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                            <item>
                <title>NEET छात्रा मौत केस में  CBI ने दर्ज की FIR, SIT से टेकओवर करेगी सभी दस्तावेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बिहार की राजधानी पटना के बहुचर्चित नीट छात्रा की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में बड़ा अपडेट है. सूत्रों से के अनुसार सीबीआई ने बिहार पुलिस से इस केस को टेकओवर कर लिया है और अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बेहद चर्चित मामले को लेकर राजधानी के चित्रगुप्त नगर थाने में केस दर्ज किया गया था. एजेंसी ने इस प्रकरण को स्पेशल केस के रूप में दर्ज करते हुए केस नंबर 7S/26 आवंटित किया है. प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>छात्रा की संदिग्ध</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169484/cbi-files-first-sit-in-neet-student-death-case-will"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/download-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बिहार की राजधानी पटना के बहुचर्चित नीट छात्रा की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में बड़ा अपडेट है. सूत्रों से के अनुसार सीबीआई ने बिहार पुलिस से इस केस को टेकओवर कर लिया है और अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बेहद चर्चित मामले को लेकर राजधानी के चित्रगुप्त नगर थाने में केस दर्ज किया गया था. एजेंसी ने इस प्रकरण को स्पेशल केस के रूप में दर्ज करते हुए केस नंबर 7S/26 आवंटित किया है. प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत</strong><br />बता दें कि पिछले जनवरी माह में जहानाबाद की निवासी और राजधानी के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर के नीट की तैयारी करने वाली एक छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. इस मौत के बाद से पूरे राज्य में पक्ष और विपक्ष में संग्राम छिड़ गया था. परिजनों ने भी इस पूरे मामले को लेकर के पुलिस प्रशासन के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए थे.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डीएनए मैच नहीं होने की खबर</strong><br />एसआईटी को अपनी जांच के क्रम में मृतका के इनरवियर पर स्पर्म के अवशेष भी मिलने की खबर सामने आई थी. हालांकि स्पर्म के डीएनए मैच को लेकर के उसके रिश्तेदारों के साथ ही कई अन्य के सैंपल को भी लिया गया था. लेकिन अब तक की मिली जानकारी के अनुसार किसी का भी डीएनए मैच नहीं होने की खबर है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एसआईटी का गठन</strong><br />परिजनों के आरोप के लगाने के बाद से बिहार पुलिस की तरफ से एक एसआईटी का गठन किया गया था. जो इस पूरे मामले की जांच कर रही थी. इस घटना में तब अचानक बड़ा मोड़ आ गया था, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई थी. इसमें मृतका के साथ यौन उत्पीड़न की घटना होने से इंकार नहीं किया गया था.</p>
<p style="text-align:justify;">इस बेहद चर्चित मामले में राजधानी के कई अस्पताल भी कटघरे में खड़े हो गए थे. इसके अलावा लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा था. कई राजनीतिक दलों ने राजधानी की सड़कों पर उतर कर अपना आक्रोश भी जताया था. मृतका के परिजनों ने डीजीपी से भी मुलाकात की थी. मुलाकात के अगले ही दिन राज्य के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करने की अनुशंसा किए जाने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी थी.</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री के बेटे की संलिप्तता का आरोप<br />इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिहार सरकार के वर्तमान बजट सत्र में भी बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रावड़ी देवी ने सीधे-सीधे यह आरोप लगाकर के सनसनी फैला दिया था कि इस घटना में किसी मंत्री के बेटे की संलिप्तता हो सकती है. जिसके कारण पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है. इसके जवाब में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने यह कहा था कि अगर उनके पास कोई जानकारी हो तो शेयर करें. सरकार 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 16:39:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab News: पंजाब में CBI का बड़ा एक्शन, 5 लाख रिश्वत लेते DIG भुल्लर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Punjab News: </strong>पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के DIG हरचरन भुल्लर को CBI ने रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी की तरफ से उनके खिलाफ शिकायत दी गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हरचरन सिंह भुल्लर 2007 बैच के IPS अफसर हैं और पंजाब पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। Punjab News</p>
<p><strong>छोटे भाई पूर्व विधायक</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, हरचरन सिंह भुल्लर पूर्व पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) मेहल सिंह भुल्लर के बेटे हैं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157416/punjab-news-big-action-of-cbi-in-punjab-dig-bhullar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news-(77).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Punjab News: </strong>पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के DIG हरचरन भुल्लर को CBI ने रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी की तरफ से उनके खिलाफ शिकायत दी गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हरचरन सिंह भुल्लर 2007 बैच के IPS अफसर हैं और पंजाब पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। Punjab News</p>
<p><strong>छोटे भाई पूर्व विधायक</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, हरचरन सिंह भुल्लर पूर्व पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) मेहल सिंह भुल्लर के बेटे हैं, जो 1980-90 के दशक में पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जाने जाते हैं। उनके छोटे भाई कुलदीप सिंह भुल्लर कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। Punjab News</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हरचरन सिंह भुल्लर एक अनुभवी और प्रतिबद्ध अधिकारी हैं, जो पंजाब को नशा-मुक्त और सुरक्षित राज्य बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 15:15:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड में अनिल अंबानी की कंपनी पर सीबीआई छापे।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरसीओएम) और इसके प्रमोटर-डायरेक्टर अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को 2000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की है।</div>
<div>  </div>
<div>सीबीआई की टीमें सुबह अनिल अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास और आरसीओएम से जुड़े अन्य परिसरों पर पहुंचीं। यह छापेमारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें बैंक ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154098/cbi-raid-anil-ambanis-company-in-a-2000-crore-bank"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/2000-करोड़-रुपये-के-बैंक-फ्रॉड-में-अनिल-अंबानी-की-कंपनी-पर-सीबीआई-छापे।.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरसीओएम) और इसके प्रमोटर-डायरेक्टर अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को 2000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की है।</div>
<div> </div>
<div>सीबीआई की टीमें सुबह अनिल अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास और आरसीओएम से जुड़े अन्य परिसरों पर पहुंचीं। यह छापेमारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें बैंक ने आरोप लगाया है कि अनिल की कंपनी लोन डिफॉल्टर है। इस वजह से 2,227.64 करोड़ रुपये के बकाया मूलधन और 26 अगस्त 2016 से अब तक ब्याज और खर्चों के साथ-साथ 786.52 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी का नुकसान हुआ।</div>
<div> </div>
<div>केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले महीने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया था कि 13 जून 2025 को आरकॉम और अनिल अंबानी को आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक की नीति के अनुसार "धोखाधड़ी" के रूप में दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा, "24 जून 2025 को, बैंक ने आरबीआई को धोखाधड़ी दर्ज किए जाने की सूचना दी और सीबीआई के साथ शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में है।"</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154098/cbi-raid-anil-ambanis-company-in-a-2000-crore-bank</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 16:36:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईटीआई नैनी के दो अधिकारियों को हेराफारी के आरोप में सीबीआई कोर्ट से  दो साल की सजा।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong> प्रयागराज- </strong>सीबीआई की विशेष अदालत ने काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, पापौरा शाखा चंदौली के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनोद कुमार राम को 4 साल की कैद और 35,000 जुर्माने की सजा सुनाई है. सीबीआई ने 16 अगस्त 2016 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि बैंक प्रबंधक ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत 50,000 का लोन स्वीकृत करने के लिए शिकायतकर्ता से 6 हजार रिश्वत की मांग की थी।</div>
<div>  </div>
<div>सीबीआई ने जाल बिछाकर बैंक मेनेजर को 5,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जांच के बाद 30 सितंबर 2016 को आरोपपत्र दाखिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150481/two-officers-of-iti-naini-were-sentenced-to-two-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/01-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> प्रयागराज- </strong>सीबीआई की विशेष अदालत ने काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, पापौरा शाखा चंदौली के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनोद कुमार राम को 4 साल की कैद और 35,000 जुर्माने की सजा सुनाई है. सीबीआई ने 16 अगस्त 2016 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि बैंक प्रबंधक ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत 50,000 का लोन स्वीकृत करने के लिए शिकायतकर्ता से 6 हजार रिश्वत की मांग की थी।</div>
<div> </div>
<div>सीबीआई ने जाल बिछाकर बैंक मेनेजर को 5,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जांच के बाद 30 सितंबर 2016 को आरोपपत्र दाखिल किया था. कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर गुरुवार को सजा सुनाई.</div>
<div>दूसरे मामले में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रदूषण) ने आईटीआई लिमिटेड नैनी इलाहाबाद पूर्व मुख्य प्रबंधक लव निगम और तत्कालीन अधिकारी एस.ए.एच. जाफरी को 2 साल की कैद और 16,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है।</div>
<div> </div>
<div>सीबीआई ने इस मामले में 17 फरवरी 1998 को केस दर्ज किया था. आरोप था कि 1990-92 के दौरान लव निगम ने आईटीआई, नैनी के शिपिंग (X) विभाग के प्रबंधक के रूप में फर्जी बिल जमा कर 5.25 लाख (लगभग) की हेराफेरी की थी. जांच के बाद 8 अक्टूबर 2001 को सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 12:39:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोने की तस्करी में डीजीपी के रामचंद्र राव को सरकार ने जबरन छुट्टी पर भेजा </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div class="a3s aiL">
<div>
<div>कर्नाटक पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) के रामतंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव पर लगे सोने की तस्करी के आरोप मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अदालत में कहा है कि अभिनेत्री रान्या राव के सोने की तस्करी से जुड़े रैकेट में कर्नाटका पुलिस के एक प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल किया गया था। डीआरआई ने दावा किया कि रान्या ने जनवरी 2023 से अब तक 27 बार दुबई की यात्रा की और उसने हवाला लेनदेन का इस्तेमाल करके भारत से दुबई में धन भेजा है।</div>
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<div>डीआरआई ने अपनी दलील में कहा कि रान्या ने सुरक्षा को दरकिनार करने के लिए</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149909/dgps-ramchandra-rao-was-forcibly-sent-on-leave-in-gold"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(11)2.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div>कर्नाटक पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) के रामतंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव पर लगे सोने की तस्करी के आरोप मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अदालत में कहा है कि अभिनेत्री रान्या राव के सोने की तस्करी से जुड़े रैकेट में कर्नाटका पुलिस के एक प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल किया गया था। डीआरआई ने दावा किया कि रान्या ने जनवरी 2023 से अब तक 27 बार दुबई की यात्रा की और उसने हवाला लेनदेन का इस्तेमाल करके भारत से दुबई में धन भेजा है।</div>
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<div>डीआरआई ने अपनी दलील में कहा कि रान्या ने सुरक्षा को दरकिनार करने के लिए राज्य पुलिस के प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल किया। केंद्रीय एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा कि रान्या ने जांच में सहयोग नहीं किया और उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।</div>
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<div>इसके बाद कर्नाटक पुलिस के डीजीपी के रामचंद्र राव  को सरकार ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। राव पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए पुलिस प्रोटोकॉल का गलत इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है और इसमें शामिल नेताओं की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।</div>
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<div>शुक्रवार को इस मामले में अदालत ने संज्ञान में लेते हुए रान्या की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी। इसके अलावा, कर्नाटका सरकार ने रान्या के पिता रामचंद्र राव की भूमिका की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता को नियुक्त किया था। लेकिन, कुछ घंटों बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी कर रहे हैं।</div>
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<div>साथ ही मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव ने इल्जाम लगाया है कि राजस्व खुफिया निदेशालय के अफसर ने उन्हें कई बार थप्पड़ मारे, खाना नहीं दिया और उनसे सादे कागज पर दस्तखत करने को कहा। अतिरिक्त महानिदेशक को लिखे एक खत में रान्या राव ने कहा कि वह निर्दोश हैं और उन्हें गलत केस में फंसाया जा रहा है।</div>
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<div>इस बीच पता चला है कि कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े सोने की तस्करी के मामले में सीबीआई ने गुरुवार को दर्ज एफआईआर में ‘आरोपी’ कॉलम को खाली छोड़ दिया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। आरोपी कॉलम को खाली छोड़ने के बाद इस सीबीआई का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है।</div>
<div>सीबीआई के इस फैसले से एजेंसी को किसी भी व्यक्ति को समन करने की सुविधा मिल जाती है खासकर जब राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को इस रैकेट में एक सिंडिकेट के शामिल होने का शक है। डीआरआई ने सोने की तस्करी के कई मामलों के दस्तावेज इक्ट्ठा करे हैं, जिसमें दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां शामिल हैं जो दुबई और भारत के बीच एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं।</div>
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<div>इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली में मनी-लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और गुरुवार को रान्या के लावेल रोड फ्लैट समेत बेंगलुरु के पांच अन्य स्थानों पर छापेमारी की। बेंगलुरु के अधिकारियों की मदद से ईडी अधिकारियों ने अडुगोडी, इंदिरानगर और कोरमंगला में रान्या के पति से जुड़े ऑफिस में भी छापा मारा। बताया जा रहा है कि दिनभर की छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए।</div>
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<div>6 मार्च को मुंबई एयरपोर्ट पर 21.2 किलोग्राम सोने के साथ दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिसकी कीमत 19 करोड़ रुपये थी । ठीक कुछ दिन बाद जब रान्या को बेंगलुरु में 14.2 किलोग्राम सोने की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था । उनके घर पर की गई तलाशी में और भी बरामदगी हुई । इन ऑपरेशनों की पैमाने एक नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जिसमें विदेशी नागरिक और संभवतः कई बड़े सरकारी अधिकारी शामिल हो सकते हैं ।</div>
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<div>पुलिस  ने खुलासा किया कि रान्या ने गिरफ्तारी के दिन उनसे संपर्क किया था तथा अपने आगमन के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल का अनुरोध किया था।बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया है कि अभिनेत्री रान्या राव को उनके सौतेले पिता, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीजीपी के रामचंद्र राव के कहने पर कई मौकों पर वीआईपी प्रोटोकॉल दिया गया था ।</div>
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<div>के रामचंद्र राव कर्नाटक पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएमडी हैं। फिलहाल सरकार ने उनको अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है। अतिरिक्त डीजीपी शरत चंद्र अब उनके कार्यभार को संभालेंगे। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की ओर से उच्च-स्तरीय जांच के आदेश के बाद हुई है। यह जांच राव की भूमिका की पड़ताल करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी 31 साल की अभिनेत्री बेटी रान्या राव नियमित रूप से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुलिस सुरक्षा का इस्तेमाल करती थीं। वह विदेश यात्राओं से लौटते समय पुलिसवालों से एस्कॉर्ट करवाती थीं और सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल करती थीं।</div>
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<div>मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं को पता चला कि अभिनेत्री अक्सर दुबई की यात्राएं करता रही  है, जिसने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का ध्यान आकर्षित किया।उन्होंने हाल के हफ्तों में दुबई की लगभग 30 यात्राएं की थीं। एजेंसी पिछले कुछ समय से उसकी गतिविधियों पर नज़र रख रही थी और उसे संदेह था कि वह एक जाने-माने तस्करी पैटर्न का इस्तेमाल कर रही है। दुबई से हाल ही में वापस आने पर अधिकारियों ने उसे हवाई अड्डे पर रोका और उसके पास से विदेशी मूल की 12 सोने की छड़ें जब्त कीं।</div>
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<div>रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डे पर तैनात हेड कांस्टेबल बसप्पा बिल्लुर उर्फ बसवराज ने अपने बयान में डीआरआई अधिकारियों को बताया कि उसने नियमित सुरक्षा जांच से बचने में रान्या की व्यक्तिगत रूप से सहायता की थी।उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई मौकों पर उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों के परिवार के सदस्यों की आवाजाही को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए थे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि विशेष रूप से, उन्होंने डीजीपी रामचंद्र राव से रान्या सहित अपने रिश्तेदारों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के सीधे आदेश प्राप्त करने की बात स्वीकार की।</div>
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<div>बसवराज ने आगे बताया कि रान्या ने अपनी गिरफ़्तारी के दिन उनसे संपर्क किया था और शाम 6.20 बजे उनके आगमन के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल का अनुरोध किया था। उनके अनुरोध के बाद, वे विमान से उतरते समय उनसे मिले और एयरपोर्ट के ग्रीन चैनल से उनके साथ गए, जो आम तौर पर उन यात्रियों के लिए आरक्षित मार्ग है जिनके पास घोषित करने के लिए कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी तीन या चार बार उन्हें इसी तरह की सुविधाएँ दी थीं, हालाँकि उन्हें सटीक तारीखें याद नहीं हैं।</div>
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<div>बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को सोना तस्करी के मामले में कन्नड अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव की जमानत याचिका को ठुकरा दिया। अदालत ने मामले के दूसरे आरोपी तरुण राजू को जांच जारी रहने तक 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजीपी के. रामचंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव अभी परप्पाना अग्रहारा जेल में बंद हैं। इस मामले ने पूरे देश में काफी चर्चा बटोरी है।</div>
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<div>न्यायाधीश विश्वनाथ सी गौदर ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की बातों को सुनने के बाद यह फैसला दिया। वहीं, इस मामले में दूसरे आरोपी तरुण राजू के वकील ने भी जमानत के लिए याचिका दायर की। अदालत ने डीआरआई से इस पर अपनी आपत्तियां पेश करने को कहा। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए यह फैसला सुनाया। डीआरआई ने पहले अदालत को बताया था कि रान्या राव से जुड़ा सोना तस्करी का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का है और इसमें हवाला का भी कनेक्शन है। इस वजह से यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला बन गया है।</div>
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<div>कन्नड़ अभिनेत्री और कर्नाटक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रामतंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव को तीन मार्च को सोना तस्करी मामले में बेंगलुरू एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 12.56 करोड़ रुपये का सोना बरामद होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद डीआरआई अधिकारियों ने बेंगलुरु स्थित उनके घर पर भी छापा मारा। वहां से उन्हें 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए।</div>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:43:30 +0530</pubDate>
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                <title>कोलकाता रेप-मर्डर केस के फैसले के खिलाफ CBI जाएगी हाईकोर्ट, संजय रॉय को सजा-ए-मौत की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="Headlines mb-3">
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<div class="descriptionC">
<p><strong>क्या है सीबीआई की अपील</strong><br />हालाँकि, सियालदाह कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रभर की सजा से संतुष्ट नहीं, सीबीआई ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का फैसला किया है। सीबीआई का कहना है कि उन्हें संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की सजा दी जानी चाहिए, क्योंकि यह मामला अत्यधिक जघन्य और गंभीर था। </p>
<p><strong>महिला डॉक्टर की हत्या और बलात्कार का दोषी</strong><br />कोर्ट ने संजय रॉय को महिला डॉक्टर की हत्या और बलात्कार का दोषी पाया था। महिला डॉक्टर के साथ यह घटना 2023 में हुई थी, जब वह अपनी ड्यूटी के दौरान अस्पताल में अकेली थी। आरोपी</p></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147680/cbi-will-go-to-high-court-against-the-decision-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/download-(4).jpg" alt=""></a><br /><div class="Headlines mb-3">
<div class="Headlines mb-3">
<div class="descriptionC">
<p><strong>क्या है सीबीआई की अपील</strong><br />हालाँकि, सियालदाह कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रभर की सजा से संतुष्ट नहीं, सीबीआई ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का फैसला किया है। सीबीआई का कहना है कि उन्हें संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की सजा दी जानी चाहिए, क्योंकि यह मामला अत्यधिक जघन्य और गंभीर था। </p>
<p><strong>महिला डॉक्टर की हत्या और बलात्कार का दोषी</strong><br />कोर्ट ने संजय रॉय को महिला डॉक्टर की हत्या और बलात्कार का दोषी पाया था। महिला डॉक्टर के साथ यह घटना 2023 में हुई थी, जब वह अपनी ड्यूटी के दौरान अस्पताल में अकेली थी। आरोपी संजय रॉय, जो अस्पताल का कर्मचारी था, ने उसे अपने साथ रेप और हत्या की वारदात का शिकार बना लिया। इस घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया था, और स्थानीय लोगों ने इस मामले में कड़ी सजा की मांग की थी। </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/download-(5).jpg" alt="download (5)" width="300" height="168"></img> <strong>नेशनल डेस्क: </strong>कोलकाता में आरजी कर अस्पताल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या का मामला अब एक बड़ा न्यायिक मोड़ ले चुका है। सियालदाह कोर्ट ने शनिवार को इस मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी ठहराया और सोमवार को उसे उम्र भर की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने संजय रॉय पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि दोषी संजय रॉय को उसकी मृत्यु तक जेल में रहना होगा। </p>
<p><strong>निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील</strong><br />वहीं, सीबीआई ने राज्य सरकार की इस दलील का विरोध किया और कहा कि राज्य सरकार को निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने का अधिकार नहीं है। सीबीआई ने तर्क दिया कि केवल अभियोजन एजेंसी ही सजा की अवधि या प्रकार पर अपील कर सकती है। सीबीआई ने पहले ही निचली अदालत में संजय रॉय को मृत्युदंड देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे उम्रभर की सजा सुनाई।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कड़ा रुख </strong><br />इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संजय रॉय को फांसी की सजा देने की मांग करने के लिए उच्च न्यायालय पहुंची थीं। उन्होंने इस मामले में न्याय की मांग करते हुए राज्य सरकार की ओर से मृत्युदंड की सजा की अपील की थी। राज्य सरकार के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा था कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, संजय रॉय को मृत्युदंड मिलना चाहिए। </p>
<p><br /><strong> </strong><strong>दोषी के वकील की दलीलें सुनेगी</strong><br />अब इस मामले में उच्च न्यायालय में 27 जनवरी 2025 को सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति देबांग्शु बसाक की अध्यक्षता में बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी और राज्य सरकार, सीबीआई, पीड़िता के परिवार और दोषी के वकील की दलीलें सुनेगी। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की सजा दी जानी चाहिए या नहीं। <br /><br /><strong>7 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश</strong><br />इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह मुआवजा राज्य सरकार को पीड़िता के परिवार को देने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया कि पीड़िता के परिवार को न्याय मिले, और इसके लिए वे उचित मुआवजे के हकदार हैं। यह मामला कोलकाता में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के बढ़ते मामलों पर एक बड़ा सवाल उठाता है। प्रदेश में इस तरह के जघन्य अपराधों को लेकर नागरिक समाज और राजनीतिक नेताओं ने आवाज उठाई है, और अब उच्च न्यायालय में इस मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। </p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 17:36:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीबीआई भारत सरकार के अधीन है,सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुकदमे को स्वीकार्य माना ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई द्वारा अपनी सामान्य सहमति वापस लिए जाने के बावजूद मामले दर्ज करने को लेकर केंद्र के खिलाफ पश्चिम बंगाल राज्य का मुकदमा सुनवाई योग्य है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई वैधानिक योजना के अनुसार केंद्र सरकार के अधीन है। साथ ही कोर्ट ने पश्चिम बंगाल द्वारा दायर मुकदमे की स्वीकार्यता पर केंद्र की आपत्ति को खारिज कर दिया। इस मुकदमे में संघीय एजेंसी द्वारा सामान्य सहमति वापस लेने के बावजूद राज्य में मामलों की जांच को आगे बढ़ाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।</div>
<div>  </div>
<div>पश्चिम बंगाल ने 16 नवंबर, 2018</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143036/cbi-is-under-the-government-of-india-the-supreme-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई द्वारा अपनी सामान्य सहमति वापस लिए जाने के बावजूद मामले दर्ज करने को लेकर केंद्र के खिलाफ पश्चिम बंगाल राज्य का मुकदमा सुनवाई योग्य है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीबीआई वैधानिक योजना के अनुसार केंद्र सरकार के अधीन है। साथ ही कोर्ट ने पश्चिम बंगाल द्वारा दायर मुकदमे की स्वीकार्यता पर केंद्र की आपत्ति को खारिज कर दिया। इस मुकदमे में संघीय एजेंसी द्वारा सामान्य सहमति वापस लेने के बावजूद राज्य में मामलों की जांच को आगे बढ़ाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।</div>
<div> </div>
<div>पश्चिम बंगाल ने 16 नवंबर, 2018 को सीबीआई को राज्य में मामलों की जांच करने या छापेमारी करने की अनुमति देने वाली सामान्य सहमति वापस ले ली थी। दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम, 1946 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला देते हुए उच्चतम न्यायालय  ने कहा, "हम आगे पाते हैं कि डीएसपीई की स्थापना, शक्तियों का प्रयोग, अधिकार क्षेत्र का विस्तार, अधीक्षण, सभी भारत सरकार के पास निहित हैं।"</div>
<div>केंद्र द्वारा उठाई गई प्रारंभिक आपत्तियों को खारिज करते हुए जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य की शिकायत में कार्रवाई के लिए कारण का खुलासा किया गया। पीठ ने केंद्र द्वारा दी गई इस दलील को भी खारिज कर दिया कि राज्य ने शिकायत में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया।</div>
<div> </div>
<div>पीठ ने कहा कि सुनवाई योग्यता निर्धारित करने के लिए केवल शिकायत में दिए गए कथनों को ही देखा जा सकता है। राज्य का मामला यह है कि 2018 में CBI के लिए सामान्य सहमति वापस लेने के बाद एजेंसी राज्य के भीतर अपराधों के संबंध में एफआईआर दर्ज करना जारी नहीं रख सकती थी। राज्य ने यह भी तर्क दिया कि सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन काम कर रही है।पीठ ने कहा कि यह निर्धारित करने के लिए कि क्या मुकदमा सुनवाई योग्य है। इसमें कार्रवाई के किसी कारण का खुलासा किया गया, वाद में दिए गए कथनों को अंकित मूल्य पर लिया जाना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div>पीठ ने मौखिक रूप से कार्यवाही का हिस्सा पढ़ते हुए कहा,हमें लगता है कि वर्तमान मुकदमा एक कानूनी मुद्दा उठा रहा है कि क्या सामान्य सहमति वापस लेने के बाद CBI एफआईआर दर्ज करना और DSPE Act की धारा 6 का उल्लंघन करने वाले मामलों की जांच करना जारी रख सकती है।"</div>
<div> </div>
<div>पीठ ने कहा कि मुकदमा आगे बढ़ेगा और इसके वर्तमान निष्कर्ष केवल सुनवाई योग्यता निर्धारित करने के उद्देश्य से हैं। मुकदमे पर अंतिम रूप से निर्णय लेने पर इसका कोई असर नहीं होगा। मामले को मुद्दों के निर्धारण के लिए 13 अगस्त को अगली बार पोस्ट किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>उल्लेखनीय है कि नवंबर 2018 में राज्य सरकार ने अपनी सहमति वापस ले ली थी, जिसने CBI को पश्चिम बंगाल में मामलों की जांच करने की अनुमति दी थी। यह मुकदमा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत संघ के खिलाफ दायर किया गया, जो केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच विवाद में सुप्रीम कोर्ट के मूल अधिकार क्षेत्र से संबंधित है।</div>
<div> </div>
<div>अपने मुकदमे में राज्य ने तर्क दिया कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत केंद्रीय एजेंसी के लिए अपनी सहमति रद्द करने के बावजूद, CBI ने राज्य के भीतर हुए अपराधों के संबंध में एफआईआर दर्ज करना जारी रखा।न्यायालय ने 08 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखने से पहले दो मौकों पर मामले की विस्तार से सुनवाई की थी।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा अनुच्छेद 131 के तहत मुकदमे की स्थिरता के बारे में उठाई गई प्रारंभिक आपत्तियां देखी गईं।केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि अनुच्छेद 131 को सरकार की संघीय इकाइयों के बीच विवादों को निपटाने के लिए डिज़ाइन किया गया और यह CBI तक विस्तारित नहीं है, जो केंद्र सरकार का अंग नहीं है।</div>
<div>मेहता ने यह भी तर्क दिया कि मुकदमा केंद्र सरकार के खिलाफ दायर किया गया। हालांकि, बाद में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया और CBI ने भी यही किया। उन्होंने इस बात पर जोर देकर अपने तर्कों को मजबूत करने की कोशिश की कि CBI स्वतंत्र कानूनी व्यक्ति है और केंद्र सरकार के बाहर इसकी एक अलग कानूनी पहचान है।</div>
<div>उन्होंने जो दूसरा मुख्य तर्क दिया वह यह था कि तथ्यों को दबा दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि मुकदमे में दिखाए गए एफआईआर में वे एफआईआर भी शामिल हैं, जो हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI द्वारा दर्ज की गई थीं।इसके आधार पर मेहता ने तर्क दिया कि मुकदमे को इस प्रारंभिक आधार पर खारिज कर दिया जाना चाहिए कि मूल तथ्यों का न तो खुलासा किया गया और न ही संकेत दिया गया, जो कार्रवाई का कारण बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 15:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस के खाकी रिश्वतखौर सीबीआई के अंटे चढे, 5 महीने में दर्जन अरेस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>एस.डी.सेठी। </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">दिल्ली। देश की राजधानी  पुलिस के दर्जन से ऊपर कारिंदे पिछले- 4-5 महीने में ही रिश्वत  लेते हुए सीबीआई के हत्थे  चढ चुके हैं। पुलिस के द्वारा रिश्वत वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है। इसके अलावा पुलिस वालों से भी वसूली के मामले भी सामने आए हैं। बता दें कि फरवरी -2022 में पुलिस वालों को ब्लैकमेल करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड हुआ था।जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और उसका बेटा भी शामिल था।         </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">  </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">इस गैंग ने कई पुलिसकर्मियों से वसूली की थी। वहीं अब ये हालात</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139421/delhi-polices-khaki-bribe-eaters-trouble-cbi-dozen-arrested-in-5"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240315_161245_google.jpg" alt=""></a><br /><div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>एस.डी.सेठी। </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">दिल्ली। देश की राजधानी  पुलिस के दर्जन से ऊपर कारिंदे पिछले- 4-5 महीने में ही रिश्वत  लेते हुए सीबीआई के हत्थे  चढ चुके हैं। पुलिस के द्वारा रिश्वत वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है। इसके अलावा पुलिस वालों से भी वसूली के मामले भी सामने आए हैं। बता दें कि फरवरी -2022 में पुलिस वालों को ब्लैकमेल करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड हुआ था।जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और उसका बेटा भी शामिल था।         </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">इस गैंग ने कई पुलिसकर्मियों से वसूली की थी। वहीं अब ये हालात है कि सीबीआई के द्वारा रंगे हाथ पकडने के मामले बढने से वाकई हालत गंभीर  है।जाहिर है कि थाना लेबल पर घूसखोरी टाॅप पर है। दरअसल रिश्वती मामले में हर कोई  आम शख्स सीबीआई तक नहीं पहुंच पाता है।कई मामलों में पीडित कानूनी पचडों से बचने या खुद गलत होने से शिकायत नहीं करता। उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी डिस्ट्रिक्ट के वेलकम थाने में सीबीआई ने रेड की। एक हेड कांस्टेबल प्रदीप 13000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">यह हवलदार अवैध परमिट बस चलाने के लिए पैसे वसूलता था। इसी कडी मे बीते महज 5 महीने में ही सीबीआई द्वारा 5000 रूपये से लेकर 5 लाख रूपये तक की रिश्वत वसूलते 10 से ज्यादा दिल्ली पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिश्वतखोरी के मामलों पर महकमें के रिटायर्ड पुलिस अफसर का कहना है कई मर्तबा पुलिसकर्मियों  पर रिश्वत के आरोप लगते रहते हैं।कई मामलों में जांच अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए आरोप लगाए जाते है।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">लेकिन सीबीआई के द्वारा रंगे हाथ पकडने के बढ रहे मामले वाकई खासे गंभीर हैं। इससे महकमें की छवि और भरोसे पर भी प्रभाव पडता है। लेटस्ट 12 मार्च को वेलकम थाने के हवलदार प्रदीप तौमर को 13 हजार रूपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने पकडा था। 25 फरवरी नंद नगरी थाने  के हेडकांस्टेबल पंकज को  40 हजार रूपये रिश्वत लेते पकडा।वह अवैध निर्माण के बूते रिश्वत वसूल रहा था। 15 फरवरी को हौजखास थाने के सब-इंस्पेक्टर को 5 हजार रूपये रिश्वत लेते दबोचा गया।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">एएसआई स्कूटर वापस दिलाने के लिए पीडित से रिश्वत वसूल रहा था।8- फरवरी को जामिया नगर पुलिस स्टेशन के एसआई को चोरी के केस में कमजोर धारा लगाने के लिए 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया।10 फरवरी को कोतवाली दरियागंज ट्रैफिक सर्किल के हेडकांस्टेबल अमन को कूडा-कचरा उठाने वाले गाडी मालिक से 5000 रूपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने पकडा। 5 जनवरी को सागर पुर थाने में तैनात एएसआई हरबंश लाल को अरेस्ट नहीं करने की ऐवज में 1 लाख रूपये की रिश्वत डिमांड केस में 20 हजार रूपये लेते सीबीआई ने रंगे हाथों पकडा। </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">वहीं 29 दिसंबर को सोनिया बिहार थाने में तैनात हेडकांस्टेबल रवींद्र सिंह राठी और कांस्टेबल जितेंद्र को अवैध कंस्ट्रक्शन करने के लिए 8000 रूपये लेते सीबीआई ने पकडा, 7 दिसंबर को आनंद विहार बस अड्डे के बाहर बस खडी करने के लिए 5000 रूपये  मंथली लेने के आरोप में सीबीआई ने हेडकांस्टेबल अमरपाल  और दलाल को दबोचा। 13 नवंबर को नई  दिल्ली के बाराखंभा रोड में दर्ज एक केस से बचाने के लिए एएसआई राजेश यादव  ने 4.5 लाख रूपये रिश्वत की डिमांड की। जिसमें राजेश यादव और वरूण चींचीं पकडे गए। ऐसे और भी कई मामले हैं जहां रिश्वत के बल पर अवैध को वैध कर दिया गया।</div>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Mar 2024 21:44:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी फंडिंग के आरोपों से घिरे हुए न्यूज़क्लिक के संस्थापक के घर और कार्यालय पर CBI की जाँच </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>CBI: </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक द्वारा विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एजेंसी ने बुधवार को जांच शुरू करते हुए दो स्थानों पर तलाशी भी ली। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों की एक टीम ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के आवास और कार्यालय की तलाशी ली, जिन्हें हाल ही में दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत एक मामले में गिरफ्तार किया था।</p>
<p>जांच एजेंसियों का आरोप है कि पोर्टल को एफसीआरए नियमों का उल्लंघन कर विदेशी फंड प्राप्त हुआ। दिल्ली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135750/cbi-probe-into-the-home-and-office-of-newsclick-founder"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/newsclick_large_1209_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>CBI: </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक द्वारा विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एजेंसी ने बुधवार को जांच शुरू करते हुए दो स्थानों पर तलाशी भी ली। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों की एक टीम ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के आवास और कार्यालय की तलाशी ली, जिन्हें हाल ही में दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत एक मामले में गिरफ्तार किया था।</p>
<p>जांच एजेंसियों का आरोप है कि पोर्टल को एफसीआरए नियमों का उल्लंघन कर विदेशी फंड प्राप्त हुआ। दिल्ली पुलिस की एफआईआर के अनुसार, इसकी जांच में पाया गया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के एक सक्रिय सदस्य, नेविल रॉय सिंघम द्वारा भारत की संप्रभुता को बाधित करने और कारण बनाने के लिए न्यूज़क्लिक में बड़ी मात्रा में धन धोखाधड़ी से डाला गया था। पोर्टल की ओर से आरोपों का खंडन किया गया है।</p>
<p>कुछ दिन पहले, पुरकायस्थ को दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। समाचार पोर्टल से जुड़े 45 से अधिक लोगों के परिसरों पर दिन भर एक साथ छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुरकायस्थ और न्यूज़क्लिक के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को दिल्ली की एक अदालत ने 10 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/135750/cbi-probe-into-the-home-and-office-of-newsclick-founder</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 12:24:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नक्सली फंडिंग को लेकर खंगाले जा रहे बैंक खाते</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p><br />प्रतिबंधित संगठन को दोबारा जीवित करने की कोशिश करने वालों के घर सर्च आपरेशन चलाने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम अब नक्सली फंडिंग को लेकर बैंक खातों की जांच कर रही है।</p>
<p>  आशंका जताई जा रही है कि सीपीआइ माओवादी की विचारधारा को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए उन्हें कहीं न कहीं से पैसा जरूर मिल रहा था। इसी के तार जोड़ने के लिए संबंधित लोगों के बैंक ट्रांजेक्शन को खंगाला जा रहा है। छानबीन के दौरान अगर किसी के खाते में बड़ी रकम मिलती है और भेजने वाले का नाम सामने आता</p>
<p>सूत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134605/bank-accounts-are-being-searched-for-naxalite-funding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/नक्सली-फंडिंग-को-लेकर-खंगाले-जा-रहे-बैंक-खाते.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p><br />प्रतिबंधित संगठन को दोबारा जीवित करने की कोशिश करने वालों के घर सर्च आपरेशन चलाने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम अब नक्सली फंडिंग को लेकर बैंक खातों की जांच कर रही है।</p>
<p> आशंका जताई जा रही है कि सीपीआइ माओवादी की विचारधारा को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए उन्हें कहीं न कहीं से पैसा जरूर मिल रहा था। इसी के तार जोड़ने के लिए संबंधित लोगों के बैंक ट्रांजेक्शन को खंगाला जा रहा है। छानबीन के दौरान अगर किसी के खाते में बड़ी रकम मिलती है और भेजने वाले का नाम सामने आता है तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि बिहार में सीपीआई (माओवादी) की विचारधारा को प्रचारित करने और केंद्र सरकार के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करने की कोशिश में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद एनआइए ने प्रयागराज</p>
<p>में भी छापेमारी की थी। यहां पीयूसीएल की प्रदेश अध्यक्ष सीमा आजाद समेत कई के घर पर सर्च आपरेशन चलाया गया था। इस दौरान कम्युनिस्ट और नक्सली</p>
<p>साहित्य के साथ ही डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। बताया गया कि पूर्वांचल में पकड़े गए कुछ लोगों से पूछताछ और उनसे जब्त किए गए दस्तावेज से कई सुराग मिले हैं। उनकी तफ्तीश से प्रयागराज में नक्सल विचारधारा को लेकर सक्रियता दिखाने वाले कई नए नाम सामने आए हैं। उनके खातों में पैसा भेजने की बात भी कही जा रही है। ऐसे में उनके खिलाफ जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/134605/bank-accounts-are-being-searched-for-naxalite-funding</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Sep 2023 16:08:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेप के फर्जी केस दर्ज कराने वाले को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[निर्दोष लोगों पर रेप व अन्य गंभीर अपराधों के फर्जी मुकदमों में फंसा कर ब्लैकमेल करने वालों गैंग की सर्वोच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में याचिका खारिज कर दी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129054/supreme-court-dismisses-petition-against-order-for-cbi-inquiry-no"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/cbi-and-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><br /><strong>लखनऊ , उत्तर प्रदेश </strong></p>
<p>निर्दोष लोगों को रेप व अन्य गंभीर अपराधों के फर्जी मुकदमे में फंसा कर ब्लैकमेल करने वाले गैंग को सर्वोच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाईकोर्ट से सीबीआई जांच के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है l</p>
<p>                   निक्की देवी की विशेष अनुमति याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल नसीर एवं न्यायमूर्ति भी रामासुब्रह्मण्यम की खंडपीठ ने दिया है सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण को हस्तक्षेप के योग्य ना पाते हुए याचिका खारिज कर दी गौरतलब है कि गत दिनों निक्की देवी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार पांडे के खिलाफ मुकदमे में ट्रायल जल्द पूरा करने का निर्देश देने की मांग की थी l</p>
<p>                          आरोपी अधिवक्ता भूपेंद्र पांडे ने कोर्ट को अवगत कराया है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा फर्जी है और उन्हें एक इसी प्रकार के फर्जी मुकदमे में फंसाए गए व्यक्ति की पैरवी करने से रोकने के लिए इसे दर्ज कराया गया है अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष ऐसे 51 के करीब मुकदमों की सूची प्रस्तुत की जो निर्देश लोगों पर ब्लैकमेल करने की नियत से दर्ज कराए गए थे यह मुकदमे रेप व अन्य गंभीर अपराधों की धाराओं में दर्ज कराए गए थे l</p>
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                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 May 2023 20:24:09 +0530</pubDate>
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                <title>CBI ने मनीष सिसोदिया से 9 घंटे की पूछताछ, बोले- पूरा मामला फर्जी है </title>
                                    <description><![CDATA[Delhi Liquor Policy Case: सीबीआई ने आबकारी नीति मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सोमवार को पूछताछ की.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125192/cbi-questioned-manish-sisodia-for-9-hours-said-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-10/delhi-liquor-policy-case-सीबीआई-ने-आबकारी-नीति.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Manish Sisodia CBI Questioning:</strong> दिल्ली की आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सीबीआई (CBI) ने सोमवार (17 अक्टूबर) को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ की. सीबीआई ने दो चरणों में करीब 9 घंटे तक सिसोदिया (Manish Sisodia) से सवाल किए. इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदर्शन भी किया. जानिए पूछताछ से जुड़ी बड़ी बातें.  </p>
<p><br />1. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को सुबह 11:15 बजे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मुख्यालय पहुंचे. मनीष सिसोदिया इससे पहले सुबह आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय और महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट गए. </p>
<p>2. सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से दो चरणों में पूछताछ की. पहले चरण में करीब साढे 3 घंटे तक सवाल पूछे गए. फिर आधे घंटे के लंच ब्रेक के बाद करीब 6 घंटे तक और पूछताछ की गई. </p>
<p>3. मनीष सिसोदिया ने सीबीआई के दफ्तर से निकलने के बाद कहा कि ऑपरेशन लोटस को कामयाब बनाने के लिए केस कर रखा है. मुझे कहा था कि आप छोड़ दो, आप में क्यों हो. मैंने कहा क्यों, तो बोले कि फिर तो ऐसे ही केस चलते रहेंगे. बार-बार कहते हैं दिल्ली में 10 हजार करोड़ का एक्साइज घोटाला हुआ है. आज मैंने सीबीआई में जाकर देखा सारा केस फर्जी है. आज मुझे समझ आया इन्होंने सीबीआई में केस ऑपरेशन लोटस को कामयाब करने के लिए करवा रखा है. </p>
<p>4. एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि सीबीआई दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उत्तरों का मूल्यांकन करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो उन्हें बाद में फिर से बुलाया जाएगा. सिसोदिया को कल के लिए कोई समन नहीं दिया गया. </p>
<p>5.उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई जैसी एजेंसी को असंवैधानिक तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है. एक्साइज पर बात हुई, लेकिन मुझे सीबीआई कार्यालय के अंदर (आप) छोड़ने के लिए कहा गया था, नहीं तो मेरे खिलाफ ऐसे मामले दर्ज होते रहेंगे. मुझसे कहा गया था सत्येंद्र जैन के ऊपर कौन से सच्चे मामले हैं. मैंने कहा कि मैं आप को बीजेपी के लिए नहीं छोड़ूंगा. उन्होंने कहा कि वे मुझे सीएम बनाएंगे. मुझे तो खुशी मिलती है जब मेड की बच्ची, सफाई कर्मचारियों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती है. कहीं एक रुपये का घोटाला नहीं हुआ. </p>
<p><br />6. मनीष सिसोदिया के पूछताछ के लिए रवाना होने से पहले उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक एकत्रित हो गए थे. सीबीआई के दफ्तर जाने से पहले मनीष सिसोदिया ने अपने समर्थकों से कहा कि, "मेरे जेल जाने पर गर्व करना." सीबीआई कार्यालय के लिए निकलने से पहले मनीष सिसोदिया ने अपने मथुरा रोड स्थित आवास पर मां का आशीर्वाद लिया. सीबीआई कार्यालय जाने के क्रम में सिसोदिया दो जगह रुके. उन्होंने पार्टी मुख्यालय में आप कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी से नहीं डरते हैं. वह महात्मा गांधी की समाधि राजघाट भी गए. </p>
<p>7.दिल्ली के उपराज्यपालय वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इसके बाद सीबीआई ने अगस्त में सिसोदिया और 14 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी. </p>
<p>8. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि, "8 दिसंबर को गुजरात के नतीजे आयेंगे. ये लोग तब तक मनीष को जेल में रखेंगे ताकि मनीष गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए ना जा पायें." केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात के मेहसाणा जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात आकर मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली जैसे स्कूल गुजरात के गांव-गांव में बनायेंगे. आज इन्होंने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. जब 8 दिसम्बर को नतीजे आएंगे, तब जेल के ताले टूटेंगे, मनीष सिसोदिया छूटेंगे. क्योंकि अब आप के लिए गुजरात की सारी जनता प्रचार करेगी.</p>
<p> </p>
<p>9. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एजेंसी ने अगस्त में मनीष सिसोदिया के परिसरों पर छापेमारी की थी और गाजियाबाद के एक बैंक में उनके लॉकर की तलाशी भी ली. इसके अलावा कई राज्यों में भी छापेमारी की गई थी. सीबीआई ने इस मामले में आप के नेता और ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर और हैदराबाद के व्यापारी अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार भी किया है. </p>
<p>10. सोमवार को सिसोदिया से पूछताछ को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी कि वे यहां से हट जायें वरना जबरन हटाना पड़ेगा. जिसके बाद पुलिस ने लोगों को हटाना शुरू किया. पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को हिरासत में लिया. संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका कुर्ता फाड़ दिया और उनेके साथ जुल्म हो रहा है. सिसोदिया को गिरफ्तार करने की साजिश का जवाब जनता वोट से देगी. <br /> </p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 21:45:16 +0530</pubDate>
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