यापकों ने प्रो. मंजूलता के साथ बिताए गए सेवाकाल के अपने संस्मरण और अनुभवों को साझा किया। विदाई के इस पड़ाव पर प्रो. मंजू लता स्वयं भी बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने अपने लंबे जीवनकाल के शिक्षण कार्यों की आख्या (विवरण) प्रस्तुत करते हुए सहकर्मियों और छात्र-छात्राओं से मिले स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश ने प्रो. मंजू लता की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय के विकास और संस्कृत विभाग को ऊंचाइयों पर ले जाने में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उनकी समर्पित सेवा हमेशा प्रेरणा देती रहेगी कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. जयराम त्रिपाठी द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो भास्कर शुक्ल द्वारा किया गया। समारोह में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने उनके दीर्घायु भविष्य की कामना की।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 21:51:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अटल आवासीय विद्यालय बेलहट प्रदेश में प्रथम,  छात्रों व शिक्षकों को किया गया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में गांधी सभागार में अटल आवासीय विद्यालय बेलहट (कोरांव) की शैक्षिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं को लेकर मंडल स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जिससे प्रदेश के सभी अटल आवासीय विद्यालयों में इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त ने कक्षा-10 के टॉपर हर्षित (96.6%) और छात्राओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मोनिका (92.2%) को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, छात्रों के व्यक्तित्व विकास, पब्लिक स्पीकिंग, डिबेट, निःशुल्क कोचिंग तथा विद्यालय की सुरक्षा,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183123/the-first-students-and-teachers-of-atal-residential-school-belhat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0130.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में गांधी सभागार में अटल आवासीय विद्यालय बेलहट (कोरांव) की शैक्षिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं को लेकर मंडल स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जिससे प्रदेश के सभी अटल आवासीय विद्यालयों में इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त ने कक्षा-10 के टॉपर हर्षित (96.6%) और छात्राओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मोनिका (92.2%) को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, छात्रों के व्यक्तित्व विकास, पब्लिक स्पीकिंग, डिबेट, निःशुल्क कोचिंग तथा विद्यालय की सुरक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही लंबित निर्माण कार्य 10 दिन में शुरू कराने और अतिरिक्त खेल मैदान के लिए प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:44:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैदिक अनुष्ठान एवं मंगलकामना के साथ शैक्षणिक सत्र 2026 - 27 का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182982/inauguration-of-the-academic-session-2026-27-with-vedic-rituals-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783522640199.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेन्द्र कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूजन-अनुष्ठान के उपरांत कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सत्र प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में नई उपलब्धियों, नए ज्ञान और नए अवसरों का आधार बने। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का भी विज्ञप्ति के माध्यम से आह्वान किया कि वे पूर्ण मनोयोग, समर्पण एवं अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक सरोकारों के माध्यम से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय न केवल क्षेत्र के विकास में बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करता रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 विश्वविद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा, नई उपलब्धियों एवं नई सफलताओं का वर्ष सिद्ध होगा तथा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती का बढ़ा मान: पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने बी.फार्मा में प्रथम श्रेणी व विशेष योग्यता के साथ रचा सफलता का नया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के होनहार छात्र एवं पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 में उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की परीक्षा प्रथम श्रेणी एवं विशेष योग्यता के साथ उत्तीर्ण कर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल ने यह उपाधि Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से प्राप्त की। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह सम्मान Anandiben Patel की गरिमामयी उपस्थिति में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182928/honor-of-basti-increased-journalist-rahul-singhs-younger-brother-vishal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0080.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के होनहार छात्र एवं पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 में उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की परीक्षा प्रथम श्रेणी एवं विशेष योग्यता के साथ उत्तीर्ण कर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल ने यह उपाधि Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से प्राप्त की। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह सम्मान Anandiben Patel की गरिमामयी उपस्थिति में तथा Ashish Patel के हाथों प्रदान किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम मानी जा रही है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि लगन, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि बस्ती जनपद के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों ने बताया कि विशाल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहे। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह फार्मेसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल की इस शानदार सफलता पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बस्ती जनपद का गौरव बढ़ाते हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:13:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प से लेफ्टिनेंट अमन पाल ने किया क्षेत्र को गौरवान्वित ----  सांसद प्रवीण पटेल ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">'कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास सफलता का मूल मंत्र है' इस कथन को लेफ्टिनेंट अमन पाल जी ने चरितार्थ कर परिवार, समाज व क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उक्त बातें फूलपुर लोकसभा के सांसद प्रवीण पटेल ने सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान समय में जहां युवा सोशल मीडिया पर अपने कीमत समय को जाया कर रहे हैं वहीं लेफ्टिनेंट अमन पाल ने सेल्फ अध्ययन कर सभी को प्रेरणा देने का काम किया है निश्चित रूप से भविष्य में क्षेत्र और भी होनहार इस तरह की उपलब्धि अर्जित कर सम्मानित होंगे उक्त बातें</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182601/with-hard-work-and-determination-lieutenant-aman-pal-made-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0066.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">'कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास सफलता का मूल मंत्र है' इस कथन को लेफ्टिनेंट अमन पाल जी ने चरितार्थ कर परिवार, समाज व क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उक्त बातें फूलपुर लोकसभा के सांसद प्रवीण पटेल ने सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान समय में जहां युवा सोशल मीडिया पर अपने कीमत समय को जाया कर रहे हैं वहीं लेफ्टिनेंट अमन पाल ने सेल्फ अध्ययन कर सभी को प्रेरणा देने का काम किया है निश्चित रूप से भविष्य में क्षेत्र और भी होनहार इस तरह की उपलब्धि अर्जित कर सम्मानित होंगे उक्त बातें ईशा आर डी पी स्कूल एण्ड कालेज बाबूगंज के प्रबन्धक विजय पाल ने कही कार्यक्रम में उपस्थित रणविजय यादव एडवोकेट ने भी सम्बोधित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर बाबादीन पाल, अशोक यादव (नेता) रामभवन पाल, रामदीन पाल मूलचंद पाल, शैलेन्द्र पाल  संदीप दूबे गप्पू प्रधान महेंद्र पाल, कामता प्रसाद पाल , कृष्ण राज पाल, अनिरुद्ध पाल आदि गणमान्य उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:46:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण,  भव्य आयोजन आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782655142971.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार तथा बापू महाविद्यालय, पीपीगंज, गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी समारोह में सम्मिलित होंगी। दीक्षांत समारोह में 19 कार्य परिषद सदस्य एवं 51 विद्या परिषद सदस्य सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। रविवार सायंकाल  राज्यपाल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है तथा उनके सम्मान में विश्वविद्यालय के कला संकाय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रातः 10:00 बजे वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से होगा तथा समापन राष्ट्रगान एवं विद्वत पारियात्रा के प्रत्यावर्तन के साथ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होंगे। विश्वविद्यालय द्वारा कुल 37 स्वर्ण पदक, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से 13 ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्हें दो या दो से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, दीक्षा उत्सव कार्यक्रम की झलकियां पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नवनिर्मित बालगृह ‘किलकारी’ एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि, दशम दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 22:34:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>“सतत प्रशिक्षण ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की आधारशिला” — डॉ. आशुतोष मिश्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाद दाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> डीएवी एनयूपीपीएल पब्लिक विद्यालय शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु सदैव प्रतिबद्ध रहा है। शिक्षण कौशल में निरंतर सुधार तथा नवीन शिक्षण पद्धतियों से शिक्षकों को अवगत कराने के उद्देश्य से विद्यालय द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में आज विद्यालय परिसर में डीएवी सेंटर फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस द्वारा आयोजित विज्ञान विषय की त्रिदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक हवन एवं मुख्य अतिथि श्री कौशिक भर (मानव संसाधन विभाग, एनयूपीपीएल) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181598/%E2%80%9Ccontinuous-training-is-the-foundation-of-quality-teaching%E2%80%9D-%E2%80%93-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002015382.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाद दाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> डीएवी एनयूपीपीएल पब्लिक विद्यालय शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु सदैव प्रतिबद्ध रहा है। शिक्षण कौशल में निरंतर सुधार तथा नवीन शिक्षण पद्धतियों से शिक्षकों को अवगत कराने के उद्देश्य से विद्यालय द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में आज विद्यालय परिसर में डीएवी सेंटर फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस द्वारा आयोजित विज्ञान विषय की त्रिदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक हवन एवं मुख्य अतिथि श्री कौशिक भर (मानव संसाधन विभाग, एनयूपीपीएल) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम को गरिमामय वातावरण प्रदान किया।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला मे (यू.पी.) जोन बी, एफ एवं जी से आए शिक्षकों के संयुक्त तत्वधान एवं परियोजना अधिकारियों के सहयोग से शिक्षण प्रशिक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि, “विज्ञान शिक्षा को प्रभावी, रोचक, प्रयोगात्मक एवं नवाचार-आधारित बनाने के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएँ शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों एवं आधुनिक तकनीकों से परिचित कराकर शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करती हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि श्री कौशिक भर ने शिक्षकों को बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को निरंतर अद्यतन रखने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु विद्यालय की सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के प्रथम दिवस का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 17:57:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय माता-पिता अंतर्राष्ट्रीय स्नातक पाठ्यक्रम क्यों चुन रहे हैं </title>
                                    <description><![CDATA[<div dir="ltr" style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय स्नातक (आईबी) भारतीय छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त, जांच-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान करता है जो मूल सीखने से परे होता है। यह शैक्षणिक उत्कृष्टता, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देता है, जिससे बच्चे तेजी से बदलती हुई दुनिया के लिए तैयार हो जाते हैं।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">  </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत के विकासशील शिक्षा परिदृश्य में, अंतर्राष्ट्रीय स्नातक (आईबी) वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त और व्यापक पाठ्यक्रम की तलाश करने वाले माता-पिता के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गया है। अनुसंधान, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण पर जोर देने के लिए जाना जाता है, आईबी एक ऐसी शिक्षा प्रदान करता है जो न</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156742/why-indian-parents-are-choosing-international-graduate-courses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/भारतीय-माता-पिता-अंतर्राष्ट्रीय-स्नातक-पाठ्यक्रम-क्यों-चुन-रहे-हैं.png" alt=""></a><br /><div dir="ltr" style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय स्नातक (आईबी) भारतीय छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त, जांच-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान करता है जो मूल सीखने से परे होता है। यह शैक्षणिक उत्कृष्टता, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देता है, जिससे बच्चे तेजी से बदलती हुई दुनिया के लिए तैयार हो जाते हैं।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत के विकासशील शिक्षा परिदृश्य में, अंतर्राष्ट्रीय स्नातक (आईबी) वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त और व्यापक पाठ्यक्रम की तलाश करने वाले माता-पिता के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गया है। अनुसंधान, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण पर जोर देने के लिए जाना जाता है, आईबी एक ऐसी शिक्षा प्रदान करता है जो न केवल शैक्षिक उत्कृष्टता बल्कि व्यक्तिगत विकास, महत्वपूर्ण सोच और वास्तविक दुनिया की तत्परता को भी बढ़ावा देती है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">रूट लर्निंग से परे परिवारों के लिए, आईबी एक आगे सोचने वाला विकल्प प्रदान करता है जो छात्रों को तेजी से बदलती हुई दुनिया में बढ़ने की तैयारी करता है। "जैसे भारत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को अपनाता है, जो कौशल-आधारित सीखने को बढ़ावा देता है, आईबी दृष्टिकोण इस दृष्टि में सहज रूप से फिट बैठता है। आईबी फ्रेमवर्क जांच-आधारित परियोजनाओं, अंतःविषय सीखने और सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करने को प्रोत्साहित करता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">यह बच्चों को समस्या-समाधान, अनुकूलन क्षमता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के भविष्य के कौशल सीखने में मदद करता है जिसे एनईपी जोरदार रूप से समर्थन देता है। आईबी कक्षा में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाएं भारतीय नैतिकता से मेल खाती हैं, जिससे आत्मविश्वासपूर्ण, दयालु और सक्षम छात्र पैदा होते हैं। एमिटी ग्लोबल स्कूल, नोएडा के प्रिंसिपल अनीता पॉल कहते हैं कि यह अभिसरण सुनिश्चित करता है कि छात्र अपनी जड़ों में दृढ़ता से स्थिर रहते हुए वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करें।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">आईबी को क्या अलग बनाता है? सीबीएसई या आईसीएसई जैसे पारंपरिक भारतीय बोर्डों के विपरीत, IB पाठ्यक्रम पाठ्यपुस्तकों और उच्च जोखिम वाली अंतिम परीक्षाओं से परे है, इसके बजाय सीखने के लिए एक व्यापक और आकर्षक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करता है। इसका मूल प्रश्न-आधारित शिक्षण है, जहां छात्र नियमित याद रखने के बजाय पूछताछ, जांच और अनुसंधान के माध्यम से विषयों की खोज करते हैं।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">इसका पूरक वर्ष भर निरंतर मूल्यांकन है, जिसमें परियोजनाओं, प्रस्तुतियों, समूह कार्य और व्यावहारिक अनुप्रयोगों का आकलन किया जाता है, जिससे अवधारणाओं की गहरी समझ सुनिश्चित होती है। सबक वैश्विक संदर्भ में तैयार किए जाते हैं, स्थानीय मुद्दों को अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोणों से जोड़ते हैं और छात्रों को व्यापक विश्वदृष्टि विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">इसके अलावा, आईबी वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों पर जोर देता है, जहां अकादमिक ज्ञान को प्रामाणिक समस्याओं पर लागू किया जाता है, आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान और जिम्मेदार कार्रवाई को बढ़ावा दिया जाता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">माता-पिता को आईबी स्कूल क्यों चुनना चाहिए माता-पिता कई आकर्षक कारणों से भारत में आईबी स्कूलों के प्रति आकर्षित होते हैं वैश्विक विश्वविद्यालय मान्यता: आईबी डिप्लोमा दुनिया भर के अग्रणी विश्वविद्यालयों द्वारा स्वीकार किया जाता है और अक्सर आवेदकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">समग्र विकास: अकादमिक, कला, खेल और सामुदायिक सेवा पर समान ध्यान दिया जाता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">भविष्य के कौशल: पाठ्यक्रम वर्तमान गतिशील रोजगार बाजार में संचार, सहयोग, अनुकूलन क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">छात्रों को आईबी स्कूल क्यों चुनना चाहिए अभिनव शिक्षण: एक व्यापक पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करता है जो केवल अंकों से अधिक मूल्य रखता है, खेल, कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसी अतिरिक्त गतिविधियों में प्रतिभा को पहचानता है। इसके अलावा, छात्रों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता पाने के लिए आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और तत्परता प्रदान करके राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास से प्रतिस्पर्धा करने की शक्ति दी जाती है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">व्यक्तिगत विकास में सहायक: आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता विकसित करें।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">सहायक वातावरण: यह अनुभवी प्रशिक्षकों, आधुनिक सुविधाओं और एक विविध सहकर्मी समूह तक पहुंच प्रदान करता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">अपने वैश्विक दृष्टिकोण के साथ, आईबी कार्यक्रम छात्रों को एक मजबूत शैक्षिक आधार, आवश्यक क्षमताओं और जिम्मेदारी की तीव्र भावना प्रदान करता है, तथा समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने और दुनिया पर सकारात्मक छाप डालने की क्षमता भी देता है।</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;">इस सब की भावना में, इसमें आत्म-नियंत्रण, दृढ़ प्रयास और समय प्रबंधन की आवश्यकता होती है। छात्रों को कठोर अध्ययनों को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के साथ संतुलित करने की आदत विकसित करनी चाहिए, जिसमें माता-पिता इस समृद्ध लेकिन कठिन अनुभव में सलाह, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं</div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"> </div>
<div dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156742/why-indian-parents-are-choosing-international-graduate-courses</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 16:03:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
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