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                <title>ias upsc success story - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>IAS Success Story: ASI की बेटी बनीं आईएएस अफसर, पढ़ें रूपल राणा की सक्सेस स्टोरी</title>
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                        <![CDATA[<p>IAS Success Story: जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जसवीर राणा की बेटी आईएएस रूपल राणा की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में सफलता हासिल की।</p>
<h3>कम उम्र में मां का साया उठा</h3>
<p>रूपल राणा की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। बचपन में ही मां का साया सिर से उठ गया, जब उन्हें मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172364/ias-success-story-read-the-success-story-of-rupal-rana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/ias-success-story-(25).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जसवीर राणा की बेटी आईएएस रूपल राणा की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में सफलता हासिल की।</p>
<h3>कम उम्र में मां का साया उठा</h3>
<p>रूपल राणा की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। बचपन में ही मां का साया सिर से उठ गया, जब उन्हें मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसे समय में उनके पिता जसवीर राणा ने मां और पिता – दोनों की भूमिका निभाई। पिता का मजबूत सहारा और भाई-बहनों का साथ रूपल के लिए सबसे बड़ी ताकत बना। पारिवारिक जिम्मेदारियों और भावनात्मक संघर्षों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।</p>
<h3>पढ़ाई में शुरू से रहीं अव्वल</h3>
<p>रूपल की शुरुआती पढ़ाई बागपत के जेपी पब्लिक स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की और हाई स्कूल में 10 CGPA हासिल किए। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई उन्होंने पिलानी से पूरी की। आगे चलकर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की और वहां भी यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं।</p>
<h3>यूपीएससी में दो बार असफलता, फिर भी नहीं टूटा हौसला</h3>
<p>शैक्षणिक जीवन में शानदार प्रदर्शन के बावजूद यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में रूपल को शुरुआती प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों का विश्लेषण किया, रणनीति बदली और नई ऊर्जा के साथ तैयारी में जुट गईं। यही जज्बा आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।</p>
<h3>यूपीएससी 2024 में 26वीं रैंक हासिल</h3>
<p>लगातार मेहनत और आत्ममंथन का नतीजा आखिरकार रंग लाया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में रूपल राणा ने ऑल इंडिया रैंक 26 हासिल कर ली। इस सफलता के साथ ही उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हो गया और उन्होंने अपने पिता का नाम रोशन किया।</p>]]>
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                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 19:32:42 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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                <title>IAS Success Story: ASI की बेटी बनीं आईएएस अफसर, पढ़ें रूपल राणा की सक्सेस स्टोरी</title>
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                        <![CDATA[<p>IAS Success Story: जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जसवीर राणा की बेटी आईएएस रूपल राणा की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में सफलता हासिल की।</p>
<h3>कम उम्र में मां का साया उठा</h3>
<p>रूपल राणा की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। बचपन में ही मां का साया सिर से उठ गया, जब उन्हें मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171431/ias-success-story-read-the-success-story-of-rupal-rana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/ias-success-story-(25).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जसवीर राणा की बेटी आईएएस रूपल राणा की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में सफलता हासिल की।</p>
<h3>कम उम्र में मां का साया उठा</h3>
<p>रूपल राणा की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। बचपन में ही मां का साया सिर से उठ गया, जब उन्हें मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसे समय में उनके पिता जसवीर राणा ने मां और पिता – दोनों की भूमिका निभाई। पिता का मजबूत सहारा और भाई-बहनों का साथ रूपल के लिए सबसे बड़ी ताकत बना। पारिवारिक जिम्मेदारियों और भावनात्मक संघर्षों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।</p>
<h3>पढ़ाई में शुरू से रहीं अव्वल</h3>
<p>रूपल की शुरुआती पढ़ाई बागपत के जेपी पब्लिक स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की और हाई स्कूल में 10 CGPA हासिल किए। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई उन्होंने पिलानी से पूरी की। आगे चलकर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की और वहां भी यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं।</p>
<h3>यूपीएससी में दो बार असफलता, फिर भी नहीं टूटा हौसला</h3>
<p>शैक्षणिक जीवन में शानदार प्रदर्शन के बावजूद यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में रूपल को शुरुआती प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों का विश्लेषण किया, रणनीति बदली और नई ऊर्जा के साथ तैयारी में जुट गईं। यही जज्बा आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।</p>
<h3>यूपीएससी 2024 में 26वीं रैंक हासिल</h3>
<p>लगातार मेहनत और आत्ममंथन का नतीजा आखिरकार रंग लाया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में रूपल राणा ने ऑल इंडिया रैंक 26 हासिल कर ली। इस सफलता के साथ ही उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हो गया और उन्होंने अपने पिता का नाम रोशन किया।</p>]]>
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                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 21:59:37 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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                <title>IAS Success Story: ASI की बेटी बनीं आईएएस अफसर, पढ़ें रूपल राणा की सक्सेस स्टोरी</title>
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                        <![CDATA[<p>IAS Success Story: जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जसवीर राणा की बेटी आईएएस रूपल राणा की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में सफलता हासिल की।</p>
<h3>कम उम्र में मां का साया उठा</h3>
<p>रूपल राणा की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। बचपन में ही मां का साया सिर से उठ गया, जब उन्हें मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168506/ias-success-story-read-the-success-story-of-rupal-rana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/ias-success-story-(25).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जसवीर राणा की बेटी आईएएस रूपल राणा की, जिन्होंने कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में सफलता हासिल की।</p>
<h3>कम उम्र में मां का साया उठा</h3>
<p>रूपल राणा की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। बचपन में ही मां का साया सिर से उठ गया, जब उन्हें मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसे समय में उनके पिता जसवीर राणा ने मां और पिता – दोनों की भूमिका निभाई। पिता का मजबूत सहारा और भाई-बहनों का साथ रूपल के लिए सबसे बड़ी ताकत बना। पारिवारिक जिम्मेदारियों और भावनात्मक संघर्षों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।</p>
<h3>पढ़ाई में शुरू से रहीं अव्वल</h3>
<p>रूपल की शुरुआती पढ़ाई बागपत के जेपी पब्लिक स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की और हाई स्कूल में 10 CGPA हासिल किए। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई उन्होंने पिलानी से पूरी की। आगे चलकर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की और वहां भी यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं।</p>
<h3>यूपीएससी में दो बार असफलता, फिर भी नहीं टूटा हौसला</h3>
<p>शैक्षणिक जीवन में शानदार प्रदर्शन के बावजूद यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में रूपल को शुरुआती प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों का विश्लेषण किया, रणनीति बदली और नई ऊर्जा के साथ तैयारी में जुट गईं। यही जज्बा आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।</p>
<h3>यूपीएससी 2024 में 26वीं रैंक हासिल</h3>
<p>लगातार मेहनत और आत्ममंथन का नतीजा आखिरकार रंग लाया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में रूपल राणा ने ऑल इंडिया रैंक 26 हासिल कर ली। इस सफलता के साथ ही उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हो गया और उन्होंने अपने पिता का नाम रोशन किया।</p>]]>
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                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 11:22:30 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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            <item>
                <title>IAS Success Story:  IAS संस्कृति जैन ने मज़ाक-मज़ाक में पास किया UPSC, AIR 11 हासिल कर बनीं टॉपर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf1">IAS Success Story: कहते</span> <span class="cf1">हैं</span> <span class="cf1">अगर</span> <span class="cf1">इरादा</span> <span class="cf1">मजबूत</span> <span class="cf1">हो</span> <span class="cf1">तो</span> <span class="cf1">राहें</span><span class="cf1"> खुद बन जाती हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक </span><span class="cf1">कहानी</span><span class="cf1"> है </span><span class="cf1">आईएएस</span><span class="cf1"> संस्कृति जैन की, जिन्होंने कभी </span><span class="cf0">UPSC </span><span class="cf1">की तैयारी को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब दिया तो सफलता की मिसाल कायम कर दी। आज वे न केवल एक सक्षम प्रशासनिक अधिकारी हैं बल्कि एक समर्पित मां और </span><span class="cf1">सोशल</span><span class="cf1"> मीडिया पर </span><span class="cf1">एक</span><span class="cf1"> सशक्त महिला </span><span class="cf1">रोल</span> <span class="cf1">मॉडल</span><span class="cf1"> भी हैं।</span></p>
<h3><strong><span class="cf1">कौन हैं संस्कृति जैन?</span></strong></h3>
<p><span class="cf1">आईएएस</span><span class="cf1"> संस्कृति जैन इस समय भोपाल नगर निगम की कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में उनका </span><span class="cf1">तबादला</span> <span class="cf1">मध्यप्रदेश</span><span class="cf1"> में हुए 24 </span><span class="cf1">आईएएस</span><span class="cf1"> अधिकारियों के</span></p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156725/ias-success-story-ias-culture-jain-passed-upsc-air-11"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/success-story-(10).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf1">IAS Success Story: कहते</span> <span class="cf1">हैं</span> <span class="cf1">अगर</span> <span class="cf1">इरादा</span> <span class="cf1">मजबूत</span> <span class="cf1">हो</span> <span class="cf1">तो</span> <span class="cf1">राहें</span><span class="cf1"> खुद बन जाती हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक </span><span class="cf1">कहानी</span><span class="cf1"> है </span><span class="cf1">आईएएस</span><span class="cf1"> संस्कृति जैन की, जिन्होंने कभी </span><span class="cf0">UPSC </span><span class="cf1">की तैयारी को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब दिया तो सफलता की मिसाल कायम कर दी। आज वे न केवल एक सक्षम प्रशासनिक अधिकारी हैं बल्कि एक समर्पित मां और </span><span class="cf1">सोशल</span><span class="cf1"> मीडिया पर </span><span class="cf1">एक</span><span class="cf1"> सशक्त महिला </span><span class="cf1">रोल</span> <span class="cf1">मॉडल</span><span class="cf1"> भी हैं।</span></p>
<h3><strong><span class="cf1">कौन हैं संस्कृति जैन?</span></strong></h3>
<p><span class="cf1">आईएएस</span><span class="cf1"> संस्कृति जैन इस समय भोपाल नगर निगम की कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में उनका </span><span class="cf1">तबादला</span> <span class="cf1">मध्यप्रदेश</span><span class="cf1"> में हुए 24 </span><span class="cf1">आईएएस</span><span class="cf1"> अधिकारियों के फेरबदल के तहत हुआ। इस दौरान उनका विदाई समारोह </span><span class="cf1">सोशल</span><span class="cf1"> मीडिया पर </span><span class="cf1">वायरल</span><span class="cf1"> हो गया, जिसमें उन्हें पालकी में बैठाकर भावुक विदाई दी गई। यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया और इस बात का प्रतीक बना कि एक ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी कैसे दिलों में जगह बना लेता है।</span></p>
<h3><strong><span class="cf1">IAS संस्कृति </span><span class="cf1">जैन</span> <span class="cf1">का</span> <span class="cf1">प्रारंभिक</span> <span class="cf1">जीवन</span> <span class="cf1">और</span><span class="cf1"> शिक्षा</span></strong></h3>
<p><span class="cf1">संस्कृति जैन का जन्म 14 फरवरी 1989 को श्रीनगर में हुआ था। उनके माता-पिता दोनों ही भारतीय </span><span class="cf1">वायुसेना</span><span class="cf1"> (</span><span class="cf0">Indian</span> <span class="cf0">Air</span> <span class="cf0">Force</span><span class="cf0">) </span><span class="cf1">में कार्यरत थे </span><span class="cf2">— </span><span class="cf1">पिता </span><span class="cf1">फाइटर</span> <span class="cf1">पायलट</span><span class="cf1"> और मां </span><span class="cf1">मेडिकल</span><span class="cf1"> डिपार्टमेंट में थीं। ऐसे माहौल में पली-बढ़ीं संस्कृति ने बचपन से ही अनुशासन और सेवा का </span><span class="cf1">भाव</span> <span class="cf1">सीखा</span><span class="cf1">।</span></p>
<p><span class="cf1">उनकी </span><span class="cf1">प्रारंभिक</span><span class="cf1"> शिक्षा देश के विभिन्न हिस्सों में हुई, और उन्होंने </span><span class="cf1">ग्रेजुएशन</span><span class="cf1"> गोवा से किया। इसके बाद वे </span><span class="cf0">LAMP </span><span class="cf1">फेलोशिप</span><span class="cf1"> के </span><span class="cf1">लिए</span><span class="cf1"> चुनी गईं, जो भारत के नीति निर्माण में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए एक </span><span class="cf1">प्रतिष्ठित</span><span class="cf1"> कार्यक्रम है।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">UPSC </span><span class="cf1">की ओर कैसे हुआ रुख?</span></strong></h3>
<p><span class="cf1">संस्कृति </span><span class="cf1">जैन</span> <span class="cf1">का</span><span class="cf1"> मूल सपना </span><span class="cf0">PhD </span><span class="cf1">करना था, </span><span class="cf0">UPSC </span><span class="cf1">कभी उनके </span><span class="cf1">करियर</span> <span class="cf1">प्लान</span><span class="cf1"> में नहीं था। लेकिन जब दोस्तों ने उन्हें </span><span class="cf0">UPSC </span><span class="cf1">की तैयारी की सलाह दी, तो उन्होंने मज़ाक में यह परीक्षा </span><span class="cf1">देने</span> <span class="cf1">का</span><span class="cf1"> फैसला किया। </span><span class="cf2"> </span><span class="cf1">और यहीं से उनकी किस्मत </span><span class="cf1">ने</span><span class="cf1"> करवट ली।</span></p>
<p><span class="cf1">पहली बार में उन्होंने परीक्षा पास कर ली, जिससे हौसला बढ़ा। दूसरी बार में </span><span class="cf1">वे</span> <span class="cf0">IRS (</span><span class="cf0">Indian</span> <span class="cf0">Revenue</span> <span class="cf0">Service</span><span class="cf0">) </span><span class="cf1">के लिए चयनित हुईं, और तीसरे प्रयास में उन्होंने </span><span class="cf0">All</span> <span class="cf0">India</span> <span class="cf0">Rank</span><span class="cf0"> 11 </span><span class="cf1">के साथ </span><span class="cf0">IAS </span><span class="cf1">बनने का सपना साकार कर लिया।</span></p>
<p><span class="cf1">संस्कृति जैन 2015 </span><span class="cf1">बैच</span><span class="cf1"> की </span><span class="cf0">IAS </span><span class="cf1">अधिकारी </span><span class="cf1">हैं</span><span class="cf1"> और उन्हें मध्य प्रदेश </span><span class="cf1">कैडर</span><span class="cf1"> मिला है। भोपाल कमिश्नर बनने से पहले वे </span><span class="cf1">सिवनी</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">कलेक्टर</span> <span class="cf1">रह</span> <span class="cf1">चुकी</span> <span class="cf1">हैं</span><span class="cf1">। </span><span class="cf1">इसके</span> <span class="cf1">अलावा</span><span class="cf1">, </span><span class="cf1">वे</span> <span class="cf1">रीवा</span> <span class="cf1">नगर</span> <span class="cf1">निगम</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">आयुक्त</span><span class="cf1">, </span><span class="cf1">सतना</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">अपर</span> <span class="cf1">कलेक्टर</span><span class="cf1">, </span><span class="cf1">मऊगंज</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">एसडीएम</span><span class="cf1">, </span><span class="cf1">और</span> <span class="cf1">अलीराजपुर</span><span class="cf1"> व </span><span class="cf1">नर्मदापुरम</span> <span class="cf1">की</span> <span class="cf1">जिला</span> <span class="cf1">पंचायत</span> <span class="cf1">सीईओ</span> <span class="cf1">के</span> <span class="cf1">पद</span> <span class="cf1">पर</span> <span class="cf1">भी</span> <span class="cf1">कार्य</span> <span class="cf1">कर</span> <span class="cf1">चुकी</span> <span class="cf1">हैं</span><span class="cf1">।</span></p>
<p><span class="cf1">IAS संस्कृति जैन के पति आशुतोष सिंह एक </span><span class="cf0">IPS </span><span class="cf1">अधिकारी हैं और 2014 </span><span class="cf1">बैच</span><span class="cf1"> के अफसर हैं। दोनों की मुलाकात लाल बहादुर शास्त्री नेशनल </span><span class="cf1">एकेडमी</span><span class="cf1"> (</span><span class="cf0">LBSNAA) </span><span class="cf1">में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी और यहीं से दोनों के रिश्ते की शुरुआत हुई। आज यह जोड़ा दो बेटियों के माता-पिता हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा कर रहे हैं।</span></p>
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                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 11:22:03 +0530</pubDate>
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